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                <title>irrigation department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>irrigation department RSS Feed</description>
                
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                <title>परवन वृह्द परियोजना की दायीं मुख्य नहर निर्माण में छूटे खसरों के मुआवजे के लिए 868.25 लाख की विशेष अनुग्रह राशि स्वीकृत</title>
                                    <description><![CDATA[इसके बाद जल संसाधन मंत्री के प्रयासों से प्रस्ताव को वित्त विभाग की ओर से 4 जून, 2025 को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-grace-of-86825-lakhs-approved-for-compensation-of-khasras/article-116678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer41.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश के समावेशी विकास और आमजन को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता से निरंतर सार्थक निर्णय ले रही है। इसी क्रम में अब बारां जिले में परवन वृहद सिंचाई परियोजना की दायीं मुख्य नहर के निर्माण कार्य में छूटे 82 खसरों के मुआवजे का रास्ता आसान हो गया है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के प्रयासों से प्रभावितों को शीघ्र ही भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए वित्त विभाग द्वारा 868.25 लाख रुपए की विशेष अनुदान राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। </p>
<p>यह राशि नगरपालिका बारां की सीमा और वर्ष 2019-20 की डीएलसी दर के अनुसार निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि दायीं मुख्य नहर की आरडी 32.00 से 89.40 किमी के मध्य अटरू तहसील के 7 गांवों (अटरू, खुरी, लक्ष्मीपुरा, छैलाबैल, मूंडला, मेरमातालाब एवं सहरोद) की कुछ भूमि मूल अवार्ड के समय भू-अर्जन प्रक्रिया से सम्मिलित नहीं हो पाई थी। भूमि के खसरों में तरसीम नहीं हो पाने के कारण कुल 82 खसरे मुआवजा प्रकिया से बाहर रह गए थे। बाद में भूमि की तरमीम पूर्ण होने पर दिसम्बर, 2020 से भू-अर्जन की कार्यवाही पुन: शुरू की गई। इसी बीच 23 मार्च, 2021 को अटरू नगरपालिका का गठन हुआ, जिससे बाद उक्त भूमि नगरीय सीमा में आ गई। इसके चलते मुआवजा राशि का पुनर्निर्धारण भी नए नियमों के अनुसार किया गया। इस परिवर्तन से मुआवजा राशि में अन्तर उत्पन्न होने पर विभाग ने समायोजन के लिए विशेष अनुग्रह राशि का प्रस्ताव तैयार राज्य सरकार को भेजा। इसके बाद जल संसाधन मंत्री के प्रयासों से प्रस्ताव को वित्त विभाग की ओर से 4 जून, 2025 को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।</p>
<p>इस निर्णय से प्रभावितों को अब न्यायोचित मुआवजा प्राप्त हो सकेगा। दायीं मुख्य नहर का निर्माण कार्य अब और तेजी से आगे बढ़ेगा। परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन से जुड़ी प्रक्रिया और जनहित को प्राथमिकता देने की दिशा में यह निर्णय महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रदेश में समयबद्ध जल संरचनाओं का विकास और आमजन को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व हो रहे जनकल्याणकारी निर्णयों कार्यों से प्रदेशवासियों को राहत मिल रही है। इसी क्रम में परवन वृह्द परियोजना से प्रभावितों को विशेष अनुग्रह राशि शीघ्र मिलेगी। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से आह्रवान है कि विभिन्न जल संरचनाओं के विस्तार में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 16:00:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>कचरे से अटी, कैसे पहुंचेगा टेल तक पानी ?</title>
                                    <description><![CDATA[हर वर्ष सिंचाई विभाग दावा करता है की नहरों का पानी टेल क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन विभागीय दावा फेल होता दिखाई दे रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/filled-with-garbage--how-will-water-reach-the-tail-end/article-86867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। उपखंड के हिचर गांव से बिना बांध के निकल रही हरिश्चंद्र सागर नहर की मुख्य नहर में जल प्रवाह के बाद वितरिका गुरायता माइनर में गणेशपुरा गांव के पास लगभग 3 साल से नहर की साफ सफाई नहीं होने के अभाव में टेल क्षेत्र तक पानी नही पहुंच पाने के कारण किसानों में आक्रोश फेल रहा है। हर वर्ष सिंचाई विभाग दावा करता है की नहरों का पानी टेल क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन विभागीय दावा फेल होता दिखाई दे रहा है। इसके चलते किसान हर साल टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने के कारण अधिकारियों को अवगत करवाते है, लेकिन अधिकारी बेपरवाह बने हुए है। किसान रामहेतार गुर्जर,सुरेंद्र मेहता,कपिल मेहता,जितेंद्र मेहता,राकेश मेहरा,सूरज मेहता सहित अन्य किसानों का कहना है कि जीवनदायिनी हरिश्चंद्र सागर परियोजना की मुख्य नहर में वितरिका गुरायता माइनर में गणेशपुरा गांव के पास नहर में करीब 3 सालों से कचरा भरा हुआ है, ग्रामीणों ने नहर को नाला बना रखा है जिसमे लोगों ने बुरी तरह से गोबर,कचरा डालकर माइनर को जाम कर रखा है, माइनर में कटिली झाड़ियां उग रही है, इसके चलते किसानों को नहर का पानी मिलना मुश्किल हो रहा है, इसके लिए क्षेत्रीय किसानों ने हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना के गुरायता माइनर की साफ सफाई करवाने की मांग उठाई है। आस लगाए बैठे किसान नहर का पानी आएगा: किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग हर वर्ष दावा करता है कि नहरों का पानी टेल क्षेत्र तक पहुंंचाया जाएगा, लेकिन पिछले 20 दिनों से हरिश्चंद्र सागर की मुख्य नहर में धान की फसल के लिए पानी छोड़ रखा है, लेकिन गुरायता माइनर तक पानी नहीं पहुंचने के कारण फिलहाल तो जैसे तैसे कर फसल की रोपाई तो कर दी लेकिन आगामी समय में फसलों को पानी नहीं मिलने के कारण सेकडो बीघा खेतों में पानी के अभाव में फसलें खतम होने की चिंता सता रही है। किसानों ने बताया कि जीवनदायिनी हरिश्चंद्र सागर नहर के गुरायता माइनर में पिछले तीन वर्षो से टेल क्षेत्र तक पानी नही पहुंच पाने के कारण किसानों को मजबूर होकर फसलों को जीवन दान देने के लिए कुएं,बोर,निजी संस्थानों से फसलों को पानी देना पड़ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />हरिश्चंद्र सागर नहर की वितरिका गुरायता माइनर नहर में कूड़े करकट,गोबर,गंदगी से सटे होने के कारण टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई विभाग को नहर की साफ सफाई करवाकर टेल क्षेत्र के किसानों तक पानी पहुंचाना चाहिए।<br /><strong>- कपिल मेहता, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य </strong></p>
<p>गुरायता माइनर पर गणेशपुरा गांव के पास करीब 3 साल से नहर में गोबर,कूड़ा,कचरा भरा हुआ है,विभाग द्वारा नहर की सुध नहीं ली जा रही,इससे टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।<br /><strong>- रामहेतार गुर्जर किसान </strong></p>
<p>सिंचाई विभाग दावा करता है नहरों का पानी टेल क्षेत्र तक पहुंचाएंगे, लेकिन गुरायता माइनर की साफ सफाई के अभाव में टेल क्षेत्र तक पानी नही पहुंच पा रहा है, जिससे आगामी समय में फसलों को बचाने के लिए मजबूरन बॉरवेलो से पिलाई करनी पड़ेगी।<br /><strong>- सुरेंद्र मेहता किसान</strong></p>
<p>हरिश्चंद्र सागर नहर परियोजना के वितरिका गुरायता माइनर का मौका मुयायना हो चुका है, बारिश की वजह साफ सफाई सहित पाइप डालने का कार्य रुका हुआ था,जल्द ही गुरायता माइनर का कार्य करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- शुभम, जेईएन जल संसाधन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 18:16:17 +0530</pubDate>
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