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                <title>schools - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान सरकार ने निजी स्कूलों में प्रवेश स्तर की 25% सीटें निःशुल्क करने का निर्देश किया जारी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से होगी शुरू </title>
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                        <![CDATA[शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए 25% निःशुल्क सीटों की घोषणा की। ऑनलाइन नामांकन 20 फरवरी से 4 मार्च तक होगा। प्रथम चरण आवंटन 13 मार्च, द्वितीय 27 मार्च और तृतीय 13 अप्रैल को प्रस्तावित है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-government-directed-to-make-25-entry-level-seats-free/article-143826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में राज्यों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान अवसर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश प्रदान करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p>शिक्षा विभाग के अनुसार ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 4 मार्च 2026 तक संचालित होगी, जिसमें अभिभावक निर्धारित पोर्टल पर आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। प्रवेश प्रक्रिया rajpsp.nic.in तथा education.rajasthan.gov.in/elementary के माध्यम से पूर्ण की जाएगी। विभाग ने अभिभावकों से समयसीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है, ताकि पात्र बच्चों को योजना का लाभ सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत प्रथम चरण आवंटन 13 मार्च, द्वितीय चरण 27 मार्च तथा आवश्यकता अनुसार तृतीय चरण आवंटन 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु विभाग द्वारा ई-मेल ddrtebknr@gmail.com एवं rajpsphelp@gmail.com तथा हेल्पलाइन नंबर 0151-2220140 एवं 0141-2719073 उपलब्ध कराए गए हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 17:48:10 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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                <title>राजकीय विद्यालयों का बदलता स्वरूप : टॉपर्स की जुबानी, सफलता की कहानी, परीक्षाओं के दबाव को जीत में बदलें</title>
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                        <![CDATA[टाइम मैनेजमेंट, राइटिंग स्किल्स और मानसिक शांति से कठिन विषय भी आसान बन जाते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/from-the-mouths-of-toppers--the-story-of-success--turn-exam-pressure-into-victory/article-142261"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बोर्ड परीक्षाओं की घड़ी नजदीक आते ही छात्रों के दिलों की धड़कनें तेज होने लगी हैं। सिलेबस का बोझ, अच्छे अंकों का दबाव और भविष्य की चिंता-इन सबके बीच हर छात्र के मन में एक ही सवाल है, "आखिर टॉपर बनने का सीक्रेट क्या है?" इसी ऊहापोह को दूर करने के लिए हमने बात की पिछले वर्ष के टॉपर से बातचती जिन्होंने अपनी रणनीतियों और अनुशासन के दम पर परीक्षा में करीब उच्चतम अंक हासिल कर मिसाल कायम की थी। आगामी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए टॉपर ने बताया कि बोर्ड परीक्षा कोई डर नहीं, बल्कि अपनी काबिलियत साबित करने का एक बेहतरीन मंच है। इस विशेष बातचीत में उन्होंने न केवल अपनी 'सक्सेस स्ट्रेटजी' साझा की, बल्कि यह भी बताया कि कैसे आखिरी समय में टाइम मैनेजमेंट, राइटिंग स्किल्स और मानसिक शांति के तालमेल से मुश्किल विषयों को भी आसान बनाया जा सकता है।</p>
<p><strong> नोट्स का रिवीजन और पुराने प्रश्न पत्र हैं जरूरी</strong><br />कक्षा 10वीं में 90% अंक हासिल करने वाले सूर्यकांत ने बताया कि उन्होंने रोजाना करीब 10 घंटे तक नियमित पढ़ाई की। उन्होंने कहा, "मैंने सबसे पहले सिलेबस को बारीकी से समझा और एक समय-सारिणी (ळ्रेी३ुंह्णी) बनाई। शिक्षकों द्वारा बनवाए गए नोट्स का नियमित रिवीजन किया। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और सैंपल पेपर हल करने से मुझे परीक्षा पैटर्न और समय प्रबंधन समझने में बहुत मदद मिली। उचित नींद और सकारात्मक सोच ने मुझे तनाव से मुक्त रखा।"</p>
<p><strong>  स्मार्ट सोच और निरंतरता से मिली सफलता</strong><br />कक्षा 10वीं में 94% अंक और विज्ञान विषय में 98 अंक हासिल करने वाली श्यामा मीणा का कहना है कि सफलता कड़ी मेहनत के साथ-साथ स्मार्ट सोच से मिलती है। श्यामा ने बताया, "मैंने शुरूआत से ही रोजाना 10 घंटे पढ़ाई की और हर सप्ताह व महीने में रिवीजन पर जोर दिया। क्लास टेस्ट कभी मिस नहीं किए और शंका होने पर शिक्षकों से बार-बार सवाल पूछे। मेरा मानना है कि उत्तर लिखते समय समय का ध्यान रखना और आत्मविश्वास बनाए रखना बहुत जरूरी है।"</p>
<p><strong>  बेसिक्स को मजबूत करें और रटने के बजाय समझें </strong><br />91% अंक प्राप्त करने वाली माईशा ने विज्ञान के सिद्धांतों को तार्किक रूप से समझने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, "बोर्ड परीक्षा केवल एक शैक्षणिक चरण नहीं, बल्कि आत्म-विकास की यात्रा है। मैंने अपने बेसिक्स को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। नियमित अभ्यास और आत्म-मूल्यांकन (रीकॉल) से मुझे गलतियों को सुधारने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली।"</p>
<p><strong> एक्टिव रिकॉल तकनीक और संघर्ष से जीत</strong><br />रोशनी सैनी की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। कक्षा 10वीं के दौरान दादी की तबीयत खराब होने के कारण वे सुबह 4 बजे उठकर खाना बनाती थीं और फिर स्कूल जाती थीं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद गणित जैसे विषय में 97 अंक प्राप्त किए। रोशनी ने बताया, "मैंने नोट्स को केवल पढ़ने के बजाय 'एक्टिव रिकॉल' (दिमाग पर जोर देकर याद करना) तकनीक का उपयोग किया। गणित मेरा कमजोर विषय था, लेकिन शिक्षकों की सलाह मानकर हर प्रश्न का तीन-तीन बार अभ्यास किया, जिससे मेरा डर खत्म हो गया।"</p>
<p><strong>  प्लानिंग और क्लास टेस्ट से निखरी प्रतिभा</strong><br />95.67% अंक हासिल करने वाली भाविका शंभवानी ने अपनी सफलता का श्रेय प्लानिंग को दिया। उन्होंने कहा, "मैं स्कूल के हर टेस्ट को गंभीरता से देती थी और परिणाम जानने के लिए उत्सुक रहती थी। कम अंक आने पर मैं शिक्षकों से सही उत्तर पूछती और घर पर दोबारा तैयारी करती थी। अच्छे अंकों के लिए गुरुजनों की सलाह मानना और प्लानिंग के साथ नियमित पढ़ाई करना ही सबसे कारगर तरीका है।"</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />एनसीईआरटी की किताबों को फोलो करते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए नोट्स बनाते है। पढ़ाने से पहले प्रत्येक चैप्टर की तैयारी की जाती है। साथ ही समय-समय पर रिवाईज करवाते है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में अधिक से अधिक कोर्स करवाने की कोशिश की जाती है। स्कूल में प्री बोर्ड पैटर्न पर टैस्ट लिया जाता है। अभिभावकों को विद्यार्थियों की प्रोगे्रस रिपोर्ट दिखाई जाती है।<br /><strong>-शिल्पा शर्मा, वरिष्ठ साइंस अध्यापिका,महात्मा गांधी राज. विद्या. मल्टीपरपज गुमानपुरा</strong></p>
<p><strong>एग्जाम के दौरान विद्यार्थी मोबाइल से दूरी बनाएं रखे</strong><br />परीक्षा देने से पहले विद्यालय में बच्चों को अच्छी तरह से तैयारी करवाई जाती है। साथ ही कमजोर बच्चों पर अधिक ध्यान देकर उनको पढ़ाया जाता है। समय-समय पर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन किया जाता है। एग्जाम देते समय विद्यार्थी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखे। व मोबाइल से दूरी बनाकर रखे।<br /><strong>-आशुतोष मथुरिया,प्रिंसिपल, महात्मा गांधी राज. विद्या. मल्टीपरपज गुमानपुरा</strong></p>
<p>शिक्षा के क्षेत्र में जब विद्यार्थी जब आगे बढ़ाता है तो वहां विद्यालय और परिवार को गौरंवित करता है। इस प्रकार से एक राजकीय विद्यालय के शैक्षिक वातावरण में टीचर अच्छा रिजल्ट दे रहे। और अब राजकीय विद्यालय रिजल्ट के साथ क्वालिटी पर ध्यान दे रहा हैं।<br /><strong>-रामचरण मीणा,डीईओ, माध्यमिक कोटा।</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:31:33 +0530</pubDate>
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                <title>जालंधर में तीन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर, तलाशी अभियान जारी </title>
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                        <![CDATA[पंजाब के जालंधर में पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले तीन स्कूलों को ई-मेल से बम धमकी मिली। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, इलाके में तलाशी अभियान तेज।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/three-schools-in-jalandhar-received-bomb-threat-security-agencies-on/article-141413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modib-22.png" alt=""></a><br /><p>पंजाब। पंजाब के जालंधर से बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी के प्रस्तावति दौरे से ठीक एक दिन पहले आज जालंधर के करीब 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हो गया। पुलिस ने बताया कि बम की धमकी ई-मेल के जरिए दी गई।</p>
<p>बता दें कि मेल में पीएम मोदी के दौरे के दौरान डेरा बल्लां क्षेत्र में बम धमाके की धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने मेल में लिखा कि इस धमकी से खालिस्तानियों का कोई लेना देना नही है, मगर पीएम मोदी उनके दुश्मन है। धमकी भरा मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड़ पर आ गई है और इसको लेकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 12:11:20 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>नोएडा के बाद अहमदाबाद में 12 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, बम निरोधक दस्ता और पुलिस टीम मौके पर मौजूद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अहमदाबाद में 12 स्कूलों को ईमेल से बम धमकी मिली; पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली, अब तक कुछ संदिग्ध नहीं, जांच जारी।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-noida-12-schools-in-ahmedabad-received-bomb-threat-bomb/article-140612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है जिससे वहां अफरा तरी मच गयी। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि अहमदाबाद शहर के 12 स्कूलों को ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली है।</p>
<p>सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते और पुलिस की अन्य टीमों ने सकूल परिसरों की तलाशी शुरू कर दी। अब तक वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। मामले दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई जारी है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि गांधीनगर और अहमदाबाद के कुछ स्कूलों को ऐसे ही ईमेल से धमकियां मिली थी लेकिन तब भी उन स्कूलों में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 14:39:55 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूलों को सार्वजनिक करनी होगी शिक्षकों की जानकारी, सीबीएसई ने दिए निर्देश</title>
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                        <![CDATA[CBSE ने हर साल 15 सितंबर से पहले वार्षिक रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य किया है। इसमें शैक्षणिक गतिविधियां, उपलब्धियां, नवाचार, पीटीए और एसएमसी से जुड़े विवरण शामिल होंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/schools-will-have-to-make-public-the-information-of-teachers/article-139525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cbse.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने संबद्ध स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों से जुड़ी अनिवार्य जानकारी समय पर अपलोड करने और नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं। दिशा-निर्देशों में बोर्ड ने कहा कि स्कूलों को शिक्षकों के नाम, योग्यता, प्रशिक्षण, अनुभव और प्रमाणित दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में सार्वजनिक करने होंगे। साथ ही संबद्धता स्थिति, आधारभूत संरचना, छात्र संख्या, शुल्क, संपर्क विवरण और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसी जानकारियां भी वेबसाइट पर उपलब्ध रहनी चाहिए।</p>
<p>CBSE ने हर साल 15 सितंबर से पहले वार्षिक रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य किया है। इसमें शैक्षणिक गतिविधियां, उपलब्धियां, नवाचार, पीटीए और एसएमसी से जुड़े विवरण शामिल होंगे। बोर्ड ने शिक्षक-छात्र अनुपात 30:1 से अधिक न रखने और प्रत्येक सेक्शन में न्यूनतम 1.5 शिक्षक होने की शर्त दोहराई है। नियमों का पालन न करने पर स्कूलों पर कार्रवाई और दंड की चेतावनी दी गई है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 10:38:32 +0530</pubDate>
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                <title>हर जिले के 2-2 पीएम श्री विद्यालयों का होगा गहन निरीक्षण : संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे रात्रि प्रवास, शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश</title>
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                        <![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श मॉडल बनाने, 41 जिलों में गहन निरीक्षण, मातृभाषा शिक्षण, बालिकाओं के शौचालय निर्माण और निपुण मिशन विस्तार के निर्देश दिए। बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, निगरानी, नवाचार और डेटा आधारित मासिक समीक्षा व रैंकिंग मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-a-thorough-inspection-of-2-pm-shri/article-138458"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शिक्षा संकुल में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अहम दिशा-निर्देश दिए। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित पीएम श्री विद्यालयों पर मुख्य सचिव सम्मेलन के फॉलोअप के तहत आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत ढांचे, निगरानी व्यवस्था और नवाचारों की विस्तृत समीक्षा की गई।</p>
<p>मुख्य सचिव ने पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इनके सफल प्रयोगों को अन्य राजकीय विद्यालयों में भी लागू किया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी 41 जिलों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक जिले के 2-2 पीएम श्री विद्यालयों का गहन निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारी विद्यालयों में रात्रि विश्राम कर शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद करेंगे। यह प्रक्रिया आगामी 15 दिनों में पूर्ण कर समीक्षा बैठक की जाएगी।</p>
<p>प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मातृभाषा आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा अभिभावक-शिक्षक बैठकों में पिताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में शौचालय सुविधाओं को 8 मार्च 2026 तक समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p>मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ियों के स्कूलों के साथ सह-स्थान (कोलोकेशन) के लिए पीएम गति शक्ति योजना के उपयोग, APAAR यूनिक छात्र पहचान को अभियानात्मक रूप से लागू करने तथा निपुण मिशन को कक्षा 5 तक विस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्या समीक्षा केंद्र के डाटा को सशक्त बनाते हुए पीएम श्री विद्यालयों की मासिक समीक्षा व रैंकिंग को नियमित और प्रभावी करने की आवश्यकता बताई। बैठक में शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-a-thorough-inspection-of-2-pm-shri/article-138458</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 16:21:45 +0530</pubDate>
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                <title>दुनिया में धीरे-धीरे बढ़ रहा है हिजाब पर प्रतिबंध का दायरा, यूरोप सहित कई देशों में सार्वजनिक स्थानों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक में रोक</title>
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                        <![CDATA[डेनमार्क सरकार ने बुर्का और निकाब पर प्रतिबंध को स्कूलों व विश्वविद्यालयों तक बढ़ाने का ऐलान किया है। आप्रवासन मंत्री रासमस स्टॉकलंड के अनुसार, चेहरा ढकने वाले परिधान शैक्षणिक माहौल के अनुकूल नहीं हैं। प्रस्ताव फरवरी 2026 में संसद में आएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-scope-of-ban-on-hijab-is-gradually-increasing-in/article-136465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hijab.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डेनमार्क सरकार ने ऐलान किया है कि वह बुर्का और निकाब (पूरे चेहरे को छुपाने वाले इस्लामी आवरण) पर पहले से लागू प्रतिबंध को अब स्कूलों और विश्वविद्यालयों तक भी बढ़ाना चाहती है। इस बात की घोषणा डेनमार्क के आप्रवासन और समावेशन मंत्री रासमस स्टॉकलंड ने की, जिन्होंने कहा, बुर्का, निकाब या अन्य किसी ऐसे परिधान का शैक्षणिक वातावरण में कोई स्थान नहीं होना चाहिए जो लोगों के चेहरे को छुपाता हो। यह प्रस्ताव संसद में फरवरी 2026में पेश किया जाएगा। डेनमार्क में पहले से ही 1 अगस्त 2018 से सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लागू है, जिसके तहत उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह कानून व्यापक रूप से लागू नहीं होता क्योंकि बुर्का/निकाब पहनने वाली महिलाओं की संख्या कम है। </p>
<p><strong>अब तक कितने देशों में बुर्का/चेहरा ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध</strong></p>
<p>पूरे दुनिया भर में कई देश ऐसे हैं जिन्होंने बुर्का, निकाब या चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रतिबंध लगा रखा है। इनमें से अधिकतर यूरोपीय देश हैं, जबकि कुछ अन्य देशों में भी ऐसे नियम हैं। </p>
<p><strong>प्रमुख देश जहां प्रतिबंध लागू है</strong></p>
<p>    फ्रांस :  2011 में सार्वजनिक स्थानों पर पूरा चेहरा ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लगाया गया था। <br />    बेल्जियम : सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का/निकाब बैन। <br />    बुल्गारिया : पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधान पर प्रतिबंध। <br />    डेनमार्क :  2018 से सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध, अब स्कूल/विश्वविद्यालय भी शामिल। <br />    ऑस्ट्रिया : कुछ जगहों पर हेडस्कार्फ और बालों ढकने पर प्रतिबंध के साथ नया कानून। <br />    नीदरलैंड : सार्वजनिक स्थानों और परिवहन में प्रतिबंध। <br />    स्विट्जरलैंड : 1 जनवरी 2025 से बैन लागू। <br />    जर्मनी :  कुछ राज्यों में प्रतिबंध। <br />    इटली :  कुछ स्थानीय अधिकार क्षेत्र में प्रतिबंध। <br />    स्पेन (कैटलोनिया) : कुछ क्षेत्रों में बैन। <br />    लक्समबर्ग : पूर्णतया बैन। <br />    नॉर्वे : नर्सरी, स्कूल और यूनिवर्सिटी में प्रतिबंध। <br />    कोसोवो : सार्वजनिक स्कूलों में बैन। <br />    बोस्निया और हजेर्गोविना : न्यायिक संस्थानों में प्रतिबंध। </p>
<p><strong>यूरोप के बाहर कहां-कहां बुर्का/नकाब पर प्रतिबंध</strong></p>
<p><strong>यूरोप (ईयू से बाहर)</strong><br />   </p>
<p>    ब्रिटेन  : राष्ट्रीय बैन नहीं, लेकिन स्कूलों, अदालतों व कार्यस्थलों में स्थानीय नियम<br />    रूस :  राष्ट्रीय स्तर पर बैन नहीं, कुछ क्षेत्रों/स्कूलों में प्रतिबंध</p>
<p><strong>एशिया</strong></p>
<p>    चीन (शिनजियांग) : बुर्का, निकाब और धार्मिक प्रतीकों पर सख्त प्रतिबंध<br />    श्रीलंका :  2019 आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से चेहरा ढकने पर रोक<br />    ताजिकिस्तान : सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का/विदेशी परिधान बैन<br />    उज्बेकिस्तान : आंशिक प्रतिबंध, सार्वजनिक स्थलों पर नियंत्रण</p>
<p><strong>अफ्रीका</strong></p>
<p>    चाड : आतंकी घटनाओं के बाद बुर्का पर प्रतिबंध<br />    कांगो : सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक<br />    गैबॉन : सुरक्षा कारणों से बुर्का/निकाब बैन</p>
<p><strong>मध्य-पूर्व  </strong></p>
<p>    तुर्की : पहले सरकारी संस्थानों में बैन था, अब अधिकांश प्रतिबंध हटाए गए।</p>
<p><strong>विवाद और बहस</strong></p>
<p>बुर्का और निकाब पर प्रतिबंध का मुद्दा गहन विवाद में रहा है। समर्थक इसका तर्क देते हैं कि यह समाजिक एकीकरण और पहचान की स्पष्टता के लिए जरूरी है, जबकि आलोचक इसे धार्मिक स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन मानते हैं। मानवाधिकार समूहों का मानना है कि यह कानून धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है। डेनमार्क सरकार भी यह साफ कर चुकी है कि यह कानून धर्म की आजादी को खत्म नहीं करता, बल्कि उसका मकसद लोकतंत्र और समाज में खुलापन बनाए रखना है। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 11:47:35 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>दिल्ली पर फिर छाया मौत का साया : कई स्कूलों को आज फिर मिली बम की धमकी, जांच में जुटी एजेंसियां</title>
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                        <![CDATA[दिल्ली के लक्ष्मी नगर, मयूर विहार और रोहिणी स्थित कई स्कूलों को ई-मेल से बम धमकी मिलने पर खाली कराया गया। पुलिस और जांच एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियां मामले को अत्यंत गंभीरता से जांच रही हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/shadow-of-death-looms-over-delhi-again-many-schools-receive/article-135452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/bomb-threat-in-delhi-school-today.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली पर एक बार फिर से मौत का साया मंडराता हुआ नजर आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कई स्कूलों को आज फिर से ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली है। धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूलों को खाली करवाया गया और सभी छात्रों को घर भेज दिया गया है। बम की सूचना मिलने के बाद जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी है और सभी स्कूलों में सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, धमकी भरे मेल लक्ष्मी नगर, मयूर विहार और रोहिणी के स्कूलों को मिली है।</p>
<p>जांच एजेंसियों को अभी तक सर्च अभियान में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जिन जिन स्कूलों को बम की धमकी मिली है वहां पर पुलिस टीमों को तैना कर दिया गया है। जांच एजेंसियों और पुलिस ने बताया है कि अभी तक सभी जगहों पर स्थिति कंट्रोल में है। बता दें कि, आए दिन धमकी भरी मेल मिलने और हाल ही में दिल्ली लाल किले पर हुए कार धमाके के बाद में सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों को काफी गंभीरता से ले रही है। फिलहाल, इस बात की जांच की जा रह है कि ये धमकी किसकी ओर से और क्यों दी गई है।</p>
<p>इससे पहले, पिछले बुधवार को भी दिल्ली विश्वविद्यालय के दो कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, उस समय भी जांच एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 12:58:49 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में होगी एक जैसी ड्रेस : शिक्षा विभाग कर रहा मंथन, दिलावर ने कहा- बच्चों में आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं होगा कोई भेदभाव </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[स्कूलों में बच्चों की ड्रेस को लेकर बदलाव। शिक्षा विभाग की ओर से इसे लेकर। मदन दिलावर ने की घोषणा। गरीब और अमीर के फर्क को खत्म करना सरकार का उद्देश्य। बच्चों में आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। ]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-uniform-dress-in-government-and-private-schools/article-129262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(8).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में स्कूलों में बच्चों की ड्रेस को लेकर बदलाव किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से इसे लेकर मंथन किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इसकी घोषणा की है। दिलावर ने कहा कि सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूलों में अब बच्चों की एक जैसी यूनिफॉर्म होगी। सरकार की ओर से ऐसा करने का उद्देश्य गरीब और अमीर के फर्क को खत्म करना है। ऐसा होने के बाद बच्चों में आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। </p>
<p>दिलावर ने कहा कि सरकारी स्कूल का बच्चा स्वंय को पिछड़ा हुआ मानता है। उसे लगता है कि पैसों की कमी की वजह से वह किसी महंगे प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ पा रहा है। इस सोच के कारण बच्चा अवसाद में आ जाता है। समान ड्रेस होने से गरीब और अमीर का फर्क' खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों को विकल्प दिए जाएंगे। सभी प्राइवेट स्कूल मिलकर एक जैसी ड्रेस तय करें या फिर सरकारी स्कूलों की वर्तमान यूनिफॉर्म को ही अपना लें। </p>
<p>3</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 11:20:30 +0530</pubDate>
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                <title>अब नेपाल पर बारिश की मार : भूस्खलन के कारण देश में रास्ते बंद, स्कूलों में छुट्टी</title>
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                        <![CDATA[सभी डोमेस्टिक एयरलाइंस कंपनियों ने मौसम के सुधार नहीं होने तक फ्लाइट्स के रद्द होने की सूचना जारी की है। देश के कई एयरपोर्ट्स के रनवे पर पानी भर गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/now-nepal-is-discharged-in-schools-closed-in-the-country/article-128775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy16.jpg" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पूरे देश में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। काठमांडू को जोड़ने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने अगले तीन दिन के लिए सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। बारिश के कारण देशभर के एयरपोर्ट्स को बंद कर दिया गया है। सभी आंतरिक उड़ानों पर अगले 2 दिन के लिए रोक लगा दी गई है। काठमांडू का त्रिभुवन अंतर्राष्टÑीय एयरपोर्ट भी बंद है, इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी डोमेस्टिक एयरलाइंस कंपनियों ने मौसम के सुधार नहीं होने तक फ्लाइट्स के रद्द होने की सूचना जारी की है। देश के कई एयरपोर्ट्स के रनवे पर पानी भर गया है।</p>
<p><strong>भूस्खलन से नेशनल हाईवे ब्लॉक </strong><br />नेपाल में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते दर्जनों स्थानों पर भूस्खलन हुआ और नेशनल हाईवे ब्लॉक हो गए। इस कारण सैकड़ों वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं। प्रशासन ने अगले तीन दिनों के लिए काठमांडू से बाहर जाने और काठमांडू आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपने घरों में रहने और बाहर नहीं निकलने की अपील की है।</p>
<p><strong>स्कूलों में छुट्टी</strong><br />नेपाल सरकार ने भारी बारिश के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रविवार और सोमवार को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना में बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ के कारण सार्वजनिक अवकाश की बात कही है। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 10:47:03 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा : 5 नए संस्कृत विद्यालय खोले, 8 स्कूल क्रमोन्नत</title>
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                        <![CDATA[कोटा जिले की विधानसभा रामगंजमंडी की पंचायत समिति खैराबाद की ग्राम पंचायत सातल खेड़ी के गांव सातलखेड़ी खान सहित पांच जिलों में नए संस्कृत विद्यालय खोले जाने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/five-new-sanskrit-schools-opened-8-schools-upgraded/article-127967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/111-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोटा जिले की विधानसभा रामगंजमंडी की पंचायत समिति खैराबाद की ग्राम पंचायत सातल खेड़ी के गांव सातलखेड़ी खान सहित पांच जिलों में नए संस्कृत विद्यालय खोले जाने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इसी के साथ तीन प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा पांच उच्च प्राथमिक विद्यालय को वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से क्रमोन्नत करने की भी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति सरकार ने जारी कर दी है। </p>
<p>संस्कृत शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव रेखा सांवरिया के जारी आदेश अनुसार स्वीकृत पांच नवीन संस्कृत प्राथमिक विद्यालय में कोटा जिले के खैराबाद पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सातलखेड़ी के गांव सातल खेड़ी खान, ब्यावर जिले की मसूदा विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति मसूदा की ग्राम पंचायत शिखरानी में गांव शिखरानी,टोंक जिले की निवाई विधानसभा में पंचायत समिति निवाई की ग्राम पंचायत लालवाड़ी के गांव विजय गोविंदपुरा में,डूंगरपुर जिले की विधानसभा आसपुर की पंचायत समिति साबला की ग्राम पंचायत बोड़ीगामा के गांव बोड़ीगामा तथा भीलवाड़ा जिले की विधानसभा सहाड़ा की पंचायत समिति रायपुर की ग्राम पंचायत नाथडीयावास के गांव भील बस्ती शामिल है।</p>
<p><strong>8 विद्यालय क्रमोन्नत: </strong><br />तीन प्राथमिक विद्यालयों अजमेर संभाग के नागौर जिले के राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय डोडू, जोधपुर संभाग के जालौर में राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, पुनमाजी,रेबारी का बेरा दादाल तथा भरतपुर संभाग के धौलपुर जिले में राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, पुरानी छावनी को उच्च प्राथमिक स्तर पर क्रमोन्नति करने की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। पांच उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालयों को वरिष्ठ उपाध्याय स्तर पर क्रमोन्नत किया गया है। इसमें कोटा संभाग के बारां जिले का राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय कुंज विहार, गणेश मंदिर, अटरू रोड तथा कोटा संभाग के ही झालावाड़ जिले का राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय नंदपुर, पनवाड़, खानपुर, बीकानेर संभाग में हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा का राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, 3 एमओडी ,अजमेर संभाग के जैतारण जिले के ब्यावर का मातु श्रीमति रुकमा बाई रणछोड़ सिंह राजपुरोहित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय मोहराई तथा अजमेर संभाग के अजमेर जिले के पीसांगन का राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, पुष्कर शामिल है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 14:04:05 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : किसी भी पक्षी का नेचुरल फूड नहीं है ज्वार-बाजरा, 90% कीटभक्षी व 10% बीजभक्षी होते हैं पक्षी</title>
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                        <![CDATA[अपना प्राकृतिक भोजन भूले कबूतर, अब आर्टिफिशल फूड पर हो गए निर्भर]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--sorghum-and-millet-are-not-the-natural-food-of-any-bird--90--of-birds-are-insectivores-and-10--are-seed-eaters/article-127185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अनाज, ज्वार-बाजरा किसी भी पक्षी का प्राकृतिक भोजन नहीं है। लेकिन, लोग ज्वार-बाजरा खिलाकर प्रकृति के फूड चैन तोड़ रहे हैं। जिसके दुष्परिणाम घातक बीमारियों के रूप में सामने आ रहे हैं। आज सार्वजनिक स्थानों से घरों की छतों तक कबूतरों का कब्जा हो गया। कबूतरों को दाना डालकर लोग न केवल ईको सिस्टम को बर्बाद कर रहे बल्कि मानव जीवन को घातक संक्रमण व बीमारियों की ओर भी धकेल रहे हैं। कबूतरों के फड़फड़ाहट के दौरान पंखों से निकलने वाले बारीक रेशें व बीट से हवा में फैलते बैक्टेरिया सांस के साथ शरीर में जाते हैं और गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। यह बात वन्यजीव विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में आयोजित जागरूकता शिविर में उप वन संरक्षक अनुराग भटनागर ने बच्चों को जागरूक करते हुए कही। वाइल्ड लाइफ कोटा द्वारा बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन व श्रीपुरा स्थित पीएमश्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें बच्चों को पक्षियों के जीवन चक्र से रुबरू कराया।</p>
<p><strong>आस्था के नाम पर पक्षियों को गुलाम बनाना नेचर के खिलाफ</strong><br />उन्होंने बताया कि कबूतर के सम्पर्क में आने से  फंग्ल इंफेक्शन हिस्टोप्लासमोसिस और क्रिप्टोकोकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे में घर के आंगन, बालकनी या छत पर दाना डालने से बचें। प्रकृति ने उन्हें खुद भोजन जुटाने और जीवन जीने के लायक बनाया है। उन्हें दाना डालकर प्रकृति के ईको सिस्टम से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। आस्था के नाम पर पक्षियों को गुलाम बनाना नेचर के खिलाफ है।   यदि, दान पुण्य करना है तो मवेशियों को हरा चारा, गुड़ खिला सकते हैं।  </p>
<p><strong>वन्यजीवों की जान ले रहे गुब्बारे</strong><br />उप वन संरक्षक भटनागर बताते हैं, जन्मदिवस या अन्य खुशी के मौके पर गुब्बारों का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि, यह वन्यजीव व जलीय जीवों की मौत के कारण बनते हैं। गुब्बारें दो तरह के होते हैं, पहला-बायोडिग्रेडेबल जो लेटेक्स होते हैं। वहीं,  नॉन बायोडिग्रेडेबल होते हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं। गैस निकलने पर इनके दो ही जगह जंगल और नदियां-समुद्र में गिरने से कछुआ, उद बिलाव,  व्हेल,  डॉल्फिन, पक्षी गुब्बारों में उलझने या इनक टुकड़े निगलने से उनकी मौत हो जाती है। </p>
<p><strong>इंसानी दखल से टूटी पक्षियों की खाद्य श्रृंखला </strong><br />डीएफओ भटनागर ने बच्चों को बताया कि दुनिया में 90% पक्षी कीटभक्षी और 10% बीजभक्षी होते हैं, जिसमें कबूतर भी शामिल है।  अनाज, ज्वार व बाजरा किसी भी पक्षी का नेचुरल फूड नहीं है। जाने-अनजाने में इंसानी दखल से पक्षियों की खाद्यय शृखंला टूट रही है। वर्तमान में स्थिति यह हो गई कि कबूतर अब अपना मुख्य भोजन बीज खाना भूल गया, अब वह आर्टिफिशल फूड पर निर्भर हो गया। इतना ही नहीं कबूतरों को ज्वार-बाजरा खिलाना इंसान की दिनचर्या में शामिल हो गया। नियमित भोजन मिलने से उनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। जबकि, इनके पंखों व बीट से हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस, फंग्ल इंफेक्शन हिस्टोप्लासमोसिस और क्रिप्टोकोकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों  का खतरा बढ़ गया है। कबूतरों की सूखी बीट के वायरस हवा के साथ शरीर में पहुंचकर फेफड़े डेमेज कर रहे हैं।</p>
<p><strong>बंदरों को भोजन व चीटिंयों को न खिलाएं आटा</strong><br />सहायक वनपाल प्रेम कंवर ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा, बंदरों व लंगूर को भोजन, चीटिंयों को आटा नहीं खिलाना चाहिए। बंदर बड़े बीज वाले फल जैसे तेंदु, बेल पत्र, आम के फलों को खाकर बीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर फैलाते हैं, जिससे पड़ों की संख्या बढ़ती है। लेकिन, रेडिमेड फूड खिलाने से वे जंगल से आबादी के बीच बस गए। इनके काटे जाने से रेबीज तक का खतरा रहता है। इसी तरह चीटिंयों को आटा नहीं खिलाना चाहिए। इस दौरान  कोटा ग्रीन कम्यूनिटी के प्रणव सिंह खींची, ज्योत्सा खींची मौजूद रहें।</p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 14:34:57 +0530</pubDate>
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