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                <title>Gujarat - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Gujarat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमित शाह ने किया 'मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन' और 'नियोनेटल वेंटिलेटर का लोकार्पण, ब्लड कलेक्शन का प्रोसेस होगा आसान</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के सोला सिविल में अत्याधुनिक मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन और नियोनेटल वेंटिलेटर का लोकार्पण किया। यह सुविधाएं दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ बनाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-inaugurates-mobile-blood-collection-van-and-neonatal-ventilator/article-143554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/amit-shah-in-jalore.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में अहमदाबाद के सोला सिविल में अत्याधुनिक मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन और नियोनेटल वेंटिलेटर का मंगलवार को लोकार्पण किया।</p>
<p>अमित शाह की सांसद ग्रांट से मिली यह मोबाइल ब्लड कलेक्शन वैन मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी से लैस है। इस वैन के जरिए शहर के दूर-दराज और जरूरतमंद इलाकों में ब्लड डोनेशन कैंप लगाये जा सकेंगे। जिससे ब्लड कलेक्शन का प्रोसेस आसान हो जाएगा और इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत जल्दी पूरी हो सकेगी। </p>
<p>बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखते हुए, हॉस्पिटल को एक (नियोनेटल) वेंटिलेटर भी डोनेट किया गया। यह वेंटिलेटर बहुत गंभीर हालत में नवजात बच्चों को तुरंत जान बचाने वाला इलाज देने में सहायक साबित होगा। यह नयी सुविधाएं गुजरात की हेल्थ सर्विसेज को और ज्यादा आसान और मजबूत बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता को दर्शती है। अत्याधुनिक साधन लगने से आम लोगों को उनके दरवाजे पर ही सबसे अच्छा इलाज मिलेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा के बाद अहमदाबाद में 12 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, बम निरोधक दस्ता और पुलिस टीम मौके पर मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद में 12 स्कूलों को ईमेल से बम धमकी मिली; पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली, अब तक कुछ संदिग्ध नहीं, जांच जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-noida-12-schools-in-ahmedabad-received-bomb-threat-bomb/article-140612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है जिससे वहां अफरा तरी मच गयी। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि अहमदाबाद शहर के 12 स्कूलों को ईमेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली है।</p>
<p>सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते और पुलिस की अन्य टीमों ने सकूल परिसरों की तलाशी शुरू कर दी। अब तक वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। मामले दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई जारी है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि गांधीनगर और अहमदाबाद के कुछ स्कूलों को ऐसे ही ईमेल से धमकियां मिली थी लेकिन तब भी उन स्कूलों में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 14:39:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुजरात में रेलवे अवसंरचना का तीव्र विकास, परियोजनाओं में ऐतिहासिक प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात में रेलवे निवेश 29 गुना बढ़ा। बुलेट ट्रेन, नए ट्रैक, अमृत स्टेशन, कवच प्रणाली और बंदरगाह संपर्क से यात्री व लॉजिस्टिक क्षमता मजबूत हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rapid-development-of-railway-infrastructure-in-gujarat-historic-progress-in/article-140445"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/odisha.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। गुजरात में रेलवे अवसंरचना के विकास कार्य अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2014 से पूर्व जहां वार्षिक पूंजीगत व्यय लगभग 539 करोड़ था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 17,155 करोड़ तक पहुंच गया है, जो लगभग 29 गुना वृद्धि को दर्शाता है। वर्तमान में राज्य में चल रही बुलेट ट्रेन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा अन्य प्रमुख रेलवे परियोजनाओं सहित कुल निवेश लगभग 1,28,000 करोड़ का है। मण्डल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने प्रेस कोन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की - ट्रैक निर्माण एवं मल्टी-ट्रैकिंग राज्य में 38 ट्रैक निर्माण/मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो 2,987 किलोमीटर में फैली हुई हैं और जिनकी कुल लागत 41,686 करोड़ है।</p>
<p><strong>हाल ही में स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं</strong></p>
<p>पश्चिम रेलवे के गुजरात राज्य के कच्छ जिले में दो महत्वपूर्ण नई रेल लाइन देशलपर-हाजीपीर-लूना (81.771 किमी) एवं वायोर-लखपत (62.686 किमी) नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्री मण्डल ने स्वीकृति प्रदान की है और भुज-नलिया रेल लाइन का वायोर तक विस्तार एवं नलिया-जखाऊ पोर्ट नई रेल लाइन लगभग 194 किमी रु.3375 करोड़ की लागत से बनाई जाएंगी। सीमावर्ती एवं तटीय क्षेत्रों में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसंरचना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होंगी।  नलिया-जखाऊ पोर्ट (24.88 किमी) नई ब्रॉडगेज रेल लाइन, यह रेल लाइन भुज-नलिया खंड के नलिया स्टेशन से प्रारंभ होकर जखाऊ बंदरगाह तक जाएगी। </p>
<p><strong>आरओबी/आरयूबी (लेवल क्रॉसिंग उन्मूलन)</strong></p>
<p>लेवल क्रॉसिंग हटाने हेतु 378 रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे सड़क यातायात एवं आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध सुविधा मिलेगी। इन कार्यों पर लगभग 10,000 करोड़ की लागत आएगी।</p>
<p><strong>अमृत भारत स्टेशन योजना</strong></p>
<p>राज्य में 87 अमृत स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 18 स्टेशनों का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है।</p>
<p><strong>कवच (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली)</strong></p>
<p>कुल 1,758 किलोमीटर में कवच प्रणाली का कार्य प्रगति पर।<br />दिल्ली-अहमदाबाद खंड पर भौतिक कार्य पूर्ण।<br />पालनपुर-सामाखियाली-गांधीधाम (लगभग 300 किमी) खंड के लिए भी निविदा जारी।<br />अहमदाबाद-गेरतपुर (13.42 किमी) खंड कवच से सुसज्जित हो चुका है।<br />कवच प्रणाली के प्रमुख घटक-ट्रैकसाइड कार्ड रीडर, कम्युनिकेशन टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल, स्टेशन कवच एवं इंजन कवच-एसआईएल-4 स्तर की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं, जिन्हें भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित किया गया है।</p>
<p><strong>अन्य प्रमुख परियोजनाएं</strong></p>
<p>तारंगा हिल-आबू रोड, दाहोद-इंदौर, छोटा उदयपुर-धार, भीमनाथ-धोलेरा लॉजिस्टिक हब, नलिया-जखाऊ पोर्ट, मोडासा-शामलाजी, मियागाम-सोमलाया गेज परिवर्तन, अड्राज मोटी-विजापुर, खिजड़िया-अमरेली, समनी-जंबूसर, समालया-तिंबा-नडियाद-पेटलाद, पेटलाद-भद्रण, मियागाम-मालसर सहित कुल लगभग 22 परियोजनाएं प्रगति पर हैं।</p>
<p><strong>अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पुनर्विकास</strong></p>
<p>अहमदाबाद स्टेशन के पुनर्विकास के अंतर्गत दक्षिण फुट ओवर ब्रिज के 42 मीटर स्पान का लॉन्चिंग कार्य 18 घंटों में 16 चालू लाइनों के ऊपर सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। 140 मीट्रिक टन एआरटी क्रेन की सहायता से प्रत्येक 42 मीटर, लगभग 25 टन वजनी स्टील गर्डर का सुरक्षित लॉन्चिंग कर उत्कृष्ट इंजीनियरिंग एवं अंतर-विभागीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया गया। स्टेशन पर 17 एकड़ का रूफ प्लाजा, प्लेटफॉर्म 8 से 11 तक कार्य पूर्ण, 16 मंजिला साउथ प्लाजा भवन का निर्माण प्रगति पर, एलिवेटेड रोड का लगभग 65% कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रतिदिन का यात्री फुटफॉल लगभग 1.03 लाख है। पश्चिम रेलवे द्वारा गुजरात में चल रहे ये समस्त कार्य आधुनिक, सुरक्षित एवं विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनसे राज्य के आर्थिक विकास, यात्री सुविधा एवं लॉजिस्टिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>अहमदाबाद से चलने वाली ट्रेनों की संख्या वर्तमान से तीन गुना करने का लक्ष्य।<br />साबरमती में वंदे भारत ट्रेनों के लिए दो चरणों में डिपो स्वीकृत।<br />वटवा में 10 पिट लाइन एवं 20 स्टेबलिंग लाइन वाला मेगा कोचिंग डिपो, जिससे लगभग 150 ट्रेनों का संचालन संभव होगा।<br />अहमदाबाद-पालनपुर, अहमदाबाद-सूरत, अहमदाबाद-सामाखियाली, पालनपुर-सामाखियाली सहित कई खंडों पर फोर-लेनिंग हेतु सर्वे।<br />नया स्टेशन गोपालपुर विकसित किया जाएगा, जिससे गांधीनगर से भुज की ओर ट्रेनों का संचालन बिना रिवर्सल संभव होगा और यात्रा समय में लगभग एक घंटे की बचत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 11:39:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धौलावीरा की कुम्हार परंपरा से लेकर सौराष्ट्र का आधुनिक सिरेमिक उद्योग विश्व में भारत की बना रहा है पहचान: पीयूष गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धौलावीरा की प्राचीन परंपरा से मोरबी के सिरेमिक उद्योग तक गुजरात वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत पहचान बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>राजकोट। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सौराष्ट्र क्षेत्र की 5,000 वर्ष पुरानी धौलावीरा कुम्हार परंपरा से लेकर मोरबी के आधुनिक सिरेमिक उद्योग तक, गुजरात की मिट्टी आज वैश्विक बा•ाार में भारत की पहचान बना रही है। उन्होंने वायब्रैंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा,'नवाचार, तकनीक और निवेश के संगम से सिरेमिक सेक्टर ईवी, हेल्थकेयर और ग्रीन टेक में नई उड़ान भर रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में यह क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह सत्र सिरेमिक उद्योग पर केंद्रित थी। </p>
<p>केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के 225 से अधिक संकुल, 12 हजार से अधिक स्टार्टअप, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेजोड़ उद्यमशीलता के साथ सौराष्ट्र, वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनकर विकसित भारत 2047 की दिशा तय कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के 22 वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जीवंत गाथा हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने 2003 में यह शुरुआत की थी। वह छोटा सा बीज आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के सक्षम नेतृत्व में एक वटवृक्ष बनकर उद्योग, लघु और मझोली इकाइयों, स्टार्टअप इकाइयों और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में केवल गुजरात को ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को विश्व से जोड़ रहा है।</p>
<p>पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा पर आयोजित एक सत्र को भी संबोधित किया जिसमें कुसुम तथा पीएम सूर्यघर : मुफ्त बिजी योजना  कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पटेल के सशक्त नेतृत्व में गुजरात देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बनकर निरंतर सशक्त हो रहा है। मोदी जी द्वारा 2003 में परिकल्पित वाइब्रेंट गुजरात आज नए भारत की आत्मा, आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता का प्रतीक बना है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों, नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, गुजरात जन विश्वास अधिनियम और सौराष्ट्र-कच्छ की कर्मठ भावना के साथ गुजरात विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है। पीयूष गोयल ने मुखमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह विकसित गुजरात के लिए अपनी सरकार के प्रयासों से विकसित भारत की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और संकल्प को गति दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:14:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रेडरिक मर्ज का भारत दौरा: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने पीएम मोदी के साथ किया साबरमती आश्रम का दौरा, 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव' में हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी संग साबरमती आश्रम में गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बैठक में भाग लेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/friedrich-merzs-visit-to-india-german-chancellor-friedrich-merz-visited/article-139256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/german-chancellor-friedrich-merz.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। भारत की दो दिन की यात्रा पर देर रात यहां पहुंचे जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार सुबह यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साबरमती आश्रम का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने साबरमती आश्रम में श्री मर्ज का स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मर्ज ने आश्रम में पीएम मोदी के साथ बापू की तस्वीर पर माल्यार्पण भी किया। पीएम मोदी ने उन्हें आश्रम का दौरा कराया और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>इसके बाद में मर्ज ने आगंतुक पुस्तिका में एक संदेश भी लिखा। दोनों नेताओं का प्रतिनिधिमंडल स्तर की (एजेंसी) में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है। इससे पहले मर्ज देर रात आधिकारिक यात्रा पर गुजरात पहुंचे, जहां अहमदाबाद हवाई अड्डे पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह जर्मन चांसलर की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।</p>
<p>इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026' में शामिल हुए। पीएम मोदी और मर्ज ने इस अवसर पर पतंग उड़ाने का आनंद भी लिया। हर साल की तरह इस वर्ष भी अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026' का आयोजन किया गया है। प्रशासन ने पतंग महोत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष आयोजन किए हैं। इस महोत्सव में दुनियाभर के 30 से अधिक देशों के 150 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज अपनी अनोखी पतंगों के साथ भाग ले रहे हैं जिसमें गुजरात और भारत के विभिन्न राज्यों के पतंगबाज भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। गणमान्य व्यक्तियों के लिए  विशाल और कई अत्यंत आकर्षक मंच तैयार किए गए है। </p>
<p>'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में देश-विदेश की विशालकाय और अनोखे आकार की पतंगें आसमान में आकर्षण का केंद्र बनी हुयी हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गुजराती हस्तशिल्प, फूड स्टॉल का भी आयोजन किया गया है। महोत्सव का आयोजन 11 जनवरी से 14 जनवरी के दौरान किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज यहां जर्मनी के चांसलर का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने रिवरफ्रंट पर पतंग महोत्सव का आनंद लिया। रिवरफ्रंट क्षेत्र तथा अहमदाबाद शहर में कड़ा पुलिस बंदोबस्त और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गयी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:53:31 +0530</pubDate>
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                <title>सोमनाथ मंदिर के 1000 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, बताया-भारत की अटूट भावना का प्रतीक</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर संपादकीय साझा किया। उन्होंने मंदिर को भारत की अटूट आस्था और बर्बरता पर विजय का शाश्वत प्रतीक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/on-completion-of-1000-years-of-somnath-temple-pm-modi/article-138423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/pm-modi-hails-somnath-temple.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर 1026 ईस्वी में हुए पहले हमले के बाद से 1000 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार को एक संपादकीय लेख साझा किया। इस लेख में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि सदियों से बार-बार हुए हमलों के बावजूद, सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट भावना के प्रतीक के रूप में आज भी शान से खड़ा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ की कथा केवल एक मंदिर की नहीं, बल्कि भारत माता के उन अनगिनत सपूतों के अदम्य साहस की कहानी है, जिन्होंने देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में लिखा, वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इसके बाद बार-बार हुए हमलों के बावजूद, सोमनाथ आज भी अडिग है! ऐसा इसलिए है, क्योंकि सोमनाथ मंदिर की कहानी भारत माता के अनगिनत सपूतों के अटूट साहस की कहानी है जिन्होंने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की। पीएम मोदी के इस संपादकीय लेख को यहां नीचे प्रस्तुत किया है।-सोमनाथ. ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नामक जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है। ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है...सौराष्ट्रे सोमनाथं च...यानि ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है। ये इस पवित्र धाम की सभ्यतागत और आध्यात्मिक महत्ता का प्रतीक है। </p>
<p>शास्त्रों में ये भी कहा गया है:</p>
<p>सोमलिङ्गं नरो दृष्ट्वा सर्वपापै: प्रमुच्यते।</p>
<p>लभते फलं मनोवाञ्छितं मृत: स्वर्गं समाश्रयेत्।।</p>
<p>अर्थात्, सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है। मन में जो भी पुण्य कामनायें होती हैं, वे पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है। दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ, जो करोड़ों लोगों की श्रद्धा और प्रार्थनाओं का केंद्र था, विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था। वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए बहुत महत्व रखता है, क्योंकि इस महान तीर्थ पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण किया था, इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था। </p>
<p>सोमनाथ हमला मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में शामिल है। फिर भी, एक हजार वर्ष बाद आज भी यह मंदिर पूरे गौरव के साथ खड़ा है। साल 1026 के बाद समय-समय पर इस मंदिर को उसके पूरे वैभव के साथ पुन:निर्मित करने के प्रयास जारी रहे। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में आकार ले सका। संयोग से 2026 का यही वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का भी वर्ष है। 11 मई 1951 को इस मंदिर का पुनर्निर्माण सम्पन्न हुआ था। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में हुआ वो समारोह ऐतिहासिक था, जब मंदिर के द्वार दर्शनों के लिए खोले गये थे।</p>
<p>1026 में एक हजार वर्ष पहले सोमनाथ पर हुए पहले आक्रमण, वहां के लोगों के साथ की गई क्रूरता और विध्वंस का वर्णन अनेक ऐतिहासिक स्रोतों में विस्तार से मिलता है। जब इन्हें पढ़ा जाता है तो हृदय कांप उठता है। हर पंक्ति में क्रूरता के निशान मिलते हैं, ये ऐसा दु:ख है जिसकी पीड़ा इतने समय बाद भी महसूस होती है। हम कल्पना कर सकते हैं कि इसका उस दौर में भारत पर और लोगों के मनोबल पर कितना गहरा प्रभाव पड़ा होगा। सोमनाथ मंदिर का आध्यात्मिक महत्व बहुत ज्यादा था। ये बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर खींचता था। ये एक ऐसे समाज की प्रेरणा था जिसकी आर्थिक क्षमता भी बहुत सशक्त थी। हमारे समुद्री व्यापारी और नाविक इसके वैभव की कथाएं दूर-दूर तक ले जाते थे।</p>
<p>सोमनाथ पर हमले और फिर गुलामी के लंबे कालखंड के बावजूद आज मैं पूरे विश्वास के साथ और गर्व से ये कहना चाहता हूं कि सोमनाथ की गाथा विध्वंस की कहानी नहीं है। ये पिछले 1000 साल से चली आ रही भारत माता की करोड़ों संतानों के स्वाभिमान की गाथा है, ये हम भारत के लोगों की अटूट आस्था की गाथा है। 1026 में शुरू हुई मध्यकालीन बर्बरता ने आगे चलकर दूसरों को भी बार-बार सोमनाथ पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित किया। यह हमारे लोगों और हमारी संस्कृति को गुलाम बनाने का प्रयास था। लेकिन हर बार जब मंदिर पर आक्रमण हुआ, तब हमारे पास ऐसे महान पुरुष और महिलाएं भी थीं जिन्होंने उसकी रक्षा के लिए खड़े होकर सर्वोच्च बलिदान दिया। और हर बार, पीढ़ी दर पीढ़ी, हमारी महान सभ्यता के लोगों ने खुद को संभाला, मंदिर को फिर से खड़ा किया और उसे पुन: जीवंत किया।</p>
<p>महमूद गजनवी लूटकर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति हमारी भावना को हमसे छीन नहीं सका। सोमनाथ से जुड़ी हमारी आस्था, हमारा विश्वास और प्रबल हुआ। उसकी आत्मा लाखों श्रद्धालुओं की भीतर सांस लेती रही। साल 1026 के हजार साल बाद आज 2026 में भी सोमनाथ मंदिर दुनिया को संदेश दे रहा है, कि मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज हमारे विश्वास का मजबूत आधार बनकर खड़ा है। वो आज भी हमारी प्रेरणा का स्रोत है, वो आज भी हमारी शक्ति का पुंज है। ये हमारा सौभाग्य है कि हमने उस धरती पर जीवन पाया है, जिसने देवी अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूति को जन्म दिया। उन्होंने ये सुनिश्चित करने का पुण्य प्रयास किया कि श्रद्धालु सोमनाथ में पूजा कर सकें।</p>
<p>1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद भी सोमनाथ आए थे, वो अनुभव उन्हें भीतर तक आंदोलित कर गया। 1897 में चेन्नई में दिए गए एक व्याख्यान के दौरान उन्होंने अपनी भावना व्यक्त की। उन्होंने कहा, Þदक्षिण भारत के प्राचीन मंदिर और गुजरात के सोमनाथ जैसे मंदिर आपको ज्ञान के अनगिनत पाठ सिखाएंगे। ये आपको किसी भी संख्या में पढ़ी गई पुस्तकों से अधिक हमारी सभ्यता की गहरी समझ देंगे।</p>
<p>इन मंदिरों पर सैकड़ों आक्रमणों के निशान हैं, और सैकड़ों बार इनका पुनर्जागरण हुआ है। ये बार-बार नष्ट किये गये, और हर बार अपने ही खंडहरों से फिर खड़े हुए। पहले की तरह सशक्त। पहले की तरह जीवंत। यही राष्ट्रीय मन है, यही राष्ट्रीय जीवन धारा है। इसका अनुसरण आपको गौरव से भर देता है। इसको छोड़ देने का मतलब है, मृत्यु। इससे अलग हो जाने पर विनाश ही होगा। ये सर्वविदित है कि आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का पवित्र दायित्व सरदार वल्लभभाई पटेल के सक्षम हाथों में आया। उन्होंने आगे बढ़कर इस दायित्व के लिए कदम बढ़ाया। 1947 में दीवाली के समय उनकी सोमनाथ यात्रा हुई। उस यात्रा के अनुभव ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया, उसी समय उन्होंने घोषणा की कि यहीं सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण होगा। </p>
<p>अंतत: 11 मई 1951 को सोमनाथ में भव्य मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये। उस अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद उपस्थित थे। महान सरदार साहब इस ऐतिहासिक दिन को देखने के लिए जीवित नहीं थे, लेकिन उनका सपना राष्ट्र के सामने साकार होकर भव्य रूप में उपस्थित था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू इस घटना से अधिक उत्साहित नहीं थे। वो नहीं चाहते थे कि माननीय राष्ट्रपति और मंत्री इस समारोह का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि इस घटना से भारत की छवि खराब होगी। लेकिन राजेंद्र बाबू अडिग रहे, और फिर जो हुआ, उसने एक नया इतिहास रच दिया।</p>
<p>सोमनाथ मंदिर का कोई भी उल्लेख के.एम. मुंशी जी के योगदानों को याद किए बिना अधूरा है। उन्होंने उस समय सरदार पटेल का प्रभावी रूप से समर्थन किया था। सोमनाथ पर उनका कार्य, विशेष रूप से उनकी पुस्तक 'सोमनाथ, द श्राइन इटरनल', अवश्य पढ़ी जानी चाहिए। जैसा कि मुंशी जी की पुस्तक के शीर्षक से स्पष्ट होता है, हम एक ऐसी सभ्यता हैं जो आत्मा और विचारों की अमरता में अटूट विश्वास रखती है। हम विश्वास करते हैं- नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक:। सोमनाथ का भौतिक ढांचा नष्ट हो गया, लेकिन उसकी चेतना अमर रही।</p>
<p>इन्हीं विचारों ने हमें हर कालखंड में, हर परिस्थिति में फिर से उठ खड़े होने, मजबूत बनने और आगे बढऩे का सामथ्र्य दिया है। इन्हीं मूल्यों और हमारे लोगों के संकल्प की वजह से आज भारत पर दुनिया की नजर है। दुनिया भारत को आशा और विश्वास की दृष्टि से देख रही है। वो हमारे इनोवेटिव युवाओं में निवेश करना चाहती है। हमारी कला, हमारी संस्कृति, हमारा संगीत और हमारे अनेक पर्व आज वैश्विक पहचान बना रहे हैं। योग और आयुर्वेद जैसे विषय पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रहे हैं। ये स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दे रहे हैं। आज कई वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है।</p>
<p>अनादि काल से सोमनाथ जीवन के हर क्षेत्र के लोगों को जोड़ता आया है। सदियों पहले जैन परंपरा के आदरणीय मुनि कलिकाल सर्वज्ञ हेमचंद्राचार्य यहां आए थे और कहा जाता है कि प्रार्थना के बाद उन्होंने कहा, भवबीजाङ्कुरजनना रागाद्या: क्षयमुपगता यस्य। अर्थात्, उस परम तत्व को नमन जिसमें सांसारिक बंधनों के बीज नष्ट हो चुके हैं। जिसमें राग और सभी विकार शांत हो गये हैं। आज भी दादा सोमनाथ के दर्शन से ऐसी ही अनुभूति होती है। मन में एक ठहराव आ जाता है, आत्मा को अंदर तक कुछ स्पर्श करता है, जो अलौकिक है, अव्यक्त है। 1026 के पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद 2026 में भी सोमनाथ का समुद्र उसी तीव्रता से गर्जना करता है और तट को स्पर्श करती लहरें उसकी पूरी गाथा सुनाती हैं। उन लहरों की तरह सोमनाथ बार-बार उठता रहा है।</p>
<p>अतीत के आक्रमणकारी आज समय की धूल बन चुके हैं। उनका नाम अब विनाश के प्रतीक के तौर पर लिया जाता है। इतिहास के पन्नों में वे केवल फुटनोट हैं, जबकि सोमनाथ आज भी अपनी आशा बिखेरता हुआ प्रकाशमान खड़ा है। सोमनाथ हमें ये बताता है कि घृणा और कट्टरता में विनाश की विकृत ताकत हो सकती है, लेकिन आस्था में सृजन की शक्ति होती है। करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ आज भी आशा का अनंत नाद है। ये विश्वास का वो स्वर है, जो टूटने के बाद भी उठने की प्रेरणा देता है।</p>
<p>अगर हजार साल पहले खंडित हुआ सोमनाथ मंदिर अपने पूरे वैभव के साथ फिर से खड़ा हो सकता है, तो हम हजार साल पहले का समृद्ध भारत भी बना सकते हैं। आइए, इसी प्रेरणा के साथ हम आगे बढ़ते हैं। एक नए संकल्प के साथ, एक विकसित भारत के निर्माण के लिए। एक ऐसा भारत, जिसका सभ्यतागत ज्ञान हमें विश्व कल्याण के लिए प्रयास करते रहने की प्रेरणा देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 14:08:47 +0530</pubDate>
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                <title>सूरत की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, बचाव राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात के सूरत में एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का माल जलकर राख हो गया। सूचना पर दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/massive-fire-rescue-and-relief-work-continues-in-surats-chemical/article-136251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/surat-camibal-factory-fire.png" alt=""></a><br /><p>सूरत। गुजरात के सूरत से बड़ी खबर सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यहां केमिकल की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई,​ जिसके कारण लाखों का माल जलकर राख हो गया।</p>
<p>सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की 10 गाडियां पहुंची और आग पर काबू पाने की लगातार कोशिश की जा रही है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 14:16:47 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली के बाद गुजरात के 3 स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, स्कूलों की जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद में तीन स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्कूल खाली कर जांच की गई, फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-delhi-3-schools-in-gujarat-received-bomb-threats-investigation/article-136226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/gujrat-bomb-therat.png" alt=""></a><br /><p>गुजरात। पहले दिल्ली और अब आज गुजरात के अहदाबाद में करीब 3 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि इन तीनों स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। जिसके बाद स्कूल प्रशासन इसकी शिकायत पुलिस को और सूचना पाकर पुलिस की टीमें तीनों स्कूलों में पहुंच चुकी है। पुलिस ने सबसे पहले स्कूलों को खाली करवाया।</p>
<p>इस मामलें के बारे में जानकारी देते हुए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि जैसे ही हमें बम की सूचना मिली तो हमने सबसे पहले स्कूलों को खाली करवाया और वहां पर जांच की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल, अभी तक ऐसी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 12:18:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, देवमोगरा धाम में किये पांडोरी माता के दर्शन, कई परियोजनाओं की देंगे सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार चुनाव में एनडीए की जीत के बाद पीएम मोदी आज गुजरात पहुंचे। नर्मदा जिले में उन्होंने बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में भाग लिया और 9,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। पीएम ने भव्य रोड शो किया और देवमोगरा धाम में पांडोरी माता के दर्शन भी किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-gujarat-tour-pm-modi-visited-pandori-mata-in-devmogra/article-132542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11121.png" alt=""></a><br /><p>नर्मदा। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रंचड जीत के बाद आज पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात के दौरे पर हैं, यहां पर पीएम मोदी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह में हिस्सा लिया। जानकारी के अनुसार, यहां पर पीएम मोदी आज 9,700 करोड़ रूपए की कई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही पीएम मोदी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की भी समीक्षा करेंगे।</p>
<p><strong>नर्मदा में पीएम मोदी का रोड शो</strong></p>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में एक भव्य रोड़ किया और आम जनता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी के प्रशंकों ने उन पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।</p>
<p><strong>मोदी ने देवमोगरा धाम में किये पांडोरी माता के दर्शन</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के नर्मदा जिले की अपनी यात्रा के दौरान प्रसिद्ध याहामोगी देवमोगरा धाम में पांडोरी माता के दर्शन किये। श्री मोदी ने देवमोगरा धाम मंदिर में पांडोरी माताजी के दर्शन, विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की। इससे पहले सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने लोकनृत्य के माध्यम से हाथों में तिरंगा लिए उनका भव्य स्वागत किया। सतपुड़ा पर्वतमाला में प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित यह मनमोहक धाम आदिवासी समाज के लोगों की आस्था का केन्द्र है, जिसकी महिमा अनूठी है। सतपुड़ा की पर्वतमाला के बीच स्थित पौराणिक मंदिर देवमोगरा धाम बाहर से नेपाल के पशुपतिनाथ जैसा दिखायी देता है।</p>
<p>नर्मदा जिले की सागबारा तहसील के देवमोगरा में आदिवासियों की कुलदेवी पांडोरी माता (याहमोगी) का मंदिर है। सतपुड़ा की पर्वतमालाओं में प्रकृति की गोद में बसे इस धाम में स्वयंभू याहा पांडोरी देवमोगरा माता आदि-अनादि काल से स्वयं कणी-कंसरी के रूप में विराजमान हैं। यहां गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के आदिवासी समुदाय के लोग याहामोगी पांडोरी की कुलदेवी के रूप में अपार श्रद्धा-आस्था तथा भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इस पवित्र हेला दाब (एक शक्तिशाली और पूजनीय देवी हैं, जिन्हें याहामोगी पांडोरी के नाम से भी जाना जाता है और देश के आदिवासी समुदाय द्वारा पूजी जाती हैं।) की आदि-अनादि काल से बहुत अनूठी महिमा रही है।</p>
<p>हजारों वर्ष पूर्व जब इस प्रदेश में भीषण अकाल पड़ा था, तब पांडोरी माताजी ने देवमोगरा धाम पर स्वयं वास किया था। भीषण अकाल के कारण अन्न-जल की किल्लत पैदा हुई और पशु-पक्षी तथा मानव; सभी दु:खी हो गये। ऐसे संकट की घड़ी में इस क्षेत्र के प्रजापालक गोर्या कोठार ने आवश्यक अन्न का वितरण करना शुरू किया, लेकिन आगे चलकर गोर्या कोठार के अन्न भंडार भी खाली होने लगे। तब उनकी पालक पुत्री याहा पांडोरी ने कणी-कंसरी का रूप धारण कर अन्न वितरण का कार्य संभाला। तब से आज तक अनाज के भंडार कभी खाली नहीं हुए हैं। अर्थात आदि-अनादि काल से लेकर आज तक माताजी के अन्न भंडार समग्र मानव जाति के लिए सदैव भरे रहे हैं।</p>
<p>सागबारा तहसील के देवमोगरा गांव में स्थित इस मंदिर में अनेक पीढिय़ों से लाखों भक्त माताजी के चरणों में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ अपनी समस्याओं तथा दु:खों का निवारण प्राप्त करने के लिए आते हैं। मंदिर के पुजारी द्वारा माताजी का आह्वान किया जाता है और आशीर्वाद देकर हर व्यक्ति के कल्याण की मंगलकामना की जाती है। मान्यता है कि माताजी के चरणों में जो भी दु:खी व्यक्ति रोता हुआ आता है, वह हंसता हुआ वापस लौटता है।</p>
<p>देवमोगरा में जहां राजा पांठा-विनादेव का स्थानक है, वहां हर वर्ष महाशिवरात्रि पर एक भव्य गढ़ यात्रा आयोजित की जाती है। इस यात्रा में परंपरागत वाद्ययंत्रों तथा नृत्य के साथ माताजी को गढ़ में जंगलों-पर्वतों के बीच स्थित प्राकृतिक झरने में स्नान कराया जाता है। इतना ही नहीं, माताजी की पूजा करके आगामी वर्ष के लिए खेतीबाड़ी और बरसाती मौसम का (होलको ठोक कर) अनुमान लगाया जाता है। हजारों श्रद्धालु इस अनुमान के अनुसार खेतीबाड़ी का पूर्व आयोजन करते हैं।</p>
<p>मेले के दौरान माता के प्रांगण में स्थित काकड़ के पेड़ पर एक ही रात में फूल आ जाते हैं। सुबह श्रद्धालु उसके दर्शन करते हैं और मानते हैं कि जिस दिशा में सबसे ज्यादा फूल हों, उस दिशा में वर्ष के दौरान खेतीबाड़ी का काम अच्छा होगा।प्रतिवर्ष माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तथा महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व से लगातार पांच दिनों तक लगने वाला यह मेला आदिवासी लोक संस्कृति का अनूठा दर्शन कराता है। इस मेले में लाखों भक्त माताजी के दर्शन के लिए जुटते हैं, जो वास्तव में आह्लादक दृश्य होता है। इस मंदिर में बाईं ओर श्यामवर्णी महाकाली माता की मूर्ति के भी लोग दर्शन करते हैं। इस प्रकार, एक ही मंदिर में दो माताजी विराजमान हैं।</p>
<p>आदिवासी समुदाय हजारों वर्षों से अपनी अनूठी परंपरा का पालन करता है, जिसमें वे संपूर्ण श्रद्धा के साथ नयी फसल को बांस की टोकरी में रखते हैं और सब्जी- भाजी, पूजा सामग्री की हिजारी बांधकर उसे सिर पर रखकर एवं रंगबिरंगी वस्त्र पहनकर तथा महिलाएं सोने-चांदी के आभषणों से सज्ज होकर गाजे- बाजे के साथ होब यात्रा पर निकलते हैं। आदिवासी लोग सवा महीने का व्रत-उपवास कर याहा पांडोरी देवमोगरा के चरणों में धान-अन्न श्रद्धापूर्वक समर्पित करते हैं और इसके बाद नये धान का सेवन किया जाता है।</p>
<p>देवमोगरा धाम केवल एक स्थानक ही नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा एवं संस्कृतिक का जीवंत प्रतीक है और स्थानीय प्रदेश के घेरिया (महिला पोशाक में पुरुषों की टोली) होली-धुलंडी के त्योहार के दौरान सवा महीने घर से बाहर निकल कर घर-घर घूमते हैं और घेरिया बनते हैं और नौ रस के श्रृंगार के साथ मुक्त मन से नाच-गान करते हैं। धुलंडी से पूर्व के दिन होली चौक में होलिका प्रज्ज्वलित की जाती है और महिलाएं भी परंपरागत वेशभूषा में सज्ज होकर कर वाद्ययंत्रों के साथ नाच-गान करते हुए होली के लोले (लोक गीत) गाकर आनंद-उत्सव मनाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 16:11:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गुजरात में नकली ब्यूटी प्रोडक्ट का भंडाफोड़, एक करोड़ के फर्जी उत्पाद जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[ गुजरात में नकली कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने और बेचने वालों के खिलाफ राज्य खाद्य एवं औषधि नियामक प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/fake-beauty-product-busted-in-gujarat-seized-fake-product-worth/article-115210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(5)15.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गुजरात में नकली कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने और बेचने वालों के खिलाफ राज्य खाद्य एवं औषधि नियामक प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। सूरत, केशोद और गांधीनगर में छापेमारी कर एक करोड़ रुपए से अधिक के फर्जी सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए। सूरत में बिना लाइसेंस के एक घर में परफॉरमेंस ऑयल, स्टैमिना ऑयल, बुल मसाज ऑयल जैसे उत्पाद बनाकर इंस्टाग्राम और मीशो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे थे। अधिकारियों ने राजेशभाई लाठिया के घर से पैकिंग सामग्री और नकली उत्पाद जब्त किए।</p>
<p><strong>नकली कॉस्मेटिक बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश:</strong> केशोद में कुलदीप पटोलिया के घर से नकली कॉस्मेटिक सामग्री बरामद की गई। ये सामग्री भी ऑनलाइन बेची जा रही थी। जांच के लिए 14 नमूने लिए गए और 55 लाख रुपए का सामान जब्त हुआ। आयुर्वेद के मालिक कौशिक रादडिया द्वारा सोशल मीडिया के जरिए बड़ी मात्रा में नकली सौंदर्य प्रसाधन बेचे जा रहे थे। अधिकारियों ने सूरत में छापेमारी कर 15 लाख रुपए का माल जब्त किया।</p>
<p>पुलिस ने 1.5 लाख की सामग्री की जब्त: गांधीनगर के पेथापुर में दुल्हन एंटरप्राइजेज के प्रबंधक प्रदीपसिंह सोलंकी के घर से जेबा हिना पाउडर और नेचुरल हेयर कलर जैसे नकली उत्पाद पकड़े गए। अहमदाबाद और राजस्थान की दो कंपनियों के ब्रांड के फर्जी उत्पाद बनाए जा रहे थे। यहां से 30 लाख के माल की बिक्री का खुलासा हुआ और 1.5 लाख की सामग्री जब्त की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 13:01:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>गुजरात में पटाखा फैट्री में लगी भीषण आग, 18 की मौत, 3 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[ गुजरात में बनासकांठा जिले के डीसा रूरल क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक लगी भीषण आग में 17 लोगों की मौत हो गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fierce-fire-in-firecracker-fat-in-gujarat-17-killed/article-109332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/grjarat.png" alt=""></a><br /><p>पालनपुर। गुजरात में बनासकांठा जिले के डीसा रूरल क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक लगी भीषण आग में 18 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि डीसा जीआईडीसी के निकट एक पटाखा फैक्ट्री में किसी कारण से आज सुबह अचानक भीषण आग लग गई। इस दौरान झुलसने से 18 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।</p>
<p>इस बीच अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आज सुबह पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की 6 गाड़ियों के साथ दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 14:57:48 +0530</pubDate>
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                <title>आईपीएल : सुदर्शन ने खेली शानदार अर्द्धशतकीय पारी, गुजरात ने मुम्बई इंडियंस को 36 रनों से दी शिकस्त</title>
                                    <description><![CDATA[साइ सुदर्शन की शानदार अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत मेजबान गुजरात टाइटंस ने शनिवार को यहां आईपीएल मुकाबले में मुम्बई इंडियंस को 36 रनों से पराजित कर दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/ipl-sudarshan-played-brilliant-half-century-innings-gujarat-defeated-mumbai/article-109117"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(7)13.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। साइ सुदर्शन की शानदार अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत मेजबान गुजरात टाइटंस ने शनिवार को यहां आईपीएल मुकाबले में मुम्बई इंडियंस को 36 रनों से पराजित कर दिया। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 196 रन बनाए। जवाब में मुम्बई इंडियंस की टीम 6 विकेट पर 160 रन ही बना सकी।  गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल और साइ सुदर्शन की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 78 रनों की साझेदारी की। हार्दिक ने शुभमन (38) को आउट कर मुम्बई को पहली सफलता दिलाई। सुदर्शन ने बटलर (39)  के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े। गुजरात को तीसरा झटका शहरुख खान (9) के रूप में लगा।  </p>
<p><strong>लगातार 3 झटके लगे</strong><br />गुजरात टाइटंस को 179 के स्कोर पर लगातार तीन झटके लगे। ट्रेंट बोल्ट ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर साइ सुदर्शन का महत्वपूर्ण विकेट लिया। सुदर्शन ने 41 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के सहित 63 रन बनाए। इसके बाद 19वें ओवर की पहली गेंद पर राहुल तेवतिया (शून्य) रन आउट हो गए। दीपक चाहर ने अगली गेंद पर शेफरन रदरफोर्ड (18) को आउट किया। </p>
<p><strong>मुम्बई का निराशाजनक प्रदर्शन</strong><br />मुम्बई की शुरुआत निराशाजनक रही और उसने रोहित शर्मा (8) और रियान रिकल्टन (6) के विकेट 35 के स्कोर पर गंवा दिए। तिलक वर्मा (39) और सूर्यकुमार यादव (48) ने तीसरे विकेट के लिए 62 रन जोड़े। लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद मुम्बई पारी दबाव में आ गई। सूर्यकुमार ने 28 गेंदों पर 1 चौका और चार छक्के सहित 48 रन बनाए।  रोबिन मिंज 3 और कप्तान हार्दिक पांड्या 11 रन बनाकर आउट हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 12:33:24 +0530</pubDate>
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