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                <title>red fort - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>लाल किले पर बदला आजादी का अंदाज, पहली बार शुरुआत और समापन पर गूंजा ‘वंदेमातरम्’ </title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर आयोजित समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री के संबोधन से पूर्व और समापन पर राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का पूरा संस्करण गाया गया। इस दौरान वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने पुष्प वर्षा की। हाल ही में संसद द्वारा राष्ट्रगीत के अपमान पर सजा का प्रावधान पारित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/singing-of-the-full-version-of-vande-mataram-for-the/article-163001"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/08.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर आयोजित समारोह के प्रारंभ और समापन पर पहली बार राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का गायन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाल किले की प्राचीर से संबोधन से पहले राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण का गायन किया गया। मोदी के संबोधन के समापन पर भी राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान का गायन हुआ। </p>
<p>इस मौके पर वायु सेना के दो एमआई 17 वहां से गुजरे। एक हेलीकाप्टर पुष्प वर्षा कर रहा था। एक अन्य हेलीकॉप्टर पर वंदेमातरम् लिखा हुआ झंडा फहरा रहा था। गौरतलब है कि गुरुवार को संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक पारित किया गया है जिसमें राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रगीत के अपमान पर जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:01:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लाल किले से मोदी का सप्तधारा मंत्र : हथियारबंद नक्सलवाद खत्म, अब 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत </title>
                                    <description><![CDATA[80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए हथियारबंद नक्सलवाद के खात्मे के बाद 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए 7 प्रमुख क्षेत्रों (सप्तधारा), आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क और ऐप आधारित स्व-जनगणना में युवाओं के सहयोग का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/independence-day-2026-modi-gave-the-mantra-of-saptadhara-for/article-162995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)69.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद तो काफी हद तक खत्म हो गया है लेकिन समाज को 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत है। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले के प्राचीर से देश को नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए समाज को 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद का काफी हद तक अंत हो चुका है लेकिन अब ऐसे लोग मौके की तलाश में हैं जो युवाओं को भटकाने और समाज को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था। आज जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के बावजूद देश को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा, हथियारबंद नक्सल तो चले गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं और हिंसा तथा अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन 'दिमागी नक्सलियों' को पहचानना होगा और उन्हें अलग-थलग करना होगा, ताकि वे देश के युवाओं को भटकाने में सफल न हो सकें। उन्होंने युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जुडऩे का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को नकारात्मक और हिंसक विचारों से दूर रखते हुए विकास, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य से जोडऩा जरूरी है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर सामने आ रही है और इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए देश को लगातार सजग रहना होगा।</p>
<p><strong>भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाया जायेगा</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग-अलग तरह के संकटों और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए देश में अत्याधुनिक राष्ट्रीय सिविल डिफेंस और स्वयंसेवी बल बनाने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने शनिवार को यहां 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, मैं आज लाल किले से घोषणा करता हूं कि हम आने वाले दिनों में सिविल डिफेंस का एक वाइब्रेंट नेटवर्क खड़ा करेंगे। आधुनिक व्यवस्थाओं से उन्हें परिचित करायेंगे, आधुनिक संकटों से नागरिकों की रक्षा करने की क्या व्यवस्था हो सकती है और इसके लिए एक बहुत बड़ा स्वयंसेवक बल, सिविल डिफेंस का आधुनिक नेटवर्क हम बनाने वाले हैं। सिविल डिफेंस के सदस्यों को संकट के समय महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, प्रणालियों और लोगों की रक्षा करने के उपायों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। तेल रिफाइनरियों, बैंकिंग प्रणाली और बुनियादी ढांचों पर किसी तरह के हमले की स्थिति से निपटने के लिए यह बल बेहद महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p><strong>मोदी की युवाओं से जनगणना में सहयोग करने की अपील</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनगणना की प्रक्रिया को देश की प्रगति और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से इसमें सहयोग की अपील कर उनसे मोबाइल ऐप के जरिये स्व गणना करने का आह्वान किया है। मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि अभी देश में एक बहुत महत्वपूर्ण कार्य जनगणना का चल रहा है। वह युवाओं से अपील करते हैं कि वे इसके लिए समय निकालें और अपने परिजनों के साथ मोबाइल फोन पर ऐप के जरिये स्व गणना को काम पूरा करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से युवा जनगणना कार्य में बहुत बड़ा सहयोग कर सकते हैं।</p>
<p>देश में जनगणना प्रक्रिया में पहली बार मोबाइल ऐप से स्व गणना की व्यवस्था की गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी भी घर-घर जायेंगे, लेकिन युवा उससे पहले ही अपना और परिजनों का पंजीकरण कर सकते हैं और इससे संबंधित पहचान संख्या कर्मचारी के साथ साझा कर सकते हैं। सरकार को इससे बड़ी सहूलियत होगी। जनगणना के सही विवरण मिलने से सरकार को नीतियां और योजनाएं बनाने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान देश में अभी मकान सूचीकरण का काम चल रहा है और जनगणना का काम आगामी फरवरी में शुरू होगा। </p>
<p><strong>वकसित भारत के लिए मोदी का लाल किले से सप्तधारा का मंत्र</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के सौ वर्ष पूरे होने पर 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले से सप्तधारा की सप्त-शक्ति का मंत्र दिया। मोदी ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अगला एक-चौथाई हिस्सा देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, अब हम रुक नहीं सकते, हमारी गति नहीं रुक सकती। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें अपने काम करने का तरीका और सोच बदलनी होगी। जो काम पिछले पांच-सात दशक में नहीं हुए, वे पांच-सात साल में करने होंगे।</p>
<p>उन्होंने सात क्षेत्रों में नयी गति और नये तरीके से काम करते हुए देश को दुनिया में सबसे आगे ले जाने का लक्ष्य रखते हुए इसे सप्तधारा का नाम दिया। इसमें विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, हरित अर्थव्यवस्था एवं ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। मोदी ने कहा कि उन्हें देश की युवा शक्ति, माताओं-बहनों, किसानों और मजदूरों पर भरोसा है कि हम सब मिलकर इस सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, हम सुधार के पथ पर चल चुके हैं, और आने वाले समय में सुधारों के अगले स्तर की तरफ बढऩे वाले हैं। सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक, किसान हर किसी को अपनी पारंपरिक व्यवस्थाओं में बदलाव लाना होगा, सोच बदलनी होगी, लक्ष्य बदलना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि विनिर्माण शक्ति को सिद्ध करने के लिए विनिर्माण बढ़ाने के साथ-साथ छोटे-छोटे पुर्जे भी बनाने होंगे, और बड़े-बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। उन्होंने कहा कि पूरी मूल्य श्रृंखला हमारी होनी चाहिये। हमें कंपोनेंट भी चाहिये और संपूर्ण विनिर्माण भी चाहिये। डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण में अब भारत के लिए दुनिया के बाजार खुल चुके हैं। हमारे पारंपरिक खान-पान, मसाले, औषधियां आदि वैश्विक ब्रांड बनने चाहिये। </p>
<p>प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के बारे में उन्होंने कहा कि जमाना एआई, क्वांटम, डाटा सेंटर, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स का है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। यूपीआई और डिजिटल बुनियादी ढांचे में भारत ने अपना लोहा मनवा लिया है। अब अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकी में हमें दुनिया का नेतृत्व करना है। मेड इन इंडिया 6जी विश्व के हर कोने में पहुंचे यह हमारा लक्ष्य होना चाहिये। गतिशक्ति का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि देश के अंदर निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी होनी चाहिये। इसके लिए हाइस्पीड रेलवे, आधुनिक हाई-वे, इनलैंड वाटरवेज, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स हब चाहिये। </p>
<p>उन्होंने रक्षा शक्ति की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि भारत ने और दुनिया ने अनुभव कर लिया है कि रक्षा में आत्मनिर्भरता के अलावा कोई चारा नहीं है। भारत दुनिया के लिए बाजार बनकर नहीं रह सकता। हमें न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया का आपूर्तिकर्ता भी बनना है। देश को काउंटर ड्रोन प्रौद्योगिकी विकसित करनी होगी, हाइपरसोनिक रक्षा प्रणाली में सबसे आगे निकलना होगा। साइबर सिक्योरिटी के लिए भी हम अपने युवाओं के सामथ्र्य का उपयोग दुनिया के लिए कर सकते हैं। </p>
<p>हरित अर्थव्यवस्था और ब्लू इकोनॉमी के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि देश को ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित परिवहन, हरित विनिर्माण में वैश्विक स्तर हासिल करके रहना है। दुनिया जब ग्लोबल वॉर्मिंग की बात करती है तो हमारा देश समाधान देता है। भारत के लिए ब्लू इकोनॉमी में भी बहुत बड़ा अवसर है। हमारे पास लंबा समुद्र तट है। मत्स्य उत्पादन, कोस्टल टूरिज्म, सामुद्रिक प्रौद्योगिकी में काफी संभावना है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सॉफ्ट पावर बन सकता है। आज योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा है। योग दुनिया के लिए ऊर्जा और भारत के लिए विश्वास का बड़ा कारण बनता जा रहा है। भारत के पास आस्था के केंद्र हों, आयुर्वेद हो, हॉलिस्टिक स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था हो, हील इन इंडिया का अभियान है। हम दुनिया के अंदर हमारे सामथ्र्य को लेकर जा सकते हैं। भारत के पास हस्तशिल्प, फिल्में, गेमिंग, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट हैं। रचनात्मकता की दुनिया में भारत अपना रुतबा दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास अकूत वन्य संपदा है, 100 से ज्यादा नेशनल पार्क है। हमारे पास सामथ्र्य होने के बावजूद हम विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में पीछे रहे हैं। खेल आयोजन में भी भारत के पास बड़ा अवसर है। मोदी ने कहा कि सप्तधारा की इन सात शक्तियों का उद्देश्य यही है कि सिर्फ एक सेक्टर में प्रगति न हो, एक पूर्णता की सोच के साथ विकास हो। </p>
<p><strong>वकसित भारत के लक्ष्य के लिए आधार मजबूत है, हमें हमारी कार्य संस्कृति बदलनी है</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए उनकी सरकार ने एक मजबूत बुनियाद खड़ी की है और दिशा तय हो चुकी है लेकिन कामों को तजी से निपटाने के लिए'हमें अपनी कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव लाने करने की जरूरत है। मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए पिछले 10-12 साल में देश में बुनियादी आर्थिक-सामाजिक ढांचे के तीव्र विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा, मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे विकसित भारत 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामथ्र्य दिखाया है यह उस लक्ष्य का हिस्सा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर (कार्य संस्कृति) को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 13:05:58 +0530</pubDate>
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                <title>‘दुनिया में महंगा, भारत में सस्ता’... लाल किले से मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की ताकत, महंगी कोचिंग से राहत; देशभर में फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर प्लांट्स, ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति, युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और एक करोड़ युवाओं को एआई (AI) प्रशिक्षण देने की महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-will-have-to-further-strengthen-the-resolve-of-self-reliant/article-162993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/modi-4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत को आज के माहौल में दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए अपने हितों की स्वयं रक्षा करनी है और इसके लिए हमें आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना होगा। पीएम मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सबकी भागीदारी के संकल्प के साथ देश आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज माहौल बदल है और हर भारतीय'मेक इन इंडिया','स्वदेशी' जैसे अभियानों से जुड़ रहा है।</p>
<p>डिजिटल तकनीकी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौर में चिप का महत्व बहुत अधिक है। इलेक्ट्रॉनिक सामान, चिकित्सा उपकरणों और परिवहन प्रणालियों सहित अनेक क्षेत्रों में चिप अनिवार्य है। भारत ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए है तीन प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किये हैं और इनमें उत्पादन शुरू होकर निर्यात भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने की संभावना है।</p>
<p><strong>संकट में काम आयीं पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं</strong><br /> <br />इसके आगे पीएम मोदी ने कहा सरकार ने पिछले 10-12 साल में 'नागरिक देवो भव' के मंत्र के साथ जो सुधार किये और जो नीतियां अपनायीं, उसी का परिणाम है कि कोरोना महामारी तथा पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 साल में दुनिया में कई संकट आये। कोरोना ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। उसके बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्ध आये। हर जगह तनाव का माहौल था। 'भविष्य वक्ताओं' ने तो कहा कि वैक्सीन नहीं मिलेगी, कोविड में लोग बचेंगे नहीं, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी। उन्होंने देश को डराने का काम किया, इसी में उन्हें आनंद आता है। </p>
<p>उन्होंने कहा, देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं। 'नागरिक देवो भव' के मंत्र को लेकर जीते हुए भारत ने पिछले 10-12 साल में जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक जो कदम उठाये थे, वे सभी चीजें काम आ गयीं। आज देश में पेट्रोल भी है, डीजल भी है, गैस भी है, यूरिया भी है। हम अपनी ताकत के बल पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के इस संकट का प्रभाव हर किसी पर हुआ है और भारत भी अछूता नहीं है। एक बोरी यूरिया की कीमत दुनिया में तीन हजार रुपये पर पहुंच गयी है, लेकिन देश में किसानों पर वह बोझ न डालकर आज भी उन्हें सिर्फ 300 रुपये में यूरिया की बोरी दी जा रही है। डीएपी की कीमत दुनिया में पांच हजार रुपये है जो देश के किसानों को 1,350 रुपये में दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संसाधन के कारण देश रुकता नहीं है, कई बार इसका कारण सोच होती है। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसी सोच के कारण समुद्री तट का हमारा हिस्सा 90 प्रतिशत हिस्सा 'नो गो एरिया' घोषित कर दिया गया था। यह सोच का दारिद्र था। उनकी सरकार ने उसे 'गो अहेड एरिया' के रूप में खोल दिया है। हम समुद्र के अंदर भी नये-नये भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, बीते वर्षों में सरकार का ध्येय रहा है कि हमें अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है, हमें आत्मनिर्भर होना चाहिये। दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, लेकिन उससे हमारा सामाथ्र्य नहीं बनता है। हमें भी अपनी क्षमता बढ़ानी है। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल जैसे क्षेत्रों में आज हर भारतीय का मन जुड़ चुका है। सेमीकंडक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले सेमीकंडक्टर की बातें होती थीं, लेकिन हम उसमें आगे नहीं बढ़ सके। आज की दुनिया में हर इलेक्ट्रॉनिक, मेडिकल और परिवहन उपकरण में चिप जरूरी है। देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो गये हैं। वहां से निर्यात भी शुरू हो चुका है। आने वाले सात-आठ साल में और पांच-छह सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पूरी सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी क्रिटिकल मिनरल पर आधारित हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने कई देशों के साथ इसके लिए समझौते किये हैं। </p>
<p><strong>अगले 10 साल में पांच नये परमाणु ऊर्जा संयंत्र शुरू करने का लक्ष्य</strong></p>
<p>ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की सोच के कारण देश ऊर्जा के लिए विदेशों पर निर्भर है। पिछले 12 साल में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए उनकी सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये हैं। सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए 'शांति विधेयक' पारित किया है। उन्होंने कहा, वर्ष 2047 तक हमने 100 गीगावाट का लक्ष्य रखा है। इसी दशक में पांच नये परमाणु ऊर्जा संयंत्र का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। ब्रीडर रिएक्टर से परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी। बारह साल में उनकी सरकार ने इसे 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। यह होती है रफ्तार, यह होता है विस्तार। आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति की जा रही है। साल 2014 में सौर ऊर्जा क्षमता मात्र दो गीगावट थी। आज 160 गीगावाट का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। उसका लाभ गरीबों और मध्यम वर्ग को देने के लिए पीएम सूर्यघर योजना शुरू की गयी है, जिसमें 50 लाख घरों का आंकड़ा पार हो चुका है। इसके कारण हजारों घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं वे अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। इस काम के लिए हर परिवार को सरकार 80 हजार रुपये की मदद दे रही है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे के विद्युतीकरण का काम 1925 में शुरू हुआ था। अगले 90 साल में सिर्फ 30 प्रतिशत रेल का विद्युतीकरण हुआ था। उन्होंने कहा, हमारी रफ्तार देखिये, हमने एक दशक के अंदर शत-प्रतिशत काम पूरा कर दिया। यह होता है काम। इसके कारण डीजल जो हमें बाहर से लाना पड़ता है, उसकी बचत हुई, पर्यावरण को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार यहीं नहीं रुकी। देश ने हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन शुरू कर दी है। यह सबसे लंबी सबसे ताकतवर ट्रेन है। भारत ने हाइड़्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भी अपना झंडा गाड़ दिया है।  </p>
<p><strong>परीक्षाओं के लिए युवाओं को फ्री ऑनलाइन कोचिंग</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए देश में निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने तथा एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने की घोषणा की है। मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विषय को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए यह घोषणा की। देश में बढते महंगे कोचिंग व्यवसाय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग के लिए बड़ा बोझ बन गया है। उन्होंने कहा कि इस बोझ को दूर करने के लिए सरकार देश भर में युवाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क बनायेगी। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे मध्यम वर्ग के लिए कोचिंग क्लास की स्पर्धा बहुत बड़ा बोझ बन चुकी है। मां-बाप को लग रहा है कि यदि कोचिंग क्लास में बच्चे को नहीं भेजा तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं। सरकार ने इन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता की है। उनका हजारों करोड़ रुपये का खर्च भी बचे और उनके बच्चे भी उनके आसपास रहे सके, उनकी देखभाल हो सके, परिवार पर आर्थिक बोझ न आये और इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री आनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने का  निर्णय लिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा, देश में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर है, उत्तम प्रतिभा और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को जोड़कर हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की कि दुनिया भर में एआई की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए तथा युवाओं को इसमें निपुण बनाने के लिए एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के विरोध में देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ और सरकार को छात्रों तथा युवा प्रदर्शनकारियों की मांग के आगे झुकना पड़ा। इसके कारण शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। </p>
<p><strong>एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल का मिलेगा प्रशिक्षण</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि हमारे देश का नौजवान एआई की दुनिया में नेतृत्व करने का सामथ्र्य विकसित कर सके। पीएम मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि भारत के युवा इस तेजी से उभरते क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 35 साल बाद देश में नयी शिक्षा नीति लेकर आये हैं, जिसका फायदा मध्यम वर्ग के परिवारों को हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 350 से भी कम थी, आज 10-12 साल के भीतर-भीतर 650 नये विश्वविद्यालय खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मेडिकल शिक्षा के सिर्फ चार सौ कालेज हुआ करते थे, आज करीब 850 कालेज हो गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। देश के नौजवानों को विदेशी शिक्षण संस्थानों से डिग्री मिले, इसका भी प्रबंध हो चुका है। </p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के युवा का मन बचपन से ही तकनीक की तरफ आकर्षित हो, इस दिशा में काम कर रहे हैं, इसलिए देश में 10 हजार से अधिक अटल टिकरिंग लैब छोटे-छोटे बच्चों के हवाले कर दिया है, ताकि उनका नवाचार और तकनीक की तरफ रुझान पैदा हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, कौशल, स्टार्टअप और नयी तकनीकों के क्षेत्र में हो रहे विस्तार से देश के युवाओं के लिये नये अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 12:28:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को किया नमन, बोले- स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से साकार होगा विकसित भारत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। लाल किले पर ध्वजारोहण से पूर्व उन्होंने बापू को नमन किया और देशवासियों को बधाई देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपनाकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-reached-rajghat-and-bowed-to-mahatma-gandhi-and/article-162997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/06.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ऐतिहासिक लाल किले पर ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रपिता की समाधि पर गये और उन्हें नमन किया। इससे पहले उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि सभी को बापू के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करना चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की असीम शुभकामनाएं। यह राष्ट्रीय पर्व हमें देश के वीर सेनानियों के अछ्वुत साहस, अथक संघर्ष और मातृभूमि के प्रति अतुलनीय समर्पण का स्मरण कराता है। आइए, उनके आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 11:41:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सच्चाई की प्रेरणा देती है गुरु तेग बहादुर की कुर्बानी : रेखा गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गुरु साहब के बलिदान को मानवता और भारतीय संस्कृति की रक्षा का प्रतीक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/guru-teg-bahadurs-sacrifice-inspires-truth-rekha-gupta/article-138667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rekha-gupta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में कहा कि सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च कुर्बानी दी जो आज भी हमें सच्चाई और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती है। रेखा गुप्ता ने शहीदी दिवस पर सदन में चर्चा में कहा कि यह महान समागम सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस मनाया गया जो गुरु साहब की मेहरबानी से संभव हुआ है। इसमें लाखों लोगों ने उस समागम में हिस्सा लिया। जिस लाल किला से गुरु साहब से फरमान दिया गया उसी स्थान से गुरबानी के सुर सुनाई दे रहे थे और हजारों लोग लंगर चख रखे थे, यह हम सबके लिए गर्व की बात है। यह हमारा सौभाग्य है कि गुरु साहब की शहादत पर वर्तमान पीढी की तरफ से नमन कर पाये। </p>
<p><strong>अपनी संस्कृति को सहेज कर रखना हमारा कर्तव्य  </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को सहेज कर रखना हमारा कर्तव्य है। इस महान बलिदान को जन जन तक पहुंचाने सभी के सहयोग से संभव हुआ है। जो देश अपना इतिहास भूल जाता है उसे कभी भी भविष्य में याद नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि जिसे अपने पुरुखों पर नाज नहीं है उसका कोई नाम लेने वाला नहीं बचता है। विकास और विरासत के मार्ग पर दिल्ली सरकार काम कर रही है। इस तेज रफ्तार जिंदगी में करोड़ों लोग अपने गांव और शहर से दिल्ली में रोजगार के लिए आते हैं इसलिए उनको अपने जड़ों से जुड़ने का हक है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करती है। इसी प्रकार कांवड़ यात्रा में दिल्ली सरकार ने पूरी सुविधाएं दी। सरकार ने हर राज्य के स्थापना दिवस को बड़े गर्व से मनाया। </p>
<p><strong>दिल्ली भारत की आत्मा</strong></p>
<p>हमने पहली बार भव्यता के दिवाली मनाई। दिल्ली का अपना बहुत बड़ा इतिहास है। दिल्ली की अपनी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, यह भारत की आत्मा है। पिछले ग्यारह महीने में हमने दिल्ली शहर को मिनी इंडिया का रूप दिया। दिल्ली सरकार हर त्योहार को सिर्फ मनाती नहीं बल्कि उसे जीती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए अपना शीश दिया। यह आज भी हमें सच्चाई और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती है। गुरु साहब के एक पंथ के गुरु नहीं थे बल्कि भारत के साझा संस्कृति और मूल्यों प्रखर रक्षक थे। उनके जैसा व्यक्ति बिरले ही समाज में आता है जिसने अपना परिवार खो दिया। </p>
<p><strong>गुरुओं का याद करना हम सबका फर्ज</strong></p>
<p>उनका जीवन एक कालखंड की कहानी नहीं बल्कि यह मानवता के साहस और धर्मनिष्ठा का शाश्वत आदर्श है। समय समय पर गुरुओं का याद करना हम सबका फर्ज है। गुरु तेग बहादुर सिंह को हिंद का चादर कहा गया।  उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की जनता के साथ लगातार जुड़कर एक परिवार की तरह काम करते रहेंगे। दिल्ली वासियों के सुख दुख में खड़े रहेंगे। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने नियम 270 के तहत गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर सदन में वक्तव्य रखते हुए कहा कि देश दुनिया में गुरु तेगबहादुर की 350 साल के शहादत को मनाया जा रहा है। </p>
<p>उन्होंने मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। इससे बड़े बलिदान का इतिहास दुनिया में कोई नहीं मिला है। उनके शहादत ने सिर्फ सिख समुदाय ही नहीं बल्कि पूरी मानवता को एक अहम संदेश देने का काम किया। उनके शहीदी दिवस के अवसर पर लाल किला में एक भव्य आयोजन किया गया जिसमें देश विदेश से लोगों ने सहभागिता की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 11:28:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दीपावली को यूनेस्को की &quot;अमूर्त सांस्कृतिक विरासत&quot; में शामिल करने पर बोलें पीएम मोदी, प्रभु श्रीराम के आदर्श हमेशा ऐसे ही हमारा मार्गदर्शन करते रहें</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भारतीय संस्कृति, ज्ञान और धर्म का प्रतीक है और अब वैश्विक पहचान और बढ़ेगी। पीएम मोदी ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों से सभी के मार्गदर्शन की कामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-should-speak-on-inclusion-of-diwali-in-unescos/article-135512"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pm-modi-on-unssco-diwali.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीपावली को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' की सूची में शामिल किये जाने का स्वागत करते हुए प्रभु श्रीराम से लोगों का मार्गदर्शन करने की कामना की है। </p>
<p>पीएम मोदी ने बुधवार को इस फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, देश और दुनिया के लोगों में गजब का उत्साह है। दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों के बेहद करीब है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह ज्ञान और धर्म का प्रतीक है। यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची का हिस्सा बनने के बाद दीपावली को दुनियाभर में और अधिक लोकप्रियता मिलेगी। मैं उम्मीद करता हूं कि प्रभु श्रीराम के आदर्श हमेशा ऐसे ही हमारा मार्गदर्शन करते रहें।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, यहां स्थित लाल किला में हुयी संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को की बैठक में बुधवार को इस पर्व को संस्था की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची' में शामिल करने का फैसला लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 17:17:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>यूनेस्को की विरासत की सूची में शामिल हुई दीपावली, PM Modi ने दी देशवासियों को बधाई, कहा-ये पर्व हमारी सभ्यता की आत्मा</title>
                                    <description><![CDATA[यूनेस्को ने दीपावली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में दर्ज किया। लाल किले में हुए कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह त्योहार ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ की वैश्विक भावना का प्रतीक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/diwali-included-in-the-unesco-heritage-list-pm-congratulated-the/article-135500"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/unssco--and-diwali.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के प्रमुख पर्व दीपावली को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया है। दीपावली महापर्व के शिलालेख को संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, मंत्रालय में सचिव विवेक अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारियों और 194 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और यूनेस्को के वैश्विक नेटवर्क के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बुधवार को यहां लाल किला में आयोजित यूनेस्को अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र के दौरान मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में अंकित किया गया।</p>
<p>गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिलालेख भारत और विश्वभर के उन समुदायों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है, जो दीपावली की शाश्वत भावना को जीवित रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह त्योहार 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' के सार्वभौमिक संदेश का प्रतीक है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की भावना को दर्शाता है और आशा, नवजीवन तथा सद्भाव का प्रतिनिधित्व करता है।</p>
<p>इस महापर्व की जीवंतता और जन-केंद्रित प्रकृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दीपावली उत्सव के पीछे लाखों लोगों का योगदान होता है, जिनमें दीये बनाने वाले कुम्हार, उत्सव की सजावट करने वाले कारीगर, किसान, मिठाई बनाने वाले, पुजारी और सदियों पुरानी परंपराओं को निभाने वाले परिवार शामिल हैं। </p>
<p>इस पर्व की महत्ता में प्रवासी भारतीयों की जीवंत भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका, खाड़ी देशों, यूरोप और कैरेबियन में मनाए जाने वाले दीपावली समारोहों ने दीपावली के संदेश को महाद्वीपों में फैलाया और सांस्कृतिक सेतुओं को मजबूत किया है। यह शिलालेख विरासत की रक्षा करने और इसे भावी पीढिय़ों तक पहुंचाने की नयी जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से दीपावली की एकता की भावना को अपनाने और भारत की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक परंपराओं का समर्थन जारी रखने का आग्रह किया।</p>
<p>इसके आगे संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि दीपावली का शिलालेख भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के बारे में वैश्विक जागरूकता को बढ़ावा देगा तथा भावी पीढिय़ों के लिए समुदाय-आधारित परंपराओं की रक्षा के प्रयासों को सुदृढ़ करेगा। दीपावली विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों तथा वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय में मनाए जाने वाले जन त्योहार के रूप में मान्यता प्राप्त एकता, नवीनीकरण और सामाजिक सामंजस्य के सिद्धांतों के प्रतीक का त्योहार है। दीये जलाना, रंगोली बनाना, पारंपरिक शिल्पकला, अनुष्ठान, सामुदायिक समारोह और पीढ़ी दर पीढ़ी ज्ञान का हस्तांतरण इसकी जीवंतता और भौगोलिकता की सीमाओं के अनुकूलन की क्षमता को दर्शाता हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 16:21:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एक करोड़ का सोने-रत्नों से सजा कलश चोरी : लाल किले के पीछे चल रहा था कार्यक्रम, पुलिस ने की संदिग्ध की पहचान </title>
                                    <description><![CDATA[इसके लिए एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अधिकारी के निरीक्षण में कई टीमों का गठन किया गया है जो तकनीकी एवं मानवीय सूत्रों के माध्यम से तलाश कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-police-identified-the-suspect/article-126047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_400-px)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजधानी के ऐतिहासिक लाल किले के पीछे चल रहे एक कार्यक्रम में रखा गया करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का सोने और कीमती रत्नों से सजा कलश चोरी हो गया। यह कलश एक जैन धार्मिक अनुष्ठान के दौरान गायब हुआ, जिससे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चोरी हुआ कलश लगभग 760 ग्राम शुद्ध सोने से बना था और उसमें करीब 150 ग्राम हीरे और माणिक्य जड़े हुए थे। घटना दो सितंबर को उस समय हुई, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। अचानक भीड़ और हलचल के बीच कलश मंच से गायब हो गया। शुरुआत में लगा कि कलश वहीं कहीं रखा रह गया है, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह चोरी हो चुका है।</p>
<p>इसके बाद घटना की शिकायत पीड़ति सुधीर जैन ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करके तुरंत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। एक फुटेज में एक संदिग्ध दिखाई दिया, जो कई दिनों से धोती-कुर्ता पहनकर श्रद्धालुओं के बीच घूम रहा था और मौका पाकर मंच तक पहुंच गया। फुटेज में आरोपी कलश रखकर बाहर जाता दिखाई दे रहा है। अधिकारी ने दावा किया है कि उसकी पहचान कर ली गई है और तलाश जारी है। इसके लिए एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अधिकारी के निरीक्षण में कई टीमों का गठन किया गया है जो तकनीकी एवं मानवीय सूत्रों के माध्यम से तलाश कर रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 14:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस पर बैठाने के स्थान के विवाद पर बोले गहलोत- केंद्र सरकार ने किया छोटी सोच का प्रदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पांचवी पंक्ति में बैठाने पर कहा कि यह केंद्र सरकार की छोटी सोच का प्रदर्शन है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instead-of-making-rahul-gandhi-sit-on-independence-day-gehlot/article-87840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/ashok......jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पांचवी पंक्ति में बैठाने पर कहा कि यह केंद्र सरकार की छोटी सोच का प्रदर्शन है। </p>
<p>अशोक गहलोत ने लिखा कि "<span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">आजादी के बाद से स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर नेता प्रतिपक्ष के बैठने के स्थान को लेकर कभी विवाद नहीं हुआ क्योंकि हमेशा नेता प्रतिपक्ष को ससम्मान अग्रिम पंक्ति में स्थान दिया जाता था। आज लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी को </span><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">परंपरा अनुसार अग्रिम पंक्ति में ना बिठाकर पांचवीं पंक्ति में बिठाकर केन्द्र सरकार ने छोटी सोच का प्रदर्शन किया है। पूरा देश यह देख रहा है कि किस प्रकार लोकतांत्रिक परंपराओं की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।"</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 10:00:02 +0530</pubDate>
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