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                <title>audit - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>audit RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>20 साल पुराने यूरोपीय प्रोजेक्ट पर 2023 से खर्च शून्य: जल सुधार की रिपोर्ट गौण ; 450 करोड़ का यूरोपीय संघ जल सुधार कार्यक्रम, कितनी बदली राजस्थान की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जल प्रबंधन के लिए शुरू हुई 450 करोड़ की यूरोपीय संघ परियोजना सवालों के घेरे में है। 415.66 करोड़ रुपये खर्च होने और जल नीति-2010 जैसी उपलब्धियों के बावजूद, पिछले तीन वर्षों (2023-26) से व्यय शून्य बना हुआ है। विशेषज्ञ जमीनी स्तर पर इसके वास्तविक प्रभाव और रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/zero-expenditure-on-20-year-old-european-project-from-2023/article-157627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)44.png" alt=""></a><br /><div>जयपुर। राजस्थान में जल प्रबंधन सुधार और भूजल संरक्षण के लिए वर्ष 2006 में शुरू किया गया यूरोपीय संघ (यूरोपियन यूनियन) समर्थित स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम (एसपीपी)द्ध एक बार फिर चर्चा में है। करीब 450 करोड़ की परियोजना को जल क्षेत्र में सुधार की बड़ी पहल बताया गया, लेकिन उपलब्ध आंकड़े से भारी निवेश के बावजूद इसके वास्तविक प्रभाव और वर्तमान स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यूरोपीय संघ ने इस परियोजना के लिए 80 मिलियन यूरो (करीब 450 करोड़ रुपए) का अनुदान स्वीकृत किया था। अब तक 61.675 मिलियन यूरो 418.83 करोड़ रुपए) जारी किए जा चुके हैं, जबकि 31 मई 2026 तक कुल खर्च 415.66 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>11 जिलों की 3,182 ग्राम पंचायतें शामिल</strong></div>
<div> </div>
<div>परियोजना का उद्देश्य राज्य में जल क्षेत्र सुधार, भूजल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल उपलब्धता और पंचायतों की भागीदारी को मजबूत करना था। इसके तहत 11 जिलों की 82 पंचायत समितियों और 3182 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि परियोजना पर 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। वित्तीय प्रगति रिपोर्ट में लगातार तीन वर्षों तक व्यय शून्य दर्शाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परियोजना के तहत तैयार किए गए जल प्रबंधन मॉडल इतने सफल रहे, तो फिर उनके विस्तार और रखरखाव पर खर्च क्यों नहीं हुआ? वहीं सरकारी दस्तावेज परियोजना की उपलब्धियों में जल नीति-2010, एक्विफर मैपिंग, जल जागरूकता अभियान, नदी बेसिन प्राधिकरण गठन और 14 अंतर.बेसिन जलांतरण योजनाओं की तैयारी को प्रमुख उपलब्धि बताते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>उठते सवाल...</strong></div>
<div> </div>
<div>
<ul>
<li>450 करोड़ की परियोजना के बावजूद जल संकट वाले क्षेत्रों में स्थिति कितनी बदली, इसका स्पष्ट मूल्यांकन सार्वजनिक नहीं।</li>
<li>2023-24 से लगातार तीन वर्षों तक व्यय शून्य रहना परियोजना की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।</li>
<li>कई उपलब्धियां अध्ययन, कार्यशाला और योजनाओं तक सीमित दिखाई देती हैं, जबकि जमीनी प्रभाव के आंकड़े सीमित हैं।</li>
<li>14 जलांतरण योजनाएं बनीं, लेकिन कितनी लागू हुईं, इसका उल्लेख नहीं है।</li>
<li>परियोजना समाप्ति के बाद बनाए गए ढांचे और संस्थाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है।</li>
</ul>
</div>
<div><strong>परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां</strong></div>
<div> </div>
<div>
<ul>
<li>राज्य जल नीति-2010 लागू</li>
<li>3182 ग्राम पंचायतों में जल प्रबंधन योजनाएं तैयार</li>
<li>79,550 लोगों को प्रशिक्षण</li>
<li>भूजल एक्विफर मैपिंग और गुगल आधारित डेटा तैयार</li>
<li>जल चेतना यात्रा, जल मेला और जनजागरूकता अभियान</li>
<li>14 अंतर-बेसिन जलांतरण योजनाओं की तैयारी</li>
<li>जल कानूनों के सामंजस्य की पहल</li>
</ul>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:36:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटना से गायब खान सर! SIT की ताबड़तोड़ रेड जारी, फायरिंग विवाद और फायर ऑडिट रिपोर्ट से बढ़ीं मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की तलाश में एसआईटी छापेमारी कर रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा परिणाम के बाद शुरू हुआ यह विवाद पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया। इस बीच, अग्निशमन विभाग ने संस्थान को सुरक्षा खामियां सुधारने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/khan-sir-missing-from-patna-rapid-raid-of-sit-continues/article-156383"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/khan-sir.png" alt=""></a><br /><p>पटना। पटना में चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। संस्थान के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर फिलहाल सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि उनकी तलाश में एसआईटी पटना समेत आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने मामले की केस डायरी कोर्ट में भी जमा कर दी है।</p>
<p>विवाद की शुरुआत बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के रिजल्ट के बाद दो कोचिंग संस्थानों के बीच प्रचार को लेकर हुई तनातनी से हुई थी। मामला उस समय गंभीर हो गया जब पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर सुरक्षा कर्मी हथियार चलाते दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया।</p>
<p>इधर, फायर ऑडिट में भी खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर में कई सुरक्षा खामियां मिलने का दावा किया गया है। अग्निशमन विभाग ने संस्थान को कमियां दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/khan-sir-missing-from-patna-rapid-raid-of-sit-continues/article-156383</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 18:19:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल में “ऑपरेशन मदरसा” शुरू: वैध-अवैध मदरसों का सर्वे होगा ; फंडिंग, छात्रों और मौलवियों की जांच से मचा सियासी भूचाल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने "ऑपरेशन मदरसा" अभियान की घोषणा की है। इसके तहत राज्यभर के मदरसों की वैधता, वित्तीय स्रोतों, पाठ्यक्रम और छात्रों की संख्या का विस्तृत सर्वे करने की मांग की गई है। भाजपा के अनुसार, इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/%E2%80%9Coperation-madrasa%E2%80%9D-started-in-bengal-survey-of-legal-and-illegal/article-156257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bengal.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने “ऑपरेशन मदरसा” अभियान की घोषणा करते हुए राज्यभर के मदरसों के सर्वे की मांग उठाई है। इस अभियान के तहत मदरसों की वैधता, संचालन व्यवस्था और वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जांच किए जाने की बात कही गई है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में संचालित सभी मदरसों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि कितने मदरसे सरकारी नियमों के तहत पंजीकृत और वैध हैं तथा कितने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।</p>
<p>अभियान के तहत मदरसों में पढ़ाए जाने वाले कोर्स और पाठ्यक्रम की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही यह जांच की जाएगी कि संबंधित संस्थानों में सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। सर्वे में यह भी देखा जाएगा कि मदरसा आवासीय है या गैर-आवासीय तथा वहां रहने वाले छात्रों की संख्या कितनी है।</p>
<p>इसके अलावा मदरसों को मिलने वाले फंड और आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अभियान में मौलवियों और छात्रों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार सख्त, चेयरमैन-सचिव का तबादला, टेंडर और री-वैल्यूएशन पोर्टल की जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम विवाद पर सख्त कदम उठाते हुए बोर्ड के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। सरकार डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, टेंडर प्रक्रिया में धांधली और री-वैल्यूएशन पोर्टल की तकनीकी खामियों की आईआईटी विशेषज्ञों से ऑडिट करा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amidst-the-questions-raised-on-the-digital-evaluation-system-of/article-155793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cbse.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला करते हुए पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। मंत्रालय ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, टेंडर प्रक्रिया और री-वैल्यूएशन पोर्टल में सामने आई तकनीकी खामियों को गंभीरता से लिया है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार सरकार सीबीएसई की अब तक दी गई सफाई से संतुष्ट नहीं है। इसी कारण ओएसएम सिस्टम से जुड़ी खरीद प्रक्रिया और टेंडर शर्तों की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोप हैं कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के लिए निकाले गए टेंडर में पात्रता नियमों और तकनीकी शर्तों में बदलाव कर हैदराबाद की एक कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।</p>
<p>परीक्षा के बाद छात्रों ने उत्तरपुस्तिकाओं के धुंधले स्कैन, पन्ने गायब होने और री-वैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें की थीं। मंत्रालय ने अब आईआईटी विशेषज्ञों की मदद से पोर्टल और साइबर सुरक्षा ढांचे का ऑडिट शुरू कराया है। सीबीएसई को डिजिटल सिस्टम मजबूत करने और छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:39:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाबूलाल मरांडी की चेतावनी, बोले- कैग रिपोर्ट पर कारवाई की बजाय राज्य सरकार मुझे दे रही गिरफ्तार करने की गीदड़ भभकी, भ्रष्टाचार खिलाफ हर संघर्ष के लिए तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कैग (CAG) रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये की कमीशनखोरी और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह गिरफ्तारी की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/babulal-marandis-warning-said-instead-of-taking-action-on/article-155349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/babulai-marandi.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार को चुनौती दी है। मरांडी ने कहा कि कैग की रिपोर्ट में झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये के अनियमितताओं की जानकारी उजागर हुई है। मेडिकल उपकरणों, दवाओं आदि की खरीद और अस्पतालों के निर्माण में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का खेल हुआ है।</p>
<p>मरांडी ने कहा कि कैग रिपोर्ट पर कारवाई की बजाय राज्य सरकार द्वारा मुझे गिरफ्तार करने की गीदड़ भभकी दी जा रही है। राज्य सरकार कान खोलकर सुन ले कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह मैं गिरफ्तारी से डर कर भागने वाला नहीं हूं। मरांडी ने कहा कि भ्रष्टाचारी स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार को चुनौती देता हूं कि यदि हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार कर के दिखाएं। झारखंड की जनता के हित, राज्य के सम्मान और भ्रष्टाचार खिलाफ मैं हर संघर्ष के लिए तैयार हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:37:51 +0530</pubDate>
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                <title>अब स्कूलों की होगी सोशल ऑडिट, शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारी </title>
                                    <description><![CDATA[समग्र शिक्षा के अन्तर्गत संचालित गतिविधियों के विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की सोशल ऑडिट किए जाने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-there-will-be-social-audit-of-schools-education-department-start-preparation/article-88289"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान की सरकारी स्कूलों का अब स्कूल स्तर पर सोशल ऑडिट किया जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है और अधिकारियों को प्रशिक्षण के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी जा रही है। इसी के तहत समग्र शिक्षा के अन्तर्गत संचालित गतिविधियों के विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की सोशल ऑडिट किए जाने के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।</p>
<p>सोशल ऑडिट प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र के आयोजन की अध्यक्षता राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने की। चतुर्वेदी ने कहा कि स्कूलों को अपने स्तर पर सोशल ऑडिट की जानी चाहिए, जिससे कि स्कूलों में और अधिक बदलाव किया जा सके। यह बदलाव वर्तमान दौर को ध्यान में रखते हुए किया जाना जरूरी है। एनसीईआरटी  के माध्यम से राज्य स्तरीय ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 13:04:09 +0530</pubDate>
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