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                <title>Anil Ambani - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Anil Ambani RSS Feed</description>
                
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                <title>अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर ED का शिकंजा: 581.65 करोड़ रुपये की 31 संपत्तियां जब्त, तलाशी के बाद कार्रवाई का आदेश</title>
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                        <![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस होम फाइनेंस मामले में ₹581.65 करोड़ की 31 संपत्तियां कुर्क । फेमा और पीएमएलए के तहत हुई इस कार्रवाई से समूह की कुल जब्त संपत्ति ₹16,310 करोड़ । जांच में बैंकों से जुटाए गए ₹11,000 करोड़ के सार्वजनिक धन के गबन और फर्जी संस्थाओं में हेराफेरी का खुलासा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/eds-noose-on-anil-ambanis-reliance-group-31-properties-worth/article-146350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/anil-ambani-and-ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कहा कि उसने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से संबंधित मामलों में 581.65 करोड़ रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियां जब्त की है। ईडी ने कहा कि जब्त की गई संपत्तियां गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में स्थित जमीन हैं। यह कुर्की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड के मामले में छह मार्च, 2026 को की गई तलाशी कार्रवाई के बाद की गई है।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईडी ने इससे पहले आरसीएफएल/आरएचएफएल और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में 15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की थीं। नवीनतम कार्रवाई के साथ, रिलायंस अनिल अंबानी समूह से संबंधित कुल जब्त की गई संपत्तियां 16,310 करोड़ रुपये हो चुकी हैं। इसके अलावा, पीएमएलए और फेमा के तहत तलाशी अभियानों के दौरान, सावधि जमा, म्यूचुअल फंड और नकदी के रूप में 2.48 करोड़ रुपये की संपत्ति को संबंधित कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत फ्रीज या जब्त किया गया। ईडी ने फेमा की धारा 37ए के तहत रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों में जमा 77.86 करोड़ रुपये की राशि भी जब्त की।</p>
<p>ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और धारा 13(1)(डी) के तहत आरसीएफएल और आरएचएफएल के विरुद्ध दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। ये एफआईआर यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा दायर शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थीं।<br />ईडी की जांच से पता चला कि आरएचएफएल और आरसीएफएल ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सार्वजनिक धन जुटाया था, जिसमें से 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बाद में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में बदल गई।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, आरएचएफएल और आरसीएफएल द्वारा जुटाए गए धन को कथित रूप से रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों जैसे रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कैपिटल में स्थानांतरित किया गया था। ईडी ने आगे आरोप लगाया कि रिलायंस अनिल अंबानी समूह द्वारा नियंत्रित एवं प्रबंधित बड़ी संख्या में फर्जी या दिखावटी संस्थाओं के माध्यम से सार्वजनिक धन का गबन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थाओं की वित्तीय स्थिति नगण्य थी और इनका कोई वास्तविक व्यावसायिक संचालन नहीं था। जांच से समूह के प्रवर्तकों और प्रमुख व्यक्तियों की गलत मंशा का संकेत मिला।</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि उसने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के लिए विभिन्न संस्थाओं और समूह के सदस्यों के माध्यम से कथित रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली की भी पहचान कर ली है। 11 मार्च, 2026 के अंतरिम कुर्की आदेश के माध्यम से जब्त की गई संपत्तियां अपराध से प्राप्त आय के मूल्य को दर्शाती हैं। ईडी के एक अधिकारी ने कहा, "ईडी वित्तीय अपराधों के अपराधियों के पीछे सक्रियता से लगी हुई है और अपराध की आय को उनके सही हकदारों को वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।" मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:23:43 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>पीएनबी धोखाधड़ी मामला: सीबीआई ने अनिल अंबानी के खिलाफ दर्ज किया नया केस, संतोषकृष्ण अन्नावरपु की शिकायत पर हुई कार्रवाई</title>
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                        <![CDATA[सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ ₹1,085 करोड़ की धोखाधड़ी का नया केस दर्ज किया है। आरोप है कि 2013-2017 के बीच ऋण राशि का आपराधिक साजिश के तहत दुरुपयोग किया गया। जांच एजेंसी अब इस वित्तीय हेरफेर और फंड डायवर्जन की कड़ियों को खंगाल रही है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/pnb-fraud-case-cbi-registered-a-new-case-against-anil/article-145702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/anil-ambani.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के प्रमुख अनिल अंबानी के खिलाफ 1,085 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का एक नया मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीएनबी के मुख्य प्रबंधक संतोषकृष्ण अन्नावरपु की एक शिकायत के आधार पर की गई है।</p>
<p>यूनी(एजेंसी) के पास मौजूद इस प्राथमिकी की प्रति के अनुसार, इसमें आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2013 से 2017 के बीच अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के तत्कालीन अधिकारियों ने कथित तौर पर पीएनबी के साथ 1,085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने यह कर्ज वापस न करने की नीयत से प्राप्त किया। पीएनबी ने दावा किया कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त धन को जानबूझकर अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया। ऐसा करना धोखाधड़ी और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के समान है।</p>
<p>सीबीआई द्वारा दर्ज इस प्राथमिकी में रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। वह अब इस मामले में वित्तीय हेरफेर और धन के हस्तांतरण की कड़ियों की जांच करेगी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:30:30 +0530</pubDate>
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                <title>अनिल अंबानी मामले में यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर से ईडी ने की पूछताछ, 11 हजार करोड़ के मिसयूज का आरोप</title>
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                        <![CDATA[पीएमएलए मामले की जांच में सोमवार को यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर ईडी मुख्यालय पहुंचे। ईडी ने अनिल अंबानी समूह के साथ क्विड प्रो क्वो सौदे का आरोप लगाया है, जिससे बैंक को करीब 3,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/ed-interrogates-former-yes-bank-ceo-rana-kapoor-in-anil/article-136050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/anil-ambani-yes-bank-case.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मशहूर उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) मामले की चल रही जांच में सोमवार को यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर सोमवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय मुख्यालय में पेश हुए। ईडी का आरोप है कि कपूर और अंबानी के बीच एक क्विड प्रो क्वो समझौता हुआ था, जिससे यस बैंक को खासा वित्तीय नुकसान हुआ। ईडी के अनुसार जब राणा कपूर यस बैंक के प्रमुख थे, तब 31 मार्च 2017 तक रिलायंस अनिल अंबानी समूह में बैंक का जोखिम लगभग 6,000 करोड़ रूपये का था।  यह जोखिम 31 मार्च 2018 तक दोगुना होकर 13,000 करोड़ रूपये का हो गया। इसी अवधि के दौरान, बैंक ने समूह की कंपनियों  रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड में 5,000 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया।</p>
<p>इसके आगे ईडी का दावा है कि इन निवेशों का एक बड़ा हिस्सा बाद में गैर-निष्पादित निवेश में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप बैंक को लगभग 3,300 करोड़ रूपये का भारी नुकसान हुआ। जांच एजेंसी ने आगे आरोप लगाया है कि ये लेनदेन सामान्य बैंकिंग परिचालन का हिस्सा नहीं था बल्कि इसका इस्तेमाल क्विड प्रो क्वो के रूप में किया गया। ईडी के अनुसार यस बैंक के इन बड़े निवेशों के बदले में, इस समूह की संस्थाओं ने कथित तौर पर कपूर के परिवार के सदस्यों की कंपनियों को कर्ज बांट दिया।</p>
<p>ईडी ने यह भी कहा कि इन कथित समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए राणा कपूर और अनिल अंबानी ने निजी व्यापार बैठकें की, जिनमें अक्सर यस बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं होते थे। फिलहाल, ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि इन लेनदेन की प्रकृति और वित्तीय नुकसान की सीमा को पूरी तरह से स्थापित किया जा सके।</p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 18:01:04 +0530</pubDate>
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                <title>ईडी की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी समूह की कंपनियों की 1,120 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जब्त की</title>
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                        <![CDATA[ईडी ने अनिल अंबानी की रिलायंस समूह की 1,120 करोड़ रुपये की 18 संपत्तियां, एफडी और असूचीबद्ध निवेश जब्त किए। यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस, कमर्शियल फाइनेंस और यस बैंक फ्रॉड केस से जुड़ी है। इससे पहले भी 8,997 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं, जिससे कुल मूल्य 10,117 करोड़ रुपये पहुंचा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-action-by-ed-assets-worth-rs-1120-crore-of/article-134900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/anil-ambani-and-ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अंबानी की रिलायंस समूह की 18 संपत्तियों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक में जमा राशि और असूचीबद्ध निवेश में उनकी शेयरधारिता को जब्त किया है, जिनकी कीमत 1,120 करोड़ रुपये है। ईडी ने शुक्रवार को यह जानकार देते हुए बताया कि यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और यस बैंक फ्रॉड केस के सिलसिले में की गयी है। </p>
<p>ईडी अधिकारी ने बताया कि कुर्क की गयीं संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सात सम्पत्ति, रिलायंस पावर लिमिटेड की दो सम्पत्ति, रिलायंस वैल्यू सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की नौ सम्पत्ति, रिलायंस वैल्यू सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, फी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, आधार प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, गेम्स इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट और रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और फी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा असूचीबद्ध निवेश में किए गए निवेश भी शामिल हैं।</p>
<p>इससे पहले, ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरसीओएम), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े बैंक फ्रॉड मामलों में 8,997 करोड़ रुपये से ज्यादा की सम्पत्तियों को जब्त किया था। इससे ग्रुप की कुर्क की गयी संपत्तियों का कुल मूल्य 10,117 करोड़ रुपये हो गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ईडी ने अनिल अंबानी समूह की रिलायंस की अलग-अलग कंपनियों, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) और रिलायंस पावर लिमिटेड (आरएचएफएल) शामिल हैं, द्वारा सार्वजनिक तौर पर धन का धोखाधड़ी से दुरुपयोग का पता लगाया है। 2017-2019 के दौरान यस बैंक ने आरएचएफएल में 2,965 करोड़ रुपये और आरसीएफएल में 2,045 करोड़ रुपये निवेश किये थे। दिसंबर 2019 तक, ये गैर-निष्पादित हो गये। आरसीएफएल पर बकाया 1,353.50 करोड़ रुपये था।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि यस बैंक द्वारा अनिल अंबानी समूह की रिलायंस की कंपनियों में यह पैसा निवेश करने से पहले, यस बैंक को पहले के रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड से भारी फंड मिला था। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड कॉन्फ्लिक्ट-ऑफ-इंटरेस्ट नियमों के कारण समूह ग्रुप की फाइनेंस कंपनियों में सीधे राशि निवेश /हस्तांतरित नहीं कर सकता था। इसलिए, म्यूचुअल फंड योजनाओं में सार्वजनिक धन को उनके द्वारा अप्रत्यक्ष तरीके से डाला गया।  </p>
<p>उन्होंने कहा, ईडी ने आरसीओएम , अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1989 की अलग-अलग धाराओं के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर भी जांच शुरू की है। आरसीओएम और उसकी ग्रुप कंपनियों ने 2010-2012 की अवधि से घरेलू और विदेशी कंपनियों से ऋण लिए थे, जिसमें से कुल 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं।</p>
<p>ईडी के अधिकारी ने कहा कि जांच में पता चला है कि, एक कंपनी द्वारा एक बैंक से ली गयी ऋण का इस्तेमाल दूसरी कंपियों द्वारा दूसरे बैंकों से लिए गए कर्ज को चुकाने, संबंधित पार्टियों को परिवर्तित करने और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए किया गया था, जो ऋण की मंजूरी के लिए जारी पत्र लेटर के नियमों और शर्तों के खिलाफ था।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 19:11:10 +0530</pubDate>
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                <title>धन शोधन मामले में ईडी की कार्रवाई : अनिल अंबानी के घर और 3 हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क, नियमों को दरकिनार कर किया धन का लेनदेन </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले में अनिल अंबानी समूह की 40 से ज्यादा संपत्तियों को कुर्क किया, जिनमें मुंबई का पाली हिल आवास भी शामिल है। जब्त संपत्तियों का मूल्य 3,084 करोड़ रुपए से अधिक है। मामला रिलायंस होम और कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड की कथित हेराफेरी और कर्ज धोखाधड़ी से जुड़ा है, ईडी जांच जारी रखे हुए है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/eds-action-in-money-laundering-case-anil-ambanis-house-and/article-131321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(16).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन से जुड़े एक मामले में रिलायंस अनिल अंबानी समूह की 40 से ज्यादा संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इसमें इस उद्योगपति का मुंबई के पाली हिल इलाके में बना आवास भी शामिल है तथा जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 3,000 करोड़ रुपए से अधिक है। ईडी ने यह जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि इसके अलावा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, चेन्नई, कांचीपुरम और पूर्वी गोदावरी स्थित संपत्तियों को कुर्क किया गया है। जब्त की गई इन संपत्तियों में कार्यालय स्थल, आवासीय इकाइयाँ और भूमि शामिल हैं। इनका कुल मूल्य लगभग 3,084 करोड़ रुपए आंका गया है।</p>
<p>यह मामला समूह की दो कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के आम लोगों से जुटाए धन की कथित हेराफेरी और शोधन से जुड़ा है। ईडी की जांच में पाया गया कि 2017 और 2019 के बीच, यस बैंक ने इन कंपनियों में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। ये निवेश बाद में गैर-निष्पादित हो गए, जिससे 3,300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया रह गया।</p>
<p>ईडी ने अपनी जांच में पाया कि नियमों को दरकिनार कर धन का लेनदेन किया गया। पूर्ववर्ती रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड में निवेश किए गए पैसे को यस बैंक के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अनिल अंबानी समूह की कंपनियों में लगाया गया। ऐसा करने में  भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों की अनदेखी की गयी। ईडी को अपनी जांच में कर्ज देने की प्रक्रिया में Þलगातार और जानबूझकर की गई विफलताओं का पता चला। एजेंसी ने कहा कि समूह से जुड़ी संस्थाओं  मिले कर्ज की आवश्यक जांच नहीं हुयी और इस काम को तेजी से पूरा किया गया।</p>
<p>ईडी ने कहा कि कई ऋणों की प्रक्रिया आवेदन, स्वीकृति और समझौते के दिन ही पूरी हो गई, और कुछ मामलों में, वितरण का काम, स्वीकृति से पहले ही हो गया। ईडी ने आगे कहा कि इस सारे काम की जांच नहीं हुई और कई दस्तावेजखाली, ओवरराइट और बिना तारीख वाले पाए गए। इसी सिलसिले में ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) ऋण धोखाधड़ी मामले में भी अपनी जांच तेज कर दी है। ईडी ने इसमें 13,600 करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी का पता लगाया है। ईडी ने कहा कि वह अपराध की आय का पता लगाना जारी रखे हुए है और इस तरह की कुर्की से होने वाली वसूली से अंतत: आम जनता को लाभ होगा।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 15:08:10 +0530</pubDate>
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                <title>अनिल अंबानी के ठिकानों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, यस बैंक घोटाले में 3000 करोड़ की धोखाधड़ी की जांच</title>
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                        <![CDATA[देश के चर्चित उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/eds-major-action-on-anil-ambanis-locations/article-121489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(13)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के चर्चित उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को मुंबई और दिल्ली में उनके ग्रुप से संबंधित करीब 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई यस बैंक से 2017 से 2019 के बीच लिए गए लगभग 3000 करोड़ के संदिग्ध कर्जों की जांच के तहत की गई है।</p>
<p>ईडी की जांच का केंद्रबिंदु यह है कि कैसे रिलायंस समूह की कंपनियों को दिए गए लोन को कथित रूप से दूसरी संस्थाओं में डायवर्ट किया गया। जांचकर्ताओं का दावा है कि लोन मिलने से पहले कुछ रकम यस बैंक से जुड़ी संस्थाओं को ट्रांसफर की गई, जिससे अवैध लेन-देन का संदेह और गहराता जा रहा है।</p>]]>
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 13:19:01 +0530</pubDate>
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                <title>SEBI ने अनिल अंबानी पर लगाया शेयर बाजार से 5 साल का बैन, 25 करोड़ रुपए का जुर्माना</title>
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                        <![CDATA[सेबी की ओर से जारी 222 पेज के फाइनल ऑर्डर के मुताबिक, जांच में पता चला कि आरएचएफएल के अधिकारियों की सहायता से अनिल अंबानी ने पैसों की हेराफेरी की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sebi-banned-anil-ambani-from-the-stock-market-for-five/article-88456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। शेयर बाजार में नियामक सेबी ने फंड की हेराफेरी के मामले में इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी को शेयर बाजार से 5 साल के लिए बैन कर दिया है। अंबानी पर 25 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। उनके किसी भी लिस्टेड कंपनी में निदेशक रहने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। सेबी ने रिलायंस होम फाइनेंस के पूर्व प्रमुख अधिकारियों समेत 24 अन्य एंटीटीज को भी शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इन पर अलग-अलग जुर्माना लगाया गया है। वहीं रिलायंस होम फाइनेंस कंपनी को 6 महीने के लिए बैन किया है और 6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सेबी की ओर से जारी 222 पेज के फाइनल ऑर्डर के मुताबिक, जांच में पता चला कि आरएचएफएल के अधिकारियों की सहायता से अनिल अंबानी ने पैसों की हेराफेरी की। उन्होंने फंड का खुद इस्तेमाल किया, लेकिन दिखाया की ये फंड लोन के तौर पर दिया गया है।</p>
<p><strong>रिलायंस इंफ्रा का शेयर करीब 11% लुढ़का </strong><br />सेबी के प्रतिबंध के बाद अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस पावर में गिरावट है। रिलायंस इंफ्रा सबसे ज्यादा करीब 14%, रिलायंस होम फाइनेंस 5.12% और रिलायंस पावर 5.01% गिर गया है।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 10:44:48 +0530</pubDate>
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