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                <title>Jodhpur Rajasthan High Court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Jodhpur Rajasthan High Court RSS Feed</description>
                
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                <title>उदयपुर की झीलों पर हाईकोर्ट सख्त, अतिक्रमण और प्रदूषण पर सरकार से मांगी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की ऐतिहासिक झीलों, तालाबों व जल निकायों के संरक्षण पर गंभीरता दिखा स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका दर्ज। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश रेखा बोराणा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने कहा, उदयपुर की पहचान केवल एक पर्यटन शहर के रूप में नहीं, बल्कि उसकी झीलों, जलमार्गों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/high-court-seeks-report-from-government-on-strict-encroachment-and/article-156394"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की ऐतिहासिक झीलों, तालाबों व जल निकायों के संरक्षण पर गंभीरता दिखा स्वत: संज्ञान से जनहित याचिका दर्ज की है। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश रेखा बोराणा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने कहा, उदयपुर की पहचान केवल एक पर्यटन शहर के रूप में नहीं, बल्कि उसकी झीलों, जलमार्गों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी हुई है। यदि इन जल स्रोतों को संरक्षित नहीं किया तो पर्यावरणीय संतुलन, भूजल पुनर्भरण और भविष्य की जल सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। कोर्ट की ओर से पारित आदेश में कहा कि समाचारों में रूपसागर तालाब की सीमाओं के निर्धारण में वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता, मदार नहर की मरम्मत में कथित लापरवाही तथा फतहसागर झील के किनारे प्रस्तावित नाइट फूड हब जैसी गतिविधियों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को प्रमुखता से उठाया गया था।</p>
<p>हाईकोर्ट ने माना, कि ये मामले किसी एक स्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उदयपुर की संपूर्ण झील प्रणाली, जल निकायों, कैचमेंट क्षेत्रों और जल प्रबंधन ढांचे से जुड़े व्यापक पर्यावरणीय प्रश्नों को उजागर करते हैं। अदालत ने कहा कि अतिक्रमण, अनियंत्रित विकास, प्रदूषण, सीवरेज का प्रवाह, प्राकृतिक जल निकासी मार्गों में हस्तक्षेप और अपर्याप्त रख रखाव देशभर के जल निकायों के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। कोर्ट ने विशेष रूप से पिछोला, फतहसागर, स्वरूपसागर, रंगसागर, रूपसागर, दूधतलाई, गोवर्धनसागर, बड़ी झील, उदयसागर, मदार झील, बड़ा मदार, छोटा मदार और कुम्हारिया तालाब सहित अन्य जुड़े हुए जल स्रोतों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही इनके कैचमेंट क्षेत्र , जल गुणवत्ता, जैव विविधता, अतिक्रमण, प्रदूषण और संरक्षण उपायों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, स्थानीय स्वशासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जिला प्रशासन, उदयपुर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों को पक्षकार बना कोर्ट ने शपथपत्र और स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>देश की आकांक्षाएं बड़ी हैं, अब नए कल्चर को डवलप करने की जरूरत : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट के अस्तित्व से हमारे राष्ट्र की एकता का इतिहास जुड़ा है, आपातकाल के दौरान अधिकारों हनन हो रहा था, तब कानून का सम्मान रखा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/the-countrys-aspirations-are-big-now-there-is-a-need/article-88638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजस्थान हाइकोर्ट के 75 वर्ष ऐसे समय में हुए हैं, जब हमारा संविधान भी अपने 75 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इसलिए ये अनेक महान लोगों की न्याय-निष्ठा और योगदानों को सेलिब्रेट करने का उत्सव भी है।</p>
<p>मोदी जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज देश के सपने भी बड़े हैं, देशवासियों की आकांक्षाएं भी बड़ी हैं इसलिए जरूरी है कि हम नए भारत के हिसाब से नए कल्चर को डवलप करें और अपनी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाएं। ये जस्टिस फॉर ऑल के लिए भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के अस्तित्व से हमारे राष्ट्र की एकता का इतिहास जुड़ा है। आप सब जानते हैं, सरदार पटेल ने जब 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर देश को एक सूत्र में पिरोया था, तो उसमें राजस्थान की भी कई रियासतें थीं।  इससे पहले जोधपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा ने पीएम मोदी का स्वागत किया। </p>
<p><strong>ज्यूडिशियल फांडेशन स्टोन को और मजबूत करने की जरूरत  </strong><br />पीएम मोदी ने कहा कि जयपुर, उदयपुर और कोटा जैसी कई रियासतों के अपने हाइकोर्ट भी थे। इनके इंटिग्रेशन से राजस्थान हाइकोर्ट अस्तित्व में आया, यानी राष्ट्रीय एकता ये हमारे ज्यूडिशियल सिस्टम का भी फाउंडेशन स्टोन है। ये फाउंडेशन स्टोन जितना मजबूत होगा, हमारा देश और देश की व्यवस्थाएं भी उतनी ही मजबूत होंगी। हमने पूरी तरह से अप्रासंगिक हो चुके सैकड़ों कानूनों को रद्द किया है। आजादी के इतने दशक बाद गुलामी की मानसिकता से उबरते हुए देश ने इंडियन पीनल कोड की जगह भारतीय न्याय संहिता को अपनाया किया है।</p>
<p><strong>इन उपलब्धियों का भी किया जिक्र</strong></p>
<ul>
<li>आज देश में 18000 से ज्यादा कोर्ट कंप्यूटराइज्ड हो चुके हैं।</li>
<li>नेशनल डाटा ग्रिड से 26 करोड़ से ज्यादा मुकदमा की जानकारी एक सैटेलाइट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जुड़ चुकी है।</li>
<li>आज पूरे देश की 3000 से ज्यादा कोर्ट परिसर 1200 से ज्यादा जिले वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ गई है।</li>
</ul>
<p><strong>पीएम के प्रयासों से अब मिलने लगा है त्वरित न्याय : सीएम</strong><br />मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्बोधित करते कहा कि इंद्रदेव भी अच्छे कार्य के लिए सहयोग कर रहे है। आज हम सबके लिए हर्ष और आनंद का समय है राजस्थान हाईकोर्ट का स्वर्णिम इतिहास रहा है। आपातकाल के दौरान देश में 09 हाईकोर्ट में राजस्थान भी शामिल था जो नागरिकों की रक्षा के लिए खड़ा रहा और उनके हक में फैसला दिया गया। राजस्थान हाई कोर्ट ने त्वरित कानून के साथ लोगों को न्याय दिया है देश के प्रधानमंत्री ने त्वरित न्याय के लिए नए कानून बनाए हैं। आधुनिकरण  डजिटलीकरण व सरलीकरण पर जोर दिया है। कई बार अधिकारी को भी कानून की जानकारी नहीं होती। हमने ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया है जिसमें अधिकारियों को भी कानून संबंधी जानकारी दी जा सकती है। राजस्थान ऐसा पहला राज्य है जहां 5 लाख कार्मिक उससे जुड़े हुए हैं। हमने भी  नवाचार करने का प्रयास किया है, हमने नामांतरण को ऑनलाइन और पेपरलेस किया है। अधिवक्ताओं के लिए बजट में बड़ी घोषणाएं की हैं।</p>
<p>कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, सीएम भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी उपस्थित थे। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड तबीयत खराब होने के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 10:44:33 +0530</pubDate>
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