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                <title>journalism - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पत्रकारिता का लक्ष्य पैसा कमाना नही, देश सेवा होनी चाहिए : मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुशीला करनाणी ने कहा कि पत्रकारिता का लक्ष्य पैसा कमाना नही, बल्कि राष्ट्रीय सेवा करना है । पत्रकारिता एक धर्म है और दूसरी अपनी एक संस्कृति भी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/the-goal-of-journalism-should-not-be-to-earn-money/article-98036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>टोंक। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुशीला करनाणी ने कहा कि पत्रकारिता का लक्ष्य पैसा कमाना नही, बल्कि राष्ट्रीय सेवा करना है । पत्रकारिता एक धर्म है और दूसरी अपनी एक संस्कृति भी है। सुशीला करनाणी बुधवार को घण्टाघर स्थित दैनिक नवज्योति ब्यूरों कार्यालय पर दैनिक नवज्योति के संस्थापक स्व. कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी के 118वीं जयन्ति पर सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में अपनी अहम भुमिका निभाने वाले समाचार-पत्र दैनिक नवज्योति के सम्बद्ध कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी से उनकी 1990 में जब मैं उस समय मिल पाई जब वह वनस्थली विद्यापीठ के एक कार्यक्रम में जाने से पूर्व मेरे भाई एवं रिपोर्टर राजकुमार करनाणी के साथ मिलने का अवसर मिला। एवं पुत्री एवं पोत्री की भांति कप्तान साहब ने पढ़ाई की जानकारी लेते हुए उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही नवज्योति समाचार पत्र से जुडी रही। तथा आज गलाकाट प्रतिस्पर्धा में भी नवज्योति ने अपनी पहचान बनाए रखी है। पण्डित जगदम्बा प्रसाद शर्मा ने कहा कि कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी का जीवन सदैव आजाद भारत के लिए संघर्ष करने के साथ-साथ पत्रकारिता के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरूतियों को दूर करने के लिए प्रयासरत रही।</p>
<p>भाजपा के जिला उपाध्याय रमेश गढ़वाल ने कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी के आजादी की लड़ाई में समाचार पत्र के माध्यम से किए गए संघर्ष को याद करते हुए श्रृद्धांजलि दी। कांग्रेस के महासचिव रसीद नद्दाफी ने कप्तान साहब का टोंक से लगाव पर अपने बुजुर्गो से सुने किस्सों को याद करते हुए कहा कि ऐसी बहुत शख्सियत बहुत बिरले ही होती है। पत्रकार समीर ने कप्तान साहब के संघर्ष एवं पत्रकार वजहात भाई ने कप्तान साहब की सहनता-सरलता को नई पीढ़ी के लिए मार्ग दर्शन बताया। टोंक जिले के वरिष्ठ पत्रकार लियाकत अली, विनोद शर्मा, पत्रकार नीरज राजोरिया, श्रमिक नेता रवि उपाध्याय, रोटरी क्लब के रोहित कुमावत ने भी कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम आयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राजकुमार करनाणी ने सभी का आभार प्रकट करते हुए अपने जीवन के 40 वर्षो से नवज्योति से जुड़ाव के दौरान कप्तान साहब से मिले मार्गदर्शन पर विस्तृत चर्चा की। इससे पूर्व दिनभर घण्टाघर पर स्थित नवज्योति के ब्यूरों कार्यालय पर कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी की जयन्ति के अवसर पर रखी तस्वीर पर कोहना प्रिसिंपल कृष्णा चौधरी, कमलेश चावडा, विशाल सैनी, शाहिद खान, राष्ट्रीय कवि प्रदीप पव्वार सहित अन्य लोगो ने पुष्पाजंलि की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Dec 2024 18:53:49 +0530</pubDate>
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                <title>आज पत्रकारिता जोखिम और चुनौती भरा काम: त्रिभुवन</title>
                                    <description><![CDATA[ आजादी के आंदोलन में पत्रकारों ने अपना बहुत कुछ खोकर भी दायित्व निभाया। आज भी इसकी उतनी ही आवश्यकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/journalism-today-is-a-risky-and-challenging-job-tribhuvan/article-93092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(8)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  वरिष्ठ पत्रकार और कवि त्रिभुवन ने कहा कि पत्रकारिता चुनौती भरा और जोखिम भरा काम है। वे यहां गत दिवस वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार और प्रगतिशील लेखक संघ राजस्थान के महासचिव रहे ईश मधु तलवार के जन्म दिवस पर पिंकसिटी प्रेस क्लब जयपुर में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में पत्रकारों ने अपना बहुत कुछ खोकर भी दायित्व निभाया। आज भी इसकी उतनी ही आवश्यकता है। पत्रकारिता हमें दायित्व बोध के साथ एक शक्ति देता है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ व्यंग्यकार और राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष फारूक आफ रीदी ने कहा कि देश इस समय एक संक्रमण काल से गुजर रहा है। इसमें मीडिया की विश्वसनीयता को बचाने की जरूरत है।</p>
<p>वरिष्ठ कवि प्रेमचन्द गांधी और स्वर्गीय तलवार के सुपुत्र डॉ. अनीश तलवार ने कहा बताया कि ईशमधु स्मृति शाकुंतलम सम्मान प्रारंभ किया जाएगा। पत्रकार सुनीता चतुर्वेदी ने संचालन किया। सवाई सिंह, पत्रकार रोशनलाल शर्मा, ऋषिकेश राजोरिया ने भी विचार व्यक्त किए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 12:09:03 +0530</pubDate>
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                <title>दीक्षांत का अर्थ है नए जीवन में प्रवेश : कलराज</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल ने कहा कि समाचार, न्यूज़, निबंध, विश्लेषण में ध्यान रखें कि समाज का अहित ना हो। नकारात्मकता से दूर रहकर स्वस्थ पत्रकारिता करें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/convocation-means-entry-into-new--says--kalraj/article-83151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/hju2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और नवनिर्मित भवन के ऑनलाइन उद्घाटन पर बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत का अर्थ है नए जीवन में प्रवेश। इस विश्वविद्यालय से विद्यार्थी अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के विकास और देश की उन्नति में करें। इन विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल है। यहां गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले और अन्य उपाधियों प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समझे पत्रकारिता से समाज को उज्जवल राह दिखा सकते है। प्रामाणिकता और ईमानदारी उसमें रहनी चाहिए। समाचार, न्यूज़, निबंध, विश्लेषण में ध्यान रखें कि समाज का अहित ना हो। नकारात्मकता से दूर रहकर स्वस्थ पत्रकारिता करें। इस बात का ध्यान रखें। छात्र मन में कुंठा ना लाकर अपनी प्रतिभा का समुचित प्रयोग करे, ताकि दुनिया हमारे आचरण और व्यवहार से भारत को विश्व गुरु के रूप में मानने को बाध्य हो।</p>
<p>राज्यपाल ने कहा मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में स्थान दिया गया। यह विश्वविद्यालय हरिदेव जोशी जी के नाम पर है, जिन्होंने ज्ञान के आधार पर अपना जीवन शुरू किया था। राज्यपाल ने इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों को पदक और उपाधियां देकर सम्मानित किया। प्रो. सुधि राजीव ने इस अवसर वार्षिक प्रतिवेदन पढ़ा। उन्होंने बताया कि अब मीडिया 24×7 हो गया है। इसलिए सूचनाओं का तेजी से प्रसारण हो रहा है। विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम और योजनाओं को भारत सरकार के मानदंडो के अनुसार तैयार किया है। यूरोप के विश्वविद्यालयों के साथ टाई-अप करके इसका लाभ पत्रकारिता के विद्यार्थियों को दिलवाया जाएगा।</p>
<p>प्रो. सुधि ने बताया कि दहमीकलां में 50 बीघा भूमि में पत्रकारिता यूनिवर्सिटी का नवीन भवन तैयार किया गया है। इस भवन को बनाने में राज्य सरकार से 109 करोड़ वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इस नए नवनिर्मित भवन का राज्यपाल कलराज मिश्र ने लोकार्पण किया है। स्मार्ट क्लास, स्टूडियो, लाईब्रेरी सहित अनेक सुविधाओं को शुरू कर दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 18:39:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>समावेशी पत्रकारिता के प्रतीक कप्तान साहब</title>
                                    <description><![CDATA[कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी अपने लेखन में हमेशा निष्पक्ष, सच्चे और एक ईमानदार लोकतांत्रिक परंपरा के लेखक थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/captain-saheb-symbol-of-inclusive-journalism/article-83107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/durga-prasad-chaudhary1.png" alt=""></a><br /><p>कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी जंगे आजादी के सिपाही थे। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से आजादी के संदेश को आमजन तक पहुंचाने के साथ राष्ट्र के निर्माण में भी विशेष योगदान दिया। कप्तान साहब ने प्रदेश की हिन्दी पत्रकारिता के गौरव को बढ़ाने के लिये जीवनपर्यन्त सेवाएं दीं, जो सदैव अविस्मरणीय रहेंगी। वे इतिहास पुरुष थे जिनकी सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा। उनके द्वारा स्थापित परंपराओं का निर्वहन नवज्योति परिवार आज भी कर रहा है।</p>
<p>कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी अपने लेखन में हमेशा निष्पक्ष, सच्चे और एक ईमानदार लोकतांत्रिक परंपरा के लेखक थे। कप्तान साहब ने 1982 में स्थापित किसान संघ, अजमेर के संरक्षक के रूप में किसानों के उत्थान के लिए भी सराहनीय कार्य किया। सामाजिक कुरीतियों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए अजमेर जिले के 700 गांवों में किसान सभा का आयोजन किया। उनका दृढ़ विश्वास था कि अगर इस देश में भूख, गरीबी, अस्पृश्यता और अन्य सामाजिक बुराइयां बनी रहीं तो एक स्वतंत्र भारत अर्थहीन होगा। उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में प्रगतिशील और आधुनिक भारत के अपने दृष्टिकोण और आदर्श के लिए अथक प्रयास किया। कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी साहब देशभक्ति के दीवाने थे।  कप्तान साहब का जन्म 18 दिसंबर 1906 को नीम का थाना जिला सीकर के जाने- माने अग्रवाल परिवार में हुआ था। चौधरी साहब स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और समाजसेवी थे। उनके बड़े भाई प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे। कप्तान साहब 1925 से 1947 तक स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल रहे और 1930 से 1945 तक वे सेवादल के कप्तान रहे,इसलिए बाद में दुर्गाप्रसाद चौधरी साहब को कप्तान के रूप में जाना गया।</p>
<p>दैनिक नवज्योति भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए शुरू की गई थी और बाद में इस अखबार ने स्वतंत्रता आंदोलन की मशाल के रूप में काम किया। कप्तान साहब तीन वर्ष तक जेल में रहे। कप्तान साहब देशभक्ति दीवाने थे और भारत- चीन युद्ध के दौरान वे समाचार कवरेज करने के लिए असम में मैकमोहन रेखा पर गए थे। </p>
<p><strong>जन जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका </strong><br />कप्तान साहब ने लोगों में स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई में लड़ने के लिए जन जागरूकता बढ़ाने और जगाने में मीडिया ने अहम भूमिका निभाई। पत्रकारों, समाज सुधारकों और स्वतंत्रता सेनानियों ने मीडिया और लिखित शब्द की ताकत को पहचाना और उन्होंने इसे स्वतंत्रता, राष्ट्रवाद और देशभक्ति के सार के बारे में प्रचार करने के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया। उन अखबारों में नवज्योति प्रमुख समाचार पत्रों में से एक था जिन्होंने मिशनरी पत्रकारिता के माध्यम से कप्तान साहब के नेतृत्व में राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  कप्तान साहब आज के मीडिया की दुर्दशा के बारे में चिंतित थे। वह कहते थे कि पत्रकारों के रूप में, हमें एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मिशन के लिए, लोगों को सूचित करने और राष्ट्रीय विकास और रचनात्मक संवाद के लिए आपसी समझ का मार्गदर्शन करने की शक्ति सौंपी गई है। </p>
<p>दुर्गाप्रसाद चौधरी जीवंत लोकतंत्र के सच्चे, समर्पित और ईमानदार पत्रकार थे।  यह सच में कहा गया है कि पत्रकारिता कभी खामोश नहीं हो सकती। यही इसका सबसे बड़ा गुण और सबसे बड़ा दोष है। कप्तान साहब पत्रकारिता की इस कहावत के सही मायने में सच्चे प्रतिनिधि थे। इस मुखरता के कारण वह कभी चुप नहीं बैठे। इस कारण कप्तान साहब न तो सरकारों से कभी कोई लाभ लिया और न ही कोई अपेक्षा की। कप्तान  साहब भारत के पहले प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के निर्माता स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू जैसे सिद्धांतों में विश्वास रखते थे- कि पत्रकारिता ही लोकतंत्र को कायम रखती है और सच्चे मीडिया के माध्यम से जनतंत्र को मजबूती से जीवंत रूप में बनाए रखा जा सकता है।</p>
<p><strong>गांधी के सान्निध्य में भी रहे कप्तान साहब</strong><br />नवज्योति केवल अखबार नहीं है अपितु राजस्थान के इतिहास का ऐसा रोजनामचा है जिसके माध्यम से राजपूताना में हुए आजादी के संघर्ष और राजस्थान के गठन से लेकर अब तक के सारे घटनाक्रमों को पढ़ा देखा व समझा जा सकता है। गांधीवादी विचारों से ओतप्रोत कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी को महात्मा गांधी के सान्निध्य में भी रहने का अवसर मिला। उन्होंने आजादी के लिये अजमेर व आसपास के क्षेत्र में लगातार सत्याग्रह किया। डूंगरपुर,  बांसवाड़ा, अजमेर, भीलवाड़ा जैसे क्षेत्रों में माणिक्य लाल वर्मा के साथ  रहकर  किसानों, समाज के कमजोर वर्ग और आदिवासियों को संगठित किया,  उनके कल्याण के साथ उनमें जनचेतना का संचार किया। कप्तान साहब ने कई बार जेल यातनाएं भी सहीं। उन्होंने वर्ष 1936 में अजमेर से नवज्योति को साप्ताहिक रूप में प्रकाशित किया,जो वर्ष 1948 में दैनिक के रूप में प्रकाशित होने लगा। आर्थिक संकटों और सरकारी दबावों के बावजूद वे निर्भीकता से इस समाचार पत्र को प्रकाशित करते रहे। </p>
<p><strong>-डा. कमलेश मीना</strong><br /><strong>सहायक क्षेत्रीय निदेशक इग्नू,पटना<br /></strong><strong>(ये लेखक के अपने विचार है)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 11:32:45 +0530</pubDate>
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                <title>हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के भवन का शिलान्यास कार्यक्रम : केंद्र के दबाव में मीडिया, देश में हिंसा, तनाव व अशांति का माहौल: मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक  गहलोत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मीडिया केंद्र के दबाव में काम कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B5-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE---%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE--%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%B5-%E0%A4%85%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%8C%E0%A4%B2--%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-4274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/gehlot.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक  गहलोत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मीडिया केंद्र के दबाव में काम कर रहा है। मीडिया के मालिको के भी ईडी, सीबीआई के छापे पड़ सकते है। देश में हिंसा, तनाव व अशांति का माहौल है, जो देश के लिए चिंता की बात है। कोई नहीं जानता कि देश किस दिशा में जाएगा। लोकतंत्र की मूल भावना के अनुसार चलना होगा। हम चाहते है कि किस तरह माहौल ठीक हो, इसमें पत्रकारिता की भूमिका भी विशेष होती है। सरकार किसी भी पार्टी की हो, उसे आईना दिखाते रहे। <br /> <br /> गहलोत गुरुवार को हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के भवन का शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस विवि का प्रबंधन बेहतरीन होना चाहिए। पता नहीं किन मूर्ख लोगों ने वसुंधरा राजे से विवि बंद करा दिया। राजस्थान विवि में मर्ज करा दिया, जहां फैकल्टी ही नहीं है, जब मैं पहली बार सीएम बना था तब प्रदेश में 6 विवि थे। आज राजस्थान में 22 विश्वविद्यालय है। हमने ओम थानवी को वीसी बनाया। मैंने ही इनको यहां आने के लिए अपील की थी। थानवी ने रूचि लेकर खासा कोठी में ही सही, लेकिन विवि शुरू कर दिया।  उन्होंने कहा कि विवि की स्थापना मेरा बहुत पुराना सपना था।</p>
<p><br /> पिछले शासन में हमने दो विवि शुरू किए थे। सरकार बदलने पर दोनों विवि को बंद कर दिया गया था। हालांकि देश में कभी ऐसा होता नहीं है, लेकिन देश में पहला उदाहरण था जब दो विवि को बंद कर दिया गया। मुझे खुशी है कि जब हमारी सरकार फिर बनी, तो शुरू कर दिया। कोरोना के चलते जिस तरह शिलान्यास होना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ मैं चाहता था कि शिलान्यास कार्यक्रम में सभी पत्रकार व साहित्यकार आए। भविष्य में कोई कार्यक्रम करके सभी को बुलाएंगे। जयनारायण व्यास व हरिदेव जोशी भी पत्रकार थे, मैं चाहता हुन कि अब प्रदेश से बड़े पत्रकार देश में हो। अब मीडिया हाईटेक हो गया है, राजस्थान के छात्रों को भी अवसर मिलना चाहिए। पत्रकारिता विवि के लिए कोई कमी नहीं होगी। हाईटेक का जमाना है। हमें वैसी ही तैयारी करनी पड़ेगी। दहमीकलां में यह पत्रकारिता विवि बनेगा। अभी विवि में 200 छात्र है, मैं चाहूंगा कि यह संख्या 2000 हो। साधनों की किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि इसका काम समयबद्ध पूरा करें। 18 महीने की बजाय 15 महीने में काम पूरा करें। सीएम ने मंत्री भजनलाल जाटव से कहा तब ही पता लगेगा कि आपका अनुभव हैअब चौथे स्तंभ की रक्षा करने का समय आ गया है। अभी देश का चौथा स्तंभ संकट में आ गया है। रवीश कुमार व आशुतोष टाइप के कम लोग हैं।<br /> <br /> <strong>पिछली सरकार को पारदर्शिता का रास नहीं आया फैसला</strong><br /> उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र यादव ने कहा कि जब सरकारें सूचनाएं सार्वजनिक करने से डरती है, उस वक्त में हमारी सरकार ने पत्रकारिता विवि स्थापित किया है। पिछली सरकार को पारदर्शिता के लिए उठाया गया कदम रास नहीं आया। हमारे उठाए कदम को पिछली सरकार ने रोक दिया था, लेकिन 2018 में जनता ने फिर से हमें आशीर्वाद दिया। सीएम गहलोत ने इस विवि को फिर से शुरू कर दिया। पीडब्ल्यूडी मंत्री भजन लाल जाटव ने कहा कि  सीएम गहलोत ने शिक्षा के विकास के लिए कई काम किए।</p>
<p><br /> <strong>आज गरीब का बच्चा भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ सकता है</strong><br /> देश में चौथे स्तंभ को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन गहलोत ने चौथे स्तंभ को ताकत दी है। कार्यक्रम में कुलपति ओम थानवी, मुख्य सचिव ऊषा शर्मा,  अखिल अरोरा, भवानी देथा, राजेश यादव व गौरव बजाड़ भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Feb 2022 14:29:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>दीनबंधु चौधरी को पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट रत्न पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[डी. आर. मेहता, पंडित विश्वमोहन भट्ट,श्याम सुन्दर पालीवाल, गुलाबो सपेरा, शाकिर अली और तिलक गिताई को भी वर्ष 2021 के लिए "क्रेडेंट रत्न" पुरस्कार दिया गया  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%81-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7-2021-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-4212"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/whatsapp-image-2022-01-28-at-14.16.07.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऑनलाइन आयोजित हुए 5 दिवसीय शिक्षा के महाकुम्भ "जयपुर एजुकेशन समिट" में वर्ष 2021 के लिए क्रेडेंट पुरस्कारों की घोषणा की गयी।  मनस्विता समूह द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा, कृषि, संगीत, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र दिए गए विशिष्ठ योगदान के लिए देश और विदेश में रहने वाले भारतीयों को यह पुरस्कार प्रदान किये गए। इस अवसर पर जयपुर एजुकेशन समिट के फाउंडर डायरेक्टर सुनील नारनोलिया ने बताया कि पद्मभूषण डी. आर. मेहता को समाज सेवा के क्षेत्र में, पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट को संगीत को संगीत के क्षेत्र में, दैनिक नवज्योति के संपादक दीनबंधु चौधरी को पत्रकारिता के क्षेत्र में, पद्मश्री श्याम सुन्दर पालीवाल को पिपलांत्री मॉडल के लिए पर्यावरण के क्षेत्र में, पद्मश्री गुलाबो सपेरा को लोकनृत्य के क्षेत्र में, पद्मश्री शाकिर अली और पद्म श्री तिलक गिताई को चित्रकला के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान में लिए वर्ष 2021 के लिए "क्रेडेंट रत्न" पुरस्कार दिया गया है। <br /><br />प्रख्यात साहित्यकार ममता कालिया, चित्रा मुद्गल, लंदन निवासी तेजेन्द्र शर्मा और राजस्थान दूरदर्शन के पूर्व निदेशक, वरिष्ठ साहित्यकार नन्द भारद्वाज को साहित्य के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। प्रख्यात आलोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल को साहित्य आलोचना, टीवी एक्टर शैलेश लोढ़ा को साहित्यिक गतिविधियों, व्यंगकार फारूक आफरीदी को व्यंग्य और गगनांचल के संपादक डॉ आशीष कंधवे को कविता और संपादन के के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। <br /><br />कृषि थिंक टैंक महाराणा प्रताप कृषि और तकनिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर  के कुलपति डॉ नरेंद्र सिंह राठौड़, प्रख्यात गाँधीवादी विचारक और वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के पूर्व कुलपति प्रो. नरेश दाधीच, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार बिसेन, जन संचार केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व हेड प्रो. संजीव भानावत, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) विष्णु शर्मा और मोटिवेशनल स्पीकर और 4 PSU's के  MD रहे पी. एम. भारद्वाज को शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। डॉ अखिल शुक्ला और नार्वे निवासी शरद शुक्ल "आलोक" को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। <br /><br />कृषि के क्षेत्र में पद्मश्री जगदीश प्रसाद पारीक को सब्जी नवाचार,  धर्मवीर कम्बोज को कृषि यंत्र खोज, ईश्वर सिंह कुंडू को जैविक कृषि नवाचार,  संतोष खेदड़ को फल नवाचार और संतोष पचार को कृषि नवाचार क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया।  पद्मश्री सुंडा राम वर्मा को जल संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। <br /><br />जैव चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कुमार शर्मा को, मानवधिकारों के क्षेत्र में प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता भंवर मेघवंशी को, कथक के क्षेत्र में सिंगापुर निवासी पंडित चरण गिरधर चाँद को, मनोविज्ञान के क्षेत्र में प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. शिवगौतम को, चिकित्सकीय सेवाओं के क्षेत्र में IMA के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस.एस. अग्रवाल को वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया। कृषि पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. महेंद्र मधुप को, कला समीक्षा के क्षेत्र में सर्वेश भट्ट को, डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में प्रकाश मिश्रा को, प्रकृति फोटोग्राफी  के क्षेत्र में महेश स्वामी को, समाज सेवा के क्षेत्र में कुंवर दिनेश सिंह मेड़ता को और किशोरी बालिका और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उषा कोटिया को उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2021 का क्रेडेंट श्री पुरस्कार दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jan 2022 14:59:08 +0530</pubDate>
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                <title>80 साल पहले बापू का दैनिक नवज्योति में लिखा यह लेख राजस्थान की पत्रकारिता की निधि है</title>
                                    <description><![CDATA[गांधी जयंती विशेष]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6158252417326/article-1399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/denik-navjyoti-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:'Noto Sans', sans-serif;font-size:18px;text-align:justify;color:#ff0000;"><span style="font-weight:bold;">मुझे डर था कि कहीं जोधपुर का सत्याग्रह गंभीर और विरूप में बन जाय। मैं देखता हूं </span></span><span style="color:#333333;font-family:'Noto Sans', sans-serif;font-size:18px;text-align:justify;">कि आखिर वहीं हुआ। मेरे पास ढेरों पत्र आये है। जिनमें मालूम होता है कि गिरफ्तारियां बढ़ रही है और लाठीचार्ज रोजमर्रा की चीज बन गया है। सरकारी तौर पर यह हुक्म जारी किया गया है कि कोई सत्याग्रहियों को अपने घरों में न रहने दे। ब्रिटिश भारत में सत्याग्रह  आन्दोलन के समय जो बुरी से बुरी कार्रवाइयां हुई थी, वे सब आज जोधपुर में दोहराई जा रही हें। फर्क इतना ही है कि जोधपुर में सर्वसाधारण जनता की नजरों से बहुत दूर, एकान्त में हो रही है। हो सकता है कि वहां जनता के बिना जाने ही कोई अत्यन्त रूग्ण दुर्घटना घट जाय और वह वहीं दबा दी जाय, जिस तरह ऐसी दुर्घटनायें अब तक दबाई गई हैं और आज भी दबाई जा रही है। इन सब मुसीबतों का एक ही कारण है और इलाज भी एक ही। जब तक वह इलाज कामयाबी के साथ नही किया जाता, यह दु:खद नाटक किसी न किसी रूप मे होता ही रहेगा। ऐसी गावों में होने वाली ऐसी हर एक घटना के लिये ब्रिटिश सरकार भी दोषी है। वह अपने इस दोष की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। आज जोधपुर में शान्ति और सुव्यवस्था के नाम पर जिस तरह की अमानुष कार्रवाइयां हो रही है उनमें देशी राज्यों की  जनता की रक्षा करने के लिए भारत सरकार अपनी संधि की शर्तो के अनुसार बंधी हुई है। सत्याग्रही  कैदियों को जेल के अन्दर भी कोई आराम  नहीं मिल रहा है उन्हें खराब खाना मिलताहै और मामूली सहुलियते भी नहीं दी जाती। उसके विरोध में भी जयनारायण व्यास ने भूख हडताल शुरू की है, यह हडताल या तो  शिकायतें दूर होने पर खुलेगी या मरने पर । अगर इन्हे मरना ही पडा तो इनकी मौत के लिये खास   तौर पर वे लोग जिम्मेदार होंगे, जिनकी दी हुई तकलीफों के कारण कैदियों को आमरण अनशन करने के लिये विवश होना पडा है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Oct 2021 14:58:06 +0530</pubDate>
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