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                <title>Ganesh Chaturthi Prepration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Ganesh Chaturthi Prepration RSS Feed</description>
                
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                <title>मोतीडूंगरी गणेशजी आज पहनेंगे माणक-पन्ना जड़ित मुकुट </title>
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                        <![CDATA[मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव में बुधवार को मोदकों की झांकी सजेगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/motidungari-ganeshji-will-wear-a-crown-studded-with-ruby-%E2%80%8B%E2%80%8Band/article-89540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव में बुधवार को मोदकों की झांकी सजेगी। सुबह 5 बजे गणेशजी महाराज के मोदकों के भोग के साथ मंगला आरती होगी। मंदिर महंत कैलाश शर्मा की मौजूदगी में सुबह अभिषेक करने के बाद भगवान को माणक एवं पन्ना जड़ित विशेष मुकुट धारण कराया जाएगा और भगवान को बाहर का प्रसाद नहीं चढ़ेगा।</p>
<p>भगवान को 251 किलो के 2 मोदक, 200 किलो के दो मुख्य मोदक होंगे। इसके अलावा 5 मोदक 51 किलो के,  21 मोदक 21 किलो के, 1100 मोदक 1.25 किलो के और अन्य छोटे मोदक होंगे। फूलों के झरोखे में गणपति को विराजमान करेंगे। शाम को 6.30 से रात 9 बजे तक सभी भक्तों को नि:शुल्क मोदक प्रसाद वितरण होगा। प्रसाद बनाने में करीब 150 हलवाइयों ने दो शिफ्ट में काम किया है।</p>
<p>गणेश जन्मोत्सव में मंगलवार को भगवान गणपति की केले की विशेष झांकी सजाई गई। शाम को डॉ. स्वाति अग्रवाल ने अपनी शिष्याओं के साथ कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने गणेश वंदना विघ्न हरण गवरी के नंदन प्रस्तुत की। उनकी शिष्याओं ने ताल त्रिताल धमार एवं पंचमसवारी में शुद्ध कथक नृत्य की प्रस्तुति दी।</p>
<p><strong>गायत्री गणेश मंदिर में गणपति ने धारण की गोटा-पत्ती पोशाक<br /></strong>गलता गेट स्थित मंदिर श्रीगीता गायत्री गणेश मंदिर में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में मंगलवार को विभिन्न तीर्थों के जल, औषधियों के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। प्रवक्ता नीतीश चैतन्य ने बताया कि गणेशजी को सिंदूरी चौला चढ़ाकर गोटा-पत्ती की विशेष पोशाक तैयार कराकर धारण कराई गई। सहस्त्रनामावली का पाठ और सहस्त्र मोदक का भोग लगाया गया।</p>
<p><strong>परकोटा गणेश के सजेंगे 21 हजार मोदक</strong><br />चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में बुधवार को गणेशजी को ध्वजा अर्पित कर चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की विधिवत शुरुआत की जाएगी। महंत पं. राहुल शर्मा की मौजूदगी में मंदिर के शिखर पर ध्वजा अर्पण कर फूल बंगला की झांकी सजाई जाएगी। फूल बंगले में गणपति को 21000 लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु गणपति की पूजा-अर्चना के साथ गणेशजी को गणपति अथर्वशीर्ष एवं अष्टोत्तर नामावली से मोदक अर्पित करेंगे। इसी तरह नहर के गणेश मंदिर, गढ़ गणेश, ध्वजाधीश गणेश मंदिर, सिद्धि विनायक गणेश मंदिर सहित सभी प्रथम पूज्य के मंदिर में धर्मिक कार्यक्रम होंगे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 10:18:27 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीगणेश जी महाराज मोती डूंगरी जन्मोत्सव: प्रथम पूज्य को पुष्य नक्षत्र पर धारण कराया 5 किलो 900 ग्राम चांदी का मुकुट</title>
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                        <![CDATA[पुष्य नक्षत्र अभिषेक, ध्वजारोहण एवं ध्वज पूजन हुआ,  प्रथम पूज्य को नगाड़े और शहनाई वाले मधुर स्वर लहरियों से रिझा रहे हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/shree-ganesh-ji-maharaj-moti-dungri-janmotsav-pratham-pujya-was/article-89185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer-(17).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। श्रीगणेशजी महाराज मोतीडूंगरी में जन्मोत्सव के कार्यक्रमो का शुभारंभ पुष्प नक्षत्र से शुरू हुआ। सुबह 8 बजे गणेश जी महाराज का महंत कैलाश शर्मा की उपस्थिति में 251 किलो दूध, 25 किलो बूरा, 50 किलो दही, 11 किलो शहद, 11 किलो घी का उपयोग कर पंचामृत अभिषेक किया गया। साथ ही गुलाब जल, केवड़ा जल व इत्र से भगवान गणपति का अभिषेक किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर 501 महिलाएं कलश यात्रा लेकर पहुंची। अभिषेक के बाद रक्षा सूत्र और हल्दी प्रसाद भक्तों को निःशुल्क वितरित किए गए। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि अभिषेक के पश्चात भगवान श्रीगणेशजी के ध्वज पूजन हुआ और मन्दिर में नया ध्वज चढ़ाया गया। भगवान गणपति को 5 किलो 900 ग्राम चांदी का मुकुट धारण कराया गया । भगवान को 1008 मोदक अर्पित किये गए।</p>
<p><strong>नगाड़ा और शहनाई वादक भरत कुमार काला मधुर स्वर लहरियों से रिझा रहे हैं ठाकुरजी को</strong></p>
<p><img width="420" height="271" alt="9k="></img> <br />काला ने बताया लगातार 21 सालों से बाबा के दरबार में हाजिरी में लगा रहे हैं। शहनाई की धुनों पर महाराज गजानन को आओ जी मेरी सभा में रंग बरसाओ जी, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती माता की पार्वती पिता महादेवा और तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश आदि भजनों से रिझा रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 14:14:44 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीमोती डूंगरी गणेश मंदिर में जन्मोत्सव 7 सितम्बर को</title>
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                        <![CDATA[9 दिन चलने वाले इस उत्सव का आगाज 31 अगस्त को पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणेश के पंचामृत अभिषेक के साथ होगा।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/birth-anniversary-at-shrimoti-dungri-ganesh-temple-on-7th-september/article-88974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/21.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रथम पूज्य श्री मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस साल गणेश चतुर्थी पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी, शनिवार 7 सितम्बर को मनाया जाएगा। 9 दिन चलने वाले इस उत्सव का आगाज 31 अगस्त को पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणेश के पंचामृत अभिषेक के साथ होगा। इस दिन भगवान श्रीगणेश जी की प्रतिमा का 251 किलोग्राम दूध, 25 किलोग्राम बूरा, 50 किलोग्राम दही, 11 किलोग्राम शहद और 11 किलोग्राम घी से अभिषेक होगा।</p>
<p>-31 अगस्त को पुष्य नक्षत्र से होगा उत्सव का आगाज<br />-4 सितम्बर को सजेगी मोदकों की झांकी<br />-6 सितम्बर को सिंजारा और मेहंदी पूजन सिंजारे पर चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे, स्वर्ण मुकुट धारण करेंगे<br />-7 सितम्बर को जन्मोत्सव, 8 सितम्बर को भव्य शोभा यात्रा<br />-9 दिन चलने वाले इस उत्सव के लिए तैयारियां शुरू</p>
<p>इस मौके पर 501 महिलाएं कलश यात्रा लेकर मोती डूंगरी पहुंचेगी। इस उत्सव के अगले दिन यानी 1 सितम्बर की शाम 7 बजे मंदिर परिसर में ध्रुपद गायन कार्यक्रम होगा। मान्यता है कि भगवान श्रीगणेश को ध्रुपद गायन सबसे प्रिय है, जिसके कारण इस दिन भजन संध्या ध्रुपद गायन के साथ शुरू की जाएगी। वहीं अगले दो दिन यानी 2 और 3 सितम्बर की शाम को कत्थक नृत्य का कार्यक्रम होगा।</p>
<p><strong>4 सितम्बर को सजेगी मोदकों की भव्य झांकी</strong><br />4 सितम्बर बुधवार को मोदकों की भव्य झांकी मंदिर में भगवान श्री गणेश के समक्ष सजाई जाएगी। इस झांकी के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए सुबह 5 बजे से शुरू हो जाएंगे। इस दिन मंदिर परिसर में बाहर से आया प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। झांकी का मुख्य आकर्षण 251-251 किलोग्राम के दो विशाल मोदक होंगे। इन दोनों के अलावा 51-51 किलोग्राम के 5 मोदक, 21-21 किलोग्राम के 21 मोदक, 1.25-1.25 किलोग्राम के 1100 मोदक और हजारों की संख्या में अन्य छोटे मोदक रखे जाएंगे।<br />इस पूरी प्रसादी को बनाने में करीब 2500 किलोग्राम शुद्ध घी, 3 हजार किलोग्राम बेसन, 9 हजार किलोग्राम शक्कर और करीब 100 किलोग्राम सूखे मेवों का उपयोग किया जाएगा।</p>
<p><strong>6 सितम्बर को सिंजारा और मेहंदी पूजन</strong><br />जन्मोत्सव के इस कार्यक्रम में 6 सितम्बर को प्रथम पूज्य का सिंजारा मनाया जाएगा। मोतीडूंगरी गणेश जी मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में इस दिन गणेश जी को 3100 किलो मेहंदी धारण कराई जाएगी। ये मेहंदी पाली के सोजत से मंगवाई जाएगी। मेहंदी धारण के बाद इसे श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। मेंहदी प्रसाद वितरण की व्यवस्था मंदिर परिसर में पांच स्थानों पर होगी। मेहंदी वितरण पूजा के बाद रात्रि साढ़े 7 बजे से किया जाएगा। महिला एवं कन्याओं के लिए डोरा एवं मेहंदी की व्यवस्था अलग पंक्ति में होगी। मोती सूत्र महिलाएं एवं पुरुष मंदिर में बांध सकते हैं। इसी दिन भक्ति संध्या व रात्रि जागरण का आयोजन भी होगा। शयन आरती 10 बजे होगी।</p>
<p><strong>विराजेंगे चांदी के सिंहासन पर, धारण करेंगे स्वर्ण मुकुट<br /></strong>6 सितंबर को भगवान गणेश जी महाराज का विशेष श्रृंगार होगा। इसमें भगवान को स्वर्ण मुकुट भी धारण करवाया जाएगा। यह मुकुट साल में सिर्फ एक बार गणेश चतुर्थी के दिन ही भगवान को धारण कराया जाता है। भगवान को विशेष पोशाक धारण करवाई जाएगी। चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। श्रृंगार के दौरान गणेश जी को नौलखा हार जिसमें मोती, सोना, पन्ना, माणक आदि के भाव स्वरूप दर्शाए गए हैं. धारण कराया जाएगा। यह नौलखा हार महंत परिवार ने तीन महीने में तैयार किया है।</p>
<p><strong>7 सितम्बर को जन्मोत्सव, 8 सितम्बर को भव्य शोभा यात्रा<br /></strong>इस उत्सव के मुख्य दिन यानी 7 सितम्बर को जन्मोत्सव के दिन मंदिर परिसर में दर्शन सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ शुरू हो जाएंगे। इसके बाद विशेष पूजन सुबह 11.20 बजे, श्रृंगार आरती 11.30 बजे, भोग आरती दोपहर 2.15 बजे, संध्या आरती शाम 7 बजे और शयन आरती रात्री 11.30 बजे होगी।</p>
<p>8 सितंबर को भगवान श्रीगणेश शहर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान मोती डूंगरी गणेश मंदिर से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। ये शोभा यात्रा शाम को मोती डूंगरी मंदिर से निकलकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर तक पहुंचेगी।</p>
<p><strong>07 सितम्बर जन्मोत्सव पर आरती का समय</strong></p>
<ul>
<li>मंगला आरती-सुबह 4 बजे ।</li>
<li>श्रृंगार आरती-सुबह 11:30 बजे।</li>
<li>भोग आरती- दोपहर 2:15 बजे ।</li>
<li>भोग के लिए दोपहर 1.30 से 2:00 बजे तक पट मंगल रहेंगे।</li>
<li>संध्या आरती - शाम 7 बजे ।</li>
<li>शयन आरती - रात्रि 11.30 बजे</li>
</ul>
<p><strong>दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए लगाए नए कैमरे<br /></strong>सुरक्षा (कैमरे) एवं दर्शन व्यवस्था गणेश मन्दिर प्रन्यास प्रबन्धन की ओर से दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए 6 डी.एफ.एम.डी. एवं 6 एच.एस. एम.डी. की व्यवस्था मन्दिर द्वारा दर्शनार्थियों के लिए की गई है।<br />मन्दिर द्वारा लगाये गये 62 क्लोज सर्किट कैमरे से सभी गतिविधियों पर नज़र रखी जायेगी एवं 30 दिनों की रिकार्डिंग भी की जायेगी। सभी कैमरे नये लगाये गये हैं।</p>
<p><strong>500 स्वयंसेवक लाइनोें की व्यवस्था संभालेंगे<br /></strong>दर्शन के लिए 6 लाईनें मन्दिर में आने की व 6 लाईनें मन्दिर से वापिस जाने की व्यवस्था की गई है। निशक्तजनों और वृद्धजनों के लिए विशेष रिक्शों की व्यवस्था की जायेगी। 500 स्वयंसेवक व्यवस्था के लिए लगाये जायेगें।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/birth-anniversary-at-shrimoti-dungri-ganesh-temple-on-7th-september/article-88974</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 18:49:18 +0530</pubDate>
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                <title>नहर के गणेश जी का होगा श्रृंगार, गणेश चतुर्थी से पूर्व 5 और 6 सितंबर को पट रहेंगे बंद </title>
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                        <![CDATA[सिंजारे पर गणपति को मेहंदी अर्पित करने के बाद गणेश चतुर्थी पर सबको दर्शन होंगे।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ganesh-ji-of-the-canal-will-be-decorated-the-gates/article-88898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। माउंट रोड ब्रह्मपुरी स्थित दाहिनी सूंड के प्राचीन नहर के गणेश मंदिर में पुष्य नक्षत्र से गणेशोत्सव की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। महंत पंडित जय शर्मा ने बताया कि गणेश चतुर्थी 7 सितंबर को मनाई जाएगी। इसकी तैयारी आरंभ हो गई है। मंदिर में दीवारों पर पेंट का शुरू हो गया है।</p>
<p>सालभर में गणेशजी को एक चौला चढ़ाया जाता है, जो गणेश चतुर्थी से पूर्व 5 और 6 सितम्बर को चढ़ाया जाएगा इसलिए ये दो दिन भक्तों के लिए दर्शन बंद रहेंगे। सिंजारे पर गणपति को मेहंदी अर्पित करने के बाद गणेश चतुर्थी पर सबको दर्शन होंगे। गणपति को नवीन चौला चढ़ाने के साथ नवीन पोशाक नवीन पचरंगी साफा, स्वर्ण एवं रजत मुकुट धारण कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को अभिमंत्रित रक्षा सूत्र वितरण किए जाएंगे। गणपति को भोग में असंख्य मोदक और दाल बाटी अर्पित किए जाएंगे। शाम को भजनों की सरिता बहेगी और मेला सा भरेगा। इसके साथ ही ऋषि पंचमी पर सप्त ऋषियों का पूजन किया जाएगा।</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 16:46:04 +0530</pubDate>
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