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                <title>Brain strock - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति : समय पर इलाज नहीं मिलने पर हो सकती है मौत, जानें स्ट्रोक के मुख्य रूप </title>
                                    <description><![CDATA[स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जो मस्तिष्क में रक्त प्रवाह के रूकने या बाधित होने के कारण होती है। मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति में कमी के कारण कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या मर सकती हैं। स्ट्रोक एक आपातकालीन स्थिति है और समय पर इलाज न होने पर स्थाई विकलांगता या मृत्यु का कारण बन सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/stroke-is-a-serious-condition-and-can-lead-to-death/article-130834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जो मस्तिष्क में रक्त प्रवाह के रूकने या बाधित होने के कारण होती है। मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति में कमी के कारण कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या मर सकती हैं। स्ट्रोक एक आपातकालीन स्थिति है और समय पर इलाज न होने पर स्थाई विकलांगता या मृत्यु का कारण बन सकता है। दुर्लभजी अस्पताल में सीनियर न्यूरोसर्जन डॉ. डीपी शर्मा ने वर्ल्ड स्ट्रोक डे के अवसर पर यह जानकारी दी।</p>
<p><strong>स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं</strong><br />1. इस्केमिक स्ट्रोक: यह धमनी में रुकावट के कारण होता है। यह आम प्रकार है, जो कुल स्ट्रोक के लगभग 85 प्रतिशत मामलों में होता है। इसके लिए इलाज में रक्त के थक्के को हटाने के लिए दवाएं दी जाती है या थ्रोम्बोक्टॉमी प्रक्रिया की जाती है।<br />2. रक्तस्त्रावी स्ट्रोक: यह रक्त वाहिका के फटने से होता है, जिसमें मस्तिष्क में खून रिसने लगता है। यह आमतौर पर कम होता है, लेकिन अधिक घातक हो सकता है। इसके इलाज के लिए ऑपरेशन द्वारा बड़े थक्के को निकाला जाता है। <br />3. ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक: एक अस्थाई रूकावट के कारण होता है और इसके लक्षण कुछ समय बाद ठीक हो सकते हैं। इसे गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह भविष्य में पूर्ण स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।</p>
<p><strong>रोकधाम</strong><br />स्वस्थ आहार का सेवन, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करना, शराब व धूमपान ना करना, वजन नियंत्रण, नियमित बीपी व डायबिटीज की दवाई लेना और जांच कराना।</p>
<p><strong>आपातकालीन स्थिति में क्या करें</strong><br />डॉ. डीपी शर्मा ने बताया कि स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाएं या आपातकालीन नंबर जैसे भारत में 108 पर काल करें। समय पर इलाज मस्तिष्क में होने वाले नुकसान को कम कर सकता है।</p>
<p><strong>लक्षण पहचानने के लिए 'फास्ट' नियम का प्रयोग करें</strong><br />एफ यानी फास्ट: जिसमें चेहरा एक तरफ  लटकना। मुस्कुराने में असमर्थता।<br />ए यानी आर्म्स: इसमें एक तरफ  हाथ या पैर में कमजोरी। सुन्नता।<br />एस यानी स्पीच: बोलने में कठिनाई और अस्पष्ट आवाज।<br />टी यानी टाइम: समय वहुत महत्वपूर्ण है। यदि ये लक्षण दिखें, दुरंत चिकित्सा सहायता लें।<br />अन्य लक्षण: अचानक तेज सिरदर्द, धुंधला या दोहरा दिखना, चलने में दिक्कत। असंतुलन, चक्कर आना, बेहोशी, दौरा आना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 13:08:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>तेजी से बढ़ रहा ध्वनि प्रदूषण, उड़ रही रातों की नींद, खो रहा दिन का चैन</title>
                                    <description><![CDATA[एसएमएस अस्पताल में वरिष्ठ ईएनटी रोग विशेषज्ञ और राजस्थान ईएनटी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि वाहनों से उत्पन्न तेज शोर से ना केवल मनुष्य बल्कि पशु पक्षियों, जलचरों एवं सूक्ष्म जीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/noise-pollution-is-increasing-rapidly-sleepless-nights-are-flying-and/article-89154"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में बढ़ते यातायात के कारण ध्वनि प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे आमजन के साथ जीव जंतुओं पर भी हानिकारण प्रभाव पड़ रहा है। जिसके चलते इंसानों में कई रोगों की समस्या बढ़ रही है वहीं जानवरों को भी इससे असहजता हो रही है और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मनुष्य में ध्वनि प्रदूषण के कारण कान संबधी बीमारियों के साथ उच्च रक्त चाप, ब्रेन स्ट्रोक एवं हार्ट अटैक की संभावना कई गुणा तक बढ़ जाती है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध व्याप्त नियमों और काानूनों का कड़ाई से पालन करवाया जाए, जिससे इस पर लगाम लग सके।</p>
<p><strong>ऐसे पड़ता है वितरीत प्रभाव</strong><br />एसएमएस अस्पताल में वरिष्ठ ईएनटी रोग विशेषज्ञ और राजस्थान ईएनटी एसोसिएशन के सचिव डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि वाहनों से उत्पन्न तेज शोर से ना केवल मनुष्य बल्कि पशु पक्षियों, जलचरों एवं सूक्ष्म जीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं तेज शोर के कारण सुनने में कमी होना, कान में दर्द होना, असामान्य आवाजों का सुनाई देना और इरिटेशन होता है, जिससे उच्च रक्त चाप, ब्रेन स्ट्रोक एवं हार्ट अटैक की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त मानसिक विकार जैसे चिड़चिड़ापन, तनाव, डिप्रेशन, स्मरण शक्ति कम होना, नींद में परेशानी होना आदि भी होते हैं। एसिडिटि, आंतों की सूजन, भूख कम लगना और नपुसंकता की भी समस्याएं होती है।</p>
<p><strong>रोकथाम हो तो मिले राहत</strong><br />डॉ. सिंघल ने बताया कि पहले से ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध कड़े नियम बने हुए हैं। लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं होता है। ऐसे में व्याप्त नियमों और कानूनों का कड़ाई से पालन करवाया जाए और इनका उल्लंघन करने वालों का ना सिर्फ चालान किया जाये बल्कि उनके वाहन भी जब्त किए जाएं। इसके उपरांत भी उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान हो। तभी हम सब तेज आवाज वाले ध्वनि प्रदूषण से बच सकेंगे। वाहनों से प्रेशर हॉर्न, म्यूजिकल हॉर्न एवं एयर हॉर्न हटवाने और ऐसे वाहनों का चालान करने का सुझाव दिया। सभी तरह के वाहनों से साइलेंसर हटाने और साइलेंसर को तेज आवाज के लिए मॉडिफाई करवाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें दुपहिया वाहन वाले भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 11:40:29 +0530</pubDate>
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