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                <title>army - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>army RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली जालंधर-अमृतसर में हुए आईईडी विस्फोटों की जिम्मेदारी: राज्य में हाई अलर्ट, भारत का शिकंजा कसता देख ISI में खलबली,</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के जालंधर (BSF मुख्यालय) और अमृतसर (आर्मी कैंप) में मंगलवार रात हुए धमाकों से हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियां IED और ग्रेनेड हमले की जांच कर रही हैं। खालिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा जिम्मेदारी लेने और धमकी भरे पोस्ट के बाद राज्य में हाई अलर्ट जारी है। पुलिस सीसीटीवी और संदिग्धों के जरिए साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/khalistan-liberation-army-took-responsibility-for-ied-blasts-in-jalandhar-amritsar/article-152832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/klf.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। पंजाब में मंगलवार रात दो अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए धमाकों के बाद राज्य में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पहली घटना जालंधर में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) मुख्यालय के बाहर और दूसरी अमृतसर के खासा इलाके में एक आर्मी कैंप के पास हुई। इन घटनाओं ने सुरक्षा बलों और पंजाब पुलिस को बहु-एजेंसी जांच के लिए प्रेरित किया है। हालांकि अब तक इन विस्फोटों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>पहला धमाका रात करीब 8:15 बजे जालंधर में हुआ, जहां बीएसएफ पंजाब मुख्यालय के गेट के बाहर खड़ी एक स्कूटर में विस्फोट हो गया। इसमें इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) के इस्तेमाल की बात कही जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके कुछ घंटों बाद, रात करीब 10:30 बजे अमृतसर के खासा स्थित आर्मी कैंप के पास एक और विस्फोट की खबर मिली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाके की आवाज 1.5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई और इसका प्रभाव इतना तेज था कि पास की दीवारें तक हिल गईं।</p>
<p>जालंधर में हुए धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (केएलएफ) ने एक पोस्ट शेयर कर ली है। हालांकि, पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही। पोस्ट में लिखा है कि “पांच मई 2026 को रात आठ बजे पंजाब में जालंधर के फ्रंटियर हेडक्वार्टर बीएसएफ एक आइईडी हमला किया गया। केएलएफ (खालिस्तान लिबरेशन आर्मी) आज हमले की जिम्मेदारी लेती है, जिसके दौरान दो बीएसएफ सिपाही मारे गए और तीन जख्मी हो गए। यह हमला ऑपरेशन नवा सवेरा का हिस्सा है, जो कि तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारे भाई शहीद रणजीत सिंह के खून का बदला पूरा नहीं होता और खालिस्तान आजाद नहीं होता।“</p>
<p>पोस्ट में आगे लिखा है, “एक बार फिर केएलएफ डीआईजी संदीप गोयल को चेतावनी देती है कि आप, आपका परिवार और आपके रिश्तेदार हमारा निशाना हैं। शहीद रणजीत सिंह के खून का बदला आपके करीबियों और प्यारे लोगों के खून से लिया जाएगा। गोयल परिवार ने बहुत सारे अत्याचार किए हैं। हम इतना खून बहाएंगे कि सब कुछ लाल दिखाई देगा। विशेष की वीडियो जल्द ही जारी की जा रही है।”<br />जालंधर में पीएपी चौक के पास रात लगभग आठ बजे स्कूटी के पास धमाका हुआ। </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, एक आतंकी पीएपी चौक की ओर से रॉन्ग साइड से पैदल आता दिखा। वह सीधे उस स्थान तक पहुंचा, जहां फुटपाथ पर एक्टिवा खड़ी थी। युवक ने पॅलीथीन में लिपटा पैकेट वहां छोड़ा और बस अड्डे की ओर दौड़ लगा दी। इसके कुछ सेकेंड में धमाका हो गया। धमाका जिस एक्टिवा में हुआ वह बीएसएफ के पूर्व जवान कश्मीर सिंह (गांव गढ़ा) की है। उनका इकलौता बेटा गुरप्रीत सिंह कूरियर बॉय का काम करता है। वह रात को एक्टिवा खड़ी कर हेडक्वार्टर के अंदर पार्सल देने गया था। गुरप्रीत को पुलिस ने बीएसएफ हेडक्वार्टर में हिरासत में ले लिया है।</p>
<p>एजेंसियों को आशंका है कि आगे उसका साथी इंतजार कर रहा था और वह किसी वाहन में बैठकर भाग गया। फोरेंसिक टीम को मौके से बम के फटे हिस्से मिले हैं। आज मुख्यमंत्री भगवंत मान जालंधर आने वाले हैं। उससे पहले यह वारदात हो गई। वहीं, अमृतसर में भी आर्मी कैंप खासा के गेट नंबर 5 और 6 के बाहर भी रात करीब 11 बजे ग्रेनेड अटैक हुआ। इसमें केवल टीन शेड को नुकसान पहुंचा है। एजेंसियां मामलों की जांच में जुट गई है।</p>
<p>डिलीवरी बॉय गुरप्रीत सिंह उर्फ क्रिस ने पुलिस पूछताछ में बताया- मैं पार्सल देने नहीं, बल्कि लेने आया था। मैंने एक्टिवा फुटपाथ पर खड़ी की और गेट पर पार्सल लेने के लिए फौजी को कॉल किया। मैं इंतजार कर रहा था, तभी एक युवक पास से निकला। कुछ देर बाद धमाका हो गया। उसने बताया- मैं घबराकर गेट की ओर भागा। बीएसएफ कर्मी मौके पर पहुंचे। धमाके में एक्टिवा की नंबर प्लेट उछलकर गिर गई और स्कूटी में आग लग गई। इसके बाद पुलिस ने मुझे हिरासत में लिया। एक महिला अधिकारी ने खुद को एसपी बताया और मुझे अंदर ले जाया गया। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।</p>
<p>गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह ने कहा कि उनका 22 वर्षीय बेटा तीन महीने पहले ही इस काम पर लगा था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा पूरी तरह बेगुनाह है और उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि एक फौजी का बेटा कभी देश के खिलाफ नहीं जा सकता। वह आतंकी नहीं हो सकता। रात में ही जांच एजेंसियां बीएसएफ से रिटायर्ड कश्मीर सिंह के गढ़ा स्थित सड़क मोहल्ला पहुंचीं। यहां गुरप्रीत के बारे में जानकारी जुटाई गई। पता चला कि वह अपने ममेरे भाई को घर छोड़कर सीधे बीएसएफ चौक आया था। जांच के बाद टीम वापस लौट गई।</p>
<p>अमृतसर आर्मी कैंप पर धमाके को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोहेल मीर कासिम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि बाइक पर सवार दो नकाबपोशों ने विस्फोटक को हवा में उछालते हुए आर्मी कैंप की तरफ फेंका। दीवार के साथ लगते ही जोरदार धमाका हुआ। धमाके से चारदीवारी पर सेना क्षेत्र को कवर करने के लिए लगाई गई टीन शेड ढह गईं। गेट नंबर 6 और 7 के बीच की दीवार को भी थोड़ानंबर 6 और 7 के बीच की दीवार को भी थोड़ा नुकसान हुआ है। धमाके की आवाज सुनते ही सैन्य अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।</p>
<p>अमृतसर के पुलिस अधीक्षक आदित्य वॉरियर ने बताया कि रात 10:50 बजे खासा कैंट के पास धमाके की सूचना मिली थी। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और फॉरेंसिक (एफएसएल) टीम ने मौके से नमूने एकत्र किए हैं जिन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:29:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजनाथ सिंह का दो दिवसीय प्रयागराज दौरा आज : नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का करेंगे उद्घाटन, तकनीक और भविष्य की जरूरतों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज प्रयागराज में भारतीय सेना के सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। 4 मई को वे नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करेंगे, जहाँ स्वदेशी ड्रोन और आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन होगा। आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singhs-two-day-visit-to-prayagraj-will-inaugurate-north-tech/article-152520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/rajnath-singh.png-3.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आएंगे। वह शाम को अरैल में भारतीय सेना की ओर से आयोजित कल्चरल इवेंट में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। चार मई को न्यू कैंट के कोबरा ऑडीटोरियम में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का इनॉगरेशन करेंगे। यह आयोजन 4 से 6 मई तक सिम्पोजियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य मंत्री (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) जीतेंद्र सिंह की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम के पास होगा। आयोजन हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।</p>
<p>इसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे।आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा। ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं।</p>
<p>ड्रोन और सैन्य वाहनों पर रहेगा फोकस कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा।इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी।कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आगमन के मद्देनजर अरैल घाट पर कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है। यहां लोकल पुलिस के साथ ही मिलिट्री पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। उधर पुलिस की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर अरैल घाट को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध दो मई की शाम पांच बजे से शुरू हो गया हैं।और यह रविवार रात 12 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान अगर कोई ड्रोन उड़ाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:28:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दुश्मन देशों की खैर नहीं: सैन्य अभ्यास के लिए भारतीय सेना का दल कंबोडिया रवाना, आतंकवाद-रोधी अभियानों पर होगा फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना का 120 सदस्यीय दल द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास सिनबैक्स-II के लिए कंबोडिया रवाना हो गया। 17 मई तक चलने वाले इस अभ्यास में आतंकवाद-रोधी अभियानों, ड्रोन संचालन और स्नाइपर रणनीतियों पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए तालमेल बढ़ाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/enemy-countries-are-not-well-indian-army-team-leaves-for/article-152516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-army.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सेना का एक दल भारत–कंबोडिया द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास सिनबैक्स–द्वितीय में हिस्सा लेने के लिए रविवार को कंबोडिया रवाना हो गया। यह अभ्यास सोमवार से 17 मई तक कंबोडिया के कंम्पोंग स्प्यू प्रांत स्थित तेचो सेन फ्नोम थॉम म्रियास प्रांतीय रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैम्प बेसिल) में होगा। मित्र देशों के साथ भारत के सतत रक्षा सहयोग के तहत कंबोडिया के साथ यह द्विपक्षीय अभ्यास वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बदलते परिदृश्य में विशेष महत्व रखता है। संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अंतर्गत आयोजित इस अभ्यास में भारतीय सेना के दल में कुल 120 सैनिक शामिल हैं, जिनमें अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। कंबोडियाई दल में 160 सैनिक शामिल हैं, जो रॉयल कंबोडियन आर्मी से हैं।</p>
<p>यह संयुक्त अभ्यास संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान शांति सेना द्वारा सामना किए जाने वाले आतंकवाद-रोधी अभियानों की गतिशीलता के अनुरूप होगा। इस उद्देश्य को विभिन्न व्यावहारिक और व्यापक चर्चाओं तथा सामरिक अभ्यासों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यापक सत्यापन अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास के अंतर्गत ड्रोन संचालन, मोर्टार और स्नाइपर रणनीतियों सहित विशेष कौशल प्रशिक्षण भी किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता, समन्वय और कार्यात्मक तालमेल को बढ़ाना है।</p>
<p>यह अभ्यास न केवल वैश्विक शांति बनाए रखने में दोनों देशों की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा, बल्कि अर्ध-शहरी स्थिति में शत्रु बलों के खिलाफ विभिन्न अभियानों के दौरान प्राप्त सर्वोत्तम विधियों और संचालनात्मक अनुभवों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करेगा। संयुक्त सैन्य अभ्यास सिनबैक्स–द्वितीय भारत और कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है और यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा। यह क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पारस्परिक समझ को भी बढ़ावा देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:09:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेना ने कर्नल पुरोहित को ब्रिगेडियर रैंक पर पदोन्नति की दी मंजूरी : मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आए थे, एनआईए की अदालत ने किया था बरी</title>
                                    <description><![CDATA[मालेगांव विस्फोट मामले में चर्चा में रहे सेना के कर्नल श्रीकांत पुरोहित को बड़ी राहत मिली है। सेना ने उनकी ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति को मंजूरी दे दी है। एनआईए कोर्ट से बरी होने और सशस्त्र बल न्यायाधिकरण द्वारा रिटायरमेंट पर रोक के बाद यह फैसला आया। पुरोहित फिलहाल सेवा में बने हुए हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/army-approved-promotion-of-colonel-purohit-to-the-rank-of/article-149796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy34.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। सेना ने महाराष्ट्र के मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आए सेना के कर्नल श्रीकांत पुरोहित की ब्रिगेडियर के रैंक पर पदोन्नति को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार सेना ने कर्नल पुरोहित के पदोन्नति के आवेदन को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के स्थगनादेश के बाद मंजूरी दे दी है। वह सेना में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने गत वर्ष उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था। कर्नल पुरोहित को गत 31 मार्च को सेवानिवृत होना था, लेकिन सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने उनकी सेवा निवृत्ति पर रोक लगा दी थी।<span>  </span>न्यायाधिकरण ने रक्षा मंत्रालय और सेना को इस मामले में नोटिस जारी किया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:51:56 +0530</pubDate>
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                <title>लेबनानी सेना बढ़ा रही अपनी संख्या, संयुक्त राष्ट्र ने कहा- लेबनानी सेना को क्षमता बढ़ाने के लिए मदद की आवश्यकता </title>
                                    <description><![CDATA[लेबनानी अधिकारियों और लेबनानी सेना मानना है कि क्षमता के हिसाब से ज्यादा संसाधन एवं आर्थिक मदद की आवश्यकता बनी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/lebanese-army-is-increasing-its-numbers-united-nations/article-139900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/united-nations.jpg" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान के अवर महासचिव जीन-पियरे लैक्रोइक्स ने कहा कि लेबनान के सशस्त्र बल को देश की दक्षिणी सीमा को सुरक्षित करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए और ज्यादा संसाधन एवं आर्थिक मदद की आवश्यकता है। लैक्रोइक्स ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों को वीडियो लिंक के माध्यम से कहा कि लेबनानी सेना हालांकि अपनी संख्या और मौजूदगी बढ़ा रही है, जो अच्छी बात है, लेकिन लेबनानी अधिकारियों और लेबनानी सेना मानना है कि क्षमता के हिसाब से ज्यादा संसाधन एवं आर्थिक मदद की आवश्यकता बनी हुई है। </p>
<p>लैक्रोइक्स ने कहा कि लेबनानी अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान लेबनानी पक्ष ने देश में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) की वर्तमान क्षमताओं में से कुछ को अस्थायी रूप से बनाये रखने में रुचि दिखायी है, ताकि लेबनानी सशस्त्र बलों की क्षमता को मजबूत करने की कोशिशों को जारी रखा जा सके। उन्होंने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट हैं। मजबूती के नजरिये से अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि लेबनान की पुलिस और सुरक्षा बल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बहुत मजबूत समर्थन देने की आवश्यकता है।</p>
<p>एक सवाल के जवाब में कहा कि क्या यूएनआईएफआईएल को लेबनान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने की चिंता है। लैक्रोइक्स ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और यूएनआईएफआईएल राजनीतिक रूप से वर्तमान प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए सभी मौजूद तरीकों से अपनी पूरी कोशिश करेंगे। उम्मीद है कि इससे लेबनान और इजरायल के बीच तनाव कम होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 14:18:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जोधपुर में तैनात हुआ एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का फ्लीट, इन्हीं हेलिकॉप्टरों ने वेनेजुएला में बरपाया था कयामत </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय वायुसेना ने पंजाब और राजस्थान सीमा पर घातक एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। अत्याधुनिक सेंसर और मारक क्षमता से लैस ये हेलिकॉप्टर दुश्मन की हर हरकत को नाकाम करने में सक्षम हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/fleet-of-ah-64-apache-attack-helicopter-deployed-in-jodhpur-these/article-138293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ah-64.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत पंजाब और राजस्थान से लगती पाकिस्तानी सीमा पर अपने एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर और सीएच-47 ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर तैनात कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इन्हीं हेलिकॉप्टरों ने अभी वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अपने सटीक हमलों से कयामत ही बरपा कर दी है। एएच-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर दुनिया के सबसे खतरनाक हेलिकॉप्टर माने जाते हैं। इन्हीं अपाचे के एडवांस वर्जन अमेरिका की ओर से भारत को भी मिले हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना पश्चिमी मोर्चे पर तैनात करने जा रही है।</p>
<p>इन अपाचे की काबिलियत को देखते हुए अमेरिकी सेना ने हाल ही में इसे बनाने वाली कंपनी बोइंग को 2030 तक एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर फ्लीट को बनाए रखने के लिए 2.7 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। बीते 16 दिसंबर को भारतीय सेना को भी अमेरिका से तीन एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का आखिरी बैच मिला, जिससे राजस्थान के जोधपुर में 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में छह यूनिट का बेड़ा पूरा हो गया। सर्विस में शामिल होने से पहले ये हेलीकॉप्टर गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर उतरे थे।</p>
<p><strong>पाकिस्तान के बरक्श निर्णायक ताकत मिली</strong></p>
<p>सूत्रों ने बताया कि छह एडवांस्ड अटैक हेलीकॉप्टर जोधपुर में तैनात किए जाएंगे, जिससे पाकिस्तान की तरफ पश्चिमी सेक्टर में सेना की स्ट्राइक और जासूसी क्षमताएं काफी बढ़ जाएंगी। इस स्क्वाड्रन को पिछले साल मार्च में पश्चिमी मोर्चे पर आॅपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए खास तौर पर बनाया गया था। यह डिलीवरी इस साल जुलाई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद हुई है, जिसमें दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए चल रही और आने वाली पहलों की समीक्षा की थी। बातचीत के दौरानअमेरिका ने भारत को दो हफ्तों के भीतर तीन अपाचे हेलीकॉप्टरों का पहला बैच और बाकी तीन इस साल नवंबर तक देने का आश्वासन दिया था।</p>
<p><strong>रेडीनेस, विश्वसनीयता और उपलब्धता पर केंद्रित</strong></p>
<p>अमेरिकी सेना इस लॉन्ग-टर्म अपाचे सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट के जरिए सस्टेनमेंट डिसिप्लिन लागू कर रही है, जो रेडीनेस, विश्वसनीयता और उपलब्धता पर केंद्रित है। यह कोशिश अमेरिकी सेना के सबसे जरूरी कॉम्बैट एविएशन प्लेटफॉर्म में से एक को सपोर्ट करती है। एएच-64 अपाचे एक ट्विन-इंजन, चार-ब्लेड वाला अटैक हेलीकॉप्टर है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसे हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें एक टैन्डम कॉकपिट होता है जो दोनों क्रू मेंबर्स को आजादी से उड़ने और हथियार चलाने की सुविधा देता है, जिससे बचने की संभावना और मिशन की मजबूती बेहतर होती है। बाद के अपाचे वेरिएंट, जैसे एएच-64 एपाचे और सीएच-64 में मेन रोटर के ऊपर लॉन्गबो फायर कंट्रोल रडार लगा होता है। यह रडार सभी मौसम में और युद्ध के मैदान में धुंध या रुकावटों के बावजूद टारगेट का पता लगाने, उन्हें पहचानने और उन पर हमला करने की सुविधा देता है। भारत के पास भी यही एडवांस वर्जन एएच-64  हेलिकॉप्टर हैं। इंटीग्रेटेड हेलमेट एंड डिस्प्ले साइटिंग सिस्टम क्रू को सिर हिलाकर 30 एमएम एम230 चेन गन को कंट्रोल करने की सुविधा देता है।</p>
<p><strong>दुनिया का सबसे एडवांस्ड मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलिकॉप्टर </strong></p>
<p>भारत को मिले एएच-64 अपाचे को दुनिया का सबसे एडवांस्ड मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलिकॉप्टर माना जाता है, जो अत्याधुनिक एवियोनिक्स, सेंसर और हथियार प्रणालियों से लैस है। ये सभी मौसम और इलाके की स्थितियों में काम करने में सक्षम है। इसके शामिल होने से पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना की हमला करने और दुश्मन को रोकने की क्षमताओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रक्षा प्रणालियों में रडार चेतावनी रिसीवर, लेजर चेतावनी प्रणाली, जैमिंग उपकरण और इन्फ्रारेड काउंटरमेजर शामिल हैं, जिनका मकसद मुश्किल माहौल में जीवित रहने में मदद करना है। एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को अमेरिका से मिलने वाले अपाचे हेलीकॉप्टरों का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी 2020 में 600 मिलियन डॉलर की डील के तहत किया गया था। तीन हेलीकॉप्टरों का पहला बैच इस साल की शुरूआत में डिलीवर किया गया था और आखिरी खेप के आने से आर्मी के डेडिकेटेड अपाचे स्क्वाड्रन का पूरी तरह से आॅपरेशनल होना पक्का हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 11:47:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया में बारिश के कारण भूस्खलन : 2 लोगों की मौत, 21 लापता</title>
                                    <description><![CDATA[इंडोनेशिया में भारी बारिश के कारण सिलाकैप रीजेंसी के सिब्यूनयिंग गांव में बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई, 3 घायल हो गए और 21 लोग अब भी लापता हैं। यह जानकारी प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के आपातकालीन इकाई प्रमुख मुहम्मद चोमसुल ने दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rain-causes-landslide-in-indonesia-2-dead-21-missing/article-132391"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1).png" alt=""></a><br /><p>जकार्ता। इंडोनेशिया के भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए और 21 अन्य लापता हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रांतीय आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण एजेंसी की आपातकालीन इकाई के प्रमुख मुहम्मद चोमसुल के अनुसार सिलाकैप रीजेंसी के सिब्यूनयिंग गाँव में हुई भारी बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ। उन्होंने बताया कि भूस्खलन रिहायशी इलाकों में हुआ। दो लोगों की मौत हो गई। तीन घायल हो गए और 21 अन्य लापता हो गए हैं।</p>
<p>चोमसुल ने बताया कि लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी है, जिसमें स्थानीय आपदा एजेंसी, स्थानीय खोज और बचाव कार्यालय, सेना और अन्य सरकारी संस्थान एवं स्वयंसेवक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में सहायता के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 12:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर में सीमाओं पर हाई अलर्ट : सेना की तैनाती बढ़ी, रोबोटिक निगरानी प्रणाली सक्रिय</title>
                                    <description><![CDATA[यह रोबोट सैनिकों को भारी उपकरण, हथियार, खाद्य सामग्री और आवश्यक चिकित्सा उपकरण दूरस्थ चौकियों तक पहुँचाने में मदद कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/high-alert-army-deployment-increased-on-borders-in-kashmir-robotic/article-130110"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy83.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशों, संदिग्ध गतिविधियों और बदलते मौसम को देखते हुए सेना ने अपनी निगरानी तथा गश्ती प्रणाली को और आधुनिक बनाने के लिए रोबोटिक तकनीक को स्थायी रूप से तैनात कर दिया है। यह स्वचालित रोबोट न केवल सैन्य कर्मियों को रसद सहायता प्रदान कर रहा है, बल्कि अब सीमा निगरानी प्रणाली का एक अभिन्न अंग बन गया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार यह रोबोटिक प्रणाली एक आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस मशीन है जो दुर्गम पहाड़ी इलाकों, बर्फीले रास्तों और कमजोर इलाकों में भी बिना किसी मानवीय मार्गदर्शन के चल सकती है। यह रोबोट सैनिकों को भारी उपकरण, हथियार, खाद्य सामग्री और आवश्यक चिकित्सा उपकरण दूरस्थ चौकियों तक पहुँचाने में मदद कर रहा है।</p>
<p>नियंत्रण रेखा के पास संवेदनशील इलाकों में चलाए गए इस ऑपरेशन में रोबोटिक सिस्टम ने न केवल गतिविधियों को गति दी, बल्कि गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने में भी मदद की। इस अनुभव के बाद, सेना ने इसे सीमा निगरानी प्रणाली का स्थायी हिस्सा बनाने का फैसला किया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार यह रोबोट दिन-रात निगरानी करने में सक्षम है। इसमें लगे उन्नत सेंसर, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और नाइट विजन तकनीक इसे हर समय सक्रिय रखते हैं। यह रोबोट किसी भी संदिग्ध गतिविधि, घुसपैठ की कोशिश या असामान्य आवाज को तुरंत रिकॉर्ड कर लेता है और केंद्रीय कमांड कंट्रोल सेंटर को अलर्ट भेजता है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि रोबोटिक सिस्टम को इस तरह से विकसित किया गया है कि यह 40 से 50 किलोग्राम वजन आसानी से उठा सकता है, स्वचालित रूप से बाधाओं से बच सकता है और आपातकालीन स्थितियों में घायल कर्मियों को सहायता प्रदान करने का कार्य भी कर सकता है। इसमें लगा जीपीएस सिस्टम, थर्मल इमेङ्क्षजग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उन्नत एल्गोरिदम इसे पूरी तरह से स्वायत्त सहायक बनाते हैं। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि रोबोटिक सिस्टम की मौजूदगी ने सीमा पर गश्त को पहले से कहीं अधिक प्रभावी और सुरक्षित बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह मशीन सैन्यकर्मियों के शारीरिक परिश्रम को कम करती है और उन्हें दुश्मन की गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करती है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में इस तकनीक को और उन्नत किया जाएगा ताकि यह रोबोट खतरनाक या विस्फोटक रास्तों की भी पहचान कर सके। सेना की तकनीकी कोर के विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोबोटिक प्रणाली भारतीय सेना को नवीनतम युद्ध तकनीक से लैस करने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार रोबोटिक तकनीक न केवल परिचालन दक्षता बढ़ा रही है, बल्कि जानलेवा अभियानों में सैनिकों को सुरक्षित सहयोग भी प्रदान कर रही है। सीमा सुरक्षा की वर्तमान स्थिति में, यह रोबोटिक साथी भविष्य की युद्ध तैयारियों में एक नया अध्याय रच रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 16:00:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर में सेना ने चलाया अभियान : घुसपैठ की कोशिश नाकाम, 2 अज्ञात आतंकवादी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[उनके संगठन का अभी पता नहीं चल पाया है। सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने एक बयान में इस अभियान की पुष्टि की और कहा कि यह अभी भी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/army-launched-the-campaign-in-kashmir/article-125053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/army-3.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में सुरक्षा बलों द्वारा घुसपैठ की कोशिश नाकाम करने के बाद 2 अज्ञात आतंकवादी मारे गए। सेना ने यह जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संभावित घुसपैठ की कोशिश के बारे में दी गई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास नौशेरा नर इलाके में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया और घुसपैठियों को चुनौती दी, जिनका जवाब उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी से दिया। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके संगठन का अभी पता नहीं चल पाया है। सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने एक बयान में इस अभियान की पुष्टि की और कहा कि यह अभी भी जारी है।</p>
<p>चिनार कोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संभावित घुसपैठ की कोशिश के बारे में दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरेज सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और उन्हें चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सैनिकों ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई करते हुए 2 आतंकवादियों को मार गिराया। अभियान जारी है।</p>
<p>हाल के दिनों में यह घुसपैठ की दूसरी नाकाम कोशिश है। तीन दिन पहले, बारामूला जिले के उरी सेक्टर में सेना द्वारा नियंत्रण रेखा के पास हलचल का पता चलने पर इसी तरह की एक कोशिश को नाकाम कर दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 15:15:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लेबनान में बारूदी सुरंग हटाने के दौरान विस्फोट : 6 सैनिकों की मौत, हथियार डिपो का निरीक्षण कर रही थी सेना  </title>
                                    <description><![CDATA[रिपोर्ट के अनुसार विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। यह घटना लेबनान सरकार द्वारा हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने की अमेरिका समर्थित योजना को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद हुयी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/army-was-inspecting-arms-depots-while-exploding-6-soldiers-during/article-123169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/blast-2-(2).png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। दक्षिणी लेबनान में एक बारूदी सुरंग हटाने के अभियान के दौरान इजरायली गोला-बारूद में विस्फोट होने से 6 सैनिकों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हुए हैं। एक सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि यह विस्फोट उस समय हुआ, जब सेना की एक इकाई टायर की जबकीन में एक हथियार डिपो का निरीक्षण कर रही थी और उसमें मौजूद सामग्री को नष्ट कर रही थी। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। यह घटना लेबनान सरकार द्वारा हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने की अमेरिका समर्थित योजना को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद हुयी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Aug 2025 15:55:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायली सेना ने गाजा में हमास के कमांडर को किया ढेर, सैन्य तैयारियों और हमले में निभा रहा था अहम भूमिका </title>
                                    <description><![CDATA[सेना के अनुसार अल-ईसा हमास के सैन्य विंग के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हुये हमले की योजना और उसे अंजाम देने में अहम भूमिका निभायी थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-israeli-army-had-a-lot-of-military-preparations-and/article-118870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/6622-copy61.jpg" alt=""></a><br /><p>यरूशलम। इजरायल की सेना ने गाजा सिटी में एक हवाई हमले में हमास के एक वरिष्ठ कमांडर को मार गिराया है। सेना के अनुसार कमांडर हमास की सैन्य तैयारियों और सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हुये हमले की योजना में अहम भूमिका निभा रहा था। इजरायली रक्षा बलों ने एक बयान में कहा कि हमले में हखम मुहम्मद इस्सा अल-इस्सा की मौत हो गयी। यह ऑपरेशन इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के साथ मिलकर किया गया था।</p>
<p>सेना के अनुसार अल-ईसा हमास के सैन्य विंग के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हुये हमले की योजना और उसे अंजाम देने में अहम भूमिका निभायी थी। उस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गये थे और 200 से अधिक लोगों को गाजा ले जाया गया था। बयान के अनुसार अल-इस्सा हाल ही में हमास के सैन्य ङ्क्षवग के कॉम्बैट सपोर्ट मुख्यालय का प्रमुख था, जहां वह इजरायली नागरिकों और सैनिकों पर हवाई और समुद्री हमलों की निगरानी करता था। साथ ही वह संघर्ष के दौरान हमास की सैन्य संरचना को दोबारा खड़ा करने की कोशिशों में भी शामिल था। फिलहाल हमास ने इजरायल के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।</p>
<p>इजरायल ने 18 मार्च को गाजा में अपनी सैन्य अभियान फिर से शुरू किया जिससे दो महीने का संघर्षविराम खत्म हो गया। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अक्टूबर 2023 से अब तक 56,412 फिलिस्तीनियों की मौत हो गयी और 133,054 लोग घायल हुये हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 15:14:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेना के लिए 1981 करोड़ के हथियारों की आपात खरीद, मारक क्षमता और सुरक्षा को बढ़ाना इसका उद्देश्य </title>
                                    <description><![CDATA[ रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सेना के लिए आपात खरीद मद के तहत 2,000 करोड़  की राशि स्वीकृत की गयी थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/emergency-purchase-of-arms-worth-1981-crore-for-the-army/article-118391"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer127.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेनाओं को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने और आतंकवाद रोधी अभियानों में सेना की संचालन तथा मारक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आपात खरीद प्रणाली के तहत 1981 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक हथियारों की खरीद के 13 अनुबंधों को अंतिम रूप दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सेना के लिए आपात खरीद मद के तहत 2,000 करोड़  की राशि स्वीकृत की गयी थी। </p>
<p>आपात खरीद प्रणाली के तहत सेना के लिए  एकीकृत ड्रोन डिटेक्शन और इंटरडिक्शन सिस्टम (आईडीडीआईएस), लो लेवल लाइटवेट रडार (एलएलएलआर), बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) - लॉन्चर और मिसाइल, रिमोटली पायलटेड एरियल व्हीकल (आरपीएवी),  वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (वीटीओएल), सिस्टम सहित लोइटरिंग म्यूनिशन, विभिन्न श्रेणियों के ड्रोरन, बुलेट प्रूफ जैकेट (बीपीजे),  बैलिस्टिक हेलमेट, क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल (क्यूआरएफवी) - भारी और मध्यम और  राइफलों के लिए नाइट साइट्स जैसे हथियार और उपकरण खरीदे जायेंगे।  </p>
<p>आपात खरीद प्रणाली के तहत त्वरित प्रक्रियाओं के माध्यम से की जाने वाली खरीद का उद्देश्य आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए स्थितिजन्य जागरूकता, मारक क्षमता, गतिशीलता और सुरक्षा को बढ़ाना है। तेजी से क्षमता वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए अधिग्रहण को कम से कम समयसीमा के भीतर पूरा किया गया है। यह खरीद रक्षा मंत्रालय की सेना को उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए आधुनिक, मिशन-महत्वपूर्ण और पूरी तरह से स्वदेशी प्रणालियों से लैस करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रक्षा मंत्रालय इससे पहले भी कई बार आपात खरीद प्रणाली के तहत सेनाओं के लिए खरीद कर चुका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 14:26:36 +0530</pubDate>
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