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                <title>पीएम मोदी की मां के एआई वीडियो पर बिफरी भाजपा : बिहार कांग्रेस के AI वीडियो पर BJP-JDU का हमला, शहजाद पूनावाला ने कहा- कांग्रेस पार्टी एक बार फिर प्रधानमंत्री की मां का अपमान कर रही</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को गाली देना का मामला शुक्रवार सुबह बिहार कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया एक्स हैंडल से कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) द्वारा निर्मित वीडियो जारी करने के बाद एक बार फिर से सुलग उठा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-upset-over-modis-mothers-ai-video/article-126661"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_400-px)-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को गाली देना का मामला शुक्रवार सुबह बिहार कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया एक्स हैंडल से कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) द्वारा निर्मित वीडियो जारी करने के बाद एक बार फिर से सुलग उठा है। एआई वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मां का जानबूझकर और बार-बार अपमान देश और बिहार की जनता माफ नहीं करेगी। इस वीडियो को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का कहना है कि उनकी (प्रधानमंत्री मोदी) दिवंगत मां के प्रति अनादर कहां है, मुझे एक शब्द, एक इशारा, कहीं भी दिखाइए जहां आप अनादर देखते हैं।</p>
<p>कांग्रेस के एआई वीडियो पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बेशर्मी पर उतर आई है। पहले कांग्रेस के मंच से मोदी की मां को गाली दी गई और अब एआई वीडियो बनाकर उनकी मां का अपमान कर रही है। जिस तरह कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की मां का वीडियो बनाया है, जो अब इस दुनिया में भी नहीं हैं उनके बारे में इस तरह का वीडियो बनाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी इससे बाज आए। पूरे देश और बिहार की जनता उस मां के अपमान का बदला जरूर लेगी, जो अब इस दुनिया में भी नहीं हैं।</p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस वीडियो को लेकर कहा कि कांग्रेस पार्टी एक बार फिर प्रधानमंत्री की मां का अपमान कर रही है। यह अब गांधी की कांग्रेस नहीं रही, यह गालियों की कांग्रेस बन गई है। वहीं, एक अन्य भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी की मां का अपमान लगातार कर रही है। बिहार की जनता प्रदेश की माताओं और बहनों का मजाक उड़ाने वाली इंडिया गठबंधन को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि यह न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह देखना घिनौना भी है कि एक पार्टी देश के गरीबों से इतनी नफरत करती है। कांग्रेस महिला विरोधी है।</p>
<p>असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री की मां का अपमान निंदनीय है और देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता उन्हें सबक सिखाएगी क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की मां हमारी मां समान हैं। भाजपा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए इसे राजनीति का एक नया निचला स्तर बताया।</p>
<p>इस एआई वीडियो को लेकर जेडीयू ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राजनीति में मानसिक दुराग्रह से पीड़ित है। पितृ पक्ष में एआई वीडियो के माध्यम से ऐसी टिप्पणी करना पितर का अपमान माना जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निर्लज्जता की पराकाष्ठा पर पहुंच गई है। यह सीता की धरती है, इस धरती पर मां-बेटी का कोई अपमान करेगा तो उसे बिहार सहन नहीं करेगा।</p>
<p>जेडीयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत माताजी को पहले इनके मंच से गालियां दी गईं और फिर इनकी इस वीडियो के माध्यम से उनका घोर अपमान किया गया है... कांग्रेस के लिए आने वाला समय बहुत मुश्किल होने वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 15:29:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>वार के व्यवहार से मंदिरों में बढ़ रही भिखारियों की कतार</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा समेत पूरे राजस्थान को भिक्षावृत्ति मुक्त करने का अभियान सरकार की ओर से चलाया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/queues-of-beggars-are-increasing-in-temples-due-to-war-behavior/article-52284"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/vaar-k-vyavhar-s-badh-rhi-mandiro-me-bhikariyo-ki-kataar...kota-news-20-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । <strong>दृश्य 1-</strong> शहर में मंगलवार व शनिवार को हनुमान मंदिरों के बाहर कतार से हाथ फैलाए लोग भीख मांगते हुए देखे जा सकते हैं। सामान्य दिनों में यहां ऐसे लोग या तो नजर ही नहीं आएंगे या उनकी संख्या इक्का-दुक्का ही रहेगी।</p>
<p><strong>दृश्य 2-</strong> बुधवार को खड़े गणेशजी मंदिर तो गुरुवार को गढ़ पैलेस स्थित साई बाबा मंदिर के बाहर ऐसे लोगों को सड़क किनारे बैठे देखा जा सकता है। ये मंदिर आने वाले हर व्यक्ति के आगे हाथ फेलाए नजर आ जाएंगे। </p>
<p><strong>दृश्य 3-</strong> जुमे रात और जुमे के दिन दोपहर की नवाज के समय शहर की अधिकतर मस्जिदों के बाहर भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को बड़ी संख्या में देखा जा सकता है। यहां नमाज अता करने आने वालों के आगे हाथ फै लाए ये लोग खाने की वस्तु से लेकर नकद राशि तक मांगते हुए देखे जा सकते हैं। </p>
<p>यह स्थिति है शिक्षा नगरी कोटा की। जहां भिक्षावृत्ति करने वालों की संख्या कम होने की जगह लगातार बढ़ती ही जा रही है। हालत यह है कि भिक्षावृत्ति एक तरह का पेशा सा बन गया है। जिनमें कई लोग तो परिवार समेत ही भीख मांगते हुए देखे जा सकते हैं। दिव्यांग व बुजुर्ग लोगों के अलावा युवा और महिलाएं यहां तक की छोटे बच्चों तक को भीख मांगने के काम में लगाया हुआ है। मंदिरों में दर्शन करने वाले लोग इस तरह के लोगों से खासे परेशान हैं। जब तक इन्हें प्रसाद या नकदी नहीं मिल जाती तब तक ये उनका पीछा ही नहीं छोड़ते। </p>
<p><strong>तालाब की पाल व गीता भवन के बाहर भी</strong><br />भिक्षावृत्ति करने वाले वैसे तो पूरे शहर में ही नजर आते हैं। चाहे होटल हो या चाय-जलपान की दुकान। सब्जीमंडी हो या किराने की दुकान। जहां लोग नजर आए वहीं इस तरह के लोग हाथ फैलाकर भीख मांगने के लिए आ जाते हैं। मंदिरों के बाहर तो ऐसे लोग वार के हिसाब से आते ही हैं। वहीं सामान्य तौर पर किशोर सागर तालाब की पाल हो या गीता भवन के बाहर भी इस तरह के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। लक्खी बुर्ज के बाहर हो या जैन दिवाकर के बाहर। बबूल वाले बाबा की दरगाह हो या छावनी व विज्ञान नगर की मस्जिद। इन लोगों को हर समय देखा जा सकता है। गीता भवन में तो सुबह-शाम नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है। जहां ये लोग भोजन भी करते हैं और वहीं पड़े रहते हैं। इसी तरह तालाब की पाल पर दिनभर लोग आकर इन्हें कुछ न कुछ खाने-पीने की चीजे दे जाते हैं।</p>
<p><strong>कॉलोनियों तक में आने लगे ये लोग</strong><br />पहले जहां अधिकतर भिक्षावृत्ति करने वाले लोग चौराहों पर नजर आते थे। कोटड़ी चौराहा हो या एरोड्राम। अंटाघर चौराहा हो या नयापुरा चौराहा। सिग् नल होते ही वाहन रूकने पर ये लोग झपट पड़ते थे। विशेष रूप से महिलाओं व बच्चों वालों को पकड़ते थे। लेकिन इन चौराहों का विकास व सौन्दर्यीकरण होने और यहां से ट्रैफिक सिग्नल लाइटें हटने के बाद अब यहां वाहन चालक नहीं रुकते हैं। ऐसे में अब भिक्षावृत्ति करने वाले भी यहां से अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। ऐसे में अब ये लोग शहर की कॉलोनियों और घरों में भीख मांगने के लिए दिनभर देखे जा सकते हैं। </p>
<p><strong>भिक्षावृत्ति करने वालों पर लगे रोक</strong><br />महावीर नगर निवासी अरुणा शर्मा का कहना है कि मंदिर में जाने पर भिखारी पीछे पड़ जाते हैं। जिससे उनसे बचना मुश्किल हो जाता है। इन पर रोक लगनी चाहिए। कैथूनीपोल निवासी निधी शर्मा का कहना है कि चाहे किसी भी धार्मिक स्थल पर चले जाओ और किसीभी शहर में। हर जगह पर भिखारी पीछे पड़ जाते हैं। हालत यह है कि अब तो एक दो रुपए से नहीं कम से कम 5 से 10 रुपए लिए बिना पीछा ही नहीं छोड़ते। कोटा से ऐसे लोगों को खत्म करना चाहिए। ये कोटा के लिए किसी कलंक से कम नहीं है। </p>
<p><strong>मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने की कार्रवाई</strong><br />शहर में भिक्षावूृत्ति करने वालों से लोगों को छुटकारा दिलाने के लिए पूर्व में मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने कार्रवाई की थी। जिसमें ऐसे लोगों को पकड़कर उन्हें शैल्टर होम में भेजा था। लेकिन वहां से छूटने के बाद ये फिर से वही काम करने लगे थे। लेकिन उस समय यूनिट का खौफ नजर आता था। जबकि पिछले काफी समय से इस यूनिट ने भी भिक्षावृत्ति करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। </p>
<p><strong>कोटा को भिक्षावृत्ति मुक्त करने का अभियान</strong><br />कोटा समेत पूरे राजस्थान को भिक्षावृत्ति मुक्त करने का अभियान सरकार की ओर से चलाया जा रहा है। जिसके तहत कोटा में भी समाज कल्याण विभाग व अन्य विभाग मिलकर ऐसे लोगों का सर्वे कर रहे हैं। उनकी वास्तविक संख्या का पता लगाया जा रहा है। सर्वे के बाद ऐसे लोगों को नगर निगम के माध्यम से पुनर्वास किया जाएगा। जिसमें उन्हें निगम के आश्रय स्थलों में ठहरने की सुविधा और इंदिरा रसोई से नि:शुल्क भोजन कराया जाएगा। इसका मकसद उनके खाने और रहने की व्यवस्था करने से ये लोग इस तरह का काम नहीं कर सकें। <br /><strong>- ओम प्रकाश तोषनीवाल, उप निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2023 16:13:29 +0530</pubDate>
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                <title>पार्क में जमा कचरे के ढेर से लोग हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[कचरे और मरे जानवरों की बदबू से वार्ड वासियों का जीना दूभर हो गया है। जगह-जगह पार्क में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियों की सफाई नहीं हो रही। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-getting-upset-due-to-the-pile-of-garbage-deposited-in-the-park/article-32729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/park-mei-jama-kachre-ke-dher-se-log-ho-rahe-pareshan...rawatbhata-news...19.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। नगर के वार्ड आठ के वार्डवासी पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में जमा कचरे से खासे परेशान हो रहे हंै। इस वार्ड की नालियों में सफाई नहीं होने से पानी की निकासी नहीं हो रही है। जिसके कारण कीचड़ एक जगह जमा हो गया है। नालियों में कचरा और गंदगी भरने की वजह से मकानों में सीलन आ गई है। जिससे लोगों के घरों की बुनियादें कमजोर होती जा रही है। पार्कों में सुअरों का मरना आम हो गया। कचरे और मरे जानवरों की बदबू से वार्ड वासियों का जीना दूभर हो गया है। ऐसे में स्मैकचियों और शराबियों का शाम पड़ते ही पार्कों में जमावड़ा शुरू हो जाता है। जिससे वार्ड की महिलाएं भयभीत हैं। घर से बाहर निकलने में उन्हें डर लगता है।</p>
<p>वार्ड पार्षद प्रेरणा जैन ने बताया कि हमने कई बार अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन को इस बारे में अवगत कराया। हमारे वार्ड में सुअरों का मरना आम बात हो गई है। 15 से 20 सुअर विगत 2 महीने के अंतराल में मर चुके हैं। जिन की बदबू से वार्ड वासियों का जीना दूभर हो गया। जगह-जगह पार्क में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियों की सफाई नहीं हो रही। आए दिन वार्डवासियों की बाते सुनाते है। नालियों में पानी की निकासी नहीं होने की वजह से वार्डवासियों के घरों में सीम आरही है। जिससे वार्डवासी खासे परेशान है। स्मैकचियों और शराबियो का आतंक भी है। शाम पड़ते ही पार्क में आकर बैठना शुरू हो जाते हैं कई बार वार्ड वासियों ने इनको भगाया लेकिन यह वार्ड वासियों को बुरा भला कहने लग जाता है। इनसे भी बड़ा भय है। वार्ड में नहर के किनारे एक डीपी उतार रखी है जहां पर तार खुले हुए हैं। बड़ा हादसा होने का भी खतरा बना रहता है कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी अवगत करा दिया। कभी भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। </p>
<p> हमारे वार्ड की समस्या से पार्षद को अवगत कराया। लेकिन हमारे घर के सामने पार्क की सफाई नहीं हो रही है। बदबू भी इतनी बुरी आती है कि हमारा जीना दूभर हो रहा है। लाइट भी पर्याप्त नहीं है। पार्क में शराबियों, स्मैकचियों  से भी हम परेशान है।<br /><strong>-राधाबाई मीणा, वार्डवासी </strong><br /><br />हमारे वार्ड में नालियों की सफाई समय पर नहीं होने की वजह नालियों में कचरा भर जाता है। अब तो नालिया पूरी तरह जाम हैं। हमारे मकानों में सीम तक आ गयी। कई बार पार्षद को कहा लेकिन नालियों की सफाई के नाम पर अनदेखी है।<br /><strong>-बबिता बागड़ी, वार्डवासी </strong></p>
<p> वार्ड में सफाई की समस्या बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। हमारी नालियों में कचरा भरा हुआ है और हमारे मकान के सामने पार्क बना हुआ है। जिसके अंदर स्मैकचियों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। महिलाएं काफी परेशान है। रात के समय अब बाहर निकलने में डर लगता है। कई बार हमने पार्षद को अवगत कराया। लेकिन समस्या जस की तस है।<br /><strong>-कृष्णा बागड़ी, वार्डवासी </strong></p>
<p> मेरे वार्ड में पार्क में कचरा फेंकने से डंपिंग यार्ड बना हुआ है जिससे बदबू आना शुरू हो गई हमारा जीना दुभर हो रहा है। आवारा जानवरों का आए दिन यहां मरना हमारे लिए दुश्वरी कर रहा है बदबू इतनी बुरी आती है। कहना मुश्किल है। पार्षद को भी कई बार बता दिया बीमारियों बड़ने का खतरा बना रहता है।<br /><strong>-रेखा सेन, वार्डवासी </strong></p>
<p> कोटा बेरियल से डेम रोड की मुख्य सड़क नहर के किनारे मेन रोड पर ही लगी डीपी जिस पर खुले तार झूलते हुए है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वार्ड में लाइट भी पर्याप्त नहीं है।<br /><strong>-प्रेरणा जैन, वार्ड पार्षद  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2022 14:42:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जगह-जगह लगा गंदगी का अंबार, लोग हो रहे परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड में नालियां टूटी फूटी हैं। इन नालियों से पानी बाहर निकल कर सड़कों पर फैल जाता है। जिससे वार्डवासियों सहित आम राहगीरों को खासी समस्या का सामना करना पड़ता है। पार्षद को कई बार इस समस्या के बारे कहा गया। लेकिन कोई निदान नहीं हुआ। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pile-of-rubbish/article-32146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/ward-35---jagah-jagah-laga-gandagi-ka-ambaar..rawatbhata-news....kota...12.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। रावतभाटा नगर पालिका के वार्ड 35 में सफाई, पानी, नालियों की समस्या से वार्ड वासी जूझ रहे हैं। वार्ड में कचरे का ढेर सड़कों पर पड़ा है। जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। नालियां भी टूटी हुई हैं। जिससे पानी सड़क पर आ जाता है। ऐसे में कई जगह पानी की समस्या वार्ड में बनी हुई है। वार्ड में कई जगह लाइट तक नहीं है। जिससे महिलाओं, बुजुर्गो के साथ-साथ राहगीरों को खासा परेशान होना पड़ता है। राहगीर कई बार गिरकर चोटिल भी होते रहते हैं। </p>
<p>वार्डवासी रिटायर्ड कर्मचारी महेंद्रसिंह त्यागी ने बताया कि हमने कई बार पार्षद को पानी की समस्या से अवगत करवाया। लेकिन वार्ड में पानी की समस्या जस की तस है। हमारे वार्ड में पानी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रहा है। इसी प्रकार वार्डवासी  रिटायर्ड कर्मचारी वीपी सिंह ने बताया कि  मेरे वार्ड में नालियां टूटी फूटी हैं। इन नालियों से पानी बाहर निकल कर सड़कों पर फैल जाता है। जिससे वार्डवासियों सहित आम राहगीरों को खासी समस्या का सामना करना पड़ता है। पार्षद को कई बार इस समस्या के बारे कहा गया। लेकिन कोई निदान नहीं हुआ। </p>
<p>मैंने अपने वार्ड की समस्या के बारे में कई बार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन को ज्ञापन देकर अवगत करवाया है। लेकिन वार्ड में पानी की कचरे की और टूटी नालियों की समस्या जस की तस हंै। मेरे वार्ड में अभी तक कोई भी काम नहीं करवाया गया। जिससे वार्डवासी खासे परेशान हैं। <br /><strong>-राज कुमार दशोरा, वार्ड पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2022 16:04:15 +0530</pubDate>
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                <title>बदहाली: दो साल से गंदे पानी से निकलने को मजबूर विद्यार्थी और ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य मार्ग के पानी में से होकर के छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में अधिक पानी भर जाने से कपड़ों को ऊंचे लेकर के गुजरना पड़ता है।  छात्र-छात्राएं संतुलन बिगड़ जाने से फिसल करके चोटिल  हो जाते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/plight--students-and-villagers-forced-to-get-out-of-dirty-water-for-two-years/article-30726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/badhaali--do-saal-se-gande-pani-se-nikalne-ko-majboor-vidhyarthi-aur-gramin...dablana-news...25.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>दबलाना। कस्बा पंचायत के राजस्व गांव लोधा की झोपड़िया में गांव के बीचों बीच प्रमुख मार्ग में पानी निकासी की व्यवस्था ना होने से बीते 2 वर्षों से ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं  पानी में से गुजरने को मजबूर हैं।  मुख्य मार्ग के पानी में से होकर के छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाना पड़ता है। कई बार छात्र-छात्राएं संतुलन बिगड़ जाने से फिसल करके चोटिल हो जाते हैं। 2 वर्षों से पानी में से निकलने की पीड़ा से ग्रामीणों के 17 नवंबर को जिला कलक्टर की त्रि स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर को लिखित में  अवगत करवाया था। जिस पर  कलक्टर ने  गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को  समस्या समाधान के निर्देश देने पर भी पानी निकासी के लिए नाली निर्माण के कार्य में अब तक का प्रगति नहीं है ’ हालांकि मंगलवार को ग्राम विकास अधिकारी हरिओम शर्मा ,रोजगार सहायक नंदलाल यादव, कनिष्ठ सहायक मुकेश दरोगा जेसीबी से  एक साइड पर तो नाली निर्माण के लिए  ड्रेन से खुदाई करवाई । ग्रामीणों ने दूसरी साइड पर ड्रेन खुदाने की बात कही तो जेसीबी को दूसरी साइड पर लगाते ही कुछ ग्रामीणों ने एसडीएम कोर्ट का स्टे बता दिया। पंचायतकर्मी जबरदस्ती जेसीबी से खुदाई करवाने लगे तो ग्रामीणों के विरोध करने पर कार्य बंद कर दिया। स्वच्छ भारत मिशन के नियमों की भी अनदेखी  हो रही है। एक और जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह कहा जाता है कि घर एवं उसके आसपास पानी जमा ना रहने दे। उससे पैदा होने वाले  मच्छरों के काटने से कई प्रकार की बीमारियां पैदा होती है तथा गंदगी बनी रहती है।</p>
<p><strong>पानी भरने की समस्या पर बच्चों को स्कूल से ले गए थे अभिभावक</strong><br />ग्रामीण रमेश लोधा, कन्हैयालाल लोधा ने कहा कि मुख्य मार्ग के पानी में से होकर के छात्र-छात्राओं को भी स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में अधिक पानी भर जाने से कपड़ों को ऊंचे लेकर के गुजरना पड़ता है।  छात्र-छात्राएं संतुलन बिगड़ जाने से फिसल करके चोटिल  हो जाते हैं। समस्या से परेशान होकर के अभिभावकों ने 3 सितंबर को मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक को ज्ञापन में बताया था कि जब तक पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक हम स्वेच्छा से छात्र-छात्राओं को घर ले जा रहे हैं। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश से पीइइओ बालकृष्ण गौतम स्कूल में पहुंचे। समस्या समाधान के लिए सरपंच को भी बुलाया। स्कूल स्टाफ के सहयोग से  अभिभावकों को  बुलवा करके समस्या पर चर्चा करने पर सरपंच ने कहा कि  अभी मेरा स्वास्थ्य खराब है। शीघ्र ही नाली का निर्माण करवा करके पानी की निकासी कराई जाएगी।  अभिभावकों ने छात्र छात्राओं को स्कूल भेजना शुरू कर दिया ’ फिर भी समस्या का समाधान नहीं होने से जिला कलक्टर से निवेदन करना पड़ा। ग्रामीण अंबालाल लोधा, गणेश ने कहा कि समस्या से कई बार सरपंच को भी अवगत कराया हुआ है,लेकिन अब तक भी 2 वर्षों से नाली का निर्माण ना होने से समस्या का समाधान नहीं हुआ। </p>
<p>मंगलवार को एक साइड पर खुदाई करवाई। दूसरी साइड पर जेसीबी मशीन ले  जाने पर रामलाल ने कोर्ट का स्टे बता दिया और विरोध करने लगे। ऐसे में कार्य को रोक कर बीडीओ एवं एसडीएम  हिंडोली, नायब तहसीलदार  दबलाना को लिखा गया है। <br /><strong>- हरिओम शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी </strong></p>
<p>आबादी भूमि में पंचायत को योजना बनाकर पानी निकासी के लिए नाली निर्माण करवाना चाहिए। ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उच्च अधिकारियों के आदेश व निर्देश की पालना की जाएगी। <br /><strong>- भूपेंद्र सिंह, दबलाना नायब तहसीलदार </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 15:33:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चेनपुरिया गांव की क्षतिग्रस्त सड़क से आमजन परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[अतिवृष्टि के कारण सड़क टूट गई। खाल किनारे बनी हुई सड़क पर सुरक्षा दीवार नहीं बनाए जाने के कारण यह सड़क पानी से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/public-upset-due-to-damaged-road-of-chainpuria-village/article-22653"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/chainpuriya-gaon-ki-damaged-road..chhipabarod-news-baran-13.9.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। छीपाबड़ौद तहसील क्षेत्र के गांव चेनपुरिया जागीर की सड़क अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त होने से आमजन परेशान हैं। परेशान गांव वासियों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार अतिवृष्टि के कारण सड़क टूट गई। जिससे ग्रामीण लगातार परेशान हो रहें हैं। चेनपुरिया गांव से होकर मोखमपुरा व अमलावदाहाली पंचायत के लगभग 20 से अधिक गांव का रास्ता छीपाबड़ौद पहुंचता है और उक्त सड़क राहगीरों के लिए वाया अमलावदाहाली मोठपुर होते हुए अटरु तहसील को जोड़ती है। प्रशासन को कई बार अवगत कराया परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। चेनपुरिया गांव के रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि खाल किनारे बनी हुई सड़क पर सुरक्षा दीवार नहीं बनाए जाने के कारण यह सड़क पानी से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। किसी भी बड़ी घटना या दुर्घटना होने की पूरी संभावना है। कोई दुर्घटना ना हो इसलिए सरकार आमजन की समस्या का जल्द समाधान करें।</p>
<p>चेनपुरिया जागीर की सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को परेशानी होती है। लोगों की परेशानी को देखते हुए इस सड़क को सरकार जल्द सही करवाएं ताकि आमजन को राहत मिल सकें।<br /><strong>-  इमरान खान, ग्रामीण, चेनपुरिया। </strong></p>
<p> चेनपुरिया गांव में क्षतिग्रस्त सड़क की जानकारी मिली हैं। सड़क बरसात की वजह से क्षतिग्रस्त हुई है। विभाग द्वारा सड़क के समीप सुरक्षा दीवार का निर्माण जल्द करवाया जाएगा। <br /><strong>- अरविंद आसवाल, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, छबड़ा। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Sep 2022 14:47:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उधड़ी सड़कें दे रही जख्म, गंदगी से बीमारी का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के अंदरुनी इलाकों में विकास के लिए नगर निगम गंभीर नहीं है। वार्डों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उनमें भरा बरसाती पानी बाशिंदों को जख्म दे रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/uprooted-roads-are-giving-wounds--risk-of-disease-from-dirt/article-21729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/ward-69-udhadi-sadke-de-rahi-jakhm..kota-news-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के अंदरुनी इलाकों में विकास के लिए नगर निगम गंभीर नहीं है। वार्डों में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे और उनमें भरा बरसाती पानी बाशिंदों को जख्म दे रहे हैं। बरसाती पानी की निकासी नहीं होने से कीचड़ व गंदगी की समस्या हो गई। वहीं, मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया। इतना ही नहीं, सीवरेज लाइन डालने  के लिए आरयूआईडीपी ने सड़कों को उधेड़ रख दिया। बच्चों को घर से स्कूल पहुंचाना व वापस घर लाना काफी जोखिमभरा है। नालियों की सफाई नहीं हो रही। सड़कों के अभाव में कॉलोनियों में पानी भरा रहता है। बरसात के समय घर बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। रोड लाइटों के अभाव में शाम को ही अंधेरा पसर जाता है। खाली प्लॉटों में गंदगी का ढेर लगा है। दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड 69 के हालातों से दुखी बाशिंदोें ने कुछ इस तरह पीड़ा बयां की। </p>
<p><strong>पानी के लिए रहती मारामारी </strong><br />वार्ड में पानी की समस्या है। मोटर के बिना नलोें में पानी नहीं आता। जरूरत के मुताबिक पानी एकत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं, छतों पर रखी टंकियां भरने के लिए रात दिन मोटर चलानी पड़ती है, जिससे बिजली का बिल अधिक बढ़ रहा है। हाल यह हैं, घर की दहलीज पर लगे नलों में भी पानी नहीं आता। रात को सोने से पहले पानी का जुगाड़ करना मजबूरी हो गई है। पार्षद को इस संबंध में शिकायत की थी लेकिन ध्यान नहीं दिया। <br /><strong>-जीतू कोली, वार्डवासी </strong></p>
<p><strong>गंदगी का लग रहा ढेर</strong><br />सड़क किनारे गंदगी का ढेर लगा हुआ है। सफाईकर्मी कॉलोनियों में नहीं आते। बरसात में कचरा सड़ता है, दुर्गंध से लोगों का यहां से निकलना तक मुश्किल हो रहा है। वहीं, खाली प्लॉट कचरा प्वाइंट बन गए हैं। जहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी होने से जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। सड़कों पर पानी जमा होने से खतरनाक बीमारियों का लार्वा पनप रहा है। पार्षद से शिकायत करते हैं तो ध्यान नहीं दिया जाता। <br /><strong>-भीमराज मिमरोट, वार्ड 69 निवासी</strong></p>
<p><strong>सड़ रही नालियां, नहीं होती सफाई</strong><br />कॉलोनियों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। बरसात में इलाके का कचरा बहकर नालियों में जमा हो गया। जिससे पानी की निकासी नहीं हो रही। घरों से निकलने वाला गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैला रहता है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। मौसमी बीमारियों का खतरा रहता है। सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते। लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई। पार्षद से शिकायत की लेकिन फायदा नहीं हुआ। <br /><strong>- प्रेम विजयवर्गीय, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त सड़कें बढ़ा रही दर्द </strong><br />इलाके की सभी सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही है। बरसों से मरम्मत नहीं हुई। जगह-जगह गहरे गड्ढे हो रहे हैं। गड्ढों से वाहन गुजरने के दौरान लगते झटकों से कमर व घुटनों का दर्द बढ़ रहा है। वहीं, वाहनों का अनावश्यक मेंटिनेंस बढ़ रहा है। बरसाती पानी की वजह से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे कई बार बाइक सवार हादसे का शिकार हो चुके हैं। पार्षद से सड़कों की मरम्मत करवाने को कहते हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया जाता। शिकायत किससे करें, कोई सुनने वाला नहीं हैं। <br /><strong>-रामचरण बैरवा, वार्ड 69 निवासी</strong></p>
<p>वार्ड की जनसंख्या करीब साढ़े पांच हजार है, जिसके मुकाबले में संसाधन नहीं है। वार्ड में 8 सफाईकर्मी लगे हैं,जबकि जरूरत 20 की है। ऐसे में सफाई ठीक से नहीं हो पाती। वहीं, कचरा संग्रहण के लिए दो टीपर लगे हैं, लेकिन वो भी कभी-कभी आते हैं। बारिश के बाद वार्ड में सीसी सड़कें बनाई जाएंगी। इसके अलावा जिन इलाकों में पानी की समस्या है, जलदाय विभाग के अधिकारियों से बात कर जलापूर्ति में सुधार करवाएंगे। <br /><strong>- ममता कंवर,  पार्षद वार्ड 69</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:15:19 +0530</pubDate>
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                <title>मौसमी बीमारियों का खतरा और पानी की मारामारी</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में आबादी बसे बरसों बीत गए इसके बावजूद विकास नहीं हो रहा। कई कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन नहीं है और जहां है वहां नलों में पानी नहीं आ रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/threat-of-seasonal-diseases-and-water-crisis/article-21258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/4654654655.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नांता इलाके में प्रवेश करते ही कस्बे का अहसास होता है। उधड़ी सड़कों पर दिनभर धूल का गुबार, पानी की मारामारी और जगह-जगह गंदगी के ढेर के बीच स्मार्ट सिटी का विकास नजर नहीं आता। क्षेत्र में आबादी बसे बरसों बीत गए इसके बावजूद विकास नहीं हो रहा। कई कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन नहीं है और जहां है वहां नलों में पानी नहीं आ रहा। हालात यह है, पानी के लिए रात दिन मोटर चलाना लोगों की मजबूरी बन गई। वहीं, बिजली के बढ़ते बिल मुसीबत बने हुए है। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड 29 के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। नालियों की नहीं हो रही सफाई नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। दुगंध से लोगों का यहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया। सफाईकर्मी वार्ड के मुख्य मार्गों पर ही सफाई करते हैं लेकिन कॉलोनियों में नहीं आते। ऐसे में स्थानीय लोग पैसे देकर ही नालियों की सफाई करवाते हैं। इलाके में ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। -रामकुमार गुर्जर पानी की पाइप लाइन ही नहीं डली करणी स्कूल के पीछे गुर्जर मोहल्ले में पानी की पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई। लोगों को बोरिंग का पानी पीना पड़ता है। वहीं, जिन कॉलोनियों में पाइप लाइन हैं वहां जलापूर्ति धीमी गति से होती है। ऐसे में दिन-रात मोटर चलाकर जरूरत का पानी एकत्रित करना पड़ता है। जिससे बिजली का बिल अधिक आ रहा है। पार्षद से शिकायत के करते हैं तो सुनवाई नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। - मोहन सैनी अधिकारी नहीं सुनते वार्ड 29 की आबादी 5 हजार से ज्यादा है। जिसके मुकाबले हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। नगर निगम, यूआईटी और जलदाय विभाग से जुड़ी इलाके में कई समस्याएं हैं। समाधान के लिए तीनों कार्यालयों में चक्कर काटे, अधिकारियों से समाधान की गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं होती। गुर्जर मोहल्ला, सहकारी गोदाम के पीछे वाले इलाके में पानी की पाइप लाइन डलवाने के लिए जलदाय विभाग के जेईएन व एक्सईएन को गत वर्ष प्रस्ताव बनाकर दिए थे। इसके बावजूद आज तक पाइप लाइन नहीं डली। वहीं, 15 सफाईकर्मी हैं, जबकि जरूरत 25 की है। वहीं, कचरा संग्रहण के लिए 2 टीपर आते है, लेकिन गली-मोहल्लों में नहीं जाते। इसकी लिखित शिकायत महापौर से करने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा। बीजेपी पार्षद होने के नाते वार्ड को विकास से वंचित रखा जा रहा है, जो सही नहीं है। -कुसुम, पार्षद वार्ड 29</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Sep 2022 14:57:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> कोटा दक्षिण वार्ड 58 - कछुआ चाल सा सीवरेज का काम, जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[  शहर के कोटा दक्षिण वार्ड 58  में कछुआ चाल से कार्य हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है की आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज पाइपलाइन डलवाने का कार्य कछुआ चाल से भी धीमीं गती से हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-58---slow-sewerage-work--public-upset/article-16730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ward-58-sewerage-ka-kaam-....kota-news-29.7.20222.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा शहर में सीवरेज कार्य की कछुआ चाल से पूरा शहर परेशान है। कभी सीवरेज तो कभी अन्य पाइनलाइन डालने का हवाला देकर सड़के खोद दी जाती है। जगह-जगह सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़के खोद कर छोड़ दी गई है। जिन क्षेत्रों में नई सड़के बनाई गई है, उन सड़कों को भी खुदवाया जा रहा है। सरकारी विभागों में आपसी तालमेल का आभाव बना हुआ है। जगह-जगह गड्ढें खुदवाकर छोड़ दिए गए है। इससे लोग दुर्घनाओं का शिकार हो रहे है। यही हाल है शहर के कोटा दक्षिण वार्ड 58 का। इस वार्ड में कछुआ चाल से कार्य हो रहा है। स्थानीय लोगों को कहना है की आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज पाइपलाइन डलवाने का कार्य कछुआ चाल से भी धीमीं गती से हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है की छावनी मेन रोड़ में सीवरेज डलवाई जानी थी। यह कार्य एक माह के अधिक के समय से बंद है। यहां गड्ढें खुदवाकर छोड़े गए है। अभी तक इनमें ना तो पाइपलाइन डाली गई है और ना ही इन गड्ढों को बंद करवाया गया है। इन गड्ढों की वजह से आए दिन वार्ड क्षेत्र में हादसे होते रहते है। इसके बावजूद भी प्रशासन व विभाग के कर्मचारी आंखे मंूदकर बैठे है। वहीं हर बार अधिकारी कहते हैं की बारिश की वजह से वह काम शुरु नहीं कर रहे।<br /><br /><strong>चौड़ाई बढ़ाने की मांग</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है की छावनी मेन रोड़ वाला क्षेत्र भीड़ भाड़ वाला क्षेत्र है। दिन के समय में यहां बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां से चौपहिया वाहन निकाल पाना बहुत मुश्किल होता है। यहां पर भारी जाम लगा रहता है। इससे यहां के लोग परेशान है। स्थानीय लोगों ने छावनी बंगाली कॉलोनी, जामा मस्जिद रोड़ को चौड़ा करने की मांग की है। इससे छावनी क्षेत्र में ट्रेफिक की समस्या से निजात मिलेगी। इस रोड़ की चौड़ाई बढ़ाने के लिए काफी बार विभाग को भी अवगत करवाया जा चुका है और जनप्रतिनिधियों को भी पत्र लिखे जा चुके है, लेकिन आज तक इसकी और किसी ने कोई ध्यान नहीं  दिया।<br /><br /><strong>यह है वार्ड क्षेत्र</strong><br />बंगाली कॉलोनी, शीतला माता मंदिर वाला सम्पूर्ण एरिया, दैनिक नवज्योति रोड़ आजाद पार्क, शकुन्तला अपार्टमेन्ट, चिल्ड्रन स्कूल, बडी मस्जिद, राजोरा कम्प्लेक्स, भूत बंग्ला का क्षेत्र एवं तिलक नगर इस वार्ड क्षेत्र में आता है।<br /><br /><strong>वन-वे हो रोड</strong><br />मस्जिद वाली रोड़ को वन-वे किया जाना चाहिए। दिन के समय इस रोड़ से बडेÞ वाहन नहीं गुजरेंगे तो आसानी होगी। इससे ट्रेफिक जाम भी नहीं लगेगा। रात्रि व सुबह के समय में इस रोड़ को खोल दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही सड़कों पर बिजली विभाग के तार व लाइटें लटकती रहती है, जिससे हादसे होने का खतरा बना रहता है। इस समस्या को लेकर भी विभाग को कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन इसकी और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।<br /><strong>- एस.ए खान, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>बिजली रहती है गुल</strong><br />वार्ड क्षेत्र में बिजली कटौती की भंयकर समस्या है। वार्ड में ज्यादात्तर बिजली गुल ही रहती है। इससे कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार-बार बिजली के कट लगाए जाते हैैं।<br /><strong>- मोहम्मद अफजल, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>नहीं आ रहा पानी</strong> <br />वार्ड क्षेत्र में लंबे समय से पानी सप्लाई कि समस्या भी बनी हुई है। पिछले चार दिनों से वार्ड क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं हुआ है। जलदाय विभाग के अधिकारी पानी अधिक होने का हवाला देते हैं और कहते हैं की पानी बहुत ज्यादा हैं, जिसकी वजह से पानी फिल्टर नहीं हो पाता। वार्ड क्षेत्र में 5 हजार से अधिक की जनसंख्या है। स्थानीय लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे है।<br /><strong>-संतोष सिंह, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>खोद रखे हैं गड्ढे</strong><br />आरयूआईडीपी ने वार्ड क्षेत्र में जगह-जगह गहरे गड्ढें खुदवाकर छोड़ दिए है। कार्य बहुत ही धीमीं गती से हो रहा है। इससे वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन गड्ढों के कारण वार्ड क्षेत्र में रोजान हादसे होते है, लेकिन इसकी और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।<br /><strong>- शिवांगिनी सोनी, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Jul 2022 14:40:46 +0530</pubDate>
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                <title>अरनेठा से करवाला की झोपड़ियां तक सड़क बदहाल, राहगीर परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे के अरनेठा से करवाला की झोपड़ियां तक की सड़क एक साल से बदहाल है। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने इस खराब हुई सड़क का निर्माण करने की मांग की हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/road-from-arnetha-to-karwala-s-huts-in-bad-condition--passersby-upset/article-15171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/arneth-se-karwaala-li-jhopadiyo.jpg" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे के अरनेठा से करवाला की झोपड़ियां तक की सड़क एक साल से बदहाल है। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने इस खराब हुई सड़क का निर्माण करने की मांग की हैं।  ग्रामीणों ने बताया पिछले एक साल से सड़क बुरी तरह खराब हो रही हैं। आवागमन में आमजन को बुरी तरह परेशानी आ रही हैं । बारिश का मौसम चल रहा हैं  ऐसे में समस्या और गंभीर हो गई हैं। बच्चे,बड़े, बुजुर्ग,महिलाएं, सरकारी एवमं गैर सरकारी कार्मिक,एम्बुलेंस आदि को बुरी तरह टूटी हुई सड़क ने अत्यंत पीड़ा हो रही हैं । <br /><br />ग्रामीणों ने विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने का आग्रह किया हैं । ग्रामीण रामपाल सुमन ,मोहन लाल सामरिया , राजेंद्र खींची, घनश्याम मालव, नरेंद्र गोतम, हरिओम मालव ,  दीपक सुमन, प्रभुलाल मालव ,महेश योगी, मूलचंद मालव, गिरिराज गुप्ता, हरिओम सोनी, जितेंद्र सुमन, सत्यनारायण कश्यप ,ओम प्रकाश मीणा, बृजमोहन महावर ,आनंद सैनी,कन्हैयालाल मेघवाल, रामचंद्र महावर, महावीर महावर,हंसराज बैरवा, छीतरलाल बैरवा, भंवर लाल सुमन, जगदीश गोत्तम, मुकेश वैष्णव,चतुर्भुज श्रृंगी,नरेश सैनी,  सुरेंद्र सुमन,सुरेश महावर आदि ने इस समस्या को दूर करने की मांग की है। <br /><br /><strong> इनका कहना हैं</strong><br /> सड़क बुरी तरह खराब हो गई हैं। 10 मिनिट के रास्ते में आधा घंटा लग रहा हैं। रोज ड्यूटी पर आते हैं। समय पर पहुंचना हमारी पहली प्राथमिकता हैं । आने जाते समय खराब सड़क से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता हैं। उचित उपाय होना जरूरी हैं।<br /><strong> -ओम प्रकाश मीणा, रेलवे गेट नंबर 120 अरनेठा</strong><br /><br />पिछले एक वर्ष से देख रहे हैं। आमजन लगातार परेशान हैं। विभाग एवं जनप्रतिनिधियों को आमजन की समस्या को देखते हुए कोई ठोस कदम उठाना अनिवार्य हो गया हैं। <br /><strong>-हरिओम मालव, ग्रामीण अरनेठा</strong><br /><strong> </strong><br /> यह सड़क  किसी भी योजना में कवर नहीं हो पा रहा हैं। केंद्र सरकार की एक योजना है। सीआरआईएफ उसमें इतने पैसे नहीं मिलते रहे थे। इस्ां वर्ष उसमें भी आने की संभावना थी लेकिन अब नहीं है। एक नंबर पर इसका प्रस्ताव भेज  रखा है। दूसरा इसको स्टेट हाईवे भी घोषित करवा लिया है। उसके पोर्शन  में ह्नुतिया की तरफ से आ रहा है।  पुल भी बन जाएगा और रोड भी बन जाएगा लेकिन जो ट्रैफिक की श्रेणी है उसमें ट्रैफिक कम है । इस साल यह नहीं मिल पाया। लबान माखीदा को इस बार मिला । तीसरा हमे भी केवल एक विधानसभा पर केवल 2 करोड़ ही मिलता हैं। उसमे केवल छोटी छोटी सड़के ही हो पाती हैं ।अब केवल ग्रामीण या जनप्रतिनिधि पीडब्लूडी मंत्री या मुख्यमंत्री से मिले वो चाहे तो कुछ कर सकते हैं ।<br /><strong>-वी के जैन, एसई पीडब्लूडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Jul 2022 17:49:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उखड़ी सड़कें, कीचड़ और गंदगी से मरीज हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[ संभाग के सबसे बड़े जेकेलोन व एमबीएस अस्पताल में उखड़ी सड़कों और चहुंओर फैले कीचड़ से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य के मरीजों को आने जाने में भारी परेशानी हो रही है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/patients-are-getting-upset-due-to-crumbling-roads--mud-and-dirt/article-13970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ukadi-sadke,-keechad-aur-gandagi-mareej-pareshan-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े जेकेलोन व एमबीएस अस्पताल में उखड़ी सड़कों और चहुंओर फैले कीचड़ से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य के मरीजों को आने जाने में भारी परेशानी हो रही है।  अभी 10 दिन पूर्व ही जेकेलोन और एमबीएस अस्पताल में मरीजों के आवागमन की समस्या को दूर करने को लेकर प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बैठक लेकर लोगों तत्काल राहत पहुंचाने को आवश्वान भी दिया लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। जेकेलोन व एमबीएस अस्पताल में मानसून की हुई बारिश के बाद से जगह जगह गड्ढों में पानी जमा हो गया। उखड़ी रोड जमा पानी से चहुंओर कीचड़ फैला हुआ है। एंबुलेंस और अन्य वाहनों कीचड़ में फंस रहे है। उसके बावजूद  वर्षा के कारण जमा पानी निकासी के उपाय नहीं किए जिससे मरीजों व तीमारदारों को भारी परेशानी हो रही है। हालांकि एमबीएस का मुख्य द्वार खोलने से अब घूमकर जाने की समस्या समाधन हुआ।<br /><br /><strong>नालियां क्षतिग्रस्त होने से चहुंओर फैली गंदगी</strong><br />दोनों अस्पतालों की नालियां टूटने से सारा गंदा पानी रोड पर जमा हो रहा जिससे चहुंओर गंदगी फैली हुई है। जमा पानी में मच्छर पनप रहे है। जगह -जगह निर्माण सामग्री बिखरी होने से वाहन चालकों व एंबुलेंस चालकों मरीजों अस्पताल में पहुंचाने में परेशानी हो रही है। <br /><br /><strong>टीबी वार्ड के पास फैली गंदगी</strong> <br />जेकेलोन के पास इंदिरा रसोई व  टीबीवार्ड के पास फैले कीचड से होकर अस्पताल में पहुंचना पड़ रहा है। इसी मार्ग से मरीजों को एंबुलेंस लेकर जा रही है। मुख्य द्वार के पास लगाए सुरक्षा के लगाए बेरिकेट  से होकर मरीज गुजर रहे है। <br /><br /><strong>सेंटर लैब के सामने जमा पानी और कीचड़ से लैब में फैल रही गंदगी</strong><br />एमबीएस अस्पताल की सेंटर लेब के बाहर जमा बारिश के पानी के कारण चहुंओर गंदगी फैली है। जमा पानी में मच्छर पनप रहे है। वहीं कीचड़ से सने जूते चप्पल से लोग सेंटर लेब में जा रहे जिससे वहां सफाई कर्मियों को डबल मेहनत करनी पड़ रही है। सेंटर लेब के पास ही पेयजल और टायलेट बना हुआ जिसका पानी भी रोड पर फैल रहा है जिससे चहुंओर कीचड़ और बदबू फैली है। <br /><br />अस्पताल में वर्षा के कारण पानी भराव से मरीजों एवं तीमारदारों को आवागमन में हो रही परेशानी को देखते हुए अस्पताल के चिकित्सकों एवं सम्बन्धित विभागों के अभियंताओं के साथ 25 जून को बैठक लेकर निराकरण के लिए मुख्य द्वार खुलवाने तथा प्रमुख मार्गों के निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का निर्णय लिया। एमबीएस चिकित्सालय में मरीजों का आवागमन सुगम करने के लिए एमबीएस का मुख्य गेट तत्काल प्रभाव से खुलवाने के निर्देश अधीक्षक एमबीएस दे दिए है। ताकि मरीजों को आने-जाने के लिये वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध हो सके। अधीक्षण अभियन्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग को भी चिकित्सालय की सड़कों के निर्माण कार्य करवाने के टेंडर शीघ्र करवाकर कार्य पूरा लिए कहा है। <br /> <strong>- डॉ. विजय सरदाना, नियंत्रक एवं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/patients-are-getting-upset-due-to-crumbling-roads--mud-and-dirt/article-13970</link>
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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 14:42:03 +0530</pubDate>
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                <title>आरटीयू की बदइंतजामी: प्रदेशभर से मार्कशीट लेने आए छात्र खा रहे धक्के</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इन दिनों प्रदेशभर से हजारों छात्र प्रोविजनल डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन सहित अन्य डॉक्यूमेंट लेने कोटा आ रहे हैं। लेकिन, आरटीयू की बदइंतजामी से छात्रों को तीन-तीन दिन तक दस्तावेज नहीं मिल रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rtu-mis-management--students-who-came-to-collect-marksheet-from-all-over-the-state-are-getting-upset/article-12699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rtu.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इन दिनों प्रदेशभर से हजारों छात्र प्रोविजनल डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन सहित अन्य डॉक्यूमेंट लेने कोटा आ रहे हैं। लेकिन, आरटीयू की बदइंतजामी से छात्रों को तीन-तीन दिन तक दस्तावेज नहीं मिल रहे। वहीं, परीक्षा भवन में मार्कशीट वितरण कार्य में लगे संविदाकर्मियों की बदसलूकी से स्टूडेंटस आहत है। हालात यह है, सुबह से शाम तक दस्तावेज मिलने की उम्मीद लगाए बैठे विद्यार्थियों को संविदाकर्मी कल आने की बात कहकर टरका रहे हैं। ऐसे में दूर-दराज के जिलों से आए छात्र रातभर शहर में सिर छिपाने की जगह ढूंढते फिर रहे हैं। कोई होटल तलाशता तो कोई रेलवे स्टेशन पर ही रात बिताता। आरटीयू प्रशासन की लापरवाही से सैंकड़ों छात्र शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।  यूनिवर्सिटी के परीक्षा भवन में छात्रों ने दैनिक नवज्योति से अपनी पीड़ा बयां की। <br /><br /><strong>दो दिन से धर्मशाला में रह रहा हूं</strong><br />बीटेक पासआउट छात्र कृपाशंकर मीणा कहते हैं, वे दौसा से कोटा आए हैं। फर्स्ट   ईयर की मार्कशीट खो गई, इसलिए डुप्लीकेट मार्कशीट लेने आया हूं। सुबह 10 बजे से आरटीयू के चक्कर काट रहे हैं। यहां डॉक्यूमेंट वितरण का कार्य करने वाले संविदाकर्मी दोपहर तक मार्कशीट देने की बात कहते हैं लेकिन शाम तक नंबर नहीं आता। किसी तरह नम्बर आ जाए तो रिजल्ट की स्लीप लाने की बात कहते हैं, तब तक ई-मित्र बंद हो जाती है और शाम 6 बजे तक काउंटर बंद कर देते हैं। यदि उन्हें किसी तरह की कोई स्लीप चाहिए तो कर्मचारी सुबह से दोपहर तक नहीं बताते। मजबूरी में दो दिन तक रामपुरा स्थित धर्मशाला में रूका रहा। अगले दिन शाम 5.30 बजे करीब मार्कशीट मिली प्रोविजनल नहीं दी गई। <br /><br /><strong> रेलवे स्टेशन पर कटी रात</strong><br />प्रोविजनल डिग्री लेने आए नागौर निवासी गजेंद्र बडीयास ने बताया कि सुबह 11 बजे परीक्षा भवन में स्थित काउंटर पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने शाम को आने की बात कही। हमारे पास कोई साधन नहीं होने से भूखे-प्यासे यूनिवर्सिटी में ही बैठे रहे। शाम 4 बजे फिर से काउंटर पर गए तो कल आने की बात कही गई। संबंधित कर्मचारी से वजह पूछी तो बदतमीजी पर उतर आए। प्रोविजनल के लिए हमने फीस भी दी, इसके बावजूद चक्कर कटवा रहे हैं। आरटीयू से टांसपोर्ट का कोई साधन नहीं है। एग्जाम की वजह से आसपास की होटलों में भी रूम नहीं मिला। वहीं, कुछ होटलों में किराया इतना महंगा था जिसे वहन करना हमारे लिए मुश्किल था। रात 10.30 बजे आॅटो कर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां मजबूरी में रात गुजारनी पड़ी। आरटीयू की बदइंतजामी से हमारे जैसे हजारों छात्र परेशान हो रहे हैं। <br /><br /><strong>बदतमीजी करतेहैं संविदाकर्मी</strong> <br />सीकर निवासी अदिश इंदौरिया ने बताया कि परीक्षा भवन में कार्यरत संविदाकर्मी छात्रों के साथ बदतमीजी करते हैं। इनका व्यवहार बहुत ही खराब है। डॉक्यूमेंट लेने से पहले 450 रुपए का चालान कटवाते हैं, पैसे लेने के बावजूद आरटीयू प्रशासन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं कर रहा। रोजाना 100 से ज्यादा छात्र यहां मार्कशीट लेने आ रहे हैं। शुक्रवार सुबह 10 से शाम 5 बजे तक करीब 15 छात्रों को ही मार्कशीट पाई। शेष रहे बच्चों को अगले दिन देने को बोला जा रहा है। किसी को नौकरी तो किसी को इंटरव्यू के लिए मार्कशीट की आवश्यकता है। पिछले बीस दिनों से आरटीयू की ओर से दस्तावेज घरों पर नहीं पहुंचाए गए। ऐसे में मार्कशीट व प्रोविजनल लेने यहां आना पड़ा।  <br /><br /><strong>डेढ़ माह पहले ऑनलाइन प्रोसेज किया फिर भी करेक्शन नहीं हुआ</strong><br />बांसवाड़ा निवासी मंथन जोशी का कहना है, बीटेक की मार्कशीर्ट में उनका नाम गलत हो रहा है। जिसे सही करवाने के लिए डेढ़ माह पहले ऑनलाइन प्रोसेज किया था। एक माह में तो करेक्शन होकर मार्कशीट स्पीड पोस्ट के माध्यम से घर पहुंच जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजबूरी में मुझे कोटा आना पड़ा। मैं सुबह 9 बजे से ही यहां हूं और अभी 5.30 बज गए। अभी तक मार्कशीर्ट में नाम सही नहीं हुआ। काउंटर बंद होने में आधा घंटा शेष है, काम होने की कोई संभावना नजर नहीं आती। ऐसे में मेरे पास दो ही विकल्प है, या तो मैं कोटा में ही कहीं होटल या धर्मशाला में रहूं या घर चला जाऊं। समझ में नहीं आ रहा, बहुत परेशान हूं। <br /><br /><strong>पहले ट्रेन में धक्के खाए अब आरटीयू में</strong><br />नागौर निवासी मनीष कुमार का कहना है, मार्कशीट में नाम सही करवाने को कोटा आए हैं। पहले ट्रेन में धक्के खाए अब आरटीयू में भी धक्के खा रहे हैं। 250 रुपए फीस देने के बावजूद काम नहीं हो रहा। वहीं, जयपुर निवासी वैभव सिंह कहा, बड़ी मुश्किल से ट्रेन का सफर पूरा कर यहां पहुंचे हैं। दिनभर से चक्कर कटवा रहे हैं। कर्मचारी कभी दोपहर तो कभी शाम को प्रोविजनल देने की बात कहते हैं लेकिन शाम होते होते कल आने को कहकर छात्रों को टरका रहे हैं। आरटीयू की लचर व्यवस्था से सैंकड़ों छात्र मानसिक व आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं।  <br /><br /><strong>600 किलोवॉट का सौलर प्लांट, फिर भी बिजली बंद</strong><br />राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी परिसर में 300-300 किलोवॉट के कुल 600 किलोवॉट के सौलर प्लांट लगे हुए हैं। जिनसे हर माह हजारों यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। हर महीने 7 से 8 लाख रुपए की बचत होती है। जबकि, आरटीयू की औसत बिजली डिमांड 350 से 400 किलोवॉट रहती है। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी में आए दिन बिजली गुल रहती है। शुक्रवार को परीक्षा भवन में कई बार बिजली की आंख-मिचौली चलती रही। इससे मार्कशीर्ट लेने आए विद्यार्थियों को गर्मी में परेशान होना पड़ा। <br /><br /><strong>डिप्टी रजिस्ट्रार की फटकार के बादमिली प्रोविजनल डिग्री</strong><br />जयपुर निवासी धैर्य दीक्षित कहते हैं, जयपुर स्थित कौटिल्य कॉलेज से बीटेक किया है। हैड आॅफ डिपार्टमेंट आरटीयू होने से डिग्री व प्रोविजनल यहीं से मिलती है। ऐसे में कोटा आए लेकिन यहां मार्कशीट देने वाले कर्मचारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते। भीड़ अधिक होने पर व्यवस्थाएं बनाने के बजाए सभी कर्मचारी छात्रों से कल आने की बात कहने लगे। हमने परेशानी बताई तो उल्टा-सीधा बोलने लगे, विरोध करने पर धक्का-मुक्की पर उतर आए। इसके बाद हमने डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की तो उन्होंने संबंधित कर्मचारी को फटकार लगाई, इसके बाद ही हमें प्रोविजनल मिल पाया। <br /><br /><strong>इमरजेंसी में ही आएं छात्र</strong><br />मार्कशीर्ट लेनी हो या नाम में करेक्शन करवाना, इसके लिए ऑनलाइन प्रोसेज अपनानी होती है। हम संबंधित छात्र को दस्तावेज बायपोस्ट घर भिजवा देते हैं। इसके लिए उन्हें यहां आने की जरूरत नहीं होती। जिसे इमरजेंसी हो, उसे ही यहां आना चाहिए।  यह जरूरी नहीं कि जिस दिन छात्र आरटीयू आए उसी दिन काम हो जाए, क्योंकि कई चीजे होती हैं जो मौके पर उनके पास मौजूद नहीं होती है। यदि कोई कर्मचारी छात्रों से बदतमीजी करता है तो उन्हें मुझसे शिकायत करनी चाहिए। शिकायत मिलने पर ही हम कार्रवाई कर पाएंगे। वैसे, सभी कर्मचारियों को व्यवहार सही रखने की हिदायत देकर पाबंद कर देंगे। <br /><strong>-धीरेंद्र माथुर, परीक्षा नियंत्रक आरटीयू</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 14:44:36 +0530</pubDate>
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