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                <title>Food Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Food Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राशन डीलर्स से अफसर की मिलीभगत गरीबों का 63 लाख का गेंहू डकार गए, सचिव की जांच में और ज्यादा मिला गेंहू गबन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में 63 लाख रुपये के गेहूं गबन मामले में प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में खैरथल-तिजारा के आठ डीलर्स के साथ मिलकर 2,338 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी उजागर हुई। सरकार आरोपी अधिकारी और डीलर्स से पूरी राशि की वसूली करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/officers-collusion-with-ration-dealers-wheat-worth-rs-63-lakh/article-151515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rasan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को मिलने वाले गेंहू का आठ राशन डीलर्स के साथ मिलकर 63 लाख के 2,338 क्विंटल गेंहू का गबन करने के आरोप में खाद्य सचिव अम्बरीश कुमार ने खैरथल-तिजारा की ईओ (प्रवर्तन अधिकारी) रहीं रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त किया है। खींची को अतिरिक्त खाद्य आयुक्त की जांच में दोषी पाए जाने पर पहले दंड के रूप में एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश 14 अगस्त 2025 को किया गया था, लेकिन खुद को निर्दोष बताते हुए रेखा ने इसकी सुनवाई अपील 27 फरवरी 2026 को सचिव अम्बरीश कुमार के यहां कर दी। उन्होंने सुनवाई के बाद तथ्यों की जांच में दोष को अत्यंत गंभीर मानते हुए वेतन वृद्धि को नाकाफी माना और उन्हें सेवा से बर्खास्त किया।  </p>
<p>मामले की शिकायत किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने सीएमओ में की थी। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त ने जांच में छह दुकानों पर 1842.26 क्विंटल गेंहू का गबन माना, लेकिन जब सचिव स्तर पर मामले की गहन जांच हुई तो रेखा के 2 साल 6 माह के कार्यकाल में आठ डीलर्स के यहां अनियमितताएं और गबन हुए गेंहू की मात्रा 2338 क्विंटल मिली। </p>
<p><strong>रेखा से 15.75 लाख और डीलर्स से 47.25 की वसूली भी होगी </strong></p>
<p>27 रुपए प्रति किलोग्राम गेंहू का मूल्य तय कर गबन हुए 63 लाख रुपए के सरकारी गेंहू की कीमत अब रेखा खींची और डीलर्स से वसूली जाएगी। रेखा से 25 फीसदी यानी 15.75 लाख और दोषी डीलर्स से 47.25 लाख रुपए की वसूली तीन माह में होगी। खींची के प्रोबीडेन्ट फंड, जीपीएफ या पेंशन फंड से राशि ली जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:38:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>888 में से 229 सैंपल फेल, 10.75 लाख का वसूला जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए  अब तक 55 मामलों में निर्णय आ चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/229-out-of-888-samples-fail--fines-worth-10-75-lakh-collected/article-150920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ व्यापक कार्यवाही देखने को मिली । जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक की 15 माह की अवधि में विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़े चौकाने वाले हैं। इस दौरान विभाग ने कुल 888 नमूने संग्रहित किए, जिनमें से 229 सैंपल फेल पाए गए। मिलावटखोरी के इन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने अब तक 10 लाख <br />75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।</p>
<p><strong>दूध और घी-तेल के नमूनों पर रहा फोकस</strong><br />खाद्य विभाग की टीम ने इस अवधि में सबसे ज्यादा शिकंजा डेयरी उत्पादों और तेल-घी के कारोबारियों पर कसा। आंकड़ों के अनुसार, विभाग ने दूध के 54 और दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों के 203 नमूने लिए। वहीं, मिलावट की आशंका को देखते हुए घी व तेल के 194 सैंपल भरे गए। इसके अतिरिक्त अन्य मिठाइयों के 37 तथा 400 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें से बड़ी संख्या में खाद्य सामग्री अमानक पाई गई, जिससे आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा था।</p>
<p><strong>न्यायिक प्रक्रिया में तेजी, 55 में फैसला</strong><br />नमूनों के फेल आने के बाद विभाग ने केवल नोटिस तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि 155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए। विभागीय सक्रियता का ही परिणाम है कि अब तक 55 मामलों में निर्णय भी आ चुका है, जिसमें दोषियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मिलावट करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।</p>
<p><strong>25 प्रतिशत से अधिक सेम्पल को मिला चैलेन्ज</strong><br />कुल लिए गए नमूनों में से लगभग 25.7% नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिसको लेकर विभाग की कार्यवाहियों पर मिलावट के विरुद्ध सक्रियता की आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेन्द्र नागर का कहना है कि सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। पूरी टीम मौके पर जाती है। अनुभव व तकनीकी टीम के द्वारा संस्तुति के बाद ही सेम्पल लिया जाता है।</p>
<p><strong>67% में अदालती कार्यवाही</strong><br />भेजे गये खाद्य पदार्थो के सेम्पल की बात करें तो यहां फेल हुए 229 नमूनों में से 155 मामलों को तुरंत न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। जाेकि अभी विचारधीन है। ऐसे में विभाग द्वारा कार्यवाहियों के बाद न्यायालय में मामले की चुनौतियाें को लेकर किये गये प्रयासों में भी तेजी देखनें में आयी है। ऐसे में की गयी कार्यवाहियों की बात करें तो अदालत के द्वारा निर्णित मामलों के आधार पर देखा जाए तो औसतन 19,545 का जुर्माना प्रति उल्लंघनकर्ता लगाया गया।</p>
<p><strong>सघन जांच अभियान रहेगा जारी</strong><br />खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले गर्मी के दिनों में भी घी, तेल और दूध से बनी मिठाइयों की सैंपलिंग का दायरा और बढ़ाये जाने की बात कही जा रही है। डॉ. नागर ने बताया कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिये विभाग की कार्यवाहियां जारी रहेंगी।</p>
<p>सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। कार्यवाही करने के दौरान पूरी सर्तकता से कागजी कार्यवाही करवायी जाती है। हमारी विधि टीम भी कार्यवाहियों के लिये तैयारी करती है।<br /><strong>-डॉ. नरेन्द्र नागर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:21:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिना ओटीपी एवं डायरी में एंट्री किए अब नहीं मिलेगा घरेलू गैस सिलेंडर: सुमित गोदारा</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने जयपुर में स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारू है। उपभोक्ताओं को 3-4 दिनों में सिलेंडर मिल रहा है। कालाबाजारी रोकने के लिए अब OTP और डायरी एंट्री अनिवार्य कर दी गई है। गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना इन प्रक्रियाओं के सिलेंडर वितरण पर सख्त कार्रवाई होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-domestic-gas-cylinder-will-not-be-available-without-otp/article-147132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/sumit-godhara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में घरेलू गैस आपूर्ति पर विभागीय अधिकारियों एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। गोदारा ने कहा कि बुकिंग के तीन से चार दिनों के अंदर घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को मिल रहा है। प्रदेश में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं, धार्मिक स्थलों में सुचारू रूप से गैस सिलेंडर आपूर्ति की जा रही है। </p>
<p><strong>ओटीपी और डायरी में एंट्री के बिना अब घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं:</strong></p>
<p>गोदारा ने कहा कि बिना ओटीपी और डायरी में एंट्री किए गैस सिलेंडर के डाइवर्जन की घटनाएं कुछ एजेंसियों में सामने आई है। इस प्रकार के घटनाक्रमों से असल उपभोक्ताओं को आपूर्ति प्रभावित होती है। उन्होंने गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों को ओटीपी एवं डायरी में एंट्री की अनिवार्यता के संबंध में सभी गैस एजेंसियों में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के लिए निर्देशित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:57:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूजा के घी के नाम पर मिलावट का खेल बेनकाब : 3127 किलो घी जैसी खुशबू वाला वनस्पति जब्त, फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार, सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में देर रात सरना डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मिलावटी घी निर्माण इकाई मैसर्स अष्ट विनायक फूड प्रोडक्ट पर बड़ी कार्रवाई की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/game-of-adulteration-in-the-name-of-pujas-ghee-exposed/article-142622"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(14).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान के अंतर्गत मंगलवार को आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार, सीएमएचओ डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में सोमवार देर रात सरना डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मिलावटी घी निर्माण इकाई मैसर्स अष्ट विनायक फूड प्रोडक्ट पर बड़ी कार्रवाई की गई। अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में गठित केंद्रीय दल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी जयपुर प्रथम की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में मौके पर पाया गया कि स्कूटर ब्रांड की वनस्पति एवं रिफाइंड ऑयल को गर्म कर उसमें घी का फ्लेवर मिलाकर, कार्यवाही से बचने के उद्देश्य से वनस्पति के नाम पर ही “देव कृष्णा” एवं प्लेन टिन में सस्ता व मिलावटी घी की खुशबू वाला वनस्पतिआम जनता को बेचा जा रहा था।</p>
<p>मौके से वनस्पति, बटर फ्लेवर मिला मिलावटी वनस्पति एवं पैक्ड “देव कृष्णा” ब्रांड के 1-1 नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के तहत लेकर जांच के लिए भेजे गए। साथ ही कुल 3127 किलोग्राम मिलावटी घी की खुशबू वाला वनस्पति को सीज़ किया गया। फर्म मालिक रामलाल जाट द्वारा बताया गया कि उक्त  घी का उपयोग मुख्यतया ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग एवं पूजा-पाठ के लिए किया जा रहा था। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से अपील की है कि संदिग्ध, सस्ता अथवा बिना मानक वाला खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट की सूचना विभाग को दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:26:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कागजों में गल गई सस्ती दाल, रसोई तक नहीं पहुंची</title>
                                    <description><![CDATA[राशन की दुकानों पर मिलनी थी भारत दाल। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cheap-dal-got-buried-in-papers--did-not-reach-kitchens/article-110736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(1)42.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए सरकार की ओर से राशन की दुकानों पर सस्ते दाम पर चना दाल वितरण करने की योजना कागजों में ही दफन हो गई। गत वर्ष सरकार ने इसके लिए एसओपी जारी कर राशन की दुकानों पर भारत दाल कम दाम में उपलब्ध कराने का निर्णय किया था। इस सम्बंध में प्रदेश के सभी जिला रसद अधिकारी से वहां की आवश्यकतानुसार प्रस्ताव मांगे गए थे। इसके बाद प्रत्येक जिले से दाल वितरित करने वाले राशन डीलरों की सूची तैयार करवा कर खाद्य विभाग जयपुर को भिजवाई गई थी। सूची भेजने के बाद खाद्य विभाग से योजना के बारे में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए है। इस कारण आमजन को सस्ती दर पर चना दाल उपलब्ध कराने की योजना खटाई में पड़ गई। </p>
<p><strong>ये थी वितरण की योजना</strong><br />योजना के तहत प्रदेश में राशन की दुकानों के माध्यम से चना दाल की बिक्री के लिए राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड जयपुर (आरएसएफसीएससी) को नोडल एजेन्सी बनाया गया था। सबसे पहले आरएसएफसीएससी की ओर से मांग के अनुसार खाद्य विभाग (राज.) के माध्यम से भारत सरकार से चना दाल का आवंटन होना था। इसके बाद रसद विभाग की ओर से जिले की राशन की दुकानों पर भारत दाल की आपूर्ति करनी थी।  एसओपी के अनुसार चना दाल 1 किलोग्राम और 30 किलोग्राम के पैकेट में बेचनी थी। एक किलो की कीमत 60 रुपए और 30 किलो के पैकेट की कीमत 55 रुपए प्रति किलो निर्धारित की गई थी। प्रथम चरण में एफपीएस के माध्यम से भारत दाल ( चना दाल ) के वितरण का कार्य प्रारभ किया जाना था।</p>
<p><strong>बाजार में महंगी बिक रही दालें</strong><br />जानकारी केअनुसार पिछले कुछ सालों से बाजार में दालों की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। इस कारण आमजन का घरेलू खर्च बढ़ता जा रहा है। इन दिनों किराना बाजार में चना दाल का भाव 85 से 90 रुपए किलो बीच बना हुआ है। वहीं कुछ दालों की कीमतें तो सौ रुपए को पार कर चुकी है। ऐसे में महंगाई के कारण आमजन का घरेलू बजट गड़बड़ा जा रहा है। लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए ही सरकार ने सस्ती चना दाल व्तिरण करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह दाल आमजन की रसोई तक पहुंचती उससे पहले ही कागजों में ही घुल गई। अब लोगों को बाजार से महंगी दर पर दालें खरीदनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>कमीशन की आस रह गई अधूरी</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा जिले में राशन की 522 दुकानें हैं, जिन पर उपभोक्ताओं को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाता है। चना दाल बेचने के इच्छुक डीलरों से विभाग की ओर से आवेदन मांगे गए थे। चना दाल बेचने की एवज में राशन डीलरों को कमीशन मिलना था। ऐसे में कोटा जिले के अधिकांश डीलरों ने इसमें रूचि लेते हुए आवेदन कर दिया था। विभाग की ओर से स्थानीय डीलरों की सूची तैयार जयपुर भिजवा भी दी गई थी, लेकिन बाद में इस सम्बंध में वहां से दाल की आपूर्ति और वितरण के सम्बंध में कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई। इस कारण राशन डीलरों के कमीशन की आस भी अधूरी ही रह गई।  </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बाजार में दालों की कीमतों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इससे घरेलू बजट गड़बड़ा रहा है। राशन की दुकानों पर सस्ती दाल बेचने से लोगों को काफी राहत मिलती। सरकार को जल्द से जल्द इसका वितरण शुरू करना चाहिए। <br /><strong>- ग्यारसी बाई, उपभोक्ता</strong></p>
<p>राशन की दुकानों पर सस्ती दाल वितरण करने की योजना बनाई गई थी। इस सम्बंध में जिले के राशन डीलरों की सूची तैयार कर जयपुर भिजवा दी ्रगई थी। इसके बाद योजना के सम्बंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। <br /><strong>- कार्तिकेय, जिला रसद अधिकारी  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 15:29:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुमित गोदारा ने ली खाद्य विभाग की बैठक, अधिकारियों को योजना लाभार्थियों के अपडेशन के दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने सचिवालय में खाद्य विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sumit-godara-held-a-meeting-of-the-food-department-and/article-96581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने सचिवालय में खाद्य विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। प्रदेश में चल रही खाद्य सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजना लाभार्थियों के अपडेशन के बारे में निर्देश भी दिए। बैठक में मौजूद सभी जिला रसद अधिकारी और अधिकारियों के सामने विभाग के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रजेंटेशन के माध्यम से मंत्री गोदारा को दी। </p>
<p>बैठक में शामिल एजेंडे में एनएफएसए लाभार्थियों को एलपीजी सब्सिडी योजना में आधार सीडिंग और ई केवाईसी की अब तक की प्रगति की जानकारी ली। योजना में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव भी लिए। सभी जिला रसद अधिकारी से जिलेवार इसकी प्रगति की जानकारी भी ली। खाद्य सुरक्षा सूची में सम्पन्न लोगों के स्वेच्छा से नाम हटवाने की गिवअप योजना की प्रगति की जानकारी भी ली। बैठक में राशन डीलर्स मामलों में अनुकम्पा नियुक्ति, गेंहू परिवहन के टेंडर मामलों की समीक्षा, अवैध गैस रिफलिंग मामलों में सप्ताह में एक बार औचक निरीक्षण, एफसीआई गोदाम से राशन डीलर को गेंहू पहुंचाने में छीजत मामलों की समीक्षा की। मंत्री गोदारा ने अफसरों को पिछड़ने वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Dec 2024 17:56:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्वर डाउन, सीडिंग फेल, निराश लौटे लाभार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[फ्री गेहूं और 450 रुपए में सिलेंडर के लिए सीडिंग जरूरी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/server-down--seeding-failed--beneficiaries-returned-disappointed/article-94532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/630400-sizee-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य विभाग की ओर से रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना का खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों को लाभ देने के लिए सीडिंग अभियान शुरू कर रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपए में उपलब्ध कराने की योजना का विस्तार किया गया है। लाभार्थियों को गैस सिलेण्डर की सब्सिडी जनाधार से जुड़े उनके बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। इसके लिए लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। अभियान के पहले दिन मंगलवार को काफी संख्या में लाभार्थी सीडिंग कराने के लिए राशन दुकानों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण अधिकांश की सीडिंग नहीं हो पाई। इस कारण लाभार्थियों को बिना गेहूं लिए बैरंग लौटना पड़ा। इस माह का गेहूं लाभार्थियों को वितरित नहीं किया गया है। सीडिंग होने के बाद ही लाभार्थियों को गेहूं का वितरण किया जाएगा। </p>
<p><strong>लाभार्थियों ने काफी किया इंतजार </strong><br />योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को राशन डीलर के पास आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग करवानी होगी। इसके लिए पांच से तीस नवम्बर तक का समय निर्धारित किया गया है। राशन डीलरों को यह काम गेहूं वितरण के दौरान करना है। मंगलवार को राशन डीलरों के यहां लाभार्थी आईडी मैपिंग करवाने पहुंचे, लेकिन पहले दिन ही सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते अधिकांश लाभार्थियों को निराश लौटना पड़ा। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश राशन दुकानों पर आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार के बाद भी सर्वर में तकनीकी खामी के चलते आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग नहीं हो सकी। इसके चक्कर में अधिकांश लाभार्थियों को गेहूं से भी वंचित रहना पड़ा।</p>
<p><strong>राशन डीलरों को दिए यह निर्देश</strong><br />योजना के लाभ के लिए एनएफएसए राशन कार्डधारी परिवारों के सभी सदस्यों के आधार की सीडिंग अनिवार्य की गई है। इसके बाद 17 अंकों वाली एलपीजी आईडी की भी सीडिंग आवश्यक होगी। यदि राशन कार्ड पर कई सदस्यों के पास अलग-अलग गैस कनेक्शन हैं तो प्रत्येक सदस्य के गैस कनेक्शन की एलपीजी आईडी को सीडिंग किया जाएगा। गेहूं प्राप्त करने से पहले आधार सीडिंग, एलपीजी आईडी सीडिंग और ई-केवाईसी को पूरा करना अनिवार्य होगा। योजना के लाभ के लिए सभी उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही गेहूं का वितरण किया जाए। साथ ही गैर.एनएफएसए परिवारों की आधार सीडिंग भी की जा सकेगी। गेहूं का वितरण भी 5 नवंबर से ही किया जाएगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />राशन डीलर की दुकान पर मंगलवार को आईडी मैपिंग करवाने गया था, लेकिन पहले दिन ही सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा।<br /><strong>- कंवललाल बैरवा, लाभार्थी</strong></p>
<p>लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। अभियान के पहले दिन मंगलवार को काफी संख्या में लाभार्थी सीडिंग कराने के लिए राशन दुकानों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण अधिकांश की सीडिंग नहीं हो पाई। <br /><strong>- रईस खान, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 14:42:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट में बिक रहे दूषित खाद्य पदार्थों पर आयोग ने लिया प्रसंज्ञान, विभाग को कार्रवाई के लिए कहा</title>
                                    <description><![CDATA[आयोग ने कहा कि अधिवक्ता न्यायालयों में काम कर कुछ देर सुस्ताने के लिए चाय या अन्य खाद्य पदार्थ का सेवन करता है, लेकिन यहां वे भी सुरक्षित नहीं मिलते।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/commission-took-cognizance-of-contaminated-food-items-being-sold-in/article-89545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/court-hammer05.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य मानवाधिकार आयोग ने खाद्य विभाग की ओर से बीते दिनों हाईकोर्ट परिसर की कैंटीन में कार्रवाई कर दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने और फूड लाइसेंस भी नहीं होने के मामले में स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया है। आयोग ने स्वास्थ्य सचिव, उपभोक्ता निदेशालय, खाद्य सुरक्षा आयुक्त, सभी जिलों के कलक्टर एवं सीएमएचओ को कार्रवाई के लिए कहा है।</p>
<p>आयोग ने यह आदेश मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रसंज्ञान लेते हुए दिए। आयोग ने अधिकारियों को कहा है कि वे खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए कार्रवाई करें। दुकानदारों के पास फूड लाइसेंस नहीं मिलने पर नगर पालिका एवं निगमों के प्रभावी त्वरित कार्रवाई करें, ताकि मिलावटी सामग्री से जनता का बचाव हो सके। आयोग ने राज्य सरकार से यह भी अपेक्षा की है कि वह इस संबंध में बने कानून के विषय में प्रभावी विधायी नियमों को जल्दी लागू करें। </p>
<p>आयोग ने कहा कि अधिवक्ता न्यायालयों में काम कर कुछ देर सुस्ताने के लिए चाय या अन्य खाद्य पदार्थ का सेवन करता है, लेकिन यहां वे भी सुरक्षित नहीं मिलते। खाद्य विभाग त्योहारों के दौरान प्रभावी कार्रवाई करता है, लेकिन आम दिनों में कार्रवाई में शिथिलता के चलते मिलावटी खाद्य सामग्री जनस्वास्थ्य को कष्ट पहुंचाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/commission-took-cognizance-of-contaminated-food-items-being-sold-in/article-89545</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 14:52:38 +0530</pubDate>
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