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                <title>शार्ट कट से निकल रहे दो पहिया वाहन चालक,  सड़क सुरक्षा को बता रहे धत्ता, स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर तक तोड़े</title>
                                    <description><![CDATA[ ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री शहर में चौराहों पर भी वाहन बिना रूके तेजी से निकल रहे ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-wheeler-drivers-are-taking-shortcuts--ignoring-road-safety--and-even-breaking-spring-post-dividers/article-131602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में एक तरफ तो सड़क सुरक्षा और शहर को दुर्घटना मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई वाहन चालक ऐसे हैं जो शॉर्ट कट रास्ते अपनाने के लिए स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर तक को तोड़ रहे हैं। शहर को ट्रैफिक लाइट सिग् नल फ्री शहर तो बना दिया है। जिसके तहत शहर के सभी प्रमुख चौराहों से ट्रैफिक लाइटों को हटा दिया है। ऐसे में चौराहों पर भी वाहन बिना रूके तेजी से निकल रहे है। जिससे दुर्घटनाओं का खतरा अधिक बना हुआ है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस की सलाह पर कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में कई जगह पर ट्रैफिक संकेतक लगाने के साथ ही स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर लगाए हैं। </p>
<p>हालत यह है कि हादसे रोकने के लिए लगाए गए इन डिवाइडरों तक को वाहन चालकों ने तोड़ दिया है। सीएडी चौराहे पर लगाए गए इन डिवाइडर को बीच-बीच से काटकर रास्ता बना लिया है। जिससे वाहन चालक विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक नगर निगम कार्यालय के सामने या डोल्फिन पार्क के पास से घूमकर आने की जगह चौराहे के मोड़ से ही डिवाइडर के बीच से शॉर्ट कट रास्ते से निकल रहे है। इसके लिए महंगे डिवाइडर तक को जमीन से काटकर हटा दिया है। इसी तरह शॉपिंग सेंटर से घोड़ा चौराहे की तरफ  मोड़ पर लगाए गए इन स्प्रिेंग पोस्ट डिवाइडरों को भी बीच से तोड़ दिया है। जिससे दो पहिया वाहन शॉर्ट कट  व रोंग साइड से वाहन निकाल रहे है। इससे दुर्घटनाओें का खतरा अधिक बना हुआ है। यही हालत नयापुरा में नवल सर्किल के पास की है। यहां रोडवेज बसों के खड़े होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में मेन रोड से बसों को अंदर की तरफ खड़ा करने व लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के डिवाइडर लगाए गए थे। लेकिन बसों की टक्कर से व लोगों ने अपनी सुविधा के लिए उन डिवाइडर तक को बीच-बीच से तोड़ दिया है। जिससे दो पहिया वाहन चालक शॉर्ट रास्ते से निकलकर हादसों का खतरा बने हुए हैं। </p>
<p><strong>वल्लभ नगर चौराहे पर भी लगाए</strong><br />शहर में पहले जहां पत्थरों के व प्लांटर वाले या बेरीकेडिंग से अस्थायी डिवाडिर बनाए जा रहे थे। वहीं अब केडीए की ओर से स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर बनाए जा रहे है। जिससे ये जगह भी कम घेरते हैं और इनके टकराने के बाद वाहन व  वाहन चालक को नुकसान नहीं होता है। वाहन से टकराने के बाद ये नीचे गिरकर वापस स्वत: ही पुरानी स्थिति में आ जाते है। इसे देखते हुए केडीए द्वारा हाल ही में वल्लभ नगर चौराहे से फ्लाई ओवर तक इस तरह के डिवाइडर लगाए हैं। जिससे यातायात सुचारू हो सके और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो। </p>
<p><strong>वाहन चालकों ने तोड़े</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि हादसों का खतरा कम करने के लिए केडीए ने शहर में जगह-जगह मुख्य मार्गों पर स्प्रिंग पोस्ट डिवाइडर लगाए थे। लेकिन दो पहिया वाहन चालकों ने अपनी सुविधा  के लिए शॉर्ट कट रास्ता अपनाने को देखते हुए रात के अंधेरे में इन डिवाइडरों के ऊपरी हिस्से को काट दिया है। बीच-बीच से एक या दो पोस्ट हटा दी है जिससे दो पहिया वाहन आसानी से निकल सके। ऐसा करने वालों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। उनकी पहचान होने पर कार्रवाई की जाएगी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 16:03:45 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - मुफ्त राशन का इंतजार होगा खत्म, मिलेगी राहत </title>
                                    <description><![CDATA[आवेदन पत्रों का काफी समय बाद भी निस्तारण नहीं होने के कारण पात्र होने के बावजूद कई आवेदकों को मुफ्त गेहूं नहीं मिल पा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---the-wait-for-free-ration-will-end--relief-will-be-available/article-114831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी काफी समय से मुफ्त राशन का इंतजार कर रहे लोगों को अब राहत मिल सकेगी। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट में आयोजित विभागीय अधिकारियों की बैठक में एनएफएसए के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। कोटा जिले में 18 हजार से अधिक आवेदकों ने खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रखा है। इन आवेदनों की अभी तक जांच ही चल रही है। आवेदन पत्रों का काफी समय बाद भी निस्तारण नहीं होने के कारण पात्र होने के बावजूद कई आवेदकों को मुफ्त गेहूं नहीं मिल पा रहा है। अब जिला कलक्टर ने इस सम्बंध में अधिकारियों को आवेदनों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए है।</p>
<p><strong>फील्ड स्टाफ सीधे आवेदकों से करे संपर्क </strong><br />बैठक के दौरान डॉ. गोस्वामी ने खाद्य सुरक्षा के तहत नाम जुड़वाने से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए सभी उपखंड अधिकारियों  को निर्देशित किया कि (वर्ष 2022 से 2025 तक) प्राप्त आवेदनों की त्वरित जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार जिन आवेदनों को दस्तावेजों की कमी के कारण वापस लौटाया गया है, उनका नियमित फॉलोअप किया जाए। इसके लिए पटवारियों एवं अन्य फील्ड स्टाफ को सीधे आवेदकों से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी, जिससे पात्र लाभार्थी योजना का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकें। आवेदनों में जो भी कमी पाई गई है उनका समय पर निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आवेदन करने के बाद भी नाम नहीं जुड़ने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 18 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि राज्य सरकार ने पात्र लोगों को राहत देने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने के लिए पोर्टल खोला था। इस पर खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने के लिए लाखों लोगों ने आवेदन कर दिया। अब इन आवेदनों का निस्तारण ही सरकार के लिए गलफांस बन गया है। इसका कारण यह है कि इतने अधिक आवेदन आ गए कि यदि नाम जोड़ लिए गए तो भारत सरकार की खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तय सीलिंग सीमा पार हो जाएगी। इसके चलते आवेदन पत्रों को जांच के नाम पर ठण्डे बस्ते में डाल दिया है। अब उपभोक्ता चक्कर लगाने को विवश हैं। अब जिला कलक्टर ने बैठक में इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए आवेदनों के त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>अभी आवेदनों की जांच प्रक्रिया धीमी</strong><br />प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत कुल 13,38,683 आवेदन लम्बित हैं। इस कारण नए आवेदनों की जांच की स्थिति नगण्य है। सरकार ने पोर्टल पर जो आवेदन पत्र मांगे थे, उनके निस्तारण के लिए 30 दिवस की समय सीमा निर्धारित है। 26 जनवरी से अब तक पोर्टल पर सात लाख से अधिक आवेदन पत्र आए हैं, जिसमें निस्तारण की स्थिति देखें तो उपखंड अधिकारी स्तर पर प्रदेश में केवल 2365 आवेदन पत्रों का ही निस्तारण हुआ है। प्रदेश के 21 जिलों में एक भी आवेदन पत्र का निस्तारण नहीं हुआ है, जबकि आवेदन पत्रों की जांच के लिए चार चरण तय किए हैं। कोटा जिले  की बात करें तो यहां पर 18952 आवेदनों की जांच चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 15:03:15 +0530</pubDate>
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                <title>सिग्नल फ्री शहर में चौराहों पर नहीं हैं जेबरा क्रॉसिंग, हर शहर वासी को भुगतना पड़ रहा खामियाजा</title>
                                    <description><![CDATA[आमजन के लिए सुरक्षित ट्रेैफिक व्यवस्था बनाने की जगह उसे बिगाड़ दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-are-no-zebra-crossings-at-the-intersections-in-the-signal-free-city/article-112876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य - 1</strong> सीएडी रोड स्थित घोड़े वाले बाबा चौराहे पर करोड़ों रुपए खर्च कर उसका विकास व सौन्दर्यीकरण तो कर दिया लेकिन वहां ट्रेफिक सिग्नल लाइट नहीं होने से े वाहन  तेज गति से निकल रहे हैं। जेबरा क्रॉसिंग भी नहीं होने से पैदल सड़क पार करने वालों के लिए समस्या बनी हुई है। </p>
<p><strong>दृश्य-2</strong> नयापुरा स्थित विवेकानंद सर्किल पर करीब 50 करोड़ से अधिक की लागत से चौराहे को आकर्षक व विशाल तो बना दिया। लेकिन वहां ट्रैफिक व्यवस्था इतनी बदतर हो गई है कि चारों तरफ से वाहन तेज गति से निकल रहे है। चौराहे पर जेबरा क्रॉसिंग नहीं होने से पैदल सड़क पार करने वालों के लिए हमेशा खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>दृश्य -3</strong> स्टेशन से एरोड्राम और नयापुरा से नए कोटा की तरफ जाने वाला और नए कोटा से स्टेशन व नयापुरा की तरफ आने वाला मुख्य मार्ग है जेडीबी कॉलेज के सामने का रोड। वहां तिराहे को माउंट वाला इतना बड़ा बना दिया लेकिन न तो वहां सिग् नल लाइट है और न ही जेबरा क्रॉसिंग। ऐसे में कॉलेज आने-जाने व स्टेडियम की तरफ आने-जाने वालों के लिए सड़क पर करना किसी खतरे से कम नहीं है। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं, शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था बताने के लिए जिसका सामना आमजन को करना पड़ रहा है। इस तरह की हालत पूरे शहर में है।  विकास पर करोड़ों रुपए खर्च करने से शहर सुंदर तो नजर आ रहा है लेकिन आमजन के लिए सुरक्षित ट्रेैफिक व्यवस्था बनाने की जगह उसे बिगाड़ दिया गया। इसका खामियाजा हर शहर वासी को भुगतना पड़ रहा है। फिर चाहे वह चार पहिया वाहन वाला हो या दो पहिया वाहन चालक। वहीं सबसे अधिक पैदल चलने व सड़क पार करने वालों के  लिए समस्या हो गई है। </p>
<p><strong>किसी भी चौराहे पर नहीं ट्रैफिक सिग् नल लाइटें</strong><br />शहर को ट्रैफिक सिग् नल लाइट फ्री बनाने के लिए पूर्व में जिन चौराहों पर लाइटें लगी हुई थी उन्हें हटा दिया गया है। अनंतपुरा चौराहा, एरोड्राम चौराहा, सीएडी चौराहा, अंटाघर चौराहा व कुन्हाड़ी स्थित महाराणा प्रताप चौराहा समेत शहर में कई जगह पर ट्रैफिक सिग् नल लाइटें लगी हुई थी। जो अब देखने को नहीं मिलती है।  ऐसे में जब  ट्रैफिक लाइटें ही नहीं हैं तो वहां वाहन भी नहीं रूक रहे हैं। वरन् वाहन पहले से भी तेज गति से निकल रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तक नहीं</strong><br />स्मार्ट सिटी बनाने के साथ ही पर्यटन नगरी के रूप में विकसित किए जा रहे कोटा शहर में जहां देशी विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ट्रैफिक व्यवस्था इतनी बदहाल है कि स्थानीय लोग भी इस बढ़ते ट्रैफिक व वाहनों की स्पीड के बीच पैदल सड़क पार नहीं कर पा रहे हैं। बाहर से आने वालों के  लिए तो यह किसी चुनौती से कम नहीं है।  </p>
<p><strong>सिर्फ एरोड्राम अंडरपास पर व्यवस्था</strong><br />शहर में एक मात्र एरोड्राम चौराहे का अंडरपास ऐसा है जहां अंडर ग्राउंड पैदल सड़क पार करने वालों के  लिए व्यवस्था की हुई है। एक तरफ से दूसरी तरफ आन-जाने के लिए सड़क के साइड से नीचे उतरकर रास्ता बनाया हुआ है। लेकिन उन रास्तों के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। जिससे अधिकतर लोगों को मेन रोड से ही बिना जेबरा क्रॉसिंग के जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। वहीं विवेकानंद सर्किल पर पैदल चलने वालों के लिए पाथ वे है लेकिन सड़क पार करने की सुविधा नहीं है।  जबकि  न तो रेलवे स्टेशन पर और न ही अदालत चौराहे पर। नयापुरा, जेडीबी, अंटाघर, कोटड़ी, नई धानमंडी, विज्ञान नगर, दादाबाड़ी,सीएडी, नगर निगम, चम्बल गार्डन, से लेकर नए कोटा तक में कहीं भी जेबरा क्रॉसिंग नहीं होने से पैदल  सड़क पार करने वालों के लिए खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>सड़क सुरक्षा हो पहली प्राथमिकता</strong><br />शहर का विकास होना अच्छा है। लेकिन उसके साथ ही सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। सड़क पर चलने से लेकर, सड़क पार करने और दुर्घटनाओं को रोकने के  लिए ट्रैुफिक पुलिस का होना भी जरूरी है। ट्रैफिक सिग्नल फ्री शहर बनाने के प्रयास में यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर विकास किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं होने का खामियाजा आमजन को आए दिन एक्सीडेंट के रूप में भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>-अरविंद विजय, बसंत विहार</strong></p>
<p><strong>अब भारी वाहनों से नहीं छोटे वाहनों से एक्सीडेंट</strong><br />शहर से पहले ट्रक और भारी वाहन निकलने से उनसे आए दिन हादसे होते थे। लेकिन अब भारी वाहनों का तो शहर में प्रवेश बंद हो गया। लेकिन बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और सिग् नल फ्री शहर के कारण जेबरा क्रॉसिंग तक नहीं होने से सड़क पार करते समय आए दिन छोटे वाहनों से ही एक्सीडेंट हो रहे हैं। जिला प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस को आमजन की सुरक्षा के लिए सिर्फ चालान बनाने पर ही ध्यान नहीं देकर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार पर फोकस करना चाहिए। <br /><strong>-कमलेश दीक्षित, भीमगंजमंडी</strong></p>
<p><strong>वाहनों पर ब्रेक ही नहीं लगते</strong><br />शहर को ट्रैफिक सिग् नल फ्री तो बना दिया  जिससे अब किसी भी चौराहे पर वाहन रूकते ही नहीं है। ऐसे में वाहन पहले से भी तेज गति से निकल रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा पहले से अधिक हो गया। फिर जिस तरह से शहर में चौराहे बनाए गए हैं वहां कौन सा वाहन किधर से और कब आ रहा है पता ही नहीं चलता। ऐसे में हादसों का खतरा अधिक हो गया है। इसमें सुधार किया जाना चाहिए। <br /><strong>-ओम पंजवानी, सिंधी कॉलोनी</strong></p>
<p>शहर में विकास कार्य विशेषज्ञ इंजीनियरों की सलाह से करवाए गए हैं। ऐसे में उस समय ही ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर कार्य किया जाना चाहिए था।  ट्रैफिक पुलिस तो व्यवस्था बनाने व हादसों को रोकने के लिए नियमों की पालना करवाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिख सकती है। वह समय-समय पर किया जाता है। लेकिन चौराहों पर और जहां भी सड़क के बीच कट है वहां जेबरा क्रॉसिंग होनी चाहिए। जिससे पैदल चलने वाले आसानी से व सुरक्षित तरकी से सड़क पार कर सकें। <br /><strong>-अशोक मीणा, उप अधीक्षक यातायात कोटा शहर</strong></p>
<p>शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के प्रोजेक्ट को केडीए ने टैक आॅफ किया है। इसके लिए प्रयास भी शुरु कर दिए गए हैं। करीब एक माह का समय दिया गया है। उस समयावधि में  जबरा क्रॉसिंग से लेकर चौराहों पर सुरक्षित यातायात की जितनी भी व्यवस्थाएं होनी चाहिए वह करने के प्रयास किए जा रहे हैं। <br /><strong>-रविन्द्र माथुर, निदेशक  अभियांत्रिकी कोटा विकास प्राधिकरण   </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 May 2025 15:39:21 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अब मेले में नि:शुल्क प्रवेश, एक्यूरम देखने का लगेगा टिकट </title>
                                    <description><![CDATA[जिसमें उसके द्वारा अभी तक तो वसूली हुई उसे छोड़कर अब शेष अवधि के मेले के लिए मेले में आमजन का प्रवेश नि:शुल्क कर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka--now-free-entry-in-the-fair-ticket-will-be-charged-to-see-accurum/article-69283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण से रियायती दर पर जगह लेकर ट्रेड फेयर के नाम पर मेला लगाने वाली राजकोट की फर्म ने अब आमजन के लिए मेले में प्रवेश की नि:शुल्क सुविधा कर दी है। राजकोट गुजरात की फर्म द्वारा निगम से 63 दिन के लिए पशु मेला स्थल की करीब एक लाख वर्ग मीटर जगह रियायती दर पर किराए से ली  है। 24 दिसम्बर से 24 फरवरी तक आयोजित इस मेले  में संचालक द्वारा सभी से प्रवेश के नाम पर 100 रुपए टिकट वसूल किया जा रहा था। इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने 28 जनवरी को समाचार प्रकाशित किया था। उस समाचार के बाद निगम आयुक्त ने फर्म सचालक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा था।  फर्म संचालक द्वारा नोटिस का जवाब निगम आयुक्त को दिया गया। जिसमें उसके द्वारा अभी तक तो वसूली हुई उसे छोड़कर अब शेष अवधि के मेले के लिए मेले में आमजन का प्रवेश नि:शुल्क कर दिया गया है। साथ ही फिश एक्यूरम देखने का टिकट 100 रुपए लगेगा।  मेला संचालक ने यह सुविधा शुरू कर दी है।  इसके लिए  वहां आने वालों से पहले ही पूछा जा रहा है। जिसमें फिश एक्यूरम देखने वालों  को टिकट लेकर अलग रास्ते से औरु मेला देखने वालों को दूसरे रास्ते से प्रवेश दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने 28 जनवरी को पेज दो पर समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें निजी फर्म द्वारा लोगों से जबरन 100 रुपए वसूली के बारे में बताया गया था। जिस पर निगम अधिकारी भी हरकत में आए थे। आयुक्त ने नोटिस जारी किया था। उसके बाद संचालक भी बैकफुट पर आ गया है।  नगर निगम कोटा दक्षिण की आयुक्त सरिता सिंह ने बताया कि मेला संचालन फर्म को प्रोपराइटर को नोटिस जारी किया गया था। उसके जवाब में उसने कहा है कि वह आमजन को मेले में नि:शुल्क प्रवेश देगा। उस जवाब के बाद से उसने यह सुविधा कर दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Feb 2024 13:17:10 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन, इस बार 11 हजार बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन</title>
                                    <description><![CDATA[प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई का खर्च आसमान छू रहा है। इसके बावजूद अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने में ज्यादा रूचि दिखा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/enrollment-decreased-in-government-schools--this-time-11-thousand-children-did-not-take-admission/article-60107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sarkari-school-mein-ghata-namankan,-es-baar-11-hajar-bachchon-ne-nahi-liya-admission-...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग के अथक प्रयास के बावजूद सरकारी स्कूलों में नामांकन तेजी से घट रहा है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 11 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने एडमिशन नहीं लिया। जबकि, वर्तमान में साढ़े तीन महीने चले प्रवेशोत्सव में कोटा जिले के 1 हजार से अधिक स्कूलों में 18 हजार विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया। जबकि, सरकार हर स्तर पर क्वालिटी एजुकेशन देने के साथ ड्रेस से कॉपी-किताबें तक मुफत दे रही है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई का खर्च आसमान छू रहा है। इसके बावजूद अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने में ज्यादा रूचि दिखा रहे हैं। इससे सरकारी शिक्षण व्यवस्था पर कई सवाल उठते हैं, आखिर, महंगाई के दौर में इतनी सुविधाएं मिलने के बावजूद नामांकन में कमी क्यों हो रही।</p>
<p><strong>पिछले साल 1.63 लाख थी बच्चों की संख्या</strong><br />कोटा जिले में 1 हजार 56 सरकारी विद्यालय है। इनमें से कई स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं भी संचालित हैं। शिक्षा सत्र 2022-23 में नर्सरी से 12वीं तक कुल 1 लाख 63 हजार 411 विद्यार्थियों का नामांकन था। जिसमें बालकों की संख्या 77 हजार 235 तथा बालिकाएं 86 हजार 175 थी। वहीं, 10वीं-12वीं बोर्ड कक्षाओं की बात करें तो कुल 25 हजार 138 विद्यार्थी थे, जिनकी संख्या वर्तमान में कम हो गई।</p>
<p><strong>इस वर्ष 11 हजार से ज्यादा की गिरावट</strong><br />राजकीय विद्यालयों में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 11 हजार 439 विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है। सत्र 2023-24 में नर्सरी से 12वीं तक के कुल स्टूडेंट्स की संख्या 1 लाख 51 हजार 918 है। जबकि, गत वर्ष 1 लाख 63 हजार 411  था। इतना ही नहीं, पिछले साल की अपेक्षा इस बार बोर्ड कक्षाओं में भी 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है। </p>
<p><strong>10वीं-12वीं बोर्ड कक्षाओं में भी घटी संख्या</strong><br />सरकारी स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं में भी इस बार विद्यार्थियों की संख्या में 3 हजार 370 की गिरावट आई है। सत्र 2022-23 में  कक्षा 10वीं-12वीं में 25 हजार 138 विद्यार्थी थे, जिनमें 10वीं में बालकों की संख्या 5 हजार 708 व बालिकाएं 6 हजार 592 थी। इसी तरह 12वीं में छात्र 5 हजार 861 तथा छात्राओं का नामांकन 6 हजार 977 था। वहीं, सत्र 2023-24 में दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21 हजार 768 विद्यार्थी ही रह गए। इसमें 10वीं में बालकों की संख्या 5 हजार 211 तथा बालिकाएं 6 हजार 563 हैं। वहीं, 12वीं बोर्ड में छात्र 4 हजार 394 तथा छात्राओं की संख्या 5 हजार 800 ही रह गई। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी</strong><br />संजय नगर उड़िया बस्ती निवासी छात्र तुफेल अहमद, विभोर मेहरा का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की चुनाव सहित अन्य कार्यों में ड्यूटी लगी रहती है, जिसकी वजह से वे कक्षाएं नहीं ले पाते। समय पर सिलेबस पूरा नहीं होने से रिजल्ट प्रभावित होता है। इसलिए हमने निजी स्कूल में कक्षा 10वीं एडमिशन लिया है। वहीं, 11वीं की छात्रा फिरदौस खान, संतोष कुमारी, अल्का मेहरा का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंटर बनने से स्कूल संचालित नहीं होता। वहीं, शिक्षकों की कमी होने से क्लास नहीं लग पाती। ऐसे में अगले वर्ष 12वीं बोर्ड की बेहतर तैयारी हो सके, इसके लिए प्राइवेट स्कूल में दाखिला लिया है। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं अभिभावक</strong><br />बजरंग नगर निवासी ज्ञानदेव नामा का कहना है, सरकारी स्कूल में बच्चों की रिपोर्ट कार्ड पर ठीक से फोकस नहीं किया जाता। जबकि, शिक्षक वेल क्वालिफाइड हैं। लेकिन वे भी कई कामों में उलझे रहते हैं, जिससे बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते। ग्रामीण पुलिस लाइन निवासी भूपेंद्र सिंह कहते हैं, 8वीं पास करने के बाद बेटे का प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करवाया है, क्योंकि  स्कूल में पढ़ाई ठीक से नहीं करवाई जाती। अंगे्रजी की कॉपियों में गलत स्पेलिंग को भी कई बार जांच देते हैं। आगे बोर्ड कक्षा है, इसलिए पास के ही निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं।</p>
<p>नामांकन में कमी के एक नहीं कई कारण हो सकते हैं। सरकारी स्कूलों के प्रति वही पुरानी मानसिकता भी बड़ा कारण है।  सरकार क्वालिटी एजुकेशन देने का पूरा प्रयास कर रही है। लेवल-1 व लेवल-2 के शिक्षकों की भर्ती की है। जहां शिक्षकों की कमी है वहां ई-कंटेंट के जरिए पढ़ाया जा रहा है। स्मार्ट क्लास व कम्प्यूटर लैब सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं। ऐसे में अगले वर्ष नामांकन में वृद्धि देखने को मिलेगी।<br /><strong>- तेज कंवर, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा कोटा संभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 19:12:11 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा में हर साल बलि चढ़ रहे 9 हजार पेड़ </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा शहर  में पहले जहां घने जंगल और बाग हुआ करते थे। उनमें से पेड़ों की लगातार कटाई होने से उनकी संख्या कम हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/9-thousand-trees-are-being-sacrificed-every-year-in-kota/article-47911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/kota-mein-har-saal-bali-chadh-rahe-9-hajar-ped...kota-news-06-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बरसात के सीजन में हर साल कोटा में लाखों पौधे तो लगाए जा रहे हैं। जबकि उनमें से अधिकतर पेड़ ही नहीं बन पा रहे। वहीं कोटा में हर साल मात्र दाह संस्कार के लिए ही करीब 9 हजार पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है। जिससे एक तरफ लगातार पेड़ कट रहे हैं और दूसरी तरफ जंगल घट रहे हैं। कोटा शहर में जहां आबादी के साथ ही शहर का विकास व विस्तार हो रहा है। वहां लोगों की मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार कोटा में रोजाना करीब 20 से 25 लोगों की मौत हो रही है। महीने में यह संख्या करीब 750 और साल में 9 हजार के करीब पहुंचती है। इनमें से अधिकतर का दाह संस्कार हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मुक्तिधामों में लकड़ियों पर किया जा रहा है। एक शव के दाह संस्कार में 12 मन यानि करीब 5 क्विंटल लकड़ी का उपयोग हो रहा है। सामान्य तौर पर दाह  संस्कार में बबूल की लकड़ी का उपयोग किया जाता है। बबूल के एक सामान्य पेड़ में करीब 5 क्विंटल लकड़ी निकलती है। इस हिसाब से मात्र कोटा में ही जहां हजार साल 9 हजार लोगों की मौत हो रही है। उनका दाह संस्कार लकड़ी पर किया जा रहा है। ऐसे में कोटा में सिर्फ दाह संस्कार के लिए हर साल 9 हजार पेड़ों की बलि दी जा रही है। </p>
<p><strong>जीवन में पांच पेड का उपयोग करता है व्यक्ति</strong><br />माना जाता है कि एक व्यक्ति अपने जीवन में पांच पेड़ का उपयोग करता है। उसके दांह संस्कार के अलावा हलवाई के यहां भट्टी में जलाने, फर्नीचर बनाने और मकान समेत अन्य तरह से भी लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में कटने वाले पेड़ों की संख्या काफी अधिक है। जबकि कोटा में हर साल बरसात के सीजन में लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं। जिनमें से गिनती के ही पौधे पेड़ बन पा रहे हैं। एक पौधे को पेड़ बनने में कई साल लगता है। </p>
<p><strong>पुराने शहर में हरियाली, नए कोटा में जगह खाली</strong><br />कोटा शहर  में पहले जहां घने जंगल और बाग हुआ करते थे। उनमें से पेड़ों की लगातार कटाई होने से उनकी संख्या कम हो गई है। वर्तमान में शहर में न तो घने जंगल बचे हैं और न ही घने बाग। स्टेशन से नयापुरा तक जरूर बागों में पेड़ अधिक है। साथ ही सड़क किनारे पुराने पेड़ होने से हरियाली दिख रही है। हालांकि यहां भी अधिकतर पेड़ पुराने होने से गिरकर टूट चुके हैं। पेड़ों की अधिकता के कारण अभी भी पुराने शहर में हरियाली नजर आ रही है। जबकि नए कोटा में एरोड्राम से महावीर नगर व आरकेपुरम श्रीनाथपुरम् तक पेड़ तो हैं लेकिन उनकी संख्या कम होने से सड़क किनारे छाया देखने से भी नहीं मिलती है। यही कारण है कि नए कोटा में पेड़ कम होने से यहां का तापमान पुराने शहर के तापमान से दो से तीन डिग्री अधिक ही रहता है।</p>
<p><strong>विद्युत व गैस आधािरत बने शवदाह गृह</strong><br />पेड़ों को कटने से बचाने के लिए कोटा में लम्बे समय से विद्युत शवदाह गृह शुरू करने की मांग की जा रही थी। जिसकी शुरुआत दस साल पहले 2013 में किशोरपुरा स्थित मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह बनाकर कर दी गई थी। लेकिन उसके बनने के बाद भी अभी तक लोगों में जागरूकता की कमी या धार्मिक आस्था आड़े आने से विद्युत शवदाह गृह में बहुत कम लोग अंतिम संस्कार करवा रहे हैं। अधिकतर अंतिम संस्कार लावारिस शवों के ही हो रहे हैं। कोटा में पहले जहां एक ही विद्युत शवदाह गृह था। वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर दो हो गई है। दूसरा संजय नगर स्टेशन क्षेत्र स्थित मुक्तिधाम में हाल में ही शुरू हुआ है। जबकि आर.के. पुरम् स्थित मुक्तिधाम में सीएनजी गैस पर आधारित शवदाह गृह बनकर शुरू हो गया है। </p>
<p><strong>विद्युत शवदाह गृह में हर महीने 30 का औसत</strong><br />किशोरपुरा स्थित विद्युत शवदाह गृह को बने हुए दस साल का समय हो चुका है। लेकिन अभी भी उसमें दाह संस्कार की संख्या काफी कम है। जानकारी के अनुसार इस शवदाह गृह में हर महीने औसतन करूब 30 से 35 शवों का ही अंतिम संस्कार हो रहा है। हालांकि कोरोना काल में लकड़ियों के स्थान पर विद्युत शवदाह गृह में ही शवों का अंतिम संस्कार होने से उस समय एक ही दिन में कई शवों का दाह संस्कार हो रहा है। </p>
<p><strong>निगम पौधारोपण पर खर्च करेगा 8 करोड़ रुपए</strong><br />शहर में बरसात के सीजन में वन विभाग समेत अन्य विभाग व संस्थाएं पौधे लगाएंगे। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण की ओर से इस बार पौधारोपण के लिए वन विभाग को 8 करोड़ रुपए बजट दिया गया है। जिसमें वे भी पौधे लगाएंगे और शहर वासियों को निगम के माध्यम से नि:शुल्क पौधे बाटे जाएंगे।  इधर लोगों का कहना है कि सिर्फ पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है। उनकी देखभाल कर पेड़ बनाना भी होगा। तभी पौधे लगाने का लाभ है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> कोटा में हर दिन करीब 20 से 25 शवों का अंतिम संस्कार लड़की पर हो रहा है। हिन्दू संस्कूति के अनुसार लड़की पर दाह संस्कार करना अच्छा मानते हैं। एक शव के दाह संस्कार में करीब 5 क्विंटल लकड़ी लगती है। यह लकड़ी बबूल के एक सामान्य पेड़ से निकल जाती है। इस हिसाब से कोटा में हर साल दाह संस्कार में 9 हजार पेड़ों का उपयोग हो रहा है।  जबकि कोटा में विद्युत शवदाह गृह बन चुके हैं। हालांकि इनकी संख्या बढ़ाने व हर क्षेत्र या मुक्तिधाम में बनाने की आवश्यकता है। पेड़ों को बचाने के लिए उनकी कटाई कम और पौधारोपण अधिक करना होगा।  <br /><strong>- राजाराम जैन कर्मयोगी</strong></p>
<p>नगर निगम की ओर से वन विभाग को 8 करोड़ रुपए बजट दिया गया है। जिससे कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण निगम में पौधारोपण किया जाएगा। सरकारी विभागों के अलावा लोग भी अपने स्तर पर पौधे लगा सकेंगे। पौधे बड़े होकर पेड़ बनें इसके लिए सभी को जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन नए कोटा क्षेत्र में चट्टान व पथरीला इलाका अधिक होने से यहां पौधों की सर्वाइवल दर काफी कम है। जिससे यहां पौधे तो लगते हैं लेकिन पनप कम पाते हैं और पेड़ नहीं बन जाते। जिससे नए कोटा में पेड़ों की संख्या कम दिखती है। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, एक्सईन नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p><strong>प्रकृति में संतुलन के लिए पेड़ होना आवश्यक</strong><br /> जिस तरह से जनसंख्या बढ़ रही है। शहर का विकास हो रहा है। ऐसे में पेड़ों की बलि भी दी जा रही है। विकास व दाह संस्कार के लिए पेड़ कट रहे हैं तो प्रकृति का संतुलन बिगड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़ों का होना आवश्यक है। इसके लिए पौधे लगाने के बाद उनकी इस तरह से देखभाल की जाए कि वह पेड़ बन सके। यह किसी एक की नहीं हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। <br /><strong>- राकेश नामा, दादाबाड़ी</strong></p>
<p><strong>विद्युत शवदाह गृह का हो अधिक उपयोग</strong><br /> जिस तरह से बड़े शहरों में अधिकतर दाह संस्कार विद्युत शवदाह गृह में हो रहे हैं। उसी तरह अब  कोटा में भी विद्युत  शवदाह बनने लगे हैं। ऐसे में अधिकतर लोगों को इनका उपयोग करना चाहिए। जब अधिक लोग उपयोग करेंगे तो विद्युत शवदाह गृहों की संख्या भी बढ़ेगी। इससे लकड़ी की बचत और पर्यावरण को भी खतरा कम होगा। <br /><strong>- संगीता जांगिड़, महावीर नगर तृतीय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2023 15:17:30 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का- निगम ने 9 भूखण्डों को कराया अतिक्रमण मुक्त , लगाए सम्पत्ति के बोर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[मंगलवार को निगम टीम ने तलवण्डी स्थित इस भूखंड के बिजली कनेक्शन को कटवाते हुए मौके पर भूखण्ड पर नगर निगम कोटा दक्षिण की सम्पत्ति का बोर्ड लगाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news--corporation-made-9-plots-encroachment-free--put-up-property-boards/article-40506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/asar-khabar-ka--nigam-ne-9-bhokhandon-ko-kiya-atikraman-mukt,-sampatti-ke-bord-lagae...kota-news-22-03-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा दक्षिण ने निगम के योजनाकार क्षेत्र स्थित अपने भूखण्डों से अतिक्रमण हटाने  की कार्रवाई मंगलवार को शुरू कर दी है। निगम ने पहले ही दिन उपायुक्त राजेश डागा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए करीब 8 करोड़ रुपए कीमत के 9 भूखंडों को न केवल भूमाफियाओं के कब्जे से अतिक्रमण मुक्त कराया वरन् उन पर निगम की सम्पत्ति के बोर्ड भी लगाए। उपायुक्त राजेश डागा ने बताया कि तलवण्डी स्थित भूखण्ड सी-364-ए पर माफिया द्वारा बिजली कनेक्शन करवाकर कब्जा किया जा रहा था। वर्ष 2018 में  यह भूखण्ड निगम की नीलामी सूची में सम्मिलित था । जिसकी नीलामी भी करवाई गई  लेकिन उस समय हरीश गुप्ता द्वारा न्यायालय में स्थायी निषेधाज्ञा  व दावा प्रस्तुत कर स्टे प्राप्त कर लिया था। वर्तमान में भूखण्डों के सर्वे में पता चला कि  इस भूखण्ड पर लम्बित वाद पर सम्बन्धित न्यायालय द्वारा भूखण्ड को नगर निगम स्वामित्व का मानते हुए वादी हरीश गुप्ता का वाद  व निषेधाज्ञा 17 नवम्बर 2022 के निर्णय के माध्यम से खारिज कर दिया गया हैं। मंगलवार को निगम टीम ने तलवण्डी स्थित इस भूखंड के बिजली कनेक्शन को कटवाते हुए मौके पर भूखण्ड पर नगर निगम कोटा दक्षिण की सम्पत्ति का बोर्ड लगाया गया। </p>
<p>इसके बाद तलवण्डी स्थित भूखण्ड 299 पर जब  निगम की टीम पहंची  तो वहां भूमाफिया हरीश गुप्ता व मुकेश गुप्ता द्वारा निगम के योजनाकार भूखण्ड पर मैस का संचालन किया जा रहा था।  जो कि निगम की नीलामी सूची में अंकित है। 3200 वर्ग  फुट क्षेत्रफल पर दुकान के अन्दर मैस का संचालन किया जा रहा था। इसी भूखण्ड को तलवण्डी निवासी  राहुल कबाडी को स्क्रेप के लिए गोदाम किराए पर दे रखा है। एक ही भूखण्ड पर 2 अवैध विद्युत कनेक्शन पाए गए।  जिस पर महिला मैस संचालक द्वारा उपायुक्त से मकान मालिक की बात करवाई गई। इस पर उपायुक्त द्वारा भूमाफिया को तीन दिन में  इस स्थान को खाली करने को कहा गया। जिस पर भूमाफिया हरीश गुप्ता व मुकेश गुप्ता ने शीघ्र खाली करने का आश्वासन दिया। इसके बाद  निगम की टीम भूखण्ड  संख्या 516 व 517-ए पर पहुंची। जहां पाया कि पडौसी द्वारा निगम के भूखण्ड पर लोहे की जालियां लगाकर कब्जा किया हुआ है। जिस पर  पड़ौसी को शीघ्र ही जाली हटाने के लिए कहा गया। इस पर अतिक्रमी द्वारा स्वयं ही हटाने की कार्यवाही करने को कहा गया।  इन दोनों भूखण्डों पर नगर निगम कोटा दक्षिण की सम्पत्ति का बोर्ड मौके पर ही लगा दिया गया।  इसके बाद महावीर नगर प्रथम में ही भूखण्ड  संख्या  528 व 530 पर भूमाफियों द्वारा भूखण्डों पर  चार दीवारी करवाकर  दरवाजा लगा कर कब्जा किया हुआ था।  जिस पर ताला लगा हुआ था। मौके पर ही निगम दस्ते द्वारा उपायुक्त के आदेश पर ताला तोडते हुए निगम का ताला लगाया गया। दोनों भूखण्डों पर निगम सम्पत्ति के बोर्ड लगाए गए।  इसके बाद महावीर नगर प्रथम में टीम द्वारा भूखण्ड  संख्या 333 का मौका देखा गया। जिस पर पाया कि अतिक्रमी रामलाल गुर्जर द्वारा गाय भैसों का बाडा व टापरी का निर्माण कर कब्जा किया हुआ है। जिस पर दस्ते द्वारा चेतावनी देते हुए खाली करने को कहा गया। जिस पर अतिक्रमी द्वारा बताया गया कि इस पर कोर्ट का स्टे है। जिस पर उपायुक्त ने बताया कि स्टे कोर्ट द्वारा खारिज किया जा चुका है। ऐसे में भूखंड को तुरन्त ही खाली करने को कहा गया अन्यथा निगम द्वारा हटाने की कार्यवाही की जाएगी।  हालांकि इस भूखंड पर नगर निगम कोटा दक्षिण की सम्पत्ति का बोर्ड लगा दिया गया। महावीर नगर प्रथम के बाद टीम इन्द्र विहार स्थित भूखण्ड  संख्या एस-53-ए और एस-63-ए पर पहुंची। जहां पर  एक भूखण्ड एस-53-ए पर कब्जा कर कैफे का संचालन किया जा रहा है।  जिस पर पडौसी द्वारा बंद कैफे के मालिक व अवैध कब्जा करने वाले से बात करवाई गई। अतिक्रमी द्वारा कहा गया कि पांच दिन में स्वयं ही अतिक्रमण हटा लेगा।  जिस पर उपायुक्त के निर्देश पर कैफे पर नगर निगम कोटा दक्षिण की सम्पत्ति का बोर्ड लगाया गया।  उपायुक्त ने बताया कि निगम के भूखण्डों पर भूमाफियों द्वारा किए गए कब्जों की निगम द्वारा सम्बन्धित थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। साथ ही भूमाफियों के खिलाफ अभियान निगम द्वारा निरन्तर जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान उपायुक्त राजस्व दिनेश शर्मा, राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री, सहायक अभियन्ता तौसिफ खान, अतिक्रमण प्रभारी मुकेश तंवर, मुकेश शर्मा, ललित सिंह, रियाजुद्दीन, जलील अहमद  व होमगार्ड दस्ता मौके पर मौजूद रहे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि यह मुद्दा दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 20 मार्च के अंक में पेज तीन पर अपने ही खाली भूखंडों  की पहचान में निगम को हो रही मुश्किल शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें लिखा था कि निगम ने अपने भूखंडों पर न तो चारदीवारी करवा रखी है और न ही निगम की सम्पत्ति के बोर्ड लगाए हुए हैं। इसे गम्भीता से लेते हुए निगम उपाुक्त राजेश डागा ने कार्रवाई की। जिसके तहत निगम भूखंडों को अतिक्रमण से मुक्त करवाने के साथ ही उन पर निगम सम्पत्ति के बोर्ड भी लगाए हैं। उपायुक्त डागा ने बताया कि इन भूखंडों पर शीघ्र ही चार दीवारी भी करवाई जाएगी। जिससे दोबारा उन पर अतिक्रमण नहीं हो सके।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 14:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लांयस क्लब कोटा के नेत्र चिकित्सा शिविर का आगाज गुरुवार से</title>
                                    <description><![CDATA[नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर  में चिन्हित नैत्र रोगियों का निशुल्क आॅपरेशन किया जाएगा। रोगी पहले भी आकर जांच करवा सकते है। शिविर प्रभारी ने बताया कि शिविर में सभी मरीजों को भोजन,दवाईयां लेंस एवं चश्में की व्यवस्था क्लब द्वारा की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lions-club-kota-s-eye-medical-camp-started-from-thursday/article-23834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/lions-club-kota-ke-netra-chikitsa-shivir-ka-ayojan-kal-se..kota-news...21.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। लायंस क्लब कोटा व जिला अंधता निवारण समिति कोटा द्वारा सत्र 2022-23 के प्रथम नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन 22 सितम्बर से किया जा रहा है। क्लब की ओेर से निरन्तर केम्प आगामी माह में आयोजित किए जाएंगे जिनमें नेत्र रोगी लाभांवित होंगे। क्लब अध्यक्ष जुगल किशोर सोनी ने बताया कि 22 सितम्बर को प्रात:10 बजे झालावाड स्थित लांयस भवन में जांच एवं भर्ती प्रक्रिया की जाएगी। जिनके आपरेशन 23 व 24 सितम्बर को किए जायेंगे।</p>
<p>सचिव पुरूषोतम पालीवाल ने बताया कि लेन्स प्रत्यारोपण आपरेशन बिना टांके वाले होगे। आधुनिक लेजर ऑपरेशन तकनीक के माध्यम से रोगियों का इलाज किया जाएगा और सभी मरीजो को लेंस प्रत्यारोपित किये जाएगे। इस अवसर पर प्रात 10 बजे निशुल्क ब्लड प्रेशर व मधुमेह की जांच भी की जाएगी। उन्होने बताया कि नेत्र चिकित्सा शिविर का प्रभारी एमजेएफ अशोक नुवाल को बनाया गया है।शिविर प्रभारी अशोक नुवाल ने बताया कि डॉ. विशाल स्नेही द्वारा चिन्हित नैत्र रोगियों का निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लांयन्स नेत्र चिकित्सालय प्रतिदिन 9 से 11 बजे तक खुलता है। रोगी पहले भी आकर जांच करवा सकते है। शिविर प्रभारी  ने बताया कि शिविर में सभी मरीजों को भोजन,दवाईयां लेंस एवं चश्में की व्यवस्था क्लब द्वारा की जाएगी।शिविर में आने वाले नेत्र चिकित्सा रोगी को आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड की जेरोक्स कॉपी एवं दो फोटो साथ लाने होगे। बैठक में विजय सक्सेना,जे पी गुप्ता आदि सदस्य उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Sep 2022 17:09:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिक्रमण मुक्त कराई जमीन पर नहीं हुई कोई कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास की ओर से करीब एक महीना पहले अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर अभी तक कोई आगे की कार्यवाही नहीं की गई है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-action-taken-on-encroachment-free-land/article-16457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/118.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर विकास न्यास की ओर से करीब एक महीना पहले अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर अभी तक कोई आगे की कार्रवाई नहीं की गई है । जिससे जमीन खाली पड़ी है जबकि इस जमीन पर नगर निगम कोटा उत्तर का भवन प्रस्तावित है ।<br /><br />न्यू क्लॉथ मार्केट के पास सब्जी मंडी में नगर विकास न्यास की करीब 100 करोड रुपए की भूमि पर दुकानदारों व ठेले वालों ने अतिक्रमण कर रखा था । जिसे करीब 1 महीने पहले यूआईटी के दस्ते ने अलसुबह 4 घंटे कार्रवाई कर मुक्त कराया था । जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नगर निगम की दुकानों पर अतिक्रमण किया हुआ था और पुरानी सब्जी मंडी की जगह पर ठेले कच्ची टाबरिया बना रखी थी ।कई तरह की अवैध गतिविधियां भी हो रही थी । इसकी सूचना मिलने पर नगर विकास न्यास के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने कार्यवाही करते हुए उस जमीन को खाली करवाया और अतिक्रमण से मुक्त कराया । न्यास अधिकारियों ने बताया था कि निगम कि इन दुकानों का केस पूर्व में ही निस्तारित किया जा चुका है और दुकानदारों को अन्य जगहों पर पुनर्वास किया जा चुका है । जबकि सब्जी मंडी भी यहां से शिफ्ट हो चुकी है। उसके बावजूद भी लोग यहां से जाने को तैयार नहीं थे । जिसे अतिक्रमण मुक्त कराया गया है । अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब 100 करोड रुपए बताई जा रही है । वहीं न्यास अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के कोटा उत्तर भवन को इस जगह पर बनाया जाना प्रस्तावित है । इसका प्लान तैयार किया जा रहा है इसलिए दोबारा से अतिक्रमण ना हो उसे देखते हुए बैरिकेडिंग लगाए गए हैं । साथ ही मलबा हटाने की कार्रवाई भी शीघ्र ही की जाएगी । <br /><br />इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में दशहरा मैदान स्थित राजीव गांधी प्रशासनिक भवन में ही नगर निगम कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण के कार्यालय संचालित हो रहे है   कोटा उत्तर क्षेत्र में होने से अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर कोटा उत्तर का भवन बनाया जाना प्रस्तावित  है । स्वायत्त शासन मंत्री द्वारा इसका प्लान तैयार किया जा रहा है । गौरतलब है कि इससे पहले स्टेशन रोड पर और उसके बाद नयापुरा स्थित है बृज टॉकीज की चौराहे पर भी कोटा उत्तर भवन के लिए जगह प्रस्तावित की गई थी।  लेकिन दोनों ही जगह उपयुक्त नहीं होने पर वहां प्लान निरस्त कर दिया गया । निगम अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है  वह मेन रोड पर है और इसके पास ही नगर निगम का पुराना भवन भी है।जहां अग्निशमन केंद्र और मोटर गैराज संचालित हो रहे हैं इस कारण से यह जगह उपयुक्त रहेगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Jul 2022 18:14:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> 18+ को मुफ्त लगेगी बूस्टर डोज, गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर जताई थी चिंता,  कहा, 'भारत सरकार को 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के लिए भी प्रिकॉशन डोज निशुल्क करनी चाहिए'    </title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि देशभर में पिछले दिनों में कोविड के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी एक वजह समय के साथ वैक्सीन की इम्युनिटी कम होना एवं समय पर प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज नहीं लगवाना है। भारत सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों के लिए ही प्रिकॉशन डोज निशुल्क की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-expressing-concern-over-the-increasing-cases-of-corona--gehlot-said-that-the-government-of-india-should-also-make-precaution-dose-free-for-the-age-group-of-18-to-45-years/article-14359"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/booster.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p>जयपुर।  18 वर्ष से ज्यादा को कोविड को मुफ्त बूस्टर डोज लगेगी। केंद्र सरकार ने इसकों लेकर बड़ा फैसला  किया है।  15 जुलाई से 75 दिन तक  मुफ्त बूस्टर डोज 18 साल की उम्र से ज्यादा लोगों को लगेगी। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी दी।<br /><br />हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा था कि देशभर में पिछले दिनों में कोविड के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी एक वजह समय के साथ वैक्सीन की इम्युनिटी कम होना एवं समय पर प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज नहीं लगवाना है। भारत सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों के लिए ही प्रिकॉशन डोज निशुल्क की है।<br /><br />गहलोत ने कहा कि 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग में 10% लोगों ने भी प्रिकॉशन डोज नहीं लगवाई है। भारत सरकार को 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के लिए भी प्रिकॉशन डोज निशुल्क करनी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में लोग प्रिकॉशन डोज लगवाएं। कोविड इन्फेक्शन की चेन तोड़ने के लिए आवश्यक है कि सभी को वैक्सीन लगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ से चिंताजनक हालात बने हुए हैं । मैं सभी बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षित होने की कामना करता हूं। मैं गुजरात के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि बाढ़ में फंसे लोगों की अधिक से अधिक मदद करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 16:17:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल बॉर्डर से बालिका को कराया मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[मुहाना इलाके से दो माह पूर्व अपह्रत हुई बालिका को मुहाना थाना पुलिस ने तीन हजार किलोमीटर पीछा कर रक्सौल (बिहार-नेपाल बॉर्डर) से मुक्त कराकर आरोपी अर्जुन सहानी को गिरफ्तार कर लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-girl-free-from-nepal-border/article-13847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/456465465.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुहाना इलाके से दो माह पूर्व अपह्रत हुई बालिका को मुहाना थाना पुलिस ने तीन हजार किलोमीटर पीछा कर रक्सौल (बिहार-नेपाल बॉर्डर) से मुक्त कराकर आरोपी अर्जुन सहानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम एक सप्ताह से नेपाल में डेरा डालकर सूचना एकत्रित कर रही थी।</p>
<p>थाना प्रभारी लखन सिंह खटाना ने बताया कि इस संबंध दो मई को नाबालिग बालिका के पिता ने रिपोर्ट दी थी। इसके बाद पुलिस की टीमों ने तकनीकी सहायता लेकर आरोपी का पीछा किया, तो नेपाल जाने की जानकारी मिली। टीम नेपाल के पुरकोट पहुंची, तो आरोपी वहां से बालिका को लेकर फरार हो गया। टीम ने 3 आरोपियों का पीछा कर उसे रक्सौल से पकड़ लिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 09:14:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>यूआईटी ने 5 बीघा जमीन को कराया अतिक्रमण मुक्त </title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने शनिवार अल सुबह कार्रवाई  करते हुए करीब 5 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया । नगर विकास न्यास के सचिव राजेश जोशी के नेतृत्व में न्यास की टीम ने ज्वाला तोप से पुरानी सब्जी मंडी तक अतिक्रमण हटाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/uit-made-5-bighas-of-land-encroachment-free/article-12996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/uit.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर विकास न्यास के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने शनिवार अल सुबह कार्रवाई  करते हुए करीब 5 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया । नगर विकास न्यास के सचिव राजेश जोशी के नेतृत्व में न्यास की टीम ने ज्वाला तोप से पुरानी सब्जी मंडी तक अतिक्रमण हटाया। सुबह 4:00 बजे से 8:00 बजे तक चली कार्रवाई के दौरान करीब 40 से अधिक पक्की दुकानें , 50 से अधिक थडिया , ठेले व अन्य अतिक्रमण को मौके से हटाया गया। इस दौरान न्यास सचिव राजेश जोशी के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण जैन, पुलिस उप अधीक्षक अमर सिंह राठौड़ ,आशीष भार्गव ,अंकित जैन, नगर विकास न्यास के उप सचिव मोहम्मद ताहिर, एसडीएम दीपक मित्तल के अलावा करीब ढाई सौ पुलिसकर्मियों का जाब्ता मौजूद था ।<br /><br /> न्यास के सचिव राजेश जोशी ने बताया कि ज्वाला तोप  के पास पूर्व में सब्जी मंडी लगा करती थी। लेकिन कुछ समय पहले सब्जी मंडी  वहां से शिफ्ट हो गई। लेकिन उस जगह पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। किसी ने थडिया लगा रखी थी तो किसी ने ठेले । हालत यह थी कि पुरानी सब्जी मंडी की जगह पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में आ गई थी । वहीं नगर निगम की भी कुछ पक्की दुकानें बनी हुई थी । जिन्हें निगम ने किराए पर दिया हुआ था । लेकिन हाईकोर्ट के स्टे खारिज होने के बावजूद दुकानदारों ने उन दुकानों को खाली नहीं किया था।  जिसे भी नगर निगम की सहमति से न्यास दस्ते ने दुकानों के ताले तोड़ कर उनका सामान निकाला और दुकानों को ध्वस्त किया।  न्यास अधिकारियों ने बताया कि मौके पर बड़ी संख्या में नशे का व्यवसाय भी हो रहा था । साथ ही मांस की दुकान लगी हुई थी । पूरी जगह दुर्दशा की शिकार हो रही थी। करीब 5 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है । यहां पर नगर विकास न्यास द्वारा प्लानिंग की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस जगह पर नगर निगम कोटा उत्तर का नया भवन भी प्रस्तावित है।  हालांकि नगर विकास न्यास और निगम के अधिकारियों ने इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की है। इसके बाद न्यास के दस्ते ने नांता में वीर दुर्गादास स्टेडियम के आसपास से भी अतिक्रमण हटाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 13:28:45 +0530</pubDate>
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