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                <title>International Nurses Day : अस्पतालों में मरीजों का बढ़ता भार, नर्सेज की भारी कमी नतीजा: मरीजों को नहीं मिल पा रही क्वालिटी नर्सिंग केयर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नर्सेज जरूरत के अनुपात में काफी कम है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-nurses-day-increasing-load-of-patients-in-hospitals-severe/article-77693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/nurse.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में अब काफी विस्तार हो चुका है। जयपुर तो मेडिकल हब बन चुका है। वहीं प्रदेश के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं लेकिन बावजूद इसके अस्पतालों में आज भी मैन पावर की बहुत कमी है। इनमें सबसे ज्यादा जरूरत अगर किसी संवर्ग की है तो वो है नर्सिंग संवर्ग। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नर्सेज जरूरत के अनुपात में काफी कम है। <br />ऐसे में ऑपरेशन या इलाज के बाद जो नर्सिंग केयर मरीजों को मिलनी चाहिए वो नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में करीब 70 हजार नर्सिंग ऑफिसर और नर्सिंगकर्मी हैं। जबकि करीब 18 हजार संविदा नर्सेज अस्पतालों में काम कर रहे हैं। 20 हजार से ज्यादा नर्सिंगकर्मियों की इन अस्पतालों में अब भी जरूरत है। वहीं नर्सिंग स्टाफ के अवकाश लेने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के अनुसार 30 प्रतिशत लीव रिजर्व नर्सेज स्टाफ भी होना चाहिए। ऐसे में वर्तमान संख्या के साथ ही करीब 40 हजार नर्सेज की प्रदेश में और जरूरत है। </p>
<p><strong>पूरा वार्ड एक या दो नर्सिंगकर्मियों के भरोसे</strong><br />इंडियन मेडिकल काउंसिल के नॉर्म्स के अनुसार अस्पतालों में मरीजों के अनुपात में नर्सेज की भारी कमी है। प्रदेश के सबसे बड़े सवाईमानसिंह अस्पताल सहित अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में एक वार्ड में 50-50 मरीज सिर्फ एक या दो नर्सिंगकर्मियों के भरोसे हैं। डॉक्टर और मरीज के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी नर्सिंग स्टाफ  है। इसके बावजूद सरकार अस्पतालों में इनकी कमी को नजरअंदाज किया जा रहा है।  </p>
<p><strong>क्या कहते हैं आईएनसी के नियम</strong><br />इंडियन नर्सिंग काउंसिल के तय मापदंडों के अनुसार आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों पर एक नर्स का होना जरूरी है। अगर मरीज ज्यादा गंभीर है तो एक बैड पर एक नर्स होना चाहिए। जनरल वार्ड में छह मरीजों पर एक नर्स होनी चाहिए, लेकिन प्रदेश में वर्तमान स्थिति में ये मापदंड सिर्फ  कागजों में ही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 12:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>विपक्षी नेताओं को गैरकानूनी तरीके से रोका जाना लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम गहलोत के कड़े तेवर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615aa80f14093/article-1413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/gehlot_priyanka.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूपी की भाजपा सरकार निशाना साधते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और पंजाब के उप मुख्यमंत्री  को राज्य में आने से रोका जा रहा है जोकि निंदनीय है। ऐसा केवल एक तानाशाह सरकार ही कर सकती है।<br /> <br /> गहलोत ने कहा कि एआईसीसी महासचिव प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। वे प्रमुख विपक्षी नेता हैं और लखीमपुर खीरी जिले में कल जो किसान मारे गये उनके परिवारों से मिलने जा रही थीं। विपक्षी नेताओं को गैरकानूनी तरीके से रोका जाना लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ है। पहले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर भाजपा नेताओं के काफिले की गाड़ियां चढ़ाकर उनको बर्बरता से मार दिया गया, फिर विपक्षी नेताओं को वहां जाने से रोका जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है। प्रियंका उन परिवारों के साथ खड़े होने के लिये जा रहीं थीं जिन्होंने अपने प्रियजनों को कल की हिंसा में खोया है। इस कर्तव्य निर्वहन के लिये उनको रोकना पूर्णतया अनुचित है।<br /> <br /> भाजपा सरकार का अमानवीय चेहरा पूरी तरह सामने आ चुका है। किसानों की मांगों को अनसुनी करना, किसान आंदोलन को तोड़ना, उन पर अत्याचार करना और फिर किसी विपक्षी दल को उनके साथ न खड़े होने देना, यह सत्ताधारी दल का लोकतंत्र विरोधी रूप है जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा पंजाब के उप मुख्यमंत्री  को राज्य में आने से रोका जा रहा है जोकि निंदनीय है। ऐसा केवल एक तानाशाह सरकार ही कर सकती है। क्या यूपी में सत्तारूढ़ भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर देना चाहती है? इस तरह नागरिक अधिकारों का हनन संविधान की भावना के भी विपरीत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Oct 2021 13:03:41 +0530</pubDate>
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