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                <title>father - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बेटी की हत्या के आरोपी पिता को कोर्ट ने सुनाई तालीबानी सजा, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के झुंझुनू में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने बेटी की हत्या करने के आरोपी पिता संजय कुमावत को शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश सीमा ढाका ने आरोपी को 19 वर्षीय पुत्री नीतू की हत्या का दोषी पाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/court-sentenced-talibani-punishment-to-father-accused-of-daughters-murder/article-134184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/crime-scene.png" alt=""></a><br /><p>झुंझुनू। राजस्थान में झुंझुनू के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुत्री की हत्या करने के आरोपी पिता को शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा ढाका ने अभियुक्त संजय कुमावत को उसकी पुत्री नीतू की हत्या का दोषी माना। </p>
<p>मामले के अनुसार संजय कुमावत का अपनी पत्नी सरोज से पुश्तैनी खेती को लेकर विवाद था। 13 जून 2020 को इसी विवाद को लेकर हुई कहासुनी के बाद संजय कुमावत लोहे के पाइप से सरोज को पीटने लगा। उसके चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी पुत्री नीतू (19) और पुत्र विक्रम मां को बचाने आये तो उसने उन पर भी पाइप से ताबड़तोड़ वार किये जिससे नीतू की मौत हो गयी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 17:57:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फादर्स डे पर विशेष - पिता एक उम्मीद है, आस है, परिवार की हिम्मत और विश्वास है</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने युवाओं से जाना की उनकी नजÞर मे उनके पिता कितने महत्वपूर्ण हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/special-on-father-s-day---father-is-a-hope--expectation--courage-and-faith-of-the-family/article-117527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer79.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दो पल की खुशी के लिए क्या क्या कर जाता है, एक पिता बच्चों की खुशियों के लिए अंगारों पर चल जाता है! पिता एक ऐसा संबंध है जिसमें जिंदगी भर का सार छुपा होता है। मां अगर परिवार का दिल है तो पिता उस दिल की धड़कन होते हैं।  पिता की छत्रछाया में बच्चों को दु:खों का एहसास ही नहीं होता है।  पिता नीम के पेड़ जैसा होता है... उसके पत्ते भले ही कड़वे होते हैं... पर वो छाया ठंडी देता है...! आज फादर्स डे है ... इस  अवसर पर  दैनिक नवज्योति शहर के झालावाड़ रोड स्थित सिटी मॉल पहुंचा। सिटी मॉल में शहर के सबसे ज्यादा युवा व बच्चे आते हैं और  अपना बहुत सारा समय व्यतीत करते है। यहां  हमें हर उम्र के बच्चे व युवा मिले जिनसे हमने बात करके जाना कि उनकी नजर में उनके पिता कितने महत्वपूर्ण हैं।  उनके पिता में ऐसी कौनसी खूबी है जो उन्हें बहुत अच्छी लगती है। जब हमने बच्चों व युवाओं से बात की तो कुछ शुरू में हेजीटेट हुए लेकिन फिर बेबाकी से बात करने लगे। कई युवा बोले कि आज तक कभी किसी ने पापा के बारे में नहीं पूछा। अपने पापा के बारे में बात करते हुए युवाओं की आंखों में चमक के साथ मुस्कान खिली हुई थी। वह अपने पिता के बारे में अपनी भावनाओं को दिल से साझा कर रहे थे। बातचीत तो काफी सारे युवाओं से हुई लेकिन यहां चुनिंदा भावनाओं को ही प्रकाशित किया जा रहा है। </p>
<p>पिता वह व्यक्ति है जिसे आप हर दिन आदर्श मानते हैं, चाहे आप कितने भी बड़े हो जाएं। मेरे पापा लविंग और केयरिंग नेचर के हैं। जीवन में कई तरह की समस्याएं आती हैं लेकिन वे सब से बाहर निकलने के लिए मार्गदर्शन करते हैं और प्रेरित करते हैं। पढाई पर उनका फोकस है वह चाहते हैं कि जो भी जीवन में करने का लक्ष्य है उसको हासिल करें और अच्छी जगह पहुंचे।        <br /><strong>- ओजस्वी गुप्ता</strong></p>
<p>परिवार में कैसी भी कंडीशन हो हमारी ख्वाहिशों को कभी मारते नहीं है। हर काम के लिए सपोर्ट करते हैं। कभी मिसगाइड नहीं करते अगर सोचते है कि यह काम करना है या इस क्षेत्र में करियर बनाना है तो समझाते है कभी भी उन्होंने हमारा कॉन्फीडेंस लूज नहीं किया। मुझ पर विश्वास करते हैं।   <br /><strong>- असमां शेख</strong></p>
<p>कई चीजों को समझाने का तरीका कि क्या बेहतर है या नहीं यह बहुत अच्छा है । उनकी टेक्निकल और मैनेजमेंट स्किल मुझे बहुत ज्यादा मोटिवेट करती है। क्या वर्तमान स्थिति चल रही है उसमें सिचुएशन को कैसे और किस तरह संभालना है ये उनमें खूबी है। थोड़े सख्त जरूर हैं पर इमोशनली बहुत जुड़े हुए है। मेरे पापा होने के लिए आपका धन्यवाद। <br /><strong>- कुमार सत्यम</strong></p>
<p>वह हर सिचुएशन में पॉजीटिव एटीट्यूड रखते हैं। कभी उन्हें गुस्सा करते नहीं देखा। मम्मी यदि डांटती है तो हमारी साइड रहते हैं। अगर कभी कोई गलती भी हो जाए समझते हैं, हर कदम पर सपोर्ट करते हैं।      <br /><strong>- आकांक्षा </strong></p>
<p>हम संयुक्त परिवार से है। पापा परिवार में सबसे छोटे है। वह डॉक्टर हैं। परिवार में जब भी जरूरत हुई  किसी भी तरह की नीड आई उन्होंने परिवार को हमेशा सपोर्ट किया। फाइनेंशियल कंडीशन इतनी अच्छी नहीं थी लेकिन परिवार में उन्होंने सबको ऊपर उठाया। अपने प्रोफेशन में भी सबकी मदद करते हैं। इलाज करवाने अगर कोई नीडी पर्सन आता है उसकी हेल्प करते हैं। कई  लोग उनसे सलाह लेते हैं। उनमें परोपकार की भावना, लोगों की मदद करना और हमेश मुस्कुराते रहने का नेचर मुझे बहुत प्रभावित करता है।  <br /><strong>- ईशान मालव </strong></p>
<p>मुझे उनकी एक बात बहुत पसंद है कि जीवन में कभी खाली नहीं बैठना निरंतर कुछ न कुछ करते रहें।  यह बात उनकी मोटीवेट करती है।  किसी भी चीज के लिए वो ना नहीं कहते हैं। वही हमारे कर्ताधर्ता है, फादर्स डे  पर यही कहूंगा हमारे  लिए  आपके द्वारा किए गए हर काम के लिए हमेशा आभारी रहूंगा।     <br /><strong>- अभिषेक खोड़े</strong></p>
<p>बच्चों की खुशी में ही उनकी खुशी है। बच्चों को कमी ना हो इसके लिए खुद की इच्छाओं को मार कर जरूरते पूरी करते हैं। उनसे यही सीखा कि परिस्थितियों को सामना कैसे करना है कभी हिम्मत नहीं हारनी है।     <br /><strong>- प्रियंका राठौड़</strong></p>
<p><strong>ये रहे विजेता </strong><br /><strong>प्रथम पुरस्कार </strong><br />परिवार और बच्चे उनके लिए प्रायोरिटी है। जॉब के बाद भी वह बच्चों को बहुत समय देते हैं।  हमारी छोटी से छोटी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए वह बहुत मेहनत करते हैं। उन्हें लगता है कि मेरे बच्चों की कोई ख्वाहिश अधूरी नहीं रह जाए। कैसी भी स्थिति हो वह कहते है घबराओ मत मैं हूं ना, सब संभाल लंूगा। वह चाहते हैं उनकी बेटियां आत्मनिर्भर बने और सभी काम खुद करें। वह यहीं सीख देते हैं कभी किसी  का दिल नहीं दुखाओ व बड़ो की इज्जत केयर करना। सर्दीहो, गर्मी, बरसात हो या तबियत खराब हो काम पर जाते हैं सिर्फ इसलिए कि हमें अच्छी लाइफ  दे सकें।      <br /><strong>- आभा कुमारी</strong></p>
<p><strong>द्वितीय पुरस्कार </strong><br />वो बहुत मेहनती  है। जिंदगी के प्रति उनका नजरिया बहुत सकारात्मक है।  क्या अच्छा है क्या बुरा है इसका उनको बहुत अनुभव है। समय समय पर वो इस बारे में गाइड करते रहते हैं। वह मृदुभाषी है सभी से बहुत अच्छे से बात करते हैं, हर बात का जवाब बहुत प्यार से देते हैं। शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता कि पापा मेरे जीवन में कितना मायने रखते है।      <br /><strong>- हर्षित वर्मा</strong></p>
<p><strong>तृतीय पुरस्कार </strong><br />मेरे पापा में धैर्य बहुत है यही बात  उनकी सबसे अच्छी लगती है। जीवन में जो भी करना है जिस क्षेत्र में जाना है जाओ लेकिन पापा कहते हैं कि धैर्य के साथ आगे कदम बढ़ाओ,  सही गलत को समझो सही रास्ते पर चलो। अब तक सभी ख्वाहिशों को उन्होंने पूरा किया। बहुत सपोर्टिव हैं, मैं एक्टर बनाना चाहता हूं इसके लिए कुछ समय उनको समझाने में लगा, लेकिन फिर मान गए कहा अच्छा डायरेक्शन और धैर्य के साथ आगे बढ़ो। मेरे सपनों को हवा देने और मुझ पर विश्वास करने के लिए थैंक यू  पापा। हैप्पी फादर्स डे!     <br /><strong>- प्रफुल्ल कुमार</strong></p>
<p>पापा हमेश हमारे लिए आइडियल है। वह ऐसी पर्सनेिलटी है जो गाइड और इंस्पायर करती है। कभी किसी बात के लिए फोर्स नहीं करते हैं। हर बात को बहुत शांति से समझाते हैं उनका समझाने व बात कहने का तरीका बहुत अच्छा है। उनकी सबसे बड़ी खूबी है संतुष्ट नेचर। हर चीज में सेटिस्फाइड रहते हैं। बहुत कूल व काम नेचर के हैं। उनका नजरिया पॉजिटिव है। यहीं खूबी उनकी खास है।     <br /><strong>- धरा शर्मा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 13:18:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एक व्यक्ति ने चाकू से वार कर की बेटे की हत्या, पत्नी घायल</title>
                                    <description><![CDATA[जब पत्नी घर पर खाना बना रही थी, तब उस पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-father-stabbed-10-year-old-son-to-death/article-77404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/attack3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने बेटे और पत्नी पर चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे बेटे की मौत हो गई। घायल पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि आरोपी ने खुदकुशी की कोशिश की, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सब इंस्पेक्टर ज्योति ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे नया नोहरा में रहने वाले जसवंत नाम के व्यक्ति ने अपनी 35 वर्षीय पत्नी मूर्ति और 10 वर्षीय बेटे लविश पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने लविश को मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।</p>
<p>मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला मूर्ति देवी के पर्चा बयान पर आरोपी पति जसवंत के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी जसवंत ने आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन वह बच गया, जिसे कस्टडी में लेकर उपचार कराया जा रहा है। महेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी बहन मूर्ति देवी की 14  साल पूर्व जसवंत के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद जसवंत उसकी बहन को परेशान करता था तथा शराब पीकर मारपीट करता था। पीहर वालों ने उसे कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मानता था। जसवंत शराब पीने का आदी था।महेंद्र ने बताया पुलिस ने फोन कर घटना की जानकारी दी।</p>
<p>अस्पताल में मूर्ति ने बताया कि उसका पति अक्सर उससे लड़ाई झगड़ा करता था। आरोपी नशे का आदी है और वो कई तरह का नशा करता है। महेंद्र ने बताया कि उनके पास कुछ जमीन है, जिससे कुछ पैसे अर्जित होते हैं और उसी से परिवार का भरण-पोषण होता है। जसवंत ने एक सप्ताह पहले भी घर पर झगड़ा किया था, उसकी शिकायत पुलिस को मिली थी। इस पर पुलिस घर पर पहुंची थी और पत्नी मूर्ति की शिकायत पर जसवंत को शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार किया था। मूर्ति  ने बताया कि आरोपी कोई काम नहीं करता। जब वो घर पर खाना बना रही थी, तब उसने उसके ऊपर चाकू से हमला कर दिया। ऐसे में बीच-बचाव के लिए आए बेटे पर भी आरोपी ने हमला किया। किसी तरह बचकर वह घर के बाहर आए। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्रित किए।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 18:26:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>पुत्री से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को उम्र कैद </title>
                                    <description><![CDATA[न्यायालय ने टिप्पणी के साथ आरोपी पिता को दोषी मानते हुए लिखा कि  आरोपी अपने जीवन की आखिरी सांस तक कारागार में बैठकर अपने पापों का प्रायश्चित करता रहेगा । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-imprisonment-to-father-accused-of-raping-daughter/article-59403"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/court-hammer05.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर की पोक्सो क्रम  3 कोर्ट ने गुरुवार को पिता पुत्री के रिश्तों को कलंकित करने वाले कलयुगी पिता को  उम्र कैद की सजा सुनाई  साथ ही आरोपी पर 10000 रुपए का जुमार्ना भी लगाया है । इस मामले में न्यायालय ने रामचरितमानस में बाली द्वारा मरते समय प्रभु राम से अपना वध किए जाने का कारण पूछने पर प्रभु श्री राम ने बाली से जो कहा था उसकी टिप्पणी करते हुए अपने फैसले में लिखा कि अनुज बधू भगिनी सुत नारी। सुनु सठ कन्या सम ए चारी॥ इन्हहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई। ताहि बधें कछु पाप न होई॥ अर्थात यदि कोई व्यक्ति अपने छोटे भाई  की पत्नी, पुत्र की पत्नी, पुत्री, बहन यह सब कन्या का रूप होती हैं इन पर कुदृष्टि डालने वाले का वध करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने होनहार बेटी  को संदेश देते हुए लिखा कि प्यारी बिटिया रानी तुम होनहार खिलाड़ी हो विपरीत परिस्थितियों में साहस और धैर्य के साथ लड़ना और विजय होना तो तुम्हारे खून में है चलो उठो काली अंधियारी रात गुजर चुकी है आशा का सूरज नई किरण  के साथ तुम्हें बुला रहा है आगे बढ़ो और थाम लो अपनी खुशहाल जिंदगी  का दमन और आशाओं के उन्मुक्त आसमान में उड़कर अपने सपनों को सरकार करो । </p>
<p>न्यायालय ने टिप्पणी के साथ आरोपी पिता को दोषी मानते हुए लिखा कि आरोपी ने अपनी सगी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है इसके लिए न्यायालय अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए न्याय की मयार्दाओं के अनुरूप आरोपी पिता को मृत्यु दंड से दंडित ना कर आखिरी सांस तक दंडित करना न्यायोचित मानती है क्योंकि आरोपी अपने जीवन की आखिरी सांस तक कारागार में बैठकर अपने पापों का प्रायश्चित करता रहेगा और उसे देखकर भविष्य में कोई भी पिता अपनी पुत्री की ओर वासनात्मक दृष्टि से देखने की हिम्मत तक नहीं करेगा ।</p>
<p><strong>क्या था मामला </strong><br />इस मामले में 9 मार्च 2018 को पुत्री ने पुलिस थाना उद्योग नगर में आरोपी पिता के खिलाफ रिपोर्ट दी थी जिसमें बताया गया था कि 18  दिसंबर 2022 की रात को उसकी मां घर पर नहीं थी तथा उसकी छोटी बहन अखाड़े में गई थी । उस समय उसका पिता रसोई में आया और उसे पीछे से पकड़ लिया और  बेडरूम में ले जाकर उसके साथ  दुष्कर्म किया । इसके बाद उसने पूरी जानकारी मां के घर आने पर उसने पूरी जानकारी मां को बताई तो माता-पिता के बीच झगड़ा भी हुआ । उसी दौरान उसकी मां ने उसे बड़े पापा के घर भेज दिया।  मामले में पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । पुलिस ने न्यायालय में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया गवाहों के बयान कराए गए । न्यायाधीश दीपक दुबे ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पिता को उम्र कैद की सजा सुनाते हुए 10000 रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया  तथा पीड़िता को 10 लख रुपए प्रतिकार मदद देने के भी निर्देश दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Oct 2023 17:49:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>फादर्स डे विशेष : पिता बनना आसान,  बच्चे को काबिल बनाना जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[जिन्दगी का व्यावहारिक ज्ञान जिस प्रकार पिता बच्चों को दे सकता है शायद उतनी अच्छी तरह और कोई नहीं दे सकता । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/father-s-day-special--it-is-easy-to-be-a-father--responsibility-to-make-a-child-capable/article-49347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/fathers-day-vishesh--pita-banana-aasan,-bachche-ko-kabil-bananan-zimmedari...kota-news..19.6.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुझ को छांव में रखा और खुद भी वो जलता रहा, मैंने देखा इक फरिश्ता पिता की परछाईं में, संस्कारों और अनुशासन का जो रोपते ऐसा बीज है,अपनों की खुशी के लिए रहते वो तत्पर नित है।  माता-पिता बनना जीवन में सबसे बड़ी खुशी होती है। लेकिन माता-पिता बनने के साथ बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी भी आती है। उनको काबिल बनाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फादर्स डे पर एक संदेश दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पिता होकर बच्चे को काबिल बनाना बच्चे को जन्म देने से ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है। इसमें बहुत-सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बच्चे की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उसको संस्कारी बनाने यहां तक कि काबिल बनाने की जिम्मेदारी भी पिता की होती है। पिता अपने बच्चों का जन्मदाता और भाग्य विधाता होता है।</p>
<p>परिवार का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी एक पिता की होती है। पिता बच्चे के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का काम करते हैं। अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी मेहनत करते है ताकि उनका बच्चा पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बने और उनका नाम गर्व से ऊँचा करें। एक बच्चे के सम्पूर्ण विकास में एक पिता का योगदान माँ से किसी भी तरह कम नहीं होता।  जिन्दगी की कठिन से कठिन परिस्थिति में भी पिता अपना धैर्य नहीं खोता और उसकी यही शक्ति बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है । जिन्दगी का व्यावहारिक ज्ञान जिस प्रकार पिता बच्चों को दे सकता है शायद उतनी अच्छी तरह और कोई नहीं दे सकता ।  इसीलिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फादर्स डे पर  संदेश दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पिता होकर बच्चे को काबिल बनाना बच्चे को जन्म देने से ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी होती है। बच्चे को काबिल बनाना   पिता की जिम्मेदारी है। पिता अनुशासन, मार्गदर्शन, कॅरियर निर्माण और सही गलत को समझने में मदद करते हैं। फादर्स डे के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने शहरवासियों से बराक ओबामा की इस बात के संबंध में उनकी राय को जाना।</p>
<p>यह सही है कि सारी जिम्मेदारी पिता की होती है। जो पिता जिम्मेदारी निभाते और समझते हैं उनके लिए वह बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। मां तो फिर भी ज्यादातर घर में रहती है ,आजकल कुछ मां सर्विस भी करने लगी है। लेकिन मां का कार्य थोड़ा भिन्न होता है। वह बच्चे को अपलिफ्ट करती है। लेकिन पिता बाहर की दुनिया से बच्चे को रू-ब-रू कराता है। बच्चे को काबिल बनाने के लिए दिशा-निर्देश देता है। बच्चो का रोल मॉडल पिता ही होता है। लड़की हो चाहे लड़का पिता को सर्वोपरि मानते हैं। पिता  थोड़ा दूरी बनाकर बच्चों से रहते हैं क्योंकि पिता काम में व्यस्त रहते है । कमाई करने के जुनून में रहते हैं तो बच्चों के संपर्क में कम समय के लिए आते है। लेकिन बच्चे उनको मां से ऊपर मानते है। उनकी राय को महत्व देते हैं। प्रत्येक बच्चे को लगता है कि उसके पिता समझदार व इंटेलिजेंट है उनकी तरह बनना भी चाहते है और उनके हर आदेश की पालना भी करते हैं। <br /><strong>- डॉ. अरुणा अग्रवाल, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ</strong></p>
<p>पिता होना अपने आप में गौरवान्वित अनुभूति होती है । साथ ही बच्चों की शिक्षा से लेकर काबिल बनाने तक की हर जरूरत की जिम्मेदारी का बोझ यहां तक की  परिवार की जिम्मेदारी का भार भी  पिता अपने ऊपर अकेला उठा कर चलता है।  दिन रात मेहनत करता है कि उसके बच्चे अच्छी शिक्षा, संस्कार प्राप्त करें। काबिल बनाने के साथ-साथ पिता बच्चों को गलत राह पर जाने से रोकता है। जन्म देना अलग बात है लेकिन पिता होकर काबिल बनाने की जिम्मेदारी बहुत बड़ा चैलेंज होता है। हर व्यक्ति चाहे वह छोटा हो या बड़ा अपने बच्चो को काबिल, संस्कारवान बनाने अच्छी शिक्षा देने के लिए कड़ी मेहनत अपने स्तर पर पूरी करता है और कोशिश करता है कि उसके बच्चे काबिल बने और सुखी रहें।<br /><strong>- विशाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज राजस्थान </strong></p>
<p>मां बच्चे को नौ महीने कोख में  सींचती है लेकिन पिता  बच्चे को जिंदगी भर सींचता है। पिता ही एक ऐसी शख्सियत है जिसकी छत्र-छाया में बच्चा स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है। पिता सूर्य के समान होता है। सूर्य गर्मी देता है वह तपिश लगती है लेकिन उसके बिना यह संसार चल नहीं सकता। पिता के ना रहने पर ऐसा लगता है कि सबकुछ खत्म हो गया।  बच्चे को काबिल बनाने में माता- पिता दोनों का समान रोल होता है। प्रथम गुरु मां होती है लेकिन पिता जिंदगीभर इसी जद्दोजहद में लगा रहता है कि मेरे बच्चे मुझसे  दो कदम आगे बढ़ें। इसके लिए वह अपनी जिंदगी होम कर देता है। वह बच्चे में अपना प्रतिबिंब देखता है। माता अगर शरीर है बच्चे का तो पिता तो आत्मा है। पिता धूप भी है और छांव भी है। पिता चाहता है कि मेरा बच्चा परफेक्ट बने उसमें कोई अवगुण ना हो। इसलिए वह उसे डांटता भी है और सुधार करता है।<br /><strong>- डॉ. भारत मरमठ, लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं डायरेक्टर सिद्धि विनायक हॉस्पिटल</strong></p>
<p>एक बच्चे के व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास में  पिता का योगदान मां से किसी भी तरह कम नहीं होता। कोई भी पिता हमेशा अपने बच्चों की खुशी ही चाहता हैं। पिता अपने बच्चों को सफलता के लिए जरूरी कौशल और संस्कार प्रदान करते हैं। बच्चों को काबिल बनाने की जिम्मेदारी माता-पिता दोनों की होती है, क्योंकि वे बच्चों के समग्र विकास में समान भूमिका निभाते हैं। पिता बच्चे के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का काम करते हैं। जिन्दगी का व्यावहारिक ज्ञान जिस प्रकार पिता बच्चों को दें सकता है। शायद उतनी अच्छी तरह और कोई नहीं दे सकता।<br /><strong>- अजय बाकलीवाल, आर्किटेक्ट एंड बिल्डर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2023 15:02:35 +0530</pubDate>
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                <title>बॉलीवुड की इन फिल्मों ने बताई पिता की वैल्यू  </title>
                                    <description><![CDATA[कई फिल्में ऐसी भी बनीं है, जिनमें पिता और बेटे-बेटियों की दिलचस्प कैमिस्ट्री देखने को मिली है, जिनको लोगों का भरपूर प्यार भी मिला है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/these-bollywood-movies-told-the-value-of-father/article-49175"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(13)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लाइफ  में कुछ सिचुएशन हम पहली बार फेस कर रहे होते हैं तो उनसे कैसे निकलना हैं, ये आॅप्शन हमें पिता ही सिखाते हैं।  कभी बच्चे स्कूल में तो कभी जिंदगी में तरह की मुश्किलें झेलते हैं, लेकिन यह पिता ही होता है, जो अपने बच्चों को हर मुश्किल से बाहर निकालते हैं। कई फिल्में ऐसी भी बनीं है, जिनमें पिता और बेटे-बेटियों की दिलचस्प कैमिस्ट्री देखने को मिली है, जिनको लोगों का भरपूर प्यार भी मिला है। ये फिल्में पिता के साथ बेटे-बेटी के पॉजिटिव-नेगेटिव दोनों पहलुओं को उजागर करती हुई नजर आई है। इस दौरान फिल्म में एक पिता और उसके बच्चों के बीच बने अटूट संबंध को दिखाती है। </p>
<p><strong>बेटी को बचाने के  लिए पिता का ब्रेन गेम</strong><br />अजय देवगन, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और तब्बू अभिनित फिल्म ‘दृश्यम’ में भी एक पिता-बेटी के अटूट प्यार कर बखूबी फिल्माया गया। कैसे एक कम पढ़ा-लिखा पिता अपनी बेटी को बचाता है। अजय ने पिता का रोल किया है, जिसकी बेटी के हाथों से अनजाने में एक लड़के का मर्डर हो जाता है। अपनी सूझबूझ से वह पूरे परिवार को निर्दोष साबित करने में सफल हो जाता है।</p>
<p><strong>बेटियों को बनाया वर्ल्ड चैंपियन</strong><br />आमिर की खान की फिल्म ‘दंगल’ में पिता और बेटी के संबंध को बखूबी दिखाया गया। फिल्म दिखाया गया कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए पिता ने अपनी बेटियों को कुश्ती में चैंपियन बनाया। हालांकि इस दौरान पिता-बेटी के बीच काफी खींचतान भी हुई। लास्ट में बेटियों ने कुश्ती में मेडल जीतकर पिता का इज्जत बढ़ाने का काम किया। </p>
<p><strong>शतायु पिता कैसे बेटे को मजबूती देता है</strong><br />बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर की ‘102 नॉट आउट’ फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने 102 साल की उम्र के पिता को रोल निभाया था, जबकि ऋषि कपूर इसमें 75 साल के उनके बेटे की भूमिका में दिखाई दिए। फिल्म में बेटे और बच्चे की दिलचस्प कैमिस्ट्री को दिखाया गया है।</p>
<p><strong>‘पा’ : दुनिया की सबसे मुश्किल बीमारी में बच्चे का साथ देता पिता</strong><br />अमिताभ, अभिषेक और विद्या बालन अभिनित फिल्म ‘पा’ ने हर किसी को इमोशनल करने का काम किया था। फिल्म में पिता और बेटे के अनोखे रिश्ते को दर्शाया गया था, जो एक-दूसरे के बहुत करीबी और अच्छे दोस्त हैं। यह कहानी 13 साल के एक बीमार बच्चे की थी, जिसमें आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा है।</p>
<p><strong>‘पीकू’ : चिड़चिड़े</strong> <strong>पिता का साथ कैसे निभाती बेटी </strong><br />अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण अभिनित फिल्म ‘पीकू’ में बाप और बेटी के खूबसूरत रिश्ते को दिखाया गया। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण ने पिता और बेटी की भूमिका निभाई है। फिल्म में दिखाया गया कि एक बेटी कैसे मां न होने के कारण अपने बीमार पिता की हर छोटी-बड़ी चीजों को ख्याल रखती है। </p>
<p><strong>‘बागबान’ : बेटे साथ न दें तो कभी नहीं टूटते पिता </strong><br />अमिताभ बच्चन अभिनित फिल्म ‘बागबान’ ने पिता-पुत्रों के रिश्तों का बखूबी दिखाया गया।  एक पहलु में उसके अपने बच्चों के स्वार्थ को सभी के सामने रखा। वहीं दूसरे पहलू में एक ऐसे पुत्र के नि:स्वार्थ करेक्टर को पेश किया गया, जो पिता का रियल पुत्र ना होने के बावजूद पिता के लिए सबकुछ न्यौछावर करने के लिए खड़ा रहा। </p>
<p><strong>‘अंग्रेजी मीडियम’ : बेटी के सपनों को पूरा करता पिता</strong><br />इरफान खान अभिनित फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ भी एक पिता के संघर्ष की कहानी बयां करती हुई नजर आई। इसमें इरफान, राधिका मदान के पिता के रोल में नजर आएं थे। फिल्म में पिता-बेटी के रिश्ते को बखूबी दिखाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jun 2023 10:08:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेटे ने केरोसिन छिड़ककर पिता को जिंदा जलाया</title>
                                    <description><![CDATA[मृतक के भाई धनपत मेघवाल ने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि वो खेत में रहता है। बीती रात उसके भाई के लड़के सोनू का उसके बेटे देवीलाल के पास फोन आया कि मैंने पिता लीलू राम को तेल छिड़ककर जला दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/son-burnt-father-alive-by-sprinkling-kerosene/article-45035"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manoj-(630-×-400-px)-(22).jpg" alt=""></a><br /><p>सरदारशहर। चूरू के भानीपुरा थाना अंतर्गत गांव बिजरासर में बेटे पर अपने ही पिता को तेल छिड़ककर जलाकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगा है। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। घटना रविवार व सोमवार मध्यरात्रि की है। </p>
<p>मृतक के भाई धनपत मेघवाल ने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि वो खेत में रहता है। बीती रात उसके भाई के लड़के सोनू का उसके बेटे देवीलाल के पास फोन आया कि मैंने पिता लीलू राम को तेल छिड़ककर जला दिया है। घटना की सूचना मिलते ही हम तुरंत गांव आए और गांव के किशन सिंह व मुखराम पोटलिया को इसकी जानकारी दी। उसके बाद भाई के घर गए तो देखा कि लीलूराम मृत पड़ा है। सूचना के बाद सुबह पुलिस ने आकर मामले की जानकारी ली और शव को सरदारशहर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। उल्लेखनीय है कि मृतक लीलूराम के तीन संतान है जिसमें लड़का सोनू 24 व लड़की ममता 20 विवाहित है वहीं राजेंद्र 14 अविवाहित है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं लगा है। जानकारों के अनुसार दोनों पिता-पुत्र ने साथ में शराब पी थी और किसी बात पर विवाद होने के बाद बेटे ने पिता को जिंदा जला दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 May 2023 10:42:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लकवाग्रस्त बुजुर्ग पिता की पुत्र ने की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पुत्र अजय मेहरा के खिलाफ मारपीट व हत्या का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/paralyzed-elderly-father-killed-by-son/article-37963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/whatsapp-image-2023-02-22-at-14.27.42.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा । आरके पुरम पुलिस थाना क्षेत्र में चार दिन पूर्व पुत्र की मारपीट से गंभीर रूप से घायल पिता ने बुधवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया । पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पुत्र अजय मेहरा के खिलाफ मारपीट व हत्या का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है । पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार जोशी ने बताया कि  राधेश्याम मेहरा उम्र 65 साल निवासी श्रीनाथपुरम पिछले दो साल से लकवाग्रस्त होने पर घर पर ही रहते थे तथा उनका उपचार चल रहा था।  इसी दौरान उनके सबसे छोटे पुत्र अजय मेहरा ने 18 फरवरी को किसी बात को लेकर मारपीट की जिससे उनके कान और मुंह से खून आने लगा । परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान राधेश्याम की  मौत हो गई ।आरोपी अजय मेहरा नशे का आदी है। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Feb 2023 14:36:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आकाशीय बिजली गिरने से पिता-पुत्र व पुत्री बने काल का ग्रास </title>
                                    <description><![CDATA[ कुशलगढ़ मुख्यालय से 15 किमी. दूर भोराज गांव में आकाशीय बिजली गिरने स पिता-पुत्र व पुत्री काल का ग्रास बन गये वहीं दो अन्य घायल हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/father-son-and-daughter-became-the-loss-of-time-due-to-fall-of-celestial-lightning/article-13682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bhp.jpg" alt=""></a><br /><p> कुशलगढ़। कुशलगढ़ मुख्यालय से 15 किमी. दूर भोराज गांव में आकाशीय बिजली गिरने स पिता-पुत्र व पुत्री काल का ग्रास बन गये वहीं दो अन्य घायल हुए। घटना की जानकारी मिलने के तत्काल बाद जिला कलक्टर पीसी शर्मा व पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि दोपहर तीन बजे मूसलाधार बारिश शुरु हुई सायं लगभग साढ़े चार बजे भोराज गांव का मोहन पुत्र हीरा वड़खिया अपनी पन्द्रह वर्षीया पुत्री सुनीता व चौदह वर्षीय पुत्र राजपाल के साथ घर के आंगन में बैठा हुआ था, पत्नी व बड़ा पुत्र तेजपाल भोजन की तैयारियों में लगे थे। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से पिता-पुत्र एवं पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कुशलगढ़ चिकित्सालय लाया गया, जहां उनकी मौत हो गयी। बड़े पुत्र तेजपाल का उपचार जारी है। घटना के कुछ समय बाद ही पुलिस उप अधीक्षक बलवीर सिंह मीणा जाप्ते के साथ चिकित्सालय पहुंचे। तीनों शव मोर्चरी में रखे गये हैं। परिजनों का रो-रो के बुरा हाल हो गया, मृतक मोहन की पत्नी रोते-रोते बेसुध हो गयी। चिकित्सा प्रभारी डॉ. मजहर हुसैन व उनकी टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी संवेदनाएं बरती। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारजनों को सांत्वना देते हुए विश्वास दिलाया कि प्रशासन उनके साथ है। मौके पर थानाधिकारी महीपाल सिंह सिसोदिया, उप मुख्य चिकित्साधिकारी गिरिश भाबर, चिकित्सा अधिकारी अरुण गुप्ता, नायग तहसीलदार विजयलाल कोठारी सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 12:48:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत ने मुझे नाकारा-निकम्मा बताया लेकिन वे मेरे पितातुल्य : पायलट</title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके पितातुल्य है और उनके कहे हुए का वे बुरा नहीं मानते।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/gehlot-called-me-useless--but-he-was-my-father-figure--pilot/article-13134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sachin-pilot2.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके पितातुल्य है और उनके कहे हुए का वे बुरा नहीं मानते।अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस द्वारा सोमवार को टोंक में सत्याग्रह कार्यक्रम के दौरान वे मीडिया से बात कर रहे थे। पायलट ने गहलोत द्वारा उन्हें नाकारा निकम्मा कहने सहित अन्य बयानों का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अनुभवी और बुजुर्ग कांग्रेसी नेता हैं और उनके पितातुल्य भी है। इसलिए उनके द्वारा कहे गए बयानों पर वे बुरा नहीं मानते। पायलट ने कहा कि वे धैर्य रखते हैं और उनके धैर्य की प्रशंसा तो पिछले दिनों राहुल गांधी भी कर चुके हैं। राहुल गांधी के इस बयान को सकारात्मक रूप में लेते हुए किसी को इससे परेशान नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के जोधपुर से चुनाव जीतने को सियासी चूक बताते हुए कहा कि आगामी 2 सालों में दोबारा लोकसभा के चुनाव होंगे और इसके परिणाम नजर आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 12:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फादर्स डे विशेष: मेरा अभिमान, स्वाभिमान, पहचान ही नहीं पूरा आसमान है पिता</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में कुछ ऐसे भी पिता हैं जो अकेले ही माता-पिता दोनों की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने बच्चों की खुशी और उनकी परवरिश की खातिर विपरीत परिस्थियों में भी हिम्मत नहीं हारी। उनकी जिंदगी का एक ही मकसद रहा कि बच्चों की अच्छी परवरिश करनी है। उन्हें अच्छे संस्कार देकर काबिल बनाना है। आज फादर्स डे के अवसर पर ऐसे ही सिंगल फादर्स के बारे में बताएंगें जिन्होनें पिता होने के साथ-साथ मां के फर्ज को भी बखूबी निभा रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/father-s-day-special--my-pride--self-respect--not-only-identity--but-the-whole-sky-is-my-father/article-12632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/fathers-day-3.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सख्त-सी आवाज में कहीं प्यार छिपा सा रहता है। उसकी रगों में हिम्मत का एक दरिया सा बहता है। कितनी भी परेशानियां और मुसीबतें पड़ती हो उस पर, हंस कर झेल जाता है ह्लपिताह्व किसी से कुछ न कहता है। पिता शब्द की व्याख्या करना बहुत कठिन है। पिता परिवार के लिए वटवृक्ष की तरह होता है। बच्चों के जीवन का आधार होते है। एक उम्मीद, एक आस और एक विश्वास होते है। बच्चों के हर सपने को पूरा करने की सोच रखते हैं। बच्चों के संघर्ष में हौसलों की दीवार होते हैं। माता-पिता दुनिया का सबसे अनमोल रत्न होते हैं। उनके प्यार और आशीर्वाद के बिना संसार में कुछ संभव नहीं है। पूरी दुनिया में एक पिता ही वो इंसान हैं जो ये चाहता है कि उनके बच्चे उससे भी ज्यादा कामयाब बनें। बच्चों की जरा-सी तकलीफ या समस्या के सामने पिता एक चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। लेकिन अपने बच्चों पर कोई आंच नहीं आने देते । बच्चों के सुख-दुख में हमेशा साथ होते हैं।<br /><br /> पिता नीम के पेड़ जैसा होता है। उसके पत्ते भले ही कड़वे हों पर छाया ठंडी देता है। एक पिता अपने बच्चों का गुरूर होता है। जिसे कोई तोड़ नहीं सकता। पिता सदैव संघर्ष कर अपने बच्चों के जीवन को आकार देने के लिए अपनी खुशियों का त्याग करता हैं। कहते हैं कि एक मां अकेले बच्चों की परवरिश कर सकती है लेकिन पिता नहीं। लेकिन शहर में कुछ ऐसे भी पिता हैं जो अकेले ही माता-पिता दोनों की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने बच्चों की खुशी और उनकी परवरिश की खातिर विपरीत परिस्थियों में भी हिम्मत नहीं हारी। उनकी जिंदगी का एक ही मकसद रहा कि बच्चों की अच्छी परवरिश करनी है। उन्हें अच्छे संस्कार देकर काबिल बनाना है। आज फादर्स डे के अवसर पर ऐसे ही सिंगल फादर्स के बारे में बताएंगें जिन्होनें पिता होने के साथ-साथ मां के फर्ज को भी बखूबी निभा रहे हैं। दैनिक नवज्योति ने इस अवसर पर ऐसे बच्चों से बात कर उनके पिता के संघर्ष के बारे में जाना। जिन्होंने विपरीत हालातों में भी अपना हौसला नहीं खोया और अकेले दम पर बच्चों को बेहतर परवरिश दी। हालांकि इस सफर में उन्हें काफी संघर्ष का सामना भी करना पड़ा लेकिन जिंदगी के फाइनेंशियल, सोशल, इमोशनल हर स्तर पर चट्टान की तरह मजबूत खड़े रहें। किसी शायर की ये पंक्तियां - क्या कहूं उस पिता के बारे में जिसने सोचा नहीं कभी खुद के बारे में , पापा आपने मुझे जिंदगी भर दिया है, आपका तहेदिल से बेहद शुक्रिया है।<br /><br /><strong> पापा हमारे सुपर हीरो हैं</strong><br />हम काफी छोटे थे जब हमारी मम्मी का अचानक निधन हो गया। सारी जिम्मेदारी पापा (मनोज गुप्ता) पर आ गई। उस समय मैं 14 साल की थी और मेरे दोनों छोटे भाई एक ग्यारह व एक नौ साल का था। हम लोग समझ भी नहीं सकते कि पापा  भी उस दौरान किस स्टेज से गुजरे होंगे। पापा ने अकेले पूरे घर का काम देखा। बच्चों के प्रति अपनी पूरी जिम्मेदारियां निभाई। पढ़ाना-लिखाना, खाना बनाना स्वयं  भी जॉब पर जाना। सब कुछ उन्होंने बहुत ही बखूबी संभाला। कभी भी हमें मम्मी की कमी महसूस नहीं होने दी। पापा शिक्षक है पोस्टिंग अंता के पास है वह रोज अप डाऊन करते हैं। जब हम छोटे थे तब भी वह डेली अप डाऊन करते थे । हमारा सब काम करके खाना बनाकर जाते शाम को आने के बाद फिर सारा काम करते थे। वह अकेला महसूस करते थे ये हमने महसूस किया। पर दुबारा शादी करने के बारे में उन्होंने नहीं सोचा। उन्होंने हमारी खुशी देखी। मैं उस समय छोटी थी मुझे कुछ काम आता भी नहीं था। पापा ने ही सब चीजों को संभाला । फिर धीरे धीरे मैनें पापा के कामों में हाथ बंटाना शुरू किया । कुछ बातें लड़कियां अपनी मम्मी से ही शेयर  कर सकती थी वह उनसे शेयर की। पापा ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। मुझे समझा और समझाया भी और हर चीज की सही गाइडेंस दी। उन्होंने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह सिर्फ पापा है। मां का रोल भी निभाया । मैंने और मेरे दोनों छोेटे भाई हिमांक और देवांक ने इंजीनियरिंग की है छोटा भाई अभी बैंगलोर में इंजीनियरिंग कर रहा है। मैं कोटा में ही जॉब कर रही हूं। हम तीनों बहन भाई अपने पापा से बहुत प्यार करते हैं।  वह हमारे सुपर हीरो है। वहीं हमारे मम्मी भी है और पापा भी है। वो नहीं होते तो हम भी अभी नहीं होते। <br /><strong>- अपर्णा गुप्ता, इंजीनियर</strong><br /><br /><strong>लाइफ में पापा का बहुत ज्यादा सपोर्ट</strong> <br />हम बहुत छोटे थे जब मम्मी का कैंसर से निधन हुआ। उस समय मैं चौथी कक्षा में था मेरी बहन मुझे कुछ चार साल बड़ी है।  हमें बहुत बाद में मालूम हुआ कि उन्हें कैंसर है। उसके पहले ट्रीटमेंट काफी टाइम से चल रहा था। उस समय से पापा - मम्मी बाहर दिल्ली  ट्रीटमेंट  के कारण रहते थे। हम घर पर अपने रिश्तेदारों के साथ रहते थे। पापा(सुरेश वर्मा ) एक इंश्योरेस कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी है । पापा ने सबसे ज्यादा स्ट्रगल किया है। हॉस्पिटल में मम्मी के साथ रहना वहां सब संभालना उसके अलावा हमारी देखभाल की भी जिम्मेदारी थी। मेड्स समय से आ रही है या नहीं ,हम लोग समय से स्कूल जा रहे है या नहीं ,उन पर हॉस्पिटल और यहां घर की भी जिम्मेदारी रहती थी। मैं उस समय आठवी में थी पापा ने कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। सभी सुविधाएं हमें दे रखी थी । रिश्तेदारों  पर भी हमारी जिम्मेदारी पापा ने नहीं डाली। वह हमारे लिए सब कुछ मैनेज करके जाते थे। जिससे किसी के ऊपर भी हमारा बर्डन नहीं पड़े। हम थोडे छोटे थे तो अकेले नहीं रह सकते थे इस वजह से रिश्तेदारों के साथ रहते थे। हमारे मम्मी-पापा ने हमें कभी बताया ही नहीं क्या बीमारी है। हमें मम्मी के निधन के बाद पता चला कि उन्हें कैंसर था।  वर्ष 2007 में निधन हुआ था उससे पहले 2-3 साल तक ट्रीटमेंट चला था। मम्मी के नहीं रहने का मुझे शुरू में पता ही नहीं चला मैं बहुत छोटा था मैं समझ ही नहीं पाया कि यह क्या हो रहा है । जब थोड़ा समझदार हुआ तब मम्मी के प्रति लगाव की फीलिंग महसूस हुई। बहन बड़ी है तो उन्होंने वह दर्द महसूस किया होगा। शुरू में सभी रिश्तेदारों ने पापा से कहा बच्चे हमारे पास रह जाएंगे आप जॉब वगेरह करो, लेकिन पापा ने कहा, मैं अकेला ही सब मैनेज कर लूंगा। तब से आज तक पापा हमारे साथ है। पापा के सपोर्ट से ही आज लाइफ आसानी से चल रही है।  मैं अपने पापा से बहुत प्यार करता हूं।  मैं उन्हें सब खुशियां लौटाना चाहता हूं जो हमारे कारण उनकी छूट गई हैं। मेरे पापा ने इतना स्ट्रगल किया है मैं उन्हें दु:खी नहीं देख सकती। जिम्मेदारी तो बच्चों के प्रति हर पेरेंट्स की होती है लेकिन हमारे पापा ने हमारी हर जिम्मेदारी को प्यार से निभाया है।  हम तीनों मिलकर लाइफ को एन्जॉय करते है। उन्होंने हमकों कभी बांध कर नहीं रखा पूरी आजादी दी। यह नहीं सोचा कि बेटी है तो यह नहीं करें हर चीज की आजादी दी इस बात का भी पूरा ध्यान रखा कि बच्चे बिगड़े नहीं। अच्छे संस्कार दिए। गलत रास्ते पर नहीं चले। हमने भी कभी उनकी दी हुई फ्रीडम का गलत इस्तेमाल नहीं किया। पापा की यही सीख है कि जो भी करो समझदारी करों। मेरा अभी बी.फार्मा पूरा हुआ है मैं जॉब के लिए प्रयासरत हॅू। बहन ने बी.टेक किया है।             <br /><strong>-  प्रफुल्ल वर्मा  एवं आयुषी वर्मा </strong><br /><br /><strong>मेरे बच्चे ही मेरी जिंदगी</strong><br />जिंदगी बहुत अच्छे से चल रही थी। किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। जुलाई 2011 में मेरे दूसरे बेटे का जन्म हुआ। इसके जन्म के 10 माह बाद पता चला कि पत्नी को ब्लड कैंसर है। मेरा बड़ा बेटा तब चार साल का था। सब जगह ट्रीटमेंट करवाया।  इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी। इलाज में सब धन खर्च हो गया। काम धंधा बंद हो गया। अक्टूबर 2014 में पत्नी का निधन हो गया। यह मेरे परिवार के लिए दु:खद समय था। इसके साथ ही दोनों बेटों की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई। उस समय बड़ा बेटा हर्षित सात साल का था और छोटा बेटा रिद्म तीन साल का था। परिवार और रिश्तेदारों ने भी ऐसे समय में साथ छोड़ दिया। मेरे सामने दोनों बेटों का भविष्य था। मुझे उनकी परवरिश अपने दम पर करनी थी। इधर काम धंधा बंद हो चुका था। हर तरफ से चुनौतियां मेरे सामने थी। स्वयं ही उनके लिए खाना बनाता, उन्हें खिलाता, स्कूल और ट्यूशन पर भेजता हूं। उस समय मेरे तीन एक्सीडेंट भी हुए। एक हाथ से ही खाना बनाता और सभी काम खुद करता था। काफी संघर्ष भरे दिन थे। दोनों बच्चे 6 साल से  ताइक्वाडों सीख रहे हैं।  मेरे दोनों बच्चे ताइक्वांडो में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। मेरे लिए मेरे बच्चों की खुशी पहले है। मेरे जीवन में बच्चों के अलावा कोई नहीं है। हम तीनों पिता-पुत्र की तरह नहीं बल्कि भाइयों की तरह रहते हैं। बेटे मुझे पापा नहीं भाई बोलते है। मैंने बच्चों को बोल रखा है मैं ही तुन्हारा पिता भी हंू और मां भी हूं। जो भी बात है मुझे बताओ।  इन हालातों में भी कोशिश पूरी है कि बच्चों को अच्छी परवरिश देकर लायक बनाऊं। बड़े बेटे ने 10वींं का एग्जाम दिया है छोटा 7वीं क्लास में आया है ।     <strong>- दीपक कुमार शर्मा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/father-s-day-special--my-pride--self-respect--not-only-identity--but-the-whole-sky-is-my-father/article-12632</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 13:24:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशे में धुत पिता ने पुत्र पर ब्लेड से किया जानलेवा हमला </title>
                                    <description><![CDATA[धौलपुर जिले के बाड़ी कोतवाली थाना क्षेत्र में शराब के नशे में धुत्त होकर घर पहुंचे पिता ने अपने ही पुत्र पर ब्लेड से जानलेवा हमला किया । घायल पुत्र को पीड़ित मां ने बाड़ी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया है,जहां उसका उपचार चल रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/drunk-father-attacked-son-with-a-blade/article-11783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pic-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाड़ी। </strong> धौलपुर जिले के बाड़ी कोतवाली थाना क्षेत्र में शराब के नशे में धुत्त होकर घर पहुंचे पिता ने अपने ही पुत्र पर ब्लेड से जानलेवा हमला किया । घायल पुत्र को पीड़ित मां ने बाड़ी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया है,जहां उसका उपचार चल रहा है। वही पीड़ित मां ने अपने ही पति के खिलाफ शराब पीकर आए दिन मारने पीटने और घर से चोरी कर ले जाने का मामला दर्ज करने की एक तहरीर रिपोर्ट अपने परिजनों के साथ बाड़ी कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस को दी है।</p>
<p>जिस पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए पीड़िता की तहरीर रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर घायल युवक का मेडिकल कराया है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला हौंद गली नंबर-8 की रहने वाली पीड़िता कमलेश पत्नी दिनेश मीणा ने अपने परिवारजनों के साथ थाने पर उपस्थित होकर पुलिस को दी तहरीर रिपोर्ट में बताया है ।</p>
<p>कि-7 जून 2022 को समय दोपहर करीब 12 बजे अपने घर पर थी तभी पीड़िता का पति दिनेश पुत्र मिश्री लाल मीणा निवासी गांव धनेरा हाल निवासी हौंद बाड़ी गली नंबर-8 शराब के नशे में धुत्त होकर घर पर आया और आते ही गाली गलौज कर पीड़िता की मारपीट करने लगा तभी घर पर मौजूद पीड़िता के पुत्र ने अपने पिता को समझाया तो इसी बात पर नाराज होकर पीड़िता के पति दिनेश मीणा ने अपने ही सगे बेटे को जान से मारने की नीयत से पुत्र की गर्दन को ब्लेड से हमला कर काट दिया। पीड़िता ने तत्काल अपने पति के चुंगल से अपने घायल हुए बेटे को बड़ी मुश्किल से छुड़ाया और उसे आनन-फानन में बाड़ी राजकीय सामान्य चिकित्सालय ले जाकर भर्ती कराया जहां उसका उपचार चल रहा है। </p>
<p>पीड़िता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया  कि पति शराब पीकर आए दिन पीड़िता की वह बच्चों की मारपीट करता है और शराब पीने के लिए घर के सामान की चोरी करके ले जाता है। पीड़िता अपने पति दिनेश की हरकतों से परेशान है और पीड़िता व बच्चों को जान से मारने के उद्देश्य से पीड़िता का पति दिनेश मीणा रसोई गैस की नली तोड़कर गैस निकाल देता है,पीड़िता व बच्चे दिनेश की मारपीट से तंग परेशान हो चुके हैं, उनके साथ कभी भी गंभीर वारदात हो सकती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 12:06:05 +0530</pubDate>
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