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                <title>nation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>‘समुद्र का प्रताप’ राष्ट्र को समर्पित : 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीकी से निर्मित, देश का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत </title>
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                        <![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा में भारत के पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को राष्ट्र को समर्पित किया। गोवा शिपयार्ड निर्मित यह तटरक्षक बल का सबसे बड़ा जहाज है, जिसमें 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री है। यह प्रदूषण नियंत्रण, तटीय गश्त और समुद्री सुरक्षा में सक्षम है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/majesty-of-the-sea-dedicated-to-the-nation-the-countrys/article-138515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पोत निर्माण और समुद्री क्षमताओं के विकास में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की बड़ी उपलब्धि के रूप में सोमवार को गोवा में पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ राष्ट्र को समर्पित किया। भारतीय तटरक्षक के इस पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ समुद्र प्रताप भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत है और तटरक्षक बल के बेड़े का सबसे बड़ा जहाज है।</p>
<p><strong>जटिल चुनौतियों से निपटने में सक्षम :</strong></p>
<p> रक्षा मंत्री ने इस पोत को भारत के परिपक्व रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक बताया जो जटिल विनिर्माण चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा  समुद्री पोत में स्वदेशी सामग्री को 90 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि समुद्र प्रताप को विशेष रूप से प्रदूषण नियंत्रण के लिए डिज़ाइन किया गया है, लेकिन इसकी भूमिका केवल यहीं तक सीमित नहीं है। एक ही मंच पर कई क्षमताओं के एकीकरण से यह पोत तटीय गश्त में भी प्रभावी सिद्ध होगा तथा समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा।</p>
<p><strong>‘समुद्र प्रताप’ की विशेषताएं :</strong></p>
<p>यह पोत उन्नत प्रदूषण पहचान प्रणालियों, समर्पित प्रदूषण प्रतिक्रिया नौकाओं और आधुनिक अग्निशमन क्षमताओं से सुसज्जित है। इसमें हेलीकॉप्टर हैंगर और विमानन सहायता सुविधाएं भी हैं, जो इसकी पहुंच और प्रभावशीलता को कई गुना बढ़ाती हैं। रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन क्षमताओं के कारण यह पोत उबड़-खाबड़ समुद्री परिस्थितियों में भी स्थिर रूप से संचालन करने में सक्षम होगा जिससे वास्तविक अभियानों में बड़ा लाभ मिलेगा। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 11:18:52 +0530</pubDate>
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                <title>पंच परिवर्तन से होगा राष्ट्र परिवर्तन</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने एक सौ साल पूरे होने के मौके पर आने वाले समय के लिए समाज में परिवर्तन लाने का बीड़ा उठाया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/nation-will-change-through-panch-parivartan/article-137735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने एक सौ साल पूरे होने के मौके पर आने वाले समय के लिए समाज में परिवर्तन लाने का बीड़ा उठाया है। संघ ने समाज में परिवर्तन के अपने दृष्टिकोण को पंच परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसके तहत लाखों स्वयंसेवक काम में जुटे हुए हैं। संघ की मान्यता है कि समाज में बड़ा बदलाव केवल कुछ लोगों के प्रयासों से नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की शक्ति से ही संभव है। यह ऐसा विचार है, जो समाज के जीवन में समयानुकूल परिवर्तन लाने की बात तो करता ही है, राष्ट्रहित में जीवन को ढालने का आग्रह भी इसमेंं है। अपने शताब्दी पर्व पर संघ ने समाज के सामने पंच परिवर्तन के जिस विचार को रखा है, वह केवल कोई नारा या अभियान नहीं है बल्कि इससे बढ़कर एक दीर्घकालिक सामाजिक संकल्प है।</p>
<p><strong>पंच परिवर्तन : </strong></p>
<p>संघ चालक मोहन भागवत बार-बार कह चुके हैं कि पंच परिवर्तन भारतीय समाज की दिशा और दशा तय करने वाले हैं। यह कथन केवल औपचारिकक भाषण का हिस्सा नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति है जो समाज की सामूहिक शक्ति पर भरोसा करता है। संघ का मानना है कि कुछ चुनिंदा लोग समाज को नहीं बदल सकते। समाज स्वयं जब बदलने का निश्चय करता है, तभी राष्ट्र बदलता है। सवाल उठता है कि आखिर पंच परिवर्तन क्या है, इसका उत्तर है कि इसमें देश का आमूलचूल परिवर्तन छिपा हुआ है। पंच परिवर्तन के पांच सूत्रों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य को लिया गया है और ये सूत्र दरअसल आधुनिक भारत के सामने खड़ी जटिल चुनौतियों का समग्र उत्तर और समस्याओं का समाधान हैं।</p>
<p><strong>सामाजिक समरसता :</strong></p>
<p>हमें ये सूत्र अलग-अलग दिखते जरूर हैं, लेकिन भीतर से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। किसी एक को नजरअंदाज करके दूसरे को साधा नहीं जा सकता। हमें सभी सूत्रों को एकरूपता में देखना होगा। अगर सबसे पहले सामाजिक समरसता की बात करें, तो देश की विविधता उसकी ताकत भी है और उसकी चुनौती भी है। संघ हमेशा से यह माननता आया है कि जब तक समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सौहार्द और अपनापन नहीं बढ़ेगा, तब तक विकसित भारत को यथार्थ रूप नहीं दिया जा सकता। सामाजिक समरसता बढ़ेगी तो व्यर्थ के विवादों से मुक्ति मिलेगी और ऊर्जा निर्माण में लगेगी, टकराव में जाया नहीं होगा। इसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण आज किसी एक संगठन या देश का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मानवता का सवाल बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण, घटते जल-स्रोत और बिगड़ता पारिस्थितिक संतुलन सीधे-सीधे जन-स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।</p>
<p><strong>संघ का कहना है :</strong></p>
<p>पंच परिवर्तन सृष्टि को माता मानकर जीवन शैली में बदलाव की वकालत करता है। संघ का कहना है कि सृष्टि सभी प्राणियो की मां के समान है, जो हमारे जीवन का आधार है, लेकिन भौतिकतावादी जीवन शैली और उपभोग की अंधी दौड़ के कारण प्रकृति का निरंतर शोषण हुआ है। पश्चिमी विकास के चिंतन पर आधारित इस मॉडल ने मात्र पांच सौ सालों मेंं पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ कर रख दिया है। संघ पंच परिवर्तन के जरिए इसमें सुधार चाहता है और उसकी सोच केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि उस में उपभोग की आदतों पर पुनर्विचार का आग्रह है। इसी प्रकार स्वदेशी आचरण का सूत्र हमें हमारी जड़ों की ओर लौटने के लिए प्रेरणा देता है। संघ के लिए स्वदेशी की अवधारणा यह केवल आर्थिक नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक आत्म विश्वास का मुद्दा भी है।</p>
<p><strong>रोजगार के अवसर :</strong></p>
<p>स्वदेशी अपनाने से स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को बल मिलता है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक असमानता कम करने की दिशा बनती है। आधुनिक जीवन की दौड़ में संयुक्त परिवार टूटे हैं, एकल परिवार बढ़े हैं और उसके साथ ही अकेलापन, तनाव और सामाजिक असुरक्षा में भी इजाफा हुआ है। संघ का मानना है कि परिवार केवल निजी इकाई नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की पहली पाठशाला है। संस्कार, संवाद और स्रेह से भरा कुटुंब समाज को स्थिरता देता है। जब कुटुंब मजबूत होते हैं, तो समाज स्वत सशक्त होता है। एक सशक्त समाज से ही सशक्त देश की परिकल्पना साकार होती है। इसी प्रकार नागरिकों के कर्त्तव्य का विचार महत्वपूर्ण है।</p>
<p><strong>अधिकारों की बात :</strong></p>
<p>जब से देश आजाद हुआ है हम अपने अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन कर्त्तव्यों से दूर होते जा रहे हैं। पंच परिवर्तन प्रत्येक नागरिक से जीवनशैली में स्वच्छता, अनुशासन, सेवा और कर्त्तव्य बोध के मूल्यों को उतारने पर जोर देते हैं। इसके जरिए संघ हर देशवासी को जिम्मेदार नागरिक बनाना चाहता है क्योंकि जिम्मेदार नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होते हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी पंच परिवर्तन की पहल को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका जोर इस बात पर है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ राष्ट्र और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे। यह दृष्टि शासन और समाज के बीच सेतु का काम कर सकती है।</p>
<p><strong>-प्रो.महेश चंद गुप्ता</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:06:40 +0530</pubDate>
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                <title>राज नहीं, राष्ट्र रक्षा का काम करती है सेना,पेंशन बचाने के लिए लाए अग्निपथ योजना: हुड्डा</title>
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                        <![CDATA[जयपुर। अग्निपथ योजना के विरोध में रविवार को पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा और राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने पार्टी मुख्यालय ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/army-does-the-job-of-protecting-the-nation--not-raj--has-brought-agneepath-scheme-to-save-pension-hooda/article-13056"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/dipendra-hudda_new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अग्निपथ योजना के विरोध में रविवार को पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा और राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने पार्टी मुख्यालय ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की।</p>
<p><br />पीसीसी में मीडिया से बात करते हुए हुड्डा ने कहा कि अग्निपथ योजना को तुरंत केंद्र सरकार वापस ले। योजना ना तो देश के हित में है ना युवाओं के हित में है। केंद्र सरकार को अहंकार छोडकर युवाओं के भी मन की बात सुननी चाहिए। कृषि कानून के  मामले में केंद्र सरकार के अपने फैसले को वापस लिया, लेकिन तब तक 700 किसानों की मौत हो चुकी थी। अग्निपथ योजना को लेकर न संसद में बहस की गई  न ही एक्सपर्ट से बात की गई। सेना के कई रिटायर्ड  अधिकारी भी इस योजना का विरोध कर रहे है। इस योजना के चलते सेना के जवानों में  कमी आएगी। हुड्डा ने कहा कि अगर सैनिक अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहेगा, तो फिर वो देश की सुरक्षा किस मन से करेगा। सेना में एक साल की ट्रैनिंग दी जाती है, लेकिन अब 6 माह की ट्रेनिंग जाएगी, इससे भी सेना कमजोर होगी। जिस सेना को विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेना माना जाता था उसके साथ अब छेडख़ानी हो रही है। प्रधानमंत्री को बताना चाहिए है कि आखिर सेना में क्या कमी है? केंद्र सरकार के विभागों में करीब 25 लाख पद खाली हैं। भूतपूर्व सैनिकों को आज भी अन्य विभागों की नोकरी में प्राथमिकता दी जाती है, अगर अब चार साल के बाद जो युवा रिटायर होगा उसे क्या सरकार रोजगार देगी।</p>
<p><br /><strong>सेना पर नहीं करे राजनीति:</strong><br />भाजपा हर विषय पर राजनीति करती है, लेकिन सेना के नाम पर राजनीति नही होनी चाहिए। महगांई और बेरोजगारी जैसे बड़े  मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा इन तरह की चीजों को लेकर आती है। अग्निपथ के विरोध में कल सोमवार को देशव्यापी आंदोलन होगा। हर विधानसभा क्षेत्र में सुबह10 बजे से धरने प्रदर्शन होंगे।</p>
<p><br /><strong>सिर्फ पेंशन रोकने के लिए लाए योजना:</strong> <br />देश की सेना में अगर रिफॉर्म करने की बात हो , सेना को मजबूत करने की बात हो, इससे कांग्रेस को कोई आपत्ति नही है, लेकिन इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। ये सिर्फ सैनिकों की पेंशन रोकने के लिए यह योजना लायी गयी है। देश के रक्षा बजट में भारी कटौती की गई है। वो भी ऐसे समय मे जब चीन और पाकिस्तान एक साथ हो। ऑपरेशन लोटस को लेकर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, बीजेपी को राजस्थान में मुंह की खानी पड़ी थी महाराष्ट्र में हमारा गठबंधन मजबूत है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 14:49:16 +0530</pubDate>
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                <title>महाराष्ट्र मामले पर गहलोत बोले... राष्ट्र में उस वक्त में भी जो तमाशा हुआ था, वो सबके सामने है</title>
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                        <![CDATA[जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर  कहा कि महाराष्ट्र में उस वक्त में भी जो तमाशा हुआ था, वो सबके सामने है, अचानक साढ़े 6 बजे शपथ करवा दी गई और बधाइयां मिलने लग गईं और मिस्टर फडणवीस जो शपथ लेने वाले थे  उन्होंने वापस ट्वीट किया कि मोदी है तो मुमकिन है, मतलब मोदी है तो देश के अंदर सबकुछ मुमकिन है,  जुर्म भी है, अन्याय भी है, अत्याचार भी है, उत्पीड़न भी है, सबकुछ संभव है, बाद में उनको मुंह की खानी पड़ी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gehlot-said-on-maharashtra-matter----the-spectacle-that-took-place-in-the-nation-even-at-that-time-is-in-front-of-everyone/article-12708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ashok.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर  कहा कि महाराष्ट्र में उस वक्त में भी जो तमाशा हुआ था, वो सबके सामने है, अचानक साढ़े 6 बजे शपथ करवा दी गई और बधाइयां मिलने लग गईं और मिस्टर फडणवीस जो शपथ लेने वाले थे  उन्होंने वापस ट्वीट किया कि मोदी है तो मुमकिन है, मतलब मोदी है तो देश के अंदर सबकुछ मुमकिन है,  जुर्म भी है, अन्याय भी है, अत्याचार भी है, उत्पीड़न भी है, सबकुछ संभव है, बाद में उनको मुंह की खानी पड़ी, तबसे ही उनके दिल में ये टीस थी कि कब हमें मौका लगे, कब हम ईडी का उपयोग करें, डराएं-धमकाएं सीबीआई से, इनकम टैक्स से और वो ही देख रहे हैं आप, 2-2 मंत्री जेल में बैठे हुए हैं, जमानत तक नहीं हो रही है, जमानत तक नहीं होने दी जा रही है, तो ये तमाम षड्यंत्र है देश के अंदर लोकतंत्र को नष्ट करने का, खत्म करने का। हम जो बार-बार कह रहे हैं कि संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, लोकतंत्र खतरे में है।<br /><br />गहलोत ने दिल्ली में कहा कि इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि मध्यप्रदेश की सरकार जो है उस पर कब्जा कर लिया? 35-35 करोड़ रुपए का हम सुनते हैं, 25 करोड़ रुपए, 30 करोड़ रुपए, 35 करोड़ रुपए के सौदे हुए 1-1 एमएलए से, राजस्थान के अंदर 10-10 करोड़ रुपए तो बंट चुके थे सुनते हैं, पता नहीं क्या हुआ और बाद में फिर उनको जिस रूप में ऑफर की गई थी जब होटल में लोग थे तब, मुझे गर्व है ये कहते हुए कि राजस्थान के हमारे विधायक 34 दिन तक मेरे साथ रहे, अंदर थे, कुछ नहीं मिला, बाहर निकलते ही 10 करोड़ रुपए की ऑफर थी पहली किस्त, तब भी कोई नहीं गया और अभी राज्यसभा चुनाव के अंदर भी आपने देखा कि तीनों सीटें हम जीते हैं। महाराष्ट्र के अंदर जो षड्यंत्र किया गया, जो मैं सुन रहा हूं, अभी-अभी मालूम पड़ा मुझे 2 घंटे पहले ही कि सूरत में लेकर चले गए हैं वो, तो आप सोच लीजिए कि ये गवर्नेंस कर रहे हैं क्या देश के अंदर? जब महंगाई है, बेरोजगारी है, अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो रही है, ऐसे के अंदर आप ईडी का नोटिस दे रहे हो सोनिया गांधी को और राहुल गांधी को, अग्निपथ लेकर आ रहे हो ग़ुमराह करने के लिए बच्चों को, आप चाहते क्या हैं? एक अपील प्रधानमंत्री मोदी जी नहीं कर पा रहे हैं देशवासियों से कि देश में शांति-सद्भाव-भाईचारा कायम रहे, हिंसा को कोई हमारी सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी, राज्य सरकारों को मैं कहना चाहूंगा कोई राज्य सरकार जहां वॉयलेंस होता है उसको बर्दाश्त नहीं करे, ये कहने में ही हर्ज है मोदी जी को? विपक्ष बोल रहा है, हम लोग मांग करते हैं मुख्यमंत्री के रूप में, पर न मोदी जी कर रहे हैं, न अमित शाह जी कर रहे हैं, तो आप सोच सकते हो कि देश किस दिशा में जा रहा है, ऐसे विकास होगा देश का? जहां अशांति होती है, झगड़े होते हैं, हिंसा होती है, वहां विकास होता है क्या? तो हालात बड़े गंभीर हैं देश के अंदर। अब महाराष्ट्र का देखिए आप, पता नहीं, मालूम करेंगे कि क्या हो रहा है वहां पर, पर ये उनका जो प्रयास है सरकार गिराने का, ये तो एक प्रकार से दुनिया के सामने ओपन हो गया है, इतना बड़ा षड्यंत्र इन्होंने किया है, कैसे किया गया, कैसे हॉर्स ट्रेडिंग हो रही होगी, क्या सौदे हो रहे होंगे, वो तो वो जानें और उनकी आत्मा जाने।<br /><br /><strong>मध्यप्रदेश में जो कुकर्म किया है, उसको हम टाइमली समझ गए थे</strong> <br />गहलोत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हर राज्य की अलग-अलग परिस्थितियां होती हैं, वो एक नया प्रयोग था उनका,  उसमें उन्होंने कामयाबी हासिल कर ली। इन्होंने मध्यप्रदेश में जो कुकर्म किया है, उसको हम समझ गए थे टाइमली, हमने पूरा उसी ढंग से बिहेव किया और उसके बाद में हम कामयाब हो गए।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 15:07:03 +0530</pubDate>
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                <title>कंगना ने गांधीजी को बताया सत्ता का भूखा,  लिखा: वह चाहते थे भगत सिंह को फांसी हो</title>
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                        <![CDATA[अभिनेत्री के फिर बिगड़े बोल : इंस्टाग्राम पर किए मैसेज पोस्ट, राष्ट्रपिता पर साधा निशाना]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 12:09:37 +0530</pubDate>
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                <title>PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन : कोरोना के खिलाफ युद्ध खत्म नहीं, अभी हथियार नहीं डालने : मोदी का वोकल फॉर लोकल पर जोर... जाने पीएम के संबोधन की खास बातें....</title>
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                        <![CDATA[कोरोना के दौरान कृषि ने अर्थव्यवस्था को सुधारा:मोदी]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%A8---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82--%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A5%87---%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%AB%E0%A5%89%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%B0----%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82--/article-1823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/modi-2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवारो को देश में एक अरब टीके लगाए जाने की उपलब्धि पर राष्ट्र को संबोधित किया । पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भले ही देश में एक अरब टीके लगाए गए हों लेकिन अभी कोरोना के खिलाफ युद्ध खत्म नहीं हुआ है इसलिए सभी को पूरी सतर्कता बरतनी है तथा हथियार नहीं डालने हैं । अभी त्योहारों का मौसम आ रहा है और इस दौरान हम सबको पूरी सतर्कता बरतनी है क्योंकि कोरोना महामारी से अभी पूरी तरह निजात नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है इसलिए किसी को भी हथियार नहीं डालना है और अपने कवच भी पहने रखने हैं।  <br /> <br /> उन्होंने कहा कि जैसे हम घर से बाहर जाते समय जूते पहनना नहीं भूलते, इसी तरह हमें मास्क को भी नहीं भूलना है और इसे सहज स्वभाव में अपने जीवन में अपनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को अभी वैक्सीन नहीं लगी है उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवानी है। उन्होंने कहा कि यदि हम कोरोना के खिलाफ अपने कवच पहने रखेंगे तो निश्चित रूप से हमारी जीत होगी। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को देश ने कोविड महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक अरब टीकाकरण का असाधारण पड़ाव पार कर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff6600;"><strong>वोकल फॉर लोकल को व्यवहार में ढालना जरूरी : मोदी</strong></span></span><br />  प्रधानमंत्री नरेंद्र ने देश में एक अरब कोविड टीकाकरण की उपलब्धि में स्वदेशी वैक्सीन की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए  कहा कि हमें वोकल फॉर लोकल को अपने व्यवहार में ढालना होगा । मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि स्वदेशी वैक्सीन के बल पर ही हासिल की गई है। भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम विज्ञान की कोख में जन्मा है, वैज्ञानिक आधारों पर पनपा है और वैज्ञानिक तरीकों से चारों दिशाओं में पहुंचा है।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि हमें इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए दीपावली पर स्थानीय उत्पादों की खरीद पर जोर देना है और इसे अपने व्यवहार में लाना है। उन्होंने कहा कि जैसे स्वच्छ भारत अभियान, एक जनआंदोलन है, वैसे ही भारत में बनी चीज खरीदना, भारतीयों द्वारा बनाई चीज खरीदना, वोकल फॉर लोकल होना, ये हमें व्यवहार में लाना ही होगा। मैं आपसे फिर ये कहूंगा कि हमें हर छोटी से छोटी चीज, जो मेड इन इंडिया हो, जिसे बनाने में किसी भारतवासी का पसीना बहा हो, उसे खरीदने पर जोर देना चाहिए। और ये सबके प्रयास से ही संभव होगा।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff6600;"><strong>देशवासी मेड इन इंडिया को जनांदोलन बनायें : मोदी</strong></span></span><br /> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड के 100 करोड़ टीकों को लेकर भारत के स्वदेश निर्मित वैक्सीन कार्यक्रम की सफलता के साथ आर्थिक तरक्की के संकेतों का उल्लेख करते हुए देशवासियों का आह्वान किया कि वे मेड इन इंडिया को एक जनांदोलन बनायें और स्वदेश निर्मित वस्तुएं खरीदने को अपना सहज व्यवहार बनायें।</p>
<p>उन्होंने संबोधन में कहा कि वैक्सीन के बढ़ते कवरेज के साथ हर क्षेत्र में सकारात्मक गतिविधियां तेज हो रही हैं। आज चारों ओर विश्वास, उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। सौ करोड़ टीकों के साथ भारत को आज विश्व में एक अधिक सुरक्षित देश के रूप में देखा जा रहा है। <br /> <br /> उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ और देश-विदेश की अनेक एजेंसियां भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बहुत सकारात्मक है। आज भारतीय कंपनियों में ना सिर्फ रिकॉर्ड निवेश आ रहा है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन रहे है। स्टार्ट अप्स में रिकॉर्ड निवेश के साथ ही रिकॉर्ड स्टार्ट अप्स, यूनीकॉर्न बन रहे है। सुधारों के साथ गतिशक्ति और ड्रोन नीति भी भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने वाले हैं। कोरोना काल में कृषि क्षेत्र ने हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती से संभाले रखा। आज रिकॉर्ड लेवल पर अनाज की खरीद हो रही है। किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे जा रहे हैं।</p>
<p> मोदी ने कहा कि पिछली दिवाली हर किसी के मन में एक तनाव था लेकिन इस दिवाली 100 करोड़ वैक्सीन डोज के कारण एक पैदा हुआ विश्वास है। अगर मेरे देश की वैक्सीन मुझे सुरक्षा दे सकती है, तो मेरे देश में बने सामान मेरी दिवाली को और भी भव्य बना सकते हैं।<br />   <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff6600;"><strong>कोरोना के दौरान कृषि ने अर्थव्यवस्था को सुधारा:मोदी</strong></span></span><br />  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान कृषि क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को सुधारा। मोदी ने राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस दौरान रिकार्ड मात्रा में फसलों की खरीद की गयी और किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं। उन्होंने इस दौरान कोरोना महामारी को लेकर लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की और कहा कि त्योहारों के अवसर पर उन्हें और सावधान रहना चाहिये।</p>
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                <pubDate>Fri, 22 Oct 2021 12:22:20 +0530</pubDate>
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                <title>JKK में महात्मा गांधी पर आधारित प्रदर्शनी का CM गहलोत ने किया उद्घाटन</title>
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                        <![CDATA[प्रदर्शनी की परिकल्पना विधायक, निवाई पीपलू,  प्रशांत बैरवा ने की]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 04 Oct 2021 19:08:26 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड मुख्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615aae584914d/article-1414"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-04-at-14.16.56.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड मुख्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया।  इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि जब -जब कांग्रेस सरकार में आती है, तब तक खादी संस्थाओं को पुनर्जीवित करने के लिए आर्थिक मदद की जाती है। गांधीजी की  150 वी जयंती के अवसर पर भी खादी संस्थाओं को 50% की छूट दी गई थी, जिससे अपार बिक्री हुई थी। इस साल भी सरकार ने खादी संस्थाओं को 50% की छूट दी है, इससे खादी संस्थाओं की स्थिति में सुधार होगा। मीणा ने कहा कि हम  मुख्यमंत्री से यह निवेदन करेंगे कि खादी पर छूट 2 अक्टूबर से लेकर 31 मार्च तक दी जाए,जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार आ सके। इस मौके पर शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने भी समारोह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री  गहलोत व्यस्तता के कारण मूर्ति का अनावरण कर चले गए, उन्होंने समारोह संबोधित नहीं किया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 04 Oct 2021 14:43:54 +0530</pubDate>
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