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                <title>village - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>एक हैंडपंप के सहारे पूरा गांव, पेयजल संकट से जूझ रहे झोटोली के ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा पीने का, फ्लोराइडयुक्त जल से बढ़ी परेशानी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/entire-village-relies-on-a-single-handpump--villagers-in-jhotoli-grapple-with-drinking-water-crisis/article-154949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(6)23.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। क्षेत्र के झोटोली गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। गांव के लोगों को पीने लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। पूरे गांव की ननिर्भरता एकमात्र हैंडपंप पर होने के कारण ग्रामीणों को घंटों लाइन में खड़े रहकर पानी भरने  का इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल एसमस्या को लेकर पिछले विधानसभा चुनाव में गांव के लोगों ने मतदान - बहिष्कार का निर्णय लिया था। उस समय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की की ओर से समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद कुछ लोगों ने मतदान किया। लेकिन कर करीब पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद या गांव में पेयजल संकट का स्थायी कर समाधान नहीं हो सका।</p>
<p><strong>दस वर्षों से बनी हुई है समस्या </strong><br />ग्रामीण मायाराम गोचर ने बताया कि गांव के अधिकांश हैंडपंपों का पानी फ्लोराइडयुक्त है, जो न तो पीने योग्य है और न ही भोजन बनाने के लिए मान उपयोगी। इसके चलते ग्रामीणों को बाबा शाह वली की दरगाह के समीप स्थित हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यह समस्या पिछले करीब दस वर्षों से बनी हुई है।</p>
<p><strong>समय रहते समाधान जरूरी</strong><br />ग्रामीण रामप्रताप गोस्वामी ने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। एक ही हैंडपंप होने से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा दरगाह पर आनें वाले यात्रियों को भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर</strong><br />ग्रामीण महिला रेनू गोचर ने बताया कि घर-परिवार के दैनिक कार्यों में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में महिलाओं को रोजाना गांव से बाहर जाकर पानी लाना पड़ता है, जिससे उनका काफी समय और श्रम खर्च होता है। उन्होंने कहा कि दिनभर की चिंता यही रहती है कि पीने के पानी की व्यवस्था कैसे होगी।</p>
<p><strong>कुआं भी नहीं रहा उपयोगी</strong><br />ग्रामीण परमानंद गोचर ने बताया कि पहले गांव के कुएं और हैंडपंपों का पानी पीने योग्य था, लेकिन समय के साथ पानी की गुणवत्ता खराब होती गई। फ्लोराइड की मात्रा बढ़ने से पानी पीने लायक नहीं रहा। गांव का पुराना कुआं भी गंदगी के कारण पेयजल के उपयोग में नहीं लिया जा सकता।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र समाधान के प्रयास किए जाएंगे।<br /><strong>- दीपक महावर, उपखंड अधिकारी, दीगोद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:36:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्यार का जुनून या पागलपन? नहीं मिली प्रेमिका तो टॉवर पर चढ़ा प्रेमी, घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, युवक को मनाने में छूटे पुलिस के पसीने</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश के बैतूल में एक सिरफिरा प्रेमी शराब के नशे में जियो के मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। वह चिल्लाकर अपनी प्रेमिका को बुलाने की मांग कर रहा था। पुलिस, तहसीलदार और प्रशासन की टीम ने 5 घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/passion-or-madness-of-love-when-the-girlfriend-was-not/article-154245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mp.png" alt=""></a><br /><p>बैतूल। मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के भीमपुर जनपद अंतर्गत बक्का गांव में एक युवक प्रेमिका को बुलाने की जिद में जियो के मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस और प्रशासन ने समझाइश देकर उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवक की पहचान संदीप बारस्कर के रूप में हुई है। वह रविवार दोपहर लगभग तीन बजे गांव के बाहर स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक टॉवर से जोर-जोर से चिल्लाते हुए अपनी प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था।</p>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार युवक शराब के नशे में था और घर में किसी बात को लेकर परिजनों से विवाद होने के बाद वह घर से निकलकर टॉवर पर चढ़ गया। युवक का कहना था कि गांव के कुछ लोग उसके प्रेम संबंध को लेकर उसे चिढ़ाते हैं तथा परिवार के सदस्य भी उसके संबंध का विरोध कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी सुरेश सिंह के साथ तहसीलदार बसंत कुमार बरखानिया और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नान सिंह चौहान भी प्रशासनिक अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टॉवर के आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए थे।</p>
<p>अधिकारियों ने युवक से बातचीत कर उसे शांत करने का प्रयास किया। टॉवर पर कार्य कर रहे मजदूरों ने भी उसे नीचे उतरने के लिए समझाया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। प्रशासन को आशंका थी कि युवक कोई गलत कदम उठा सकता है। इसके बाद प्रशासन ने टॉवर के आसपास जमा भीड़ को हटवाया। लगातार समझाइश के बाद युवक का गुस्सा शांत हुआ और शाम लगभग सात बजे वह स्वयं सावधानीपूर्वक नीचे उतर आया।</p>
<p>नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। हालत सामान्य होने पर उसे समझाइश देकर परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। चौकी प्रभारी सुरेश सिंह ने बताया कि प्रशासन की सतर्कता और सूझबूझ से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना के बाद गांव में स्थिति सामान्य है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:10:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा के विकास में श्याम धणी इंडस्ट्रीज का बड़ा योगदान, 20 लाख की नई लाइब्रेरी का शिलान्यास</title>
                                    <description><![CDATA[श्याम धणी इंडस्ट्रीज ने ग्राम पंचायत कानपुरा के स्कूल में ₹13.75 लाख के टिनशेड का लोकार्पण और ₹20 लाख की लाइब्रेरी का शिलान्यास किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने कंपनी के सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए अतिथियों का 51 किलो की माला और 100 फीट लंबे साफे से भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-contribution-of-shyam-dhani-industries-in-the-development-of/article-153464"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने की दिशा में श्याम धणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कंपनी की ओर से ग्राम पंचायत कानपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, डेहरा में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान 13.75 लाख रुपये की लागत से निर्मित टिनशेड का लोकार्पण किया गया, वहीं विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नई लाइब्रेरी का शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में ग्रामीणों और ग्राम पंचायत की ओर से अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान स्वरूप 51 किलो की विशाल माला पहनाकर अभिनंदन किया गया तथा राजस्थानी परंपरा के अनुसार 100 फीट लंबे साफे से सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक पहल बताते हुए कंपनी के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के विकास कार्य ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देंगे। नई लाइब्रेरी बनने से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं टिनशेड से विद्यालय परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। श्याम धणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से कहा गया कि कंपनी आगे भी सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के तहत शिक्षा, विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय योगदान देती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:23:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव का नाम बदला तो एमएसपी पोर्टल पर अटका पंजीयन, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[खेड़ारसूलपुर से खेड़ारामपुर होने के बाद आ रही तकनीकी दिक्कत, समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित किसान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>खेड़ारामपुर। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का नाम बदलने के बाद रिकॉर्ड और पोर्टल में अंतर होने से सैकड़ों किसान परेशान हैं। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर फसल बेचने के लिए एमएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसका मुख्य कारण गांव के नाम में बदलाव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कुछ समय पहले ग्राम खेड़ारसूलपुर का नाम बदलकर खेड़ारामपुर कर दिया गया। इसके बाद भू-राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और गिरदावरी में नया नाम दर्ज हो गया है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र और एमएसपी पोर्टल पर अभी भी पुराने नाम खेड़ारसूलपुर से ही डाटा संचालित हो रहा है। किसान विष्णु अजमेरा और चंदन गहलोत ने बताया कि इस समस्या को लेकर राजफैड सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>किसानों ने जिला कलेक्टर से लगाई गुहार</strong><br />किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि एमएसपी पोर्टल और खरीद केंद्रों पर गांव के नाम में सुधार कर जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कराया जाए, ताकि किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकें।</p>
<p>जब वे पंजीकरण के लिए एमएसपी पोर्टल पर गिरदावरी अपलोड करते हैं, तो गांव के नाम में अंतर के कारण दस्तावेज अपलोड नहीं हो पाते और तकनीकी त्रुटि सामने आ जाती है। इससे खेड़ारामपुर के सैकड़ों किसान पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं और समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित हो रहे हैं।<br /><strong>- सुरेश गुर्जर, किसान, खेड़ारामपुर</strong></p>
<p>एमएसपी पोर्टल पर गांव का नाम बदलने से आ रही पंजीकरण की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और शीघ्र समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- विष्णु शर्मा, राजफैड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:28:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> जनता जल योजना का इंतजार, प्यासे सीमलिया के बाशिंदे </title>
                                    <description><![CDATA[आजादी के 80 साल बाद भी गांव में नहीं पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waiting-for-the-janta-jal-yojana--thirsty-residents-of-simaliya/article-146223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)10.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास उपखंड की ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के सीमलिया गांव के ग्रामीण आजादी के लगभग 80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इस बीच कई सरकारें आई और गई। हर चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों ने कई वादे और दावे किए। लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई वादा पूरा होता नहीं लग रहा। सरकार विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर गांव में साफ पीने का पानी पहुंचाने के दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक इस गांव के लोग पेयजन की सुविधा से वंचित हैं। गांव में लंबे समय से पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमलिया गांव अब तक जनता जल योजना से नहीं जुड़ा है। पानी की किल्लत के चलते ग्रामीणों ने एक पुराने कुएं में सामूहिक रूप से अपनी मोटरें डाल रखी हैं और इन्हीं से किसी तरह पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। इस अस्थायी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को महंगी मोटर, पाइप, मिस्त्री की मजदूरी और बिजली बिल जैसे अतिरिक्त खर्च उठाने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है संकट</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी का संकट और गहरा जाता है। सीमित जलस्रोतों के कारण ग्रामीणों को रातभर पानी के लिए जागना पड़ता है। कई बार महिलाएं और बुजुर्ग देर रात तक पानी भरने के लिए कतार में खड़े रहते हैं। इससे गांव में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।</p>
<p><strong>जनता जल योजना से जोड़ने की मांग</strong><br />ग्रामवासी मुकेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमलिया को शीघ्र जनता जल योजना से जोड़ा जाए और स्थायी जल व्यवस्था की जाए। ताकि लोगों को पीने के पानी के लिए रातभर परेशान न होना पड़े।</p>
<p>ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम सीमलिया का टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही हर घर नल योजना के तहत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।<br /><strong>- राकेश मीणा, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:16:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>'हम सुसाइड कर रहे हैं...',मथुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों ने दूध में जहर मिलाकर खाया, दंपति सहित तीन बच्चों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[मथुरा के खप्परपुर गांव में पति-पत्नी व तीन बच्चों के शव मिले। कमरे में दूध के गिलास पाए गए। पुलिस हत्या-आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/we-are-committing-suicide-in-mathura-five-people-of-the/article-142573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के महावन थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक परिवार के पांच सदस्यों के शव कमरे में मिलने सनसनी फैल गयी। पुलिस ने बताया कि खप्परपुर गांव में घर के भीतर पति, पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चों के शव बरामद हुए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सदस्य जब सुबह काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों को संदेह हुआ।</p>
<p>खिड़की या दरवाजे से झांकने पर अंदर का दृश्य देख लोगों के होश उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का मुआयना किया, तो शवों के पास ही दूध के गिलास पड़े मिले। इससे प्राथमिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि मौत का कारण जहरीला पदार्थ हो सकता है, जिसे दूध में मिलाकर दिया गया हो।</p>
<p>पुलिस अभी इस मामले में आत्महत्या और हत्या दोनों ही एंगल से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ जारी है। मौत की असली वजह और समय की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:41:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खेडा बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया छह माह से क्षतिग्रस्त, जानें पूरा मामला  </title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से पहले ही पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक मरम्मत  नहीं हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/culvert-connecting-kheda-settlement-damaged-for-six-months/article-140228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)5.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखेडा। अरण्डखेडा ग्राम पंचायत क्षेत्र में खेडा बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया पिछले छह माह से क्षतिग्रस्त पड़ी है। मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्राम पंचायत मुख्यालय गांव से जुड़ी खेडा बस्ती गांव की पुलिया पिछले करीब छह माह से क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इस कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी नंद किशोर प्रजापति ने बताया कि बरसात से पहले ही पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा पंचायत प्रशासन और ग्राम विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया, इसके बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग</strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुलिया से दुपहिया और पैदल राहगीरों को खासा जोखिम उठाकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पुलिया की मरम्मत कराकर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए। </p>
<p>खेड़ा बस्ती में क्षतिग्रस्त पुलिया की स्वीकृति निकाल दी गई है। साथ ही ठेकेदार को भी कह दिया है। गुरुवार से कार्य शुरू हो जाएगा। <br /><strong>- महावीर जैन, ग्राम विकास अधिकारी, बनियानी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 16:41:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - भगवानपुर गांव में नालियों और मुख्य मार्ग की सफाई शुरू, पूरे गांव को स्वच्छ बनाने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया ग्राम पंचायत प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---cleaning-of-drains-and-main-road-begins-in-bhagwanpur-village--preparations-underway-to-make-the-entire-village-clean/article-130927"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/11135.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। दीगोद उपखंड के भगवानपुर गांव में बुधवार को सफाई व्यवस्था सुचारू करने का कार्य शुरू किया गया। यह कार्रवाई दैनिक नवज्योति के 29 अक्टूबर के अंक में प्रकाशित खबर के बाद हुई। जिसमें ग्रामीणों ने गांव में फैली गंदगी और लचर सफाई व्यवस्था की समस्या उठाई थी। बुधवार को ग्राम पंचायत प्रशासन ने गांव के मुख्य मार्ग की नालियों की सफाई कराई। साथ ही खुरंजों में अवरुद्ध नालियां भी साफ की गर्इं। ग्राम विकास अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि पूर्व में भी पंचायत द्वारा समय-समय पर सफाई कराई जाती थी। लेकिन कुछ परिवारों में आपसी रंजिश के कारण सफाई कर्मचारियों को काम नहीं करने दिया जाता था। उन्होंने बताया कि अब सफाई कार्य नियमित रूप से शुरू कर दिया गया है और शीघ्र ही पूरे गांव को स्वच्छ बना दिया जाएगा। </p>
<p><strong>यह थी मुख्य समस्या </strong><br />भगवानपुर गांव कोटसुवां ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाला लगभग 600 की आबादी वाला  क्षेत्र है। यहां लंबे समय से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई थी। गांव के मुख्य मार्ग पर कीचड़ और गंदगी जमी थी। नालियों पर मिट्टी-पत्थर डालकर अतिक्रमण कर दिया गया था। ग्रामीणों ने बताया था कि गंदगी के कारण बच्चों और बुजुर्गों का निकलना दूभर हो गया था और बीमारियों का खतरा बढ़ गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 12:41:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - 78 साल, फिर भी हाल बेहाल पानी तक नहीं पीने को </title>
                                    <description><![CDATA[जिस नदी से ग्रामीण पानी लाते हैं, उसी में जानवर नहाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-the-news--78-years-later--the-situation-is-still-dire--with-no-drinking-water/article-127425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। छीपाबड़ौद तहसील क्षेत्र की सहजनपुर ग्राम पंचायत का बिस्लाई गांव आजादी के 78 साल बाद भी पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। राजस्थान के अंतिम छोर पर बसे इस गांव के हाल बेहाल हैं। यहां आज भी ग्रामीण नदी से पेयजल लाने को मजबूर हैं। महिलाएं कोसों दूर नदी से मटकी में पानी ढोकर लाती हैं। जिस नदी से ग्रामीण पानी लाते हैं, उसी में जानवर नहाते हैं और किनारे मृत मवेशी भी फेंक दिए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच से लेकर विधायक तक से कई बार गुहार लगाई, लेकिन चुनाव बाद कोई जनप्रतिनिधि झांकने तक नहीं आया। न शासन ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने।  </p>
<p>19 सितम्बर को दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने का असर यह हुआ कि जलदाय विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सहायक अभियंता रवि गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता अखिल रावत सहित विभागीय कर्मचारी गांव पहुंचे और समस्या का जायजा लिया। विभाग ने हेड पंप को ठीक कर पेयजल आपूर्ति सुधारने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण रामभरोस का कहना है कि मात्र हेड पंप ठीक करने से समस्या हल नहीं होगी। अब तक गांव में न तो सरकारी ट्यूबवेल स्वीकृत हुआ है और न ही घर-घर नल योजना लागू हुई है। यही कारण है कि बिस्लाई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 16:20:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कीचड़ में फंसते नन्हे कदम, स्कूल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[ गांव के मुख्य मार्ग से विद्यालय तक जाने वाला रास्ता बुरी तरह से कीचड़ और पानी में डूबा रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/tiny-feet-stuck-in-mud--reaching-school-is-no-less-than-a-challenge/article-109537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, लेकिन जब स्कूल तक पहुंचना ही किसी संघर्ष से कम न हो, तो यह सवाल उठता है कि विकास के दावों की सच्चाई क्या है? उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोरधनपुरा के तुमड़ा गांव में स्थित राजकीय विद्यालय तक पहुंचना बच्चों और शिक्षकों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है। बारिश हो या न हो, कीचड़ और गंदगी से भरे रास्ते उनके लिए रोज की हकीकत बन चुके हैं। गांव के मुख्य मार्ग से विद्यालय तक जाने वाला रास्ता बुरी तरह से कीचड़ और पानी में डूबा रहता है। हालात यह हैं कि नन्हे बच्चे और शिक्षक हर दिन इस गंदगी से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और उन्हें चोट भी लग जाती है। गांव वालों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, चुनाव का बहिष्कार तक किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>सड़कों पर बह रहा नालियों का गंदा पानी</strong><br /> तुमड़ा गांव के इस स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों और शिक्षकों को एक दलदली रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का मुख्य कारण गांव की खराब जल निकासी व्यवस्था और घटिया नालियों का निर्माण है। इनकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा है, जिससे पूरा मार्ग कीचड़ और गंदे पानी में तब्दील हो गया है।</p>
<p><strong>गिरते बच्चे, परेशान शिक्षक, उपेक्षित ग्रामीण</strong><br />गांव के बच्चों को हर दिन इस रास्ते से गुजरते वक्त सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही से वे गिरकर चोटिल हो सकते हैं। स्कूल के शिक्षक भी इस स्थिति से परेशान हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें यही रास्ता अपनाना पड़ता है। गांव के एक बुजुर्ग का कहना है, "हमारे बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं, लेकिन रास्ते कीचड़ से भरे होने के कारण कई बार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कपड़े खराब हो जाते हैं और बच्चे परेशान हो जाते हैं। कई माता-पिता तो अब बच्चों को स्कूल भेजने में भी झिझकने लगे हैं।</p>
<p><strong>चुनाव बहिष्कार के बाद भी कोई समाधान नहीं</strong><br />गांव वालों ने इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार भी किया, लेकिन फिर भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब ग्रामीणों ने दैनिक नवज्योति के माध्यम से प्रशासन से सहायता की मांग की है।</p>
<p><strong>प्रशासन कब करेगा कार्रवाई? </strong><br /> तुमड़ा गांव के इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों के लिए हर दिन स्कूल पहुंचना किसी जंग से कम नहीं है। अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता की ओर प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर मासूम बच्चे और शिक्षक इसी हाल में अपनी शिक्षा जारी रखने को मजबूर रहेंगे? हमारे बच्चों को हर दिन इस गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। प्रशासन आखिर कब हमारी तकलीफ सुनेगा? क्या गांव के बच्चों की शिक्षा किसी की प्राथमिकता नहीं?"<br /><strong>- शिमला, ग्रामीण। </strong></p>
<p>हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई अधिकारी हमारी सुनवाई करने तक नहीं आया। हमें चुनाव बहिष्कार तक करना पड़ा, फिर भी कोई हल नहीं निकला।<br /><strong>- सुरेश, ग्रामीण।</strong></p>
<p>स्कूल का रास्ता इतना बदहाल है कि बच्चे पढ़ाई के बजाय गिरने से बचने की जद्दोजहद में रहते हैं। - अमन, ग्रामीण। </p>
<p>कई बार छात्र गिरकर चोटिल हो जाते हैं। शिक्षक भी परेशान हैं। इस समस्या का हल निकालना बहुत जरूरी है। <br /><strong>- अरविंद, ग्रामीण। </strong></p>
<p>हमने हर संभव प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने हमें पूरी तरह अनदेखा कर दिया। अब हमें मीडिया से ही उम्मीद है।<br /><strong>- उपेन्द्र मालव, ग्रामवासी। </strong></p>
<p>यह सिर्फ स्कूल का मामला नहीं है, पूरी ग्राम पंचायत को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। <br /><strong>- विजय सिंह मीणा, वार्ड पंच। </strong></p>
<p>स्कूल तक पहुंचने का रास्ता बहुत ही खराब स्थिति में है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट भी लग जाती है। अभिभावक भी इस समस्या को लेकर चिंतित हैं और कुछ ने तो बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। हमने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। <br /><strong>- सुरेश योगी, शिक्षक। </strong></p>
<p>हमें अभी इस समस्या की शिकायत प्राप्त हुई है। ग्राम पंचायत द्वारा जल्द ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और इस मार्ग की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों की परेशानी को दूर करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- रामस्वरूप, ग्राम विकास अधिकारी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 15:10:03 +0530</pubDate>
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                <title>हाथी गांव में महावतों के लिए लगाया प्रशिक्षण शिविर, दवाईयों सहित दी अन्य जानकारियां </title>
                                    <description><![CDATA[तंवर ने बताया कि बारिश के समय हाथियों में इन्फेक्शन की ज्यादा समस्याएं होती हैं। ऐसे में उन्हें दिए जाने वाले खाने की जांच करनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/training-camps-for-mahavats-in-hathi-village-including-other-information/article-106266"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy38.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाथी गांव में महावतों के लिए सोमवार को प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस अवसर पर एसीएफ प्राची चौधरी, जयपुर चिड़ियाघर के डॉ अशोक तंवर, रेंजर जितेंद्र चौधरी, हाथी मालिक विकास समिति के पदाधिकारी और हाथी महावत उपस्थित रहे। </p>
<p>प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. अशोक तंवर ने महावतों को हाथियों के खान पान, इन्हें दी जाने वाली दवाईयों सहित अन्य जानकारियां दी। तंवर ने बताया कि बारिश के समय हाथियों में इन्फेक्शन की ज्यादा समस्याएं होती हैं। ऐसे में उन्हें दिए जाने वाले खाने की जांच करनी चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 16:51:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कीरतपुरा गांव की ढाणी बड़ियाली में हादसा, 700 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 वर्षीय बालिका</title>
                                    <description><![CDATA[मौके पर जेसीबी से खुदाई की जा रही है, वहीं बच्ची तक पाइप के जरिए आॅक्सीजन पहुंचाई जा रही है। बोरवेल में उतारे कैमरे में बच्ची का मूवमेंट नजर आया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/accident-in-dhani-badiyali-of-kiratpura-village-three-year-old/article-98520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(12)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटपूतली। हाल की में दौसा के बाद अब सोमवार दोपहर कोटपूतली में तीन वर्षीय बच्ची के बोरवेल में गिरने की घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटपूतली के कीरतपुरा गांव की ढाणी बड़ियाली में 3 साल की बच्ची चेतना करीब 700 फीट गहरे बोर में जा गिरी, बच्ची लगभग 150 फीट गहराई पर फंसी हुई है। मौके पर जेसीबी से खुदाई की जा रही है, वहीं बच्ची तक पाइप के जरिए आॅक्सीजन पहुंचाई जा रही है। बोरवेल में उतारे कैमरे में बच्ची का मूवमेंट नजर आया है। बच्ची के रोने की आवाज भी रिकॉर्ड की गई है। शाम लगभग सवा 5 बजे एसडीआरएफ ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, शाम 6 बजे एनडीआरएफ  की टीम भी रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच गई।</p>
<p><strong>हर घंटे खत्म हो रहा ऑक्सीजन सिलेंडर</strong><br />रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऑक्सीजन सिलेंडर एक घंटे में खत्म हो रहा है। मेडिकल टीम ने 20 सिलेंडर अतिरिक्त मंगवाए हैं। अब एनडीआरएफ की टीम लोहे के पाइप बच्ची तक पहुंचाने की कोशिश करेंगी। इसके बाद रॉड के आगे बने गोल छल्ले में उसके हाथ या पैर को फंसा कर ऊपर खींचने की कोशिश की जाएगी। मौके पर पहुंचे विधायक हंसराज पटेल ने कहा बचाव कार्य के लिए टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। पुलिस और प्रशासन भी मौके पर मौजूद हैं। बच्ची को बचाने के लिए संभव कोशिश की जाएगी। </p>
<p><strong>बोरवेल से आज ही निकाला था पाइप</strong><br />बच्ची की ताई सुशीला ने बताया कि सुबह 11 बजे ही बोरवेल से पाइप निकाला था, बोरवेल को भरवाने जा रहे थे। बोरवेल के मुंह को तसले से ढक कर जेसीबी वाले को फोन कर बुलाया था और सभी उसी के इंतजार में बैठे थे। घटना के वक्त बच्ची की मां अंदर थी। लगभग डेढ़ बजे चेतना बड़ी बहन काव्या के साथ बाहर खेलने निकल गई। खेलते-खेलते दोनों बच्ची बोरवेल के पास चली गईं। तसला हटाते हीं चेतना अंदर गिर गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 11:26:09 +0530</pubDate>
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