<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/water-resources-department/tag-50685" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Water Resources Department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/50685/rss</link>
                <description>Water Resources Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बकाया आबियाना नहीं चुकाने वाले किसानों को मिलेगी सख्त चेतावनी, सिंचाई सुविधा होगी बंद</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग ने बकाया आबियाना जमा नहीं करवाने वाले काश्तकारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने निर्धारित समय तक अपना बकाया आबियाना जमा नहीं कराया, उन्हें सिंचाई सुविधा से वंचित किया जाएगा। इससे आगामी फसली मौसम में ऐसे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-who-do-not-pay-the-dues-will-get-a/article-139800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)26.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग ने बकाया आबियाना (सिंचाई शुल्क) जमा नहीं करवाने वाले काश्तकारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने निर्धारित समय तक अपना बकाया आबियाना जमा नहीं कराया, उन्हें सिंचाई सुविधा से वंचित किया जाएगा। इससे आगामी फसली मौसम में ऐसे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। विभाग के सहायक अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन काश्तकारों का आबियाना बकाया है, वे शीघ्र ही संबंधित जल उपयोक्ता संगम के अध्यक्ष या अपने क्षेत्र के पटवारी के माध्यम से आबियाना जमा करवाकर उसकी रसीद प्राप्त कर लें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिन काश्तकारों पर दो या उससे अधिक किस्तों का आबियाना बकाया है और यदि वह समय रहते जमा नहीं कराया गया, तो राजस्थान सिंचाई अधिनियम 1955 के नियम 10 (ई) के तहत कार्रवाई की जाएगी। नियमों के अनुसार अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन वृत्त श्रीगंगानगर की पूर्व अनुमति से ऐसे काश्तकारों की भूमि को सिंचाई सुविधा से वंचित कर दिया जाएगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय रहते बकाया राशि जमा कराएं। सहायक अभियंता ने यह भी बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल उपयोक्ता संगम मुख्यालयों पर सिंचाई कर वसूली के लिए विशेष शिविर आरंभ किए गए हैं, ताकि किसान आसानी से अपना आबियाना जमा कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-who-do-not-pay-the-dues-will-get-a/article-139800</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-who-do-not-pay-the-dues-will-get-a/article-139800</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 14:40:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%282%2926.png"                         length="1243642"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग : बाढ़ से क्षतिग्रस्त नहरों व बांधों की पाल की होगी मरम्मत, सभी मरम्मत कार्य 30 दिनों के भीतर पूरे होंगे</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई नहरों और बांधों की पाल की मरम्मत को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। बारां जिले में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी नहरों और पाल की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा टेंडर जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी मरम्मत कार्य 30 दिनों के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आगामी सिंचाई सत्र में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-will-repair-the-flood-damaged-canals-and/article-137966"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई नहरों और बांधों की पाल की मरम्मत को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। बारां जिले में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी नहरों और पाल की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा टेंडर जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी मरम्मत कार्य 30 दिनों के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आगामी सिंचाई सत्र में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जानकारी के अनुसार महोदरी सिंचाई परियोजना, कालीसोत सिंचाई परियोजना, अहमदी सिंचाई परियोजना, नाहरगढ़ सिंचाई परियोजना, छत्रपुरा सिंचाई परियोजना और इकलेरा सिंचाई परियोजना की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही सेमली फाटक बांध की पाल पर रेनकट, खटका बांध की रेनकट, रामपुरा तालाब की पाल, सहरोल तलहटी की पाल, बगदेव तालाब की पाल तथा नारायणखेड़ा नहर की मरम्मत भी प्रस्तावित है। इसके अलावा रातई बांध की माइनरों और केलवाड़ा बांध की नहर पर हुए रेनकट की मरम्मत भी कराई जाएगी।</p>
<p>वहीं बीसलपुर परियोजना की बायीं मुख्य नहर के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह अवाप्ति नहर की आरडी 4.50 किलोमीटर से लेकर 9.50 किलोमीटर तक की जाएगी। ग्राम भैरूपुरा बोटूंदा की शेष रही भूमि का भी अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त कलेक्टर (पुनर्वास) बीसलपुर परियोजना को अधिकृत किया गया है। विभाग का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने से सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी और किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-will-repair-the-flood-damaged-canals-and/article-137966</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-will-repair-the-flood-damaged-canals-and/article-137966</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 12:27:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%281%291.png"                         length="679678"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक : भजनलाल शर्मा ने रामजल सेतु लिंक परियोजना कार्य में तेजी के दिए निर्देश, कहा- जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर राजस्थान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता</title>
                                    <description><![CDATA[भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को जल क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सरकार ने कई महत्वपूर्ण जल एवं सिंचाई परियोजनाओं की पहल की है, ताकि प्रदेशवासियों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में और तेजी लाई जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/review-meeting-of-water-resources-department-bhajanlal-sharma-gave-instructions/article-137690"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/500-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को जल क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सरकार ने कई महत्वपूर्ण जल एवं सिंचाई परियोजनाओं की पहल की है, ताकि प्रदेशवासियों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित अन्य कार्यों में और तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री शर्मा सोमवार को जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन और किसानों तक जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंचाई परियोजनाओं को नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।</p>
<p><strong>रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों में आए तेजी :</strong> शर्मा ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में जल एक मूलभूत आवश्यकता है। सरकार ने जल स्रोतों के विकास, संग्रहण क्षमता बढ़ाने और जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। परियोजना के चरणबद्ध कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। </p>
<p><strong>अधिकारियों ने दी कार्य प्रगति की जानकारी</strong><br />बैठक में विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना के अन्तर्गत लगभग 9400 करोड़ रुपये की लागत के 3 प्रगतिरत कार्यों में से रामगढ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं डेज्नेज चैनल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नवनेरा बैराज से पानी को बीसलपुर एवं ईसरदा बांध में अपवर्तन करने के लिए चम्बल नदी पर एक्वाडेक्ट तथा मेज से गलवा, गलवा से ईसरदा बीसलपुर फीडर के कार्य भी प्रगतिरत हैं। रामजल सेतु परियोजना के अन्तर्गत बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर), ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ (जयपुर), खुरा चैनपुुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के लगभग 14 हजार 600 करोड़ रुपये के पांच कार्य भी शीघ्र आरम्भ किए जाएंगे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/review-meeting-of-water-resources-department-bhajanlal-sharma-gave-instructions/article-137690</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/review-meeting-of-water-resources-department-bhajanlal-sharma-gave-instructions/article-137690</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 09:45:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/500-px%29-%282%296.png"                         length="1397114"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग की बजट घोषणाओं पर अमल, अजमेर व कोलायत–फलौदी में नहरों के मरम्मत कार्यों को मिली 52 करोड़ से अधिक की स्वीकृति</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की अनुपालना में राज्य सरकार ने विभिन्न नहर एवं फीडर परियोजनाओं के मरम्मत, नवीनीकरण और पुनरुद्धार कार्यों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इन स्वीकृतियों से अजमेर जिले सहित पश्चिमी राजस्थान के जल आपूर्ति तंत्र को मजबूती मिलेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/implementation-of-the-budget-announcements-of-the-water-resources-department/article-137155"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px43.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की अनुपालना में राज्य सरकार ने विभिन्न नहर एवं फीडर परियोजनाओं के मरम्मत, नवीनीकरण और पुनरुद्धार कार्यों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इन स्वीकृतियों से अजमेर जिले सहित पश्चिमी राजस्थान के जल आपूर्ति तंत्र को मजबूती मिलेगी। अजमेर जिले में बदलिया फीडर, कयाद फीडर एवं फूल सागर बीर फीडर की मरम्मत एवं नवीनीकरण के कार्यों के लिए 12.32 करोड़ रुपए की वित्तीय सहमति प्रदान की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल आपूर्ति में सुधार होगा।</p>
<p>इसके अतिरिक्त अजमेर जिले में स्थित पुष्कर सरोवर के फीडरों की मरम्मत एवं नवीनीकरण हेतु 12.63 करोड़ रुपए की वित्तीय सहमति दी गई है। इससे पुष्कर क्षेत्र में जल संरक्षण और सरोवर की जल आवक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा। वहीं कोलायत–फलौदी क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की खिदरत वितरिका नहर के पुनरुद्धार कार्य के लिए 27.43 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी करने की सहमति प्रदान की गई है। इस कार्य से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/implementation-of-the-budget-announcements-of-the-water-resources-department/article-137155</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/implementation-of-the-budget-announcements-of-the-water-resources-department/article-137155</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:30:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/1200-x-600-px43.png"                         length="1802353"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग में कार्य विभाजन पुनर्गठित, प्रमुख अभियंता कार्यालयों को नई जिम्मेदारियाँ</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग ने विभागीय कार्यों के सुव्यवस्थित संचालन और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख अभियंताओं एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के कार्य आवंटन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विभागीय आदेश में किए गए पुनर्गठन के बाद अब नए कार्य विभाजन को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी किए गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/reorganized-work-division-in-water-resources-department-new-responsibilities-to/article-133088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग ने विभागीय कार्यों के सुव्यवस्थित संचालन और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख अभियंताओं एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के कार्य आवंटन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विभागीय आदेश में किए गए पुनर्गठन के बाद अब नए कार्य विभाजन को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, उत्तर-हनुमानगढ़, सांचोर, जोधपुर तथा जयपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालयों के बीच समन्वय को मजबूती देने के लिए एक सक्षम चैनलाइज्ड सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत सभी प्रमुख अभियंता अब अपनी टिप्पणियाँ, रिपोर्ट और प्रस्ताव संबंधित अतिरिक्त सचिव (पश्चिम), जल संसाधन विभाग, जयपुर के माध्यम से ही भेजेंगे, ताकि कार्य प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।</p>
<p>विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कई बार फील्ड स्तर के कार्यों के चलते प्रमुख अभियंता मुख्यालय पर उपस्थित नहीं रह पाते हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसलिए अब सभी महत्वपूर्ण प्रकरणों को निर्धारित चैनल के माध्यम से ही निपटाया जाएगा। इससे विभागीय कार्यों में सुचारुता, गति और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। संचालन के बेहतर प्रबंधन हेतु विभिन्न ACE पदों को भी नए कार्य आवंटित किए गए हैं, जिनमें बजट मॉनिटरिंग, प्रोग्रेस रिपोर्ट संकलन, बैठक ड्राफ्ट तैयार करना तथा गैर-राजपत्रित कर्मियों की स्थापना संबंधी प्रकरण शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/reorganized-work-division-in-water-resources-department-new-responsibilities-to/article-133088</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/reorganized-work-division-in-water-resources-department-new-responsibilities-to/article-133088</guid>
                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 16:51:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग : भूमिगत जल के संरक्षण के लिए मिशन मोड में सरकार, अवैध दोहन पर सख्ती शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने भूमिगत जल के अंधाधुंध दोहन पर सख्ती बरतते हुए जल संसाधन विभाग को निगरानी और नियंत्रण के दिए निर्देश। राजस्थान भूजल अधिनियम, 2013 के तहत बिना अनुमति नलकूप खुदाई पर कार्रवाई। जिलेवार सर्वे, भूजल पुनर्भरण और जल संरक्षण अभियानों को गति देने के दिए आदेश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-becomes-active-in-underground-water-management-instructions/article-129291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन और जल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए जल संसाधन विभाग को निगरानी एवं नियंत्रण के सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य में भूजल दोहन की बढ़ती प्रवृत्ति से जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक है। जल संसाधन विभाग के  आदेश में कहा गया है कि "राजस्थान भूजल (अर्जन, पुनर्भरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 2013" की धारा-19 के तहत राज्यभर में सभी प्रकार की जल दोहन गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।</p>
<p>अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप बिना अनुमति के नलकूप या बोरवेल खुदवाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभागीय अभियंताओं, भूविज्ञान इकाइयों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिलेवार सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जल संरक्षण अभियानों को भी गति देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राज्य में भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल सके। यह कदम राजस्थान सरकार की जल सुरक्षा नीति को सुदृढ़ करने और भविष्य के जल संकट से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-becomes-active-in-underground-water-management-instructions/article-129291</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-becomes-active-in-underground-water-management-instructions/article-129291</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 15:34:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जल संसाधन विभाग के आदेश : नवनेरा लिंक परियोजना की अवाप्त भूमि पर कृषि गतिविधियों पर रोक, उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने किसानों को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नवनेरा लिंक परियोजना के तहत अवाप्त भूमि पर किसी भी प्रकार की कृषि गतिविधि नहीं की जा सकेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ban-order-of-water-resources-department-ban-on-agricultural-activities/article-128717"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने किसानों को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नवनेरा लिंक परियोजना के तहत अवाप्त भूमि पर किसी भी प्रकार की कृषि गतिविधि नहीं की जा सकेगी। जल संसाधन विभाग ने कहा है कि यह भूमि मुआवजा प्रक्रियाधीन या भुगतान होने के बाद राजकीय उपयोग के लिए सुरक्षित की गई है, ऐसे में उस पर जुताई या बुवाई करना अवैध होगा।</p>
<p>परियोजना के तहत नवनेरा बैराज के डिलीवरी सिस्टर्न से मेज एनीकट तक फीडर का निर्माण कार्य किया जाना है। इसके लिए लाखेरी उपखण्ड के अंतर्गत आने वाले गुहाटा, कोटाखुर्द, लबान, दहीखेड़ा, डपटा, रामगंज और खरायता गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है। प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, वहीं शेष किसानों का भुगतान प्रक्रियाधीन है। वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई किसान इन भूमि पर कृषि कार्य करता है और निर्माण के दौरान किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं किसान की होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ban-order-of-water-resources-department-ban-on-agricultural-activities/article-128717</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ban-order-of-water-resources-department-ban-on-agricultural-activities/article-128717</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 14:40:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग ने निविदा प्रावधानों में किया संशोधन, 4 करोड़ तक के कार्यों में अनावश्यक आपूर्ति पर लगेगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग ने निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और वास्तविक कार्यों की प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए  निर्देश जारी किए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-amends-the-tender-provisions-to-ban-unnecessary/article-119233"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग ने निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और वास्तविक कार्यों की प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 4 करोड़ तक की निविदाओं में वाहन, पी.ओ.एल., ड्राइवर, कंप्यूटर, प्रिंटर आदि जैसे कार्य से असंबंधित प्रावधान केवल अतिआवश्यक स्थिति में ही शामिल किए जा सकेंगे।</p>
<p>विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव भुवन भास्कर की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे प्रावधान निविदा दरों को प्रभावित कर सकते हैं और वास्तविक निर्माण या कार्य निष्पादन से इनका कोई सीधा संबंध नहीं होता। इसलिए अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि यदि इन प्रावधानों को शामिल करना जरूरी हो, तो इसके लिए संबंधित संभागीय मुख्य अभियंता या अतिरिक्त मुख्य अभियंता से पूर्वानुमति लेना आवश्यक होगा। यह कदम विभागीय कार्यों में व्यय की दक्षता बढ़ाने, भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-amends-the-tender-provisions-to-ban-unnecessary/article-119233</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-amends-the-tender-provisions-to-ban-unnecessary/article-119233</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 17:49:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग में 188 कार्मिकों की पदोन्नति, फरवरी, 2025 में भी 279 कार्मिक हुए थे पदोन्नत </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा अनुरूप कार्मिकों को समुचित पदोन्नति के अवसर प्रदान कराने के लिए जल संसाधन विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति बैठकें समयबद्ध की जा रही हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/promotion-of-188-personnel-in-water-resources-department-also-promoted/article-119019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा अनुरूप कार्मिकों को समुचित पदोन्नति के अवसर प्रदान कराने के लिए जल संसाधन विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति बैठकें समयबद्ध की जा रही हैं। </p>
<p>वर्ष 2025-26 के लिए डीपीसी बैठक 27 जून, 2025 को सम्पन्न हुई। इसमें मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियन्ता (यांत्रिक), सहायक अभियन्ता (यांत्रिक), सहायक अभियन्ता (सिविल-डिप्लोमा) के रिक्त पदों पर 188 कार्मिकों को पदोन्नति दी गई। </p>
<p><strong>शिथिलन के बाद अब और होंगी पदोन्नतियां</strong><br />राज्य बजट 2025-26 में की गई घोषणा के तहत पदोन्नति हेतु आवश्यक अनुभव अवधि में दो वर्ष की शिथिलता के संबंध में आदेश हुआ है। इसके बाद अधिशाषी अभियन्ता (सिविल) एवं सहायक अभियन्ता (सिविल-डिग्री) के पदों पर भी डीपीसी आयोजित की जाएगी। इससे लगभग 134 अतिरिक्त कार्मिकों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा। </p>
<p><strong>फरवरी, 2025 में हुए थे 279 कार्मिक पदोन्नत </strong><br />वर्ष 2024-25 की डीपीसी बैठक 13 फरवरी, 2025 को आयोजित की गई। इसमें विभाग के विभिन्न श्रेणियों, मुख्य अभियन्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता, अधिशाषी अभियन्ता एवं सहायक अभियन्ता के रिक्त पदों पर 279 कार्मिकों को पदोन्नत किया गया था।  इस प्रकार वर्ष 2025 में जल संसाधन विभाग के कुल 601 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर प्राप्त हो रहा है। इससे कार्मिकों की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/promotion-of-188-personnel-in-water-resources-department-also-promoted/article-119019</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/promotion-of-188-personnel-in-water-resources-department-also-promoted/article-119019</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 17:54:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नौतपा में सूरज पी गया कोटा के बांधों का 140.8 मिलियन घनमीटर पानी, बांधों और तालाबों का गिर रहा जलस्तर   </title>
                                    <description><![CDATA[ 
 नौतपा के दौरान गर्मी तेजी से बढ़ रही है और कुछ जिलों का तापमान तो 45 डिग्री तक पहुंच गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-sun-drank-up-140-8-million-cubic-meters-of-water-of-kota-s-dams-during-nautapa/article-115629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(8)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नौतपा के दौरान गर्मी तेजी से बढ़ रही है और कुछ जिलों का तापमान तो 45 डिग्री तक पहुंच गया है। अब तीखी धूप पानी को तेजी से वाष्पीकृत कर रही है। कोटा के बांधों का 140.8 मिलियन घनमीटर पानी नौतपा पी गया है। लिहाजा बांध-तालाबों का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। नौतपा के दिनों में कोटा संभाग सहित प्रदेश के छोटे बांधों में पानी तेजी से घटने लगा है। दो माह में ही करीब चार प्रतिशत पानी कम हो गया, जबकि औसत रूप से पानी निकासी का आंकड़ा तीन से साढ़े तीन प्रतिशत रहता आया है। छोटे-मध्यम श्रेणी के खाली होने वाले बांध की संख्या 335 से बढ़कर 353 पहुंच गई है। इसके अलावा 25 से 30 प्रतिशत पानी का वाष्पीकरण होता रहा है, जो इस बार कुछ ज्यादा होने की आशंका है। इस साल गर्मी का असर ज्यादा होने के कारण वर्तमान में 40 प्रतिशत पानी का वाष्पीकरण हो रहा है।</p>
<p><strong>अधिकांश बांधों में 40.90 प्रतिशत पानी </strong><br />राजस्थान के बांधों में पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 4.55 फीसदी पानी ज्यादा है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बांधों में पानी का स्टोरेज भी तेजी से घट रहा है। अभी तक 335 बांध खाली हो चुके हैं, जबकि 349 बांधों में थोड़ा ही पानी बचा है। इनमें कोटा जिले के कुछ छोटे बांध और तालाब भी शामिल है। हालांकि प्रदेश के सात बड़े बांधों से राहत मिलने की जरूर आस बंधी है, जहां जरूरत के अनुरूप पानी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इनमें कोटा जोन के चम्बल नदी पर स्थित तीनों बांध भी शामिल है। प्रदेश के बांधों में दो माह पहले 44.84 प्रतिशत पानी था, जो अब घटकर 40.90 प्रतिशत रह गया। वहीं पिछले एक माह की बात करें तो बांधों में 43.36 प्रतिशत पानी था, जो अब घटकर 40.90 प्रतिशत रहा गया है। कुछ ही समय में पानी की निकासी का यह अंतर परेशान करने वाला है। </p>
<p><strong>बांधों में जलराशि की स्थिति</strong><br />55.10 प्रतिशत ही पानी प्रदेश के बड़े 22 बांधों में<br />22.71 प्रतिशत ही भरे है प्रदेश के 261 मध्यम बांध<br />11.73 प्रतिशत पानी बचा 408 छोटे बांध-तालाबों में<br />40.36 प्रतिशत पानी बचा सभी बांध-तालाबों में<br />87.16 प्रतिशत पानी था 6 माह पहले बांध-तालाबों में</p>
<p><strong>बांध भराव क्षमता, जलस्तर (फीट में)</strong><br />- गांधी सागर 1312 1287.96<br />- राणाप्रताप सागर 1157.50 1155.56<br />- जवाहर सागर 980 978.10<br />- कोटा बैराज 854 854.00</p>
<p><strong>केवल चंबल के बांधों में सबसे ज्यादा जलराशि </strong><br />जानकारी के अनुसार प्रदेश में 22 बड़े बांध हैं, जिनकी जल भराव क्षमता 8104.656 एमसीएम है, जिसमें वर्तमान में 4977.386 पानी है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कोटा संभाग के बांधों में सबसे अधिक पानी की उपलब्धता है। कोटा संभाग में मई माह में पानी की उपलब्धता 59.40% है जबकि जोधपुर संभाग के बांधों में केवल 22.50% ही पानी शेष बचा है। रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में पिछले साल अच्छी बरसात होने के कारण बांधों में पानी की पर्याप्त आवक हुई है। इस कारण चंबल के चारों बांधों में अथाह जलराशि मौजूद है। राजस्थान के कई क्षेत्रों में बरसात कम होने से अधिकांश बांधों में जलभराव की स्थिति काफी विकट है। अब गर्मी बढ़ने से कई बांधों में पानी रीतने लगा है।</p>
<p>चम्बल के बांधों में पर्याप्त पानी होने से किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी मिलना चाहिए। जिले के अधिकांश किसान नहरी पानी पर आश्रित हैं। ऐसे में गर्मी में भी बांधों में पर्याप्त पानी होना अच्छी खबर हैं। इससे किसानों की फसलों का अच्छा उत्पादन हो सकेगा।<br /><strong>- जगदीश कुमार, किसान नेता</strong></p>
<p>पिछले बरसों में मानसूनी बरसात के अलावा भी पानी मिलता रहा है, जिससे जल स्रोत कम खाली हुए। हालांकि गर्मी तेज होने पर वाष्पीकरण भी तेज होता है। अब जो पानी बचा है, वह पेयजल के अलावा वाष्पीकरण में जाएगा। यह पानी खत्म होने से पहले मानसून आना चाहिए, जिससे बांध फिर से भर जाए।<br /><strong>- भारतरत्न गौड, रिटायर्ड एक्सईएन, जल संसाधन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-sun-drank-up-140-8-million-cubic-meters-of-water-of-kota-s-dams-during-nautapa/article-115629</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-sun-drank-up-140-8-million-cubic-meters-of-water-of-kota-s-dams-during-nautapa/article-115629</guid>
                <pubDate>Wed, 28 May 2025 15:09:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/news-%288%299.png"                         length="611438"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून की अच्छी बारिश के लिए जल संसाधन विभाग करेगा बांधों पर पूजा-अर्चना</title>
                                    <description><![CDATA[ जल संसाधन विभाग इस बार मानसून के दौरान अच्छी बारिश के लिए विशेष पूजा अर्चना करने की योजना तैयार कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-will-offer-prayers-on-dams-for-good/article-115621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग इस बार मानसून के दौरान अच्छी बारिश के लिए विशेष पूजा अर्चना करने की योजना तैयार कर रहा है। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रदेशभर के नदी-नालों और बांधों पर पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधारोपण अभियान की भी शुरुआत होगी। पिछले साल मानसून की अच्छी बारिश के कारण 400 से अधिक बांध लबालब हो गए थे, जिससे जल महोत्सव मनाया गया था।</p>
<p>इस बार भी विभाग को उम्मीद है कि मानसून अच्छी बारिश लेकर आएगा और जल स्रोत भरपूर रहेंगे। मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और वृक्षारोपण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पहल के जरिए विभाग प्रदेश में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसून की बारिश के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश देना चाहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-will-offer-prayers-on-dams-for-good/article-115621</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-resources-department-will-offer-prayers-on-dams-for-good/article-115621</guid>
                <pubDate>Wed, 28 May 2025 14:52:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल संसाधन विभाग में एसीआर भरने की प्रक्रिया तय, उच्च अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[ जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन (एसीआर) भरने की प्रक्रिया का नया चैनल निर्धारित किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-process-of-filling-acr-in-water-resources-department-fixed/article-109296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन (एसीआर) भरने की प्रक्रिया का नया चैनल निर्धारित किया है। इस आदेश के तहत विभिन्न संवर्गों के कार्मिकों के एसीआर को उच्च अधिकारियों के स्तर पर स्वीकार और स्वीकृत किया जाएगा।</p>
<p>मुख्य अभियंता, सीएडी (पूर्व) जयपुर के अधीन कार्यरत कोटा संभाग के कार्मिकों के एसीआर अब मुख्य अभियंता, जल संसाधन संभाग कोटा के स्तर पर भरे जाएंगे। वहीं, मुख्य अभियंता कार्यालय में कार्यरत शीघ्रलिपिक, निजी सहायक, अतिरिक्त निजी सहायक एवं वाहन चालक संवर्ग के लिए मुख्य अभियंता ही प्रतिवेदक, समीक्षक और स्वीकारकर्ता अधिकारी होंगे। जिला परिषद, पंचायत समिति एवं बीबीएमबी में कार्यरत कर्मचारियों को अपने विभागीय नियमों के तहत एसीआर भरकर जल संसाधन विभाग के विभागाध्यक्ष को भेजना होगा। विधि, लेखा, सांख्यिकी एवं आईटी संवर्ग के कार्मिकों की रिपोर्टें उनके पैतृक विभागों में समीक्षा के बाद स्वीकृति के लिए भेजी जाएंगी। जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कार्यालय का स्थानांतरण या समापन होता है तो उसके लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-process-of-filling-acr-in-water-resources-department-fixed/article-109296</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-process-of-filling-acr-in-water-resources-department-fixed/article-109296</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Apr 2025 13:12:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/jal-sansadhan-department.png"                         length="201039"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        