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                <title>repair - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>6 साल से सर्वे, लेकिन काम नहीं, फाइलों में कैद चंबल के बांधों का जीर्णोद्धार</title>
                                    <description><![CDATA[224 करोड़ की लागत से मिलेगा बांधों को नवजीवन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/surveys-conducted-for-6-years--yet-no-work--restoration-of-chambal-dams-remains-trapped-in-files/article-148844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चंबल नदी पर बने प्रदेश के प्रमुख बांध कोटा बैराज, जवाहर सागर और राणाप्रताप सागर लंबे समय से जीर्णोद्धार की बाट जोह रहे हैं। इन बांधों के नवजीवन के लिए करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृत हो चुका है। हर साल निविदाएं जारी होती हैं, लेकिन कार्य शुरू होने से पहले ही प्रक्रिया फिर किसी ने किसी कारण से अटक जाती है। जल संसाधन विभाग ने एक बार फिर करीब 224 करोड़ रुपए की लागत से तीनों बांधों के व्यापक जीर्णोद्धार के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। पहले 27 मार्च तक अंतिम तिथि तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। यह पहली बार नहीं है जब निविदा तिथि आगे बढ़ाई गई हो पिछले वर्षों में भी कई बार ऐसा हो चुका है।</p>
<p><strong>6 साल से सर्वे, लेकिन काम शून्य</strong><br />सूत्रों के अनुसार, इन बांधों के सुधार को लेकर पिछले 5-6 वर्षों से लगातार सर्वे और तकनीकी अध्ययन किए जा रहे हैं। राणा प्रताप सागर बांध के स्लूज गेट बदलने के लिए अंडरवाटर सर्वे तक पूरा हो चुका है। केंद्रीय जल आयोग सहित विभिन्न एजेंसियों के विशेषज्ञों ने भी निरीक्षण कर रिपोर्ट दी, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 224 करोड़ रुपए की इस परियोजना में करीब 82.73 करोड़ रुपए सिविल कार्यों और 141.31 करोड़ रुपए हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों पर खर्च किए जाने प्रस्तावित हैं। तीनों बांधों के लगभग 50 गेट बदलने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा कंक्रीट संरचनाओं की मरम्मत, लीकेज रोकने और अन्य तकनीकी सुधार शामिल हैं।</p>
<p><strong>66 साल पुराने हो चुके बांध</strong><br />तीनों बांधों का निर्माण 1960 के दशक में हुआ था। उस समय की तकनीक आज के मानकों के अनुसार पुरानी हो चुकी है। विभागीय रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गेट और मशीनरी की औसत उम्र 40-50 साल होती है, जबकि ये सिस्टम उससे कहीं अधिक समय से उपयोग में हैं। ऐसे में इन बांधों का जीर्णोद्धार होना बहुत जरूरी है। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद यह परियोजना चंबल नदी के तीनों बांधों को नया जीवन देगी, जिससे कोटा सहित पूरे हाड़ौती और प्रदेश के जल भविष्य को मजबूती मिलेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार है जब चंबल के तीनों प्रमुख बांधों के गेट एक साथ बदले जाएंगे। इससे बांधों की सुरक्षा बढ़ेगी और आने वाले दशकों तक जल प्रबंधन सुचारू रहेगा।</p>
<p><strong>बार-बार की देरी बढ़ा रही चिंता</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि इन बांधों के गेट और मशीनरी काफी पुरानी हो चुकी है। समय पर रखरखाव नहीं होने से खराबी की आशंका बनी रहती है।बरसात के दौरान जल दबाव बढ़ने पर जोखिम बढ़ सकता है। चंबल के ये तीनों बांध न केवल हाड़ौती क्षेत्र की जल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बार-बार की देरी चिंता का विषय बनती जा रही है। अब जरूरत इस बात की है कि कागजी प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर जल्द से जल्द धरातल पर काम शुरू हो, ताकि भविष्य में किसी बड़े जोखिम से बचा जा</p>
<p><strong>इतनी राशि होगी खर्च</strong><br />-राणा प्रताप सागर बांध: 81.49 करोड़<br />-जवाहर सागर बांध: 75.94 करोड़<br />-कोटा बैराज: 66.62 करोड़</p>
<p>बांधों की मरम्मत के लिए निविदा आमंत्रित कर दी है। पूर्व में 27 मार्च तिथि निर्धारित की थी। जिसे बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। इस साल के अंत तक कार्य प्रारंभ करने की योजना है।<br /><strong>-सुनील गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:25:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अम्बेडकर सर्किल पर तोड़ी जालियां, तुरंत मरम्मत</title>
                                    <description><![CDATA[खबर प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद ने नई जालियां लगवाई 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---grilles-at-ambedkar-circle-broken--repaired-immediately/article-142737"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>नमाना। शहर के प्रमुख आकर्षण और सामाजिक आस्था के केंद्र अम्बेडकर सर्किल पर असामाजिक तत्वों द्वारा सीमेंट की जालियां तोड़ने का मामला सामने आने के बाद नगर परिषद ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टूटी हुई जालियों के स्थान पर नई जालियां लगवा दी हैं। इस मामले को ह्लदैनिक नवज्योतिह्व द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अम्बेडकर सर्किल की सुंदरता को पुन: बहाल किया गया।</p>
<p>अम्बेडकर सर्किल शहर की पहचान और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। जालियां तोड़े जाने से इसकी भव्यता और सौंदर्य को नुकसान पहुंचा था, जिससे आमजन और सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त था। लोगों का कहना था कि इस तरह की हरकतें न केवल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सामाजिक भावनाओं को भी आहत करती हैं।</p>
<p>घटना को लेकर भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमनारायण मेहरा ने सिटी कोतवाली थाने में असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। </p>
<p>नगर परिषद की त्वरित कार्रवाई से नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया है। साथ ही लोगों ने मांग की है कि अम्बेडकर सर्किल सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि शहर की गरिमा और सुंदरता बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 14:55:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : अरु नदी के पैदल पुल की मरम्मत, आवागमन हुआ सुचारू</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आया प्रशासन ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---repair-of-the-pedestrian-bridge-over-the-aru-river--traffic-restored/article-138425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(20).png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कस्बे में अरु नदी पर बने पैदल पुल की बदहाल स्थिति को लेकर दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आते हुए प्रशासन ने पुल की मरम्मत कर दी। जिससे छह दिनों से चली आ रही गंभीर समस्या का समाधान हो गया और पैदल आवागमन पुन: शुरू हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कनवास कस्बे में अरु नदी पर बस स्टैंड से दत्तात्रेय साधना आश्रम को कनवास कस्बे को जोड़ने वाले पैदल पुल पर लगी पत्थर की पट्टी हट जाने से ग्रामीणों,श्रद्धालुओें और विद्यार्थियों को बीते छह दिनों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने इस समस्या से पंचायत को भी अवगत कराया। लेकिन गंभीर जनसमस्या के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। </p>
<p><strong>पत्थर की नई पट्टी लगाकर पूरा किया मरम्मत कार्य</strong><br />जैसे ही इस समस्या की जानकारी मिली दैनिक नवज्योति ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया।  खबर 3 जनवरी को प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया।प्रशासनिक अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पुल पर नई पत्थर की पट्टी लगाकर मरम्मत कार्य पूरा करवाया। </p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति का जताया आभार</strong><br />पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विद्यार्थी, दुकानदार और आम नागरिक  गुजरते हैं। जिससे लोगों को एक सप्ताह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मरम्मत के बाद आवागमन सुचारू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।ग्रामीणों ने समय पर कार्रवाई के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया और समय पर कार्रवाई के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 16:01:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : पनवाड़ श्मशान घाट की बदहाली दूर, दीवार व पुलिया मरम्मत से मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने  दैनिक नवज्योति द्वारा  समस्या उठाए जाने और प्रशासन की तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-the-news--dilapidated-panwar-cremation-ground-repaired--relief-provided-by-wall-and-culvert-repair/article-137423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ देवली-अरनिया स्टेट हाईवे पर स्थित पनवाड़ श्मशान घाट की जर्जर स्थिति को लेकर दैनिक नवज्योति में प्रकाशित समाचार का असर साफ दिखाई देने लगा है। खबर के प्रकाशन के बाद ग्राम पंचायत एवं प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्मशान घाट की क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल और प्रवेश मार्ग पर बनी पुलिया का मरम्मत कार्य पूर्ण करा दिया है। इससे लंबे समय से चली आ रही ग्रामीणों की गंभीर समस्या का समाधान हो गया है। जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि और नदी में आए तेज बहाव के कारण श्मशान घाट की सुरक्षा दीवार ढह गई थी। वहीं प्रवेश द्वार पर बनी पुलिया भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। हालात ऐसे हो गए थे कि विशेषकर बारिश के मौसम में शव यात्रा को श्मशान घाट तक ले जाना बेहद जोखिमभरा और पीड़ादायक हो गया था।</p>
<p><strong>जनभावनाओं को देखते हुए शुरू हुआ कार्य</strong><br />लाखों रुपए की लागत से निर्मित संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त था। स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसे समाचार पत्र में प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए मरम्मत कार्य को स्वीकृति प्रदान की और निर्माण कार्य आरंभ कराया। मरम्मत कार्य के तहत श्मशान घाट की नई व मजबूत बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है,वहीं जर्जर पुलिया को भी दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन योग्य बनाया गया है। अब अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों और ग्रामीणों को कीचड़, जलभराव या टूटे रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।</p>
<p>श्मशान घाट की व्यवस्थाओं में हुए सुधार पर कस्बेवासियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है,बल्कि श्मशान घाट की गरिमा और सम्मान भी पुन: स्थापित हुआ है। ग्रामीणों ने खबर के माध्यम से समस्या उठाए जाने और प्रशासन की तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 15:01:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - नहर में बढ़ाया जलप्रवाह, होने लगी मॉनिटरिंग, टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने में जुटे अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारियों ने मौके पर जाकर जलप्रवाह की निगरानी शुरू कर दी है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news----water-flow-in-the-canal-has-increased--monitoring-has-begun--and-officials-are-working-to-deliver-water-to-the-tail-end/article-132895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(16).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रबी सीजन की फसलों में सिंचाई के लिए पानी की डिमांड होने लगी है। वहीं गेहंू की बुवाई भी गति पकड़ने लगी है। इस कारण खेतों में नहरी पानी की डिमांड होने लगी है। ऐसे में सीएडी प्रशासन ने कोटा बैराज की दायीं नहर में जलप्रवाह बढ़ा दिया है। इसके अलावा विभागीय अधिकारी टेल क्षेत्र तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुट गए हैं, ताकि रबी फसलों विशेषकर सरसों, चने व गेहूं को समय पर सिंचाई की सुविधा मिल सके। पूर्व में दायीं नहर में 2550 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। मंगलवार को जलप्रवाह की मात्रा बढ़ाकर 4050 क्यूसेक कर दी गई है। अधिकारियों की टीमें माइनरों और वितरिकाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं, ताकि बीच रास्ते में कहीं भी रिसाव, अवरोध या अघोषित कटान की स्थिति न बने।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />नहरों की मरम्मत और साफ-सफाई नहीं होने के सम्बंध में 12 नवंबर को दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि मौसम साफ होने के बाद रबी फसलों की बुवाई का कार्य शुरू हो गया है। दायीं और बायीं नहर से जुड़ी वितरिकाएं कई जगह पर कचरे से अटी पड़ी हैं वही कुछ स्थानों से क्षतिग्रस्त भी हो रही है। पूर्व में इनकी साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य किया गया था, लेकिन यह खानापूर्ति तक सीमित होने से टेल क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचने में विलम्ब हो सकता है। हर साल जर्जर नहरी तंत्र के कारण टेल क्षेत्र के किसानों को नहरी पानी के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ता है। इस साल भी क्षतिग्रस्त वितरिकाओं के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद सीएडी अधिकारी के हरकत में आए और टेल क्षेत्र में नहरी पानी में जुट गए।</p>
<p><strong>जिले में गेहूं व सरसों की पैदावार ज्यादा</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार गेहूं की बुवाई के लिए खेतों में नमी होना जरूरी है। वर्तमान में गेहूं की फसल बुवाई हो रही है। इसलिए गेहूं की फसल को निर्धारित मात्रा में पानी देना जरूरी है। राजस्थान में रबी की फसल में सबसे ज्यादा गेहूं और सरसों की पैदावार की जाती है। गेहूं के लगातार बढ़ रहे भावों से अब इसकी खेती मुनाफा किसानों को दे रही है। इसलिए हर साल गेहूं का रकबा बढ़ता जा रहा है। इस कारण अधिकांश किसान गेहूं की बुवाई करना चाहते हैं। इसके अलावा सरसों और चना फसल के प्रति भी किसानों का रूझान बना हुआ है। इन फसलों के लिए पानी की दरकार बनी हुई है। </p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त वितरिकाओं की करवाई मरम्मत</strong><br />मौसम खुलने के बाद रबी फसलों में सिंचाई के लिए पानी की मांग तेज हो गई है। इस समय गेहूं की फसल को पानी की ज्यादा जरूरत है। इसके लिए सीएडी विभाग की ओर से दायीं नहर में जलप्रवाह किया जा रहा है। इसके बावजूद टेल क्षेत्र में स्थित कई खेतों में पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा था। गत दिनों सीएडी के अधिकारियों ने वितरिकाओं में आ रहे अवरोधों को हटा दिया है। वहीं क्षतिग्रस्त हो रही दीवारों की भी मरम्मत करवा दी है।  इसके बाद नहर में जलप्रवाह की मात्रा को बढ़ा दिया है। अब सीएडी के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जलप्रवाह की निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीमें जलप्रवाह में बाधक बन रहे अवरोधों को हटाने में जुट गई है। </p>
<p>गेहूं और चने की फसल को इस समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है। पिछले सप्ताह पानी धीमा था, अब प्रवाह बढ़ने से फसल बच जाएगी।<br /><strong>- सुनील नागर, किसान</strong></p>
<p>टेल क्षेत्र में अक्सर पानी देरी से पहुंचता है, लेकिन इस बार अधिकारी लगातार नहर पर नजर रख रहे हैं। उम्मीद है कि बी में पानी की कमी नहीं होगी।<br /><strong>- रेखालाल गुर्जर, किसान</strong></p>
<p>रबी सीजन में सिंचाई की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। हमने दायीं नहर का डिस्चार्ज बढ़ा दिया है और फील्ड टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। <br /><strong>- सागर कुमार, कनिष्ठ अभियंता, सीएडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 12:48:45 +0530</pubDate>
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                <title>बिना सफाई कैसे पहुंचेगा टेल क्षेत्र तक पानी, हर साल मरम्मत व सफाई के नाम पर खानापूर्ति, दायीं नहर में 1050 क्यूसेक छोड़ा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[लाखों रुपए खर्च कर जो पक्का कार्य करवाया गया, वह अभी से उखड़ने लग गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-will-water-reach-the-tail-end-without-cleaning--every-year--only-a-superficial-repair-and-cleaning-is-done--and-only-1050-cusecs-of-water-is-released-into-the-right-canal/article-132162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11120.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मौसम साफ होने के बाद रबी फसलों की बुवाई का कार्य शुरू हो गया है। हाड़ौती के किसान खेती के काम में जुट गए हैं। इसके चलते सीएडी प्रशासन ने मंगलवार को कोटा बैराज की दायीं नहर में जलप्रवाह शुरू कर दिया है। वहीं बायीं नहर में फिलहाल पानी नहीं छोड़ा गया है। दायीं और बायीं नहर से जुड़ी वितरिकाएं कई जगह पर कचरे से अटी पड़ी हैं वही कुछ स्थानों से क्षतिग्रस्त भी हो रही है। पूर्व में इनकी साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य किया गया था, लेकिन यह खानापूर्ति तक सीमित होने से टेल क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचने में विलम्ब हो सकता है। हर साल जर्जर नहरी तंत्र के कारण टेल क्षेत्र के किसानों को नहरी पानी के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ता है। इस साल भी क्षतिग्रस्त वितरिकाओं के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>पाटन ब्रांच की जर्जर हो रही स्थिति</strong><br />बायीं नहर से जुड़े केशवरायपाटन के सिंचित क्षेत्र के किसानों को उम्मीद थी कि नहरें पक्की होने के बाद सुविधाएं मिलेगी, लेकिन नहरों की ब्रांचों, वितरिकाओं व माइनरों सही ढंग से नहीं हो पाई है। किसान रोशनलाल और राजेन्द्र का कहना है कि पूर्व में नहरों के सुदृढ़ीकरण के दौरान सीएडी विभाग ने अलग-अलग हिस्सों में काम करवाया गया। संवेदक नहरों के पक्का करने के नाम पर लीपापोती कर चले गए। पाटन ब्रांच में नहरों के नालों के पास कच्ची जगह छोड़ दी गई। इस ब्रांच में अण्दपुरा नाले के पास कच्चा छोड़ दिया, जो कार्य किया वह निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं किया। लाखों रुपए खर्च कर जो पक्का कार्य करवाया गया, वह अभी से उखड़ने लग गया। </p>
<p><strong>खरपतवार रोक सकती है अमृत की राह</strong><br />अब तक टेल क्षेत्र में वितरिकाओं की साफ - सफाई का कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे जल प्रवाह शुरू करने के बाद टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचना मुश्किल लग रहा है। टेल के रामपुरा, जखाना, मंडित्या, छावनियां, बीचडी, हणुतीया आदि वितरिकाओं की हालत खराब है। सभी खरपतवार से भरी पड़ी है। हालांकि बरसात रुकने के बाद सीएडी विभाग ने समय रहते बूंदी ब्रांच सहित वितरिकाओं में मनरेगा के तहत श्रमिक लगाकर साफ-सफाई और जंगल कटिंग का कार्य शुरू कर दिया है, जिससे लोगों को समय पर टेल में पानी पहुंचने की उम्मीद दिखाई दी है, लेकिन अब मांग बढ़ने की संभावना बनी हुई है। सीएडी विभाग किसानों की मांग पर जल प्रवाह शुरू करता है तो टेल में पानी पहुंचना मुश्किल लग रहा है।</p>
<p><strong>हाड़ौती का नहरी तंत्र</strong><br />- 2.14 लाख हैक्टेयर जमीन सिंचित होती है हाड़ौती की<br />- 2.29 लाख हैक्टेयर जमीन सिंचित होती है मध्यप्रदेश की<br />- 29 हजार हैक्टेयर में लिफ्ट परियोजनाओं से होती है सिंचाई<br />- 6656 क्यूसेक दायीं मुख्य नहर की जल प्रवाह क्षमता<br />- 1500 क्यूसेक बायीं मुख्य नहर की जल प्रवाह क्षमता<br />- 03 लाख कोटा, बूंदी व बारां के किसान लाभान्वित</p>
<p><strong>दायीं नहर में छोड़ा पानी, बायीं में अभी इंतजार</strong><br />रबी सीजन के तहत अब खेतों में गेहूं की बुवाई का कार्य शुरू हो गया है। इस कारण सीएडी प्रशासन ने मंगलवार को दायीं नहर में जलप्रवाह शुरू कर दिया है। अभी नहर में 1050 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। अभी मध्यप्रदेश से नहरी पानी की डिमांड नहीं आई है। इसलिए यह पानी हाड़ौती के किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। मध्यप्रदेश से डिमांड आने के बाद दायीं नहर में जलप्रवाह की मात्रा बढ़ाई जाएगी। वहीं अभी बायीं नहर में जलप्रवाह शुरू नहीं किया गया। इस समय बूंदी जिले में वितरिकाओं की मरम्मत और साफ-सफाई का कार्य चल रहा है। यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ तो टेल क्षेत्र के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p>दायीं और बायीं नहर से जुड़ी वितरिकाएं कई जगह पर कचरे से अटी पड़ी हैं वही कुछ स्थानों से क्षतिग्रस्त भी हो रही है। हर साल जर्जर नहरी तंत्र के कारण टेल क्षेत्र के किसानों को नहरी पानी के लिए इंतजार करना पड़ता है। <br /><strong>- जगदीश कुमार, किसान नेता</strong></p>
<p>फिलहाल टेल में पानी की मांग नहीं है। नहर में जल प्रवाह शुरू करने से पूर्व वितरिकाओं और मुख्य केनाल में मनरेगा के श्रमिकों से साफ -सफाई और जंगल कटिंग कार्य करवाया जा रहा है। <br /><strong>- नाथूलाल, सहायक अभियंता, सीएडी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 14:46:16 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 47 - क्षतिग्रस्त स्पीड ब्रेकर राहगीरों को दे रहे दर्द , नालियों को मरम्मत की दरकार </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड के नजदीक स्थित नाले से कई बार दुर्गंध आती है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-47---damaged-speed-breakers-causing-problems-for-pedestrians--drains-in-need-of-repair/article-131031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/_4500-px)-(14).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 47 में विकास के कार्य करवाने के लिए पार्षद ने अपनी आवाज निगम की बोर्ड बैठकों में मुखर की है, लेकिन विकास की बात की जाए तो केवल सीसी रोड व नालियों का निर्माण हुआ है। वार्डवासियों ने बताया कि वार्ड में कचरा गाड़ी तो रोज आती है और साफ-सफाई भी होती है, लेकिन कचरा गाड़ी वार्ड के मुख्य रोड तक ही आती है, जिसके चलते कचरा गाड़ी का हॉर्न सुनाई नहीं देता है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है और कचरा घरों में ही रखा रह जाता है। वार्ड के लोगों ने बताया कि वार्ड के नजदीक स्थित नाले से कई बार दुर्गंध आती है। साथ ही कई बार जलीय जानवर इसमें से निकलकर घरों की दहलीज तक आ जाते हैं, जिससे भय का माहौल बना रहता है। वार्डवासी मोहसिन, योगेश कुमार, दिनेश सहित अन्य ने बताया कि वार्ड में विकास की बात की जाए तो नालियों की मरम्मत व निर्माण और सीसी रोड का निर्माण हुआ है। वहीं पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण किया जाता है।</p>
<p><strong>पार्क व सामुदायिक भवन का अभाव </strong><br />वार्ड में रहने वाले दिलशाद, अब्दुल व नरेश कुमार ने बताया कि हमारे वार्ड में बच्चों के खेलने व वार्डवासियों के घूमने के लिए पार्क नहीं होना मुसीबत का कारण बना हुआ है। क्योंकि बच्चों को खेलने के लिए अन्य वार्डों के पार्क या अन्य जगहों पर ले जाना पड़ता है। साथ ही वार्ड में निगम का सामुदायिक भवन नहीं होने के कारण वार्डवासियों को पास के ही सामुदायिक भवन में मांगलिक सहित अन्य कार्य करने पड़ते हैं। कई बार एक ही सामुदायिक भवन होने के कारण एडवांस बुकिंग हो जाती है, जिसके चलते अन्य जगह पर जाना पड़ता है। इससे आने-जाने में समय व्यर्थ खर्च होता है और आर्थिक तंगी की मार भी झेलनी पड़ती है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />बंजारा कॉलोनी, आधी(मस्जिद एवं आरपीएस कॉलोनी के मध्य वाला हिस्सा), साजीदेहड़ा आधा(नारायण दास का अट्टा, शिव चौक, किशोरपुरा, पुलिस थाना, पुलिस क्वार्टर, थाने के साथ लगा हुआ साजीदेहड़ा का भाग) क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>रात को हादसों का खतरा</strong><br />वार्ड की कुछ गलियों में बने सीसी के स्पीड ब्रेकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे बाइक सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही रात्रि के समय टूटे स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देने के कारण कई बार हादसा होने का डर बना रहता है।</p>
<p><strong>नालियां कई जगह से क्षतिग्रस्त</strong><br />वार्ड में बनी हुई सीसी की नालियां कुछ जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके चलते इनमें से गंदा पानी बहता रहता है। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही नालियों की गहराई व चौड़ाई कम होने से भी परेशानी होती है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />हमारी गली में कचरा गाड़ी नहीं आती है, मुख्य मार्ग पर ही कचरा गाड़ी रुक जाती है। इस कारण कई बार हम लोग कचरा डालने से वंचित रह जाते हैं।<br /><strong>- कारूलाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में साफ-सफाई तो प्रतिदिन होती है, पर वार्ड में बच्चों के खेलने के लिए और वार्डवासियों को मॉर्निंग वॉक के लिए अन्य वार्डों के पार्कों में जाना पड़ता है। इससे बच्चों को खेलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- हरेंद्र कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में पार्क व सामुदायिक भवन बनाने के लिए अधिकारियों को लिखित में दे रखा है। साथ ही क्षतिग्रस्त नालियों व अन्य विकास कार्यों के लिए बजट नहीं मिलने के कारण विकास कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- सलीना शेरी, वार्ड पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 14:42:58 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : अब जिंदगी पर नहीं वाहनों पर ही लगेगा ब्रेक, केडीए ने सुधारी शहर के अधिकतर स्पीड ब्रेकरों की दशा</title>
                                    <description><![CDATA[वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--kda-improves-the-condition-of-most-of-the-city-s-speed-breakers/article-127658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11112.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । मानसून के सीजन में इस बार भारी बारिश के चलते डामर व गिट्टी से बने शहर के अधिकतर स्पीड ब्रेकरों की बिगड़ी हालत को कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सुधारने का काम शुरु कर दिया है। अधिकतर की दशा सुधर भी गई है। शहर में इस बार मानसून का सीजन जून के मध्य में ही शुरु हो गया था। उसी समय से लेकर पूरे सावन व भादौ तक में लगातार और भारी बारिश हुई। जिससे न केवल शहर के मुख्य मार्गों की सड़कें वरन् अधिकतर स्पीड ब्रेकर तक की दशा बिगड़ गई थी। डामर व कंकरीट से बने स्पीड ब्रेकरों में कोई बीच से तो कोई साइड से टूट गया था। किसी की गिट्टी सड़क पर बिखर गई थी। जिससे उस पर से निकलने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ था। बदहाल हो चुके स्पीड ब्रेकरों पर वाहनों की स्पीड तो कम नहीं हो रही थी। साथ ही लोगों के जीवन पर संकर मडराने लगा था। </p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />भारी बारिश के चलते बदहाल हुए शहर के अधिकतर स्पीड ब्रेकरों का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 7 सितम्बर को पेज 7 पर ऐसे तो वाहन ही नहीं जिंदगी पर लग सकता है ब्रेक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें स्पीड ब्रेकरों के कारण लोगों की समस्या को प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों नी बरसात का दौर थमते ही इन्हें सही करवाने का आश्वासन दिया था। जैसे ही बरसात का दौर थमा वैसे ही कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर के सभी मुख्य मार्गों के स्पीड ब्रेकरों की दशा सुधारने का काम शुरु कर दिया गया है। डीसीएम रोड से लेकर सीएडी रोड व नयापुरा से लेकर अन्य सभी बदहाल हो चुके स्पीड ब्रेकरों को फिर से सही कर नया बनाया जा रहा है। केडीए अधिकारियों के अनुसार अभी काम चल रहा है। ज्यादातर को सही कर दिया है। शेष को भी सुधारने का काम किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 14:45:09 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - नहर कट बंद, किसानों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---canal-cut-closed--farmers-got-relief/article-126200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। काफी दिनों से टूटी पड़ी नहर की दीवार को आखिरकार विभाग ने दुरुस्त कर किसानों को राहत दी। नहर में कट लगने से सैकड़ों बीघा धान की फसल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। दैनिक नवज्योति ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए 5 सितंबर के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। खबर का असर हुआ और सीएडी विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कोटा से पोकलैंड मशीन मंगवाई। रविवार को मौके पर पहुंची मशीन से झाड़ियां व बबूल डालकर कट को बड़ी मशक्कत से बंद किया गया। इससे किसानों की चिंताएं कम हुईं।</p>
<p><strong>किसानों ने जताया आभार</strong><br />मुख्य नहर दीवार के कट बंद होने पर क्षेत्र के किसान हेमंत मीणा, हरिराम मेघवाल, मुकेश मीणा आदि ने दैनिक नवज्योति द्वारा समस्या उठाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। </p>
<p><strong>अधिकारियों ने कही यह बात</strong><br />शिकायत मिलते ही कोटा से पोकलैंड मशीन मंगवाकर दीवार के कट को बंद किया गया। साथ ही तालेड़ा-बूंदी उपखंड की नहरों को नियंत्रित कर चलाया जा रहा है ताकि आबादी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बने।<br /><strong>- अरविंद मीणा, अधिशासी अभियंता, सीएडी विभाग बूंदी।  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 16:25:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - रक्षा बंधन से पहले हो चम्बल पुलिया समेत क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत </title>
                                    <description><![CDATA[पेचवर्क ऐसा हो कि सड़क अगली बारिश  में फिर से नहीं टूटे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---damaged-roads-including-chambal-culvert-should-be-repaired-before-raksha-bandhan/article-122905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिला कलक्टर पीयूष समारिया बुधवार को शहर के दौरे पर निकले और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई शहर की मुख्य सड़कों  व चौराहों का निरीक्षण किया। उन्होंने शहर के मुख्य चौराहों व चंबल की नई पुलिया पर अत्यधिक क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत रक्षाबंधन से पहले करने के निर्देश केडीए अधिकारियों को दिए। जिला कलक्टर सबसे पहले नयापुरा स्थित विवेकानन्द सर्किल पहुंचे और सर्किल के आसपास क्षतिग्रस्त सड़क ठीक करने के निर्देश दिए। इसके बाद े सीधे कुन्हाड़ी पेट्रोल पंप चौराहा पहुंचे और वहां चौराहे के आसपास उखड़ी हुई सड़क दो दिन में सही कराने के निर्देश केडीए अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सर्किल पर  गड्ढ़े  व ऊबड़-खाबड़ सड़कों से दोपहिया  व  चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। जहां बार-बार गड्ढे पड़ने और सड़क उखड़ने की शिकायत आ रही है वहां ढलान और सड़क का अलाइनमेंट चेक करने के बाद सीसी पेचवर्क किया जाए। उन्होंने डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड की सड़कों की मरम्मत संबंधित ठेकेदार से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरम्मत ऐसी हो कि पेचवर्क लंबे समय तक चलें। कुन्हाड़ी सर्किल से जिला कलक्टर चम्बल की नई पुलिया होते हुए वापस नयापुरा की तरफ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त पुलिया की हालत देखी और केडीए अधिकारियों को उसे तुरंत सही करवाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्य में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करने, ढलान का ध्यान रखने और रोड कट कर क्वालिटी पेचवर्क करने के निर्देश दिए ताकि रिपेयर की हुई सड़क अगली बारिश में फिर से नहीं टूटे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि बरसात के कारण चम्बल की नई पुलिया की बदहाली का मामला दैनिक नव’योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 4 जुलाई को पेज 7 पर‘ चम्बल पुलिया  को बारिश दे गई गड्ढ़ों के जख्म’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।  जिसमें पुलिया की बदहाली व उसके गड्ढ़ों के कारण बरसात में होने वाले हादसों के बारे में जानकारी दी थी। उस मामले को जिला कलक्टर ने गम्भीरता से लिया और स्वयं मौका निरीक्षण कर अधिकारियों को उसकी रक्षा बंधन से पहले दो दिन में मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। </p>
<p><strong>फव्वारा चलता है या नहीं</strong><br />जिला कलक्टर ने जेडीबी कॉलेज के सामने सर्किल स्थित फव्वारा देखा और केडीए अधिकारियों को पूछा कि यह चलता है या नहीं? उन्होंने सर्किल पर घास की कटिंग कराने और सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सर्किल अच्छी लोकेशन पर बना हुआ है। इसकी अच्छी देखभाल की जाए।  नार्काेटिक्स कंट्रोल ब्यूरो आॅफिस के सामने क्षतिग्रस्त सड़क  व स्पीड ब्रेकर की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश  अधिकारियों को दिए। समारिया ने कहा कि केडीए, नगर निगम  व पीएचईडी अधिकारियों की एक संयुक्त टीम उन सड़कों का चिन्हीकरण करे। दौरे में केडीए आयुक्त हरफूल सिंह यादव, निदेशक अभियांत्रिकी रविन्द्र माथुर सहित अन्य अभियंता साथ रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 12:40:52 +0530</pubDate>
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                <title>पुलिस चौकी : कही प्लास्टर उखड़ा तो कही गिरेगा छज्जा</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस चौकी से आसपास सटे हुए मकानों में रहने वाले कस्बेवासियों को हादसे का भय बना रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/police-post--plaster-is-peeling-off-somewhere-and-balcony-will-fall-somewhere/article-122200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर कस्बे के अंदर पुराने भवन में स्थित पुलिस चौकी जर्जर हालत में है। यह अभी इतनी जर्जर अवस्था में है कि कभी गिर सकती है। यहां पर आसपास कस्बेवासी व छोटे बच्चे पुलिस चौकी के सामने से निकलते है और कभी कभी सड़क पर साइकिल चलाते है और खेलते है । इन बच्चों के साथ कभी भी दुर्घटना हो सकती है। यह जर्जर इमारत कभी भी गिर सकती है। बिल्डिंग के ऊपर की मंजिल का छज्जा तो बिल्कुल झुक गया है जो आज और कल में कभी भी गिर सकता है, जब से यह पुलिस चौकी बनी है तब से इसकी कोई मरम्मत नहीं हुई है। पुलिस चौकी के अंदर एक छोटा सा गणेश मंदिर भी है जिसमें कभी-कभी कोई पूजा करने आते हैं तो उनके साथ भी दुर्घटना हो सकती है। पुलिस चौकी से आसपास सटे हुए मकानों में रहने वाले कस्बेवासियों को हादसे का भय सताता रहता है। अभी झालावाड़ जिले में खानपुर क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण बड़े-बड़े पक्के मकान गिर गए तो यह पुरानी पुलिस चौकी क्या है, यह जर्जर इमारत कभी भी गिर सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है। इस हादसे से बचने के कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस जर्जर पुलिस चौकी इमारत की मरम्मत करवाई जाए। </p>
<p> यह पुलिस चौकी काफी सालों पुरानी है। यह इतनी जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है कि इस मूसलाधार बारिश में कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है, अत: कृपया इस पर ध्यान दे। <br /><strong> -बंटी गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इस पुलिस चौकी को बने हुए तो काफी समय हो गया है। इसकी कोई पुताई होती है ना ही कोई मरम्मत । जिस कारण कस्बेवासियों में भय का माहौल है। यह बिल्डिंग कभी गिर सकती है । <br /><strong>-हेमेंद्र बना, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पुरानी पुलिस चौकी वास्तव में काफी जर्जर हालत में है। अभी बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों में हादसों को भय बना रहता है। <br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पुलिस चौकी के सामने से कस्बेवासी निकलते है तो जर्जर इमरात गिरने का भय बना रहता हैजल्द जल्द समस्या का समाधान करें <br /><strong>- राधे, कस्बेवासी</strong></p>
<p>मेरा मकान भी पुलिस चौकी के नजदीक है और मेरे एक छोटी सी किराने की दुकान है, यहां पर ग्राहक सामान लेने आते हैं वह जाते हैं कभी कबार उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्राहकों को भी दुर्घटना का भय बना रहता है। इस जर्जर इमारत की मरम्मत की जाए।<br /><strong>-गिरधर लक्षकार, कस्बेवासी </strong></p>
<p>आसपास के मोहल्ले वासियों में डर बना हुआ है कि यह जर्जर पुलिस चौकी इमारत से कोई हादसा न हो जाए। इसकी मरम्मत करवाई जाए। <br /><strong>-केशव लक्षकार, कस्बेवासी  </strong></p>
<p>इस इमारत को लेकर अभी बजट पास नहीं हुआ है जैसे ही बजट पास होगा, तुरंत कार्य करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- रजत विजयवर्गीय, उपखंड अधिकारी खानपुर</strong></p>
<p>पुलिस चौकी की जर्जर हालत को देखते हुए कार्यवाही की जाएगी और इसकी मरम्मत की जाएगी। <br /><strong>-पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर</strong></p>
<p>पुलिस चौकी पर हमने कस्बे की कानून व्यवस्था के लिए ड्यूटी तैनात कर रखी है अभी इसी में काम चल रहा है, जैसे ही नई बनेगी, वहां पर स्टाफ बढ़ा दिया जाएगा। <br /><strong>-रविंद्र सिंह थाना अधिकारी खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 17:47:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - बरसात शुरू होने से पहले करें क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत-जिला कलक्टर </title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने इस मामले को लेकर लोगों की समस्या को उजागर किया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---repair-damaged-roads-before-the-onset-of-rains---district-collector/article-117770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(5)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने कहा कि सीवर लाइन, पाइप लाइन, भूमिगत केबल व अन्य कार्यों की वजह से रोड कटिंग के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है तो संबंधित कार्यकारी एजेंसी उसे बरसात से पहले ठीक करवा दें ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।बरसात शुरू होने से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए।  डॉ. गोस्वामी ने ये निर्देश मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार वाली सभी प्रकार की सड़कें जो कि रोड कटिंग या अन्य किसी कारण से क्षतिग्रस्त हैं, उनका निरीक्षण कर उनकी मरम्मत वर्षा  रितु से पहले करवाएं। </p>
<p><strong>नवज्योति ने चेताया था</strong><br />दैनिक नवज्योति ने इस मामले को लेकर दो दिन पहले 16 जून को ही समाचार प्रकाशित कर लोगों की समस्या को उजागर किया था। समाचार प्रकाशन के बाद प्रशासन का इस समस्या की ओर ध्यान गया। इसके बाद मीटिंग में जिला कलक्टर ने निर्देश जारी किए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 17:13:29 +0530</pubDate>
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