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                <title>drug addiction - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>drug addiction RSS Feed</description>
                
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                <title>नोट टू ड्रग्स वॉकअप जयपुर अभियान : नशे का जाल ऐसा, हर वारदात के पीछे नशा ही वजह</title>
                                    <description><![CDATA[हालिया अपराधों की पड़ताल की जाए तो ये कहना गलत नहीं होगा कि अधिकतर अपराधों की वजह नशा ही बनता है। यह बात जयपुर पुलिस के हालिया रिपोर्ट्स से सही भी साबित हो रही है। रिपोर्ट् चिंताजनक ट्रेंड की ओर इशारा कर रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/note-to-drugs-walkup-jaipur-campaign-drug-trap-drug-addiction/article-150134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/3625.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हालिया अपराधों की पड़ताल की जाए तो ये कहना गलत नहीं होगा कि अधिकतर अपराधों की वजह नशा ही बनता है। यह बात जयपुर पुलिस के हालिया रिपोर्ट्स से सही भी साबित हो रही है। रिपोर्ट् चिंताजनक ट्रेंड की ओर इशारा कर रही है। शहर में बढ़ते अपराधों में लगभग हर दूसरे मामले में आरोपी या तो नशे में वारदात करता है या नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपराध के राह पर चलता है। पिछले कुछ दिनों में सामने आए पांच मामलों ने इस हकीकत को और स्पष्ट किया है। </p>
<p><strong>इन वारदातों में नशा कनेक्शन</strong><br />मुहाना इलाके में बाइक स्नैचिंग की वारदात में पकड़े गए दो युवकों ने पूछताछ में कबूला कि वे स्मैक के आदी हैं और नशे के लिए ही लूट करते थे। बिंदायका थाना क्षेत्र में प्लॉट की ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी भी नशे का आदी निकला और इसी की वजह से वह अपराध की राह पर चल पड़ा। जवाहर सर्किल क्षेत्र में पकड़े गए संदिग्धों में से कई युवक शराब और अन्य नशीले पदाथार्ें के आदि पाए गए, जो चोरी और झगड़ों में शामिल थे। आमेर में विदेशी महिला से छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार आरोपी शराब के नशे में धुत्त थे। जयसिंहपुरा खोर में सिलेंडर चोरी करने वाले आरोपी ने भी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी का आसान रास्ता अपनाया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ  कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि सामाजिक चिंता का विषय बन चुका है।</p>
<p><strong>जागरूकता के लिए चला रहे अभियान</strong><br />नशे की रोकथाम के लिए जयपुर पुलिस प्लानिंग से काम कर रही है। इसको लेकर नोट टू ड्रग्स वॉकअप जयपुर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें युवाओं को नशे से दूर रहने और इसकी हानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। <br />-ओमप्रकाश, विशेष पुलिस आयुक्त।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 11:16:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गलतागेट थाना पुलिस की बड़ी कार्यवाही: वाहन चोरी का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की मोटरसाइकिल बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[गलतागेट थाना पुलिस ने 'खोले के हनुमान जी' मंदिर से बाइक चोरी करने वाले शातिर चोर फरीद नकवी को दबोच लिया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपी को ट्रेस कर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/major-action-by-galtagate-police-station-vehicle-theft-exposed-vicious/article-138618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jaipur-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस थाना गलतागेट ने वाहन चोरों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करते हुए मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने शातिर वाहन चोर फरीद नकवी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार परिवादी  निहाल चन्द निवासी बाबु का टीबा, हरिजन बस्ती, जयपुर ने थाना गलतागेट में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके पुत्र कुलदीप राणावत दिनांक 30 दिसंबर 2025 को शाम लगभग 7:20 बजे दिल्ली बाईपास रोड स्थित खोले के हनुमान जी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। दर्शन के दौरान उनकी हीरो मोटोकॉर्प स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (RJ14ZH3904) को पार्किंग में खड़ा कर लॉक किया गया था, जो वापस आने पर मौके से गायब मिली।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करन शर्मा (आईपीएस) के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक के सुपरविजन में तथा सहायक पुलिस आयुक्त श्री आदित्य पूनियां के निर्देशन में थानाधिकारी श्री धर्म सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।</p>
<p>पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें एक युवक मोटरसाइकिल चोरी करता हुआ दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर आरोपी फरीद नकवी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है और नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। आरोपी के खिलाफ थाना गलतागेट में अभियोग संख्या 01/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्यवाही से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब में नशे की चपेट में थे युवा, जानें गांव के लोगों ने कैसे किया इस पर काबू </title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब का एक गांव नशीली दवाओं के बढ़ते चलन से जूझ रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/young-people-were-in-the-grip-of-drugs-in-punjab/article-125121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)70.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। पंजाब का एक गांव नशीली दवाओं के बढ़ते चलन से जूझ रहा था। इस गांव ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों का सेवन करने के कारण 30 से अधिक युवाओं को खो दिया था। यह गांव अमृतसर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसका नाम जगदेव कलाँ है। हालांकि, अब इस गांव ने नशे पर काबू कर लिया है। यहां के लोगों ने खेलों और एथलेटिक्स के माध्यम से नशे के संकट पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया है।</p>
<p>नशे की लत से युवाओं को बचाने के लिए गांव के लोगों ने संकल्प लिया। इसके बाद गांव के निवासियों ने स्टेडियम बनाकर इसकी शुरूआत की। स्टेडियम में एक मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, एक बास्केटबॉल कोर्ट सहित अन्य मैदान बनाए गए। इससे युवा आकर्षित हुए। यहां के 2 एथलीटों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 11:04:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशा मुक्ति भारत की बड़ी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व के अनेक देशों में लोगों में और खासकर युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/drug-addiction-is-a-big-challenge-of-india/article-118787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>विश्व के अनेक देशों में लोगों में और खासकर युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। जहां तक भारत की बात है, चिंता का विषय यह है कि अब यह प्रवृत्ति केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशे का जाल फैलता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में अफीम, चरस, गांजा, हेरोइन आदि के अलावा इंजेक्शन के जरिए लिए जाने वाले मादक पदार्थों का भी इस्तेमाल होने लगा है। वास्तव में मादक पदार्थों का सेवन अब मानवता के प्रति सबसे बड़े अपराध का रूप धारण कर चुका है। रईसजादे युवक-युवतियों की रेव पार्टियां तो नशे का भयावह आधुनिक रूप है, जहां राजनीतिक संरक्षण के चलते प्राय: पुलिस भी हाथ डालने से बचती है। हालांकि कभी-कभार रेव पार्टियों पर छापा मारकर नशे में मदमस्त लड़के-लड़कियों को गिरफ्तार किया जाता रहा है, जिससे पता चलता रहा है कि देश का आज कोई भी महानगर ऐसा नहीं है, जहां ऐसी रेव पार्टियां जीवनशैली का हिस्सा न हों।</p>
<p>वास्तव में रेव पार्टियां धनाढ़य बिगड़ैल युवाओं की नशे की पार्टियों का ही आधुनिक रूप हैं। कोकीन हो या ऐसे ही अन्य मादक पदार्थ, जिनमें गंध नहीं आती, रसूखदार परिवारों के बिगड़े हुए युवाओं का मनपसंद नशा बनते जा रहे हैं। इस बात से बेखबर कि ये तमाम मादक पदार्थ सीधे शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला करते हैं और शरीर को भयानक बीमारियों की सौगात देते हैं । भारत में नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों में करीब चालीस फीसदी कॉलेज छात्र हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या भी ज्यादा है। देश के अनेक कॉलेजों में तो, अब स्थिति यह है कि बहुत से कॉलेजों के अंदर ही आसानी से नशीले पदार्थ उपलब्ध हो जाते हैं। मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाई जाने वाली कुछ दवाओं का उपयोग भी लोग अब नशा करने के लिए करने लगे हैं। देश में नशे के फैलते जाल का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि मादक पदार्थ न सिर्फ मानव शरीर की सुंदरता को नष्ट कर शरीर को खोखला बनाते हैं, बल्कि इनका उपयोग युवा पीढ़ी की क्षमताओं को नष्ट कर उनकी सृजनशीलता को भी मिटा रहा है तथा देश के सामाजिक और आर्थिक ढ़ांचे को पंगु बना रहा है। एक बार मादक पदार्थों की लत लग जाए, तो व्यक्ति इनके बिना रह नहीं पाता।</p>
<p>यही नहीं, उसे पहले जैसा नशे का प्रभाव पैदा करने के लिए और अधिक मात्रा में मादक पदार्थ लेने पड़ते हैं। इस तरह व्यक्ति इनका गुलाम बनकर रह जाता है। अधिकांश लोगों में गलत धारणाएं विद्यमान हैं कि मादक पदार्थों के सेवन से व्यक्ति की सृजनशीलता बढ़ती है और इससे व्यक्ति में सोच-विचार की क्षमता, एकाग्रता बढ़ती है, लेकिन वास्तविकता यही है कि नशे के शिकार लोगों की सोच-विचार की क्षमता और इसकी स्पष्टता खत्म हो जाती है तथा उनके कार्यों में भी कोई तालमेल नहीं रहता। इनके सेवन से कुछ समय के लिए संकोच की भावना जरूर मिट जाती है, इससे शरीर की सामान्य कार्यक्षमता में गिरावट आती है। दरअसल नशीली दवाएं या नशीले पदार्थ ऐसे रासायनिक पदार्थ हैं, जो हमारे शरीर की कार्यप्रणाली को बदल देते हैं। कोई भी रसायन, जो किसी व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक कार्यप्रणाली में बदलाव लाए, मादक पदार्थ कहलाता है और जब इन मादक पदार्थों का उपयोग किसी बीमारी के इलाज या बेहतर स्वास्थ्य के लिए दवा के तौर पर किया जाए, तो यह मादक पदार्थों का सही उपयोग कहलाता है, लेकिन जब इनका उपयोग दवा के रूप में न होकर इस प्रकार किया जाए, कि इनसे व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक कार्यप्रणाली को नुकसान पहुंचे तो इसे नशीली दवाओं का दुरूपयोग कहा जाता है।</p>
<p>मादक पदार्थों के सेवन का आदी हो जाने पर व्यक्ति में प्राय: कुछ लक्षण प्रकट होते हैं, जिनमें खेलकूद और रोजमर्रा के कार्यों में दिलचस्पी न रहना, भूख कम लगना, वजन कम हो जाना, शरीर में कंपकंपी छूटना, आंखें लाल, सूजी हुई रहना, दिखाई कम देना, चक्कर आना, शरीर में दर्द, नींद न आना, चिड़चिड़ापन,निराशा प्रमुख हैं। सुई के जरिए मादक पदार्थ लेने वालों को एड्स का खतरा भी रहता है। देशभर में नशे का अवैध व्यापार तेजी से फल-फूलने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि नशे के सौदागरों के लिए मादक पदार्थों की तस्करी सोने का अंडे देने वाली मुर्गी साबित हो रही है। आज युवा पीढ़ी जिस कदर मादक पदार्थों के शिकंजे में फंस रही है, उसके मद्देनजर समाज का कर्त्तव्य है कि वह युवा वर्ग का मार्गदर्शन करते हुए उसे उचित मार्ग दिखला, और गलत मार्ग पर चलने से रोके। ऐसे कार्यों को केवल सरकार के ही भरोसे छोड़ देना उचित नहीं, बल्कि समाज को भी इस दिशा में ठोस पहल करनी होगी।</p>
<p><strong>-योगेश कुमार गोयल</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 12:44:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विनाश के बीज हैं व्यसन</title>
                                    <description><![CDATA[हम सभी इस तथ्य से वाकिफ हैं की किसी भी प्रकार के नशेबाजी की दुष्प्रवृति से व्यक्ति और समाज को असीम हानि उठानी पड़ती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/seeds-of-destruction-are-addiction/article-115940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer65.png" alt=""></a><br /><p>हम सभी इस तथ्य से वाकिफ हैं की किसी भी प्रकार के नशेबाजी की दुष्प्रवृति से व्यक्ति और समाज को असीम हानि उठानी पड़ती है, स्वास्थ्य बिगड़ता है, बुद्धिबल घटता है, क्रिया शक्ति क्षीण होती है, निंदा होती है, परिवार में विक्षोभ पनपता है, बच्चे कुसंस्कारी बनते हैं। दुर्व्यसनों के इतने सारे नकारात्मक असर के बावजूद भी सभी प्राणियों में श्रेष्ठ होने का दावा करने वाले मनुष्य को क्यों यह सब समझ नहीं आ पाता हैं, अपनी बुद्धि पर बड़ा गर्व करनेवाले मनुष्य को क्या इतनी भी समझ नहीं है की उसे किस वस्तु का सेवन करना है और किससे दूर रहना है। जन साधारण के स्वास्थ्य को बर्बाद करनेवाले दुर्व्यसनों में नशा सेवन सर्वाधिक व्यापक है और उसमें भी प्रमुख्त: तंबाकू और शराब ने तो सर्वसाधारण को अपने चंगुल में इस कदर फंसाकर रखा है की पीढ़ी की पीढ़ीयां उसमें बर्बाद हो चुकी हैं। </p>
<p>तंबाकू एक ऐसा विषैला पदार्थ है, जो मनुष्य की प्रकृति और शारीरिक स्थिति में समाविष्ट कराए जाने पर सुखद परिणाम कभी भी उत्पन्न नहीं कर सकता, उसमें केवल हानि ही हानि है, लाभ तनिक भी नहीं। फिर भी न जाने क्यों लोग उसे खाने, पीने से लेकर सूंघने, दांतों पर रगड़ने आदि कामों से लेकर अपने धन, और स्वास्थ्य की बर्बादी ही करते चले जा रहे है। स्पष्ट है कि तंबाकू एक ऐसा विषैला पदार्थ है, जिसमें कई घातक जहर होते हैं, जैसे कि निकोटिन, कोलतार, कार्बन मोनोआॅक्साइड, कोयले की गैस आदि-आदि। इन घातक जहरीले पदार्थों के प्रभाव से तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्ति को कैंसर, हार्टअटैक, पक्षाघात, हाथ-पैर गलना, रक्तचाप असंतुलन तथा शारीरिक कमजोरी जैसे रोग हो जाते हैं। मस्तिष्क की क्षमता शिथिल हो जाती है। स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। अनिद्रा, बेचैनी, उदासी व निराशा के भाव तंबाकू के प्रभाव से व्यक्तित्व का अंग बन जाते हैं। ऐसे मनुष्य का व्यक्तित्व इतना विकृत हो जाता है की कोई भी व्यक्ति उसके नजदीक संपर्क में आने से ग्लानि अनुभव करता है, क्योंकि उसके दांत व चेहरा गंदे व वीभत्स हो जाते हैं तथा बदबू फैलाते हैं। कई लोग यह भ्रम पाल लेते हैं कि तंबाकू और सिगरेट से तनाव में कमी आती है।</p>
<p>सिनेमा संस्कृति और मनमौजीपन के प्रभाव में आकर भी कई लोग धूम्रपान की आदत के शिकार हो जाते हैं। विज्ञापनों का आकर्षण व धूम्रपान करते हुए आकर्षक चित्रों को देखकर भी कुछ लोग धूम्रपान अपना लेते हैं, किंतु ऐसे भोले-भाले लोगों को इसके दुष्परिणामों का तब पता लगता है, जब वे जीवन में बहुत कुछ खो चुके होते हैं। किंतु यदि धूम्रपान से पीड़ित कोई व्यक्ति स्वयं को इससे मुक्त करना चाहता है, तो यह बिल्कुल भी कठिन नहीं है, केवल एक संकल्प की आवश्यकता है और बस! तत्क्षण इसका त्याग हो सकता है। दुनिया में ऐसे कई उदाहरण प्रत्यक्ष देखे गए हैं कि लगातार धूम्रपान करने वालों ने सद्बुद्धि आते ही एक क्षण में इसका त्याग किया है। किन्तु कुछ लोगों को यह भ्रम रहता है कि बरसों तक धूम्रपान करने के बाद अब इसको छोड़ देने से जीवन और स्वास्थ्य पर कोई न कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा किंतु यह वास्तविकता नहीं है। सच्चाई तो यह है कि जब जागे तब सवेरा। मनुष्य को भगवान ने बुद्धि, विवेक तर्क और ज्ञान की शक्तियां किसी महत्वपूर्ण उपयोग के लिए दी होती हैं, परन्तु जब वही शक्तियां मनुष्य के कल्याण के विपरीत काम करने लगती हैं, तब मनुष्य की मूर्खता स्पष्ट हो जाती है। </p>
<p>यह दुर्भाग्य है हमारे देश का कि आज वह पश्चिम की बुरी आदत को तेजी से अपनाता और बुराइयों की जड़ सींचता चला जाता है, जबकि हमारे ही विद्वानों द्वारा इन बुराइयों से अवगत होने के बाद करोड़ों अंग्रेज सिगरेट-शराब छोड़कर शुद्ध और सात्विक जीवन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अब अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को छोड़ किसी और संस्कृति की सिखाई हुई बातों का अनुसरण करके हम अपने भविष्य की पीढ़ियों के लिए कौनसी मिसाल बना रहे हैं, इसका उत्तर तो हमें अपनेआप से ही मांगना होगा।</p>
<p><strong>-राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज</strong><br /><strong>आध्यात्मिक शिक्षा विश्लेषक ।</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 12:15:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : इंजेक्शन की शीशियों के साथ पकड़े 3 आरोपी, नवयुवकों को नशे की लत लगाने के लिए कर रहे थे एविल इंजेक्शन की आपूर्ति </title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा और नवयुवकों को नशे के जाल में फंसने से बचाया जा सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-major-police-action-against-drug-addiction-was-supplying-evil/article-104721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy.jpg21.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस ने नशे के अवैध उपयोग को रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस थाना ब्रह्मपुरी की विशेष टीम ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो 144 एविल इंजेक्शन की शीशियों के साथ पकड़े गए। ये आरोपी पर्यटन स्थलों, ईदगाह और कर्बला जैसे धार्मिक स्थलों के आसपास नवयुवकों को नशे की लत लगाने के लिए अवैध रूप से एविल इंजेक्शन की आपूर्ति कर रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में अवैध नशीली दवाओं की बिक्री हो रही है। इस पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर दुर्गा सिंह राजपुरोहित, सहायक पुलिस आयुक्त भूपाल सिंह भाटी और पुलिस थाना ब्रह्मपुरी के थानाधिकारी राजेश गौतम के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने रामगढ़ मोड़ पर छापा मारा, जहां तीन संदिग्ध युवक मिले। तलाशी में उनके पास 144 एविल इंजेक्शन की शीशियां बरामद हुईं।</p>
<p>पूछताछ के दौरान जब युवकों से इन शीशियों की बिक्री के संबंध में दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके अलावा एक पावर बाइक भी जब्त की गई, जिसका उपयोग नशीली दवाओं की तस्करी में किया जा रहा था। मौके पर औषधि नियंत्रण अधिकारी को बुलाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद फरमान, मोहम्मद फजल और मोहम्मद मुमर के रूप में हुई है, जो जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा और नवयुवकों को नशे के जाल में फंसने से बचाया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 17:51:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगैर लाइसेंस के संचालित न हो नशा मुक्ति के केन्द्र, परिवार की बर्बादी का कारण भी बनता है मादक पदार्थों का सेवनकर्ता : कलक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है, जिससे युवाओं को नशे की प्रवृति से दूर रखा जा सके। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/do-not-operate-without-license-the-center-of-drug-addiction/article-102474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/3332.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन न सिर्फ सेवनकर्ता को तबाह करता है, बल्कि उसके सम्पूर्ण परिवार की बर्बादी का कारण भी बनता है। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है, जिससे युवाओं को नशे की प्रवृति से दूर रखा जा सके। </p>
<p>जिला कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय समिति की बुधवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. सोनी ने अवैध रूप से जयपुर जिले में संचालित हो रहे नशामुक्ति केन्द्रों पर प्रभावी कार्रवाई के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक वीपी चन्देल को निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग व चिकित्सा विभाग को विद्यालयों से 100 गज की परिधि के अन्दर बिक रहे, गुटका, बीडी, सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों पर कोटपा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। डॉ. सोनी ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के पास संचालित मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री, तय सीमा से अधिक दवा बिक्री सहित समस्त प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई करने के चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।</p>
<p>जिला पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आनन्द शर्मा ने बताया कि कोटपा अधिनियम 2003, सिगरेट और तंबाकू से जुड़े उत्पादों पर नियंत्रण रखने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत, सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करना, तंबाकू बेचना और तंबाकू से जुड़े विज्ञापन करना मना है। कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल हो सकती है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू व इससे बने नशीले पदार्थ बेचना निषेध है। पुलिस विभाग द्वारा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नशे के प्रवृति से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान ऑपरेशन नोक आउट भी चलाया जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 11:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशे के बढ़ते साए और भविष्य का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[आंकड़े और घटनाएं यह साबित कर रहे हैं कि नशे की लत का दंश सिर्फ  व्यक्ति और परिवारों तक सीमित नहीं है, यह अब पूरे राज्य की समस्या बन चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/the-growing-shadow-of-drug-addiction-and-the-danger-of/article-99285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1).png" alt=""></a><br /><p>जून 2024 की एक अंधेरी रात, राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ क्षेत्र में तैनात बीएसएफ  के जवानों ने एक ड्रोन की आवाज सुनी। जवानों ने तुरंत गोलियां चलाकर ड्रोन को गिराने का प्रयास किया। अगली सुबह, तलाशी अभियान में जो सामने आया, वह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। 9 किलोग्राम हेरोइन, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 30 करोड़ थी, जप्त की गई। यह घटना कोई अपवाद नहीं थी।जयपुर में एक विश्वविद्यालय के पास एक महिला को 6 लाख मूल्य की एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। हाल ही में, राजस्थान पुलिस ने 14.55 लाख किलोग्राम डोडा पोस्त, 1,411 किलोग्राम डोडा, 197 किलोग्रामगांजा और 36 कि लोग्राम अफीम जब्त की। जिसमें 476 लोगों को गिरफ्तार किया। यह आंकड़े और घटनाएं यह साबित कर रहे हैं कि नशे की लत का दंश सिर्फ  व्यक्ति और परिवारों तक सीमित नहीं है, यह अब पूरे राज्य की समस्या बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र पदार्थ एवं अपराध कार्यालय की 2022 की विश्व औषधि रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 7 करोड़ लोग नशे के दुरुपयोग से जूझ रहे हैं, जिनमें से 17 प्रतिशत लोग इसके आदी हैं। </p>
<p>राजस्थान में 25,000 से अधिक लोग ड्रग एडिक्शन के शिकार हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत की उम्र 25 से 35 साल के बीच है। यह घटनाएं एक उदाहरण हैं कि कैसे राजस्थान धीरे-धीरे उड़ता राजस्थान बनने की ओर बढ़ रहा है। क्या हमें सचेत होने में देर हो चुकी है, राजस्थान का शिक्षा का केंद्र कोटा, अब नशे के कारोबार का नया अड्डा बन चुका है। यहां 15 साल के किशोर गांजा और चरस जैसे नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जा रहे हैं। इस शहर में हर दिन 40 से 50 लाख रुपये का ड्रग्स कारोबार हो रहा है, जो सालभर में 180 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। सबसे डरावनी बात यह है कि अब तस्करी में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हो रहे हैं। यह स्थिति केवल चिंता का कारण नहीं, बल्कि राज्य की पहचान पर भी सवाल खड़ा कर रही है। सरकार के प्रयास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को नशे की मांग में कमी लाने के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।</p>
<p>2020 में नशा मुक्त भारत अभियान  की शुरुआत की गई, जो 272 संवेदनशील जिलों में चल रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों को रोकना और समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुंचाना है। सरकार ने नशे के शिकार व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार किया है। पिछले तीन वर्षों में सरकार ने 89,000 फुटबॉल मैदानों के बराबर अवैध भांग और अफीम की खेती नष्ट की है तथा 2047 तक भारत को मादक पदार्थ मुक्त बनाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। नशे के प्रसार को रोकने के लिए देश में कड़े कानून लागू किए गए हैं। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940, नशीली दवाओं के निर्माण और वितरण को नियंत्रित करता है। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत नशीली दवाओं के अपराधों पर कड़ी सजा का प्रावधान है,  जिसमें 10 साल तक की कैद और भारी जुर्माना शामिल है। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस अधिनियम के तहत व्यापक अधिकार दिए गए हैं, जिनमें तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी शामिल हैं। तकनीकी उपाय सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, राजस्व खुफिया निदेशालय और सीमा शुल्क विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा डिजिटल पोर्टल्स को लॉन्च किया गया है, जो अधिनियम के तहत संदिग्धों के रिकॉर्ड, उंगलियों के निशान और अदालती आदेशों का डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। </p>
<p>अंतरराष्ट्रीय नशा नियंत्रण नीति के तहत सभी जिलों में पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर ड्रग तस्करी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है और ऑनलाइन माध्यम से नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए अधिनियम को जोड़ा गया है। राजस्थान सरकार ने 2022 में नशा मुक्त राजस्थान निदेशालय की स्थापना की है, जो नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और नशे से जुड़े अपराधों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका  निभा रहा है। इसके अलावा, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो नशीली दवाओं की तस्करी रोकने का कार्य करता है। जागरूकता फैलाने, नशा पीड़ितों को विधिक सहायता देने और नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए सेमिनार और संगोष्ठि आयोजित की जा रही है, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके। यह लड़ाई अकेले सरकार या कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नहीं है। यह हर माता-पिता, हर शिक्षक और हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जागरूकता, शिक्षा और सामूहिक प्रयास ही इस संकट से उबरने का एकमात्र तरीका है।  </p>
<p><strong>-पवन जीनवाल</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jan 2025 11:20:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नशे का शौक पूरा करने के लिए करते थे चोरी</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों आरोपियों ने बताया कि नशा करने के आदि होने के कारण दिन में रैकी करते और रात में लॉक तोड़कर वाहन चुरा लेते थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/used-to-steal-to-satisfy-his-drug-addiction%C2%A0/article-92701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस और डीएसटी पूर्व ने वाहन चुराने वाले दो शातिर वाहन चोर गिरफ्तार किए हैं। आरोपी अपने शौक पूरा करने के लिए चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। आरोपियों ने शहर में एक दर्जन से अधिक वाहन चोरी की घटनाएं कबूल की हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास पांच दुपहिया वाहन बरामद किए हैं।</p>
<p>डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर में लगातार हो रही वाहन चोरी, नकबजनी, स्नैचिंग और अन्य चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए टीम का गठन कर आरोपी कानाराम मीणा (27) निवासी गांव बड़वा बस्सी और मानसिंह मीणा (32) निवासी बाढ़दरों की ढाणी खोरी बांसखोह बस्सी को गिरफ्तार किया है। डीसीपी गौतम ने बताया कि घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार और मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों गिरफ्तार किया है। </p>
<p><strong>ऐसे करते थे वारदात</strong><br />दोनों आरोपियों ने बताया कि नशा करने के आदि होने के कारण दिन में रैकी करते और रात में लॉक तोड़कर वाहन चुरा लेते थे। लॉक तोड़ने के समय एक लॉक तोड़ता जबकि दूसरी उसकी निगरानी का काम करता था,कहीं कोई आ नहीं जाए उन्होंने अधिकांश वारदातें टांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, जवाहर सर्किल और बस्सी में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 10:49:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान साइकाइट्रिक समिति का 39वां वार्षिक अधिवेशन, युवाओं में नशे की लत पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[सांसद ने कहा कि मनोचिकित्सक समाज व युवा पीढ़ी के सुधारक हैं और युवाओं को नशे और अवसाद से बचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/39th-annual-session-of-rajasthan-psychiatric-committee/article-90527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/raj.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान साइकाइट्रिक समिति का 39वां वार्षिक अधिवेशन होटल क्लार्क आमेर के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। दो दिवसीय सम्मलेन के पहले दिन जयपुर की सांसद मंजू शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उपस्थित चिकित्सकों ने युवाओं में बढ़ते अवसाद व नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए मनोचिकित्सा के क्षेत्र में नए बदलाव और इलाज को लेकर मंथन किया।</p>
<p>सांसद ने कहा कि मनोचिकित्सक समाज व युवा पीढ़ी के सुधारक हैं और युवाओं को नशे और अवसाद से बचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। राजस्थान साइकाइट्रिक समिति के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश जैन और कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. मनस्वी गौतम ने बताया कि अधिवेशन में राजस्थान के 250 से अधिक मनोचिकित्सकों भाग ले रहे हैं। कॉन्फ्रेंस के दौरान 12 अवॉर्ड पेपर, वर्कशॉप, 55 शोध पत्र और 30 शोध पोस्टर्स और पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Sep 2024 12:39:22 +0530</pubDate>
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