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                <title>NEET-2024 फर्जीवाड़े का खुलासा, एमबीबीएस कर रहे दो स्टूडेंट्स सस्पेंड </title>
                                    <description><![CDATA[ नीट-2024 परीक्षा में फर्जीवाड़े को लेकर एमबीबीएस कर रहे दो स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/neet-2024-suspended-two-students-disclosing-mbbs/article-111146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news31.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। नीट-2024 परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। एमबीबीएस कर रहे दो स्टूडेंट्स को सस्पेंड कर दिया। दोनो स्टूडेंट्स डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर एमबीबीएस कर रहे थे। </p>
<p>दोनों स्टूडेंट्स नीट 2024 में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए थे। एनएमसी डायरेक्टर यूजीएमईबी सुखलाल मीणा ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 17:10:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नीट यूजी का पेपर नहीं हुआ लीक : अनियमतिता की चल रही है जांच, सदन में बोले मंत्री- मामले में आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी </title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा का पेपर लीक होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह कहना कि यह पेपर लीक हुआ है। यह न्यायालय के आदेश के अनुरूप नहीं है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/neet-ug-paper-is-not-done-leaked-irregularities-investigation-is/article-107348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy117.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने राज्यसभा में दोहराया कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की परीक्षा नीट का पेपर लीक नहीं हुआ था और इस परीक्षा में जो अनियमितता तथा गड़बड़ी हुई, उसकी केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच की जा रही है। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार ने सदन को पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि उच्चतम न्यायालय ने भी अपने आदेश में कहा है कि इस परीक्षा का पेपर लीक होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह कहना कि यह पेपर लीक हुआ है। यह न्यायालय के आदेश के अनुरूप नहीं है। </p>
<p>इस मामले में 45 छात्रों को आरोपी पाया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो इस मामले की व्यापक जांच कर रहा है और कुछ मामलों में आरोप पत्र भी दायर किये गये हैं।  मजुमदार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता को बनाये रखने के उपाय सुझाने तथा सलाह देने के लिए एक समिति का गठन किया गया था और भविष्य की परीक्षाओं में इसकी सिफारिशों को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समिति की कुछ सिफारिशें दीर्घकालिक हैं और कुछ अल्पकालिक तथा उन्हें समयानुसार लागू किया जा रहा है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:38:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की पहल, नीट-यूजी के प्राप्तांकों के आधार पर होगा विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश </title>
                                    <description><![CDATA[फार्मेसी प्रवेश पाठ्यक्रम (बी.फार्म. एवं डी.फार्म.) एवं पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/health-science-university-initiative-will-be-based-on-neet-ug/article-105975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/admissinon.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्ववविद्यालय द्वारा विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश नीट यूजी-2025 के प्राप्तांको के आधार पर लिया जाएगा। साथ ही, फार्मेसी पाठ्यक्रम (बी.फार्म. एवं डी.फार्म.) एवं पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश वि’वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दिया जाएगा।  चिकित्सा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्ववविद्यालय की विद्यापरिषद् की बैठक में इस संबंध में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। बैठक में बताया गया कि स्नातक पाठ्यक्रम यथा-बी.एससी. नर्सिंग, बी.एससी. एमल.टी, बी.आर.टी., टैक्सनिक्स एवं फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश नीट-यूजी-2025 के प्राप्तांको के आधार पर दिया जाएगा। फार्मेसी प्रवेश पाठ्यक्रम (बी.फार्म. एवं डी.फार्म.) एवं पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। </p>
<p>विद्यापरिषद के समस्त सदस्यों ने अपनी सहमति प्रदान करते हुये पैरामेडिकल संकाय के बी.ऑफ्थ टैक्सनिक्स पाठ्यक्रम के प्रवेश के संबध में सुझाव दिया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा फार्मेसी संकाय के बी.फार्म. एवं डी.फार्म. पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही उक्त पैरामेडिकल पाठ्यक्रम बी.ऑफ्थ. टैक्सनिक्स में प्रवेश दिये जाएं। इस सुझाव के संबंध में वि’वविद्यालय स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जाने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा संचालित नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं फिजियोथेरेपी संकाय के स्नातक पाठ्यक्रम यथा- बी.एससी. नर्सिंग, बी.एससी. एमल.टी, बी.आर.टी., एवं फिजियोथेरेपी संकाय के बीपीटी पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश नीट-यूजी के प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट कम च्वाइस के आधार पर देने से विभिन्न प्रवेश  परीक्षाओं के आयोजन की बोझिल प्रक्रिया से बचा जा सकेगा तथा विद्यार्थियों पर वित्तीय भार भी कम होगा। विश्वविद्यालय द्वारा केवल फार्मेसी संकाय के डी.फार्म. एवं बी.फार्म. तथा नर्सिंग संकाय के पोस्ट बेसिक बी.एससी. नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संकाय के बी. ऑफ्थैलेमिक टेकनिक्स पाठ्यक्रमों के लिए पूर्व की भांति विश्वविद्यालय स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करायी जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Mar 2025 15:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>नीट को लेकर सरकार के पास कोई जवाब नहीं, वह इस पर पर्दा डालने की कर रही है कोशिश : पायलट</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। पहले नहीं हुए वो बात पुरानी हो गई, लेकिन अब ऐसे क्या हालात है, जो चुनाव नहीं हो रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-has-no-answer-regarding-neet-it-is-trying--says-pilot/article-85891"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/6611-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नीट पेपर लीक का मामला पूरे देश में थमने को नाम ही नहीं ले रहा है। इसको लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं तो छात्रों के साथ ही युवा सरकार से नीट को लेकर न्याय मांग रही है। जबकि सरकार का दावा है कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।  इस बीच कांग्रेस विधायक और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने गुरुवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि देश में नीट का मुद्दा ज्वलंत इश्यू बन चुका है, जिसे राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया था। उन्होंने कहा कि नीट को लेकर सरकार के पास कोई जवाब नहीं, वो अंधी-बहरी हो जाती है। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। पहले नहीं हुए वो बात पुरानी हो गई, लेकिन अब ऐसे क्या हालात है, जो चुनाव नहीं हो रहे। </p>
<p><strong>परीक्षा पास करके नौकरी पाना बहुत कठिन</strong><br />पायलट ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि देश में परीक्षा पास करके नौकरी पाना बहुत कठिन, जटिल, मेहनत वाला काम है। जब एक बच्चा परीक्षा की तैयारी करता है तो उसका परिवार भी उसके साथ मेहनत करता है। चंद नौकरियों के लिए लाखों बच्चे परीक्षा देते हैं। कितना कॉम्पिटिशन होता है। बच्चों के मां-बाप क्या-क्या यातनाएं झेलकर बच्चों को परीक्षा में मदद करते हैं। उसके बाद जब देश में ऐसा कांड होता है तो सरकार के पास इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं होता, वो अंधी-बहरी हो जाती है।</p>
<p><strong> पेपर लीक करवाने वाले लोग कौन है</strong><br />पायलट ने कहा कि हम सभी को इस बारे में जवाब तलाशना चाहिए कि ये पेपर लीक करवाने वाले कौन हैं। केवल कागजी कार्रवाई और भाषणों से मदद नहीं मिलेगी, आपको उन लोगों को पकड़ने की जरूरत है जो पर्दे के पीछे बैठे इसमें शामिल हैं। हमें देश के उन लोगों को मजबूर करना पड़ेगा, जो सत्ता में रहते हुए इस घिनौने अपराध को बर्दाश्त करते हैं। इस अपराध को बर्दाश्त करने वाले उतने ही जिम्मेदार हैं जितना करने वाला। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव धीरज गुर्जर,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव  प्रदीप नरवाल के साथ ही कांग्रेस के विधायकगण एवं हजारों की संख्या में एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jul 2024 11:26:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Online Medium से एग्जाम कम खर्चीला और आसान होगा</title>
                                    <description><![CDATA[ऑफलाइन मोड के दौरान कैंडिडेट्स को ओएमआर शीट भरने से पहले तीन बार अपना वेरिफिकेशन करना पड़ा, ऐसे में उनका काफी समय बर्बाद होता है और पेपर की बर्बादी भी होती है। कंप्यूटर पर ऐसा नहीं होता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/exam-will-be-less-expensive-and-easier-through-online-medium/article-83746"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एक के बाद एक परीक्षाओं में सॉल्वर और पेपर लीक गैंग की सेंधमारी से परीक्षा की शुचिता भंग हो रही है और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पिछले पांच साल में 15 राज्यों की 41 से ज्यादा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। यानी परीक्षा में पेपरलीक की महामारी देशभर में फैली हुई है। इससे निपटने के लिए कई पहलुओं पर गौर करना जरूरी है, जिनमें एग्जाम मोड सबसे अहम है। नीट यूजी और नेट 2024 परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सरकार सख्त है। इस बीच अब परीक्षाओं के ऑफलाइन (पेन-पेपर मोड) या ऑनलाइन (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में आयोजित कराने को लेकर बहस तेज हो गई है।</p>
<p>दरअसल, परीक्षा के मोड (ऑफलाइन या ऑनलाइन) पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट यूजी पारंपरिक रूप से एक ही बार में होने वाली पेन-पेपर परीक्षा होती है, जबकि नीट-नेट, जो 2018 से कंप्यूटर आधारित है, इस बार इसे पेन-एंड-पेपर ओएमआर मोड में कराया गया था। नीट परीक्षा में जहां हर साल 20 से 24 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं, वहीं यूजीसी नेट परीक्षा में भी 10 से 12 लाख से ज्यादा उम्मीदवार बैठते हैं। इसलिए सुरक्षित मोड में परीक्षा कराना बहुत जरूरी है। इस दौरान ऑनलाइन माध्यम कम खर्चीला और आसान मानी जा रही है। ऑफलाइन परीक्षा में खर्चा ज्यादा आता है, जबकि ऑनलाइन में खर्चा कम होता है। ऑफलाइन में ट्रांसपोर्ट सहित अन्य खर्चे बढ़ जाते हैं, तो ऑनलाइन में यह कम होता है। </p>
<p><strong>ट्रांसपोर्टेशन में लीक</strong><br />ऑफलाइन मोड की परीक्षा में सबसे बड़ा रोल ट्रांसपोर्टेशन का है। परीक्षा से उचित समय पहले परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित प्रश्न पत्र पहुंचाना बड़ी चुनौती है। नीट सहित अन्य भर्ती के पेपर लीक मामले में सामने आया है कि प्रश्न पत्र ट्रांसपोर्टेशन के दौरान लीक हुआ था। </p>
<p><strong>यह भी होती सुविधा यह भी होती सुविधा </strong><br />यूजीसी नेट जेआरएफ के लिए हमेशा से ऑफलाइन मोड से ज्यादा बेहतर ऑनलाइन मोड रहा है, क्योंकि ऑनलाइन बोर्ड की बहुत सारी विशेषताएं, जैसे ऑनलाइन बोर्ड में जो क्वेश्चन पेपर है, वह समय से ठीक 5 मिनट पहले ही ऑन होता है, जिससे कि पेपर लीक होने की सारी संभावनाएं खत्म हो जाती हैं।</p>
<p><strong>परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी से बचावपरीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी से बचाव</strong><br />ऑफलाइन एग्जाम में परीक्षार्थियों को क्वेश्चन पेपर मैनुअली बांटे जाते हैं। इस बार नीट परीक्षा में कई एग्जाम सेंटर्स पर अंग्रेजी के बजाय हिंदी का क्वेश्चन पेपर बांट दिया गया था, जिसकी वजह से देरी हुई और परीक्षार्थियों को ग्रेस मार्क्स दिए गए। सीबीटी मोड में इस तरह की गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती। सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर क्वेश्चन पेपर मिल जाता है। ऑनलाइन मोड में पेपर सबमिशन करते ही पेपर लॉक हो जाता है, जो किसी भी माध्यम से खुल नहीं सकता है, तो पेपर के बाद होने वाली पेपर लीक की समस्या भी खत्म हो जाती है।</p>
<p><strong>समय की बर्बादी से बचाव</strong><br />ऑफलाइन मोड के दौरान कैंडिडेट्स को ओएमआर शीट भरने से पहले तीन बार अपना वेरिफिकेशन करना पड़ा, ऐसे में उनका काफी समय बर्बाद होता है और पेपर की बर्बादी भी होती है। कंप्यूटर पर ऐसा नहीं होता था, एक ही बार फेस स्कैन करके एंट्री मिल जाती थी, इसमें ओएमआर फटने-खोने का कोई डर नहीं होता। </p>
<p><strong>सबमिट के बाद पेपर लीक का डर होगा दूर</strong><br />कॅरिअर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने कहा कि ऑफलाइन मोड में परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को मुख्य केंद्र पर ले जाया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान भी परीक्षा में धांधली का सबसे ज्यादा चांस रहता है। परीक्षा शुरू होने से पहले जिस छात्र की सेटिंग होती है, उसे डुप्लीकेट ओएमआर शीट दी जाती है और ओरिजनल सीट किसी सॉल्वर से भरवा ली जाती है। </p>
<p><strong>पहले ऑनलाइन, फिर ऑफलाइन</strong><br />राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रोफेसर राम अवतार शर्मा का कहना है कि पहले नेट की परीक्षा सीबीटी मोड (ऑनलाइन) में होती थी, ऐसे में पेपर तुरंत लॉक हो जाता था। इस साल एग्जाम पेन और पेपर मोड में हुआ है। अगर सारे सवाल पता हों तो कुछ ही देर में ओएमआर शीट भरकर पेपर भिजवाया जा सकता है और किसी को शक भी नहीं होगा, क्योंकि सेंटर इतनी दूर है तो यह कह सकते हैं कि आने में काफी देरी हुई। <br /><br /><strong>सब परेशानियों से निजात</strong><br />एसएसजी पारीक पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जयपुर की प्राचार्य डॉ. प्रमिला दुबे कैंडिडेट को ओएमआर शीट भरने का बस नाटक करने के लिए कहा जाता है। जब ओएमआर शीट सबमिट करने का समय आता है तो बड़ी सफाई से ओरिजनल ओएमआर शीट रिप्लेस कर दी जाती है, यह काम इतनी सफाई से होता है कि गड़बड़ी सामने आने की गुंजाइश न के बराबर होती है। जबकि ऑनलाइन एग्जाम से इस सब परेशानियों से निजात मिल जाएगी। </p>
<p><strong>समय लग सकता है</strong><br />परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को मुख्य सेंटर तक पहुंचाने में समय लग सकता है। ऐसे में कोई भी परीक्षक अपने पसंदीदा कैंडिडेट को यह भी कह सकता है कि ओएमआर शीट ब्लैंक छोड़ दो। एनटीए देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की 15 परीक्षाएं करवा रही है, जिसमें एक सत्र की परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या एक करोड़ से अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 14:46:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परीक्षा के प्रतिनिष्ठा : सरकार की  प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं का भविष्यय निष्पक्षता और दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में तैयार की गई अभिनव रणनीतियों पर टिका है। जैसे- जैसे डिजिटल तकनीकें शिक्षा को आकार दे रही हैं,मजबूत डिजिटल सुरक्षा उपायों को अपनाना एक महत्वपूर्ण अनिवार्यता हो गयी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/governments-commitment-to-the-examination/article-83006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/u1rer-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्ठा के बारे में बढ़ती चिंताओं के जवाब में, हमारी सरकार ने मुद्दों के समाधान के लिए तेजी से निर्णायक कार्रवाई की है। एनईईटी पीजी परीक्षा को स्थगित करने, छह शहरों में एनईईटी यूजी की पुनर्परीक्षा के दौरान पेपर लीक के आरोप तथा हाल ही में यूजीसी नेट के पेपर लीक होने जैसी घटनाओं ने इन महत्वपूर्ण परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता के बारे में देश भर के छात्रों के बीच गंभीर संदेह पैदा कर दिया है। भारत सरकार के सक्रिय कदमों में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के शीर्ष नेतृत्व को बदलना और विशेषज्ञ समितियों की स्थापना करना शामिल हैं, जो विश्वास बहाल करने और परीक्षा प्रक्रिया की निष्ठा सुनिश्चित करने के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हैं।  ये कार्य केवल तात्कालिक चुनौतियों का समाधान करने के बारे में नहीं हैं, बल्कि ये कदम सभी छात्रों में विश्वास को फिर से बहाल करने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के संदर्भ में दीर्घकालिक रणनीति का भी संकेत देते हैं।</p>
<p>परीक्षा का पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने एक उच्च- स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति का लक्ष्य दो महीने के भीतर कार्रवाई योग्य सिफारिशें देना है, जो परीक्षा प्रक्रियाओं में सुधार करेगी, डेटा सुरक्षा के तौर- तरीकों को बेहतर बनायेगी और भविष्य में उल्लंघनों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा के लिए एनटीए को प्रभावी रूप से पुनर्गठित करेगी। इसके अलावा, सीबीआई की भागीदारी एक गहन, निष्पक्ष जांच के प्रति कटिबद्धता को दर्शाती है, जो न केवल जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी, बल्कि उन प्रणालीगत कमजोरियों को भी उजागर करेगी, जिनकी वजह से इस तरह के उल्लंघन होते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने अनुचित प्रथाओं को रोकने और संभावित गलत काम करने वालों में भय पैदा करने के लिए सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम पेश किया है। इस अधिनियम में, परीक्षा की सत्यनिष्ठा से समझौता करने के दोषी पाए जाने वालों के लिए 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और 10 साल तक की कैद सहित कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। ये कठोर उपाय, एक मजबूत निवारक संदेश देने और सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। तत्काल कार्रवाई ठोस और आवश्यक है, जबकि परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक सुरक्षा और निष्ठा सुनिश्चित करने के लिए आगे के कदम महत्वपूर्ण हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए, अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन तकनीकों और बहुस्तरीय प्रमाणीकरण को लागू करने से अनधिकृत पहुंच से सुरक्षा मिल सकती है। परीक्षा पेपर के निर्माण से लेकर मूल्यांकन तक निगरानी करने और इसे सुरक्षित करने के लिए ब्लॉक चेन तकनीक का उपयोग किया जा सकता है, ताकि किसी भी छेड़छाड़ का तुरंत पता लगाना सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>पारंपरिक,ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए, हर चरण में कड़े सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण हैं। इनमें परीक्षा सामग्री के लिए छेड़छाड़- रोधी पैकेजिंग, सुरक्षित परिवहन और सभी रखरखाव बिंदुओं पर कड़ी जांच शामिल हैं। लॉजिस्टिक्स के लिए वास्तविक समय पर जीपीएस निगरानी तथा डिजिटल वॉटर मार्किंग का उपयोग करना भी पेपर- लीक के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। एआई संचालित निरीक्षण प्रणाली का उपयोग करके परीक्षाओं की निगरानी को बेहतर किया जा सकता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना भी कम हो जायेगी। बायोमेट्रिक सत्यापन यह सुनिश्चित कर सकता है कि उम्मीदवार वही हैं, जो वे होने का दावा कर रहे हैं। इससे परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा की एक और परत जुड़ जायेगी। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्र निकायों द्वारा लगातार व गहन ऑडिट आयोजित करने से परीक्षा प्रक्रिया के भीतर कमजोरियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। पारदर्शी और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और किसी भी विसंगति का तुरंत समाधान किया जा सकता है। डिजिटल लॉक की भविष्य की विफलताओं को रोकने के लिए कठोर रखरखाव कार्यक्रम और बैकअप व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि परीक्षा पुस्तिका बॉक्स को हाथों से खोलना न पड़े और प्रश्नपत्र वितरित करने में देरी न हो।</p>
<p>रखरखाव की नियमित जांच से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परीक्षा से पहले डिजिटल लॉक पूरी तरह कार्यात्मक हैं। एनटीए के तहत विभिन्न परीक्षाओं के लिए सालाना 10 मिलियन से अधिक छात्र पंजीकरण कराते हैं। केवल 2023 में 12.3 मिलियन उम्मीदवारों के साथ, एनटीए विश्व स्तर पर परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में अग्रणी है। यह विशाल भागीदारी भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को स्वरूप प्रदान करने में परीक्षाओं की प्रभावशाली भूमिका को रेखांकित करती है। इन संख्याओं और भारत की प्रसिद्ध शिक्षा प्रणाली के मद्देनजर, सरकार के सक्रिय उपाय सराहनीय और दूरगामी हैं,  जिनका उद्देश्य दीर्घकालिक निष्ठा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। ये कार्य न केवल तात्कालिक चुनौतियों का समाधान करेंगे, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों और आकांक्षाओं की सुरक्षा के लिए एक ठोस आधारशिला भी रखेंगे। यह दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्पक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए शैक्षिक प्रणाली में विश्वास को मजबूत करने का वादा करता है।</p>
<p>भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं का भविष्यय निष्पक्षता और दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में तैयार की गई अभिनव रणनीतियों पर टिका है। जैसे- जैसे डिजिटल तकनीकें शिक्षा को आकार दे रही हैं,मजबूत डिजिटल सुरक्षा उपायों को अपनाना एक महत्वपूर्ण अनिवार्यता हो गयी है। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल और कठोर प्रमाणीकरण व्यवस्था का कार्यान्वयन साइबर खतरों और अनधिकृत पहुंच के खिलाफ एक मजबूत बचाव होगा। यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल मूल्यांकन की निष्पक्षता की रक्षा करता है, बल्कि हितधारकों के बीच विश्वास भी विकसित करता है। डेटा विश्लेषण और पूवार्नुमान आधारित मॉडलिंग में प्रगति को अपनाने से परीक्षा लॉजिस्टिक्स एवं संसाधन आवंटन को और अधिक अनुकूल बनाया जा सकता है। इन के जरिये प्रशासनिक व्यवस्था को निर्बाध बनाया जा सकेगा और परिचालन चुनौतियों को कम किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>-प्रो.हिमांशु राय</strong><br /><strong>निदेशक, आईआईएम, इंदौर<br /></strong><strong>( ये लेखक के अपने विचार है)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 11:42:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परीक्षाओं में धांधली से युवाओं में बेचैनी</title>
                                    <description><![CDATA[लोक परीक्षा विधेयक-  2004 को कानून की शक्ल में लागू कर दिया गया है। इसके प्रावधान बेहद सख्त हैं और सरकार को उम्मीद है कि इसके लागू होने से परीक्षाओं की धांधली पर अंकुश लग सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/uneasiness-among-youth-due-to-rigging-in-examinations%C2%A0/article-82878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/u1rer-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>देश में पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में जिस तरह की धांधलियां सामने आई हैं उससे युवाओं में खासा नाराजगी पनप गई है। पेपर लीक होना और नकल के कारण प्रतिभाशाली युवाओं में कुंठा का माहौल है। परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल रोक पाने में तमाम सरकारें नाकाम साबित हो रही हैं। युवा वर्ग में नाराजगी स्वाभाविक है। इस तरह के मामले जब उजागर होते हैं तो सरकार सिर्फ भरोसा ही देती है कि वह दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और मामले की जांच करेगी। </p>
<p>सरकार का यह भरोसा अब लोगों के गले नहीं उतर रहा है , क्योंकि गड़बड़ी का यह सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय स्तर के साथ ही प्रदेश स्तर की ज्यादातर परीक्षाएं धांधली की भेंट चढ़ रही हैं और इस पर लगाम लगाने के लिए कोई कारगर सिस्टम सरकारें लागू नहीं कर पा रही हैं।  सरकारों की तैयारियों के सामने नकल कराने वाले तथा पेपर हल करके देने वाले कहीं न कहीं रास्ता निकाल लेते हैं और फिर परीक्षा के होने के बाद ही पेपर आउट होने  की बात सभी अभ्यर्थियों को परेशान करती है। </p>
<p>हाल में नीट परीक्षा में जो गड़बड़ी सामने आई उससे तो पूरे सिस्टम की पोल खुलकर ही सामने आ गई। देश भर में यह मामला गर्माया हुआ है और इस प्रतिष्ठित परीक्षा को लेकर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं कर पा रही है। देश में वर्षों से परीक्षा की धांधली को रोकने की कवायद भी चली पर आज भी नतीजा ढाक के तीन पात ही दिखता है। समस्या बदस्तूर जारी है और अब सरकार ने कड़ा कानून भी लागू कर दिया है। इसका मकसद परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली को रोकना है। यह कानून कितना कारगर हो पाएगा यह तो आने वाले में समय में ही पता चलेगा। लोक परीक्षा विधेयक-  2004 को कानून की शक्ल में लागू कर दिया गया है। इसके प्रावधान बेहद सख्त हैं और सरकार को उम्मीद है कि इसके लागू होने से परीक्षाओं की धांधली पर अंकुश लग सकेगा।</p>
<p>नीट और यूजीसी नेट की परीक्षाओं की गड़बड़ी के बीच उपजे विवाद के दौरान लागू हुए इस कानून का बड़ा महत्व माना जा सकता है। यह सही है कि अपराधों पर रोक लगाने के लिए ही कड़े कानून बनाये जाते हैं। पर इसकी उपयोगिता तभी साबित हो सकती है जब इस पर कड़ाई से अमल किया जाए। कानून अपनी जगह है, जो अपराध होने पर अपना काम करेगा और दोषियों को दंडित करेगा। लेकिन परीक्षाएं आयोजित कराने वाली संस्थाएं ही अपने सिस्टम को मजबूत बनाएं तो भी कई गड़बड़ियों को समय रहते रोका जा सकता है। परीक्षा कराने वाली संस्थाएं अगर पूरी पारदर्शिता और सख्ती से काम करें तो बहुत सी समस्याएं हल हो सकती हैं।  </p>
<p>यह संस्थाएं भले ही कहें की इन्होंने हर प्रकार से सुरक्षित व्यवस्था कर रखी है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इनके इंतजामों में कहीं न कहीं कोई- न काई पोल जरूर है। इन संंस्थाओं को अपना निगरानी तंत्र मजबूत करने की सख्त आवश्यकता है। देखने में आता है कि ये संस्थाएं ही कई बार धांधली में शामिल हो जाती हैं और युवाओं का भविष्य बिगाड़ देती हैं। देश और प्रदेशों की भर्ती और परीक्षा एजेंसियां कई बार राजनीतिक  दबाव में काम करती है। इससे पूरा तंत्र की गड़बड़ा जाता है। परीक्षाओं में नकल पर नकेल लगाने के तमाम प्रयास पिछले कुछ वर्षों में तहस- नहस हो गये हैं। स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कराने में ज्यादातर एजेंसियां नाकाम साबित हो रही हैं। नकल और पेपर लीक की बीमारी भर्ती परीक्षा के साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे अहम पाठयक्रमों के दाखिले की परीक्षाओं में भी पनप गई है। </p>
<p>हाल में मेडिकल दाखिले के लिए हुई नीट परीक्षा ने तो देश भर में बवाल मचा दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए करीब 24 लाख विद्यार्थियों के सामने दुविधा की स्थिति बनी हुई है। नीट परीक्षा में जिस प्रकार से ग्रेस मार्क्स दिए गए या फिर पेपर फटे मिले वह भी यह बताते हैं कि व्यवस्था सही तरीके से नहीं हुई जिसका परिणाम ही यह हुआ कि नीट परीक्षा में भी धांधली की खबरों ने हमारी साख को काम कर दिया। <br />इस मामले में अब तो हर दिन किसी न किसी राज्य में पेपर लीक होने का खुलासा हो रहा है। इस मामले में पेपर लीक के साथ ही अन्य तरह की धांधलियां भी अब सामने आ रही हैं। परीक्षा की पवित्रता खत्म होने की धारणा मजबूत होती जा रही है। सरकार को इस तरह के मामले सख्ती से रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे तभी युवाओं का भरोसा इन परीक्षाओं के प्रति बना रहेगा। युवाओं को किसी भी तरह की परीक्षाओं पर तभी भरोसा रहेगा जब वह पूरी तरह  से सुरक्षित तथा एक समान तरीके से होंगी। वैसे यह बात भी कम चिंता की नहीं है कि आज देश के सभी बड़े राज्य पेपर लीक जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं।</p>
<p><strong>- राजीव जैन</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 11:16:59 +0530</pubDate>
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                <title>नीट परीक्षा : एक्शन में सीबीआई, गुजरात में जांच बिहार में छापेमारी, लातूर में दो लोग हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई ने इस मामले में गुजरात और बिहार से एक-एक और राजस्थान से तीन मामलों में एफआईआर दर्ज की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cbi-in-neet-exam-action-investigation-in-gujarat-raid-in/article-82599"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy95.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद जांच एजेंसी एक्शन में आ गई है। सीबीआई की टीम ने गुजरात के गोधरा में सर्किट हाऊस में जांच की। बिहार में भी टीम ने छापेमारी की है। पटना में पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की 6 टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। महाराष्ट्र के लातूर में भी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने इस मामले में गुजरात और बिहार से एक-एक और राजस्थान से तीन मामलों में एफआईआर दर्ज की है। </p>
<p><strong>अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी</strong><br />नीट परीक्षा के पेपर लीक की जांच में अब तक देश के 4 राज्यों से 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें बिहार से 13, झारखंड से 5, गुजरात से 5 और महाराष्ट्र से 2 शामिल हैं।</p>
<p><strong>एनएसयूआई ने किया जंतर-मंतर पर प्रदर्शन </strong><br />नीट परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर एनएसयूआई के सदस्यों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकरियों ने संसद घेरने के प्रयास में पुलिस बैरिकेड तोड़ने की भी कोशिश की। प्रदर्शन में परीक्षा रद्द करने और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 10:10:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नीट परीक्षा संदेह के घेरे में, लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़: जूली</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसा लगता है कि एक बड़े स्तर पर पेपर लीक गिरोह सक्रिय था और उसने परीक्षा से पहले ही पेपर लीक कर ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना को केन्द्र की जोड़तोड़ की नई सरकार की कमजोरी पहला असर बताया है। जूली ने इसे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण  बताते हुए कहा है कि देश की प्रतिष्ठित परीक्षा के आयोजन में इस प्रकार का भ्रष्टाचार और घोटाला देश के 24 लाख विद्यार्थियों के साथ धोखा व अन्याय है। जूली ने कहा है कि धांधली उजागर होने के 17 दिन बाद भी एनटीए के परीक्षा रद्द नहीं किए जाने से छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसा लगता है कि एक बड़े स्तर पर पेपर लीक गिरोह सक्रिय था और उसने परीक्षा से पहले ही पेपर लीक कर ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। </p>
<p>कांग्रेस राज में हुई परीक्षाओं पर आरोप लगाने वाले भाजपा नेता अब चुप क्यों हैं। जूली ने कहा है कि पेपर लीक के मामलों पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली भाजपा सरकार की आज कलई खुल गई है। आज यह सबके सामने आ गया है कि सरकार में बैठे लोग किसी भी अवसर का फायदा उठाने से नहीं चूक रहे। उन्हें विद्यार्थियों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। यह स्वार्थी गठबंधन की कमजोर भाजपा सरकार के सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार और घोटाले का पहला उदाहरण है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 11:11:48 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET Paper Leak Case में एलन कोचिंग का छात्र भी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ हालांकि संस्थान के प्रतिनिधि प्रमोद मेवाड़ा ने कहा कि पकड़ा गया छात्र एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट का नहीं है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/allen-coaching-student-also-arrested-in-neet-paper-leak-case/article-82236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/neet.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  नीट पेपर लीक मामले में पकड़ा गया छात्र अनुराग यादव (22) पुत्र संजीव कुमार यादव निवासी समस्तीपुर एलन कोचिंग संस्थान का छात्र निकला। अनुराग कोटा में रहकर एलन कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था। </p>
<p>वह परीक्षा देने के लिए कोटा से ही पटना के शास्त्री नगर थाना स्थित डीवाई पाटिल स्कूल गया था। छात्र को नीट पेपर लीक मामले में इसी सेंटर से पकड़ा था। छात्र ने पटना के शास्त्री नगर थाने के दरोगा के समक्ष पांच मई 2024 को लिखित में कबूल किया कि उसका नाम अनुराग यादव है। वह परिंदा थाना हसनपुर जिला समस्तीपुर का निवासी है। वह कोटा में एलन कोचिंग इंस्टीयूट से नीट की तैयारी कर रहा था। तभी उसके पास उसके फूफा सिंकंदर यादवेन्दु जो नगर परिषद दानापुर में जूनियर इंजीनियर हैं का फोन आया। उन्होंने कहा था कि पांच मई 2024 को नीट की परीक्षा है, अब तुम कोटा से वापस आ जाओ। परीक्षा की सेंटिंग हो चुकी है। इसके बाद कोटा से आ गया और चार मई की रात को उन्होंने अमित आनंद एवं नीतिश कुमार के पास छोड़ दिया। वहां उसे नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दी गई और रात को ही पेपर पढ़ाया गया और रटाया गया।</p>
<p>अनुराग ने अपने बयान में बताया कि उसका नीट परीक्षा का सेंटर डीवाई पाटिल स्कूल में आया था। वहां परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया था वहीं प्रश्न परीक्षा में मिल गए। परीक्षा के बाद अचानक पुलिस आई और उसे पकड़ लिया। नीट परीक्षा में गड़बड़झाले का प्रकरण देश भर में छाया हुआ है। फिलहाल यह मामला बिहार की शास्त्री नगर पुलिस से बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को सौंप दिया है। वर्तमान में इकाई की डिप्टी एसपी सुमन शर्मा अनुसंधान कर रही है।</p>
<p><strong>चारों आरोपियों का इकबालिया बयान हासिल</strong><br />शास्त्री नगर थाने के अनुसार, पटना पुलिस ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में चारों आरोपियों-अनुराग यादव, नीतीश कुमार, अमित आनंद और सिकंदर प्रसाद यादवेंदु के इकबालिया बयान हासिल कर लिए हैं। सीआरपीसी की धारा 161 के तहत इकबालिया बयान दर्ज किए गए। नीट-यूजी 2024 परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी और परिणाम 14 जून को घोषित होने की निर्धारित तिथि से पहले 4 जून को घोषित किए गए थे। अनियमितताओं और पेपर लीक का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किए। परिणामों से पता चला कि 67 छात्रों ने 720 अंकों के साथ परीक्षा में टॉप किया था।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />एलन कोचिंग इंस्टीयूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी व नितेश शर्मा से फोन व वाट्सअप के माध्यम से पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहींं दिया। हालांकि संस्थान के प्रतिनिधि प्रमोद मेवाड़ा ने कहा कि पकड़ा गया छात्र एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट का नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 11:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट यूजी परीक्षा में हुई विसंगतियों को लेकर 20 छात्र पहुंचे सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों की अकादमिक और फोरेंसिक जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित की गई कमेटी के द्वारा कराए जाने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। नीट परीक्षा की विसंगतियों को लेकर 20 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर 5 मई को हुई इस परीक्षा की जांच सीबीआई या किसी दूसरी स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की की निगरानी में कराए जाने की मांग की है। तन्मय शर्मा और अन्य की तरफ से दाखिल की गई याचिका में इस परीक्षा में 620 से ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों की अकादमिक और फोरेंसिक जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित की गई कमेटी के द्वारा कराए जाने की मांग की गई है। </p>
<p><strong>परीक्षा दोबारा कराने की मांग</strong><br />याचिका में नीट की परीक्षा को दोबारा कराए जाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार और इस परीक्षा को आयोजित करने वाली एजेंसियों को परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बरतने, पेपर लीक न होने और परीक्षा के दौरान गलत तरीकों के इस्तेमाल भविष्य न हो इसके लिए उचित कदम उठाए जाने का निर्देश देने की मांग की गई है।</p>
<p><strong>याचिका में सात बिंदुओं का हवाला</strong><br />इस परीक्षा में 67 बच्चों ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। जिनमें से छह एक ही परीक्षा केंद्र के हैं। जबकि टॉप 70 में से आठ छात्र हरियाणा के झज्जर के एक परीक्षा केंद्र से हैं। साथ ही टॉप सौ बच्चों के रोल नंबर एक ही क्रम में हैं। 620 से 720 अंक पाने वाले छात्रों की संख्या पहले के मुकाबले 400 प्रतिशत तक बढ़ गई है जो पिछले साल मात्र प्रतिशत दशमलव चार से दशमलव छह प्रतिशत ही थी। वहीं पिछली बार टॉप 100 छात्रों की संख्या का प्रतिशत 2.5 ही था। जबकि 520 से 620 और उससे नीचे के वर्ग मे आने वाले छात्रों के प्रतिशत में कोई खास अंतर नहीं है। 1563 बच्चों को परीक्षा परिणामों में एनटीए द्वारा बिना किसी नियम के ग्रेस मार्क्स दिया गया। एनटीए इसके लिए दोषी है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद बिना किसी नियम में बदलाव करते हुए ग्रेस मार्क्स दिए इसकी जांच की जाए।</p>
<p>कुल 720 अंक में से छात्रों द्वारा 718.719 अंक पाना गणितीय रूप से सम्भव नहीं है क्योंकि परीक्षा में सही जवाब के लिए चार और गलत जवाब के लिए एक नंबर काटने का प्रावधान है। ऐसे मे 180 प्रश्नों का उत्तर देने पर किसी भी स्थिति मे 718 या 719 अंक नहीं प्राप्त किया जा सकता। <br />नीट परीक्षा का पेपर लीक हुए क्योंकि एनटीए ने माना कि परीक्षा के दिन 4 बजकर 25 मिनट पर ही पेपर सर्कुलेट हुए जबकि परीक्षा 5: 20 पर समाप्त हुई। परीक्षा देने में मिले कम समय का हवाला देकर कंपेंसेटरी मार्क्स दिए गए। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है क्योंकि ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी छात्रों को नहीं दी गई। जिससे धांधली की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं इस पूरे मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई और कई लोगों को देशभर से गिरफ्तार किया गया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/20-students-reached-supreme-court-regarding-discrepancies-in-neet-ug/article-81704</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 11:37:34 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET में धांधली और गडबडी के गम्भीर आरोप,अनदेखा कर रही भाजपा सरकार : डोटासरा</title>
                                    <description><![CDATA[ एक सेंटर पर 6 अभ्यर्थियों के 720 में से 720 अंक मिलने, एक ही सेंटर पर कई छात्रों के टॉप रैंकिंग में आने, परीक्षा में अनियमितता जैसे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। नीट परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की शिकायतों पर पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है।</p>
<p>डोटासरा ने ट्वीट कर कहा कि हमनें पहले ही कहा था कि भाजपा सरकार ने नीट में चीट से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। एक सेंटर पर 6 अभ्यर्थियों के 720 में से 720 अंक मिलने, एक ही सेंटर पर कई छात्रों के टॉप रैंकिंग में आने, परीक्षा में अनियमितता जैसे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। छात्रा द्वारा नीट में धांधली और गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार इसे अनदेखा कर रही है। सरकार को उच्च स्तरीय जांच करवा कर छात्रों के साथ न्याय करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-government-ignoring-serious-allegations-of-rigging-and-irregularities-in/article-80758</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 20:08:18 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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