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                <title>gold medals - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आरटीयू : अनुसंधान की दौड़ में छात्रों से पिछड़ी छात्राएं, आंकड़ों से हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान तकनीकी विवि के दीक्षांत समारोह में इस बार गोल्ड में भी आगे रहे छात्र]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rtu--girls-lagging-behind-boys-in-the-race-of-research/article-108821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/rtu-anusandhan-ki-daud-mein-chhatron-se-pichhade-chhatraen..kota-news-27.03.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। तकनीकी शिक्षा में अनुसंधान की दौड़ में छात्राएं पिछड़ रही हैं, जबकि छात्रों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। वहीं, स्वर्ण पदक पाने वालों में भी इस बार बालिकाएं पीछे रह गई। यह खुलासा वर्ष 2024 से 2025 तक हुए दीक्षांत समारोह के आंकड़ों से हुआ है।  दरअसल, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सत्र 2022 से 2024 तक पीएचडी उपाधि पाने वालों में छात्रों की संख्या अधिक रही। जबकि, छात्राओं की संख्या 50% से भी कम रही।  शिक्षाविदें ने अनुसंधान के क्षेत्र में घटती बालिकाओं की संख्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसके कारणों को खोज समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p><strong>पिछले 3 सालोंं में 58 छात्र व 25 छात्राओं ने पीएचडी</strong><br />आरटीयू में वर्ष 2024 में हुए दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को सत्र 2022 व 23 की डिग्रियां वितरित की गई थी। जिसमें दोनों वर्षों को मिलाकर कुल 47 विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री अवॉर्ड हुई थी। जिसमें छात्रों की संख्या 34 तथा छात्राएं मात्र 13 ही रहीं। वहीं, हाल ही में 25 मार्च को हुए दीक्षांत में कुल 36 विद्यार्थियों ने शोध उपाधि प्राप्त की। इसमें भी लड़कों की संख्या लड़कियों के मुकाबले 50% प्रतिशत ज्यादा रही। इस तरह पिछले तीन वर्षों में 58 बालकों ने महत्वपूर्ण विषयों पर शोध कार्य पूरा किया। वहीं, अनुसंधान के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी मात्र 25 प्रतिशत रही। </p>
<p><strong>अनुसंधान से ही समाज में क्रांतिकारी बदलाव संभव</strong><br />किसी भी क्षेत्र की प्रगति शौध व अनुसंधान पर निर्भर करती है, जो मानव जीवन की तमाम चुनौतियों को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में छात्राओं की संख्या कम होना चिंताजनक है। हालांकि,  बालिकाओं ने भी तकनीकी शिक्षा में विभिन्न जटिल मुद्दों पर शोध कर बेहतर टेक्नोलॉजी विकसित कर मानव जीवन आसान बनाया। हालांकि, वर्ष 2021 से पहले शोध कार्यों में बालिकाओं की भागीदारी ज्यादा थी। </p>
<p><strong>इस बार गोल्ड मेडल में भी पिछड़ी</strong><br />गत वर्ष आरटीयू के दीक्षांत समारोह में बीटेक, एमटेक, बी आर्क, एमबीए सहित अन्य संकाय में स्वर्ण पदक हासिल करने में छात्राएं अव्वल रहीं थी लेकिन इस बार  मंगलवार को हुए समारोह में छात्राएं पिछड़ गई और छात्र आगे निकल गए। बता दें, इस बार विभिन्न संकायों में सर्वोच्चय अंक हासिल करने वाले सत्र 2024 के 20 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए। जिसमें 11 छात्र व 9 छात्राएं शामिल रहीं। इसी तरह सत्र 2022 में 24 प्रतिभाओं में से 13 छात्र व 11 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिला था। वहीं, सत्र 2023 में कुल 10 स्टूडेंट्स में से 9 बालक व 11 बालिकाओं ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> ऐसा नहीं है, पिछले सालों के दीक्षांत समारोह का रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है, स्वर्ण पदक पाने वालों में कभी छात्र आगे रहे हैं तो कभी छात्राएं। इसका मतलब यह नहीं की उच्च शिक्षा में बालिकाओं की संख्या कम हो रही हो, बल्कि छात्राएं प्रतिस्पर्द्धा की दौड़ में लगातार आगे निकल रहीं हैं। यही वजह है, ओवरआॅल उच्च शिक्षा के ग्राफ में बालिकाओं का नामांकन दर बढ़ा है, जो महिला सशक्तिकरण का जीता जागता उदारहण है। देश के विकास में नारी शक्ति अपनी अहम भूमिका निभा रहीं हैं। <br /><strong>-प्रो. एसके सिंह, कुलपति राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 15:59:35 +0530</pubDate>
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                <title>सफलता की मिसाल बनी लाडो : 58 में से 43 गोल्ड मेडल पर बेटियों का कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[बालिका दिवस पर दीक्षांत समारोह में होगा बालिकाओं का सम्मान ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laado-becomes-an-example-of-success--43-out-of-58-gold-medals-are-won-by-girls/article-101832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सामाजिक ताने-बाने के बंधनों व घर-परिवार की बंदिशों से आजादी मिली तो बेटियों ने आसाान की बुलंदियों पर कामयाबी का परचम लहरा दिया। हौसलों और मजबूत इरादों से संघर्ष और चूनौतियों से भरा दरिया पार कर सफलता की मिसाल बन गई। बुनियादी शिक्षा हो या उच्च शिक्षा, हर जगह दीमागी प्रतिस्पर्द्धा में बेटियां ही अव्वल रहीं। जिसका प्रत्यक्ष उदारहण हर साल आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में देखने को मिल रहे हैं। पिछले 7 सालों से कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक गोल्ड मेडल बेटियों के ही नाम रहे। इस बार भी स्वर्ण पदक पर बालिकाओं का ही कब्जा रहेगा। दरअसल, 24 जनवरी को केडीए ओडिटोरियम में आयोजित हो रहे कोटा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में कुल 58 स्वर्ण पदकों में से 43 गोल्ड मेडल बेटियों को मिलेंगे। खास बात यह है, लाडों को यह सम्मान राष्टÑीय बालिका दिवस पर मिलेगा।  खास बात यह है, दीक्षांत समारोह राष्टÑीय बालिका दिवस पर होने से लाडों को मिलने वाला सम्मान माता-पिता के लिए और विशेष रहेगा। </p>
<p><strong>56 गोल्ड मेडल में से 41 बेटियों के नाम </strong><br />कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में इस बार 56 गोल्ड मेडल प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को वितरित किए जाएंगे। जिसमें से 41 स्वर्ण पदक बेटियों को मिलेंगे। जबकि, बेटों की संख्या मात्र 15 ही है। यदि,  गत वर्ष की बात करें तो वर्ष 2023 में कुल 60 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया था। जिसमें  से 42 स्वर्ण पदक बेटियों को मिले थे। </p>
<p><strong>58 में से 36 पीएचडी उपाधियां छात्राओं को </strong><br />अनुसंधान के क्षेत्र में भी बेटियां अपना लौहा मनवा रही है। इस बार कोटा विवि के दीक्षांत समारोह में कुल 58 पीएचडी उपाधियां अर्वाड होंगी। जिसमें से सर्वाधिक 36 डिग्रियां बालिकाओं को दी जाएंगी। जबकि, छात्रों की संख्या मात्र 22 ही है। पीएचडी उपाधियां विभिन्न संकाय कला, समाज विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, शिक्षा, जीव विज्ञान में वितरित की जाएगी। </p>
<p><strong>चांसलर व वाइस चांसलर गोल्ड पर भी  कब्जा</strong><br />दीक्षांत समारोह में पिछले साल की तरह इस बार भी कुलाधिपति व कुलपति गोल्ड मेडल पर लाडों का ही कब्जा रहेगा। इस बार समाज विज्ञान संकाय में अधिकतम अंक अर्जित करने वाली पीजी की छात्रा हिमांगी अग्रवाल तथा कुलपति स्वर्ण पदक कला संकाय में सर्वोच्चय अंक हासिल करने वाली यूजी की छात्रा शालिनी मालव को दिया जाएगा। जबकि, गत वर्ष 2023 में विज्ञान संकाय की पीजी छात्रा साक्षी जैन को कुलाधिपति पदक एवं समाज विज्ञान संकाय यूजी में पूजा साहू को कुलपति पदक मिला था। </p>
<p><strong>गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या</strong><br /><strong>संकाय    छात्र    छात्राएं    कुल</strong><br />कला    02    07    09<br />समाज विज्ञान    03    08    11<br />विज्ञान    05    06    11<br />वाणिज्य    01    08    09<br />विधि    01    01    02<br />शिक्षा    02    07    09<br />जीव विज्ञान    01    04    05</p>
<p><strong>पीएचडी उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या</strong><br /><strong>संकाय    छात्र    छात्राएं    कुल</strong><br />कल    04    15    19<br />समाज विज्ञान    08    06    14<br />विज्ञान    07    09    16<br />वाणिज्य    01    05    06<br />विधि    01    01    02<br />शिक्षा    01    -    01<br />जीव विज्ञान    -    -    -</p>
<p><strong>92,192 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्रियां </strong><br />कोटा विवि के दीक्षांत समारोह में वर्ष 2022 सत्र की विभिन्न संकायों में 92 हजार 192 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की जाएगी। जिसमें कला में 61,335, समाज विज्ञान में 6878, विज्ञान में 8458, वाणिज्य में 4401, विधि में 400, शिक्षा में 10634 तथा जीव विज्ञान में 92 विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> कोटा विवि का 11वां दीक्षांत समारोह 24 जनवरी को केडीए के ओडिटोरियम में होगा। जिसमें वर्ष 2022 की कुल 92,192 डिग्रियां वितरित की जाएगी। इसमें 56 गोल्ड मेडल व 58 पीएचडी डिग्रियों से प्रतिभाओं को नवाजा जाएगा। दीक्षांत समारोह की रिहर्सल गुरुवार को की जाएगी।<br /><strong>- प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 15:47:13 +0530</pubDate>
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                <title>काव्या राठौड़ ने रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में 2 गोल्ड मैडल जीते</title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम संयोजक शाहिद मोहम्मद ने बताया कि अष्टा स्केटिंग एकेडमी और जयपुर स्केटिंग क्लब के सयुंक्त तत्वावधान में यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kavya-rathod-won-2-gold-medals-in-roller-skating-championship/article-91039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(12)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित 68वीं एसजीएफआई जयपुर जिला स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप अंडर 14 वर्ग 15 से 17 सितम्बर तक आयोजित प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 19 सितम्बर को राजधानी जयपुर के तिलक नगर स्थित अष्टा स्केटिंग एकेडमी में किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम संयोजक शाहिद मोहम्मद ने बताया कि अष्टा स्केटिंग एकेडमी और जयपुर स्केटिंग क्लब के सयुंक्त तत्वावधान में यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। वहीं, जयपुर स्केटिंग क्लब के डायरेक्टर अनिल कुमार गौड ने बताया कि इस प्रतियोगिता में बच्चों द्वारा खुशी और बेहतरीन प्रस्तुति देखने का अवसर मिला। इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से बच्चों को शरीरिक और मानसिक फिट रहने में सहायता मिलती है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस चैम्पियनशिप में सेन्ट्रल ऐकडेमी स्कूल तारा नगर झोटवाड़ा की छात्रा काव्या राठौड ने 2 स्वर्ण पदक हासिल कर अपने गुरु, पेरेंट्स और परिवार का नाम रोशन किया है। इसी तरह संस्कार स्कूल के हेमंत सिह ने 1 स्वर्ण 2 रजत पदक और जयश्री पेरीवाल स्कूल की रूद्राक्षी शेखावत ने एक कांस्य पदक प्राप्त किया। कार्यक्रम के अन्त में जयपुर स्केटिंग क्लब के संचालक अनिल कुमार गौड ने सभी विजेताओं व प्रतिभागियों और समापन समारोह में पधारे सभी अतिथियों का इस सफल आयोजन के लिए आभार किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 12:22:34 +0530</pubDate>
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