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                <title>irregularities - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>irregularities RSS Feed</description>
                
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                <title>राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़े एक्शन की तैयारी: SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित अनियमितताओं की जांच कर रही तीन सदस्यीय एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक सीलबंद रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में टीम ने 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की। रिपोर्ट में नए संदिग्धों और ट्रस्ट को पुनर्गठन करने की सिफारिश की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/preparation-for-big-action-in-ram-mandir-donation-theft-case/article-157867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ram-mandir2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग के बाद तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। जांच टीम ने अयोध्या में छह दिन तक रुककर मामले की पड़ताल की और इस दौरान 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली इस समिति में आईजी किरण एस. तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन भी शामिल हैं। टीम ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अपर मुख्य सचिव गृह एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है।</p>
<p>राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद यह जांच शुरू हुई थी। हालांकि जांच के दौरान दान में मिली धातुओं के उपयोग और मंदिर निर्माण से जुड़े अन्य आरोप भी चर्चा में आए। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई कर सकती है। जरूरत पड़ने पर एसआईटी दूसरे चरण की जांच के लिए फिर अयोध्या पहुंच सकती है। कुछ नए नाम भी जांच के दायरे में आने की संभावना जताई जा रही है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की भी सिफारिश की है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:03:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उर्वरकों की कालाबाजारी और किसानों के आर्थिक शोषण की उच्चस्तरीय जांच हो : दिग्विजय सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में खाद और उर्वरकों की एमआरपी से अधिक दामों पर बिक्री पर गहरी चिंता जताई है। सीएम मोहन यादव को लिखे पत्र में उन्होंने पुराने स्टॉक को नई बढ़ी कीमतों पर बेचने का आरोप लगाते हुए किसानों से हुई अतिरिक्त वसूली वापस कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/there-should-be-a-high-level-investigation-into-black-marketing/article-156654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/digvijay_singh_1.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में डीएपी, एसएसपी तथा विभिन्न कॉम्प्लेक्स उर्वरकों के वितरण और बिक्री में कथित अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उच्चस्तरीय जांच कराने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों और किसान संगठनों की ओर से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि सहकारी समितियों, विपणन संस्थाओं तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों की बिक्री मुद्रित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दरों पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने स्टॉक में उपलब्ध उर्वरकों को भी पीओएस और ई-टोकन प्रणाली में प्रदर्शित नई तथा बढ़ी हुई दरों पर बेचा जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 20:20:0:13 उर्वरक की 50 किलोग्राम की एक बोरी, जिसकी पूर्व निर्धारित कीमत लगभग 1450 रुपये थी, उसे कई स्थानों पर 2100 रुपये तक में बेचे जाने की शिकायतें मिली हैं। इससे किसानों पर प्रति बोरी लगभग 650 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसी प्रकार एसएसपी तथा अन्य उर्वरकों के संबंध में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। सिंह ने कहा कि यह मामला केवल मूल्य वृद्धि का नहीं, बल्कि किसानों के उपभोक्ता अधिकारों, पारदर्शिता और कानून के संभावित उल्लंघन से भी जुड़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी उर्वरक की बिक्री उसके मुद्रित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर नहीं की जा सकती।</p>
<p>उन्होंने मांग की कि प्रदेशभर में उर्वरक वितरण एवं विक्रय व्यवस्था की विशेष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, पुराने स्टॉक पर नई दरों की वसूली संबंधी शिकायतों की जिला स्तर पर जांच हो, किसानों से अधिक वसूली गई राशि वापस कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे समय में जब किसान बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं, तब उर्वरकों की कीमतों और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों के हितों की रक्षा के लिए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:38:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>538 संचालित कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों की जांच में मिली 69 में अनियमितता</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग सेंटर्स में जो भी खामी है, उन्हें दूर करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-investigation-of-538-operated-coaching-institutes-and-libraries/article-86467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(9).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली में कोचिंग में हुए हादसे के बाद जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कोचिंग संस्थानों की सख्ती से जांच शुरू कर दी है। दो दिन में पुलिस ने 538 की जांच की। जांच में 69 संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनियमितता पाई गई, जिसमें 31 संस्थानों को नोटिस एवं 38 संस्थानों की सील की कार्रवाई की गई।</p>
<p>जयपुर पुलिस आयुक्त  बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देशानुसार जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए सभी थाना अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। इनमें कोचिंग संस्थान भवन के बेसमेंट, अग्निशमन सुरक्षा संबंधित एवं किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में भवन से निकासी की समुचित व्यवस्था साथ ही नियमानुसार संबंधित सरकारी संस्थाओं से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त किया है या नहीं। बुधवार को आयुक्तालय क्षेत्र में 538 संचालित कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों का पुलिस द्वारा निरीक्षण कर उक्त मानकों की जांच की गई।  सुरक्षा मानकों की जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।</p>
<p><strong>कमेटी कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट सरकार को पेश करे</strong><br />प्रदेश में कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने भी चिंता जाहिर की है। उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग सेंटर्स में जो भी खामी है, उन्हें दूर करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की है, जो कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को पेश करेगी। यही नहीं यदि नॉन कमर्शियल प्लेस पर कोचिंग संचालित हो रही है, तो उसकी भी जांच की जाएगी, ताकि दिल्ली जैसा कोई हादसा राजस्थान में ना हो। उन्होंने इस पर राजस्थान के उन सभी जिलों में जांच की बात कही है, जहां नॉन कमर्शियल स्पेस पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। सरकार भी इस संबंध में चिंता जाहिर कर चुकी है और निश्चित रूप से दिल्ली जैसी कोई घटना ना हो, इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी जांच कर ये बताएगी कि क्या कमियां हैं। </p>
<p><strong>कोचिंग सेंटर्स की जांच शुरू</strong><br />नगर निगम जयपुर ग्रेटर की आयुक्त के निर्देश पर मानसरोवर जोन की टीम ने बुधवार को कोचिंग सेंटर्स का सर्वे किया। मानसरोवर जोन की टीम ने गोपालपुरा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर्स की जांच की, जहां अनियमितताएं पाई गई। टीम रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>कोचिंग सेंटर्स की जांच के लिए कमेटी गठित<br /></strong>कोचिंग सेन्टर्स की जांच के लिए गठित कमेटी में नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय की गठित कमेटी में उपायुक्त मुख्यालय को अध्यक्ष, उपायुक्त आयोजना प्रथम, उपायुक्त फायर, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक व मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। साथ ही संबंधित जोन उपायुक्त सदस्य सचिव रहेंगे। जोन की गठित कमेटी में जोन उपायुक्त अध्यक्ष, राजस्व अधिकारी, सहायक नगर नियोजक, सहायक अग्निशमन अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता भवन निर्माण शाखा सदस्य रहेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 14:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET Exam Paper Leak Case: अब मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने माना नीट परीक्षा में गड़बड़ी हुई</title>
                                    <description><![CDATA[सॉल्वर गैंग के लोग पकड़े जा रहे हैं। 10 से 40 लाख रुपए तक में डमी कैंडिडेट बिठाने, नीट एग्जाम सेंटर मैनेज होने की बातें सामने आ रही हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/neet-exam-paper-leak-case-now-minister-dharmendra-pradhan-admits/article-81795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/dharmendra-pradhan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार गड़बड़ी की बात मानी है। उन्होंने कहा कि नीट के रिजल्ट में कुछ गड़बड़ियां हुई हैं, जो भी बड़े अधिकारी इसमें शामिल पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने माना कि परीक्षा लेने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में सुधार की जरूरत है। प्रधान ने कहा कि नीट के संबंध में दो तरह की अव्यवस्था का विषय सामने आया है। पहला- शुरुआती जानकारी थी कि कुछ स्टूडेंट्स को कम समय मिलने के कारण ग्रेस नंबर दिए गए। दूसरा- दो जगहों पर कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करता हूं कि इसे भी सरकार ने गंभीरता के साथ लिया है।</p>
<p><strong>कई स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए</strong><br />नीट की परीक्षा 5 मई को हुई थी। इसमें 23 लाख 30 हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इस दौरान लोकसभा के चुनाव भी हो रहे थे। 4 जून को लोकसभा के साथ नीट के भी रिजल्ट जारी किए गए। इसमें 67 स्टूडेंट्स को पूरे 720 मार्क्स दिए गए। नीट की परीक्षा के इतिहास में पहली बार इतने छात्र टॉप स्कोरर रहे। इस पर कई स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत 7 हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट एक साथ जोड़कर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा। इनमें नीट पेपर लीक और सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाएं भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>मिल रहे सबूत!</strong><br />बिहार, गुजरात जैसे राज्यों में नीट पेपर लीक होने और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आए है। सॉल्वर गैंग के लोग पकड़े जा रहे हैं। 10 से 40 लाख रुपए तक में डमी कैंडिडेट बिठाने, नीट एग्जाम सेंटर मैनेज होने की बातें सामने आ रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 12:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>सदन में गूंजे भ्रष्टाचार के मामले</title>
                                    <description><![CDATA[ जवाब में मंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि लेखा सेवा अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के कुल 10 मामले सामने आये हैं, जिनमें से 9 अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cases-of-irregularities-against-rajasthan-accounts-service-officers-were-raised-in-the-vidhan-sabha/article-6638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/narpat-singh-rajvi.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में गुरुवार को राजस्थान लेखा सेवा अधिकारियों के विरुद्ध अनियमितताओं के मामले उठे। दरअसल, विधायक नरपत सिंह राजवी ने राजस्थान लेखा सेवा अधिकारियों के खिलाफ अनियमितताओं के मामले को लेकर सवाल पूछा। जवाब में मंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि लेखा सेवा अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के कुल 10 मामले सामने आये हैं, जिनमें से 9 अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ प्रकरणों में विभागीय जांच, कुछ में कार्मिक विभाग की जांच, कुछ प्रकरणों में एसीबी जांच, तो कुछ प्रकरण न्यायालय में प्रक्रियाधीन है। ऐसे में इन प्रकरणों के जांच नतीजे आने पर ऐसे दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियम अनुसार बर्खास्तगी से लेकर वसूली की कार्रवाई की जायेगी।<br /><br />प्रश्नकर्ता विधायक राजवी ने कहा कि लेखा सेवा के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ दर्ज़ कुछ प्रकरणों की एफएसएल और पुलिस जांच में ये साबित हो गया है कि भ्रष्टाचार हुआ है। ऐसे अधीकारियों को तुरंत गिरफ्तार करवाना चाहिए, जबकि ऐसे अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर पदस्थापित किया गया है।<br /><br /><strong>नेता प्रतिपक्ष कटारिया की आपत्ति</strong><br />मंत्री के जवाब के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ये प्रकरण बेहद गंभीर है। एक अधिकारी 56 लाख रूपए का गबन करते हुए सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाता है और सरकार प्रकरण की अग्रिम जांच के लिए स्वीकृति नहीं देती, ये कार्य खड़े करता है। इस पर मंत्री धारीवाल ने कहा कि गबन के प्रकरण 56 लाख के नहीं बल्कि 10 करोड़ रूपए तक के हैं। कई मामलों में एसीबी को जांच में तीन से चार साल का वक्त लग जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 14:51:02 +0530</pubDate>
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                <title>रिजल्ट पर बवाल</title>
                                    <description><![CDATA[रेलवे की भर्ती परीक्षा रिजल्ट में गड़बड़ियों और अन्य मुद्दों को लेकर छात्र इस कदर आक्रोशित हो गए कि उन्होंने रेल सम्पत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया और रेलों को जला भी दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2/article-4223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/rail-jalayi.jpg" alt=""></a><br /><p>रेलवे की भर्ती परीक्षा रिजल्ट में गड़बड़ियों और अन्य मुद्दों को लेकर छात्र इस कदर आक्रोशित हो गए कि उन्होंने रेल सम्पत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया और रेलों को जला भी दिया। बिहार और उत्तर प्रदेश में तो आंदोलन ने विस्फोटक रूप धारण कर लिया। शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ी होने पर छात्र इस कदर भड़के हों। बताया जाता है कि रेलवे भर्ती बोर्ड की अव्यावहारिक पहल के चलते यह विवाद उत्पन्न हुआ। अच्छी बात यह रही कि रेल मंत्रालय ने अपनी सूझबूझ से हालात को संभालने के लिए भर्ती परीक्षा को स्थगित करने का फैसला दे दिया। छात्रों के इस कदर के आक्रोश से जाहिर होता है कि बेरोजगारी भारत में बड़ा संकट बन गई है और बेरोजगार छात्र सरकारों की अव्यावहारिक रोजगार की नीतियों से खासा नाराज हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड ने भी रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर इस बार अव्यावहारिक फैसला लिया। रेलवे के विभिन्न वर्गों में भर्ती का विज्ञापन तीन साल पहले निकाला गया था। उसकी परीक्षा को फिर बार-बार टाला जाता रहा, तब उसके लिए भी छात्रों ने व्यापक आंदोलन किया था। फिर परीक्षा आयोजित की गई, मगर उसमें योग्यता का वर्गीकरण ठीक से नहीं किया गया जिसके चलते परीक्षा परिणाम में एक ही अभ्यर्थी को चार-चार पदों के लिए योग्य मान लिया गया। इससे आक्रोश स्वाभाविक रूप से उपजना ही था। पहले रेलवे भर्ती परीक्षा में अलग-अलग श्रेणियों के लिए योग्यता के आधार पर अलग-अलग पेपर तैयार किए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। इसमें दुहराव से बचने के लिए रेलवे बोर्ड ने कहा कि वह बीस गुना अधिक नतीजे देगी, मगर उसने घोषित संख्या से आधे प्रत्याशियों को ही योग्य घोषित किया। इससे भी लाखों प्रत्याशी ठगा सा महसूस करने लगे। अभी छात्र इसे लेकर विरोध जता ही रहे थे कि बोर्ड ने दूसरे चरण की परीक्षा घोषित कर दी। इससे छात्रों की नाराजगी उग्र्र आक्रोश में बदल गई। वैसे भी रेलवे की भर्ती में भारी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का बोलबाला रहता है और इसके चलते भी रेलवे बोर्ड इस तरह प्रतियोगी परीक्षाएं लेगा तो विवाद स्वाभाविक ही बढ़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jan 2022 17:45:23 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षामंत्री डोटासरा को बर्खास्त करने की मांग को लेकर BJYM का प्रदेशभर में प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा युवा मोर्चा ने प्रदेशभर में किया प्रदर्शन: शिक्षामंत्री डोटासरा को बर्खास्त करें, रीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की CBI जांच हो: हिमांशु शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-bjym-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8/article-1421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-04-at-18.32.28.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितता के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा भी मैदान में आ गया है। मंगलवार को अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट में हुई अनियमितताओ के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा उपखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया तथा मुख्यमंत्री के नाम 3 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।</p>
<p><br /> पूरे प्रदेश में प्रदर्शन की शुरुआत भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में सीकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर की गई ।  सीकर के एस के स्कुल मैदान से हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में सैंकड़ो मोर्चा कार्यकर्ता पैदल रैली के रूप में राजस्थान सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर निकल पड़े। सीकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने कहा की रीट की परीक्षा में जो धांधली हुई है उसके विरोध में 26 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य को देखते हुए आज युवा मोर्चा द्वारा पूरे राजस्थान के उपखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जा रहा है।</p>
<p><br /> प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में 3 सूत्रीय मांगों को लेकर   ज्ञापन दिया गया तथा शिक्षा मंत्री डोटासरा के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने कहा कि रीट परीक्षा में हुई धांधली को देखते हुए मुख्यमंत्री को शिक्षामंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा से इस्तीफा लेना चाहिए अन्यथा उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए । शर्मा ने कहा की रीट परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई द्वारा जांच कराई जानी चाहिए तथा 26 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य को देखते हुए रीट परीक्षा को रद्द करते हुए पुन परीक्षा आयोजित कारवाई जानी चाहिए ।</p>
<p><br />   सीकर प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश मंत्री मधु कुमावत, भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रा चौधरी, भाजयुमो जिला अध्यक्ष स्वदेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन यादव, प्रदेश कार्यालय मंत्री सुमित अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय सहमंत्री अमित भारद्वाज, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजपाल चौधरी, राजेन्द्र शर्मा, विक्रम सिंह शेखावत, दीपक शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 04 Oct 2021 19:03:14 +0530</pubDate>
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