<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/fssai/tag-50966" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>FSSAI - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/50966/rss</link>
                <description>FSSAI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शुद्ध आहार–मिलावट पर वार: 650 किलोग्राम मिलावटी पनीर मौके पर नष्ट, खाद्य सुरक्षा दल की कार्रवाई</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[खाद्य सुरक्षा विभाग ने मदीना डेयरी पर छापा मारकर 650 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया, नमूने लिए गए, फर्म को नोटिस जारी होगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pure-food-%E2%80%93-attack-on-adulteration-650-kg-of-adulterated/article-142513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(21)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शुद्ध आहार – मिलावट पर वार अभियान के अंतर्गत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में प्राप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल, जयपुर प्रथम द्वारा मदीना डेयरी एंड बेकर्स, बालाजी की कोठी, चौकड़ी तोपखाना, हजूरी घाट गेट, जयपुर पर निरीक्षण की कार्रवाई की गई।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान मौके पर रखे गए लगभग 650 किलोग्राम पनीर के संबंध में खाद्य कारोबारकर्ता एवं फर्म मालिक मुस्तफा खान से जांच-पड़ताल की गई। पूछताछ में फर्म मालिक द्वारा पनीर को 200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से रामगढ़, अलवर से मंगवाना बताया गया। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि उक्त पनीर तेल, मिल्क पाउडर आदि से तैयार किया गया है।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मौके से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया तथा जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शेष लगभग 650 किलोग्राम मिलावटी पनीर को मौके पर ही नष्ट करवाया गया।</p>
<p>इस संबंध में अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के क्रम में संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया जाएगा एवं नमूना जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे संदिग्ध एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pure-food-%E2%80%93-attack-on-adulteration-650-kg-of-adulterated/article-142513</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pure-food-%E2%80%93-attack-on-adulteration-650-kg-of-adulterated/article-142513</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:04:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%2821%291.png"                         length="1506195"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एफएसएसएआई ने आसान शिकायत के लिए रेस्टोरेंट में क्यूआर कोड किया अनिवार्य, स्मार्टफोन के जरिए क्यूआर कोड को स्कैन कर आसानी से कर सकते हैं उपयोग </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के द्वारा देश भर के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) के लिए एक नया निर्देश जारी किया गया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fssai-can-easily-use-the-qr-code-through-compulsory-smartphones/article-122543"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/212142roer-(13).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के द्वारा देश भर के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) के लिए एक नया निर्देश जारी किया गया है, जिसमें देश के सभी रेस्टोरेंट, कैफे, ढ़ाबे और रेहड़ी-पटरी वाले खाने-पीने की दुकानें शामिल हैं। इसके तहत निर्देश जारी किया गया कि सभी रेस्टोरेंट को अपने FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र को एक क्यूआर कोड के साथ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा, जो की फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप से जुड़ा हुआ हो। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना है और सभी के लिए खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और भ्रामक उत्पाद लेबल के बारे में शिकायत दर्ज करना आसान बनाना है।</p>
<p>क्यूआर कोड, जो अब एफएसएसएआई लाइसेंस का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है, ऐसे क्षेत्रों, जैसे प्रवेश द्वार, बिलिंग काउंटर या डाइनिंग सेक्शन में लगाया जाना चाहिए जहां ग्राहक इसे आसानी से देख पाए। इसका उपयोग करना बड़ा ही आसान है- ग्राहक अपने स्मार्टफोन के जरिए क्यूआर कोड को आसानी से स्कैन कर सकते हैं और उन्हें ऐप पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा, जहाँ सभी ग्राहक शिकायत दर्ज कर सकते हैं या आउटलेट की पंजीकरण स्थिति के बारे में कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी देख सकते हैं।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/fssai-can-easily-use-the-qr-code-through-compulsory-smartphones/article-122543</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/fssai-can-easily-use-the-qr-code-through-compulsory-smartphones/article-122543</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 12:12:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/212142roer-%2813%29.png"                         length="191603"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ल्ड फूड इंडिया 2024: भव्यता की पृष्ठभूमि</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हम एक नए युग की दहलीज पर खड़े हैं, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 बदलाव का अग्रदूत, वैश्विक मंच पर भारत के उत्थान का प्रतीक और इस क्षेत्र की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रमाण बनकर उभर रहा है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/world-food-india-2024-grandeur-background/article-91143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/chirag-paswan.png" alt=""></a><br /><p>भारत में खाद्य प्रसंस्करण की यात्रा, देश की सदियों पुरानी बुद्धिमत्ता और प्रगति को अपनाने की क्षमता को दर्शाती है। अचार बनाने और खाद्य पदार्थ सुखाने की प्राचीन परंपराओं से लेकर आज की परिष्कृत तकनीकों तक, भारत ने अपनी समृद्ध पाक-कला विरासत को आधुनिक प्रगति के साथ सहजता से मिश्रित किया है। यह यात्रा सिर्फ लोगों को खाना खिलाने के बारे में नहीं है, बल्कि भारत की पाक-कला पहचान को परिभाषित करने वाले विविध और जटिल स्वादों का उत्सव मनाने से भी गहराई से जुड़ी हुई है।</p>
<p>भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, जिस परदेश की कृषि-अर्थव्यवस्था केंद्रित है, परंपरा और आधुनिकता के संगम-बिंदु पर स्थित परिवर्तनकारी क्षमता का प्रतीक है। कटाई, छंटाई और श्रेणी-निर्धारण से लेकर पैकेजिंग, संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन तक की गतिविधियों की एक विस्तृत शृंखला को शामिल करते हुए, खाद्य प्रसंस्करण कृषि और वैश्विक बाजार के बीच की खाई को पाटने में उत्प्रेरक का काम करता है। खाद्य प्रसंस्करण की प्रक्रिया में हमारे खेतों की कच्ची उपज को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त उत्पादों में बदला जाता है, जिससे भारत आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है।</p>
<p>हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत सरकार ने इस क्षेत्र की क्षमता को पहचाना है, जिससे देश आर्थिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने समय-समय पर कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के बीच सहजीवी संबंध को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है तथा मूल्य संवर्धन और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया है। उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने और वैश्विक बाजारों की खोज करने के उनके आह्वान की प्रतिध्वनि मंत्रालय द्वारा की गई पहलों में परिलक्षित होती है। किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने का मिशन, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की सफलता से आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ है, जो भारत की कृषि संपदा को वैश्विक आपूर्ति शृंखला के साथ जोड़ने का माध्यम है।</p>
<p>2047 तक विकसित भारत के आह्वान में, एक ऐसे भारत की परिकल्पना की गई है, जो समृद्धि, नवाचार और सतत विकास के प्रकाश-पुंज के रूप में उभरने के लिए अपनी चुनौतियों से पार पा चुका है। इस विजन के केंद्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र है, जो खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। चूंकि हम एक नए युग की दहलीज पर खड़े हैं, जो 2047 तक विकसित भारत के कालखंड में प्रवेश करेगा, इसलिए भारत के कृषि कौशल को वैश्विक महाशक्ति बनाने से संबंधित हमारे प्रधानमंत्री का विजन, आगामी वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में स्पष्ट रूप से व्यक्त होगा, जिसे मेरा मंत्रालय 19 से 22 सितंबर 2024 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित कर रहा है।</p>
<p>यह प्रतिष्ठित आयोजन, नवाचार, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक वास्तविक संगम है, जो एक पुनरुत्थानशील और समृद्ध भारत की दिशा में आगे बढ़ने के मार्ग को रोशन करने वाले एक प्रकाश-पुंज के रूप में कार्य करता है और अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरी तरह से साकार करता है। वर्ल्ड फूड इंडिया 2023 की शानदार सफलता वैश्विक खाद्य परिदृश्य में भारत के बढ़ते महत्व का प्रमाण है। यह एक ऐसा आयोजन था, जिसमें वैश्विक विचारक, उद्योग जगत के दिग्गज और नीति निमार्ता एक मंच पर आए। यह आयोजन नवाचार का वास्तविक भंडार था, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी, पैकेजिंग समाधान और सतत विकास से जुड़े तौर-तरीकों की नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित किया गया। इस कार्यक्रम में खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में भारत की पूरी क्षमता का प्रदर्शन किया गया, जिसने निवेश आकर्षित किया और साझेदारी बनाई। इसने 2024 में और भी भव्य आयोजन के लिए मंच तैयार किया।</p>
<p>वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम के सभी घटकों को शामिल करने के लिए अपने दायरे का विस्तार करने के साथ, इस विरासत को आगे बढ़ाने का वादा करता है। बीज से लेकर दुकानों तक, उद्योग के हर पहलू को सावधानीपूर्वक तैयार और प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को अंतर्दृष्टि प्राप्त करने, सहयोग बनाने और नए बाजारों को तलाशने का एक अनूठा अवसर मिलेगा। यह आयोजन भारत के लिए गुणवत्ता, नवाचार और सतत विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जिससे खाद्य प्रसंस्करण के वैश्विक केंद्र के रूप में इसकी स्थिति मजबूत होती है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में व्यवसायों, उद्यमियों और हितधारकों के लिए, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में भागीदारी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता है। यह आयोजन उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तियों से जुड़ने, नवीनतम तकनीकी प्रगति का पता लगाने और खाद्य उद्योग के भविष्य को आकार देने वाली उपभोक्ता की उभरती प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के अवसरों का एक अनूठा संगम प्रदान करता है।</p>
<p>इसके अलावा, वर्ल्डफूड इंडिया 2024 नेटवर्किंग और साझेदारी-निर्माण का अवसर प्रदान करेगा, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक संगम-स्थल के रूप में काम करेगा, जिससे कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम का विस्तृत प्रदर्शनी स्थल, विषयगत सत्र और आपसी-संवाद मंच प्रतिभागियों को जटिल वैश्विक खाद्य परिदृश्य को समझने के लिए आवश्यक उपकरण एवं ज्ञान प्रदान करता है, साथ ही प्रतिभागियों को अपने उत्पादों और सेवाओं को सम्मानित वैश्विक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करता है। स्टार्ट-अप्स के उत्साह और सरलता से प्रेरित होकर, मेरे मंत्रालय ने स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज के बहुप्रतीक्षित दूसरे संस्करण का अनावरण किया है। यह शानदार पहल भारत के कृषि-खाद्य और संबद्ध क्षेत्रों में आमूल-चूल बदलाव को उत्प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कचरे के मूल्य निर्धारण, पौष्टिक और अमृतमय खाद्य उत्पादों के निर्माण एवं जल उपयोग दक्षता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लक्षित करके, यह चैलेंज नवाचार की क्रांति को शुरू करने का लक्ष्य रखता है, जिससे इस क्षेत्र को परिवर्तनकारी क्षमता से भरे भविष्य की ओर आगे बढ़ने में गति मिलेगी।</p>
<p>भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है। दूरदर्शी दिग्गजों का यह समागम एक सुरक्षित, सुदृढ़ खाद्य प्रणाली बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प के लिए एक अदम्य प्रमाण के रूप में कार्य करेगा, जहां प्रत्येक हिस्सा सतर्कता से अटूट समर्पण के साथ संरक्षित होगा। इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से, हम खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों पर विजय पाने और एक ऐसी दुनिया बनाने के लिए अपनी साझी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं, जहां भोजन न केवल सुरक्षित हो, बल्कि सभी के लिए विश्वास और पोषण का आदर्श हो। यह वैश्विक सहयोग और प्रगति के सार को दशार्ता है, जो हमारे सबसे गहन मूल्यों और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है।</p>
<p>वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 के भव्य ताने-बाने में, विशेष ध्यान के केंद्र-बिंदु परिवर्तनकारी बदलाव के वास्तविक प्रकाश-पुंज के रूप में खड़े हैं, जो देश के खाद्य क्षेत्र को एक शानदार भविष्य की ओर ले जा रहे हैं। खाद्य विकिरण,खाद्य-उत्पादों की सुरक्षा और शेल्फ लाइफ की दोहरी पवित्रता सुनिश्चित करता है और हमारे भोजन को दूषित होने से बचाता है। पादप-आधारित प्रोटीन नवाचार के अगुआ हैं, जो गहन प्रभाव के साथ सतत पोषण प्रदान करते हैं। न्यूनतम अपशिष्ट, अधिकतम मूल्य का दर्शन, दक्षता का प्रतीक है, जो उत्पादन के प्रत्येक अंश को अमूल्य संसाधनों में बदल देता है। टिकाऊ पैकेजिंग, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है और हमारे पर्यावरणीय दुष्प्रभाव को कम करती है। अंत में, खेत से लेकर खाने तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा हर थाली तक शुद्ध, सुरक्षित पोषण पहुंचाना; हमारी अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।  <br />भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र इस महत्वाकांक्षी प्रयास का समर्थन करने वाले प्रमुख स्तंभों में से एक है। इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेकर, व्यवसाय जगत भारत को खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश बनाने के सरकार के मिशन के साथ खुद को जोड़ सकता है एवं तेजी से बढ़ते बाजार और सहायक नीतिगत माहौल का लाभ उठा सकता है।</p>
<p>हम एक नए युग की दहलीज पर खड़े हैं, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 बदलाव का अग्रदूत, वैश्विक मंच पर भारत के उत्थान का प्रतीक और इस क्षेत्र की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रमाण बनकर उभर रहा है। आइए हम सब मिलकर, उद्देश्य और दृष्टि में एकजुट होकर, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 को शानदार तरीके से सफल बनाएं और एक नए भारत की सुबह की शुरूआत करें- एक ऐसा राष्ट्र, जो न केवल आत्मनिर्भर हो, बल्कि दुनिया के लिए समृद्धि, नवाचार और सतत विकास का प्रतीक भी हो।         <br /><br /><strong>-चिराग पासवान                                     </strong><br /><strong>केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/world-food-india-2024-grandeur-background/article-91143</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/world-food-india-2024-grandeur-background/article-91143</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Sep 2024 12:13:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/chirag-paswan.png"                         length="317413"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        