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                <title>american - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>अमेरिकी हेलीकॉप्टर नष्ट होने और हमलों के बावजूद समझौता अब भी संभव, ईरान से समझौते को लेकर और क्या बोले ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने और उसके जवाब में हुए अमेरिकी हमलों के बावजूद दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना बनी हुई है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी वायु रक्षा और रडार ठिकानों पर हमला किया। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी कि किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/despite-the-destruction-of-the-american-helicopter-and-american-attacks/article-156519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/donald-trump-123.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अपाचे हेलीकॉप्टर को नष्ट करने के जवाब में किये गये अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान के साथ समझौता अब भी संभव है। ट्रंप ने कहा, मेरा मानना है कि कठोरता से जवाब देना चाहिए। मैंने अपनी पूरी जिंदगी ऐसा ही किया है। हमारे बीच एक बहुत अच्छा समझौता हुआ था और शायद आगे भी होगा। उन्होंने हेलीकॉप्टर नष्ट करने की घटना के जवाब में अमेरिका के हमलों को बहुत मजबूत एवं बहुत जबरदस्त प्रतिक्रिया करार दिया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त के दौरान इस्लामिक रिपब्लिक ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। राष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि इस हमले का जवाब अमेरिका को जरूर देना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि उसने आत्मरक्षा में हमले किये हैं। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास वायु बल और रडार प्रणाली को निशाना बनाया। अमेरिका के हमलों के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी सेना किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिये बिना नहीं छोड़ेगी। उन्होंने अमेरिका से इस इलाके को छोड़ने के लिए कहा।<span>    </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 14:16:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेश के चटगांव नेवल बेस गया था अमेरिकी स्पेशल कमांडो जैक्सन</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश के होटल में रहस्यमय हालात में मृत पाए गए अमेरिकी स्पेशल फोर्स अधिकारी टेरेंस अरवेल्ले जैक्सन को लेकर नया खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, जैक्सन मौत से पहले करीब 4 महीने तक बांग्लादेश में रहा और भारत सीमा से सटे चटगांव नेवल बेस सहित कई संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों में गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-special-commando-jackson-had-gone-to-chittagong-naval-base/article-133038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मृत पाए गए स्पेशल फोर्सेस के अधिकारी टेरेंस अरवेल्ले जैक्सन के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। टेरेंस अरवेल्ले जैक्सन को ढाका के होटल में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था। अब उसकी मौत के ढाई महीने बाद ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यह अमेरिकी सेना का अधिकारी बांग्लादेश के कई संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों में गया था। यह अमेरिकी अधिकारी मौत से पहले करीब 4 महीने तक बांग्लादेश में रहा था और उसने भारत के मिजोरम से सटे चटगांव नेवल बेस समेत 3 जिलों में कई अहम जगहों की यात्रा की थी। उसे 31 अगस्त को ढाका के एक होटल में मरा पाया गया था।</p>
<p>कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिकी कमांडो ने पीएम मोदी की हत्या की साजिश रची थी जिसे रूस और भारत ने मिलकर विफल कर दिया था। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।  रिपोर्ट के मुताबिक ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 50 साल का जैक्सन अमेरिकी सरकार के काम से बांग्लादेश में विभिन्न जगहों पर गया था। जैक्सन अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस का अधिकारी था और उसने काम से जल्दी रिटायरमेंट ले लिया था।  इसके बाद वह अमेरिका की एक निजी सुरक्षा कंपनी में शामिल हो गया था। उसकी संभावित यूनिट का नाम 160वीं स्पेशल ऑपरेशन एविएशन रेजिमेंट निकनेम नाइट स्टाल्कर्स है। जैक्शन के द वेस्टइन होटल के कमरे की बुकिंग ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने ईमेल भेजकर की थी।</p>
<p><strong>भारत से सटे बांग्लादेशी नेवल बेस पर गया जैक्सन</strong></p>
<p>जैक्शन की लाश होटल के रूम नंबर 808 में मिली थी। इस मौत के बाद जब अमेरिकी राजनयिक वहां पहुंचे तो उन्होंने जैक्सन के शव के पोस्टमार्टम को नहीं होने दिया। हड़बड़ी में जैक्शन के शव को अमेरिका भेज दिया गया था। जैक्शन का शव अमेरिका के ओहियो शहर में हुआ था। वह एरिजोना में अपने परिवार के साथ रहता था। कई ऐसे संकेत मिले हैं कि अप्रैल 2025 में बांग्लादेश में प्रवेश करने के बाद जैक्शन की नजर भारत के नॉर्थ ईस्ट पर थी। वह भारत से सटे चटगांव नेवल बेस गया था जहां बांग्लादेशी नौसेना के युद्धपोत और सबमरीन मौजूद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 12:38:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा क्षेत्र में भारत की लंबी छलांग : वीएचएफ रडार को किया अपग्रेड, चीन का जे 20 और अमेरिकी एफ 35 भी नहीं बच पाएंगे इसकी नजर से </title>
                                    <description><![CDATA[डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट ने भारत इलेक्ट्रॅनिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर विकसित किया है। इस रडार को भारतीय वायुसेना के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-long-jump-in-defense-sector-upgrade-j20-and-american/article-126801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy14.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अपने पहले स्वदेशी सूर्या वेरी हाइ फ्रीक्वेंसी(वीएचएफ) रडार को अपग्रेड कर दिया है। अपनी रक्षा क्षमता में और मजबूती लाते हुए भारत ने मेक इन इंडिया के तहत बने सूर्या वीएचएफ रडार सिस्टम की रेंज बढ़ाकर 500 किलोमीटर तक कर दी है। यानी अब यह दुश्मन के फाइटर जेट्स को 500 किलोमीटर दूर से सूंघकर बता सकता है। ट्राइडेंटेक्स पर एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह रडार इतना एडवांस है कि पांचवीं-छठी पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट्स भी इसकी निगाह से बच नहीं सकते हैं। पहले उन्नत फाइटर जेट्स को पारंपरिक रडार पकड़ नहीं पाते थे। सूर्या रडार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी इसरो के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट ने भारत इलेक्ट्रॅनिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर विकसित किया है। इस रडार को भारतीय वायुसेना के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।</p>
<p><strong>चीन के जे-20 को भी दबोच लेता है</strong><br />सूर्या वीएचएफ रडार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह चीन के जे-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान और विंग लूंग जैसे ड्रोन को भी पहचान सकता है। वह दूर से ही बता देता है कि इन फाइटर्स का रुख किस ओर है। इस रडार को स्टील्थ हंटर भी कहा जाता है।</p>
<p><strong>500 किलोमीटर तक की रेंज 360 डिग्री कवरेज</strong><br />पहले यह यह रडार प्रणाली 2 वर्ग मीटर के रडार क्रॉस सेक्शन वाले लक्ष्यों को 400 किलोमीटर तक की दूरी से ही पहचान सकती थी। मगर, अब इसकी रेंज में इजाफा कर दिया गया है, जिससे इसकी रेंज 500 किलोमीटर तक हो गई है। साथ ही यह प्रति मिनट 10 बार घूमने की क्षमता रखता है, जिससे यह 360 डिग्री का व्यापक कवरेज और पूरी निगरानी करता है। सूर्या रडार को दो 6़6 हाई-मोबिलिटी वाहनों पर आधारित किया गया है, जिससे इसे किसी भी भौगोलिक परिस्थिति में आसानी से तैनात किया जा सकता है। यह रडार मोबाइल यूनिट के तौर पर कार्य करता है और इसमें कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों की पहचान के लिए 3डी रडार तकनीक भी मौजूद है।</p>
<p><strong>एफ 35 विमानों का हर पैंतरा होगा विफल</strong><br />सूर्या रडार वीएचएफ बैंड में काम करता है, जो लंबी वेबलेंथ यानी 30 से लेकर 300 मेगाहर्ट्ज के वीएचएफ बैंड का इस्तेमाल करता है। इसी वजह से कोई भी स्टील्थ विमान इसकी निगाह से बच नहीं पाता है। यहां तक कि अमेरिका के ताकतवर स्टील्थ फाइटर जेट एफ 35 को भी यह आसानी से पकड़ लेता है।सूर्या रडार आत्मनिर्भर भारत का बेहतरीन नमूना है। यह बिना किसी विदेशी तकनीकी सहायता के तैयार किया गया रडार है। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और देश के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सूर्या रडार को भारत की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली जैसे आकाश और क्यूआरएसएएम  मिसाइल सिस्टम से जोड़ा जाए, तो यह चीन के स्टील्थ फाइटर जे-20 जैसे विमानों के लिए अत्यंत घातक साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 11:00:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी मिशन ब्लू घोष्ट ने की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग, कंपनी ने टीम को दी बधाई </title>
                                    <description><![CDATA[इस सफलता के बाद कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें टीम और नासा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-mission-blue-ghosht-congratulated-the-team-successful-landing-company/article-106111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy21.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी निजी अंतरिक्ष कंपनी के ब्लू घोष्ट मिशन ने चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक लैंड किया है। इस सफलता के बाद फायरफ्लाई एयरोस्पेस कंपनी इतिहास की पहली ऐसी कॉर्मिशियल कंपनी बन गई, जिसने चंद्रमा पर पूरी तरह से सफल लैंडिंग की है। </p>
<p>इस सफलता के बाद कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें टीम और नासा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। कंपनी ने एक्स पर एक लिखा कि टी-2 घंटे के बाद ब्लू घोष्ट डिसेंट ऑर्बिट इंसर्शन करेगा और अपने अंतिम गंतव्य, मारे क्रिसियम की ओर ट्रेजेक्टरी शुरू करेगा। ब्लू घोष्ट मिशन में 10 मशीन है। यह मशीनें चंद्रमा पर अलग-अलग प्रयोग करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 16:45:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत विरोधी अमेरिकी अरबपति पर जमकर बरसे मस्क, कहा- जॉर्ज सोरोस का बुरा सपना अमेरिका और यूरोप को नष्ट कर रहा </title>
                                    <description><![CDATA[अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस और 18 अन्य लोगों को रविवार (5 जनवरी) को अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार स्वतंत्रता का पदक (मेडल ऑफ फ्रीडम) प्रदान किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/musk-lashed-out-at-anti-india-american-billionaire-and-said/article-99986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस और 18 अन्य लोगों को रविवार (5 जनवरी) को अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार स्वतंत्रता का पदक (मेडल ऑफ फ्रीडम) प्रदान किया। इसे देख नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। टेक अरबपति इलोन मस्क ने जॉर्ज सोरोस पर तीखा हमला किया है। मस्क ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा कि यह हास्यास्पद है कि बाइडेन सोरोस को स्वतंत्रता का पदक दे रहे हैं। अपनी एक और पोस्ट में इलोन मस्क ने सोरोस पर निशाना साधा। मस्क ने लिखा कि जॉर्ज सोरोस ने फर्जी शरणार्थी दु:स्वप्न (बुरा सपना) बनाने के लिए अरबों खर्च किए जो अमेरिका और यूरोप को नष्ट कर रहा है। मस्क ने जॉर्ज सोरोस की वेबसाइट पर शरण प्रणाली का पुनर्निर्माण शीर्षक के साथ प्रकाशित एक आर्टिकल का हिस्सा भी पोस्ट में शेयर किया है, जिसमें सोरोस यूरोपीय संघ को कह रहे हैं कि उसे को निकट भविष्य में हर साल कम से कम दस लाख शरणार्थियों को स्वीकार करना होगा और ऐसा करने के लिए उसे बोझ को उचित रूप से साझा करना होगा। आर्टिकल के हिस्से के आखिर में लिखा है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि देशों और शरण चाहने वालों को अपनी पसंद व्यक्त करने की अनुमति दी जाए और उन पर कम से कम दबाव डाला जाए। शरणार्थियों को वहां रखना जहां वे जाना चाहते हैं और जहां उन्हें जाना चाहिए, यह सफलता की अनिवार्य शर्त है।</p>
<p><strong>भारत में विवादास्पद हस्ती माने जाते हैं सोरोस</strong></p>
<p>व्हाइट हाउस के आधिकारिक बयान के अनुसार, सोरोस एक प्रमुख निवेशक और ओपन सोसाइटी फाउंडेशन के संस्थापक है। उन्हें लोकतंत्र, मानवाधिकार, शिक्षा और सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए उनकी वैश्विक पहल के लिए मान्यता दी गई। हालांकि, अमेरिका के शीर्ष पुरस्कार विजेता जॉर्ज सोरोस भारत में एक विवादास्पद व्यक्ति माने जाते हैं। भारतीय जनता पार्टी के भीतर जॉर्ज सोरोस का रुख भारत विरोधी माना जाता है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन्हें बूढ़ा, अमीर और खतरनाक व्यक्ति कहा था। जॉर्ज सोरोस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखर आलोचक रहे हैं। सोरोस पर अपने संगठन ओपन सोसाइटी फाउंडेशन के माध्यम से स्वतंत्र कश्मीर के विचार का समर्थन करने का भी आरोप है। वहीं, बीजेपी की ओर से कांग्रेस और जॉर्ज सोरोस की मिलिभगत के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। द फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी 2023 में जॉर्ज सोरोस ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपने भाषण में यह भी कहा था कि पहली हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद बिजनेस टाइकून अडानी के साथ गठबंधन करने से भारत की संघीय सरकार पर मोदी की पकड़ काफी कमजोर हो सकती है। <br /><br />उस समय भारत की महिला और बाल विकास मंत्री रहीं स्मृति ईरानी ने सोरोस पर पलटवार किया था। स्मृति ईरानी ने कहा था कि सोरोस भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं और पीएम मोदी को निशाना बना रहे हैं। स्मृति ईरानी ने यह भी कहा था कि भारत को जब भी विदेशी ताकतों से चुनौती मिली है तो उसने उन्हें हमेशा पराजित किया है और भविष्य में भी करता रहेगा।<br />सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक गैर-लाभकारी संगठन ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट की ओर से एक रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद अडानी समूह ने दावों को खारिज करते हुए कहा था कि जॉर्ज सोरोस समूह के वित्तीय समर्थक थे और हिंडनबर्ग के दावों को पुष्ट करने के लिए रिपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 15:47:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कनाडा के जंगल की आग के धुएं एवं भीषण गर्मी से अमेरिकी बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में लोग कनाडा के जंगल में लगी आग के धुएं के कारण हानिकारक वायु गुणवत्ता और भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/american-suffering-from-the-smoke-and-severe-heat-of-canadas/article-50348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/aag-1-(2).png" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजेल्स। अमेरिका में लोग कनाडा के जंगल में लगी आग के धुएं के कारण हानिकारक वायु गुणवत्ता और भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। ट्रैकिंग सेवा आईक्यूएयरडॉटकॉम के अनुसार, कनाडा के जंगल की आग के धुएं के कारण लगभग आठ करोड 70 लाख लोगों को खराब वायु गुणवत्ता का खतरा है। डेट्रॉइट, शिकागो और मिनियापोलिस दुनिया के सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले शीर्ष चार शहरों में शामिल हैं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (एनडब्ल्यूएस) ने बुधवार को मिनेसोटा से लेकर दक्षिण में जॉर्जिया तक कम से कम 20 राज्यों के लिए वायु गुणवत्ता अलर्ट जारी किया। वायु गुणवत्ता का यह अलर्ट पूरे न्यूयॉर्क राज्य और न्यू जर्सी सहित पूर्वोत्तर तक भी फैल गया।</p>
<p>एनडब्ल्यूएस ने ट्वीट किया कि आज मिडवेस्ट के व्यापक हिस्से में धुएं का स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने की आशंका है। कनाडा में जंगल की आग का धुआं इस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।</p>
<p>एनडब्ल्यूएस ने सुझाव दिया कि अगर आपको बाहर रहना है, तो घर के अंदर लें धुएं को कम करने में मदद के लिए एन-95 मास्क का उपयोग करने पर विचार करें। अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, जंगल की आग का धुआं और राख आंखों, नाक, गले और फेफड़ों में जलन पैदा कर सकता है, जिससे लोगों को खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।</p>
<p>धुएं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका घर के अंदर रहना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2023 14:34:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>कीव की घेराबंदी तेज, लड़ाई के बीच अमेरिकी पत्रकार की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने यूक्रेन में दूतावास को पोलैंड स्थानांतरित किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kyiv-siege-intensifies--american-journalist-dies-amid-fighting/article-6092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/press01.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव की घेराबंदी तेज कर दी है। रूसी सेना का हमला पोलैंड से यूक्रेन की लगती सीमा के करीब पहुंच गया है। रूस ने रविवार को पश्चिमी यूक्रेन में एक सैन्य प्रशिक्षण अड्डे पर आठ राकेट दागे। रूस ने राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में गोलाबारी तेज कर दी है। साथ ही मारियुपोल पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। यूक्रेन में एक अमेरिकी पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना बेहद हैरान करने वाली है। इस बीच यूक्रेन के साथ वार्ता कर रहे रूसी प्रतिनिधि का कहना है कि दोनों मुल्कों के बीच चल रही बातचीत में अब तक काफी प्रगति हुई है। <br /><br /><strong>पोप ने युद्ध रोकने की अपील की</strong> <br />इस बीच पोप फ्रांसिस ने रविवार को यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए एक हार्दिक याचिका जारी करते हुए कहा कि नागरिकों पर हमले निंदनीय हैं। इसके साथ ही पोप ने यूक्रेन में निहत्थे आम नागरिकों और बच्चों की हत्या को बर्बर कृत्य करार दिया। पोप ने सेंट पीटर्स स्क्वायर में जमा करीब 25 हजार लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी गुजारिश है कि इस नरसंहार को <br />रोका जाए।<br /><br /><strong>भारत ने यूक्रेन में दूतावास को पोलैंड स्थानांतरित किया</strong><br />नई दिल्ली। यूक्रेन में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने रविवार को कीव में अपने दूतावास को पोलैंड में अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने की घोषणा की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यूक्रेन में देश के पश्चिमी हिस्सों में हमलों सहित सुरक्षा की तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास को पोलैंड में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया है तथा आगे के घटनाक्रम के आलोक में स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यूक्रेन की स्थिति बिगड़ती जा रही है और रूसी सेना के राजधानी कीव की ओर बढ़ने की जानकारी सामने आई है। रविवार को पश्चिमी यूक्रेन में लवीव के पास एक सैन्य अड्डे पर रूसी हवाई हमले में 35 लोगों के मारे जाने और 134 अन्य के घायल होने की खबर है। इससे पहले शनिवार को रूसी सेना ने दक्षिण में मारियुपोल पर बमबारी की और राजधानी कीव के बाहरी इलाके में गोलाबारी की। ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से भारतीय छात्रों के अंतिम समूह को स्वदेश वापस लाया। अब तक 22,000 से अधिक भारतीय यूक्रेन छोड़ चुके हैं।<br /><br /><strong>मोदी ने की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में देश की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के साथ साथ यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर मौजूदा वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मोदी की अध्यक्षता में रविवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक हुई।इस बैठक में प्रधानमंत्री को ताजा घटनाक्रम तथा सीमावर्ती क्षेत्रों, समुद्री और हवाई क्षेत्र में देश की सुरक्षा तैयारियों से अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री को यूक्रेन से संबंधित ताजा घटनाओं की जानकारी दी गई, साथ ही वहां फंसे भारतीय नागरिकों तथा पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा के बारे में भी विस्तार से बताया गया। मोदी ने निर्देश दिया कि यूक्रेन के शहर खारकीव में मारे गए नवीन शेखरअप्पा के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 11:16:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुनने-पढ़ने में भले ही अजीब लगे, लेकिन है सच : इंसान के शरीर में सूअर के दिल ट्रांसप्लांट, अमेरिका में चिकित्सकों के एक समूह ने विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी की हासिल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी डॉक्टरों ने रचा इतिहास, इंसान में किया सूअर के दिल का ट्रांसप्लांट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%AC-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87--%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B8%E0%A4%9A---%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%85%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9F--%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2/article-3938"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/22.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन।  एक बार आपकों भले ही विश्वास ना हो, लेकिन ये सच है। अमेरिका में चिकित्सकों के एक समूह ने विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डॉक्टरों ने इंसान के शरीर में सूअर के दिल को प्रत्यारोपित किया है। यह पहली बार है, जब ऐसे किसी कारनामे को अंजाम दिया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के डॉक्टरों ने यह उपलब्धि हासिल की है। इनके द्वारा आनुवंशिक रूप से संशोधित सूअर के दिल का सफल प्रत्यारोपण इंसान के शरीर में किया गया है।<br /><br />द गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इन चिकित्सकों ने सोमवार को दिए अपने बयान में बताया कि सर्जरी को हुये तीन दिन हो चुके हैं और अब मरीज की हालत ठीक है। यह एक बहुत बड़ा एक्सपेरिमेंट था, हालांकि ऑपरेशन सफल हुआ है, यह अभी बता देना काफी जल्दबाजी होगी।<br /><br />गौरतलब है कि कई दशकों से यह सवाल वैज्ञानिकों के मन में था कि क्या जरूरत पडऩे पर इंसान की जान बचाने के लिए जानवरों के अंगों को इस्तेमाल में लाया जा सकता है और अब सफल प्रत्यारोपण इसी का एक जवाब है।चिकित्सकों के मुताबिक, इस प्रत्यारोपण ने साबित कर दिया है कि आनुवंशिक रूप से संशोधित जानवर का दिल मानव शरीर में काम कर सकता है।<br /><br />द गार्डियन अखबार ने अपनी रिपोर्ट में 57 वर्षीय मरीज डेविड बेनेट के हवाले से बताया,''मेरे मन में बस एक ही विचार था कि या मैं मर जाऊं या ट्रांसप्लांट करवा लूं। मैं जीना चाहता हूं। मुझे पता था कि यह अंधेरे में निशाना लगाने जैसा है, लेकिन इसके अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं था।''<br /><br />डेविड के नए प्रत्यारोपित दिल को एक हार्ट-लंग मशीन के साथ कनेक्ट किया गया है, जिसकी मदद से उसने सोमवार को खुद से सांसे लीं।यूनिवर्सिटी के कार्डियक जेनोट्रांसप्लांटेशन कार्यक्रम की सह-संस्थापक डॉ मुहम्मद मोहिउद्दीन ने कहा,''अगर यह काम कर जाता है, तो आने वाले दिनों में ङ्क्षजदगी और मौत से जूझ रहे मरीजों के लिए ऐसे अंगों की आपूर्ति में कमी नहीं होगी।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jan 2022 12:37:27 +0530</pubDate>
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                <title>बम विस्फोट की धमकी के बाद अमेरिकी विश्वविद्यालयों को खाली करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूयार्क पुलिस मामले की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%AC%E0%A4%AE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A7%E0%A4%AE%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-2190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/amerika.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन।  अमेरिका में न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय समेत देश के कई विश्वविद्यालयों को बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद खाली करने के आदेश दिये गये हैं। कोलंबिया विश्वविद्यालय ने वटर पर कहा कि रविवार 07 नवंबर को दोपहर करीब 14.30 बजे विश्वविद्यालय भवनों पर बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद आपातकालीन अलर्ट जारी किया। न्यूयार्क पुलिस मामले की जांच कर रही है।<br /> <br /> न्यूयार्क पुलिस ने हालांकि इन धमकियों को विश्वसनीय नहीं माना है , लेकिन आवश्यक जांच पड़ताल कर रही है। इस बीच न्यूयॉर्क स्थित कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने भी ऐसी ही धमकी की सूचना दी है। विश्वविद्यालय ने ट्वीट किया , '' बम की धमकी की पुलिस जांच जारी है। इमारत में तलाशी का काम चल रहा है। कृपया अभी केंद्रीय परिसर में आने से बचें।<br /> <br /> दूसरी तरफ रोड आइलैंड के प्रोविडेंस स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी ने कहा कि बम की धमकी के बाद रविवार को परिसर की कई इमारतों को खाली करा लिया गया , हालांकि बाद में यहां फिर से प्रवेश के लिए मंजूरी दे दी गयी। इससे पहले कनेक्टिकट प्रांत में येल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद कई इमारतों को खाली करा लिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 16:34:14 +0530</pubDate>
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                <title>डेविड जूलियस और अर्डेम पैटापाउटियन को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वैज्ञानिकों डेविड जूलियस और अर्डेम पैटापाउटियन को तापमान और स्पर्श संबंधी रिसेप्टर्स की खोजों के लिए चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार से संयुक्त रूप से नवाजा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/615b033445ba0/article-1424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/qw.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्टॉकहोम</strong>। अमेरिकी वैज्ञानिकों डेविड जूलियस और अर्डेम पैटापाउटियन को तापमान और स्पर्श संबंधी रिसेप्टर्स की खोजों के लिए चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार से संयुक्त रूप से नवाजा गया है।कैरोलिंस्का इंस्टिट्यूट स्थित नोबेल असेंबली ने सोमवार को दाेनों वैज्ञानिकों को साझा रूप से पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की।असेंबली ने बताया कि डेविड जूलियस ने मिर्च से मिलने वाले तीखे और जलन उत्पन्न करने वाले यौगिक कैप्साइसिन का उपयोग कर जलन महसूस होने पर प्रतिक्रिया देने वाले त्वचा की तंत्रिका के अंत में पाये जाने वाले एक सेंसर की पहचान की। अर्डेम पैटापाउटियन ने दबाव के प्रति संवेदनशील कोशिकाओं का उपयोग कर त्वचा और आंतरिक अंगों में यांत्रिक उत्तेजनाओं के लिए जिम्मेदार सेंसर के एक नवीन वर्ग की खोज की।असेंबली ने बताया कि इन सफल खोजों ने गहन शोध गतिविधियों को शुरू किया जिससे तंत्रिका तंत्र द्वारा गर्मी, ठंड और यांत्रिक उत्तेजना को महसूस किये जाने संबंधी हमारी समझ में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Oct 2021 19:07:03 +0530</pubDate>
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