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                <title>medicine - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>चाहे दवा का रैपर कट फट जाए, मरीज की सुरक्षा के लिए हर हाल में एक्सपायरी डेट मिले</title>
                                    <description><![CDATA[दवाओं की एक्सपायरी डेट सुनिश्चित करने के लिए क्या कोड नंबर सिस्टम होना चाहिए?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-if-the-medicine-wrapper-is-cut-or-torn--the-expiry-date-should-always-be-provided-for-patient-safety/article-134006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1200-x-600-px)-(14).png" alt=""></a><br /><p>कोटा । आजकल हर घर में हल्की-फुल्की बीमारी या समस्या के लिए दवाइयां लेना सामान्य बात हो गई है। बहुत से लोग सिर दर्द या शरीर में दर्द के लिए पेन किलर हमेशा अपने पास रखते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि  दवाओं की एक्सपायरी डेट निकल चुकी होती है, जिससे व्यक्ति यह तय नहीं कर पाता कि उसे दवा लेनी चाहिए या नहीं। यह स्थिति अक्सर भ्रम और चिंता का कारण बनती है।</p>
<p><strong>रैपर पर एक्सपायरी डेट का मिटना या कटना</strong><br />दवा कंपनियां आमतौर पर दवाओं पर एक्सपायरी डेट अंकित करती हैं, लेकिन अक्सर रैपर या पैकिंग पर छपी डेट कट जाती है या मिट जाती है, जिससे यह जानना मुश्किल हो जाता है कि दवा सुरक्षित है या नहीं। इस समस्या से बचने के लिए एक सुझाव है कि दवाओं पर एक न्यूमेरिक कोड नंबर लगाया जाए, जिससे उपभोक्ता आसानी से दवा की एक्सपायरी डेट इंटरनेट पर सर्च कर के जान सकें।</p>
<p><strong>न्यूमेरिक कोड नंबर सिस्टम</strong><br />अगर दवाओं के रैपर पर यूनिफॉर्म तरीके से पूरी स्ट्रिप पर न्यूमेरिक कोड नंबर दिया जाए, तो यह उपभोक्ताओं के लिए बहुत फायदेमंद होगा। अगर रैपर फट जाए या कुछ गोलियां या एक गोली भी बच जाएं, तो भी कोड नंबर से दवा की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इस कोड को इंटरनेट पर सर्च करने से दवा की मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, कंपनी का नाम और यह भी पता चल सकेगा कि दवा असली है या नकली।</p>
<p><strong> इस प्रणाली के लागू होने से होंगे ये लाभ </strong><br />1. एक्सपायरी डेट की जानकारी तुरंत प्राप्त हो सकेगी, जिससे उपभोक्ता पुरानी दवाएं सेवन करने से बचेंगे।<br />2. नकली दवाओं की पहचान में मदद मिलेगी, और असली दवाओं का चुनाव करना आसान होगा।<br />3. दवाओं की सुरक्षा बढ़ेगी, और उनके उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम कम होंगे।<br />4. दवा संबंधी जानकारी की पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं को दवा के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी।</p>
<p>इस तरह की व्यवस्था से उपभोक्ता दवाओं का सुरक्षित और सही तरीके से उपयोग कर पाएंगे और दवाओं से जुड़ी समस्याएं कम होंगी। इस विषय पर दैनिक नवज्योति ने शहर के लोगों की राय ली और उनसे जानने की कोशिश की कि उनका इस बारे में क्या कहना है।ं </p>
<p>मैं आपके सुझाव से सहमत हूं। अगर दवाइयों पर एक्सपायरी डेट के अलावा एक कोड भी होगा, तो इसका फायदा यह होगा कि यदि पुराना स्टाक रखा होता है तो दवा कम्पनियां  पुराने पैकेट को छेड़कर नई डेट चिपकाती है, तो उसे आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। कोड के जरिए हम यह जान सकते हैं कि दवा कब बनी थी और उसकी एक्सपायरी डेट क्या है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।<br /><strong>- महावीर प्रसाद नायक, डायरेक्टर धनलक्ष्मी प्रॉपर्टीज</strong></p>
<p>कोड नम्बर लिखने से एक्सट्रा सेफ्टी हो जाएगी। अन्यथा दवा लेने वाले को ही ध्यान रखना पड़ेगा कि रैपर शुरू करते है उसी समय देख लें एक्सपायरी डेट जिससे ध्यान रहे। दवा के रैपर पर एक-दो स्थानों पर एक्सपायरी डेट लिखी जानी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यदि एक स्थान से हट जाए तो दूसरी जगह से आसानी से पता चल सके। <br /><strong>- डॉ. अरूणा अग्रवाल, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ</strong></p>
<p>दवा पर एक कोड नंबर या बारकोड डालना चाहिए, जिससे उसकी एक्सपायरी डेट आसानी से पता चल सके। कोड को थोड़ा बोल्ड और स्पष्ट रूप से लिखा जाए ताकि विशेषकर बुजुर्ग लोग भी उसे पढ़ सकें। इसके साथ ही, एक्सपायर होने वाली तारीख भी लिखी जाए, ताकि मरीज आसानी से जान सकें कि दवा कब एक्सपायर होगी। यह कोड आॅनलाइन सर्च करने के लिए उपयोगी होगा, जिससे सारी जानकारी प्राप्त की जा सके।<br /><strong>- प्रियंका गुप्ता, संस्थापक, अभिलाषा क्लब</strong></p>
<p>दवाइयों के पैकेट पर क्यूआर कोड दिया जाए, जिससे वह स्कैन करके सारी जानकारी प्राप्त कर सकें। यदि दस गोलियों की स्ट्रिप है, तो दो जगह क्यूआर कोड होना चाहिए ताकि यदि कोई आधी स्ट्रिप लेता है तो भी उसे जानकारी मिल सके। कोड नंबर फिजिबल नहीं है पब्लिक पोर्टल इस तरह का है नहीं ऐसे में डीकोड कौन करेगा। क्यूआर कोड के जरिए मोबाइल फोन से घर बैठे ही स्कैन करने से एक्सपायरी डेट और बाकी की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह आम जन ता के लिए बेहद सुविधाजनक होगा।<br /><strong>- डॉ. विजय सरदाना, पूर्व प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज</strong></p>
<p>दवा के पैकेट पर एक्सपायरी डेट एक ही स्थान पर लिखी जाती है। हालांकि कई बार हम दवा गलती से उसी स्थान से निकाल लेते हैं। इसलिए, कम से कम दो-तीन स्थानों पर एक्सपायरी डेट लिखी जानी चाहिए, ताकि अगर एक स्थान से हट जाए तो दूसरी जगह से पता चल सके। इसके अलावा, कोड नंबर या बारकोड भी लिखा जा सकता है, जिससे हम स्कैन करके डेट की जानकारी प्राप्त कर सकें।<br /><strong>- महेश गुप्ता, डायरेक्टर, शिव ज्योति एज्यूकेशनल ग्रुप, कोटा</strong></p>
<p>यह एक बहुत सही मुद्दा है और सभी फार्मा कंपनियों को इसे फॉलो करना चाहिए। कई बार दवाइयां बर्बाद हो जाती हैं, या मरीज अंजाने में गलत दवाइयां ले लेते हैं। कंपनियां क्यूआर कोड या यूनिक कोड डाल सकती हैं, जिससे पूरी जानकारी स्कैन करके मिल सके। अगर ऐसा न हो सके, तो कम से कम हर गोली के पैकेट पर एक्सपायरी डेट प्रिंट की जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज के लिए यह आवश्यक है, क्योंकि वह क्यूआर कोड को स्कैन करना नहीं जानता। सबसे अच्छा तो यहीं रहेगा कि सभी फार्मा कंपनी रैपर पर ही एक्सपायरी डेट मेंशन करें या दोनों विकल्प रखें कंपनी को जो यूज करना हो कर सकें।<br /><strong>- डॉ. गौरव मेहता, स्पाइन सर्जन, ईथॉस हॉस्पिटल</strong></p>
<p>कई बार जब हम दवा का रैपर खोलते हैं, तो एक्सपायरी डेट बहुत छोटे अक्षरों में लिखी होती है और स्पष्ट नहीं दिखाई देती। इस स्थिति में, एक कोड नंबर, बैच नंबर, या रैपर के फ्रंट पर एक्सपायरी डेट लिखी जानी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दवा एक्सपायर होने से पहले हम उसकी जानकारी प्राप्त कर सकें, और किसी भी परेशानी से बच सकेंगे।<br /><strong>- रितु बोहरा, सीए</strong></p>
<p>ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 और रूल 1945 के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि एक्सपायरी डेट दो स्थानों पर लिखी जाए। एक्सपायरी डेट एक ही स्थान पर लिखी जाती है। दवा के पैकेट पर जो जानकारी दी जाती है, जैसे कंपनी का नाम, कंपोजीशन, लाइसेंस नंबर आदि, वह सभी नियमों के तहत होती है। यदि एक्सपायरी डेट दूसरी जगह भी लिखी जाए, तो बाकी की जानकारी समायोजित नहीं हो सकेगी। एक्ट के अनुसार लेबलिंग नहीं लिखते है  तो दवा मिसब्रांडेड मानी जाती है। लेबल नहीं पाया जाएगा तो फिर वो नकली मानी जाएगी। इसलिए, यह सुनिश्चित किया जाता है कि एक ही स्थान पर सभी आवश्यक जानकारी हो।<br /><strong>- आसाराम मीना, ड्रग कंट्रोलर कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 13:00:31 +0530</pubDate>
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                <title>30 दिन मौत को चकमा देकर मुस्कुराई जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[स्क्रब टायफस के साथ मल्टीपल बीमारियों के शिकंजे में फंसी थी जान
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-smiled-after-dodging-death-for-30-days/article-126443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चिकित्सकों को धरती पर यूं ही भगवान का दर्जा नहीं दिया जाता। इसका जीवंत उदारहण कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में देखने को मिला।  दरअसल, बारां निवासी 25 वर्षीय विवाहिता स्क्रब टायफस से मरणासन स्थिति में पहुंच गई थी, जिसके बचने की उम्मीद भी न के बराबर थी। लेकिन, चिकित्सकों की मेहनत से जिंदगी और मौत के बीच 30 दिन चले संघर्ष में आखिरकार  सुनीता को नया जीवन मिल गया। </p>
<p><strong>बुखार से वेंटिलेटर तक पहुंची महिला</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मेडिसीन यूनिट-बी की एचओडी  डॉ. मीनाक्षी शारदा ने बताया कि बारां जिले के मांगरोल निवासी सुनीता को गत 30 जुलाई से ही तेज बुखार आ रहा था। परिजन स्थानीय स्तर पर ही इलाज करवा रहे थे। लेकिन बुखार नहीं टूटा, उल्टियां होने और सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई। बीच-बीच में दौरे भी पड़ने लगे। गंभीर अवस्था में परिजन 5 अगस्त को उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। उसका ब्लड प्रेशर भी 50 चल रहा था, शुगर भी बहुत कम था।</p>
<p><strong>ब्लड इंफेक्शन के 20 हजार काउंट बढ़ गए</strong><br />महिला के ब्लड सेल्स इफेक्टेड हो गए थे। प्लेटरेट्स भी डाउन हो गए। लीवर, किडनी और लंग्स  भी डेमेज हो गए। प्रोटोकॉल के तहत महिला का इलाज शुरू किया। लेकिन, स्थिति गंभीर बनी रही। बचने की स्थिति न के बराबर थी। लेकिन, जान बचाने की उम्मीद से न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मेडिसीन विभाग-बी के चिकित्सकों की टीम रात-दिन इलाज में जुटी रही। </p>
<p><strong>आॅक्सीजन लेवल घटा, फेफड़ों में निमोनिया बढ़ा</strong><br />उन्होंने बताया कि मरीज के शरीर का आॅक्सीजन लेवल घटकर 80% रह गया था। दोनों फेफड़ों में निमोनिया होने से सांस लेने में मुश्किल हो रही थी। इस पर तुरंत आईसीयू में वेंटिलेशन पर लिया और इमरजेंसी केयर शुरू किया। इसके बाद जांचें करवाई, जिसमें वह स्क्रब टायफस पॉजीटिव मिली। वायरस ने शरीर के अंगों को तेजी से प्रभावित किया।  वह कोमा जैसी अचेतावस्था में थी। </p>
<p><strong>अनंत चतुर्दशी पर मिली मौत पर जिंदगी को फतह</strong><br />लगातार 28 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद मरीज सुनीता को टी-पीस सपोर्ट पर लाया गया। फिर आॅक्सीजन हटाकर 48 घंटे चिकित्सकों की निगरानी में रखा,जब पूरी तरह आश्वस्त हो गए कि उसे सांस लेने में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हुई तो फिर ट्रेकियोस्टॉमी बंद की गई। सुनीता पूरी तरह होश में थी और स्वस्थ थी। आखिरकार, 7 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर वह मुस्कुराती हुई परिजनों के साथ अपने घर लौट गई। उसे डिस्चार्ज किया गया। </p>
<p><strong>जान बचाने में इन चिकित्सकों की रही भूमिका  </strong><br />मरीज सुनीता की जान बचाने में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग-बी के चिकित्सकोें की टीम की अहम भूमिका रही। जिसमें मेडिसिन यूनिट बी-की एचओडी डॉ. मीनाक्षी शारदा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ चित्तौड़ा, डॉ. असिस्टेंट प्रोफेसर हेमंत विमलानी, रेजिÞडेंट टीम से डॉ. शेर सिंह, डॉ. धीरेज कृष्ण, डॉ. गोकुल बीजी, डॉ. शुभम कुमार, डॉ. आदिश जैन, डॉ. विकास गालव, डॉ. श्याम सुंदर, डॉ. मोनिका तिवारी शामिल रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 17:04:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Nobel Prize 2024: विक्टर और गैरी को मिला चिकित्सा के क्षेत्र में नोबल, माइक्रो आरएनए पर की महत्पूर्ण खोज</title>
                                    <description><![CDATA[कैंसर-डायबिटीज जैसी बीमारियों की पहचान में मददगार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nobel-prize-2024-victor-and-gary-get-nobel-in-the/article-92515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size7.png" alt=""></a><br /><p>स्टॉकहोम। नोबेल प्राइज 2024 के लिए विजेताओं की घोषणा शुरू हो गई। सोमवार को मेडिसिन या फिजियोलॉजी के क्षेत्र में दो अमेरिकी वैज्ञानिकों विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को मिला है। उन्हें ये प्राइज माइक्रो (आरएनए) राइबोन्यूक्लिक एसिड की खोज के लिए दिया गया है। माइक्रो आरएनए से पता चलता है कि शरीर में कोशिकाएं कैसे बनती और काम करती हैं। दोनों जीन वैज्ञानिकों ने 1993 में माइक्रो आरएनए की खोज की थी। माइक्रो आरएनए में असाधारण बदलाव होने की वजह से कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियां हो सकती हैं।<br /><strong>क्यों महत्वपूर्ण है ये खोज</strong><br />विक्टर एम्ब्रोस ने सी. एलिगेंस में विकासात्मक समय के जेनेटिक कंट्रोल को लेकर शोध किया है। यह खोज जीवों के विकास और कार्य करने के तरीके को समझने के लिए मौलिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो रही है। भले ही हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं में एक जैसे जीन होते हैं, लेकिन मांसपेशियों और तंत्रिका कोशिकाओं जैसी विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं अलग-अलग कार्य करती हैं।</p>
<p>यह जीन विनियमन के कारण संभव है, जो कोशिकाओं को केवल उन जीनों को चालू करने की अनुमति देता है जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है। माइक्रो आरएनए को लेकर एम्ब्रोस और रुवकुन की खोज ने इस विनियमन के होने का एक नया तरीका बताया है। एम्ब्रोस वर्तमान में मैसाचुसेट्स मेडिकल स्कूल में प्राकृतिक विज्ञान के प्रोफेसर हैं। रुवकुन का शोध मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में किया गया था, जहां वह आनुवंशिकी के प्रोफेसर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 16:13:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का हुआ शुभारंभ; नौनिहालों ने गटकी पोलियो की दो खुराक बूंद </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान  के तहत लालसोट उपखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में रविवार को बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2024 का शुभारंभ किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/national-pulse-polio-campaign-was-launched-children-swallowed-two-drops/article-83251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(3)13.png" alt=""></a><br /><p>दौसा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान  के तहत लालसोट उपखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में रविवार को बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2024 का शुभारंभ किया। जिला महिला चिकित्सालय लालसोट पर नगर पालिका चेयरमैन पिंकी चतुर्वेदी ने नवजात शिशुओं को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर चैयरमेन पिंकी चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य में पोलियो का अंतिम मामला नवम्बर 2009 में सामने आया। इसके बाद से अब तक पोलिया का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया है। फिर भी पड़ोसी राज्यों में पिछले कुछ सालों में पाए गए पोलियो के केसों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 मार्च 2014 को भारत पोलियो मुक्त घोषित कर रखा है। जिसे बरकरार रखने के लिए चिकित्सा विभाग की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है।</p>
<p>मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ.पवन जैन ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र लालसोट में  30 जून से 2 जुलाई तक चलने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2024 में 0 से 5 वर्ष तक के 62920 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के प्रथम दिन रविवार को पोलियो बूथों पर तथा अगले 2 दिन सोमवार एवं मंगलवार को टीमों द्वारा घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए 382 वैक्सीनेशन टीमों का गठन किया गया है। जिला महिला चिकित्सालय लालसोट पर नगर पालिका चेयरमैन पिंकी चतुर्वेदी द्वारा पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया जाने के दौरान समाजसेवी सोनू बिनोरी, डॉ.अक्षय शर्मा, डॉ.आरती मीना, डॉ.हेमंत शर्मा, एएनएम शकुंतला शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर दुर्गेश कुमार अग्रवाल, सोनू महावर एलडीसी सहित चिकित्सा कर्मी  मौजूद रहे। पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्र लालसोट में 23 बूथ, चार ट्रांजिट टीम एवं दो मोबाइल टीम में कुल 104 वैक्सीनेटर के द्वारा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Jun 2024 16:17:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>सीएचसी भवन में लाग लगने से लाखों का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[आगजनी में मेडिसिन स्टोर की सभी दवायें जलकर खाक होने के साथ अस्पताल के कई दरवाजे भी जलकर राख हो गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/loss-worth-lakhs-due-to-fire-in-chc-building/article-76603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/fire1.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर । राजस्थान के सवाई माधोपुर में मित्रपुरा तहसील मुख्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) भवन में गुरुवार तड़के भीषण आग लग जाने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया है।मेडिसिन स्टोर में रखे फ्रिज में शॉर्ट सर्किट से ब्लास्टिंग होने के बाद पूरे मेडिसिन स्टोर में भीषण आग लग गयी जिसने पूरे अस्पताल को अपनी जद में ले लिया। करीब तीन घण्टे बाद सवाई माधोपुर से पहुंची दमकल ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।</p>
<p>बताया गया कि मित्रपुरा तहसील मुख्यालय पर दमकल की व्यवस्था नहीं होने की वजह से पहले वैकल्पिक संसाधनों से ही आग बुझाने के प्रयास शुरू किये गये। टैंकर मंगवाकर पानी की मोटर चलाई और आग बुझाने की कोशिश की गयी, लेकिन सफलता नहीं मिली। आगजनी में मेडिसिन स्टोर की सभी दवायें जलकर खाक होने के साथ अस्पताल के कई दरवाजे भी जलकर राख हो गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 May 2024 17:03:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस में 13 करोड़पति महिला प्रत्याशी डॉक्टरी और बिजनेस भी संभाल रहीं</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इस बार 28 महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। इन महिलाओं में कई प्रत्याशी करोडपति हैं तो कई ऊंची शैक्षणिक डिग्रियां हासिल कर चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/13-crorepati-women-candidates-in-congress-are-also-handling-medicine/article-62591"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/congress-logo-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इस बार 28 महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। इन महिलाओं में कई प्रत्याशी करोडपति हैं तो कई ऊंची शैक्षणिक डिग्रियां हासिल कर चुकी हैं। कुछ कामकाजी और खेतीबाडी संभालने वाली महिलाएं हैं तो कुछ व्यापार भी करती हैं। कई प्रत्याशी विधायक या पूर्व विधायक के नाते मिलने वाली वेतन राशि या पेंशन के भरोसे अपनी आजीविका चला रही हैं। </p>
<p>कुल महिला कांग्रेस प्रत्याशियों में 13 प्रत्याशी करोड़पति हैं। इनमें कृष्णा पूनिया, ममता भूपेश, दिव्या मदेरणा, प्रीति गजेन्द्र शक्तावत, रमिला खडिया, सुशीला डूडी, शकुतंला रावत, गंगा देवी, शोभारानी कुशवाह, इंदिरा मीणा, मीना कंवर, मनीषा गुर्जर, जाहिदा खान शामिल हैं। सबसे ज्यादा पढी लिखी प्रत्याशियों में द्रोपदी कोली एमए, एलएलबी, एमएड, एमफिल, पीएचडी की हुई हैं तो डॉ.शिखा मील बराला एमबीबीएस डॉक्टर हैं। रीटा चौधरी, अर्चना शर्मा, जाहिदा खान भी उच्च शिक्षित हैं। </p>
<p>गंगा देवी और रमिला खडिया केवल साक्षर हैं तो निर्मला सहरिया केवल नवीं तक पढी लिखी हैं। ममता भूपेश, सुशीला डूडी, शिखा मील बराला, मनीषा गुर्जर, राखी गौतम व्यवसाय भी करती हैं। विधायक दिव्या मदेरणा, रमिला खडिया, नसीम अख्तर, शोभारानी कुशवाह पर कुछ आपराधिक केस भी लगे हुए हैं,लेकिन उनकी जांच लंबित है। सबसे कम उम्र की महिला प्रत्याशी संजना जाटव 25 वर्ष तो सबसे अधिक उम्र की महिला प्रत्याशी गंगा देवी 65 वर्ष की हैं। </p>
<p><strong>इन महिला प्रत्याशियों का जीवन परिचय</strong><br /><strong>विधायक              उम्र         पद और आजीविका साधन          शैक्षणिक योग्यता    संपत्ति</strong><br />कृष्णा पूनिया       46 वर्ष    विधायक सादुलपुर, वेतन     स्नातक    1.93 करोड़<br />रीटा चौधरी    50 वर्ष    विधायक मंडावा,वेतन    एमए,एमबीए    14.71 लाख<br />अर्चना शर्मा    51 वर्ष    मालवीयनगर प्रत्याशी,मकान किराया    बीए, एम,पीएचडी    43.98 लाख<br />ममता भूपेश    50 वर्ष    विधायक सिकराय, व्यवसाय    बीए, एमबीए    71.83 लाख<br />मंजू देवी    46 वर्ष    विधायक जायल,पेंशन-कृषि    फिलोसपी डिप्लोमा    75.74 लाख<br />दिव्या मदेरणा    39 वर्ष    विधायक ओसियां, खेती-व्यापार    एलएलएम    2.8 करोड<br />मनीषा पंवार    43 वर्ष    विधायक जोधपुर,व्यापार    एमए    25.68 लाख<br />प्रीति शक्तावत    50 वर्ष    विधायक वल्लभनगर, व्यापार    बीए, बीएड    3.67 करोड<br />रमिला खडिया    54 वर्ष    विधायक कुशलगढ, कृषि-व्यवसाय    साक्षर    1.14 करोड़<br />सुशीला डूडी    58 वर्ष    नोखा प्रत्याशी, व्यापार    स्नातक अध्ययनरत    1.88 करोड<br />शकुतंला रावत    56 वर्ष    विधायक बानसूर, व्यापार    स्नातकोत्तर    24.42 लाख<br />नसीम अख्तर    54 वर्ष    पुष्कर प्रत्याशी, विधायक पेंशन    बीए, बीएड    19.35 लाख<br />गंगादेवी    65 वर्ष    बगरू विधायक,व्यापार    साक्षर    1.08 करोड<br />शोभारानी कुशवाह     42 वर्ष    धौलपुर विधायक,विधायक वेतन    एमए    1.06 करोड<br />शिमलादेवी नायक     41 वर्ष    अनूपगढ प्रत्याशी, वकालत    एलएलबी    4.65 लाख<br />संजना जाटव    25 वर्ष    कठूमर प्रत्याशी, कृषि    स्नातक    9 लाख<br />अनीता जाटव    39 वर्ष    हिण्डौन प्रत्याशी, मकान किराया    12वीं कक्षा    38.45 लाख<br />इंदिरा मीणा    36 वर्ष    बामनवास विधायक, कृषि    एमए    1.04 करोड़<br />द्रोपदी कोली    55 वर्ष    अजमेर दक्षिण प्रत्याशी,कोचिंग संचालक    एमएड,एलएलबी, पीएचडी    एक लाख<br />गीता बरवाड    48 वर्ष    भोपालगढ प्रत्याशी, मेडिकल दुकान    बीएड,एलएलबी    31.85 लाख<br />रमिला मेघवाल    34 वर्ष    जालोर प्रत्याशी,गृहणी    एमए, बीएड    19.54 लाख<br />शिखा मील बराला     40 वर्ष    चौंमू प्रत्याशी, डॉक्टर    एमबीबीएस गायनी    49 लाख<br />मीना कंवर    55 वर्ष    विधायक शेरगढ, वेतन    एमए राजनीति    2.33 करोड<br />सरोज चौधरी    36 वर्ष    आहोर प्रत्याशी, शिक्षण    एमए, बीएड    15.98 लाख<br />मनीषा गुर्जर    35 वर्ष    खेतड़ी प्रत्याशी,कृषि व्यवसाय    एलएलबी,एलएलएम    34.40 लाख<br />जाहिदा खान    54 वर्ष    कामां विधायक,कृषि-व्यवसाय    बीए, एलएलबी    1.22 करोड<br />राखी गौतम    41 वर्ष    कोटा दक्षिण प्रत्याशी, व्यापार    स्नातक    13.76 लाख<br />निर्मला सहरिया    44 वर्ष    किशनगंज प्रत्याशी, कृषि-व्यापार    नवीं पास    10.31 लाख    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Nov 2023 11:48:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटी कैंसर दवाओं सहित 34 जरूरी दवाएं एनएलईएम में हुई शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[मनसुख मंडाविया ने कहा कि साल 2015 के बाद 2022 में जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची आयी है। इस सूची में दवाओं को शामिल करने की लंबी प्रक्रिया है। कौन सी दवाएं इस सूची में शामिल होती है, यह एक स्वतंत्र समिति तय करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/34-essential-medicines-including-anti-cancer-drugs-included-in-nlem/article-22709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/whatsapp-image-2022-09-13-at-17.16.47.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौरान लोगों ने कई सारी दवाईयों को बिना डॉक्टरों की सलाह के लेना शुरू कर दिया था, जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने का खतरा बढ़ गया था। इस खतरे को देखते हुए मोदी सरकार ने कैंसर होने की चिंता को लेकर लोकप्रिय एंटासिड सॉल्ट रैनिटिडिन को आवश्यक दवाओं की सूची से हटा दिया है। मोदी सरकार ने रैनिटिडिन के साथ ही सुक्रालफेट, व्हाइट पेट्रोलेटम, एटेनोलोल और मेथिल्डोपा दवा को भी आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) से बाहर कर दिया है।<br /><br />स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने 384 दवाओं की सूची जारी की है उसमें 34 नई दवाओं को आवश्‍यक दवाओं की ल‍िस्‍ट में शाम‍िल क‍िया गया है। वहीं केंद्र सरकार ने न‍िवर्तमान दवाओं की ल‍िस्‍ट से 26 दवाओं को हटाने का काम भी क‍िया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक दवाओें की राष्ट्रीय सूची में एंटी डायबिटीज दवा इंसुलिन ग्लार्गिन, एंटी टीबी दवा डेलामैनिड, व एंटीपैरासाइट जैसी मेडिसिन्स शामिल हैं। आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में आइवरमेक्टिन, मुपिरोसिन, निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसी कुछ संक्रमण रोधी दवाओं को भी जोड़ दिया गया है। सूची में जुड़ने से कई एंटीबायोटिक्स, टीके और कैंसर रोधी दवाएं सस्ती हो जाएंगी। एनएलईएम में  कैंसर के ईलाज से लेकर बैक्टीरिया से जुड़ी खतरनाक बीमारियों के ईलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयों को जोड़ा गया है। इतना ही नहीं सिगरेट छुड़ाने वाली दवा निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी को भी इस सूची में शामिल किया गया है। वहीं इवरमेक्टिन जोडी गई, जो कि कीड़े मारने की दवा है साथ ही रोटावायरस टीका को लिस्ट में शामिल किया गया है। मनसुख मंडाविया ने कहा कि साल 2015 के बाद 2022 में जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची आयी है। इस सूची में दवाओं को शामिल करने की लंबी प्रक्रिया है। कौन सी दवाएं इस सूची में शामिल होती है, यह एक स्वतंत्र समिति तय करती है। इसमें 350 विशेषज्ञ होते हैं, यह विशेषज्ञ 140 से अधिक बार कंसल्ट कर सूची तैयार करती है। इस सूची में शामिल दवाएं लोगों के जेब पर भारी नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस सूची को जारी करने के पीछे का मकसद आम लोगों तक मेडिसिन सस्ती, सुलभ और आसान उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आम लोगों तक सस्ती मेडिसिन उपलब्ध हो, इसको ध्यान में रखते हुए ही जन औषधि में सस्ती मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Sep 2022 18:05:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>दवा के साथ भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन</title>
                                    <description><![CDATA[बावजूद इसके कई बार व्यक्ति अनजाने में दवा के साथ कुछ ऐसी चीजों का सेवन कर लेता है,जो उसे फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने लगती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/do-not-forget-to-consume-these-things-with-medicine/article-17776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/medicine-new.jpg" alt=""></a><br /><p>दवा लिखते समय डॉक्टर हमेशा उसे खाने के तरीके से लेकर समय तक के बारे में सलाह देते हैं। बावजूद इसके कई बार व्यक्ति अनजाने में दवा के साथ कुछ ऐसी चीजों का सेवन कर लेता है,जो उसे फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने लगती हैं। <br />एनर्जी ड्रिंक्स के साथ भी दवाई नहीं खानी चाहिए,यह दवाई के डिजॉल्व होने के टाइम को बढ़ाता है। साथ ही इससे आपकी बॉडी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। <br />दवा के साथ शराब का सेवन आपकी दवा के असर को कम करने के साथ आपकी सेहत पर भी बुरा असर डाल सकता है। एक अवधि में शराब और दवा का एक साथ सेवन करने से लीवर को काफी नुकसान हो सकता है  <br />धूम्रपान फेफड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाता है। धूम्रपान आपको बीमारियों के प्रति संवेदनशील बनाकर आपकी इम्यूनिटी को भी कमजोर कर सकता है। <br />डेयरी प्रोडक्ट आपके शरीर में कुछ एंटीबायोटिक दवाओं का असर ठीक से नहीं होने देते हैं। दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स केसीन प्रोटीन के साथ मिलकर दवाइयों के असर को कम कर देते हैं। अगर आप एंटीबायोटिक ले रहे हैं तो उस समय दूध ना पिएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Aug 2022 16:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व ऊंट दिवस,ऊष्ट्र प्रदर्शनी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[बीकानेर। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, एनआरसीसी बीकानेर के निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने कहा कि ऊंट को यदि औषधि भण्डार, कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/world-camel-day-camel-exhibition-and-animal-health-camp-organized/article-12835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bikaner-new.jpg" alt=""></a><br /><p>बीकानेर। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, एनआरसीसी बीकानेर के निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने कहा कि ऊंट को यदि औषधि भण्डार, कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। डॉ. साहू बुधवार को विश्व ऊंट दिवस पर एनआरसीसी बीकानेर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधानों में ऊंटनी का दूध, मधुमेह, क्षय रोग, आॅटिज्म आदि में कारगर साबित हुआ है।</p>
<p>मुख्य अतिथि वेटरनरी विवि बीकानेर के कुलपति प्रो. एसके गर्ग ने कहा कि ऊंट पालकों को ऊंटनी के अधिक से अधिक दूध का उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए।इसका सकारात्मक असर ऊंटों की संख्या पर भी होगा। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक भानुप्रताप ढाका ने ऊष्ट्र डेयरी या पर्यटनीय सजावटी ऊंट जैसे मॉडल तैयार करने की बात कही। केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार समादिया ने कहा कि बागवानी खेती से पशुपालन व्यवसाय को अधिकाधिक लाभ मिल सकता है। राजुवास के अधिष्ठाता, सीवीएएसए डॉ. आरके सिंह व किसान प्रतिनिधि के रूप में श्रीगोपाल उपाध्याय ने भी विचार रखे।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>ऊष्ट्र प्रदर्शनी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित</strong></span><br />विश्व ऊंट दिवस के उपलक्ष्य पर एनआरसीसी द्वारा ऊष्ट्र प्रदर्शनी एवं पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित सर्वश्रेष्ठ नर ऊंट प्रतियोगिता में इमरान खान ने प्रथम, रफीक खान ने द्वितीय, नैनूराम ने तृतीय तथा मुरली गहलोत व महमूद खान ने सांत्वना पुरस्कार अर्जित किया। सजावटी ऊंट प्रतियोगिता में संजय खान ने प्रथम, इमरान ने द्वितीय, महमूद ने तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार नैनूराम प्राप्त किया। डॉ. वेद प्रकाश ने आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:13:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चाय के साथ लेते हैं दवा तो बदल दें ये आदत</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो चाय के साथ दवा लेना पसंद करते हैं तो अपनी ये आदत तुरंत बदल डालिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/---you-take---medicine---with-tea----change-habit/article-10897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/tea1.jpg" alt=""></a><br /><p>अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो चाय के साथ दवा लेना पसंद करते हैं तो अपनी ये आदत तुरंत बदल डालिए। चाय के शौकीन लोग हर समय चाय पीने का बहाना ढ़ूंढते रहते हैं फिर चाहे दवा ही क्यों न खानी हो, उन्हें उसके साथ भी चाय ही पीनी होती है। अगर आपको भी चाय की ऐसी ही कोई लत है और आप अपनी दवा तक चाय के साथ खाते हैं तो अपनी ये आदत तुरंत बदल डालिए। आपकी ये आदत आपको धीरे-धीरे कई रोगों की चपेट में ला सकती है।</p>
<p><strong>दवा के प्रभाव को करती है कम</strong></p>
<p>अगर आप नींद की दवा लेते हैं तो उसे चाय के साथ न लें। ऐसा इसलिए क्योंकि चाय में मौजूद कैफीन  नींद की गोलियों के प्रभाव को भी खत्म कर देता है।   </p>
<p><strong>आयरन का अवशोषण</strong></p>
<p>अगर आप एनीमिया की शिकार हैं और आयरन की कमी पूरी करने के लिए गोलियां ले रहे हैं, तो उन्हें चाय के साथ न लें। विशेषज्ञ भी सुझाव देते हैं कि इन दवाओं के आधे से एक घंटे बाद तक भी चाय नहीं पीनी चाहिए। दरअसल चाय में मौजूद कैटेचिन   आयरन के अवशोषण को रोकती है। जिससे मल्टी.कॉम्प्लेक्स का उत्पादन होता है।</p>
<p><strong>रिकवर होने से रोकती है</strong></p>
<p>चाय में टैनिक एसिड, थियोफिलाइन और कैफीन पाया जाता है। साथ ही इसमें टैनिन होता है जो दवा के साथ मिलने के बाद रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं। इस तरह यह दवा के असर को कम कर देते हैं। दवाइयों का असर कम होने की वजह से आप जल्दी रिकवर नहीं कर पाएंगे।</p>
<p><strong>पाचन से जुड़ी समस्याए</strong></p>
<p>चाय दवा के असर को तो कम करती ही है इसके साथ ही यह पाचन से जुड़ी दिक्कतों के अलावा ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।</p>
<p><strong>पानी के साथ दवा</strong></p>
<p>डॉक्टरों की मानें तो दवा को सादे पानी के साथ लेना सबसे सुरक्षित होता है। एक घूंट के बजाय एक गिलास पानी बेहतर होता है, क्योंकि यह दवा को घुलने में मदद करता है।ठंडे पानी की बजाए गर्म पानी ज्यादा अच्छा रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 16:17:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> पत्नी बाहर बच्चों को दवा पिला रही थी, पति फंदे से झूला</title>
                                    <description><![CDATA[ बारां जिले के कोतवाली थानाक्षेत्र के आमापुरा में कर्ज से परेशान एक युवक ने साड़ी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/wife-was-giving-medicine-to-children-outside--husband-swings-from-noose/article-10440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/1234hdfhdfhdfhfg.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। बारां जिले के कोतवाली थानाक्षेत्र के आमापुरा में कर्ज से परेशान एक युवक ने साड़ी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक मंगलवार रात को शराब के नशे में घर आया था और कर्जा होने की बात कही। नशे में होने के कारण परिजनों ने उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद युवक ने कमरा बंद कर लिया और फंदे से झूल गया। इस दौरान उसकी पत्नी बाहर चौक में बच्चों को दवा पिला रही थी ।<br /><br />पुलिस के अनुसार भंवरलाल (32) पुत्र पन्नालाल बैरवा आमापुरा ने आत्महत्या कर ली। आमापुरा निवासी मनोज बैरवा ने रिपोर्ट में बताया है कि उसका भाई भंवर लाल जो कारीगर का कार्य करता है। मंगलवार रात को भंवरलाल शराब के नशे में घर आया था। उसने परिजनों को कर्जे के चलते परेशान होने की बात बताई और कर्जा चुकाने के लिए कहने लगा। शराब के नशे में होने के कारण परिजनों ने उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। इस दौरान उसकी पत्नी बच्चों को घर के चौक में दवा पिला रही थी। तभी भंवर लाल ने कमरे का गेट बंद कर साड़ी से फंदा लगाकर लटक गया।<br /><br />परिजनों ने मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया और उसे अचेतावस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को अस्पताल मोर्चरी में रखवा दिया। इसके बाद बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 19:20:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नि:शुल्क दवा योजना का सच: टिटनेस के इंजेक्शन बाजार से, सीरप में मिले मरे मच्छर</title>
                                    <description><![CDATA[गड़बड़ियों ने नि:शुल्क दवा योजना की पोल खोल दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news--tetanus-injections-from-market--mosquitoes-found-in-syrup--truth-of-free-medicine-plan/article-8209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ttt-injection-in-.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना में सभी रोगियों को नि:शुल्क दवा एवं जांच सुविधा देने  संबंधी राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद एमबी हॉस्पिटल की इमरजेंसी में कई रोगियों को सप्ताह भर से टिटनेस का इंजेक्शन तक बाजार से लाना पड़ रहा है, वहीं एक रोगी को हॉस्पिटल से दिए गए सीरप में मरे हुए दो मच्छर दिखे। इन गड़बड़ियों ने नि:शुल्क दवा योजना की पोल खोल दी है। गत सप्ताह भर से एमबी हॉस्पिटल की इमरजेंसी में कई जीवनरक्षक दवाइयों का टोटा है। सर्वाधिक उपयोग में आने वाले टिटनेस के इंजेक्शन का भी अभाव बना हुआ था। हॉस्पिटल प्रशासन ने सोमवार को इस इंजेक्शन की आपूर्ति की है। इसके अलावा इमरजेंसी में एंटीबायोटिक सिफेक्सीन, बीपी की दवा लोसारटन, दर्द निवारक आईबीप्रूफेन आदि दवाइयां नहीं है। ये दवाइयां अधिकतर रोगियों को लिखी जाती है। मंगलवार को एक रोगी को हॉस्पिटल से गले में संक्रमण पर सीरप ग्लोवर हैक्सीडीन दिया गया जिसमें मरे हुए दो मच्छर दिखाई देने पर रोगी के परिजनों ने अधीक्षक को शिकायत की। <br /><br /><br />सीरप सीलबंद है, जो डिट्रिक्ट डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर (डीडीसी) के पास दवा भण्डार से आई है। ऐसे में हॉस्पिटल के दवा भण्डार में पूरा स्टॉक चैक कराएंगे। इस स्टॉक को विड्रॉल करने के निर्देश दे दिए हैं। टिटनेस के इंजेक्शन व कुछ दवाइयां आरएमसीएल से ही शॉर्ट सप्लाई है। इनकी वैकल्पिक दवाइयां है। टिटनेस के इंजेक्शन लोकल बाजार से भी खरीदे गए लेकिन बाजार में भी उन दिनों में इसकी किल्लत है। जिस डीडीसी पर दवाइयों की उपलब्धता नहीं है, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। <br />डॉ. आर.एल. सुमन, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 14:03:33 +0530</pubDate>
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