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                <title>साल भर की पढ़ाई ही दिलाएगी सफलता, घबराएं नहीं</title>
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                        <![CDATA[एग्जाम टिप्स: टीचर बोले पढ़ाई के दौरान आधुनिक तकनीक एआई का भी लिया जाता सहारा ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/only-year-long-study-will-lead-to-success--don-t-panic/article-142588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बोर्ड परीक्षाओं की पदचाप के बीच विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव को देखते हुए शिक्षा विशेषज्ञों ने सफलता के मूल मंत्र साझा किए हैं।वहीं दैनिक नवज्योति की खास रिपोर्ट में पढ़िए शिक्षकों ने कहा कि बोर्ड परीक्षा कोई हौवा नहीं है; इसमें वहीं सवाल पूछे जाते हैं। जो छात्रों ने वर्षभर अपनी कक्षाओं में शिक्षकों से पढ़े हैं। उन्होंने जोर दिया कि नई अध्ययन सामग्री के पीछे भागने के बजाय छात्र अपने शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए पाठ्यक्रम और विषयवस्तु पर ही पूरा भरोसा रखें और उसी का गहन अभ्यास करें। समय प्रबंधन और छोटे लक्ष्यों से हासिल होगी जीत परीक्षा के दौरान समय का सही नियोजन ही सफलता की कुंजी है। वहीं टीचरों ने बताया कि समय-समय पर डिजिटल क्लास रूम में बच्चों को बैठकर आधुनिक तकनीकी से रूबरू करवाया जाता व पढ़ाई करवाई जाती।</p>
<p><strong>लिखकर याद करने का फॉमूर्ला </strong><br />अक्सर छात्र कठिन विषयों को देखकर तनाव में आ जाते हैं। इसके समाधान के लिए कठिन विषय वस्तुओं का बार-बार दोहरान करना आवश्यक है। जो हिस्से याद करने में कठिन लगें, उन्हें छोटे-छोटे नोट्स के रूप में हाथ से लिखकर याद करें। हाथ से लिखे नोट्स मस्तिष्क में लंबे समय तक स्थायी रहते हैं।</p>
<p><strong>संवाद और आत्मविश्वास है जरूरी </strong><br />पढ़ाई के पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें और कठिन विषयों को पहले निपटाएं। पढ़ाई के बीच 5-10 मिनट का ब्रेक लें। पौष्टिक भोजन करें, पर्याप्त पानी पीएं। परीक्षा की रात अच्छी नींद लें, क्योंकि यह एकाग्रता और सोचने की क्षमता को बेहतर बनाती है। खुद पर विश्वास रखें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। परिणाम के बारे में चिंता न करें। यदि तनाव हावी हो रहा है,तो दोस्तों,परिवार या शिक्षकों से बात करें। वहीं पढ़ाई के दौरान आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जाता हैं।<br /><strong>-सुनीता मेहरा, प्रिंसिपल महा. गांधी गवर्नमेंट स्कूल, महावीर नगर फर्स्ट कोटा </strong></p>
<p><strong> वर्षभर जो पढ़ा उसमें से ही प्रश्न पूछे जाते</strong><br />बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने के दौरान ये याद रखें कि जो आपने वर्षभर पढ़ा उस में से ही प्रश्न आते। अत: जो शिक्षकों ने पढ़ाया है उन्ही विषयवस्तुओं को आप अच्छे से पढ़ें। परीक्षा में कोई भी प्रश्न अनुत्तरित ना छोड़े। परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन अतिमहत्वपूर्ण है। प्रतिदिन विषयवार छोटे-छोटे उद्देश्य बनायें, उनको प्राप्त करें। जिससे आपका विषय पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा।कठिन विषयवस्तुओं का दोहरान करें। जो याद नहीं हो पा रहा उसे छोटे छोटे नोट्स के रूप में हाथ से लिखें। मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें।वहीं समय-समय पर आधुनिक तकनीक जिसमे एआई समेत अन्य तकनीकों का सहारा लिया जाता।<br /><strong>- रूपेश गुप्ता, विज्ञान विषय, महा. गांधी राज. विद्या.,मल्टीपर्पज, गुमानपुरा</strong></p>
<p><strong> संस्कृत व्याकरण का जुलाई से ही शुरू हो जाता है अभ्यास </strong><br />बोर्ड परीक्षा के नाम से छात्र-छात्राओं में भय व्याप्त हो जाता है। हम छात्रों को सत्र के प्रारंभ से ही बोर्ड पाठ्यक्रम के अनुसार अध्यापन और प्रश्नोत्तर की तैयारी करवाते हैं। तीनों परख व प्री बोर्ड के प्रश्नों की संभावित बोर्ड प्रश्नों को आधार बनाकर प्रश्न पत्र तैयार करते हैं। संस्कृत विषय में व्याकरण महत्वपूर्ण है।जुलाई माह से ही पिछली कक्षाओं के व्याकरण को दोहराते हुए बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित कर अधिक से अधिक बार पाठ्यक्रम को दोहराने का प्रयास करवाया जाता हैं। जिससे विद्यार्थी आत्मविश्वास से पूर्ण, विद्यार्थी तनाव मुक्त होकर परीक्षा देते हैं।<br /><strong>- नरेन्द्र कन्सूरिया, व्याख्याता संस्कृत, राउमावि, शिवपुरा</strong></p>
<p><strong>चार्ट और क्लास टेस्ट से होती है तैयारी </strong><br />कृषि विज्ञान में बोर्ड परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए विषयों का विस्तृत अध्ययन करे। उसके बाद घर में पुन: पढ़कर नोट्स बनाने को कहा जाता हैं। साथ ही समय-समय पर बच्चों के क्लास टेस्ट लिए जाते हैं। कृषि विज्ञान में विभिन्न फसलों जैसे खाद्यान्न फसलों दलहनी फसलों तिलहनी फसलों तथा विभिन्न सब्जियों की खेती की संपूर्ण जानकारी विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान दी जाती हैं। ताकि विद्यार्थी आसानी से याद कर सकें। वैसे विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान विषय दैनिक जीवन की जरूरतों से जोड़कर पढ़ाया व समझाया जाता हैं। समय-समय पर विद्यार्थियों को चार्टस बनाकर विभिन्न जानकारी दी जाती हैं।<br /><strong>- तृप्ति पालीवाल व्याख्याता, कृषि विज्ञान रा.उ.मा.बि, दादाबाड़ी</strong></p>
<p><strong>स्व-चिंतन' से सुधारें अपनी गलतियां</strong><br />विज्ञान वर्ग की में अध्यापिका होने के चलते में ये ही कहूंगी की परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे मार्क्स स्कोर करने के लिये आत्मविश्वास सर्वोपरि है। पूर्व बोर्ड परीक्षा के सॉल्व प्रश्नों को हल करके स्व-चिंतन करते हुए गलतियों को सुधार करने का प्रयास करें। मुख्य विषय वस्तु के शॉर्ट नोट्स का दोहरान मन मे करते रहे। तनाव रहित रहे, पर्याप्त नींद लें। रात को पढ़े गए का सुबह उठ कर दोहरान करे।<br /><strong>-नेहा गुप्ता विज्ञान अध्यापक, कोटा शहर</strong></p>
<p><strong>पूर्व परीक्षा के प्रश्नों को हल करे</strong><br /> स्टूडेंट को ्रपूरे साल ही सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ने की सलाह देते है। परीक्षा नजदीक आने के दौरान ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करे। दिमाग को शांत रखे एवं आसपास का माहौल व्यवस्थित रखने की कोशिश करे। पढ़ाई के साथ साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।<br />पूर्व वर्ष के परीक्षा प्रश्न पत्र हल करे जिससे परीक्षा से पहले स्वयं के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।<br /><strong>- दीपिका चाँदसिन्हा,वरिष्ठ अध्यापक हिन्दी,राजकीय उच्च मा.वि. सकतपुरा</strong></p>
<p><strong>एकाग्रता और स्वयं के नोट्स से मिलेगी सफलता </strong><br />परीक्षा माध्यम से ही विद्यार्थी वर्षभर की मेहनत का फल प्राप्त करना है। सतर्क रहते हुए विषयवस्तु का अध्ययन करना इस समय विद्यार्थियों को सिर्फ अपने अध्ययन पर ही ध्यान केन्द्रित करना है। नियमित निंद्रा लें, और समय का ध्यान रखें।इस समय एकान्त में एवं एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करें। स्वयं के बनाये नोट्स पढ़ें। बड़े उत्तरों को याद करने के लिए मुख्य-मुख्य बिन्दु याद रखें। साथ ही परीक्षा के हॉल में समय का भी ध्यान रखें।<br /><strong>- महेश सुमन,वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत</strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:55:49 +0530</pubDate>
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                <title>एक ही कमरे में बैठते हैं पहली से सातवीं तक के 50 बच्चे</title>
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                        <![CDATA[शिक्षकों के सामने बच्चों को पढ़ाने की जगह की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/50-children-from-first-to-seventh-standard-sit-in-one-room/article-122840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3).png1.png" alt=""></a><br /><p>मोईकलां। लटूरी पंचायत के डूंगरपुर गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के अध्ययन के लिए केवल दो कमरे ही उपलब्ध हैं। मजबूरी में एक कमरे में कक्षा पहली से सातवीं तक के करीब 50 बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। झालावाड़ जिले के पिपलोदी विद्यालय की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कराया। इसी क्रम में डूंगरपुर विद्यालय के चार कक्षों और बरामदे को जर्जर मानते हुए बच्चों के बैठने पर रोक लगा दी गई और भवन गिराने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद से शिक्षकों के सामने बच्चों को पढ़ाने की जगह की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।</p>
<p><strong>खुले बरामदे में बैठते हैं आठवीं के विद्यार्थी </strong><br />वर्तमान में आठवीं कक्षा के छात्रों को खुले बरामदे में बैठाया जाता है, जबकि पहली से सातवीं तक के सभी बच्चों को एक छोटे कमरे में ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है। मंगलवार को विद्यालय में शिक्षक अशोक मीणा फावड़े से सफाई कर बच्चों को बैठाने की व्यवस्था कर रहे थे।</p>
<p><strong>नहीं हो पा रही ठीक से पढ़ाई</strong><br />शिक्षकों का कहना है कि भवन की स्थिति बेहद खराब होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं को बाहर शिफ्ट करना पड़ा। लेकिन जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक व्यवस्थित रूप से पढ़ाई कराना संभव नहीं है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बरसात के दिनों में विद्यालय परिसर में पानी भरा रहता है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है।</p>
<p>परिसर में स्थित एक चबूतरे की सफाई करके किसी भी एक कक्षा के बच्चों को वहां बैठाने की व्यवस्था की जाएगी।<br /><strong>- अशोक मीणा, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 16:58:00 +0530</pubDate>
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                <title>कक्षा-कक्ष में टूटी छत की पट्टी, हादसे की आशंका</title>
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                        <![CDATA[बपावरकलां के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल के हाल-बेहाल। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roof-strips-broken-in-classrooms--fear-of-accident/article-119931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(5).png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। बपावरकलां के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने से छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षकों को हमेशा किसी अनहोनी का भय बना रहता है। स्कूल के एक अभिभावक व सामाजिक कार्यकर्ता लालसिंह मारण ने बताया कि बपावरकलां के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का भवन काफी जर्जर अवस्था में है। बरसात के समय एक कक्षा-कक्ष की छत टपकती है। जिससे छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं एक अन्य कक्षा-कक्ष की छत की पट्टियां टूटी होने से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। </p>
<p><strong>लगातार कम हो रहे नामांकन </strong><br />लालसिंह मारण ने बताया कि विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण लगातार नामांकन कम हो रहे हैं। वहीं प्रधानाचार्य नवल किशोर मालव ने बताया कि भवन निर्माण की गुणवत्ता बेहद कमजोर है। इस बार नामांकन भी बहुत कम हुआ है। बच्चे अब निजी विद्यालयों की तरफ रुख कर रहे हैं।</p>
<p>हम अपनी बेटियों को गांव से 4 किलोमीटर दूर इसलिए भेजते हैं कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले। लेकिन सुविधाओं की कमी और जर्जर भवन के कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।<br /><strong>- लालसिंह मारण, अभिभावक</strong></p>
<p>हमने छह माह पूर्व विभाग को मरम्मत का प्रस्ताव भेज रखा है। जैसे ही बजट आएगा, कार्य शुरू कर दिया जाएगा। <br /><strong>- पुरुषोत्तम मेघवाल, एसीबीईईओ, सांगोद </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 15:07:59 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किए जांच के आदेश</title>
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                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति में स्टोरी प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---district-education-officer-issued-orders-for-investigation/article-103346"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>मोईकलां। सुल्तानपुर के दरबीजी सरकारी विद्यालय में घटी दर्दनाक घटना जिसमें शौचालय की जर्जर दीवार गिरने से एक मासूम बच्ची की मौत हो गई थी, के बाद मोईकलां में भी पुराने राजकीय विद्यालय के जर्जर हो चुके भवन पर दैनिक नवज्योति में तीन फरवरी को स्टोरी प्रकाशित होने के बाद हरकत में आते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णकांत शर्मा ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सांगोद व कनवास क्षेत्र में जर्जर विद्यालय भवनों व कक्षा-कक्षों की जांच के आदेश जारी किए हंै। अतिरिक्त खण्ड शिक्षा अधिकारी सांगोद कृष्ण कुमान सक्सेना ने त्वरित कार्यवाही करते हुए खण्ड के समस्त विद्यालय प्रधनाचार्यों को तीन दिन के अंदर एसडीएमसी रिपोर्ट तैयार करवाकर जिला शिक्षा विभाग में भेजने के लिए आदेशित किया है। इसी संदर्भ में बुधवार को कृष्ण कुमार सक्सेना ने मोईकलां के जर्जर हो चुके भवन का निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट जारी करने की बात प्रधानाचार्य हेमन्त गोचर को कही। जांच करने आए अतिरिक्त खण्ड अधिकारी ने बताया कि पुराना विद्यालय भवन जो जर्जर हो चुका है, उसके पश्चिमी हिस्से को मरम्मत कार्य की जरूरत है। वहीं पूर्वी भवन का हिस्सा जो ज्यादा जर्जर हो चुका है, उसको जमींदोज करके पुन: निर्माण किया जाए तो भवन वापस उपयोग में लेने योग्य हो सकता है। साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि जो भवन जर्जर था, उसको मात्र पोषाहार संग्रहण कक्ष के रूप में उपयोग में लिया जाता था। इसमें विद्यार्थियों का आवागमन व कक्षाएं तकरीबन 10-15 वर्षों से बंद है। राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य हेमन्त गोचर ने बताया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार जांच रिपोर्ट तैयार करके जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगा।</p>
<p>जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार बुधवार को सांगोद खण्ड के मोईकलां विद्यालय में जाकर यथास्थिति का अवलोकन करके प्रधनाचार्य को जांच रिपोर्ट तैयार करके आगे भेजने के आदेश दिए। साथ ही सांगोद क्षेत्र में समस्त प्रधानाचार्यों को विद्यालय में भवनों की यथास्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए। <br /><strong>-कृष्ण कुमार सक्सेना, अतिरिक्त खण्ड शिक्षा अधिकारी</strong></p>
<p>पुराने भवन की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करके जिला अधिकारी को भेज दी है। भवन का थोड़ा मरम्मत कार्य व निर्माण हो जाए तो आगामी समय में ये बालिका विद्यालय के रूप में अस्थायी रूप से उपयोग में आ सकता है।<br /><strong>-हेमन्त गोचर, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक, मोईकलां </strong></p>
<p>मामले की गम्भीरता को देखते हुए व आगामी समय में कोई अनहोनी ना हो, इसके बचाव के लिए समस्त खण्ड अधिकारियों को क्षेत्र में जर्जर विधायक भवनों की सूची तैयार करने के आदेश जारी कर दिए हंै। साथ ही कनिष्ठ व सहायक अभियंता को अवलोकन करके जांच के निष्कर्ष के आदेश पारित किए हैं।<br /><strong>-कृष्ण कुमार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 14:58:24 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर भवन: दहशत में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहाल</title>
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                        <![CDATA[छत में लगा आरसीसी का सरिया भी गलकर पपडी गिरने लगी है। इस समस्या के साए में शाला परिवार संचालित है। संबंधित विभाग को समय पर अवगत करवाया जाने के बाद भी समस्या बनी हुई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dilapidated-building--children-are-receiving-education-in-fear/article-92732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(8)5.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में मूण्डली के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा कक्षों की छत की पट्टियां टूट रही। वही कक्षों की दीवारों में भी दरारें आ चुकी है। इस सरकारी विद्यालय में कक्षा कक्ष कम कक्षाएं अधिक होने से खतरे के साए में शिक्षा ग्रहण करने को नौनिहाल मजबूर है। शाला के जिम्मेदार ने संबंधित विभाग को लिखित-पत्र के माध्यम से अवगत भी करवाया गया। अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। जिसकी वजह से शाला परिवार परेशान हो रहा है।  जानकारी के अनुसार मूण्डली ग्राम में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में आठ कक्षाएं संचालित है। पर यहां कक्षा कक्ष पांच है। जिसमें एक प्रधानाध्यापक कक्ष, आठ कक्षाएँ, चार कक्ष वह भी जर्जर हाल में एक कक्ष में छत की चार पट्टियां टूटी हुई है। जिसमें लंबे समय से लोहे के सरिया का सहारा दे रखा है। इस सरिए को लगे भी बहुत समय हो गया है, जो यह कभी भी नीचे आ सकते है। विद्यालय में बरसाती समय सभी कक्षों की छत टपकती है। बारिश के समय छत टपकने से कक्षों में लगे छतों के पंखे भी खराब हो जाते है। बारिश निकलने पर हर वर्ष सभी पंखों को ठीक करवाने पड़ते है। एक कक्ष की दीवारों में दरारे हो रही है, जो इसमें भी सीलन आती है। सभी कक्षों की छत टपकने से बरसात में स्कूली बच्चों को अध्ययन कार्य सहित कक्षों में बैठना मुश्किल हो जाता है। पर संबंधित विभागीय जिम्मेदार समस्या का निदान नहीं कर रहे है। चारों कक्षों की छत पर पट्टियां होने से जर्जर छत की नीचे नौनिहालों को खतरा बना हुआ है। एक प्रधानाध्यापक का कक्ष है, जिसमें आरसीसी की छत है। जिसका छत का प्लास्तर छूटकर गिर रहा है। छत में लगा आरसीसी का सरिया भी गलकर पपडी गिरने लगी है। इस समस्या के साए में शाला परिवार संचालित है। संबंधित विभाग को समय पर अवगत करवाया जाने के बाद भी समस्या बनी हुई है।</p>
<p><strong>खुले में शिक्षण कार्य प्रभावित</strong><br />इस सरकारी विद्यालय में नौनिहाल खुले में पेड़ों के नीचे अध्ययन करते है, तो उनका शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, पर जिम्मेदार अनदेखी कर रहे है।</p>
<p><strong>अभिभावकों की जुबानी</strong><br />इस स्कूल भवन की छत जर्जर हाल में है। स्कूल में भेजते है, जो जब तक बच्चा घर नही आता है। तब तक परेशान रहते है। बारिश के समय स्कूल में बच्चे भीग जाते है। इस समस्या को जिम्मेदार जल्द संज्ञान लेकर निराकरण करें।<br /><strong>-कौशल्या सेन, छात्र की माता निवासी मूण्डली</strong></p>
<p>इस स्कूल में एक ही कक्ष में अधिक संख्या में छत की पट्टियां टूटी हुई है। जो इस कक्ष में बच्चों को खतरा रहता है। इस समस्या से हमें भी नौनिहाल की चिंता सताती है। संबंधित विभाग स्कूल की समस्या का जल्द समाधान करें, तो सभी को राहत मिलें। <br /><strong>- चंद्रकांता चौपदार, छात्र की माता निवासी मूण्डली</strong></p>
<p>स्कूल भवन बरसात के समय कक्षा कक्ष टपकते है। जो बरसात के दौरान अधिकतर समय बच्चों को घर पर आना पड़ता है। यहां पर जो छत है, वह भी जर्जर हाल में है। खतरे के साएं में नौनिहाल यहां अध्ययनरत है। संबंधित जिम्मेदार स्कूली समस्या का त्वरित समाधान करें, तो हमें भी बच्चों की चिंता से राहत मिले।<br /><strong>-रामप्यारी बाई, छात्र अभिभावक निवासी मूण्डली</strong></p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br />मैं यहा आया हूं, तब से समय-समय पर हमारे उच्चाधिकारियों सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित पत्र से अवगत करवा दिया है। पर समस्या का समाधान तो उच्चाधिकारी ही करेंगे।<br /><strong>- राकेश कुमार शर्मा, संस्था प्रधान राउप्रावि मूण्डली</strong></p>
<p>इस तरह की समस्या है, तो प्रधानाध्यापक से जानकारी करते है। जल्द प्रस्ताव बनाकर संबंधित विभाग को भिजवाया जाएगा।<br /><strong>- अनिल गोयल, सीबीईओ शिक्षा विभाग नैनवां</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Oct 2024 16:21:37 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षा का मंदिर बदहाल: बारिश में टपकता है पानी</title>
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                        <![CDATA[बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकने की समस्या एक हॉल सहित बरामदे की छत जर्जर हालत में है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-temple-of-education-is-in-a-bad-state--water-drips-during-the-rains/article-91991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer9.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में सादेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल भवन जर्जर हो रहा है। बरसात में कक्षाओं में छतों से पानी टपकता है। ऐसे में पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा है। कक्षा कक्षों की कमी के चलते तीन कक्षाएं खुले में बैठकर शिक्षा ग्रहण करवाने की मजबूरी बनी हुई है। इनमें से भी बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकने की समस्या एक हॉल सहित बरामदे की छत जर्जर हालत में है। शाला में चल रही कक्षा-कक्षों की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को समय-समय पर अवगत भी करवाते आ रहे है। शाला परिवार की समस्या जस की तस बनी हुई है। जानकारी के अनुसार सादेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 1-12 तक कक्षाएं संचालित है। पर कक्षा-कक्ष सात है। इनमें भी बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकती है। कक्षों की दीवारों में सीलन आ रही है। एक हॉल व कक्ष के सामने बरामदे की छत जर्जर हालात में है। छत में लगा आरसीसी का सरिया तक गला हुआ नजर आ रहा है। प्लास्तर गिर जाने से सरिया भी गलने से कुछ जगह सरिए ही नजर आने लगे है। यहां पर हर समय स्कूली बच्चों सहित शालाध्यापकों का आवागमन बना रहता है। जो शाला परिवार खतरे के साए शिक्षण कार्य कर रहे है। शालास्तर पर समय-समय पर  संबन्धित विभाग को अवगत करवाया जा रहा है। पर संबंधित जिम्मेदार इस समस्या को गहनता से नही ले रहे है। जो यहां पर कभी भी दुर्घटना दस्तक दे सकती है। गनीमत है कि शाला परिवार की सतर्कता के चलते अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है।</p>
<p><strong>खुले में अध्ययनकी मजबूरी</strong><br />शाला में जिम्मेदार की सतर्कता से जर्जर छत के कारण कक्षा-3 व कक्षा-6 व कक्षा-7 वीं को खुले में एवं परिसर के पेड़ों की छाया में बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। खुले में शिक्षा ग्रहण के समय बारिश आने पर अन्य कक्षाओं के साथ शामिल करके व्यवस्था बिठाई जाती है। जिससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है। संबंधित विभाग शाला परिवार की समस्या को लेकर चिंतित नहीं है। जो स्कूली बच्चों सहित स्टॉफ को भी शैक्षिक प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन कुछ कक्षाओं को खुले में बैठकर शिक्षण करना पड़ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना हैं </strong><br />मुझे यहां पर आए तीन माह ही हुए है। एक हॉल व बरामदे की छत जर्जर होने से कही कोई अनहोनी घटना घटित नही हो। उसे लेकर दोनों जगहों पर छात्र-छात्राओं को नही बिठाते है। मैं यहा पर आई हूँ, तभी से संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया गया है। संबंधित विभाग से कक्षाकक्षों की कमी को लेकर मांग की गई है। पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>-राजकिरण मीणा, प्रधानाचार्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादेड़ा </strong></p>
<p>मरम्मत की जरूरत वाले विद्यालयों की सेक्शन आ गई। दो-दो लाख रुपए वितरण करेंगे। इनसे जल्द भवन की मरम्मत करवाई जाएगी। <br /><strong>-राजेंद्र व्यास, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग बूंदी</strong></p>]]>
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                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 16:44:01 +0530</pubDate>
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