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                <title>jawahar kala kendra - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jawahar kala kendra RSS Feed</description>
                
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                <title>हेमलता प्रभु स्मृति समारोह में नारी सशक्तीकरण की गूंज</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के जवाहर कला केंद्र में हेमलता प्रभु स्मृति समारोह का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रियाक्षी अग्रवाल का नाटक 'नंगा कपड़ा' रहा, जिसने नारी सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया। कलारिपयट्टू और भरतनाट्यम जैसी विधाओं के संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर नई पीढ़ी को प्रेरित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/echo-of-women-empowerment-in-hemlata-prabhu-memorial-ceremony/article-151526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jaipur1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में आयोजित 15वें हेमलता प्रभु स्मृति समारोह में गुरुवार को भावनाओंए स्मृतियों और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। शिक्षिका हेमलता प्रभु की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिष्यों, कला प्रेमियों और आमजन ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समारोह की शुरुआत में सेवानिवृत्त आईएएस संगीता गैरोला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हेमलता प्रभु ने विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने कहा, फेल्यर एंड सक्सेस, दोनों ही जीवन यात्रा का हिस्सा हैं, जो उनके व्यक्तित्व की प्रमुख सीख रही।</p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रियाक्षी अग्रवाल की नाट्य प्रस्तुति नंगा कपड़ा रही। इस प्रस्तुति में नारी की पीड़ा, सामाजिक बंधनों और आत्मबल को प्रभावी ढंग से मंच पर उकेरा गया। नाटक ने यह संदेश दिया कि स्त्री की पहचान उसके वस्त्रों से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और आत्मविश्वास से होती है। प्रस्तुति में कलारिपयट्टू, भरतनाट्यम और फ्लेमेंको जैसी कला विधाओं का समावेश दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया।</p>
<p>आयोजन में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और कला अनुरागियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम ने हेमलता प्रभु के शिक्षा, समाज और महिला सशक्तिकरण के योगदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:22:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रैंप पर मस्ती, स्टाइल और कॉन्फिडेंस का तड़का, हेरिटेज किड्स फैशन शो सीजन–4 के ग्रूमिंग सेशन संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[निर्माण नगर में हेरिटेज किड्स फैशन शो सीजन-4 का ग्रूमिंग सेशन संपन्न हुआ। ब्यूटी एक्सपर्ट मीनाक्षी सोलंकी और खुशी चौहान ने 2 से 16 वर्ष के बच्चों को रैंप वॉक, मेकअप और कैमरा फेस करने के गुर सिखाए। 'अनन्य सोच' एनजीओ द्वारा आयोजित इस शो का फिनाले 4 जनवरी को जवाहर कला केंद्र में होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-touch-of-fun-style-and-confidence-on-the-ramp/article-137668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/kids.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हेरिटेज किड्स फैशन शो (HKFS) सीजन–4 के ग्रूमिंग सेशन सोमवार को निर्माण नगर स्थित डी एंड डी सैलून में जोश, उत्साह और रंगीन माहौल के बीच संपन्न हुए। इन सेशन्स में नन्हे प्रतिभागियों को फैशन, डांस, रैंप वॉक और आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति देने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी गई। ग्रूमिंग सेशन का उद्देश्य बच्चों के भीतर छुपी प्रतिभा को निखारना और उन्हें फिनाले के लिए पूरी तरह तैयार करना रहा।</p>
<p><strong>मेकअप और ब्यूटी टिप्स से निखरा आत्मविश्वास</strong></p>
<p>मेकअप व ब्यूटी एक्सपर्ट मीनाक्षी सोलंकी ने बच्चों के साथ-साथ उनके पैरेंट्स को भी ब्यूटी और ग्रूमिंग से जुड़े अहम टिप्स दिए। उन्होंने बच्चों को उनकी उम्र और पर्सनैलिटी के अनुसार सादगी के साथ स्टाइलिश दिखने के गुर सिखाए। स्किन केयर, हेयर स्टाइल और स्टेज लुक पर खास फोकस किया गया, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास और निखर कर सामने आया। एलीट मिस राजस्थान खुशी चौहान व जीवन शर्मा ने रैंप वॉक और डांस में दिखी नन्हों की चमक</p>
<p>एलीट मिस राजस्थान 2025 की टॉप–15 फाइनलिस्ट खुशी चौहान ने बच्चों को रैंप वॉक, पोज़िंग और स्टेज प्रेजेंस की ट्रेनिंग दी। रैंप पर चलते नन्हे कदम, मासूम मुस्कान और स्टाइलिश पोज़ ने पूरे हॉल को फैशन के रंग में रंग दिया। बच्चों ने रैंप वॉक को किसी खेल की तरह एंजॉय किया, वहीं डांस मूव्स के जरिए एक्सप्रेशन और बॉडी मूवमेंट की भी प्रैक्टिस कराई गई।</p>
<p>कार्यक्रम आयोजक अर्चना बैराठी ने बताया कि कैमरे से दोस्ती और स्टेज प्रेजेंस की सीख l ने बच्चों को कैमरा फेस, बॉडी लैंग्वेज और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने के टिप्स दिए। बच्चों ने खेल-खेल में कैमरे की ओर देखकर मुस्कुराना, आंखों से एक्सप्रेशन देना और सही एंगल में पोज़ देना सीखा।</p>
<p>इस फैशन शो में 2 से 16 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकते हैं। शो का उद्देश्य बच्चों को एक सशक्त मंच देना है। अनन्य सोच एनजीओ के तत्वावधान में आयोजित HKFS सीजन–4 का भव्य फिनाले 4 जनवरी को जवाहर कला केंद्र में आयोजित होगा, जहां नन्हे सितारे अपने टैलेंट और कॉन्फिडेंस से सबका दिल जीतेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 18:44:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सूफी फेस्टिवल में सुरों और अदाओं का संगम-रंगायन में सूफियाना रंग बिखरे</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केंद्र में चल रहे सूफी फेस्टिवल के दूसरे दिन रंगायन सभागार सूफियाना सुरों और कव्वालियों की रूहानी महक से गूंज उठा। बुन्दू ख़ान राजस्थानी की सूफी प्रस्तुति और सलीम राजा एवं समूह की कव्वालियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरुवार को शानेआलम साबरी और मीनू गारू प्रस्तुतियां देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/confluence-of-tunes-and-styles-in-sufi-festival-sufi/article-132996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/sufi.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में चल रहे सूफी फेस्टिवल के दूसरे दिन रंगायन सभागार सूफियाना सुरों, कव्वालियों और आध्यात्मिक संगीत की रूहानी महक से सराबोर हो उठा। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज और जेकेके के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगीतमय शाम में दर्शकों ने सूफी कलाम और कव्वाली की मोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। गुरुवार, 20 नवंबर को शानेआलम साबरी एवं समूह सूफी गीत पेश करेंगे, वहीं मीनू गारू एवं समूह कथक की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति से मंच को संवारेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत सूफी गायक बुन्दू ख़ान राजस्थानी की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने ‘तू बड़ा गरीब नवाज़ है’ जैसे दिल छू लेने वाले सूफी गीत से महफिल में रूहानी माहौल बना दिया। इसके बाद ‘सांसों की माला पे सिमरूं’, ‘छाप तिलक’ और ‘दमादम मस्त क़लंदर’ जैसे लोकप्रिय सूफी गीतों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। तबले पर सोहेल ख़ान, ऑक्टोपैड पर दुर्गेश, क्लोननेट पर राशिद ख़ान, ऑर्गन पर शेर ख़ान, खड़ताल पर करण और सारंगी पर अमीरुद्दीन ने संगत दी, जबकि कोरस में गुलफाम, मुज़म्मिल, अमन जादिया और अमन ख़ान ने साथ निभाया।</p>
<p>इसके बाद मंच पर कव्वाली का दौर शुरू हुआ, जिसमें सलीम राजा एवं समूह ने ‘जिक्र तेरा करती हैं मछलियाँ समंदर में’ जैसी कव्वालियों से समां बांध दिया। आगे ‘करम है ये ख़्वाजा तेरा’, ‘छाप तिलक सब छीनी’ और ‘दमादम मस्त क़लंदर’ ने दर्शकों की तालियाँ बटोरीं। कव्वाली की इस ऊर्जावान प्रस्तुति में बेंजो पर मुन्ना ख़ान, तबले पर बाबी ख़ान, ढोलक पर नदीम ख़ान, हारमोनियम पर नासिर ख़ान और गिटार पर अव्युक्त पटेल ने संगत की। कोरस में मजर ख़ान, अकबर ख़ान और सुकरत ख़ान शामिल रहे। मंच संचालन राजेश आचार्य ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 19:08:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गैरजिम्मेदारी और अव्यवस्था पर कटाक्ष करता नाटक जामुन का पेड़</title>
                                    <description><![CDATA[यह नाटक दर्शकों को गहरे विचार करने पर मजबूर कर देता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/drama-berries-trees-on-irresponsibility-and-chaos/article-108009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(3)32.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र जयपुर की ओर से जयपुर नाट्य समारोह के अंतर्गत नाटक जामुन का पेड़ का मंचन हुआ। कृष्ण चंदर द्वारा लिखित यह नाटक गुरमिंदर सिंह पुरी रोमी के निर्देशन में हुआ, जिसका नाट्य रूपांतरण नीरज गोस्वामी ने किया है। यह कहानी प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के चलते होने वाले संघर्षों की है जिसके बोझ तले एक निर्दोष व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी। मंच पर कहानी की शुरुआत सचिवालय के लॉन में गिरे जामुन के पेड़ के ईर्द गिर्द खड़ी भीड़ के साथ होती है जिसका दुख वहां खड़े बहुत से सरकारी कर्मचारी मना रहे हैं। वह याद करते हैं कि इसके जामुन कितने मीठे हैं और यह पेड़ कितना छायादार। तभी एक व्यक्ति की नजर उस पेड़ के नीचे दबे शख्स पर पड़ती है। जिंदा हो? मर गया शायद? पूछने पर जवाब आता है कि मैं जिंदा हूं मुझे बाहर निकालो।</p>
<p>मालूम पड़ता है कि पेड़ के नीचे दबा यह शख्स शायर है। दरख्त को काटकर शायर को बचाया जा सकता है लेकिन यह फैंसला सरकारी अनुमति का मोहताज है। ऐसे में यह बात एक महकमे से दूसरे महकमे तक पहुंचती है जिसमें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट सभी शामिल होते गए लेकिन कोई फैंसला नहीं हो पाता। नाटक के आखिर में दर्शाए दृश्य ने लोगों को अवाक कर दिया, सुनते हो? आज तुम्हारी फाइल मुकम्मल हो गई! सुपरिटेंडेंट ने शायर के बाजू को हिलाकर कहा। मगर शायर का हाथ सर्द था। आंखों की पुतलियां बेजान थीं और चींटियों की एक लंबी कतार उसके मुंह में जा रही थी। नाटक की प्रस्तुति में हास्य और व्यंग्य के माध्यम से गंभीर सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया गया। सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता और प्रशासनिक लापरवाही पर कटाक्ष करते हुए, यह नाटक दर्शकों को गहरे विचार करने पर मजबूर कर देता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 10:03:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिर्फ डायलॉग याद कर लेना ही पर्याप्त नहीं, संवाद में संगीतात्मकता हो : भार्गव</title>
                                    <description><![CDATA[भौगोलिक परिस्थितियां व्यक्ति के हाव-भाव, भाषा, वेशभूषा और सांस्कृतिक परिवेश को प्रभावित करती हैं, जिससे अभिनय की शैली भी बदलती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/just-remembering-the-dialog-is-not-enough-there-should-be/article-103857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(12)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके की ओर से कृष्णायन में नाट्य शास्त्र पर व्याख्यान एवं परिचर्चा के दो दिवसीय कार्यक्रम शुरु हुआ। इस मौके पर वरिष्ठ नाट्य गुरु भारतरतन भार्गव ने नाट्यशास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने रंगकर्मियों को सरल भाषा में इसके महत्व व बारीकियों से अवगत कराया। भार्गव ने नाट्यशास्त्र को लेकर कलाकारों के बीच चर्चा से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि नाट्यशास्त्र को केवल पढ़ लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समझना आवश्यक है। इसमें भूगोल का विशेष महत्व है, क्योंकि भौगोलिक परिस्थितियां व्यक्ति के हाव-भाव, भाषा, वेशभूषा और सांस्कृतिक परिवेश को प्रभावित करती हैं, जिससे अभिनय की शैली भी बदलती है।</p>
<p>इतिहास के संदर्भ में उन्होंने बताया कि समय के साथ नाट्य शैली में कई बदलाव हुए हैं, लेकिन इसके मूल तत्व स्थिर रहे हैं। उन्होंने अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नाटक को महज 10-15 दिनों में तैयार करना उपलब्धि नहीं है, बल्कि निरंतर अभ्यास ही इसे दर्शकों तक प्रभावी रूप से पहुंचा सकता है। इसी के साथ सिर्फ  डायलॉग याद कर लेना ही कला नहीं, बल्कि संवाद में संगीतात्मकता होनी चाहिए और कलाकारों को आंगिक और वाचिक तत्वों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 11:07:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जवाहर कला केंद्र की ओर से बसंत ऋतु का आगमन, राग बसंत और तीन ताल द्रुत लय में सुसज्जित रचना की पेश</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केंद्र की ओर से बसंत ऋतु के आगमन पर आयोजित बसंत के रंगों से सराबोर करने वाले नृत्य उत्सव बसंत बहार संपन्न हुआ। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jawahar-kala-kendra-introduced-the-arrival-of-spring-season-raga/article-102595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र की ओर से बसंत ऋतु के आगमन पर आयोजित बसंत के रंगों से सराबोर करने वाले नृत्य उत्सव बसंत बहार संपन्न हुआ। उत्सव के आखिरी दिन पर पं. हरीश गंगानी ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस विशेष प्रस्तुति की शुरुआत जयपुर घराने की पारंपरिक बंदिश रंगीला शम्भू से की गई, जिसे राजा मानसिंह ने लिखा था और प्रसिद्ध गुरु पं. कुंदन लाल गंगानी ने कथक के लिए संगीतबद्ध किया। </p>
<p>यह रचना राजस्थानी गायकी का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती नजर आई, जिसमें एक भक्त भगवान शिव और उनके परिवार को अपने ह्रदय और घर में आमंत्रित कर रहा है। इसके बाद जयपुर घराने की पारंपरिक बंदिशों के साथ ताल तीनताल में उपज, ठाट, गणेश परन जैसी कथक के तकनीकी पक्ष प्रस्तुति कर शाम को सौंदर्यपूर्ण बनाया गया। राग बसंत और तीनताल द्रुत लय में सुसज्जित और बसंत ऋतु पर आधारित एक सुंदर संगीत रचना से कार्यक्रम का समापन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 11:50:13 +0530</pubDate>
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                <title>देशभक्ति गीतों के रंग में रंगा जवाहर कला केन्द्र </title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केन्द्र केे रंगायन में मंगलवार को देशभक्ति गीतों का कार्यक्रम ‘हम गीत वतन के गाएंगे’ आयोजित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jawahar-kala-kendra-painted-in-the-colors-of-patriotic-songs%C2%A0/article-87684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(9)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र केे रंगायन में मंगलवार को देशभक्ति गीतों का कार्यक्रम ‘हम गीत वतन के गाएंगे’ आयोजित किया गया। दर्शक संस्था व राधिका कल्चर सोसायटी के बैनर पर आयोजित हुए इस कार्यक्रम में संगीत गुरू राजीव भट्ट के निर्देशन में शहर के 60 युवा व वरिष्ठ कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में भारत वर्ष की कालजयी रचना ‘वंदेमातरम’ को राजीव भट्ट ने राग शंकरा, यमन और हंसध्वनि के स्वरों से नई अनुभूतियों के साथ पेश किया जिसकी वहां मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। इस रचना को 60 कलाकारों ने एक साथ मंच पर प्रस्तुत किया। कोरियोग्राफी रेखा सैनी की थी। इससे पूर्व तंत्री सम्राट पं. सलिल भट्ट, राज्य के पूर्व महाधिवक्ता गिरधारी सिंह बापना और दर्शक कॉलेज ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट्स के मानद चेयरमैन ठाकुर धु्रव बहादुर सिंह कार्की ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का उद्घाटन किया।</p>
<p>समारोह में वंदेमातरम रचना के अलावा गीत हम गीत वतन केे गाएंगे, ऐ मेरे वतन आबाद रहे तू, मेरे वतन की धरती मेरे वतन का गगन, तेरा हिमालय आकाश छू ले सहित करीब 10 देशभक्ति रचनाओं को कलाकारों ने समवेत स्वरों में प्रस्तुत कर संपूर्ण परिसर को शस्य श्यामला भारत मां की भक्ति के रंग मे रंग लिया।</p>
<p>इन कलाकारों ने की विभिन्न वाद्यों पर संगत की-बोर्ड अवनीश गोस्वमी, गिटार संजय माथुर, तबला सावन डांगी, ऑक्टापैड पर भवानी डांगी और ढोलक पर पवन डांगी ने संगत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 18:47:48 +0530</pubDate>
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                <title>चतुर्दिक आर्ट गैलरी की चारों दिशाओं में छाई रंगों और रूपाकारों की बहार</title>
                                    <description><![CDATA[एग्जीबिशन में जयपुर, उदयपुर, दिल्ली, मुंबई, सूरत, पुणे, भरूच और चेन्नई, सहित विभिन्न शहरों के 50 से भी अधिक कलाकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-flood-of-colors-and-forms-spread-in-all-four/article-63773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/111-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र की सबसे बड़ी कला दीर्घा चतुर्दिक में शुक्रवार को तीन दिवसीय पेंटिंग एग्जीबिशन और कला उत्सव ‘स्प्लेश-2023’ की शुरूआत हुई। मुंबई के मात्र 23 वर्षीय आर्कीटेक्ट एवं आर्ट प्रमोटर मितुल अग्रवाल के संयोजन में आयोजित इस एग्जीबिशन में देश के अनेक शहरों के 60 युवा चित्रकारों की साढ़े चार सौ पेन्टिंग्स वहां आए कला प्रेमियों के लिए कौतुहल का विषय रहीं। यहां सजे पेंटिंग्स के इस अनूठे कार्निवाल में कहीं यथार्थवादी कला की खूबसूरती, कहीं तरह तरह के लैंडस्कैप में प्रकृति के नजारे तो कहीं गहरी सोच में डूबी युवतियों के पोर्टेट यहां आने वाले को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे।</p>
<p>इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्घाटन जाने-माने चित्रकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने किया। इस मौके पर प्रदेश के वरिष्ठ कला गुरु समंदर सिंह खांगारोत सागर, डॉ नाथू लाल वर्मा, डॉ मीनू श्रीवास्तव, डॉ मणि भारतीय, मोहम्मद सलीम और किशोर सिंह भी मौजूद थे l</p>
<p><strong>सात कैटेगिरीज में भी सजाई हैं कलाकृतियां</strong></p>
<p>यहां विभिन्न कलाकारों ने एकल रूप से तो अपनी कलाकृतियां आकर्षक तरीके से सजाई हैं पर इसके साथ ही यहां प्रदर्शित कुछ कलाकृतियों को सात कैटेगिरीज में विभक्त करके भी सजाया गया है। सबसे पहला सैक्शन पोट्रेट का है जहां दिल्ली के धर्मेन्द्र शर्मा, आहूती नारायण और जयपुर के पवन टाक की रूपवादी कलाकृतियां देखने योग्य हैं। धर्मेन्द्र ने गहन चिंतन में डूबी युवतियों के पोर्टरेट बनाए हैं, आहूती के बनाए स्कैच में भी आकर्षक चेहरे देखने योग्य हैं जबकि पवन टाक ने एक पेंटिंग में मोर के साथ भगवान कृष्ण तो दूसरी में मोर के ही साथ राधा का रूपवादी चित्र बनाकर सजाया है। इस पेंटिंग में राधा कृष्ण का सौन्दर्य देखने योग्य है। इसके अलावा यहां एक सैक्शन गैलरीज़ का है जहां जयपुर की ऑनलाईन गैलरी रीकलर ओर उदयपुर की इंसपिरिट आर्ट गैलरी के कलाकारों की कृतियां सजाई गई हैं।<br />लाइव पेंटिंग सैक्शन है आकर्षण का केन्द्र<br />यहां एक सैक्शन लाइव पेंटिंग का भी बनाया गया है जहां आयोजकों की ओर से एजल, कैनवास और कलर्स उपलब्ध करवाए गए हैं। यहां कोई भी कला प्रेमी कुछ देर रूक कर पेंटिंग बना सकता है।</p>
<p><strong>कीमो थैरेपी के दौरान जीवंत हुई कलात्मक अभिव्यक्ति</strong></p>
<p>यहां राशि राजपूत की बनाई पेंटिंग्स भी प्रदर्शित की गई हैं। राशि ने बताया कि वो कैंसर सर्वाइवल हैं। कीमो थैरेपी के दौरान आराम के पलों में मन लगाने के लिए उन्होंने पेंटिंग्स बनाना शुरू किया बाद में उनका ये प्रयास शौक में बदल गया। यहां उन्होंने इस अवधि में बनाई पेंटिंग्स भी प्रदर्शित की हैं।</p>
<p><strong>स्पेशली एबिल्ड की कला भी हैं देखने योग्य</strong></p>
<p>यहां आहान फाउन्डेशन में जीवन में बिता रहे तीन स्पेशली एबिल्ड कलाकारों की कलाकृतियां सहज ही मन मोह लेती हैं। अनमोल भारद्वाज, अभिमन्यु शर्मा और नमन गोयल ने मधुबनी शैली में अपनी भीतर छिपी कलात्मक अभिव्यक्ति को जीवंत किया है।</p>
<p><strong>बनारस के घाट और कोहरे में लिपटी वादियां</strong></p>
<p>जयपुर में रहकर कलाकर्म कर रहे उड़ीसा के कलाकार पारस मोहन्तो ने वाटर कलर से बनी छह पेंन्टिंग्स प्रदर्शित की हैं। इन पेंटिंग्स में बनारस के घाट और कोहरे में लिपटी पहाड़ी वादियों को चित्रित किया है जबकि एक अन्य पेंटिंग में इन्होंने स्टीम इंजन से चलने वाली ट्रेन को भी खूबसूरती से चित्रित कर भारतीय रेल की पुरानी तकनीक को फिर से जीवंत कर दिया।</p>
<p><strong>चलते लोगों के कदम रोक रहा है एक डॉगी</strong></p>
<p>प्रदर्शनी में चलते चलते कला प्रेमियों के कदम एक डॉगी को देखकर सहसा ठिठक जाते हैं। दरअसल यह डॉगी जयपुर की श्रुति सोनी का फाइबर से बनाया एक स्कल्पचर है। यह स्कल्पचर इतना जीवंत है कि देखने वाले को असली डॉगी का वहम हो जाता है और उनके कदम सहसा ठहर जाते हैं।</p>
<p><strong>कलाकार सुनाएंगे चित्र से संबंधित कहानी</strong></p>
<p>इस तीन दिवसीय आयोजन मेें शनिवार को कलाकार ‘आर्ट एंड स्टोरी टेलिंग’ कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे साथ ही कैनवास पर बनी कलाकृतियों से संबंधित स्टोरी टैलिंग की कला से भी कला प्रेमियों को रूबरू करवाएंगे। ये आयोजन इस दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1.00 बजे के दौरान होगा। इसी दिन दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक ‘पेंट एन ऑब्जेक्ट’, शाम 5.00 से 6.00 बजे ‘पेनल डिस्कशन’ और 6.00 से 8.00 बजे तक ‘ट्रेज़र हंट’ के कार्यक्रम होंगे।</p>
<p><strong>इन शहरों के कलाकार कर रहे हैं शिरकत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Dec 2023 16:24:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> जवाहर कला केन्द्र की ओर से आयोजित 26वां लोकरंग महोत्सव</title>
                                    <description><![CDATA[11 दिन में 20 हजार से अधिक दर्शकों ने मध्यवर्ती में आकर प्रस्तुतियां देखी। एक लाख से अधिक लोगों ने कार्यक्रम को लाइव देखा, वहीं लाखों कला अनुरागी सोशल मीडिया कैंपेन के जरिये लोकरंग से जुड़े। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-26th-lokrang-mahotsav-organized-by-jawahar-kala-kendra-reached/article-61745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/gan-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र की ओर से आयोजित 26वां लोकरंग महोत्सव सुनहरी यादें देकर बुधवार को शानदार अंजाम पर पहुंचा। महोत्सव के अंतिम दिन मध्यवर्ती में भारतीय लोक संस्कृति की अनुपम व विराट छवि साकार हुई। विभिन्न प्रस्तुतियों के बाद खास म्यूजिकल सिम्फिनी और सांस्कृतिक समागम ने सभी को भाव विभोर कर दिया। पारंपरिक वेश में कलाकारों ने अपने वाद्य यंत्रों के साथ नृत्य करते हुए शोभा यात्रा निकाली और शिल्पग्राम में जाकर महोत्सव का समापन हुआ। दस्तकारों के उत्पाद खरीदने के लिए शिल्पग्राम में लगे राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। समापन समारोह में श्रीमती गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और महानिदेशक जवाहर कला केन्द्र, सुश्री प्रियंका जोधावत, अति. महानिदेशक, जवाहर कला केन्द्र व अन्य प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>11 दिन तक सजी लोक संस्कृति की महफिल</strong></p>
<p>29 अक्टूबर से शुरू हुए 11 दिवसीय महोत्सव में 26 राज्यों की लोक कला प्रस्तुतियां और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी देखने को मिली। मध्यवर्ती के मंच पर प्रतिदिन अलग—अलग राज्यों के लोक कलाकारों ने अपने राज्यों की संस्कृति के सौंदर्य को दर्शाया वहीं शिल्पग्राम में लगे राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में दस्तकारों का हुनर देखने को मिला। शिल्पग्राम के मुख्य मंच पर भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई। </p>
<p><strong>2600 से अधिक कलाकारों को मिला मंच...</strong></p>
<p>लोकरंग के राष्ट्रीय लोक नृत्य समारोह में 11 दिन में राजस्थान समेत 26 राज्यों के कुल 2603 कलाकारों ने हिस्सा लिया। इनमें राजस्थान के कुल 1023 कलाकार शामिल हैं। अन्य राज्यों के 1580 कलाकार लोकरंग में हिस्सा लेने पहुंचे जिनमें से 680 महिला कलाकार रहीं। राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 110 स्टॉल्स लगायी गयी। इनमें 4 नेशनल अवॉर्डी व 11 स्टेट अवॉर्डी शामिल रहे। कुल 156 दस्तकारों में से 90 महिलाओं को मौका मिला। </p>
<p><strong>एक लाख से अधिक लोगों ने देखा लाइव लोकरंगन </strong><strong>समापन को लेकर उत्सुकता</strong></p>
<p>लोकरंग महोत्सव के समापन समारोह को लेकर कला प्रेमियों में भारी उत्सुकता देखी गयी। राष्ट्रीय लोक नृत्य समारोह में हिस्सा लेने के लिए एकत्रित होने लगे। खेता खां मांगणीयार व उनके साथियों के गायन के साथ राजस्थानी संस्कृति के रंग मध्यवर्ती में छा गए। त्रिपुरा में दीपावली पर होने वाले होने वाले होजागिरी में महिलाओं का बेहतर संतुलन देखने को मिला, ​हिमाचल के सिरमौरी नाटी के बाद गुजरात के गरबा में देवी आराधना का भाव प्रस्तुत किया गया। मणिपुर के लाई हरोबा में सुसज्जित वेश में तैयार कलाकारों ने प्रकृति का धन्यवाद ज्ञापित किया। फसल कटाई का उल्लास और पहाड़ों की सुंदरता रउफ की प्रस्तुति में नजर आई।   <br />असम के बारदोई शिखला के बाद उत्तर प्रदेश के मयूर नृत्य में मयूर बने कान्हा ने<br />सभी का मन मोह लिया। गुजरात के सिद्दी गोमा ने सभी को रोमांचित कर दिया।</p>
<p><strong>सिम्फनी के साथ सांस्कृतिक समागम</strong></p>
<p>इन सभी प्रस्तुतियों के बाद शुरू हुई वह अद्भुत सिम्फिनी जिसका सभी को इंतजार था। रबाब, शेरपा, तविल, मटका, बीन, कामायचा जैसे दुर्लभ वाद्य यंत्रों समेत 12 राज्यों के 20 से अधिक वाद्य यंत्रों ने एक साथ धुन छेड़कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सभी ने लयबद्ध होकर जो मधुर प्रस्तुति दी उसने श्रोताओं को मंत्र मुगध कर दिया। इसके बाद मध्यवर्ती के चारों प्रवेश द्वारों से अलग—अलग राज्यों के कलाकार प्रस्तुति देते हुए मंच पर पहुंचे। यह दृश्य था सांस्कृतिक समागम का जिसने जेकेके के कैनवास पर भारत की रंग ​बिरंगी संस्कृति के रंग उकेरे। दीपमाला लेकर कलाकारों ने मध्यवर्ती को रौशन किया। इसके बाद कलाकारों की शोभा यात्रा शिल्पग्राम में पहुंची और लोकरंग का समापन हुआ। कार्यक्रम के अंत में कलाकारों के साथ कला प्रेमी भी नृत्य करते और झूमते नजर आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-26th-lokrang-mahotsav-organized-by-jawahar-kala-kendra-reached/article-61745</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Nov 2023 17:37:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर टाइगर फेस्टिवल द्वारा टाइगर फोटो एग्जीबिषन एवं कॉम्पटीशन जवाहर कला केंद्र में आज से</title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान खाद्य मंत्री, प्रताप सिंह खाचरियावास और गेस्ट ऑफ ऑनर, चेयरमैन राजस्थान हाउसिंग बोर्ड, पवन अरोडा , आईएएस होंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tiger-photo-exhibition-and-competition-by-jaipur-tiger-festival-at/article-53024"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश में बाघों के प्रति अवेयरनेस फैलाने के लिये जयपुर टाइगर फेस्टिवल (जेटीएफ) की ओर से इंटरनेशनल टाइगर डे 29 जुलाई याने आज से 01 अगस्त तक जयपुर के जवाहर कला केंद्र  में एक टाइगर फोटोग्राफी एग्जिबिशन एवं प्रतियोगिता का आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का विधिवत उद्धघाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, राजस्थान खाद्य मंत्री, प्रताप सिंह खाचरियावास गेस्ट ऑफ ऑनर, चेयरमैन राजस्थान हाउसिंग बोर्ड, पवन अरोडा, आईएएस और स्पेशल गेस्ट, सीडब्लूएलडब्लू राजस्थान के अरिंदम तोमर; चेयरमैन, एआरएल ग्रुप के प्रमोद जैन और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, एस. नल्ला मुथू द्वारा शाम 4.15 बजे किया जायेगा। जेटीएफ के सचिव, आशीष बैद ने बताया कि प्रदर्शनी में भारतीय वन सेवा अधिकारी, सुदर्षन शर्मा और रक्षा संस्था के फॉउंडर, रोहित गंगवाल द्वारा देश विदेश से वाइल्डलाइफ फोटोग्राफ्स द्वारा खींची गई 100 से अधिक चयनित फोटोग्राफस प्रर्दशित की जा रही हैं।</p>
<p>जेटीएफ संस्थापक, धीरेंद्र के गोधा ने बताया कि प्रर्दशित फोटोग्राफी केवल और केवल आम जन में हमारे राष्ट्रीय पशु बाघ के बारे में जगरुखता लाने का एक प्रयास है। संस्था के ट्रस्टी आनंद अग्रवाल ने बताया कि 4 दिवसीय एग्जिबिशन राजस्थान वन विभाग के सहयोग से की जा रही है और प्रदर्शनी में एस्ट्रल पाइप्स का प्रमुख सहयोग है व होटल क्लार्क्स आमेर और होटल द फ़र्न रणथम्बोर भी सहयोगी हैं। प्रतियोगिता के लिए 4 सदस्य जूरी में एस नल्लामुथु, जौन ईसाक, क्रिस ब्रंसकिल और सितारा कार्तिकेयन है। संस्था के अध्यक्ष, संजय खवाड ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रथम विजेता को 51000रू दूसरे को 31000रू एवं तृतीय को 21000रू का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा होटल फ़र्न रणथम्बोर फारेस्ट रिसोर्ट द्वारा प्रथम, द्वतीय और तृतीये विजेता को वन नाईट स्टे और 2 जंगल सफारी दी जाएंगी। इसी के साथ विभिन्न कैटेगरी में 5100रू के 10 मोटिवेशनल पुरस्कार भी दिए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 10:45:20 +0530</pubDate>
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                <title>जवाहर कला केंद्र में रविवार से एक्टर ट्रेनिंग वर्कशाॅप का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान, केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के 30 प्रतिभागी वर्कशाॅप में हिस्सा ले रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/actor-training-workshop-started-from-sunday-at-jawahar-kala-kendra/article-19849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/123.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में रविवार से एक्टर ट्रेनिंग वर्कशाॅप का शुभारंभ हुआ। युवा कलाकारों में अभिनय का हुनर तराशने के लिए जेकेके की ओर से 15 दिवसीय वर्कशाॅप का आयोजन किया गया है। राजस्थान, केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के 30 प्रतिभागी वर्कशाॅप में हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p><strong>छऊ नृत्य के बारे में जाना<br /></strong>वर्कशाॅप के पहले दिन पद्मश्री शशधर आचार्य और युकी एलियस प्रतिभागियों से रूबरू हुए। शशधर आचार्य ने प्रतिभागियों को छऊ नृत्य की मूलभूत जानकारी देने के साथ ही अभिनय के गुर भी सिखाए। उन्होंने कहा कि छऊ नृत्य एक ऐसी विधा है जो अभिनय के सबसे करीब है। छऊ में बॉडी मूवमेंट अधिक होता है, तन और मन स्वस्थ रहने से रचनात्मकता बढ़ती है। शशधर आचार्य 15 दिन तक छऊ का प्रशिक्षण देंगे।</p>
<p><strong>‘कलाकार बनते हैं हर तबके की आवाज’<br /></strong>युकी एलियस ने सिखाया कि बाॅडी मूवमेंट के साथ भावनाओं के अनुरूप आवाज निकालकर अभिनय को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। युकी का कहना है कि कलाकार को हर क्षेत्र और समाज के हर तबके की भावनाओं को जाहिर करना होता है इसलिए उन्हें अवलोकन क्षमता पर भी काम करना चाहिए।</p>
<p><strong>बेहतर माहौल, विशेषज्ञों का सानिध्य<br /></strong>केरल से पहुंचे प्रतिभागी अमरनाथ ने कहा कि जेकेके में कलाकारों के लिए बेहतर माहौल है। यूपी के देवेन्द्र गंगवाल ने बताया कि छऊ नृत्य के बारे में किसी विशेषज्ञ से जानने का अवसर उन्हें पहली बार मिला है। दिल्ली की श्रेष्ठा आर्य ने कहा कि वर्कशाॅप के दौरान अलग-अलग विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिला है।  गौरतलब है कि 15 दिवसीय वर्कशाॅप में प्रतिभागी देश के जाने-माने विशेषज्ञों से अभिनय की बारीकियाॅं सीखेंगे। इनमें पद्मश्री शशधर आचार्य, युकी एलियस, मल्लिका प्रसाद, एसएनए अवॉर्डी प्रसन्ना, बहारूल इस्लाम, विनय कुमार और नसरीन इशाकी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Aug 2022 15:41:57 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर: जेकेके में गूंजे देशभक्ति गीत और इंकलाबी नारे</title>
                                    <description><![CDATA[आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 'हर घर तिरंगा' थीम पर नाटक पेश कर कॉलेज विद्यार्थियों ने देशभक्ति का जज्बा जगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-patriotic-songs-and-revolutionary-slogans-echoed-in-jkk/article-18607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/022.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जयपुर।</span><span style="line-height:115%;"> </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जवाहर कला केंद्र में बुधवार को नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत </span><span style="line-height:115%;">'</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हर घर तिरंगा</span><span style="line-height:115%;">' </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">थीम पर नाटक पेश कर कॉलेज विद्यार्थियों ने देशभक्ति का जज्बा जगाया। जेकेके में देशभक्ति गीत और इंकलाबी नारे सुनाई दिए।</span><span style="line-height:115%;"> </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">युवाओं का जोश देखते ही बनता था।<span> </span>प्रतियोगिता में चार कॉलेजों से आए विद्यार्थियों के समूहों ने हिस्सा लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="line-height:115%;">'</span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">युवा पीढ़ी पर है जिम्मेदारी</span><span style="line-height:115%;">' <br /></span></strong><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मालवीय नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने पहला स्थान प्राप्त किया। महाराज आचार्य संस्कृत कॉलेज ने दूसरा जबकि पोद्दार इंटरनेशनल कॉलेज के ग्रुप ने तीसरा स्थान हासिल किया। इनके अलावा कनोडिया महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने भी उम्दा प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में बतौर जज मौजूद रहे वरिष्ठ रंगकर्मी ईश्वरदत्त माथुर</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दीपक पारीक</span><span style="line-height:115%;">, </span><span lang="hi" style="line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वरिष्ठ नाट्य निर्देशिका रुचि भार्गव ने युवाओं के कौशल को परखा। जेकेके की अतिरिक्त महानिदेशक अनुराधा गोगिया ने कहा कि देशभक्ति की अलख जगाने और समाज में राष्ट्रीयता के मूल्यों का संचार करने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर है। उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के साथ ही आजादी का महत्त्व और देश के प्रति कर्तव्यों को भी हमें ध्यान में रखना चाहिए।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Aug 2022 15:17:36 +0530</pubDate>
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