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                <title>जयपुर टाइगर फेस्टिवल में दहाड़ी कला और संस्कृति, शिल्पग्राम में सजी बाघों की अद्भुत दुनिया</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के जवाहर कला केंद्र में गुरुवार से 7वां जयपुर टाइगर फेस्टिवल शुरू हुआ। राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। चार दिवसीय कार्यक्रम में 150 से अधिक टाइगर फोटोज, पेंटिंग्स, लाइव स्केचिंग और फिल्म स्क्रीनिंग आकर्षण बने।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amazing-world-of-tigers-decorated-in-dahari-art-and-culture/article-135636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/haribhu-bagde-governor.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में गुरुवार को प्रकृति, कला और संस्कृति का अनूठा संगम तब देखने को मिला, जब 7वां जयपुर टाइगर फेस्टिवल शुरू हुआ। राजस्थान के महामहिम राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने दीप प्रज्वलित कर इस चार दिवसीय आयोजन की औपचारिक शुरुआत की। उद्घाटन समारोह में उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।</p>
<p>शिल्पग्राम का माहौल बाघों की गर्जना, रंगों और कलात्मक अभिव्यक्तियों से ऐसा सजा मानो पूरा परिसर एक जीवंत टाइगर हैबिटैट बन गया हो। फेस्टिवल में 53 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां देश के नामचीन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स द्वारा बाघों की 150 से अधिक तस्वीरें, 63 पेंटिंग्स, लाइव स्केचिंग, वर्चुअल शो, स्टोरी टेलिंग, साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं।</p>
<p>फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य बाघ संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को सरल भाषा में समझाना है। ट्रैंकुलाइज़ेशन और रेस्क्यू में प्रयुक्त उपकरणों का लाइव डेमो भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण बना। अलंकार गैलरी में टाइगर आधारित फिल्म स्क्रीनिंग बाघों की दुनिया का वास्तविक अनुभव कराती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 16:29:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जूनियर समर कैंप : पोर्ट्रेट मेकिंग में बच्चे सीख रहे स्केचिंग के विभिन्न आयाम</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केंद्र में इन दिनों जूनियर समर कैंप जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/various-dimensions-of-sketching-learning-children-in-junior-summer-camp/article-115185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में इन दिनों जूनियर समर कैंप जारी है, जहां बच्चों को विभिन्न कलात्मक विद्याओं का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कैंप में बच्चे नई-नई रचनात्मक तकनीकें सीख रहे हैं। पोर्ट्रेट विद्या की क्लास में 12 से 16 साल के 15 बच्चों ने भाग लिया है, जिन्हें प्रशिक्षक दुर्गेश अटल, एलिमेंट्स ऑफ  आर्ट, ल्यूमिनस मेथड और पोर्ट्रेट की मास्टर स्टडी के बारे में पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्लास में बच्चे चारकोल पेंसिल से पोर्ट्रेट तैयार करना सीख रहे हैं। </p>
<p>सभी प्रतिभागी करीब 7 से 8 स्केच तैयार करेंगे और आने वाले दिनों में उन्हें पेस्टल और एक्रिलिक से भी स्केचिंग करना सिखाया जाएगा। इस विद्या की सहायक प्रशिक्षक रेखा अग्रवाल भी बच्चों को स्केचिंग के बेसिक्स सिखा रही है। वहीं थिएटर, फोटोग्राफी, पोर्ट्रेट मेकिंग जैसी बहुत सी विद्याओं में प्रशिक्षित कलाकार बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 12:20:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जवाहर कला केंद्र में श्री राम कला महोत्सव शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केंद्र में 10 दिवसीय श्री राम कला महोत्सव शनिवार को चतुर्दिक गैलेरी शुरू हुआ। यह आयोजन अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/shri-ram-kala-mahotsav-camp-and-workshop-organized-at-jawahar/article-100461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)17.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में 10 दिवसीय श्री राम कला महोत्सव शनिवार को चतुर्दिक गैलेरी शुरू हुआ। यह आयोजन अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। शिविर में 20 वरिष्ठ एवं युवा चित्रकार भाग ले रहे हैं। ये सभी श्री राम के अलग-अलग जीवन प्रसंगों का चित्रण करेंगे।</p>
<p>वहीं कार्यशाला में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स, राजस्थान यूनिवर्सिटी के दृश्य कला विभाग और निम्स यूनिवर्सिटी के कला विद्यार्थियों ने भी हिस्सा ले रहे हैं। वरिष्ठ चित्रकार सभी विद्यार्थियों को राजस्थान की पारम्परिक चित्रण शैली, रंग संयोजन और कम्पोजिशन की बारीकियां सीखा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 18:46:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकरंग महोत्सव: गुजरात के कलाकारों ने मशाल लेकर रास दिखाया, माहौल किया कृष्णमय </title>
                                    <description><![CDATA[शिल्पग्राम के मुख्य मंच पर लोकगायन, लोक नृत्य, चरी नृत्य, चंग, भपंग वादन, गणगौर, मंजीरा और मांड, अग्नि नृत्य, भवाई, कमार, झालावाड़ी रास, बीहू, भांगड़ा, गरगलू और मांगणियार गायन की प्रस्तुति हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lokrang-mahotsav-gujarats-artists-performed-with-torches-and-created-a/article-93979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(1)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र की ओर से आयोजित 27वें लोकरंग महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। समस्त राज्यों की संस्कृति का संगम यहां मंच पर देखने को मिला। शिल्पग्राम के मुख्य मंच पर लोकगायन, लोक नृत्य, चरी नृत्य, चंग, भपंग वादन, गणगौर, मंजीरा और मांड, अग्नि नृत्य, भवाई, कमार, झालावाड़ी रास, बीहू, भांगड़ा, गरगलू और मांगणियार गायन की प्रस्तुति हुई। मध्यवर्ती में त्रिपुरा से धमेल व संगराई मोग नृत्य, गुजरात से गरबा, वसावा होली नृत्य व मशाल रास, मणिपुर से माईबी जगोई व पुंग चोलम, हिमाचल प्रदेश से नाटी, जम्मू-कश्मीर से रउफ, महाराष्ट्र से लावणी व जोगवा नृत्य, राजस्थान से बाल गेर व ब्रज की होरी की प्रस्तुति हुई। <br /> <br />लोकरंग अपने परवान पर है। मध्यवर्ती में बड़ी संख्या में दर्शक एकटक होकर विभिन्न राज्यों की प्रस्तुतियां देख रहे हैं। यहां के मंच पर धमेल से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। धमेल त्रिपुरा के बंगाली समुदाय द्वारा किया जाने वाला नृत्य है जो खास तौर पर विवाह के समय परिजनों द्वारा किया जाता है। इस प्रस्तुति में कलाकारों ने नववधू के ससुराल पक्ष में स्वागत के रीति-रिवाजों को साकार किया। नृत्य करते हुए एक कलाकार ने नववधु के रूप में पैरों से रंगोली तैयार की। गुजरात के कलाकारों ने मशाल लेकर रास करते हुए माहौल को कृष्णमय कर दिया। </p>
<p>देवी की भक्ति में खुशियों की आस लगाए महाराष्ट्र के कलाकारों ने जोगवा नृत्य किया। जगोई के नाम से जाना जाने वाले मणिपुर के लोकनृत्य में लाई हारोबा त्योहार के दौरान किया जाने वाला नृत्य साकार किया गया। इसमें कलाकारों ने आत्मलीन होकर देवताओं का आह्वान किया। कलाकारों की मार्मिक प्रस्तुति देख दर्शकों में आस्था और भक्ति का संचार हुआ। इसी कड़ी में पुंग चोलम की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जो त्यौहार के दौरान संकीर्तन की प्रथा को सजीव रूप में प्रस्तुत करती है।</p>
<p>वैष्णव समुदाय में पुंग वाद्य को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक माना जाता है, जिसे गहरे आदर और भक्ति के साथ संकीर्तन में शामिल कर नृत्य किया जाता है। जब कलाकार पुंग को थामकर नृत्य करते हैं, तो उनकी हर लय और ताल में भक्ति की भावना मुखरित होती है, मानो वे देवताओं के साथ एकात्म हो रहे हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 15:57:34 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जवाहर कला केन्द्र: लोकरंग महोत्सव लोक कला प्रस्तुतियों को मिल रही खूब सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[ जवाहर कला केन्द्र में चल रहे 27वें लोकरंग महोत्सव में राजस्थान के लोक नाटक, विभिन्न राज्यों की लोक कला प्रस्तुतियों और दस्तकारों के उत्पादों को खूब सराहना मिल रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jawahar-kala-kendra-lokrang-mahotsavs-folk-art-presentations-are-getting/article-93654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र में चल रहे 27वें लोकरंग महोत्सव में राजस्थान के लोक नाटक, विभिन्न राज्यों की लोक कला प्रस्तुतियों और दस्तकारों के उत्पादों को खूब सराहना मिल रही है। शिल्पग्राम के मुख्य मंच पर हेला ख्याल, मांड गायन, अलगोजा वादन, चकरी नृत्य, कालबेलिया, चरी, बिहार का झिझिया, तमिलनाडु का कुदुम्बाट्टम, हरियाणा का फाग, मध्य प्रदेश का सैला व गुदुम बाजा, ओडिशा का रसरकेली, जम्मू-कश्मीर का जागरणा और उत्तर प्रदेश के मयूर नृत्य की प्रस्तुतियों ने मन मोहा।</p>
<p>लोक नाटकों में राजस्थानी रामलीला की प्रस्तुति हुई। मध्यवर्ती के मंच पर मध्य प्रदेश के मटकी, गुजरात के केरबा नो वेश, अरुणाचल के रिखम पदा, गोवा के देखणी, उत्तराखंड के छपेली, मिजोरम के चैरो, असम के तिवा नृत्य, तमिलनाडु के कड़गम-कावड़ी, महाराष्ट्र के सोंगी मुखवटे और गुजरात रास की प्रस्तुति हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 16:42:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोकरंग महोत्सव: नर्तक ने नाचते हुए कपड़े से घोड़ा, तोता एवं अन्य जीवों की आकृति बनाई</title>
                                    <description><![CDATA[चौथे दिन पहली बार आई रिखमपदा, तिवा नृत्य की भी प्रस्तुति’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lokrang-mahotsav-dancer-made-shapes-of-horse-parrot-and-other/article-93613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/27rtrer-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र की ओर से आयोजित 27वें लोकरंग महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को राजस्थान के लोक नाटक, विभिन्न राज्यों की लोक कला प्रस्तुतियां आकर्षण का केन्द्र रही। सोमवार को मध्यवर्ती में पहली आई प्रस्तुतियां और अरसे बाद यहां आई कलाओं को भी मंच मिला। मध्य प्रदेश मालवा की कलाकारों ने मटकी नृत्य के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। मालवा का यह प्रसिद्ध नृत्य हर मांगलिक अवसर पर किया जाता है। ढोल की थाप पर पारंपरिक लोक गीतों पर महिलाएं नृत्य करती हैं।</p>
<p>गुजरात का केरबा नो वेश नृत्य ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया जब नर्तक ने नाचते हुए कपड़े से आकृतियां साकार की। धार्मिक अनुष्ठान में यह नृत्य किया जाता है। कलाकार कपड़े से घोड़ा, तोता व अन्य जीवों की आकृति बनाती है, जिससे जीव संरक्षण का संदेश दिया जाता है। जेकेके में पहली बार अरुणाचल प्रदेश के रिखमपदा नृत्य की प्रस्तुति हुई। अरुणाचल प्रदेश में बहुतायत में रहने वाली निशि जनजाति की महिलाएं समारोह में स्वागत के लिए यह नृत्य करती हैं। मधुर गीतों पर पारंपरिक परिधान में होने वाले नृत्य में युवतियां अपने प्रेमी को प्रणय निवेदन स्वीकार करने के लिए आमंत्रित करती हैं। </p>
<p><strong>नाविक से नदी पार करवाने की अपील करती हैं महिलाएं </strong><br />गोवा के कलाकारों ने मधुर गीतों पर देखणी नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाएं नाविक से नदी पार करवाने की अपील करती हैं। उत्तराखंड के छपेली और मिजोरम के चैरो नृत्य के बाद असम के कलाकारों ने तिवा नृत्य पेश किया। यह विधा भी पहली बार यहां प्रस्तुत हुई। 5 से 7 साल के अंतराल पर फसल काटने से पूर्व होने वाले बारात उत्सव में यह नृत्य किया जाता है।</p>
<p>तमिलनाडु के कड़गम कावड़ी नृत्य ने सभी में जोश भर दिया। नाद स्वरम, पम्बई, तविल जैसे वाद्य यंत्रों से प्रांगण गूंज उठा। नृत्य में कलाकार सिर पर कलश और लकड़ी की कावड़ रखकर बेहतर संतुलन को दर्शाते हैं। महाराष्ट्र से आए कलाकारों की सोंगी मुखवटे प्रस्तुति ने सभी को रोमांचित किया। चैत्र पूर्णिमा पर कोंकणा जनजाति की ओर से यह नृत्य किया जाता है। अंत में हुई वीर रस से सराबोर तलवार रास की प्रस्तुति ने सभी को जोश से भर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 10:18:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नेट थिएटर कार्यक्रम में दूध जलेबी नाटक का किया मंचन</title>
                                    <description><![CDATA[नाटक में कलाकारों ने दांपत्य जीवन के संघर्षों को इम्प्रोवाइजेशन के माध्यम से दिखाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/doodh-jalebi-play-staged-in-net-theater-program/article-93514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/6633-copy.jpg111.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नेट थिएटर कार्यक्रमों के तहत नाटक दूध जलेबी का मंचन किया गया। इस अनूठी प्रस्तुति में बिना किसी स्क्रिप्ट या पूर्व तैयारी के कलाकारों ने नाटक को स्टेज पर गढ़ा और दर्शकों के सामने एक ज्वलंत और प्रभावी कहानी प्रस्तुत की।</p>
<p>नाटक में कलाकारों ने दांपत्य जीवन के संघर्षों को इम्प्रोवाइजेशन के माध्यम से दिखाया। नाटक में पति-पत्नी के रिश्ते में शक और सहनशीलता की कमी के कारण तलाक तक की नौबत आ जाती है, जो दर्शकों को गंभीर चिंतन की ओर प्रेरित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 17:12:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सत्य की विजय : राम को प्रणाम कर रावण ने त्यागे प्राण</title>
                                    <description><![CDATA[ विजयादशमी के दिन रावण के वध के साथ अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/victory-of-truth-ravana-sacrificed-his-life-after-paying-obeisance/article-92950"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(5)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र की ओर से आयोजित पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव शनिवार को संपन्न हुआ। अंतिम दिन का मंचन कई मायनों में खास रहा। रोष-होश-जोश राम भावना का कोष राम, प्रेम परितोष रामए राम गुणधाम हैं। </p>
<p>प्रभु राम के गुणों के बखान के साथ प्रस्तुति की शुरुआत हुई। कुंभकरण को जगाने के दौरान जहां कलाकारों ने दर्शकों को गुदगुदाया वहीं कुंभकरण व रावण की वार्ता ने नीतिगत सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। विभीषण के संवादों के जरिए धर्म की उचित व्याख्या का प्रयास किया गया, वहीं कुंभकरण ने भाइयों के बीच संबंधों का वर्णन किया। भीषण युद्ध के बाद कुंभकरण की मौत लंका में कोहराम मचा देती है।</p>
<p>लक्ष्मण और इंद्रजीत के बीच युद्ध के दौरान इंद्रजीत के दिव्य रथ को बड़ी बखूबी दिखाया गया। अंतत: तलवारों के टकराव से निकली चिंगारियों ने इंद्रजीत को लील लिया। राम और रावण का युद्ध देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। विजयादशमी के दिन रावण के वध के साथ अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया।</p>
<p>रावण ने राम नाम लेकर अपने प्राण त्यागे। राम सिया के मिलन पर सभी के आंसु छलक गए। राम के राज्याभिषेक के साथ लोक नृत्य व शास्त्रीय नृत्य का अनूठा संगम भी देखने को मिला। पारंपरिक घूमर नृत्य, फिर भरतनाट्यम और कथक से महफिल सजी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Oct 2024 13:27:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आर्टिस्ट कल्याण की कलाकृतियों में दिखी फड़ चित्रकला की झलक</title>
                                    <description><![CDATA[कलाकार मुकेश कुमार सोनी ने मीनाकारी आर्ट का प्रदर्शन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-glimpse-of-phad-painting-seen-in-the-artworks-of/article-92461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके में चल रही शिल्पकार आर्ट और क्राफ्ट प्रदर्शनी में रविवार को केन्द्र की सुरेख आर्ट गैलरी में कलाकार पृथ्वीराज कुमावत, मुकेश कुमार सोनी, रामदयाल शर्मा व कल्याण प्रसाद ने अपनी शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया। पृथ्वीराज कुमावत की भगवान गणेश, लक्ष्मी और कृष्ण जैसी देवताओं की कलाकृतियों में टैलेंट देखने को मिला।</p>
<p>कलाकार मुकेश कुमार सोनी ने मीनाकारी आर्ट का प्रदर्शन किया। कल्याण प्रसाद जोशी की कलाकृतियों में फड़ चित्रकला की झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी में कलाकार कल्याण प्रसाद जोशी सहित अन्य कलाकारों का कलाकृतियां प्रदर्शित हुई। यह प्रदर्शनी सोमवार को संपन्न होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 10:22:16 +0530</pubDate>
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                <title>कलाकृतियों में दिखी भारतीय पारंपरिक लघु चित्रकला की झलक</title>
                                    <description><![CDATA[सांझी पेपरकट के कलाकार राम सोनी की गैलरी में पारंपरिक तकनीकों को आधुनिक डिजाइनों के साथ मिलाते हुए की कलाकृतियां आकर्षण का केन्द्र है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-glimpse-of-indian-traditional-miniature-painting-seen-in-the/article-92404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(13).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र की सुरेख आर्ट गैलरी में चल रही शिल्पकार: आर्ट एंड क्राफ्ट एग्जीबिशन 2024 में शिल्प गुरु कैलाश चंद शर्मा ने अपने टैलेंट का परिचय दिया। शर्मा की कलाकृतियों में पारंपरिक भारतीय चित्रकला और स्वर्ण सुलेख की झलक देखने को मिली।</p>
<p>वहीं नंद किशोर वर्मा ने भारतीय पारंपरिक लघु चित्रकला को लेकर कलाकृतियां बनाई। चंदन की नक्काशी के कलाकार विनोद कुमार जांगिड़ ने पारंपरिक चंदन की नक्काशी तकनीकों को सावधानी और सटीकता से दर्शाया। सांझी पेपरकट के कलाकार राम सोनी की गैलरी में पारंपरिक तकनीकों को आधुनिक डिजाइनों के साथ मिलाते हुए की कलाकृतियां आकर्षण का केन्द्र है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Oct 2024 14:46:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जयपुर ध्रुवपद फेस्टिवल: जेकेके के आंगन में संगीत का आनन्द </title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम में डागर घराने के शिष्य ध्रुवपद गायक रहमान हरफन मौला का मेडिटेशन पर आधारित ध्रुवपद गायन हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/joy-of-music-in-the-courtyard-of-jaipur-dhrupad-festival/article-92402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र के आंगन में ध्रुवपद गायन ने वातावरण को  संगीत के आनन्द से भर दिया। मौका था दो दिवसीय जयपुर ध्रुवपद फेस्टिवल के शुभारम्भ का। राजस्थान कला, साहित्य, संस्कृति विभाग और जवाहर कला केंद्र की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में ध्रुवपद गायन और सुरबहार वादन के सुरों ने श्रोताओं के बीच अपना जादू चलाया।</p>
<p>कार्यक्रम में डागर घराने के शिष्य ध्रुवपद गायक रहमान हरफन मौला का मेडिटेशन पर आधारित ध्रुवपद गायन हुआ। रहमान ने राग यमन को अपनी प्रस्तुति का माध्यम बनाते हुए इसमें राग के विस्तार को आलाप के जरिए बखूबी पेश किया। उनके साथ सारंगी पर साबरी खान और तानपुरे पर अभिलाषा भारतीय ने संगत की। कार्यक्रम के दूसरे चरण में संगीत विदुषी ध्रुवपद गायिका सुनीता अवनि अमीन का ध्रुवपद गायन हुआ। उस्ताद जिया फरीदुद्दीन खान डागर की शिष्या सुनीता ने राग भोपाली को अपनी गायिकी में ढाला। </p>
<p><strong>संवाद प्रवाह में ध्रुवपद गायकी पर हुई परिचर्चा<br /></strong>इससे पूर्व फेस्टिवल के तहत संवाद प्रवाह कार्यक्रम में सुरबहार वादक डॉ. अश्विन दलवी, वरिष्ठ कथक नृत्यांगना प्रेरणा श्रीमाली और पद्मश्री उस्ताद मोईनउद्दीन खां ने ध्रुवपद गायकी और भारतीय संगीत विषय पर परिचर्चा में भाग लिया। चर्चा में जयपुर के शास्त्रीय विधा के घरानों के सौंदर्य और विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया। इसी के साथ शास्त्रीय संगीत में गुरुओं की महिमा का बखान किया गया।  </p>
<p>फेस्टिवल के दूसरे दिन संवाद प्रवाह में प्रो. वंदना कल्ला, कला समीक्षक डॉ. राजेश व्यास और मांड गायक पं. हनुमान सहाय ध्रुवपद गायकी और भारतीय संगीत पर चर्चा करेंगे। इसी के साथ रविवार शाम को फैय्याज वासिफउद्दीन खान डागर की शिष्या डॉ. गायत्री शर्मा का ध्रुवपद गायन होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Oct 2024 13:30:43 +0530</pubDate>
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                <title>JKK में तीन दिवसीय गार्डन बाजार का समापन </title>
                                    <description><![CDATA[सेक्रेटरी श्यामा वर्मा ने बताया कि यहां करीब एक हजार वैरायटी के देश-विदेश के प्लांट्स डिस्प्ले किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-day-garden-market-concludes-in-jkk%C2%A0/article-91934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(3)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम में आयोजित तीन दिवसीय गार्डन बाजार का समापन हुआ। किचन गार्डन एसोसिएशन, जयपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण थीम पर पोस्टर और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें शहर के सैकड़ों बच्चों ने हुनर दिखाया।</p>
<p>प्रतियोगिता में भर्या खंडेलवाल, अंनिका अहलावत और अनिशा सोनी विजेता रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर वर्कशॉप में एसोसिएशन की प्रेसिडेंट जया तिवारी ने ट्रे में जंगल बनाना बताया और दीपेश शर्मा ने हर्बल प्लांट्स के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>सेक्रेटरी श्यामा वर्मा ने बताया कि यहां करीब एक हजार वैरायटी के देश-विदेश के प्लांट्स डिस्प्ले किए गए। कार्यक्रम में प्लांट लवर्स का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के प्लांट्स के बारे में जानकारी ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 10:09:38 +0530</pubDate>
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