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                <title>concern - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सरकार पर मुकदमों का भार कम करने को लेकर मंथन, वी श्रीनिवास ने जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[बैठक में महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि विशेष प्रकृति के मुकदमे में उस क्षेत्र के विशेषज्ञ वकील को अंगेज किया जाए, ताकि सरकार का प्रभावी रूप से पक्ष रखा जा सके। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/manthan-v-srinivas-expressed-concern-about-reducing-the-burden-of/article-136663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट सहित अन्य अदालतों में राज्य सरकार के खिलाफ  लंबित मुकदमों को लेकर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने चिंता जताई है। इन मुकदमों का भार कम करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रविवार को सचिवालय में बैठक आयोजित की गई। जिसमें महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद और अतिरिक्त महाधिवक्ताओं सहित कई सरकारी वकील जुड़े। बैठक में राज्य सरकार की नई वाद नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उठाए जाने वाले कदमों को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव, प्रमुख विधि सचिव और विधि सचिव भी मौजूद रहे। </p>
<p>बैठक में महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि विशेष प्रकृति के मुकदमे में उस क्षेत्र के विशेषज्ञ वकील को अंगेज किया जाए, ताकि सरकार का प्रभावी रूप से पक्ष रखा जा सके। इसके अलावा जिन मामलों में हाईकोर्ट राज्य सरकार को अभ्यावेदन तय करने का आदेश देती है, उन मामलों को तत्काल प्रभाव से निपटाया जाए। महाधिवक्ता ने कहा कि हाईकोर्ट जिस मामले में आदेश देती है और उसमें आगे अपील नहीं करने का निर्णय लिया गया है तो उस मुकदमे के समान प्रकृति वाले दूसरे प्रकरणों को भी सरकार अपने स्तर पर ही निपटा दे। बैठक में अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा कि हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना के मामले लंबित है। </p>
<p>अधिकारी अवमानना याचिका में कठोर निर्णय पारित होने का इंतजार करते हैं। सरकार के पास अपील कमेटी है। कोर्ट के फैसले को यह कमेटी देखे और यदि किसी मामले में अपील नहीं करने का निर्णय लिया जाता है तो उसकी पालना की जाए। अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी वकीलों के कार्यालयों में पर्याप्त संसाधन नहीं है। न तो फाइलों को रखने का उचित स्थान है और ना ही उचित संख्या में स्टाफ  हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि बैठक में आए सुझावों को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 17:06:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लंदन में खालिस्तान समर्थकों के बढ़ते प्रभाव पर कमीशन ने जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन में उन अधिकांश सिखों की रक्षा करने का भी आह्वान किया है, जो चरमपंथी विचारधारा का समर्थन नहीं करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/commission-expressed-concern-over-the-growing-influence-of-khalistan-supporters/article-44067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/rishi-sunak.png" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा कमीशन की गई एक स्वतंत्र रिपोर्ट ने ब्रिटिश सिख समुदाय के भीतर खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा बनाई गई कमीशन द ब्लूम रिव्यू ने ऋषि सुनक सरकार से इस मुद्दे को तत्काल हल करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही ब्रिटेन में उन अधिकांश सिखों की रक्षा करने का भी आह्वान किया है, जो चरमपंथी विचारधारा का समर्थन नहीं करते हैं।</p>
<p><strong>सिख समुदाय को खालिस्तानियों से मिल रही धमकी</strong><br />रिपोर्ट ने इस मुद्दे को जल्द ही हल करने पर जोर दिया है। खालसा वोक्स ने बताया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन में सिख समुदायों को खालिस्तानी तत्वों द्वारा जबरदस्ती और धमकी का मिल रही है। ये खालिस्तान समर्थक समूह अपने प्रभाव को बढ़ाते हैं और मानव अधिकारों की आड़ में राजनीतिक निकायों की पैरवी करके उनका ध्यान आकर्षित करते हैं। खालसा वोक्स रिपोर्ट के अनुसार, यह समझना महत्वपूर्ण है कि खालिस्तानी अलगाववादी अधिकांश ब्रिटिश सिख समुदायों के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। ब्लूम रिव्यू ने सिख समुदायों पर इन चरमपंथी समूहों के नकारात्मक प्रभाव को उजागर किया। द ब्लूम रिव्यू ने यूके सरकार को इस उग्रवाद से निपटने के उपाय की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p><strong>अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देने वाले की पहचान</strong><br />रिपोर्ट ने उन व्यक्तियों और संगठनों की पहचान की है, जो ब्रिटेन में अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देते हैं। द ब्लूम रिव्यू ने कहा कि अधिकांश ब्रिटिश सिख, खालिस्तानी समर्थक समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विध्वंसक तरीकों को सिख धर्म के मूल सिद्धांतों से अलग मानते हैं। द ब्लूम रिव्यू ने यूके सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इस तरह के चरमपंथी व्यवहारों को सरकार द्वारा वैध न किया जाए खालसा वोक्स रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट ने ब्रिटेन में सिखों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और भारत के साथ संबंध बनाए रखने के लिए सिख समुदायों और चरमपंथी तत्वों के बीच अंतर करने के महत्व पर जोर दिया। यह रिपोर्ट खालिस्तानी द्वारा मार्च में यूके में भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ करने के बाद आई है। घटना के बाद ब्रिटेन सरकार ने सुरक्षा का आश्वासन दिया था। इस महीने की शुरूआत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने यूके के समकक्ष ऋषि सुनक के साथ टेलीफोन पर बातचीत में यूनाइटेड किंगडम में भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Apr 2023 10:38:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बैंकों के निजीकरण पर रिजर्व बैंक ने व्यक्त की चिंता : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि रिजर्व बैंक ने अगस्त के बुलेटिन में बैंकों के निजीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे देश को बड़ा नुकसान हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/reserve-bank-expressed-concern-at-banks--says-congress/article-19699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/congress5.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि सरकार के बैंकों का निजीकरण करने से सरकारी बैंकों की संख्या 27 से कम होकर महज 12 रह गयी है। उसके इस कदम पर रिजर्व बैंक ने भी चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि रिजर्व बैंक ने अगस्त के बुलेटिन में बैंकों के निजीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे देश को बड़ा नुकसान हो सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि रिजर्व बैंक ने सरकार के दबाब में इस रिसर्च रिपोर्ट से किनारा करते हुए कहा कि बैंकों के निजीकरण पर उसने रिपोर्ट तैयार नहीं की, जबकि यह रिपोर्ट रिजर्व बैंक के शोधकर्ताओं ने ही तैयार की है। सुप्रिया ने कहा कि यह और भी चिंता की बात है कि रिजर्व बैंक को सरकार के दबाव में यू-टर्न लेना पड़ रहा है। रिजर्व बैंक पर शांत रहने का दबाव बनाकर बैंकों का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंक 27 से कम होकर 12 रह गए है, जबकि सरकारी बैंकों ने देश के अंतिम व्यक्ति तक अपनी सेवाएं दी। किसानों, मजदूरों, महिलाओं, कामगारों और सरकारी बैंकों ने ही बैंकिंग सिस्टम पहुंचाया है। </p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि जो रिजर्व बैंक कहता था कि आजादी के बाद बैंकों का राष्ट्रीयकरण बड़ा हादसा तथा बड़ा निर्णय था। वही रिजर्व बैंक सरकार के दबाव में अपने रिसर्च से किनारा कर सरकार के निर्णय का मूक समर्थक बन रहा है। उनका कहना था कि रिजर्व बैंक की यही रिपोर्ट कहती है कि यदि वित्तीय संकट के समय सरकारी बैंक नहीं होते, तो देश की आर्थिक स्थिति पर इसका नकारात्मक असर पड़ता।<br />सरकार से आग्रह किया कि वह बैंकों के निजीकरण को लेकर अपनी मंशा का श्वेत पत्र लाए और उसे रिजर्व बैंक संस्थाओं पर दबाव बनाना बंद कर देना चाहिए। उनका कहना था कि दबाब नहीं होता, तो आरबीआई को अपनी रिपोर्ट से किनारा नहीं करना पड़ता। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उसे निजीकरण की अपनी नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए और इस पर एक श्वेत-पत्र लाना चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Aug 2022 13:22:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 18+ को मुफ्त लगेगी बूस्टर डोज, गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर जताई थी चिंता,  कहा, 'भारत सरकार को 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के लिए भी प्रिकॉशन डोज निशुल्क करनी चाहिए'    </title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि देशभर में पिछले दिनों में कोविड के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी एक वजह समय के साथ वैक्सीन की इम्युनिटी कम होना एवं समय पर प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज नहीं लगवाना है। भारत सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों के लिए ही प्रिकॉशन डोज निशुल्क की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-expressing-concern-over-the-increasing-cases-of-corona--gehlot-said-that-the-government-of-india-should-also-make-precaution-dose-free-for-the-age-group-of-18-to-45-years/article-14359"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/booster.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p>जयपुर।  18 वर्ष से ज्यादा को कोविड को मुफ्त बूस्टर डोज लगेगी। केंद्र सरकार ने इसकों लेकर बड़ा फैसला  किया है।  15 जुलाई से 75 दिन तक  मुफ्त बूस्टर डोज 18 साल की उम्र से ज्यादा लोगों को लगेगी। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी दी।<br /><br />हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा था कि देशभर में पिछले दिनों में कोविड के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी एक वजह समय के साथ वैक्सीन की इम्युनिटी कम होना एवं समय पर प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज नहीं लगवाना है। भारत सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों के लिए ही प्रिकॉशन डोज निशुल्क की है।<br /><br />गहलोत ने कहा कि 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग में 10% लोगों ने भी प्रिकॉशन डोज नहीं लगवाई है। भारत सरकार को 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के लिए भी प्रिकॉशन डोज निशुल्क करनी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में लोग प्रिकॉशन डोज लगवाएं। कोविड इन्फेक्शन की चेन तोड़ने के लिए आवश्यक है कि सभी को वैक्सीन लगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ से चिंताजनक हालात बने हुए हैं । मैं सभी बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षित होने की कामना करता हूं। मैं गुजरात के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि बाढ़ में फंसे लोगों की अधिक से अधिक मदद करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 16:17:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुसलमानों के लिए मुश्किल हो गए है मुल्क के हालात : मदनी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के देवबंद में इस्लामी शिक्षा के सबसे बड़े केन्द्र और सामाजिक एवं धार्मिक संगठन जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष महमूद मदनी ने संगठन के सम्मेलन में देश के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मुसलमानों के लिये मुल्क के हालात मुश्किल भरे हो गये हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/madni-expressed-concern-at-situation-of-country-in-conference/article-10675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/465454654.jpg" alt=""></a><br /><p>देवबंद। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के देवबंद में इस्लामी शिक्षा के सबसे बड़े केन्द्र और सामाजिक एवं धार्मिक संगठन जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष महमूद मदनी ने संगठन के सम्मेलन में देश के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मुसलमानों के लिये मुल्क के हालात मुश्किल भरे हो गये हैं।</p>
<p>मदनी की अध्यक्षता में देवबंद में जमीयत उलेमा ए हिंद का दो दिवसीय सम्मेलन शुरु हुआ। सम्मेलन में मदनी ने कहा कि देश में मुसलमानों का रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मुसलमानों से मायूस न होने की अपील करते हुए कहा कि हमें हमारे ही देश में अजनबी बना दिया गया है। हम जुल्म सहेंगे, लेकिन मुल्क पर आंच नहीं आने देंगे। इसलिये मायूस होने की जरूरत नहीं है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 16:46:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>गहलोत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को लग सकता है झटका, ACB और RAS के बीच टकराहट ने कांग्रेस सरकार की बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ आरएएस के आंदोलन की लगाम सीएमओ में तैनात अफसरों के हाथों में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--gehlot-s-zero-tolerance-policy-may-get-a-setback--the-conflict-between-acb-and-ras-increased-the-concern-of-the-congress-government/article-9103"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ras-acb.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में पिछले पांच दिनों से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी और आरएएस के बीच चल रही टकराहट ने राज्य सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। सरकार को चिन्ता है कि इस टकराहट के चलते मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई जीरो टॉलरेंस की नीति पर ब्रेक लगने की आशंका है। आरएएस की परिषद एसीबी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि एसीबी के अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं। इस मसले के हल के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव उषा शर्मा और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है। आरएएस के आंदोलन की लगाम सीएमओ में तैनात अफसरों के हाथों में है।<br /><br /><strong>इस वजह से हुआ विवाद</strong><br />भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 26 अप्रैल को राष्टÑीय पोषण अभियान में डिस्ट्रिक्ट कोआॅर्डिनेटर लगाने के नाम पर रिश्वत लेते दो कार्मिकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एसीबी ने जब इस मामले में आरोपी से पूछताछ की तो उन्होंने उच्चाधिकारियों का नाम लिया। इसके बाद एसीबी पूछताछ के लिए तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर भागचंद बधाल को  लेकर गई। उसी देर शाम उन्हें छोड़ भी दिया। भागचंद बधाल को बिना नोटिस के इस तरह जबरन पूछताछ के लिए लेकर जाना आरएएस को नागवार गुजरा। आरएएस ने 28 अप्रैल को इसका विरोध जताया और मुख्य सचिव से मुलाकात की। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन की मौजूदगी में मुख्य सचिव ने घटना की पूरी जानकारी ली थी। इस दौरान आरएएस अधिकारियों ने साफ  कहा कि माफी से काम नहीं होगा। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, बात खत्म नहीं होगी। आरएएस का विरोध जारी है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार को चिंता है कि आरएएस एसोसिएशन की मांग को स्वीकार करते हुए एसीबी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसका आरपीएस एसोसिएशन भी विरोध जता सकती है। पिछले तीन साल से एसीबी की ओर से की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से उसकी देशभर में तारीफ हो रही है, लेकिन सिविल सर्विसेज के अफसरों की नींद उड़ी हुई है।<br /><br /><strong>गहलोत का था पहला संदेश</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की सत्ता संभालने के एक दिन बाद ही संदेश दिश था कि किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। गहलोत ने 20 दिसम्बर 2018 को अपने अधिकारियों के साथ बैठक में यह संदेश दिया था।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 12:52:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>राज्य सरकार की ओर से जारी किये गये एक आदेश ने भू-मालिकों की बढ़ा दी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[आम जनता को राहत प्रदान करने के नाम पर  राज्य सरकार की ओर से जारी किये गये एक आदेश ने भू-मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। इस आदेश के बाद भू माफियाओं में खुशी की लहर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-order-issued-by-government-increased-concern-of-land-owners/article-8103"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/bu-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। आम जनता को राहत प्रदान करने के नाम पर राज्य सरकार की ओर से जारी किये गये एक आदेश ने भू-मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। इस आदेश के बाद भू माफियाओं में खुशी की लहर है। आरोप है कि अधिकारियों ने बिना गुण-दोष का आंकलन किये राज्य सरकार से यह आदेश पारित करवा दिया जिसमें कहा गया है कि अब आम सूचना प्रकाशन का खर्च जेडीए और हाउसिंग बोर्ड व निकाय वहन करेंगे। सुनने में जरूर यह आदेश आमजन को राहत प्रदान करने जैसा है लेकिन इस आदेश की गंभीरता को समझे तो इससे ना केवल जमीनों के गलत नामांकन की आशंकाएं बलवती हो गई है अपितु इसमें जरा सी ढील से आमजन की अपनी खरी कमाई से खरीदी गई जमीन किसी और के नाम हस्तांतरित हो जाने के भी सारे दरवाजे खुल गये हैं। खास बात यह है कि असली मालिक के हाथ से कब उसकी जमीन खिसकेगी उसे इसका पता ही कई दिनों तक नहीं चल पायेगा।</p>
<p><strong>इसे यूं समझे</strong><br />अब तक आम सूचना जिस प्रारूप में प्रकाशित होती थी उसमें जमीन का खसरा नंबर और पूरा डॉक्यूमेंट चैनल का प्रकाशन किया जाता था और प्रकाशन की साइज भी स्वायत्त शासन विभाग की ओर से तय की गई थी। इसलिए समाचार पत्रों में प्रकाशन के बाद सहजता से इसे हर कोई देख, समझ और पढ़ सकता था। भले ही इसके लिए संबंधित पार्टियों को दो से पांच हजार रुपए व्यय करने पड़ते थे। और वैसे भी दस से पचास लाख की तक की प्रोपर्टी के लिहाज से यह रकम आम आदमी की जेब पर कोई ज्यादा असर नहीं डाल रही थी। सब कुछ सहज, सामान्य और अच्छे से चल रहा था।  अब आम सूचना प्र्रकाशन का जो नया फॉरमेट तैयार किया गया है उसमें केवल भूखंड संख्या, उसका नाप और आवेदक का नाम ही दिया जाना तय किया है। शेष जानकारी ऑन लाइन उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया गया है। सवाल यह है कि जब प्रदेश के अधिकांश घरों में बिजली और पानी ही पूरा नहीं पहुंच पा रहा वहां कितने लोग आॅन लाइन भूखंड के बारे में जानकारी हासिल कर पायेंगे? सवाल यह भी है कि नये फारमेट में आवेदक का ही नाम प्रकाशित होगा, भूखंड किसका है यह पता ही नहीं चल पायेगा। ऐसे में कोई भी अधिकारियों और कर्मचारियों से सांठ गांठ कर किसी का भी भूखंड अपने नाम करवाने की आम सूचना आसानी से प्रकाशित कर लेगा। इससे भू माफियाओं की राह तो आसान होगी ही साथ ही पुलिस और कोर्ट कचहरी के मामले भी बढ़ जायेंगे।</p>
<p><strong>जो चल रहा था उसमें दिक्कत क्या थी</strong><br />सवाल यह है कि जो व्यवस्था वर्तमान में चल रही थी उसमें दिक्कत किसको थी? ना ही यह मांग कभी सरकार के समक्ष खड़ी हुई और ना ही किसी एक ने भी आम सूचना प्रकाशन की राशि कम करने को लेकर सरकार से कोई मांग ही कभी की। फिर भी अधिकारियों ने केवल चुनिंदा लोगों के इशारे पर व्यवस्थित रूप से चल रही पूरी परिपाटी बदल कर भू माफियाओं की राह प्रशस्त कर दी? क्यों? जांच की जानी चाहिए। सरकार को गुमराह कर सीधे तौर पर इससे उसकी साख पर संकट खड़ा करने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बढ़ती लोकप्रियता को ध्वस्त करने के लिए कहीं यह विपक्षी दलों की कोई साजिश का हिस्सा तो नहीं। इस पर भी सरकार को मनन अवश्य करना चाहिए।</p>
<p><strong>जेब पर भार तो अभी भी पड़ेगा</strong><br />राज्य सरकार की ओर से जो आदेश जारी किया गया है उसमें जेडीए, हाउसिंग बोर्ड और निकायों को अपनी ओर से आम सूचना प्रकाशन का अधिकार दिया गया है, लेकिन ये सभी इसके लिए एक निश्चित राशि भू मालिकों से ही वसूलेंगे। तो इससे आम लोगों को राहत कैसे मिलेगी? यह सरकार समझ नहीं पाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Apr 2022 11:10:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राज्य के छह शहरों में सार्वजनिक उद्यानों की दुर्दशा को लेकर केन्द्र सरकार ने जताई चिन्ता</title>
                                    <description><![CDATA[गाइडलाइन के अनुसार क्या होना चाहिए ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer--news--central-government-expressed-concern-about-the-plight-of-public-parks-in-six-cities-of-the-state--rajasthan-proved-to-be-laggy-in-the-survey-of-the-committee-of-the-union-environment-ministry/article-7551"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/nehru-udhyan.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राज्य के छह प्रमुख शहरों में स्वायत्तशासी एवं नगरीय निकायों के सार्वजनिक उद्यानों की दुर्दशा को लेकर केन्द्र सरकार ने चिन्ता जताई है। उसका मानना है कि निकायों के स्तर पर उद्यान विकास के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद उनकी सार-संभाल के मापदण्डों को ताक पर रख दिया गया है। ऐसे में उनके विकास पर खर्च की जा रही राशि अपव्यय के सिवाय कुछ नहीं है। इन छह शहरों में संभागीय मुख्यालय जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर शामिल हैं। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय की एक कमेटी ने उत्तर भारत के सभी प्रदेशों के प्रमुख शहरों में विकसित उद्यानों का सर्वे कराया है, जिसमें राजस्थान अन्य राज्यों की तुलना में फिसड्डी साबित हुआ है। मंत्रालय की टीम ने इस बात पर हैरानी जताई है कि इन शहरों में सार्वजनिक उद्यानों का रखरखाव ठेके पर देने के साथ अंधाधुंध व्यवसायीकरण कर दिया गया है, जिससे उद्यान तो नाम मात्र के रह गए हैं। बल्कि व्यवसायिक गतिविधियांं अधिक संचालित की जा रही हैं। <br />दी दशा सुधारने की नसीहत: कमोबेश हर शहर में सार्वजनिक पार्क को रखरखाव के लिए जिस स्थानीय विकास समिति को दिया गया है, वह समिति उसका व्यवसायिक उपयोग कर रही है। ऐसे में अनेक उद्यान तो शादी समारोह स्थलों में तब्दील हो गए हैं, जो पर्यावरणीय सन्तुलन बनाए रखने की बाधा बन गए हैं। इसीलिए केन्द्र के पर्यावरण मंत्रालय के प्रमुख शासन सचिव ने केन्द्र की चिन्ता से अवगत कराते हुए राज्य के मुख्य सचिव को खत लिखकर उद्यानों की निगरानी के लिए कमेटी का गठन कर सार्वजनिक उद्यानों की दशा सुधारने की नसीहत दी है। <br /><strong> </strong><br /><strong>गाइडलाइन के अनुसार क्या होना चाहिए</strong> <br />भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार निकाय के उद्यान में चौकीदार के रहने के लिए एक कमरा व टॉयलेट के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है। उद्यान में केवल घास लगाने, क्यारी लगाने, पानी के फव्वारे लगाने, फुटपाथ बनाने व ट्यूबवैल खुदवाने जैसे कार्य ही कराए जा सकते हैं। इनमें फुटपाथ की चौड़ाई 5 फीट तक ही हो सकेगी, जबकि उद्यान के क्षेत्रफल के 20 प्रतिशत हिस्से में ही निर्माण किया जा सकेगा। <br /><br /><strong> उद्यानों की वर्तमान स्थिति तलब की</strong><br />सूत्रों के मुताबिक केन्द्र की चेतावनी के बाद स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने सभी निकायों तथा यूडीएच के उप शासन सचिव ने जयपुर, जोधपुर और अजमेर विकास प्राधिकरण सहित तमाम नगर विकास न्यास के प्रशासनिक मुखियाआें को खत लिखकर उद्यानों की स्थिति तलब की है। सरकार ने निकायों से जानकारी मांगी है कि उद्यानों में पक्के निर्माण की स्थिति क्या है। कितने उद्यान स्थानीय विकास समिति या वार्ड समितियों को गोद दिए गए हैं। उसका वे व्यवसायिक उपयोग तो नहीं कर रहे हैं, यदि कर रहे हैं तो निकाय स्तर पर उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? प्रसंगवश अजमेर में आजाद पार्क का तो स्वरूप ही बदल दिया है, जहां स्मार्ट सिटी के अनेक पक्के निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहीं लवकुश उद्यान परिसर की भूमि पर फूड कोर्ट का निर्माण कर ठेके पर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 14:51:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर 'AAP' ने व्यक्त की चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति और दलितों और महिला पर बढ़ते अत्याचार को लेकर महिला शक्ति प्रदेश अध्यक्ष कीर्ति पाठक के नेतृत्व में जयपुर जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर आम आदमी पार्टी ने चिंता व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aam-aadmi-party-expressed-concern-law-and-order-in-state/article-6497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/app-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति और दलितों और महिला पर बढ़ते अत्याचार को लेकर महिला शक्ति प्रदेश अध्यक्ष कीर्ति पाठक के नेतृत्व में जयपुर जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर आम आदमी पार्टी ने चिंता व्यक्त की। आम आदमी पार्टी की महिला शक्ति प्रदेश अध्यक्ष कीर्ति पाठक ने सरकार को घेरने हुए कहा कि जब से कांगेस ने सत्ता संभाली है, तब से दलितों  और महिलाओं पर अत्याचार में वृद्धि हुई है। दुराचार के हादसों में राजस्थान नम्बर एक पर है। नागरिक सुरक्षित नहीं हैं।</p>
<p>महिला शक्ति प्रदेश उपाध्यक्ष अंजना शर्मा व जयपुर ग्रेटर की अध्यक्ष एडवोकेट रेखा गुलाटी ने दृढ़ स्वर में दुराचार की घटनाओं का विरोध करते हुए कारवाई की मांग की। पूर्व जयपुर सह संभाग प्रभारी एडवोकेट अमित शर्मा लियो ने बाड़मेर के हादसे की जांच कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की है।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 16:44:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन से भारत के लोगों को वापस लाने के लिए प्रयास करना सरकार का है कर्तव्य : कांग्रेस </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने यूक्रेन में लगातार तेज हो रहे सैन्य संघर्ष पर चिंता व्यक्त की। कांग्रेस ने निर्दोष लोगों की मौत तथा व्यापक विनाश और पलायन को मानवीय पीड़ा बताया और कहा कि नागरिकों को वापस लाने के लिए सभी प्रयास करना सरकार का कर्तव्य है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-expressed-concern-conflict-in-ukraine/article-5629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/modi10-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने यूक्रेन में लगातार तेज हो रहे सैन्य संघर्ष पर चिंता व्यक्त की। कांग्रेस ने निर्दोष लोगों की मौत तथा व्यापक विनाश और पलायन को मानवीय पीड़ा बताया और कहा कि नागरिकों को वापस लाने के लिए सभी प्रयास करना सरकार का कर्तव्य है। कांग्रेस ने जारी बयान में कहा कि भारत के लोगों को युद्धग्रस्त क्षेत्र से वापस लाना सरकार का कर्तव्य है। पार्टी युद्ध क्षेत्रों में फंसे हजारों भारतीय छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। सरकार को उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज करने चाहिए।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि खाड़ी युद्ध के दौरान भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए उसके नेतृत्व वाली सरकार ने वायु सेना और नौसेना की मदद से कोई पक्षपात किए बिना लेबनान, लीबिया तथा इराक में फंसे अपने नागरिकों की निकासी के लिए सफलतापूर्वक काम किया था।  कांग्रेस ने यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने और दोनों पक्षों द्वारा युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित तथा सम्मानजनक निकासी के लिए रूस तथा यूक्रेन से मानवीय आधार पर फैसले करने और रूस-यूक्रेन और नाटो को शांति बहाल के लिए बातचीत करने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-expressed-concern-conflict-in-ukraine/article-5629</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 14:17:12 +0530</pubDate>
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                <title>12 साल से अधिक आयु के बच्चों का भी जल्द हो वैक्सीनेशन</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना संक्रमण दर एक सप्ताह में दुगुनी, मंत्रिपरिषद ने जताई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/12-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%81-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8/article-4078"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/vexin.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को वीसी के जरिए हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोविड के बढ़ते संक्रमण पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण पर बल दिया गया। बैठक में बताया गया कि विगत कुछ सप्ताह से पॉजिटिविटी दर लगातार बढ़ रही है। मात्र एक सप्ताह में यह दर 7.61 प्रतिशत से बढ़कर 15.52 प्रतिशत तक अर्थात् दोगुनी हो चुकी है। संक्रमण की इस गति को रोकने के लिए जरूरी है कि आमजन के द्वारा कोविड प्रोटोकॉल की निरंतर पालना की जाए। साथ ही संक्रमण को रोकने के लिए फोकस्ड सैम्पलिंग की जाए, जिन लोगों में सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण हैं, उनकी प्राथमिकता से जांच की जाए। इस वायरस से छोटी आयु के बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में 12 साल से अधिक आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द शुरू होना चाहिए। केन्द्र सरकार इस बारे में जल्द निर्णय लें।<br /> <strong><br /> वैक्सीनेशन राष्ट्रीय औसत से बेहतर</strong><br /> चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के 94.4 % लोगों को पहली तथा 78 % लोगों को दूसरी डोज लगी है। साथ ही 56.5% किशोर-किशोरियों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। इन सभी में राजस्थान का प्रदर्शन राष्टÑीय औसत से बेहतर है। दिसम्बर माह में 1 करोड़ 31 लाख लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई थी। जनवरी माह में भी इसी भावना के साथ वैक्सीनेशन किया जा रहा है।<strong><br /> <br /> 31 के बाद नई गाइडलाइन</strong><br /> फिलहाल संक्रमण के चलते 31 जनवरी तक की गाइडलाइन जारी की हुई है। चर्चा के दौरान सामने आया कि इसके बाद संक्रमण की गति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। इसमें कुछ पाबंदियों में छूट भी प्रदान की जा सकती है। इसके साथ ही एक फरवरी से वैक्सीन नहीं तो एन्ट्री नहीं भी सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इसके लिए भी आदेश जारी किए जा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jan 2022 11:02:12 +0530</pubDate>
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                <title>वीकेंड कर्फ्यू आज : बिना काम घूमने वालों के खिलाफ पुलिस महामारी एक्ट में कार्रवाई करेगी ऐसे में घर पर रहे, जरूरी दुकानें रात आठ बजे तक खुलेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[180 प्वॉइंट पर होगी नाकाबंदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%86%E0%A4%9C---%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87--%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%86%E0%A4%A0-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80/article-4009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/dukan-band.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में शनिवार की रात 11 बजे से वीकेंड कर्फ्यू लागू हो गया। यह सोमवार सुबह पांच बजे तक रहेगा। तीसरी लहर में यह पहला वीकेंड कर्फ्यू है। संडे को प्रभावी होने वाले कर्फ्यू में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। छूट वाली कैटेगरी को छोड़कर सभी बाजार, दुकानें, शॉपिंग मॉल, जिम और क्लब बंद रहेंगे। संडे कर्फ्यू में दूध की दुकानें, डेयरी बूथ, फल-सब्जी की दुकानें, किराना दुकानें रात आठ बजे तक ही खुली रहेंगी।<br /> <br /> <br /> <strong>सेंचुरी-रिजर्व रहेंगे बंद</strong><br /> जयपुर। वीकेंड कर्फ्यू के दिन प्रदेश भर के सेंचुरी और टाइगर रिजर्व और सफारी भी बंद रहेंगे। वन विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। जयपुर में लेपर्ड सफारी और नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क बंद रहेंगे। <br /> <strong><br /> हिदायत- घर पर रहें</strong><br /> बिना काम घूमने वालों के खिलाफ  पुलिस महामारी एक्ट में कार्रवाई करेगी। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर लोगों से घरों में रहकर सहयोग की अपील की है। <br /> <br /> <strong>180 प्वॉइंट पर होगी नाकाबंदी</strong><br />  जयपुर शहर में वीकेंड कर्फ्यू के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार रात 11 बजे से सोमवार सुबह पांच बजे तक वीकेंड कर्फ्यू रहेगा। इसके लिए जयपुर शहर में 180 नाकाबंदी प्वॉइंट बनाए जाएंगे। इन सभी नाकों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जिले के डीसीपी तय करेंगे। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वितीय हैदर अली जैदी ने बताया कि बेवजह घूमने वाले लोगों पर पुलिस सख्ती करेगी। आमजन कोरोना गाइडलाइन की पालना करें और शहर में बेवजह घर से नहीं निकलें। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jan 2022 11:48:06 +0530</pubDate>
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