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                <title>capital - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>प्रतिभा को कोई नहीं रोक सकता : विशेष योग्यजन राष्ट्र की पूंजी और धरोहर, देवनानी ने कहा- दिवयांग्ता अभिशाप नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे बच्चों को प्यार, स्नेह, सम्मान, समझ, समर्पण और समान अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/one-can-stop-talent-specially-abled-persons-are-the-capital-heritage-of-the-nation/article-112176"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy103.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विशेष योग्यजन राष्ट्र की पूंजी और धरोहर है। लोगों को इन्हें सम्मान देना चाहिए। परिवार समाज के सहयोग से ही हम वातावरण को बदल सकते है। दिवयांग्ता अभिशाप नहीं है। यह चुनौती है। विशेष योग्यजन व्यक्ति में एक कमी के बावजूद दूसरी क्षमता अपार होती है, जिससे उनका जीवन उज्ज्वल बन सकता है। </p>
<p>ऐसे बच्चों को प्यार, स्नेह, सम्मान, समझ, समर्पण और समान अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। देवनानी शनिवार को पंचायतीराज संस्थान में शारदा शिक्षा एवं विकास समिति की ओर से आयोजित सेरेब्रल पालसी रोग ग्रसित विशेष योग्यजन बच्चों के उपचार के लिए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर और संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह को डॉ. तरल नागदा, वैध गोपेश बंसल और नीलम शर्मा ने भी सम्बोधित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 12:54:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस एक हजार करोड़ तक पूंजी करेगी एकत्रित</title>
                                    <description><![CDATA[आईआईएफएल समस्ता बॉन्ड 60 महीने की अवधि के लिए 10.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष की सर्वाधिक कूपन दर प्रदान करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/iifl-samasta-finance-will-raise-capital-up-of-one-thousand-carore/article-63519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/1115.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस व्यावसायिक वृद्धि के लिए सिक्योर्ड बॉन्ड्स के अपने पहले पब्लिक इश्यू की मदद से 1,000 करोड़ रु. तक की पूंजी जुटाएगा। ये बॉन्ड अत्यधिक सुरक्षा के साथ 10.50 प्रतिशत तक का रिटर्न प्रदान करेंगे। ये इश्यू अभी मिल रहे है और 15 दिसंबर तक मिलेंगे। आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस ने 200 करोड़ रु. के बॉन्ड्स जारी किए हैं और उसके पास 800 करोड़ रुपए तक के ओवर सब्सक्रिप्शन (कुल मिलाकर 1,000 करोड़ रु.) बनाए रखने के लिए ग्रीन शू विकल्प भी है। आईआईएफएल समस्ता बॉन्ड 60 महीने की अवधि के लिए 10.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष की सर्वाधिक कूपन दर प्रदान करते हैं। </p>
<p>ये एनसीडी 24 महीने, 36 महीने और 60 महीने की अवधि के लिए उपलब्ध हैं। ब्याज के भुगतान की फ्रीक्वेंसी हर सीरीज के लिए मासिक और वार्षिक आधार पर उपलब्ध होगी। आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस के होल टाइम डायरेक्टर और सीआईओ शिव प्रकाश डी ने कहा कि आईआईएफएल समस्ता अपनी 1,500 शाखाओं के द्वारा पूरे भारत में मजबूत स्थिति में मौजूद है। यह सेवाओं की कमी वाले और उनसे वंचित लोगों की क्रेडिट की जरूरतों को पूरा करता है, जो मुख्यत: अपने विस्तृत पोर्टफोलियो के साथ वंचित पृष्ठभूमि की महिला उद्यमियों पर केंद्रित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Dec 2023 11:19:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान का भिवाड़ी सर्वाधिक प्रदूषित शहर</title>
                                    <description><![CDATA[ रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पिछले साल की तुलना में प्रदूषण 15 प्रतिशत तक बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bhiwadi-most-polluted-city-of-rajasthan--delhi-most-polluted-capital-of-the-world/article-6573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/air-pollution.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यह लगातार चौथा वर्ष है, जब दिल्ली को दुनिया की सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी घोषित किया गया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पिछले साल की तुलना में प्रदूषण 15 प्रतिशत तक बढ़ा है। स्विटजरलैंड की एक फर्म के अनुसार वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2021 के अंत तक भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति में भारी गिरावट आई। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली दुनिया की सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी है, लेकिन दुनिया का सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र राजस्थान का भिवाड़ी है। जबकि प्रदूषण के मामले में उत्तरप्रदेश का गाजियाबाद दुनिया में दूसरे नम्बर पर। उल्लेखनीय है कि ये दोनों शहर भी दिल्ली के बहुत करीब हैं।</p>
<p><br />स्विटजरलैंड की एक फर्म के अनुसार वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2021 के अंत तक भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति में भारी गिरावट आई। दिल्ली में औसत वायु प्रदूषण प्रति घनमीटर में 58.1 माइक्रोग्राम रहा। यह विश्वस्थास्थ्य संगठन के शुद्धता के मानदंड से दस गुणा ज्यादा है। उल्लेखनीय है कि वायु शुद्धता के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानदंडों पर भारत का कोई भी शहर खड़ा नहीं उतरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 12:38:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूंजी का पलायन रोके रिजर्व बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[ रिजर्व बैंक के ही आंकड़े बताते हैं कि पिछले 3 वर्षों में हमारा पूंजी खाता ऋणात्मक रहा है यानी जितनी विदेशी पूंजी अपने देश में आई है उससे ज्यादा पूंजी अपने देश से बाहर गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/reserve-bank-to-stop-capital-outflow/article-5652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rbi_new-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>रिजर्व बैंक की कमेटी ने संस्तुति की है कि देश को पूंजी के मुक्त आवागमन की छूट देनी चाहिए। यानी विदेशी निवेशक भारत में स्वच्छंदता से आ सके और भारतीय निवेशक अपनी पूंजी को स्वच्छंदता से भारत से बाहर ले जाकर निवेश कर सकें, ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए। कमेटी का कहना है इसके चार लाभ हैं- पहला यह कि देश में पूंजी की उपलब्धि बढ़ जाएगी। यह सही है कि यदि विदेशी पूंजी का भारत में आना सरल हो जाएगा। जो निवेशक विदेशी भारत में निवेश करेंगे, उनके लिए समय क्रम में अपनी पूंजी को निकाल कर अपने देश वापस ले जाना आसान हो जाएगा। लेकिन यह दो धारी तलवार है। यदि विदेशी निवेशकों के लिए भारत में पूंजी लाना आसान हो जाएगा तो उसी प्रकार भारतीयों के लिए भी अपनी पूंजी को बाहर ले जाना भी आसान हो जाएगा। रिजर्व बैंक के ही आंकड़े बताते हैं कि पिछले 3 वर्षों में हमारा पूंजी खाता ऋणात्मक रहा है यानी जितनी विदेशी पूंजी अपने देश में आई है उससे ज्यादा पूंजी अपने देश से बाहर गई है। इससे प्रमाणित होता है कि पूंजी का मुक्त आवागमन विपरीत दिशा में ज्यादा चल रहा है। जैसे दो टंकियों के बीच में एक वॉल लगा हो तो पानी उस तरफ ज्यादा जाएगा, जहां पानी का स्तर कम होगा। इसी प्रकार विदेशी और भारतीय पूंजी के बीच में वॉल को खोल दें तो किस तरफ  पूंजी का बहाव होगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि पूंजी का आकर्षण किस तरफ  अधिक है।</p>
<p><br />कमेटी का दूसरा कथन है कि पूंजी के मुक्त आवागमन से अपने देश में पूंजी की लागत कम हो जाएगी और ब्याज दर कम हो जाएगी। लेकिन रिजर्व बैंक के ही आंकड़े इसी के विपरीत खड़े हैं, जो की बता रहे हैं हमारा पूंजी खाता ऋणात्मक है यानी पूंजी बाहर जा रही है और जिसके कारण अपने देश में पूंजी का मूल्य बढ़ रहा है, घट नहीं रहा है। कमेटी ने तीसरा तर्क दिया है की पूंजी के मुक्त आवागमन से भारतीय कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले लोन का विविधिकरण हो जाएगा। जैसे किसी कंपनी को यदि फैक्ट्री लगानी हो तो कुछ पूंजी वह भारतीय बैंक से लेंगे, कुछ विदेशी बैंक से लेंगे, कुछ विदेशी निदेशकों से लेंगे। इस प्रकार उनके ऊपर जो लोन का भार है वह किसी एक स्रोत पर निर्भर होने के स्थान पर विविध स्रोतों पर बंट जाएगा और ज्यादा टिकाऊ होगा। यह बात सही है कई कंपनियों ने हाल में विदेशी पूंजी का लोन लिया भी है। लेकिन जितना इन्होंने लिया है उससे ज्यादा बाहर भी गया है इसलिए इस विविधिकरण कंपनियों के लिए लाभप्रद रहा हो सकता है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ हो ऐसा नहीं दिखता है। कमेटी के अनुसार चौथा लाभ भारतीय निवेशकों के लिए निवेश का विविधिकरण है। भारतीय निवेशक विदेशी प्रॉपर्टी एवं शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय प्रॉपर्टी एवं शेयर बाजार में निवेश कर सकेंगे। लेकिन पुन: यह लाभ निवेशक विशेष को होगा। यह देश का लाभ नहीं है, क्योंकि जब भारतीय निवेशक अपनी पूंजी को विदेशों में निवेश करते हैं तो भारत की पूंजी बाहर जाती है और भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर होती है। इन कारणों से मेरी दृष्टि से कमेटी के दिए गए तर्क मान्य नहीं है।</p>
<p><br />विशेष बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि आपदा के समय विकासशील देशों को पूंजी के मुक्त आवागमन पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कोरिया और पेरू द्वारा कोविड संकट के दौरान ऐसे प्रतिबंध लगाने का स्वागत किया है। हमें भी इस दिशा पर विचार करना चाहिए। वर्तमान में हमारे सामने एक और संकट है कि अभी तक अमेरिकी फेडडरल रिजर्व बोर्ड ने ब्याज दर शून्य के लगभग कर रखी थी। निवेशकों के लिए लाभप्रद था कि अमेरिका में लोन लेते और भारत में निवेश करते। लेकिन अब फेडरल रिजर्व बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि वे शीघ्र ही ब्याज दरों में वृद्धि करेंगे। यदि ऐसा होता है तो निवेशकों के लिए अपनी पूंजी को भारत से निकालकर अमेरिका ले जाना ज्यादा लाभप्रद हो जाएगा, क्योंकि अमेरिका में निवेश को ज्यादा स्थाई और टिकाऊ माना जाता है। इसलिए हमको विचार करना चाहिए कि आखिर हमारी देश से पूंजी का पलायन हो क्यों रहा है। दो टंकियों के बीच में वॉल को खोलने से पानी का बहाव बहार की तरफ  क्यों जा रहा है?</p>
<p><br />जर्नल ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ  सोशल साइंस इंस्टिट्यूशन में छपे एक पर्चे के अनुसार भारत से पूंजी के पलायन के चार कारण है। पहला कारण भ्रष्टाचार का है। यह सही है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के स्तर पर भ्रष्टाचार में भारी कमी आई है, लेकिन यह भी सही है की जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार में उससे ज्यादा वृद्धि हुई है। इसलिए सरकार को नीचे से भ्रष्टाचार को दूर करने के कदम उठाने चाहिए। दूसरा कारण बताया गया है कि सरकारी ऋण ज्यादा होने से निवेशकों को भय होता है कि ऋण की भरपाई करने के लिए आने वाले समय में रिजर्व बैंक नोटों को ज्यादा मात्रा में छपेगा, जिससे देश में महंगाई बढ़ेगी और भारतीय रुपए का अवमूल्यन होगा। तब उनकी पूंजी का मूल्य स्वत: घट जाएगा। </p>
<p>इसलिए सरकारी ऋण की अधिकता से पूंजी का पलायन होता है। वर्तमान में कोविड संकट के कारण ही क्यों ना हो फिर भी यह तो सत्य है ही कि अपनी सरकार द्वारा लिए गए ऋण में भारी वृद्धि हुई है। इस परिस्थिति में भारत सरकार को ऋण कम लेना चाहिए। लेकिन इससे निवेश में कमी नहीं होनी चाहिए अन्यथा पुन: आर्थिक विकास की गति में ठहराव आएगा। इसलिए सरकार को चाहिए कि अपनी खपत को कम करें, जिससे की सरकार को लोन कम लेने पड़े और पूंजी का पलायन न हो। तीसरा कारण बताया गया है कि मुक्त व्यापार को अपनाने से भी पूंजी का पलायन होता है। इसका कारण यह दिखता है कि जब हम मुक्त व्यापार को अपनाते हैं तो उद्यमियों के लिए आसान हो जाता है कि अपनी पूंजी को उस देश में ले जाए जहां पर उत्पादन करना सुलभ हो। जैसे भारतीय उद्यमी के लिए यह सुलभ हो जाएगा कि वह अपनी फैक्ट्री को बांग्लादेश में लगाए और बांग्लादेश में माल का उत्पादन करके भारत को निर्यात कर दे। ऐसे में मुक्त व्यापार के कारण पूंजी का पलायन बढ़ता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि रिजर्व बैंक की कमेटी की रिपोर्ट को अमान्य करते हुए और भ्रष्टाचार पर रोक लगाए सरकारी खपत को घटाए और मुक्त व्यापार को अपनाने के स्थान पर आयात कर बढ़ाए। तब ही अपने देश से पूंजी का पलायन कम होगा और देश की आर्थिक विकास दर बढ़ेगी।</p>
<p><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><br /><strong>मुद्दा</strong><br />विशेष बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि आपदा के समय विकासशील देशों को पूंजी के मुक्त आवागमन पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कोरिया और पेरू द्वारा कोविड संकट के दौरान ऐसे प्रतिबंध लगाने का स्वागत किया है। हमें भी इस दिशा पर विचार करना चाहिए। वर्तमान में हमारे सामने एक और संकट है कि अभी तक अमेरिकी फेडडरल रिजर्व बोर्ड ने ब्याज दर शून्य के लगभग कर रखी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/reserve-bank-to-stop-capital-outflow/article-5652</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 18:50:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी मीडिया और यूक्रेन के विपक्षी नेता का दावा, पोलैंड भागे राष्ट्रपति जेलेंस्की</title>
                                    <description><![CDATA[ रूस-यूक्रेन के बीच जंग नौवें दिन भी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-media-and-ukraine-s-opposition-leader-claims-president-zelensky-fled-to-poland--ukraine-issued-statement--zelensky-in-the-capital-kyiv-itself/article-5505"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ukrainian-president-volodymyr.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूस-यूक्रेन के बीच जंग नौवें दिन भी जारी है। रूसी सेना ने जपोरिझिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर कब्जा कर लिया है। इसके पहले यहां गोलीबारी हुई जिससे प्लांट में आग लग गई थी। रूस के सैनिकों ने प्लांट की एडमिन और कंट्रोल बिल्डिंग पर कब्जा कर लिया।</p>
<p><br />चेनीर्हीव में रूस हवाई हमले कर रहा है। इन हमलों में 47 लोगों की मौत हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की यूक्रेन की राजधानी कीव के बंकर से निकलकर पोलैंड भाग गए हैं। यह दावा रूसी मीडिया की तरफ से किया गया है। यह इसलिए अहम है क्योंकि महज दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि जेलेंस्की जब चाहें उन्हें यूक्रेन से एयरलिफ्ट कर लिया जाएगा। हालांकि जेलेंस्की ने इसके जवाब में कहा था कि वो किसी भी कीमत पर अपने देश के लोगों को नहीं छोड़ेंगे। <br /><br /><strong>यूक्रेन में अब तक 331 नागरिकों की हुई मौत</strong><br />संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से 331 नागरिकों की मृत्यु होने की पुष्टि की है। इसने कहा है कि 675 लोग अब तक घायल हुए हैं। एक दिन पहले की रिपोर्ट में मारे जाने वाले नागरिकों की संख्या 249 थी। कुल मारे गए 331 लोगों में 19 बच्चे थे।<br /><br /><strong>यूक्रेन: यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में लगी आग</strong><br /> यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि रूसी हमले में जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में शुक्रवार को आग लग गई। उन्होंने ट््वीट किया, रूसी सेना यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जापोरिज्जिया एनपीपी पर हर तरफ से गोलीबारी कर रही है। आग पहले ही भड़क चुकी है। अगर इसे रोका नहीं गया, तो यह चर्नोबिल से 10 गुना बड़ा होगा। रूसियों को तुरंत आग को बंद करना चाहिए, अग्निशामकों को अनुमति देना चाहिए। एनरगोडार दिमित्रो ओरलोव के मेयर ने भी आग लगने की पुष्टि की।<br /><br /><strong>फंसे भारतीयों की मदद जारी रखें सरकार: कोर्ट</strong><br />नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध संकट में फंसे भारतीय नागरिकों की चिंताओं पर विचार करें तथा उनके परिवारों के लिए एक आॅनलाइन हेल्पलाइन सेवा जारी रखें। मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की। सरकार फंसे हुए लोगों की मदद जारी रखें। <br /><br /><strong>रूस-यूक्रेन संघर्ष: अब तक 20 हजार भारतीय स्वदेश लौटे</strong><br /><strong>दो हजार अभी भी फंसे होने की संभावना</strong><br />नई दिल्ली। रूसी हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीयों में अभी तक करीब 20 हजार से ज्यादा लोगों को वहां से निकाला गया है। जबकि अभी भी करीब दो हजार भारतीयों के वहां फंसे होने की संभावना है।विदेश मंत्रालय ने फिर से आश्वस्त किया गया कि संघर्षरत क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है। इसमें यूक्रेन से सटे सीमावर्ती देशों की सीमाओं तक लोगों को पहुंचाने के लिए बसों का भी इंतजाम किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को यहां बताया कि भारतीय वायुसेना लगातार इस काम में जुटी हुई है। शनिवार को 16 उड़ानों से लोगों को लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की ओर से एडवाइजरी जारी करने के बाद करीब 19 हजार 700 लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया था। लेकिन कुछ लोग इससे रह गए। पूर्वी यूक्रेन विशेष रूप से खारकीव और पिसोचिन पर सबसे ज्यादा सरकार का ध्यान है। हम वहां कुछ बसें लाने में सफल रहे हैं। पांच बसें पहले से चल रही हैं। पिसोचिन में अब भी करीब एक हजार भारतीय फंसे हुए हैं। जबकि सूमी में 700 से ज्यादा फंसे हैं। उन्होंने कहा कि हमने विशेष ट्रेनों के लिए यूक्रेन के अधिकारियों से अनुरोध किया था।<br /><br /><strong>केन्द्र देगा हरजोत सिंह के इलाज का खर्च</strong><br />कीव में गोलियों का शिकार होकर घायल हुए भारतीय नागरिक हरजोत सिंह को लेकर बागची ने कहा कि भारत सरकार कीव में हरजोत सिंह के चिकित्सा खर्च का वहन करेगी। हम उनकी चिकिस्कीय स्थिति के बारे में जानकारी पाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन विवाद के क्षेत्र में होने के चलते इस काम में दिक्कत हो रही है। <br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 10:28:09 +0530</pubDate>
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                <title>यूक्रेन-रूस विवाद: रूस ने यूक्रेन पर किया हमला, पुतिन ने सैन्य अभियान की घोषणा,  यूक्रेन की राजधानी कीव में बड़ा धमाका, यूक्रेन में मार्शल लॉ का एलान</title>
                                    <description><![CDATA[ हम युद्ध रोकने की अपील करते है: यूक्रेन  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ukraine-russia-dispute--change-in-war--putin-announces-military-operation--big-explosion-in-ukrainian-capital-kiev--declaration-of-martial-law-in-ukraine/article-4892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/russia-ukraine.jpg" alt=""></a><br /><p>यूक्रेन: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को डोनबास क्षेत्र में विशेष सैन्य अभियान की घोषणा की। जसके बाद रूसी सैना पहले युक्रेन सीमा में घुस चुकी है। वहीं रूसी सैना की ओर से यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया है।यूक्रेन की राजधानी कीव में बड़ा धमाका हुआ है।  कीव-खारकीव पर रूसी मिसाइल से हमला किया गया है। कीव एयरपोर्ट खाली करवाया गया है। यूक्रेन में मार्शल लॉ का एलान किया गया है। रूसी मीडिया के अनुसार  दोनेत्सक में सिलसिलेवार धमाके रूसी सैना की ओर से किए गए है।</p>
<p>वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, "परिस्थितियां हमें निर्णायक और तत्काल कार्रवाई करने के लिए मजबूर करती हैं।<br />डोनबास के जनवादी गणराज्यों ने रूस से सहायता मांगी है। इस संबंध में, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51, भाग 7 के अनुसार, फेडरेशन काउंसिल और फेडरल असेंबली की मंजूरी के साथ मैंने डीपीआर और एलपीआर के साथ मैत्री और पारस्परिक सहायता संधियों के अनुसरण में एक विशेष सैन्य अभियान के संचालन का फैसला किया है। पुतिन ने आगे कहा कि युक्रेन युद्ध को टाला नहीं जा सकता, किसी ने दखल दिया तो अंजाम भुगतना होगा।</p>
<p><strong>दोनेत्सक में सिलसिलेवार धमाके</strong></p>
<p>ऐसे में यूक्रेन-रूस विवाद WAR में तब्दिल हो गया है। यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने दोनेत्सक के बाहरी इलाके में गोलाबारी की, जिसमें मिन्स्क समझौतों द्वारा निषिद्ध 10 गोले भी शामिल रहे।  युद्धविराम के नियंत्रण और समन्वय के लिए संयुक्त केंद्र (जेसीसीसी) में डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक (डीपीआर) के प्रतिनिधि कार्यालय ने अपने एक बयान में इसकी जानकारी दी।प्रतिनिधि कार्यालय ने टेलीग्राम पर कहा, '120-मिमी कैलिबर के 10 गोले दागे गए। <br /><br />यूक्रेन पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं : पुतिन<br />रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को डोनबास में विशेष सैन्य अभियान की घोषणा के बाद कहा कि रूस की यूक्रेन पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है। पुतिन ने एक संबोधन में कहा, "यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा करने की हमारी कोई योजना नहीं है। <br /><br /><strong>यूक्रेन में घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं बिडेन</strong><br />रूस की ओर से यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई किये जाने की घोषणा के मद्देनजर अमेरिका वहां के घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए है।<br />अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के डोनबास पर सैन्य कार्रवाई की घोषणा के बाद राष्ट्रपति जो बिडेन यूक्रेन की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। साकी ने टि्वटर पर कहा, “  बिडेन यूक्रेन के घटनाक्रमों पर ध्यान रखे हुए हैं तथा वह इस संबंध में अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से लगातार अपडेट भी ले रहे हैं।उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र के अपने राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड के साथ भी बात की है।”</p>
<p>उल्लेखनीय है कितिन ने गुरुवार को डोनबास में सैन्य अभियान शुरू करने घोषणा की है। जबकि यूक्रेन ने युद्ध रोकने की अपील की है।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Feb 2022 10:50:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजधानी दिल्ली में पेट्रोल हुआ आठ रुपये सस्ता, केजरीवाल सरकार ने घटाया वैट</title>
                                    <description><![CDATA[वैट की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 19.40 प्रतिशत करने का निर्णय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86-%E0%A4%86%E0%A4%A0-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%9F/article-2868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/kejriwal_petrol.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली-एनसीटी में दिल्ली सरकार द्वारा वैट की दर में बड़ी कटौती के साथ राजधानी में पेट्रोल की कीमत में करीब आठ रुपये की कमी हो गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में एनसीटी-दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में पेट्रोल पर वैट की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 19.40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p> <br /> इस फैसले के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत में करीब आठ रुपये की कटौती हुई है। गौैरतलब है कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे  तेल के दाम में उछाल से घरेलू बाजार में डीजल और पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी से प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये नवंबर के पहले सप्ताह में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल पर दस रुपये प्रति लीटर की कमी की थी। उसके बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कई अन्य राज्य भी पेट्रोल और डीजल शुल्क में उसी के बराबर राहत दे चुके हैं। केजरीवाल सरकार ने करीब एक महीने बाद डीजल और पेट्रोल पर वैट कम करने का यह फैसला किया है। विपक्षी दल केजरीवाल सरकार से दिल्ली में डीजल पेट्रोल पर वैट घटाने की मांग करते आ रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 15:06:54 +0530</pubDate>
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                <title>विकास के कदम</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के अति आधुनिक हवाई अड्डों की काफी कमी एक लंबे समय से महसूस की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE/article-2783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/81.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में अन्तरराष्ट्रीय स्तर के अति आधुनिक हवाई अड्डों की काफी कमी एक लंबे समय से महसूस की जा रही है। जबकि हवाई सफर करने वाले लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों की काफी जरूरत होती है, साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था को भी गति देने में सहायक बनते हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली राजधानी क्षेत्र में एक और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का शिलान्यास किया। दिल्ली से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर प्रदेश के जेवर में बनने वाला यह हवाई अड्डा दुनिया का चौथा बड़ा हवाई अड्डा होगा। यह करीब 6200 हेक्टयर में बनेगा। निर्माण कार्य कई चरणों में चलते हुए पूरा हवाई अड्डा 2050 तक बना लेने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की मंशा है कि सितंबर 2024 से यहां भारत के नौ शहरों समेत दुबई के लिए फ्लाइट शुरू हो जाए। इस हवाई अड्डे से यात्री विमानों की आवाजाही होगी ही, साथ यहां मालवाहक विमानों की आवाजाही होगी। इसके अलावा इसी हवाई अड्डे के नजदीक एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस के लिए भी देश का सबसे बड़ा सेंटर होगा। अब तक विमानों को मेंटेनेंस के लिए विदेशों में भेजा जाता है। इस हवाई अड्डे के निर्माण की काफी पहले ही कर दिया गया था, लेकिन भूमि अधिग्र्रहण आदि से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने में कुछ समय लग गया। इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने से गुरुग्र्राम, फरीदाबाद, नोएडा, आगरा, गाजियाबाद, मेरठ आदि के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट नहीं आना-जाना पड़ेगा। क्योंकि जेवर एयरपोर्ट उनके लिए काफी नजदीक होगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से ही काफी दबाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटकों को भी इससे काफी सुविधा होगी। अब तक आगरा जाने वाले विदेशी पर्यटकों को पहले दिल्ली और फिर वहां से आगरा की फ्लाइट या टैक्टिसयां आदि का सहारा लेना पड़ता है। नागरिकों व विदेशी पर्यटकों के अलावा जेवर एयरपोर्ट से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। अब दिल्ली का विस्तार होना कठिन हो गया है, इसलिए जेवर के आसपास नए कारोबारी केन्द्रों की स्थापना संभव हो सकेगी। केन्द्र सरकार विकास के कदम आगे बढ़ाने के लक्ष्य के तहत ही देश में यातायात व व्यापार साधनों को आधुनिक बना रही है। राष्ट्रीय मार्गों का तेजी से निर्माण हो रहा है, रेलवे व एयर यात्रा को सुगम व आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Nov 2021 14:48:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रशासन शहरों के संग अभियान की हकीकत : राजधानी की 3300 कॉलोनियों के 1.17 लाख बाशिंदों को अभी पट्टे का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[रियायतें भी बेअसर, अभियान में भी पट्टे की आस अधूरी : जेडीए, हेरिटेज और ग्रेटर निगम नहीं दे पा रहे अभियान को रफ्तार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%A4---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-3300-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-1-17-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/nigam_jda.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजधानी जयपुर शहर में काफी लंबे से अपने आसियाने के पट्टे का इंतजार कर रहे लोगों को सरकार की भारी रियायतों के बाद भी मकान-भूखण्ड का पट्टा नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन शहरों के संग अभियान से पहले की गई सभी तैयारियां अब विफल होती नजर आ रही है।</p>
<p><br /> करीब 3300 कॉलोनियों में 1.17 लाख बाशिंदों को पट्टे देने की तैयार की गई कार्य योजना धरातल पर नहीं आ पा रही है। गृह निर्माण सहकारी समितियों के दस्तावेजों की वैद्यता खत्म करने के बाद भी कॉलोनियों के नियमन की रफ्तार धीमी नजर आ रही है। शहर में पृथ्वीराज नगर सहित करीब 1400 से अधिक ऐसी कॉलोनियां है, जिनमें 90ए और 90बी पहले ही हो चुकी है, लेकिन कॉलोनियों का ले-आउट प्लान स्वीकृत नहीं होने के कारण नियमन शिविर नहीं लगाया जा सका। अकेली इन कॉलोनियों में करीब 45 हजार से अधिक भूखण्डधारी है। <br /> <br /> <strong>जेडीए ने 11578 से अधिक पट्टे बांटे, जादुई धारा-69ए भी नहीं दे पा रही राहत<br /> हेरिटेज निगम : परकोटे की प्लानिंग भी धरातल पर नहीं</strong><br /> परकोटे में लंबे समय से लोग पट्टों का इंतजार कर रहे है। सालों से काबिज लोगों को पट्टे देने के लिए धारा 69-ए का भी प्रावधान किया गया, लेकिन इसके बाद भी परकोटे में हैरिटेज नगर निगम अपने चारों जोन में पट्टे देने की मुहिम को गति नहीं दे पा रही है। क्षेत्र में कराए गए सर्वे के अनुसार करीब 10 हजार पट्टे देने का निगम ने लक्ष्य तय किया, लेकिन इस टारगेट के मुताबिक निगम पट्टे नहीं बांट पा रही है। पट्टे नहीं बांट पाने के निगम अधिकारी कई बहाने भी बना रहे है। मौटे तौर पर बताया जा रहा है कि एक ही मकान में कई परिवारों के निवास के कारण पट्टे के टाइटल में भी कई लीगल अड़चने सामने आती है, जिसके कारण आवेदन भी कम आ रहे हैं।<br /> <br /> <strong>ग्रेटर निगम : जादुई धारा में <br /> अब तक आठ पट्टे बांटे</strong><br /> अभियान के दौरान नगर निगम ग्रेटर की ओर से भी काम को गति नहीं दी जा रही है। सरकार ने सालों से काबिज जिन लोगों के लिए धारा 69ए का प्रावधान किया और उसे जादुई धारा बताया, उसमें ग्रेटर ने अब तक आठ पट्टे जारी किए है, जबकि 74 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा 356 आवेदन अभी लंबित है। इसी तरह अपने क्षेत्राधिकार में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में 120 पट्टे दिए गए है, जबकि 95 को निरस्त कर दिया गया। इस तरह के 354 आवेदन भी लंबित है। ग्रेटर ने कच्ची बस्ती नियमन के पट्टे देने में भी रफ्तार नहीं ली है, अब तक केवल 19 पट्टे जारी किए गए है। इसी तरह स्टेट ग्रांट एक्ट के पट्टे देने में भी निगम ने अब तक 33 पट्टे जारी किए है, जबकि 783 आवेदन अभी लंबित है।<br /> <br /> <strong>जेडीए : अप्रुव्वड कॉलोनियों <br /> में भी नहीं दे सके पट्टे</strong><br /> शहर की जिन कॉलोनियों का नियमन हो चुका है, उन कॉलोनियों में भी करीब 1950 कॉलोनी ऐसी है, जिनमें कई लोगों ने पट्टे नहीं लिए है। जेडीए के अनुसार अपु्रव्वड कॉलोनियों में करीब 86 हजार से अधिक भूखण्डधारी ऐसे है, जिन्होंने पट्टे नहीं लिए है। अभियान में पिछली बार भी कई कॉलोनियों में पट्टे देने के शिविर लगाए गए, लेकिन उसके बाद भी भूखण्डधारियों को जेड़ीए पट्टे नहीं दे सका। शहर के आगरा रोड पर जामडोली, पालड़ी मीणा, खो-नागोरियान, गोनेर रोड, टोंक रोड पर वाटिका रोड, सांगानेर, पृथ्वीराज नगर दक्षिण और उत्तर, निवारू रोड, अजमेर रोड, सिरसी रोड, जयपुर-दिल्ली रोड, सीकर रोड, बढ़ारना आदि ऐसे इलाके है, जिनमें गृह निर्माण सहकारी समितियों की ओर से कृषि भूमि पर कॉलोनियां काटी गई है, जिनका नियमन होना बाकी है। जेडीए ने आठ नवंबर तक 11400 से अधिक पट्टे बांटे है, जिनमें कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियां, पुरानी अपु्रव्वड स्कीम और कच्ची बस्ती के पट्टे भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 11:49:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जहरीली हवा</title>
                                    <description><![CDATA[हर साल की तरह इस साल भी देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रदूषण बेहद खतरनाक बिन्दु तक पहुंच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE/article-2237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/jahrili-hawa_polution.jpg" alt=""></a><br /><p>हर साल की तरह इस साल भी देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में प्रदूषण बेहद खतरनाक बिन्दु तक पहुंच गया है। कुछ-कुछ इलाकों की हालत तो ऐसी बन गई है जहां सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। दिल्ली व आसपास के इलाकों में तो दिवाली के बाद फैले प्रदूषण की बेहद खराब स्थिति को देखते हुए लोगों की हिदायतें दी जा रही हैं। वैसे हर साल ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्र्राम जैसे इलाकों में हर साल ही अक्टूबर के बाद हवा में जहर घुलना शुरू हो जाता है। इसका बड़ा कारण पड़ोसी राज्यों से आने वाला पराली का धुआं है। लेकिन इस बार तो दिल्ली सहित देश के कई शहरों की हवा जो बिगड़ी है, उसका बड़ा कारण पटाखों का धुआं रहा है। कोरोना महामारी का स्तर काफी हद तक गिर जाने के कारण लोगों ने दिवाली पर जमकर पटाखे छुड़ाए। हालांकि कई राज्यों में ग्र्रीन पटाखों की अनुमति दी गई थी, लेकिन दुकानदारों ने हर प्रकार के पटाखे ग्र्राहकों की मांग के अनुसार बेच डाले। दिल्ली में तो पटाखों पर पूर्ण पाबंदी थी, लेकिन सरकार पटाखे छोड़ने वालों को रोकने में नाकाम रही। दिवाली के बाद दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में वायु की गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। हालांकि प्रदूषण के लिए पराली, पटाखों के अलावा शहरों में हजारों ऐसी गाड़ियां हैं, जो रोजाना जहरीला धुआं छोड़ती हुई दौड़ती है। यातायात पुलिस, इसे गंभीरता से नहीं लेती। परिवहन विभाग भी ऐसी गाड़ियों पर निगरानी बरतने में कोताही बरतता है। और तो और सरकारें भी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देती। सरकारें प्रदूषण संबंधी कानूनों का भी पालन कराने में असमर्थ है। पिछले कई सालों से दुनिया के पहले तीस प्रदूषित शहरों में भारत के कई शहर दर्ज होते रहे हैं। विभागों व सरकारों की अनदेखी या किसी प्रकार की हिचकिचाहट की वजह से हवा को जहरीली बना रहे हैं। इस बात से कोई अनजान नहीं है कि जहरीली हवा से लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। फिर चिकित्सा विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं कि वायु प्रदूषण से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। सरकारों व आम लोगों को प्रदूषण को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने परिजनों, समाज व देश के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Nov 2021 14:21:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>अपहरण कर मारपीट के मामले का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने मामले में चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%B6/article-2212"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/whatsapp-image-2021-08-24-at-15.46.32.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर के रेनवाल थाना इलाके में एक युवक का अपहरण कर मारपीट के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रमेश, भैरू राम, माली राम, सागरमल है। साथ ही पुलिस ने एक नाबालिक को भी निरुद्ध किया है।  31 अक्टूबर को परिवादी मंगल चंद ने रेनवाल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के तहत अज्ञात बदमाशों ने पचकोडिया पेट्रोल पंप के पास उसकी गाड़ी रुकवा कर राठी सरिए और डंडों से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। घटना के बाद बदमाश मंगल चंद का अपहरण कर यहां से फरार हो गए। फरार हो जाने के बाद उसको बीच रास्ते में पटक कर भाग गए। घटना के बाद परिवादी रेनवाल थाने में बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि परिवादी मंगल चंद का आरोपी सागरमल और बाबू लाल यादव के के साथ रास्ते का विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते आरोपी सागरमल और बाबूलाल ने आरोपी मालीराम अजय धायल और राजू लाल जाखड़ को 30 हजार रुपए की सुपारी देकर मंगल चंद के हाथ पैर तोड़ने के लिए कहा। योजना के तहत आरोपियों ने मंगल चंद का अपहरण कर उसके साथ जमकर मारपीट की और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 16:11:54 +0530</pubDate>
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                <title>मुट्ठी भर नर्सिंगकर्मियों के भरोसे मरीज :  राजधानी में दो हजार से अधिक नर्सिंगकर्मियों की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों में नर्सेज की भारी कमी, नतीजा : मरीजों को नहीं मिल पा रही उचित केयर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C----%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%80/article-1732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/medical-nurse.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। डॉक्टर जहां मरीजों का इलाज करते हैं वहीं नर्सिंगकर्मी सेवा करते हैं। डॉक्टर और मरीज के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी नर्सिंग स्टाफ है। इन्हीं की सेवा की बदौलत मरीज जल्दी ठीक होते हैं। नर्सिंगकर्मी की मरीजों के इलाज और उसकी केयर करने में क्या अहमियत होती है यह कोरोना काल में नर्सिंगकर्मियों ने अपने काम से सभी को अवगत करा दिया है। इसके बावजूद सरकार अस्पतालों में नर्सिंगकर्मियों की कमी को नजरअंदाज कर रही है और मरीजों की भीड़ के मुकाबले मुट्ठी भर नर्सिंगकर्मियों के भरोसे अपना काम चला रही है। इसका नतीजा यह निकल रहा है कि वार्डों, आईसीयू, ओपीडी में मरीजों को उचित नर्सिंग केयर नहीं मिल पा रही है और ऐसे में मरीजों को जहां इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी जयपुर की बात करें तो एसएमएस सहित मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य अस्पतालों में करीब तीन हजार नर्सेज ही काम कर रहे हैं जबकि मरीजों के अनुपात में करीब पांच हजार नर्सेज की तो हर हाल में जरूरत है।<br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>ये है राजधानी के बड़े अस्पतालों का हाल</strong></span></span></span><br /> अस्पताल    भर्ती मरीजों की क्षमता    ओपीडी (प्रतिदिन)    नर्सिंगकर्मी (वर्तमान)    आवश्यकता <br /> सवाईमानसिंह    2500      8 से 10 हजार    1800    3000 <br /> जेके लोन    800    2500    315    400<br /> जयपुरिया    500    1500    175    325<br /> कांवटिया    150    1500    200    200<br /> जनाना    519    600    319    370<br /> महिला अस्पताल    504    500    230    290<br /> <br /> नोट: सवाई मानसिंह अस्पताल में 1800 में से करीब 200 नर्सेज अस्पताल प्रशासन और सिफारिशों के चलते मरीजों की सेवा छोड़कर अन्य कामों में लगे हैं। चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में प्रसूताओं के इलाज और डिलीवरी का जयपुर में सबसे ज्यादा दबाव रहता है। इसके बावजूद नर्सिंगकर्मियों की कमी है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>14 हजार पद खाली</strong></span></span><br /> नर्सेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो प्रदेश में नर्सिंग के 69 हजार 400 पद स्वीकृत हैं। इसके अनुपात में महज 55 हजार ही वर्तमान में अस्पतालों में कार्यरत हैं। ऐसे में 14 हजार 400 पद खाली पड़े हैं। प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस, सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों सहित प्रदेश के अन्य अस्पतालों में नर्सेज की भारी कमी है। <br /> <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>मरीज-नर्सेज अनुपात</strong></span></span><br /> इंडियन नर्सिंग काउंसिल के तय मापदंडों के अनुसार आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों पर एक नर्स का होना जरूरी है। अगर मरीज ज्यादा सीरियस है तो एक बैड पर एक नर्स चाहिए और जनरल वार्ड में 20 मरीजों पर एक नर्स का होना बेहद जरूरी है, लेकिन नर्सेज की कमी के चलते ये मापदंड सिर्फ कागजी ही बनकर रह गए हैं। <br /> <br /> मरीजों को कौंसिल के तय मापदंडों के अनुसार नर्सेज की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। स्वीकृत पदों पर भर्ती हो और नए पदों का सृजन हो तो राहत मिल सकती है। -<strong>डॉ. शशिकांत शर्मा, रजिस्ट्रार, राजस्थान नर्सिंग काउंसिल </strong><br /> <br /> ए क तरफ जहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उसे देखते हुए नर्सेज भारी दबाव में काम कर रहे हैं।  राज्य सरकार को नवीन पदों का सृजन करते हुए तुरंत नर्सिंग स्टाफ की भर्ती करनी चाहिए। -<strong>सुनील शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Oct 2021 15:42:40 +0530</pubDate>
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