<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/chikungunya/tag-5168" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>chikungunya - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5168/rss</link>
                <description>chikungunya RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बारिश में मच्छरों का प्रकोप, मलेरिया डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[एक जनवरी से अब तक डेंगू के 1451, मलेरिया 604, चिकनगुनिया 95 और स्क्रब टायफस के 511 रोगी मिले, स्वाइन फ्लू के 1026 केस पॉजिटिव मिले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mosquito-outbreak-in-rain-increases-the-risk-of-malaria-dengue/article-88448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में इन दिनों मानसून का सीजन है। हाल ही में राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर कई दिनों तक लगातार जारी रहा। हालांकि बीते करीब एक सप्ताह से बारिश का दौर कम हो गया है और धूप भी खिलने लगी है। ऐसे में बारिश के दौरान हुए गड्ढ़ों और नालों में भरे पानी में अब खतरनाक मच्छर पनपने लगे हैं। धूप खिलने और मौसम खुलने के साथ ही ये मच्छर अब हर घर में परेशानी का सबब बन गए हैं।</p>
<p>इन मच्छरों से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बार-बार बदल रहे मौसम के चलते लोग काफी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के सीजन में मच्छरों से बचाव करके ही इन बीमारियों से बचा जा सकता है।</p>
<p><strong>तेजी से फैल रहा डेंगू, सरकारी आंकड़ों में मौतें नहीं</strong></p>
<p>चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से 22 अगस्त 2024 तक डेंगू के 1451 पॉजिटिव मरीज मिले चुके हैं। मलेरिया के 604, चिकनगुनिया के 95 और स्क्रब टायफस के 551 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इन बीमारियों से इस साल अब तक कोई मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं है। स्वाइन फ्लू के अब तक 1026 पॉजिटिव केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 12 लोगों की मौत भी हुई है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा केस 528 जयपुर में दर्ज हुए हैं लेकिन मौत एक भी दर्ज नहीं है। जबकि मौतें सबसे ज्यादा उदयपुर में 4 हुई हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 120 पॉजिटव उदयपुर में, डेंगू के सबसे ज्यादा 218 बीकानेर में, मलेरिया के 151 बाड़मेर में और चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा 18 केस उदयपुर में दर्ज हुए हैं। </p>
<p><strong>स्वाइन फ्लू से किस जिले में कितनी मौतें</strong></p>
<p>जिला            मौतें</p>
<p>उदयपुर         4<br />भीलवाड़ा       3<br />कोटा            2<br />बीकानेर        2<br />चित्तौड़गढ़     1</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mosquito-outbreak-in-rain-increases-the-risk-of-malaria-dengue/article-88448</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mosquito-outbreak-in-rain-increases-the-risk-of-malaria-dengue/article-88448</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 10:19:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/1rer-%282%296.png"                         length="674701"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan में डेंगू के मामले बढ़े, इस साल चिकनगुनिया-मलेरिया से भी आगे</title>
                                    <description><![CDATA[एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू, गंभीर स्थितियों में प्लेटलेट्स काउंट्स ज्यादा गिरने से हो सकती है मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dengue-cases-increased-in-rajasthan-this-year-ahead-of-chikungunya/article-78161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/dengue-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डेंगू के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। गंभीर स्थितियों में डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू के जोखिमों और बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है। डेंगू का वायरस संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता हैं। इनमें ए. एजिप्टी और ए. एल्बोपिक्टस मच्छर प्रमुख हैं। ये मच्छर जीका, चिकनगुनिया और अन्य वायरस भी फैलाते हैं। डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक सक्रिय होते हैं। इसके काटने से तेज बुखार, शरीर-मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी-दस्त और कुछ गंभीर मामलों में इंटरनल ब्लीडिंग के कारण शौच के साथ खून आने की समस्या हो सकती है। गंभीर स्थिति में ब्लड प्लेटलेट्स काफी तेजी से कम होने लगते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।</p>
<p><strong>प्रदेश में अब तक 814 केस सामने आए, बीकानेर में सबसे ज्यादा 160 </strong><br />प्रदेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल एक जनवरी, 2024 से लेकर 15 मई, 2024 तक डेंगू के 814 केस पॉजिटिव मिल चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि एक भी व्यक्ति की मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में रिपोर्टेड नहीं है। वहीं पॉजिटिव मामलों की बात करें तो सबसे ज्यादा बीकानेर में 160 केस अब तक सामने आए हैं। इसके बाद 107 केस जयपुर ग्रामीण में और जयपुर शहर में 55 केस मिले हैं।</p>
<p><strong>डेंगू के प्रकोप से ऐसे बचें</strong><br />घरों में मच्छरों को पनपने न दें, पानी एकत्रित न होने दें। अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। मच्छरों से बचें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। घर के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव कराएं, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। डेंगू के लक्षण दिखते ही डॉक्टर को दिखाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dengue-cases-increased-in-rajasthan-this-year-ahead-of-chikungunya/article-78161</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dengue-cases-increased-in-rajasthan-this-year-ahead-of-chikungunya/article-78161</guid>
                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:56:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/dengue-copy.jpg"                         length="80907"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिकनगुनिया संक्रमण से उबरने के दौरान एंटीबॉडी अधिक प्रभावी: लांसेट अध्ययन</title>
                                    <description><![CDATA[चिकनगुनिया संक्रमण, मच्छरों द्वारा प्रसारित चिकनगुनिया वायरस से होता है, जिसमें बुखार और जोड़ों का दर्द होता है, और यह एक विश्वव्यापी स्वास्थ्य खतरा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/antibodies-more-effective-during-recovery-from-chikungunya-infection-lancet-study/article-56295"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/capture12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। चिकनगुनिया से लड़ने के लिए शरीर में बनी एंटीबॉडी गंभीर संक्रमण से उबरने के दौर में कहीं अधिक प्रभावी होती है। यह खुलासा लांसेट के दक्षिण पूर्व क्षेत्रीय स्वास्थ्य जर्नल में प्रकाशितअध्ययन पत्र में हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), कर्नाटक के मणिपाल विषाणु रोग विज्ञान संस्थान और नयी दिल्ली के ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी’ (आईसीजीईबी) सहित भारतीय संस्थानों के अध्ययन में कहा गया है कि किसी निश्चित समय में रोग की गतिशीलता को समझने में अध्ययन के ये नतीजे महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लांसेट अध्ययन</strong>: इसमें कहा गया कि भले ही एंटीबॉडी वायरस से संक्रमण की वजह से उत्पन्न हुए लेकिन सीरोलॉजिकल विश्लेषण से पता चलाता है कि चिकनगुनिया के रोगियों के रक्त सीरम में मौजूद एंटीबॉडी की ताकत बीमारी से उबरने के दौरान अधिक होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चिकनगुनिया: </strong>चिकनगुनिया संक्रमण, मच्छरों द्वारा प्रसारित चिकनगुनिया वायरस से होता है, जिसमें बुखार और जोड़ों का दर्द होता है, और यह एक विश्वव्यापी स्वास्थ्य खतरा है। इस दौरान, रोगियों को सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में सूजन या दाने की दुष्प्रभाव का भी अनुभव हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/antibodies-more-effective-during-recovery-from-chikungunya-infection-lancet-study/article-56295</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/antibodies-more-effective-during-recovery-from-chikungunya-infection-lancet-study/article-56295</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Sep 2023 19:01:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/capture12.jpg"                         length="65041"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेंगू की राजधानी बना जयपुर, चिकनगुनिया में भी अव्वल</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना के बाद मौसमी बीमारियों का प्रकोप, प्रदेश में इस साल अब तक डेंगू के जयपुर में सर्वाधिक 600 मरीज : चिकनगुनिया के भी जयपुर में ही सबसे ज्यादा 320 केस आए सामने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0--%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B2/article-1430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/dengue.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। कोरोना संक्रमण के बाद अब बरसाती सीजन में वायरल के साथ ही डेंगू का प्रकोप काफी बढ़ गया है। प्रदेशभर की बात करें तो जनवरी 2021 से सितम्बर अंत तक 2771 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा राजधानी जयपुर में डेंगू के मरीज मिले हैं। अकेले जयपुर में प्रदेश के सर्वाधिक 600 मरीज अब तक मिल चुके हैं। इनमें से करीब 390 मरीज तो अकेले जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह में ही जयपुर के एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों में रिकॉर्ड हुए हैं। सबसे ज्यादा सितम्बर महीने में 287 मरीज डेंगू के चिकित्सा विभाग ने दर्ज किए हैं। इन आंकड़ों से जयपुर प्रदेश की राजधानी होने के साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया की राजधानी भी बन गया है। डेंगू के साथ ही जयपुर में चिकनगुनिया के भी इस साल सबसे ज्यादा मरीज सामने आए हैं। जयपुर में एक जनवरी से सितम्बर अंत तक चिकनगुनिया के सर्वाधिक 320 केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में आमजन के साथ ही चिकित्सा विभाग की माथे पर भी चिंता की लकीरें उभर आई हैं।</p>
<p><br /> <strong>चिकित्सा विभाग की लापरवाही ने बढ़ाए मौसमी बीमारी के मरीज</strong><br /> जयपुर में बढ़ते डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों के बावजूद चिकित्सा विभाग और नगर निगम आंखें मूंद कर बैठा है। घर-घर सर्वे, फोगिंग आदि सिर्फ दावों में भी दिखाई दे रहे हैं और हकीकत से कोसों दूर हैं। शहर में कहीं भी ना तो फोगिंग हो रही है और ना ही बुखार के मरीजों का सर्वे हो रहा है। बरसात के मौसम में जगह-जगह गड्ढ़ों और खाली पड़े भूखंडों में गंदगी और पानी भरा होने से एंटी लार्वा गतिविधियां नहीं हो रही है। ऐसे में मच्छरों की तादाद बढ़ने से घर-घर में बुखार, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज देखे जा रहे हैं।</p>
<p><br /> <strong>एसएमएस अस्पताल में मरीजों की भीड़</strong><br /> मौसमी बीमारियों के बीच फैल रहे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के कारण अस्पतालों में मरीजों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है। एसएमएस अस्पताल में तो मेडिसिन की लगभग दस यूनिट हैं और हर यूनिट में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया के मरीज देखे जा रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया की जांचों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>डेंगू-चिकनगुनिया के जिलेवार आंकड़ें<br /> (एक जनवरी 2021 से 30 सितम्बर 2021 तक)</strong></span></span><br /> <strong>जिला    डेंगू    चिकनगुनिया </strong><br /> जयपुर    597    320<br /> अलवर    286    52<br /> भीलवाड़ा    259    1<br /> कोटा    233    4<br /> बीकानेर    164    0<br /> उदयपुर    136    2<br /> अजमेर    74    9<br /> बांसवाड़ा    0    0<br /> बारां    17    0<br /> बाड़मेर    77    2<br /> भरतपुर    75    58<br /> बूंदी    37    2<br /> चित्तौड़गढ़    25    1<br /> चूरू    40    8<br /> दौसा    75    51<br /> धौलपुर    80    17<br /> डूंगरपुर    0    0<br /> हनुमानगढ़    16    4<br /> जैसलमेर    74    0<br /> जालौर    0    0<br /> झुंझुनूं    47    24<br /> जोधपुर    78    3<br /> करौली    75    43<br /> नागौर    45    16<br /> पाली    2    1<br /> प्रतापगढ़    43    0<br /> राजसमंद    21    1<br /> सवाई माधोपुर    45    28<br /> श्रीगंगानगर    10    0<br /> सीकर    58    32<br /> सिरोही    0    0<br /> टोंक    41    28</p>
<p><br /> इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीज काफी बढ़ गए हैं। ओपीडी में 30 से 40 प्रतिशत मरीज वायरल के हैं और जांच कराने पर इन्हीं में से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतें और बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। <br /> <strong>-डॉ. रमन शर्मा, सीनियर प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस अस्पताल</strong><br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0--%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B2/article-1430</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0--%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B2/article-1430</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 12:13:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-10/dengue.jpg"                         length="87276"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        