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                <title>आय के स्रोत बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने पर रहेगा फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात में आमजन को परेशानी से बचाना पहली प्राथमिकता ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/focus-will-be-on-increasing-the-sources-of-income-and-developing-basic-facilities-in-rural-areas/article-119526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt1124roer.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा विकास प्राधिकरण नवसृजित संस्था है।  इसमें आय के स्रोत बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही नगर विकास न्यास से केडीए का गठन होने के बाद इसमें शामिल ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह कहना है कि केडीए के नवनियुक्त आयुक्त हरफूल सिंह यादव का। भारतीय प्रशासनिक  सेवा के वरिष्ठ अधिकारी व सीएडी कोटा में अतिरिक्त आयुक्त यादव को सरकार ने केडीए आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज दिया है। मूल रूप से सीकर निवासी यादव पाली, जयपुर, धोलपुर, अजमेयर, जालौर, झुंझुनू, राजसमंद, बारां व दौसा में विभिन्न पदों पर पद स्थापित रह चुके हैं।   तत्कालीन केडीए आयुक्त रिषभ मंडल का स्थानांतरण होने के बाद से यह पद रिक्त था।   उनके स्थान पर आईएएस यादव  को केडीए आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। यादव ने शुक्रवार को आयुक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर यादव ने नवज्योति से विशेष बातचीत की। </p>
<p><strong>सवाल:</strong> केडीए आयुक्त के रूप में आपकी क्या प्राथमिकता रहेगी।<br /><strong>आयुक्त:</strong> केडीए आयुक्त के रूप में अभी चार्ज संभाला ही है। यहां के बारे में जानकारी कर जितना बेहतर हो सकेगा करने का प्रयास करेंगे। अभी मानसून का सीजन है। इस सीजन में शहर वासियों को किसी तरह की समस्या नहीं हो उसकी व्यवस्था करना पहली प्राथमिकता है। </p>
<p><strong>सवाल:</strong> केडीए बनने के बाद इसकी आर्थिक स्थिति में सुधार के क्या प्रयास रहेंगे।<br /><strong>आयुक्त:</strong> केडीए नवसृजित संस्था है। पहले नगर विकास न्यास का दायरा शहर तक ही सीमित था। अब केडीए बनने के बाद दायरा बढ़ा है। ऐसे में केडीए की आवासीय व व्यवसायिक योजनाएं लाौंच कर अधिक से अधिक लोगों को उनका लाभ पहुंचाया जाएगा। जिससे केडीए की आय के स्रोत भी विकसित होंगे। आय के स्रोत विकसित होने पर ही इसकी आर्थिक स्थिति सुढृढ़ होगी।<br /> <br /><strong>सवाल:</strong> कैथून समेत कई नगर पालिकाएं निगम में शामिल हो गई हैं। वहीं केडीए में भी कई इलाके शामिल होने के बाद भी वहां विकास नहीं हो पाया है। उनके लिए क्या योजना है।<br /><strong>आयुक्त:</strong> केडीए बनने के बाद आस-पास के 289 गांवों को इसमें शामिल किया गया है। पहले जहां शहरी क्षेत्र का ही विकास किया जाता था। वहीं अब केडीए द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों का भी विकास किया जा सकेगा। केडीए में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करना, सड़क, बिजली, पानी और साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिससे वहां रहने वालों को अहसास हो कि वे भी शहरी क्षेत्र का हिस्सा बन चुके हैं।</p>
<p><strong>सवाल:</strong> शहर का विकास किस तरह से किया जाएगा।<br /><strong>आयुक्त:</strong> केडीए द्वारा शहर में विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। कई योजनाएं व कार्य पूर्व में स्वीकृत हो चुके हैं और प्रगतिरत भी हैं। उन कायोरं को गति देने व समय पर और गुणवत्तापृूर्ण कार्य करवाने का प्रयास रहेगा। फिर चाहे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का काम हो या अन्य विकास कार्य। उन सभी को समय पर पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। </p>
<p><strong>सवाल:</strong> केडीए की योजनाओं का आमजन को लाभ दिलाने की क्या योजना है।<br /><strong>आयुक्त: </strong>राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं हैं। उन योजनाओं का आमजन को लाभ दिलाने के लिए उनका प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष की मंशाअनुसार आवासहीन लोगों को अफोर्डेबल योजनाओं में दस हजार आवास उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।  निम्न व अल्प आय वर्ग के लोगों के  लिए सस्ती व सुलभ योजनाएं निकाली जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 15:17:47 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - खुशखबरी: फसलों के लिए चम्बल की नहरों में दौड़ेगा अमृत</title>
                                    <description><![CDATA[क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत का कार्य भी किया गया, ताकि नहरों से पानी व्यर्थ नहीं बह सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---good-news--amrit-will-run-in-chambal-canals-for-crops/article-93269"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(11)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । फसलों के लिए नहरी पानी का इंतजार कर रहे किसानों के लिए खुशखबरी है। रबी फसल 2024-25 के लिए चंबल सिंचित क्षेत्र के कृषकों की मांग के अनुसार चंबल की दोनों नहरों में जलप्रवाह किया जाएगा। दायीं नहर में 19 अक्टूबर और बायीं नहर में 25 अक्टूबर से पानी छोड़ा जाएगा। इससे पूर्व पर सीएडी विभाग की ओर से नहरों और वितरिकाओं की मरम्मत और साफ-सफाई का कार्य करवाया गया। इसके लिए विभाग ने मशीनों का उपयोग किया और युद्ध स्तर पर सफाई का कार्य चलाया। इस दौरान क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत का कार्य भी किया गया, ताकि नहरों से पानी व्यर्थ नहीं बह सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया मामला तो हरकत में आया विभाग</strong><br />चम्बल की नहरों की दुर्दशा के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 10 अक्टूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि दायीं व बायीं मुख्य नहर में आगामी दिनों में जल प्रवाह शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक सफाई का काम शुरू नहीं हो पाया है। वहीं नहरों की सेहत पूरी तरह से नहीं सुधर पाई है। शहरी क्षेत्र में मुख्य नहरों के धोरों की जमीन पर अतिक्रमण हो गया है। दायीं मुख्य नहर की किशनपुरा ब्रांच की करीब पांच किमी लम्बी नहर कचरे से अटी हुई है। लोगों ने इस नहर को कचरा पात्र बना दिया है। समाचार प्रकाशित होने के बाद सीएडी विभाग हरकत में आया और नहरों की मरम्मत और सफाई का कार्य करवाया। जेसीबी मशीनों के माध्यम से नहरों से काफी मात्रा में कचरा निकाला गया।  </p>
<p><strong>किसान मांग रहे थे नहरी पानी </strong><br />कोटा जिले सहित अन्य क्षेत्रों में रबी फसलों की बुवाई का कार्य गति पकड़ने लगा है। ऐसे में किसानों को नहरी पानी की जरूरत होने लगी थी। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में तय समय पर रबी फसलों की बुवाई हो गई है। फसलों की बढ़वार अच्छी हो इसलिए नहरी पानी की दरकार थी। किसानों की जरूरत को देखते हुए सीएडी प्रशासन ने नहरी पानी छोड़ने का निर्णय किया है। अतिरिक्त क्षेत्रीय विकास आयुक्त सीएडी ममता कुमारी तिवारी ने बताया कि रबी फसल 2024- 25 के लिए चंबल सिंचित क्षेत्र के कृषकों की मांग के अनुसार संभागीय आयुक्त पदेन क्षेत्रीय विकास आयुक्त के निर्देशानुसार दायीं मुख्य नहर में 19 अक्टूबर एवं बायीं मुख्य नहर में 25 अक्टूबर से आवश्यकतानुसार जल प्रवाह किया जाएगा। </p>
<p>रबी फसलों की बुवाई होने के बाद नहरी पानी की जरूरत हो रही थी।  हर साल नहरों में कचरा होने से जलप्रवाह में बाधा आती है। अब सीएडी की ओर से नहरों की सफाई करवाने से टेल क्षेत्र के किसानों को समय पर नहरी पानी मिल सकेगा।   <br /><strong>-नेमीचंद नागर, किसान </strong></p>
<p>प्हले मनरेगा मजदूरों से नहरों की सफाई करवाई जा रही थी। बाद में जेसीबी मशीनें लगाकर व्यापक स्तर पर नहरों की सफाई का अभियान चलाया गया।  लोगों ने नहरों में काफी मात्रा में कचरा डाल रखा था। इस दौरान नहरों की मरम्मत भी करवाई गई है।  <br /><strong>-लखनलाल गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, सीएडी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 11:30:08 +0530</pubDate>
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