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                <title>seasonal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लापरवाही : मौसमी बीमारियों का प्रकोप मरीजों पर पड़ रहा भारी,भटक रहे मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[कई बार  चिकित्सक समय पर नहीं आते और आते है तो चले जाते है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--seasonal-illnesses-are-taking-a-toll-on-patients--leaving-patients-stranded/article-142590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(10).png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि मरीजों को इलाज के लिए दर ब दर भटकना पड़ रहा है। यहां डॉक्टरों की भारी कमी के चलते मरीजों को सही समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है । नियमानुसार एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर फिजिशियन, महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग, सर्जन आदि चिकित्सकों को लगाया जाता है ताकि मरीजों को सही समय पर सही इलाज मिल सके लेकिन यहां पर चिकित्सकों के अभाव के कारण मरीजों को कई घंटों लाइन में लगना पड़ता है वहीं कई बार तो चिकित्सक समय पर नहीं आते और आते है तो चले जाते है। अभी सर्दी का असर धीरे धीरे जाने लगा है तो मौसमी बीमारियों का प्रकोप चल रहा है , जिस कारण सर्दी जुखाम, खांसी बुखार, वायरल के मरीजों की संख्या ज्यादा है लेकिन मरीजों को इलाज चिकित्सक के अभाव में उपचार नहीं मिल पा रहा है जिस कारण मरीज उपचार के लिए भटक रहे है। वहीं अस्पताल में एक्स रे, दवाईयां काउंटर, बीमारियों की जांचों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है , संक्रमित कचरा ज्यादा खतरनाक होता है जिसे सही समय पर उचित स्थान पर डालना चाहिए लेकिन सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं हो रही है, डस्टबिन में कचरा बाहर आ रहा है वहीं दीवारों पर गुटखें के निशान आदि से गंदगी के आसार बने हुए है । ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में अव्यवस्थाओं को सुधारा जाए।</p>
<p>खानपुर अब नगर पालिका बन चुकी है और नगर पालिका बनने के बाद अब आसपास के गांव के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है इधर तो मरीजों की संख्या बढ़ रही है और उधर डॉक्टरों की संख्या कम हो रही है । मजबूरन मरीजों को प्राइवेट अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है ।<br /><strong>- अभिषेक वर्मा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>अस्पताल में कई बार लम्बी लाइनें लगाकर मरीज अपना इंतजार करता है लेकिन तब तक चिकित्सक से नहीं मिल पाता ।<br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>चिकित्सकों की कमी की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।<br /><strong>- टोनी मीणा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>खानपुर सीएचसी पर आज तो केवल दो ही डॉक्टर थे और तादाद की संख्या में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी ओपीडी में ज्यादा मरीज आते हैं, सही समय पर उपचार मिलना चाहिए।<br /><strong>- उग्रसेन नागर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>यहां खानपुर सीएचसी में चार डॉक्टरों में से भी एक डॉक्टर सिजेरियन व एक गाइनेकोलॉजिस्ट व एक सीएचसी प्रभारी है वह भी अपना कार्य करेंगे उन्हें भी अपने ड्यूटी टाइम से लेकर लगातार कार्य करना पड़ता है लगातार ड्यूटी पर बैठते हैं लेकिन क्या करें इतने मरीजों को कैसे संभाले यह भारी विडंबना है डॉक्टरों की कमी है।<br /><strong>- राजाराम गुर्जर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>अभी नई नियुक्तियां हुई है जयपुर निदेशालय द्वारा खानपुर में इसी सप्ताह में डॉक्टर लगा दिए जाएंगे ।<br /><strong>-डॉ. साजिद खान सीएमएचओ, झालावाड़</strong></p>
<p>यहां पहले ही चिकित्सकों की कमी चल रही है और जैसे गर्मी बढ़ती हुई जाएगी मरीजों की संख्या बढ़ेगी अब केवल मात्र चार डॉक्टर ही रह जाएंगे, जिसके ऊपर खानपुर सीएचसी निर्भर रहेगी ।<br /><strong>-डॉ. धीरेंद्र गोपाल मिश्रा सीएचसी इंचार्ज, खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:56:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उपचार करवाने को घंटों करना पड़ रहा इंतजार, अस्पताल फुल </title>
                                    <description><![CDATA[मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्ची बनवानें से लेकर ओपीडी में डाक्टर को दिखाने तक घंटो लाइनों में इंतजार करना पड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-have-to-wait-for-hours-to-get-treatment--hospitals-are-full/article-95472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में मौसम बदलने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।  मंगलवार व बुधवार को दो दिन  को संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की खासी भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी 3200 के करीब रही। अस्पताल में ज्यादातर मरीज सर्दी खांसी व बुखार के पहुंचे। मरीजों की भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्ची बनवानें से लेकर ओपीडी में डाक्टर को दिखाने तक घंटो लाइनों में इंतजार करना पड़ा सबसे अधिक भीड़ न्यूरोलोजी विभाग के बाहर रही। डॉक्टर को दिखाने के लिए कक्ष के बाहर इतनी लंबी कतार थी की लोगों को घंटो इंतजार करना पड़ा।   </p>
<p><strong>न्यूरोलोजी विभाग की ओपीडी डे होने से रही भीड़</strong><br />एमबीएस अस्पताल में हर मंगलवार को गंभीर बीमारियों के लिए लिए डॉक्टरों की टीम ओपीडी में बैठती है। इसलिए मंगलवार और गुरुवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। मंगलवार को न्यूरोलोजी विभाग की ओपीडी होने से बड़ी संख्या में मरीज न्यूरो संबंधी परेशानियों को दिखाने अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में मरीजों की काभी बडीÞ संख्या में भीड़ रही सबसे ज्यादा मरीज न्यॉरोलोजी संबधित बिमारी के रहें।  मरीजों को कई घंटे इंतजार के बाद जाकर उनका नंबर आया।</p>
<p><strong>पर्ची बनाने में आधा घंटा लग गया</strong><br />तबीयत खराब चल रही है। मंगलवार को अस्पताल में दवा लेने आया था। भीड़ अधिक होने के कारण पहले पर्र्ची बनवानें में भीर चिकित्सक के कक्ष के बाहर और आखिर में दवा लेने के लिए लाईनों में लगकर घंटो इंतजार करना पड़ा।<br /><strong>- विष्णु कुमार, निवासी नयापुरा</strong></p>
<p><strong>मौसम बदलने से सर्दी ने जकड़ा</strong><br />दो दिन से अचानक सर्दी बढ़ने से सर्दी लग गई और खांसी, जुकाम से शरीर में दर्द होने लगा था। अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने आई हूं। अस्पताल में भीड़ होने के कारण कतार में आधा घंटे तक खड़ा रहना पड़ा तब नंबर आया। उसके बाद जांच और दवा के लिए भी लाइन में घंटो इंतजार करना पड़ा। <br /><strong>- सपना गुर्जर, बोरखेड़ा निवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मंगलवार और शुक्रवार को सीनियर डाक्टर अस्पताल की ओपीडी में बैठतें है इस कारण इन दो दिनों में मरीजों कि काफी भीड़ रहती है। और दिनों में अस्पताल में मरीजों कि कम भीड़ रहती है।<br /><strong>- डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल कोटा</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 15:37:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दो निगम, तीन हजार सफाई कर्मी, फिर भी गंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[शहर का शायद ही कोई इलाका ऐसा होगा जहां कचरे के ढेर दिनभर नहीं पड़े रहते हों। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-corporations--three-thousand-cleaning-workers--still-filth/article-59673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/do-nigam,-3-hazaar-sfayi-krmi,-fr-bhi-gandagi...kota-news-16-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एक तरफ जहां मौसमी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं दूसरी तरफ दो नगर निगम  व करीब तीन हजार सफाई कर्मचारी होने के बाद भी शहर में जगह-जगह-मुख्य मार्गों पर ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिससे गंदगी और दुर्गंध से आमजन की परेशानी बढ़ रही है। शहर में पहले जहां एक ही नगर निगम थी और 65 वार्ड थे। वहीं अब शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के मकसद से शहर को कोटा उत्तर व दक्षिण निगम में बांट दिया गया। जिससे वार्ड छोटे हो गए। वार्डों की संख्या भी 150 हो गई है। दोनों निगमों में  करीब 3 हजार स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। जो सुबह-शाम शहर के मुख्य मार्ग और गली मौहल्लों में सफाई करने व कचरा उठाने का काम कर रहे हैं। उसके बाद भी शहर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>सभी जगह बुरे हाल</strong><br />शहर का शायद ही कोई इलाका ऐसा होगा जहां कचरे के ढेर दिनभर नहीं पड़े रहते हों। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण के अधिकतर क्षेत्रों में कचरा पाइंट से भी समय पर कचरा नहीं उठ रहा है। जिससे दिनभर मवेशी उस कचरे को  बीच सड़क पर फेला रहे हैं और उसमें से दुर्गंध भी आने लगती है। जिससे वहां आस-पास रहने वाले व दुकानदारों के साथ ही वहां से गुजरने वाले लोगों को भी दुर्गंध व परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>सबसे अधिक यहां हाल बेहाल</strong><br />शहर में वैसे तो सभी जगह पर कचरे के ढेर लगे देखे जा सकते हैं। लेकिन सबसे अधिक समस्या  धानमंडी डाकघर के मुख्य द्वार के पास लगा कचरे का ढेर है। थोक फल सब्जीमंडी के पास , शॉपिंग सेंटर डिस्पेंसरी के सामने, कोटड़ी नहर के किनारे, बारां रोड, नयापुरा और न्यू कॉलोनी समेत सभी जगह पर यही हालत है। </p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />धानमंडी के दुकानदार राजेश नागर का कहना है कि यहां नियमित सफाई तो होती नहीं है। कचरे का ढेर लगता है वह भी समय पर नहीं उठता। जिससे वह सड़ता रहता है। उसकी दुर्गंध से बीमारी फेलने का खतरा रहता है। धानामंडी डाकघर आए मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि वे अक्सर यहां आते रहते हैं। यहां डाकघर के पास हमेशा ही कचरे का ढेर लगा रहता है। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे यहां से कभी कचरा उठता ही नहीं है।  शॉपिंग सेंटर निवासी आॅटो चालक रमेश ने बताया कि वे डिस्पेंसरी के पास आॅटो खड़ा कर सवारी का इंतजार करते हैं। यहां मरीज और उनके तीमारदार भी आते हैं। ऐसे में यहां लगा कचरे का ढेर और बीमारी फेला रहा है। डिस्पेसरी के पास तो कचरा पॉइंट होना ही नहीं चाहिए।</p>
<p><strong>संवेदक के माध्यम से उठता है कचरा</strong><br />इधर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि वार्डों में सफाई तो निगम कर्मचारी करते हैं। कचरा पॉइंट से कचरा संवेदक के माध्यम से उठवाया जाता है। संवेदक को वहां से रोजाना पूरा कचरा उठाने के निर्देश हैं। हो सकता है एक बार कचरा उठने के बाद दोबारा से कचरा डलने से वह दिनभर पड़ा रहता होगा। उसे भी साफ करवाने का प्रयास किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Oct 2023 18:25:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आहत व्यापारियों ने सफाई कराने की लगाई गुहार, जताई मौसमी बीमारियां फैलने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[मण्डावर। यहां नगर पालिका क्षेत्र में गत छह माह से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है, चहुंओर गंदगी का आलम है। कूडेÞ के ढेरों से उठ रही दुर्गंध से लोगों का घरों में रहना दूभर हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/hurt-traders-pleaded-for-cleaning--expressed-fear-of-spreading-seasonal-diseases/article-12830"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/dausaaaaaaa.jpg" alt=""></a><br /><p>मण्डावर। यहां नगर पालिका क्षेत्र में गत छह माह से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है, चहुंओर गंदगी का आलम है। कूडे के ढेरों से उठ रही दुर्गंध से लोगों का घरों में रहना दूभर हो रहा है। मंगलवार को क्षेत्र के निरीक्षण पर आए  कलक्टर कमर चौधरी को व्यापारियों ने नगर पालिका क्षेत्र में सफाई कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।  ज्ञापन में बताया कि कई माह से नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बंद है। नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं</p>
<p>गांधी चौक मैन मार्केट में कचरे का बड़ा ढेर पड़ा है। गांधी चौक पर मौजूद कचरे से बारिश के मौसम में सड़ांध उठ रही है, जिससे व्यापारियों का दुकानों पर बैठ मुश्किल हो रहा है। वहीं कस्बे की हर कॉलोनी में नालियां कचरे से भरी हुई हैं, बारिश के मौसम में गंदगी के चलते मौसमी बीमारियां फैलने की आशंका बन रही है। व्यापारियों की समस्या सुन कलक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत को भंग कर दिया गया है, रेकॉर्ड अभी लॉक है,</p>
<p>ग्राम सचिव अब एक भी रुपया खर्च नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सचिव से वार्ता कर कस्के की सफाई व्यवस्था सुचारू कराई जाएगी। इस अवसर पर रविन्द्र कुमार खण्डेलवाल, राजेश कुमार गर्ग,मीना देवी, प्रमेश कुमार गर्ग, इन्द्रसिंह सिंहल, तरूण खण्डेलवाल, रोहित गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, चिम्मन सिंधी, इन्द्र सैनी, हलवाई, राजेश सैनी, जगदीश सैनी सहित अन्य व्यापारी मौजूद थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:13:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसमी बीमारी का कहर : काबू पाने में चिकित्सा विभाग नाकाम</title>
                                    <description><![CDATA[डेंगू के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता कुछ दिन और रहेगा इसका असर :अकेले एसएमएस में नवम्बर माह में ही 15 से ज्यादा लोगों ने गंवाई जान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/618a33c186233/article-2208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/dsc_2733.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। प्रदेश में इन दिनों मौसमी बीमारी कहर बनकर टूट रही है। कोरोना तो लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन इसके अलावा अन्य मौसमी बीमारियों जिनमें सबसे ज्यादा कहर डेंगू बरपा रहा है। इसके साथ ही वायरल, मलेरिया और चिकनगुनिया, बच्चों में निमोनिया जैसी बीमारियों ने आमजन को परेशानी में डाल दिया है। चिकित्सा विभाग के मौसमी बीमारियों पर काबू के दावे सिर्फ कागजी साबित हो रहे हैं और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं अस्पताल सूत्रों की माने तो प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में नवंबर माह में ही डेंगू से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। चिकित्सकों का इसके पीछे मानना है कि एक तो इस साल मानसून देरी से विदा हुआ, वहीं डेंगू के नए वेरीएंट का असर इस बार ज्यादा है। साथ ही त्योहारी सीजन में मरीजों की लापरवाही भी इसका बड़ा कारण है।</p>
<p><strong><br /> तेज ठंड में कम हो जाता है असर</strong><br /> विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू का असर तेज ठंड में कम हो जाता है। ऐसे में 15 नवम्बर के बाद मौसम में बदलाव आने और ठंड का असर बढ़ने के कारण डेंगू का प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आमजन में इलाज के प्रति लापरवाही डेंगू के बढ़ते मामलों का एक बड़ा कारण है। बुखार आने पर मरीज खुद अपनी मर्जी से दवाएं ले रहे हैं और ज्यादा सिवियर होने के बाद ही अस्पताल पहुंच रहे हैं।</p>
<p><br /> चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू से इस बार युवा ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वहीं प्राइमरी डेंगू भी इस बार ज्यादा खतरनाक हो चुका है। देरी से और सही इलाज नहीं लेने के कारण लीवर फेल्योर के केसेस भी देखने को मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस बार डेंगू के वेरियंट में आए बदलाव का ही असर है कि प्लेटलेट्स की रिकवरी भी स्लो है। पहले जहां तीन से चार दिन में प्लेटलेट्स रिकवरी मोड में आ जाती थी उसमें अब सात से दस दिन लग रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 14:25:33 +0530</pubDate>
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                <title>मौसमी बीमारियों का कहर, अब रोकथाम के लिए निकायों को जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[स्वायत शासन विभाग ने अब स्थानीय निकायों को मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण करने के दिशा निर्देश जारी किए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61890e5d288e6/article-2192"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/udh-busilding.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिए अब स्थानीय निकायों को जिम्मा दिया गया है। दरअसल, मानसून की बारिश के दौरान राज्य के अधिकतर जिलों में अत्यधिक वर्षा, अतिवृष्टि के कारण शहरी क्षेत्रों में शहर के निचले इलाकों (Low Laying Area) व नालों में रूकावत आ जाने के कारण पानी सड़को व गलियों में आ जाता है, इस गन्दे पानी से डेंगू व मलेरिया कारक मच्छर पैदा होने की संभावना अधिक रहती है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान समय में बारिश के पश्चात् डेंगू, मलेरिया एवं स्क्रब टाइफस रोग प्रमुखता से पाये जा रहे हैं। स्वायत शासन विभाग ने अब स्थानीय निकायों को मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण करने के दिशा निर्देश जारी किए है।<br /> <strong><br /> निकायों को यह दिए निर्देश:</strong><br /> - नगरीय निकायों क्षेत्रों में एकत्रित कचरे / मलबे को अविलम्ब हटाया जावे शहर की नालियों / गलियों व अन्य स्थानों पर इकट्ठे गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित की जाये एवं इकट्ठे गंदे पानी व नालियों में कीटनाशक, लार्वा / मच्छरनाशक दवाओं एवं काले तेल का छिड़काव करवाया जावे।<br /> <br /> - नगर निकायों के पास उपलब्ध फोगिंग मशीनों से वार्डवार कार्ययोजना बनाकर फोगिंग किया जाये, जो मशीन चालू स्थिति में नहीं हैं, उन्हें तुरन्त नियमानुसार सही करवाकर प्रयोग में लाई जाये जिन नगर निकायों के पास फोगिंग मशीन उपलब्ध नहीं है, उनके द्वारा स्वयं के स्रोत से फोगिंग मशीन किराये पर लेकर अथवा नियमानुसार क्रय कर अविलम्ब फोगिंग की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।<br /> <br /> - सार्वजनिक सुविधाओं शौचालयों एवं मूत्रालयों की विशेष सफाई करवाई जावे एवं  सार्वजनिक सुविधाओं के आस-पास कीटनाशक / लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव करवाया जावे।<br /> आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से आमजन जागरूक कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं इसके प्रभाव को कम किये जाने के प्रयास किये जायें।<br /> <br /> -  प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 कैपों में आमजन को जागरूक कर डेगूं की रोकथाम के प्रयास किये जायें।<br /> <br /> - जिला कलक्टर स्तर पर समीक्षा करवाकर अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिये विशेष कार्य योजना बनाई जाकर कार्य किया जावें। अतः इस सम्बन्ध में पुनः निर्देशित किया जाता है कि समस्त नगरीय निकायों द्वारा फोगिंग व लार्वानाशक / कीटनाशक का छिड़काव के कार्यों को समयबद्ध तरीके से विभागों से आपसी सामजस्य कर सर्वोच्च प्राथमिकता से जिम्मेदारी के साथ अविलम्ब सम्पादित करावें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 17:25:47 +0530</pubDate>
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                <title>डेंगू एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर एक्शन में CM गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[मौसमी बीमारियों की रोकथाम, बचाव एवं उपचार के लिए करें सभी व्यवस्थाएं :CM गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/whatsapp-image-2021-10-20-at-16.00.48.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने जिस प्रकार से कोविड- 19 महामारी का कुशल प्रबंधन किया उसी तत्परता के साथ डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम, बचाव एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन, चिकित्सा विभाग एवं स्थानीय निकाय पूरे समन्वय के साथ काम करते हुए बेहतर उपचार, स्वच्छता एवं जागरूकता बढ़ाकर मौसमी बीमारियों पर प्रभावी रूप से नियंत्रण करें। किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हो।<br /> <br />  गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मौसमी बीमारियों एवं कोविड टीकाकरण अभियान की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया के चिकित्सा प्रबंधन के सामने एक बड़ी चुनौती पैदा की और तीसरी लहर की आशंका अभी बनी हुई है। ऐसे में कोई मौसमी बीमारी महामारी का रूप ना ले, उसके लिए जन सहयोग के साथ पूरी तैयारी की जाए। जिला स्तर से लेकर गांव-काणी तक डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों के उपचार एवं बचाव के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हो ।<br /> <br /> मुख्यमंत्री ने ने कहा कि मोडल सीएचसी के कार्य को तेजी से बढाया जा रहा है। आगे हमारा प्रयास रहेगा कि आमजन को गांव-ढाणी में बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मॉडल पीएचसी बनाई जाए।<br /> <br /> साथ ही प्रसव सुविधाओं को भी और आधुनिक तरीक करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शिशु एवं मातृ मृत्युदर को नगण्य स्तर पर लाया जा सके। श्री गहलोत ने कहा कि आमजन डेंगू को गंभीरता से लें तथा तुरंत प्रभाव से चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा विभाग डेंगू के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक करे। प्रशासन शहरों एवं गांवों के संग अभियान के दौरान भी आईईसी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक करें। उन्होंने स्थानीय निकायों को नियमित रूप से फॉगिंग करने व जिला प्रशासन को मौसमी बीमारियों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।<br /> <br /> चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 3 नवम्बर तक डेंगू मुक्त राजस्थान अभियान चलाया जा रहा है। मौसमी बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण के लिए रैपिड रेस्पास टीम का गठन किया गया है। साथ ही सभी जिलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। मौसमी बीमारियों को लेकर जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग भी बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। <br /> <br /> शासन सचिव चिकित्सा वैभव गालरिया ने मौसमी बीमारियों और कोविड़ टीकाकरण की स्थिति तथा विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी ने बताया कि डेंगू से ठीक होने के बाद भी गॉल ब्लेंडर में सूजन, पेट तथा लंग्स में पानी भरना, हार्टबीट कम होना, निम्न रक्तचाप तथा अवसाद जैसे दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।<br /> <br /> बैठक में मुख्य सचिव निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा, स्थानीय निकाय विभाग सचिव भवानी सिंह देथा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संभागीय आयुक्त जिला कलेक्टर्स, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सीएमएचओ. पीएमओ सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 16:10:45 +0530</pubDate>
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                <title>चिकित्साकर्मियों की छुट्टियों पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[डेंगू सहित मौसमी बीमारियों का प्रकोप : 150 से ज्यादा डेंगू के जिन 14 जिलों में मरीज, वहां नोडल अफसर लगाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9B%E0%A5%81%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95/article-1788"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/dengue1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> राजस्थान में डेंगू सहित मौसमी बीमारियों मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टायफस के प्रकोप बढ़ने से प्रदेश में चिकित्सा विभाग के सभी कर्मियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। वे इनके नियंत्रण तक छुट्टी नहीं ले सकेंगे। साथ ही हाल ही में जिनमें तबादले हुए हैं, उन्हें भी तुरंत ज्वाइनिंग करने के आदेश दिए गए हैं। मंगलवार को चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने मौसमी बीमारियों को लेकर की बैठक में यह आदेश देने के साथ ही प्रदेश के जिन 14 जिलों में डेंगू के 150 से अधिक मामले अब तक आ चुके हैं, उन जिलों में अलग से नोडल अधिकारी इनके नियंत्रण को लगाए हैं। अधिकारी जिम्मेदारी वाले जिलों में जाकर एंटीलार्वा गतिविधियों, फोगिंग सहित मच्छरों को मारने की गतिवधियों को तेजी से करवाएंगे। साथ ही चिकित्सा सेवाओं को भी चुस्त-दुरूस्त करेंगे। इसके अलावा जिलों में 24 घंटे कन्ट्रोल रुम संचालन, रेपिड रेस्पांस टीम का गठन भी जल्द हो रहा है। बैठक में प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने अब तक मौसमी बीमारियों के अंकुश और इलाज की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में सभी आला अधिकारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि प्रदेश में डेंगू मुक्त राजस्थान अभियान भी 20 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक चिकित्सा विभाग ने चला रखा है।</p>
<p><br /> <strong>14 जिलें जहां डेंगू ज्यादा मारक</strong><br /> जयपुर, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, बीकानेर, चित्तौडगढ़, धौलपुर, झालावाड़, करौली, नागौर, उदयपुर, झुंझुनूं, जोधपुर, भरतपुर जिले में डेंगू ज्यादा मारक हो रहा है। <br /> <br />  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के प्रति पूरी तरह सजग एवं गंभीर है तथा इनके उपचार के सभी प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों पर काबू पाने के लिए राज्य में 20 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक ‘डेंगू मुक्त राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा। गहलोत ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय से जुटने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने कहा कि अभियान के दौरान फोगिंग एवं एंटी-लार्वल गतिविधियां पूरी मुस्तैदी से संचालित की जाएं। नगरीय इलाकों के साथ-साथ गांव-ढाणियों में भी मच्छरों को नष्ट करने के लिए फोगिंग की जाए। घरों के आसपास मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप अधिक है, वहां स्थानीय चिकित्सा प्रशासन की सहायता के लिए नोडल आॅफिसर भेजे जाएं। साथ ही अभियान के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएं। साथ ही रैपिड रेस्पांस टीमों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों एवं सीएचसी-पीएचसी में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। दवा वितरण केंद्रों पर भी दवाओं के वितरण एवं भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था है। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी के ठहराव वाले स्थानों पर एमएलओ (मॉस्किटो लार्विसाइड ऑयल) दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। गहलोत ने कहा कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए प्रदेशवासियों का जागरूक रहना भी बहुत जरूरी है। सावधानी बरती जाए तो इन बीमारियों का प्रमुख कारण मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 14:34:09 +0530</pubDate>
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                <title>डेंगू पर चिंतित सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[डेंगू पर चिंतित चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, मौसमी बीमारियों की रोकथाम  को अधिकारियों को प्रभावी नियंत्रण के आदेश दिए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/raghu-sharama1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने प्रदेश में मौसमी बीमारियों डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस की रोकथाम की प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। उन्होंने सभी जिलों में 24 घंटे संचालित कन्ट्रोल रूम की स्थापना तथा रेपिड रेस्पाॅन्स टीम का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। <br /> <br /> डाॅ. शर्मा ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोविड-19 के सर्वे हेतु गठित दलोें को एन्टीलार्वा गतिविधियों का प्रशिक्षण देते हुए मच्छर रोधी गतिविधियों व मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु प्रचार-प्रसार कर आमजन में जागरूकता लाने पर बल दिया है। चिकित्सा संस्थानों पर आवश्यक दवाइयों यथा पेरासिटामोल, क्लोरोक्वीन, प्राइमाक्वीन इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित तथा दवा वितरण केन्द्रों पर दवाइयों के भण्डारण व वितरण की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये हैं। <br /> <br /> डाॅ. शर्मा ने मच्छरों की रोकथाम के लिए एन्टीलार्वल गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने एवं मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी के ठहराव वाले स्थानों पर एम.एल.ओ. डलवाने के निर्देश दिये। उन्होंने पीने के पानी के टांकों में टेमीफोस डलवाने की व्यवस्था जारी रखने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु महिला एवं बालविकास विभाग, शिक्षा, स्थानीय निकायों, जलदाय विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए सक्रिय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। <br /> <br /> चिकित्सा मंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से प्रत्येक रविवार 30 मिनिट मलेरिया, डेंगू पर वार गतिविधि के माध्यम से मच्छर के अंडे तथा लार्वा को नष्ट करने के लिये प्रातः 8 बजे से 8.30 बजे तक परिवार के प्रत्येक सदस्य द्वारा घर में रखे गये गमले व उनकी ट्रे, परिण्डे, कूलर, फ्रीज की ट्रे, पानी की टंकी इत्यादि को खाली कर सफाई व सुखाकर पुनः उपयोग करने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 14:03:03 +0530</pubDate>
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                <title>मौमसी बीमारियों के कारण जेकेलोन में बढ़ाए जाएंगे बैड्स : कोरिडोर में भी लगेंगे एक्स्ट्रा बैड्स</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल प्रशासन का निर्णय, डे-केयर के मरीजों भेजा जाएगा सेठी कॉलोनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8---%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B8/article-1674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/hospital-bhid.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मौसमी बीमारियों की वजह से इन दिनों बच्चों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते शहर के बच्चों के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जेकेलोन में बैड्स तो फुल हैं हीं साथ ही आईसीयू में भी जगह नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को बैठक कर कई निर्णय लिए। इनमें अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैड्स की संख्या बढ़ाने पर सहमति बनी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में 80 बैड्स और बढ़ाए जाएंगे। इन बैड्स को अस्पताल में खाली पड़ी जगह जैसे कोरिडोर और अन्य जगहों पर लगाया जाएगा। जिससे आने वाले बच्चों को बैड्स की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। इसके साथ ही थैलेसीमिया, हिमोफीलिया जैसी बीमारी के लिए अस्पताल के डे केयर में इलाज के लिए आने वाले कम गंभीर मरीजों को सेठी कॉलोनी स्थित सैटेलाइट अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही आरयूएचएस में भी 200 बैड्स रिजर्व होने के कारण बच्चों को आरयूएचएस भी भेजा जाएगा। <br /> <br /> <strong>सभी आईसीयू और बैड्स फुल</strong><br /> अस्पताल में इन दिनों बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अस्पताल के सभी 250 आईसीयू बैड्स फुल हो चुके हैं। साथ ही करीब 770 बैड्स भी लगभग फुल हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने बैठक कर आने वाले दिनों में मरीजों की और बढ़ती संख्या को देखते हुए बैड्स और व्यवस्थाओं को बढ़ाने का निर्णय लिया है। <br /> <br /> <strong>इधर...एसएमएस अस्पताल के सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भीड़</strong><br /> इन दिनों मौसम में बदलाव के कारण अस्पतालों में मौमसी बीमारियों जैसे डेंगू-मलेरिया, वायरल बुखार आदि के मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। एसएमएस अस्पताल के ब्लड कलेक्शन सेंटर पर भी इन दिनों आम दिनों के मुकाबले दोगुने मरीज सैंपल देने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में ओपीडी में इस समय 8 से 10 हजार मरीज आ रहे हैं तो इनमें से करीब दो से तीन हजार मरीज मौसमी बीमारियों के आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर मरीजों को डेंगू-मलेरिया सहित वायरल बुखार की जांचें लिख रहे हैं और जांच केन्द्रों पर भीड़ बढ़ रही है। इस दौरान मरीजों को सैंपल जमा कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 13:28:28 +0530</pubDate>
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                <title>डेंगू की राजधानी बना जयपुर, चिकनगुनिया में भी अव्वल</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना के बाद मौसमी बीमारियों का प्रकोप, प्रदेश में इस साल अब तक डेंगू के जयपुर में सर्वाधिक 600 मरीज : चिकनगुनिया के भी जयपुर में ही सबसे ज्यादा 320 केस आए सामने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0--%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B2/article-1430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/dengue.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। कोरोना संक्रमण के बाद अब बरसाती सीजन में वायरल के साथ ही डेंगू का प्रकोप काफी बढ़ गया है। प्रदेशभर की बात करें तो जनवरी 2021 से सितम्बर अंत तक 2771 डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा राजधानी जयपुर में डेंगू के मरीज मिले हैं। अकेले जयपुर में प्रदेश के सर्वाधिक 600 मरीज अब तक मिल चुके हैं। इनमें से करीब 390 मरीज तो अकेले जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह में ही जयपुर के एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों में रिकॉर्ड हुए हैं। सबसे ज्यादा सितम्बर महीने में 287 मरीज डेंगू के चिकित्सा विभाग ने दर्ज किए हैं। इन आंकड़ों से जयपुर प्रदेश की राजधानी होने के साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया की राजधानी भी बन गया है। डेंगू के साथ ही जयपुर में चिकनगुनिया के भी इस साल सबसे ज्यादा मरीज सामने आए हैं। जयपुर में एक जनवरी से सितम्बर अंत तक चिकनगुनिया के सर्वाधिक 320 केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में आमजन के साथ ही चिकित्सा विभाग की माथे पर भी चिंता की लकीरें उभर आई हैं।</p>
<p><br /> <strong>चिकित्सा विभाग की लापरवाही ने बढ़ाए मौसमी बीमारी के मरीज</strong><br /> जयपुर में बढ़ते डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों के बावजूद चिकित्सा विभाग और नगर निगम आंखें मूंद कर बैठा है। घर-घर सर्वे, फोगिंग आदि सिर्फ दावों में भी दिखाई दे रहे हैं और हकीकत से कोसों दूर हैं। शहर में कहीं भी ना तो फोगिंग हो रही है और ना ही बुखार के मरीजों का सर्वे हो रहा है। बरसात के मौसम में जगह-जगह गड्ढ़ों और खाली पड़े भूखंडों में गंदगी और पानी भरा होने से एंटी लार्वा गतिविधियां नहीं हो रही है। ऐसे में मच्छरों की तादाद बढ़ने से घर-घर में बुखार, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज देखे जा रहे हैं।</p>
<p><br /> <strong>एसएमएस अस्पताल में मरीजों की भीड़</strong><br /> मौसमी बीमारियों के बीच फैल रहे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के कारण अस्पतालों में मरीजों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही है। एसएमएस अस्पताल में तो मेडिसिन की लगभग दस यूनिट हैं और हर यूनिट में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया के मरीज देखे जा रहे हैं। ऐसे में अस्पतालों में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया की जांचों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है।</p>
<p><br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>डेंगू-चिकनगुनिया के जिलेवार आंकड़ें<br /> (एक जनवरी 2021 से 30 सितम्बर 2021 तक)</strong></span></span><br /> <strong>जिला    डेंगू    चिकनगुनिया </strong><br /> जयपुर    597    320<br /> अलवर    286    52<br /> भीलवाड़ा    259    1<br /> कोटा    233    4<br /> बीकानेर    164    0<br /> उदयपुर    136    2<br /> अजमेर    74    9<br /> बांसवाड़ा    0    0<br /> बारां    17    0<br /> बाड़मेर    77    2<br /> भरतपुर    75    58<br /> बूंदी    37    2<br /> चित्तौड़गढ़    25    1<br /> चूरू    40    8<br /> दौसा    75    51<br /> धौलपुर    80    17<br /> डूंगरपुर    0    0<br /> हनुमानगढ़    16    4<br /> जैसलमेर    74    0<br /> जालौर    0    0<br /> झुंझुनूं    47    24<br /> जोधपुर    78    3<br /> करौली    75    43<br /> नागौर    45    16<br /> पाली    2    1<br /> प्रतापगढ़    43    0<br /> राजसमंद    21    1<br /> सवाई माधोपुर    45    28<br /> श्रीगंगानगर    10    0<br /> सीकर    58    32<br /> सिरोही    0    0<br /> टोंक    41    28</p>
<p><br /> इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीज काफी बढ़ गए हैं। ओपीडी में 30 से 40 प्रतिशत मरीज वायरल के हैं और जांच कराने पर इन्हीं में से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतें और बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। <br /> <strong>-डॉ. रमन शर्मा, सीनियर प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस अस्पताल</strong><br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 12:13:28 +0530</pubDate>
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