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                <title>Deepawali festival - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Deepawali festival RSS Feed</description>
                
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                <title>दीपावली पर अयोध्या में 26 लाख दीपक होंगे रोशन : अयोध्या में रोशन होने वाले दीये राजस्थान से जाएंगे, मान्यता है- मिट्टी के दीये से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का होता है संचार</title>
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                        <![CDATA[अयोध्या में मनाई जाने वाली दीपावली के दिये (दीपक) इस बार राजस्थान से भी जाएंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-26-lakh-lamps-in-ayodhya-on-deepawali/article-126868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/400-px).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अयोध्या में मनाई जाने वाली दीपावली के दिये (दीपक) इस बार राजस्थान से भी जाएंगे। दरअसल, दीपावली के अवसर पर अयोध्या में 26 लाख दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे, जिनमें हजारों गौमय दीपक सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला के वैदिक पादप अनुसंधान केंद्र में तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही आस-पास के उपनगरों से भी दीपक तैयार करने के लिए आर्डर दिए गए हैं। दीपकों की विशेषता है कि जलने पर ये प्रकाश के साथ-साथ हवन सामग्री की सुगंध भी वातावरण में फैलाते हैं, जिससे धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व बढ़ जाता है। श्री रामलला अयोध्या जी सेवा समिति अयोध्याधाम के अध्यक्ष डॉ. आचार्य राजानंद शास्त्री ने नवज्योति को बताया कि अयोध्या की दीपावली राजस्थान की मिट्टी और गाय के गोबर से बने विशेष दीपकों से भी आलोकित होगी। राजस्थान में कई जगह दीपक बनाने के लिए आर्डर दिए गए हैं।</p>
<p><strong>स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी :</strong></p>
<p>आमतौर पर कुछ दशक पहले तक तो दीपक मिट्टी के ही बनते थे, लेकिन चीन से बड़ी संख्या में मोम और लाइट के दीपक आने से परम्परागत दीपक की मांग कम हो गई थी, लेकिन वापस स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए मिट्टी और गोबर से दीपक बनाए जा रहे हैं। अयोध्याधाम के अध्यक्ष डॉ.रामानंद शास्त्री का कहना है कि इससे ना सिर्फ स्वरोजगार बढ़ेगा बल्कि आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। मिट्टी के दीये का बड़ा धार्मिक महत्व है। माना जाता है कि इनसे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर-आंगन पवित्र बनते हैं। दीप जलाना अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। पर्यावरण की दृष्टि से भी दीये उपयोगी होते हैं। ये पूर्णत: प्राकृतिक होते हैं और उपयोग के बाद मिट्टी में मिलकर पर्यावरण को कोई हानि नहीं पहुंचाते हैं। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 12:00:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी दीपावली, गोवर्धन, भाईदूज की शुभकामनाएं</title>
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                        <![CDATA[शर्मा ने कहा कि दीपों का यह पर्व अन्याय और शोषण के विरूद्ध न्याय एवं संघर्ष की विजय का उत्सव है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajanlal-sharma-wished-diwali-govardhan-bhaidooj/article-94182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajanlal-sharma-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने दीपावली, गोवर्धन एवं भाईदूज के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुख-समृद्धि की कामना की है। </p>
<p>शर्मा ने कहा कि दीपों का यह पर्व अन्याय और शोषण के विरूद्ध न्याय एवं संघर्ष की विजय का उत्सव है। यह पर्व हमें सच्चाई व धर्म की राह पर चलने, विपदाओं से नहीं घबराने की प्रेरणा देता है। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे भगवान श्रीराम के महान आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर बेसहारा एवं अभावग्रस्त लोगों की मदद करने का संकल्प लें, जिससे कि सामाजिक समरसता की भावना मजबूत हो और देश-प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर सके।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 14:04:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रदेश में दीपावली पर रहेगी बिजली की निर्बाध आपूर्ति, तैयार रहेंगी 332 फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीमें</title>
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                        <![CDATA[<p>जयपुर। प्रदेश में दीपावली पर बिजली की पर्याप्त उपलब्धता और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक ने इस संबंध में बिजली कंपनियों को सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डिस्कॉम्स चेयरमैन और जयपुर डिस्कॉम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने डिस्कॉम अभियंताओं के साथ दीपावली पर विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और तीनों वितरण कंपनियों में ग्रिड सब स्टेशनों पर अभियंताओं की ड्यूटी लगाने के साथ ही आपूर्ति में व्यवधान की किसी भी स्थिति में फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि जयपुर डिस्कॉम</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-will-be-uninterrupted-supply-of-electricity-in-the-state/article-94178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/electricity-6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में दीपावली पर बिजली की पर्याप्त उपलब्धता और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक ने इस संबंध में बिजली कंपनियों को सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डिस्कॉम्स चेयरमैन और जयपुर डिस्कॉम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने डिस्कॉम अभियंताओं के साथ दीपावली पर विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और तीनों वितरण कंपनियों में ग्रिड सब स्टेशनों पर अभियंताओं की ड्यूटी लगाने के साथ ही आपूर्ति में व्यवधान की किसी भी स्थिति में फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि जयपुर डिस्कॉम के 225 सहायक अभियंता (ओएंडएम) कार्यालयों में कुल 332 एफआरटी कार्यरत हैं जो फॉल्ट की किसी भी स्थिति में आपूर्ति बहाल करती हैं। </p>
<p><strong>नियंत्रण कक्ष भी किए गए स्थापित</strong><br />दीपावली पर आपात स्थिति के लिए जयपुर नगर वृत्त उत्तर व दक्षिण में खण्ड स्तर पर स्थापित शिकायत केन्द्रों पर शिकायत दर्ज करवाने की व्यवस्था की गई है। सभी नियंत्रण कक्ष 29 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक 24 घंटे कार्यरत रहेंगें और शिकायतों का तुरन्त निवारण करेंगे। </p>
<ul style="list-style-type:square;">
<li> कॉल सेन्टर टोल फ्री नंबर 18001806507</li>
<li>फोन नम्बर 0141-2203000 एवं आईवीआरएस 1912 पर एवं मोबाइल नम्बर 9414037085 पर अपना सम्पूर्ण पता मय बिल में अंकित 12 अंकों का के-नम्बर टाईप कर शिकायत मैसेज और व्हाट्सएप द्वारा भी दर्ज करवा सकते हैं।</li>
</ul>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 12:50:59 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>सत्व, रज व तम के समन्वयक हैं दीपक</title>
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                        <![CDATA[दीपावली का अर्थ ही पंक्ति में रखे हुए दीपकों से होता है, लेकिन अब दीपावली पर मिट्टी के दीपक कम, चाइनीज लाइटें, लड़ियां, रंग-बिरंगे बल्ब, एलईडी लाइटें अधिक जलती नजर आती हैं।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/deepak-is-the-coordinator-of-satva-raja-and-tama/article-94164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(6)7.png" alt=""></a><br /><p>हर वर्ष हम कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली का पावन त्योहार बहुत ही हर्ष, खुशी, उमंग व उल्लास के साथ मनाते हैं। त्योहार कोई भी हो, हंसी-खुशी, समृद्धि, सकारात्मकता, पवित्रता व असीम ऊर्जा का प्रतीक होता है। आज भी दीपावली मनाई जाती है, पहले भी मनाई जाती थी, लेकिन समय का रंग हमारे सभी त्योहारों पर ऐसा चढ़ गया है कि अब हर त्योहार आधुनिकता, शहरीकरण, दिखावे,  बनावटीपन व पाश्चात्य संस्कृति के रंग में रंगते चले जा रहे हैं। दीपावली का त्योहार भी इन सबसे अछूता नहीं रहा है।</p><p> दीपावली का अर्थ ही पंक्ति में रखे हुए दीपकों से होता है, लेकिन अब दीपावली पर मिट्टी के दीपक कम, चाइनीज लाइटें, लड़ियां, रंग-बिरंगे बल्ब, एलईडी लाइटें अधिक जलती नजर आती हैं। दीपावली रोशनी का त्योहार है, जो हमारे जीवन में रोशनी लाता है। कहना गलत नहीं होगा कि दिवाली के त्योहार का धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। प्रकाश का यह पर्व हम सभी को सीख देता है कि केवल बाहरी चकाचौंध ही नहीं, अपने मन के भीतर भी प्रकाश उत्पन्न करना जरूरी है। रोशनी के इस पवित्र त्योहार पर पंच तत्वों के प्रतीक मिट्टी के दीपक आज जलते तो हैं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है। जो बात मिट्टी के दीपकों में है, वह चाइनीज लाइटों, झालरों व बल्बों में कहां है, हमारी भारतीय सनातन संस्कृति और हमारे शास्त्रों में मिट्टी के दीपक को तेज, शौर्य और पराक्रम का प्रतीक माना गया है। जब भगवान श्रीराम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, तब अध्योध्यावासियों ने मिट्टी के दीये जलाकर उनका स्वागत व अभिनंदन किया था। वास्तव में, दिवाली पर मिट्टी के दीपक जलाने के पीछे धार्मिक महत्व भी है।</p><p> मिट्टी के दीपक न केवल हमारे पर्यावरण व प्रकृति का ध्यान रखते हैं, अपितु यह हमारी सादगी, संपन्नता, सुख-समृद्धि, शांति व ऐश्वर्य के भी प्रतीक हैं। यह बात तो हम सभी जानते हैं कि इस संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना पंचतत्वों से हुई है, जिसमें जल, वायु, आकाश, अग्नि और भूमि शामिल हैं। वास्तव में, मिट्टी का दीपक भी इन पांच तत्वों का प्रतिनिधित्व करता है। मिट्टी का दीपक वर्तमान का प्रतीक माना गया है। जब हम रुई की बाती डालकर दीप प्रज्ज्वलित करते हैं तो वह आकाश, स्वर्ग और भविष्यकाल का प्रतिनिधित्व करती है। आज दीपावली इलेक्ट्रिक लाइटों का त्योहार हो गई है। सच तो यह है कि आधुनिकता, शहरीकरण की चकाचौंध में हमारे प्राचीन रीति-रिवाज आज बहुत पीछे छूट रहे हैं। हिंदू धर्म में मिट्टी के दीपकों का बहुत महत्व है। पूजा-अर्चना से लेकर जन्म-मरण के विधि-विधानों में मिट्टी के दीपक जलाने की परंपरा हमारे देश में रही है। दीपक में ईश्वर का वास माना जाता है, इनमें देवी-देवताओं का तेज होता है, सकारात्मक ऊर्जा होती है। ऋग्वेद काल से लेकर हर युग व काल में दीपकों का महत्व किसी से छुपा नहीं है। हमारे वेदों, उपनिषदों में गाय के घी से दीपक जलाने के अनेक वर्णन मिलते हैं। वर्णन मिलता है कि द्वापर युग में कृष्ण के नरकासुर राक्षस वध के बाद वहां के वासियों ने दीपक जलाकर जीत की खुशी को प्रकट किया था। मिट्टी का दीपक वास्तु दोष को समाप्त करने की अद्भुत क्षमता रखता है। मिट्टी के दीपक दुख, आलस्य, निर्धनता को दूर करके जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, खुशी, आनंद, ऐश्वर्य लाते हैं। आज मिट्टी के दीपकों से भले ही महंगाई के कारण, आधुनिकता व पाश्चात्य सभ्यता-संस्कृति के प्रभाव के कारण, मिट्टी के दीपकों में तेल-बाती डालने के झंझटों के कारण भले ही मोह भंग हो गया हो, लेकिन मिट्टी के दीये के मुकाबले इलेक्ट्रिक लाइटें, झालरें, लड़ियों के प्रकाश की आभा कहीं भी नहीं ठहरती है। मिट्टी के दीपक जहां कीट-पतंगों का नाश करते हैं और हमारे पर्यावरण को शुद्ध बनाते हैं वहीं इलेक्ट्रिकलाइटें यह सब संभव नहीं कर पाती हैं। आज चाइनीज लाइटों, झालरों, लड़ियों के उपयोग से हम अपने देश की अर्थव्यवस्था पर भी कहीं न कहीं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डाल रहे होते हैं।</p><p> पर्यावरण संरक्षण तो दूर की बात,इसलिए रह जाती है क्योंकि दिवाली पर होने वाले पटाखों के प्रदूषण को हम मिट्टी के दीपक जलाकर रोकते नहीं है। हमारा संपूर्ण ध्यान आधुनिक चकाचौंध पर होता है। हमें यह याद रखना चाहिए कि मिट्टी का एक छोटा सा दीया गहरे अंधकार में भी उजास की लौ जलाकर रखता है। मिट्टी हमारे पर्यावरण, हमारे परिवेश का अहम् और महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला हो या माता पार्वती के जन्म की कहानी, मिट्टी का हर युग में वर्णन मिलता है। भारतीय संस्कृति में दीपों का इतिहास अति प्राचीन है। विशेषज्ञों व इतिहासकारों के मत के अनुसार शुरुआत में दीपक पत्थर को तराशकर बनाए गए होंगे, लेकिन धीरे-धीरे सभ्यता के विकास के साथ मिट्टी के दीपक बने। ऐसी जानकारी मिलती है कि घरों में रोशनी के लिए मशालों, दीपकों और लालटेनों का विकास प्राचीन भारत, चीन और मिस्र की सभ्यताओं में हो गया था। पुरातत्वविदों को सिंधु घाटी सभ्यता से आगे हर सभ्यता व विभिन्न राजवंशों के पुरवशेषों की खुदाई में विभिन्न प्रकार के दीये प्राप्त हुए हैं। <br /><strong></strong></p><p><strong>-सुनील कुमार महला </strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 10:40:06 +0530</pubDate>
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                <title>रूप चौदस : यूथ में बढ़ा ट्रेडिशनल लुक का क्रेज</title>
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                        <![CDATA[आज के समय में सैलून का क्रेज बहुत बढ़ गया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/craze-for-traditional-look-increases-among-roop-chaudas-youth/article-94157"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिवाली के त्योहार को देखते हुए न्यूड, इंटेंस एंड ग्लॉसी मेकअप का चलन ज्यादा है। इस मेकअप से स्किन पर स्वेटिंग इश्यू नहीं आते हैं। साथ ही लंबे समय तक ये मेकअप चेहरे पर रहता है। रूप चौदस बुधवार को मनाई जाएगी। इसका हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व होता है। पहले अधिकतर लोग घर पर तरह-तरह की प्राकृतिक चीजों से बना उबटन त्वचा पर लगाते थे, जो स्किन को हेल्दी और जवां बनाए रखता था। वहीं आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ये ट्रेंड बदल गया है। अब ज्यादातर महिलाएं सैलून में तैयार होना पसंद करती हैं। आज के समय में सैलून का क्रेज बहुत बढ़ गया है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />न्यूड, इंटेंस एंड ग्लॉसी मेकअप का क्रेज ज्यादा है। इस मेकअप की वजह से स्किन पर स्वेटिंग इश्यू नहीं आने के कारण ये लंबे समय तक चेहरे पर टिका रहता है। साथ ही अधिकतर महिलाएं ट्रेडिशनल लुक को ज्यादा वरीयता दे रही हैं।<br />-दीपाली चुघ (सेलेब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट)</p>
<p>गर्ल्स ब्राइट शेड्स व नीट लुक को ज्यादा वरीयता दे रही है। वहीं महिलाएं फेस्टिव सीजन के अनुसार अपना मेकअप करवा रहा है। ज्यादातर महिलाएं दीपावली त्योहार को लेकर साधारण लुक को ज्यादा करवा रही है।<br />-पूर्णिमा गोयल (सेलेब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट)</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 10:03:43 +0530</pubDate>
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                <title>धनतेरस पर पांच दिवसीय दीपोत्सव का श्रीगणेश</title>
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                        <![CDATA[मंदिरों में देवताओं के धनाध्यक्ष कुबेर और आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि की पूजा-अर्चना की गई। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inauguration-of-five-day-festival-of-lights-on-dhanteras/article-94155"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी मंगलवार को धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का श्रीगणेश हुआ। परकोटे में सामूहिक लाइटिंग का स्विच ऑन होते ही चारदीवारी सतरंगी रोशनी से नहा उठी। शहर के बाजारों में भगवान जय श्री राम, राम-राम, राधे-राधे के बैनर, अयोध्या की तर्ज पर श्रीरामलला का भव्य दरबार, अशोक वाटिका, झिलमिलाते सूर्य, चंद्र, भगवान गणपति, फूल, पत्तियां, लैम्प की रोशनी से रोशन आकृतियां, रंगीन बल्बों की लड़िया धनतेरस पर ऐसे लग रहे हैं मानो मां लक्ष्मी धन की वर्षा कर रही हो।</p>
<p><strong>परिवार के साथ रोशनी देखने पहुंचे लोग </strong><br />बाजारों में अलग-अलग थीम पर की गई रोशनी के नजारों को लोगों ने मोबाइल में कैद किया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। धनतेरस पर माता लक्ष्मी, कुबेर की पूजा-अर्चना की गई। शाम को यम के निमित दक्षिण दिशा की ओर दीपदान किया। मंदिरों में देवताओं के धनाध्यक्ष कुबेर और आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि की पूजा-अर्चना की गई। </p>
<p><strong>लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, कौड़ी, कमल गट्टा पूजन सामग्री खरीदी </strong><br />ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, वैधृति योग का उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग, बुध और शुक्र की युति होने से लक्ष्मी नारायण राजयोग होने से लोगों में खरीदारी का भारी उत्साह रहा। लोगों ने लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, कौड़ी, कमल गट्टा, धनिया, हल्दी गांठ, मिट्टी के पात्र, भूमि, भवन, वाहन, सोना-चांदी, पीतल, तांबा, कांसा, स्टील, अष्टधातु के बर्तन, झाडू, कपड़े, सजावटी वस्तुएं खरीदी। दीपावली पर घर सजाने से जुड़े सामानों की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भारी भीड़ रही। चांदपोल बाजार व्यापार मंडल की ओर से छोटी चौपड़ पर बनाए स्वागत द्वार में भव्य श्रीराम दरबार एवं अशोक वाटिका को दिखाया गया है। इस अवसर पर दीपावली की रोशनी का स्विच ऑन अतिरिक्त आयुक्त पुलिस कुंवर राष्ट्रदीप, डीसीपी राशि डोगरा व डीसीपी सागर ने किया। कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष गोयल, घनश्याम भूतड़ा, चेतन अचल जैन सहित अन्य थे। </p>
<p><strong>धन्वंतरि का पूजन, हुआ सम्मान समारोह</strong><br />आयुर्वेदिक औषधालयों में पूजा-अर्चना के बाद वैद्यों का सम्मान किया गया। आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा कर उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जोरावर सिंह गेट पर कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने मंगलवार को भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की। एनसीआईएसएस से ए ग्रेड मिलने पर चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों को सम्मानित किया। प्रो. शर्मा ने कहा कि धन्वंतरि जयंती के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद मनाने का संकल्प लिया था। आयुर्वेद दिवस प्रत्येक व्यक्ति का कल्याण हो, इसलिए मनाते हैं। 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठजनों के लिए 5 लाख तक के नि:शुल्क इलाज के लिए आयुष्मान व्यय वंदना कार्ड परियोजना का शुभारंभ किया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 09:38:57 +0530</pubDate>
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                <title>नगर परिषद की ओर से सजावट और सफाई पर रखा फोकस: सभापति</title>
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                        <![CDATA[शहर के मुख्य मार्ग लालसोट बस स्टैंड से लेकर ज्योतिबा फूले सर्किल एवं ज्योतिबा फूले सर्किल से कोथून रोड़ को रंग बिरंगी लाइटों से मुख्य मार्ग को सजाया गया]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/chairman-placed-focus-on-decoration-and-cleanliness-on-behalf-of/article-94153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>दौसा। लालसोट नगर परिषद की सभापति पिंकी चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार नगर पालिका से नगर परिषद बनने के बाद शहरी क्षेत्र में दीपावली के पर्व पर प्रमुख मार्गों एवं बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं सर्किलों पर परिषद एवं व्यापारियों के सहयोग से विशेष रोशनी एवं सजावट की व्यवस्था की गई है जिससे दीपावली के त्यौहार पर कस्बा रंगीन विद्युत सजावट से जगमगाता अपनी अलग पहचान बनाता नजर आता है।</p>
<p>सभापति पिंकी चतुर्वेदी ने नवज्योति से रूबरू होते हुए बताया कि उन्होंने कस्बे में सफाई व्यवस्था पर भी इस बार विशेष जोर देते हुए शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों एवं ग्रामीण वार्डों में सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है तथा रोड लाइटों को भी ठीक कर एवं नयी लाइटें लगाकर लोगों को सुविधा उपलब्ध कराई गई है।</p>
<p>सभापति चतुर्वेदी ने कहा कि इस बार दीपावली पर सभी बाजरों एवं मुख्य सड़क मार्ग पर विशेष विशेष विद्युत सजावट परिषद की ओर से की गई है। वहीं व्यापारिक संगठनों द्वारा भी बाजारों में अपने स्तर पर शानदार सजावट की गई है। उन्होंने दीपोत्सव के इस पावन पर्व पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह आमजन के सहयोग से परिषद क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक रामबिलास मीना के सहयोग से विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।</p>
<p>कस्बे में दीपावली के पर्व को धूमधाम से मनाने को लेकर सभापति पिंकी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी ना होने दे एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरा इकट्ठा ना होने दें। सनातन धर्म के सबसे बड़े त्यौहार दीपोत्सव पर नगर वासियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि दीपोत्सव त्यौहार को भाईचारे के साथ मनाएं।</p>
<p>सभापति ने आयुक्त नवरतन शर्मा की अगुवाई में शहर के बाजारों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं व्यापारियों से मिलकर नगर परिषद द्वारा कस्बे में शानदार सजावट करवाई गई। शहर के बाजारों में भी ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों ने धनतेरस के उपलक्ष्य में बर्तन एवं आभूषणों की दुकानों पर खरीदारी की।</p>
<p>सभापति पिंकी चतुर्वेदी ने बताया कि शहर को स्वच्छ बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई और आगे भी शहर के सौंदर्यकरण एवं स्वच्छता पर लगातार कार्य करके शहर को स्वच्छ बनाने पुरजोर प्रयास किए जाएंगे। दीपोत्सव के अवसर पर उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी।</p>
<p>मान्यता है कि धनतेरस के  पावन पर्व पर धातु से बनी चीज खरीदने को शुभ माना जाता है। इस अवसर पर दूर दराज से आए ग्रामीणों ने खरीदारी के साथ-साथ शहर की सजावट को देखकर खरीदारी का आनंद लिया।</p>
<p>शहर के मुख्य मार्ग लालसोट बस स्टैंड से लेकर ज्योतिबा फूले सर्किल एवं ज्योतिबा फूले सर्किल से कोथून रोड़ को रंग बिरंगी लाइटों से मुख्य मार्ग को सजाया गया जो की रात्रि के समय जगमगाते हुए हर एक के मन को आकर्षित करते हुए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।</p>]]>
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                                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 18:11:21 +0530</pubDate>
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                <title>दिवाली पर जोरदार खरीददारी, 65 हजार करोड़ के व्यापार की संभावना</title>
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                        <![CDATA[भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने जानकारी दी कि इस साल दिवाली पर लगभग 65 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/strong-shopping-on-diwali-possibility-of-business-worth-rs-65/article-94144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(2)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के बाजारों में दिवाली से पहले खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। विभिन्न प्रकार के गिफ्ट आइटम्स, सजावटी सामान, टेक्सटाइल्स और होम फर्निशिंग से लेकर खिलौने और पूजा सामग्री तक सबकुछ दुकानों में उपलब्ध है। इस बार ऑनलाइन बिक्री में भी 35% की वृद्धि दर्ज की जा रही है। जयपुर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर के प्रमुख बाजारों में विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है।</p>
<p><strong>शादियों की खरीद शुरू </strong><br />भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने जानकारी दी कि इस साल दिवाली पर लगभग 65 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है। घरेलू और विदेशी पर्यटकों के आगमन से जयपुर और उदयपुर में व्यापारियों को बिक्री में इजाफा होने की संभावना है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 17:46:01 +0530</pubDate>
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                <title>तीन दिन में 85 से 100 करोड़ के पटाखे फोड़ देंगे कोटावासी</title>
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                        <![CDATA[चायनीज पटाखे मार्केट से साफ, इस बार ग्रीन पटाखों की ज्यादा बिक्री]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-residents-will-burst-crackers-worth-rs-85-to-rs/article-94119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(2)17.png" alt=""></a><br /><p> कोटा । शहर में दोपोत्सव की तैयारियां जोरो पर चल रही है। वहीं  दीपावली उत्सव के लिए लोग जमकर पटाखे खरीद रहे है। बाजार में अस्थाई पटाखों की दुकानें सज गई है। वहीं  पटाखों की बिक्री तेज हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से इस बार करीब 850 से अधिक लोगों को अस्थाई पटाखों की दुकानें सज गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में  सजे आतिशबाजी बाजार में इस बार कई ईको फ्रेंडली पटाखे आए हैं, जो प्रदूषण रहित हैं। सबसे अधिक मांग पटाखों की 5000 वाली लड़ियों की है, जिसकी कीमत 4000 रुपए है। पांच मिनट में ही यह पटाखे स्वाहा हो जाएंगे।  विभिन्न स्थानों पर छोटी बड़ी करीब 800-850 से अधिक दुकानें सजी हुई है। इस बार सभी दुकानों पर ग्रीन पटाखे ही बिक रहे है। बाजार में इस बार चाइनीज पटाखे और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे बाजार में नहीं आए है। सभी जगह ग्रीन पटाखों के ही बोर्ड लगे नजर आ रहे है। इस बार पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए पटाखा कंपनियों ने बाजार में नॉन पॉल्यूशन वाले पटाखों की रेंज पेश की है। लोग भी ऐस ही पटाखे पसंद कर रहे है। बाजार में  हर वर्ग के लिए पटाखों की पूरी रेंज मौजूद है। लोगों को अधिक परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए फेमिली पैक पटाखे भी बिक रहे है। इस बार बाजार में शिवाकाशी, अजमेर, किशनगढ़, करौली के आलवा कर्नाटक  माल आया है। व्यापारियों के अनुसार इस बार 80 से 85 करोड़ रुपए के व्यापार की आस लगाई जा रही है। जहां रिटल व्यापारी ने एक लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक माल रख रखा है वहीं होलसेल व्यापारियों ने 1 करोड़ से डेढ करोड़ रुपए तक माल मंगवाया है। </p>
<p><strong>ईको फ्रेंडली पटाखों की धूम</strong><br />ईको फ्रेंडली पटाखे बाजार में आए हैं। इसमें भारत टैंक, चॉकलेट, हैलीकॉप्टर, फोटो फ्लैश, टॉवर अनार, रेलवे सिग्नल अनार, कलर चेंजिंग बटर फ्लाई, कोठी, फुलझड़ी, मैजिक विप क्रेकलिंग आदि प्रमुख हैं। कलर चेंजिंग बटर फ्लाई चार रंग बिखेरेगी। रिंगकेक गन में विशेष प्रकार की टिकड़ी लगेगी, जो बच्चों के लिए सुरक्षित है। इसकी खासियत यह है कि यह एक साथ छह राउंड तक फायर कर सकती है। फुलझड़ियां भी ईको फ्रेंडली आईं हैं, इनमें से कलर निकलेगा। इस दौरान धुआं नहीं होगा। साथ ही क्लटर- 64 पटाखा 64 बार फूटेगा। जिसके जमीन से 450 फीट ऊपर जाकर फूटने के साथ ही रंग- बिरंगी आतिशबाजी होगी। 3000 हजार रुपए की कीमत वाले 240 स्काई शॉट की भी ग्राहकों में खासी मांग हैं। </p>
<p><strong>कोल्ड डिंक स्टाइल में अनार बिखेरेगा रंग</strong><br />पटाखा व्यापारी कालूराम ने बताया कि लॉलीपोप और कोल्ड ड्रिंक स्टाइल में अनार आए है, जिसमें रंग निकलेगा। जमीनचक्र में भी इस बार अलग-अलग रंग निकलेगा। मैजिक पॉप अनार में सिक्कों के रूप में चिंगारियां निकलेंगी। विशेष अनार कलर कोठी आई है, जो 22 फीट ऊंचाई तक जाएगी। 45 सैकंड तक रंग बिखेरेगी। मिसाइल 12 शॉट का पटाखा हैं, जो मिसाइल की तरह आवाज करता हुआ आसमान में गरजेगा। ईको फ्रेंडली पॉपकार्न चलाने पर रंग-बिरंगे पॉपकार्न चमकते हुए निकलते हैं। </p>
<p><strong>वंडर पोप अनार से स्टार बनेंगे</strong><br />दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि कलर फुल लट्टू घूमते हुए दिखाई देंगे। फ्लाईविल पटाखा कई फीट ऊंचाई पर जाकर गोल घूमता हुआ रोशनी बिखेरेगा। वंडर पोप अनार से स्टार बनेंगे। ये सभी पटाखे एवं अनार कम आवाज वाले हैं, लेकिन रंग व रोशनी ज्यादा बिखेरेंगे। सभी ईको फ्रेंडली हैं। रेम्बों कैंडल पेंसिल में सतरंगी छटा होगी। डबल मेस्टिका अनार आवाज करेगा और सितारे निकलेंगे। सायरन वाले अनार भी हैं।</p>
<p><strong> मिसाइल व राउंड वाली बंदूक चलेगी</strong><br />बाजार में इस बार कई तरह के पटाखे बिकने के लिए आए है। इसमें कलर फोटो अनार, कलर स्मोक, रोलर, कॉस्टर से लेकर मल्टी शॉट की पूरी रेंज उपलब्ध है। यहीं  नहीं बाजार में हेलीकॉफ्टर, पॉप पेंसिल फायर बर्ड, कलर बटर फ्लाई, मैट्रिक्स पेंसिल आदि उपलब्ध है।  बच्चों के लिए छोटे अनार, चिटपूट चकरी आदि की बिक्री हो रही है। बीड़ी बम की ज्यादा मांग हो रही है। राकेट काफी बिक रहे है। बाजार में कलर बटर फ्लाई 350  रुपए, फायर बर्ड 300 रुपए, हेलीकॉफ्टर 200 रुपए,  कलर अनार 360 से 500 रुपए तक बिक रहे। स्मोक 450 रुपए बिक रहा है। </p>
<p><strong>ग्रीन फ्लाई ड्रोन से लेकर आंधी तूफान बम की धूम</strong><br />शहर में इस बार चाइनीज पटाखे और बंदूके बाजार में बिकने नहीं आई है। सारा माल शिवा काशी से आया है। इस बार प्रदूषण मुक्त वाले ग्रीन पटाखे ही बाजार में बिकने आए। दस रुपए से लेकर 1500 रुपए रेंज के पटाखे बाजार में बिक रहे है। इस बार ग्रीन फ्लाई ड्रोन बच्चों बहुत पसन आ रहे है। 5 पीस का 260 रुपए के पैकेट में आकाश में ड्रोन की तरह पटाखा उड़ेगा और लाइट निकलेगी। वहीं आंधी तूफान सूतली बम की खासी डिमांड है। इसके अलावा ग्रीन पटाखों की पूरी रेंज बाजार में मौजूद है।  इस बार छोटे व्यापारियों ने 1 लाख रुपए तक माल मंगवाया है। वहीं खुदरा ने 1 से 10 लाख रुपए के बीच माल मंगवाया है। इस बार महंगाई के चलते पटाखों की रेट में 10 से 30 फीसदी की बढोत्तरी हुई है। <br /><strong>- भगवान खंडेलवाल, पटाखा व्यापारी </strong></p>
<p><strong>मोस्ट वांटेड पटाखे की धूम</strong><br />बजार में पांच हजार पटाखों की लडी जिसकी कीमत चार हजार रुपए है। जो पांच मिनट में जलकर स्वाह हो जाती है। इसके अलावा मोस्ट वांटेड पटाखे के एक पैकेट में तीन प्रकार की आतिशबाजी होती है जो 750 फीट ऊपर जाकर चकाचौंध कर करती है। लॉलीपोप और कोल्ड ड्रिंक स्टाइल में अनार आए है, जिसमें रंग निकलेगा। जमीनचक्र में भी इस बार अलग-अलग रंग निकलेगा। मैजिक पॉप अनार में सिक्कों के रूप में  चिंगारियां निकलेंगी। इस बार फैक्टरीमेड पटाखे ही बाजार में आए है। सरकार की रोक के चलते इस बार चीन निर्मित आतिशबाजी बाजार में बिकने नहीं आई है। <br /><strong>- भूपेंद्र गुप्ता पटाखा व्यापारी, कोटा</strong></p>
<p><strong>पटाखों पर 60 फीसदी की छूट</strong><br />उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला और नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि दीपावली के उपलक्ष्य में विभिन्न ब्रांडेड के पटाखों  के काउंटर घोड़े वाले चौराहा, रावतभाटा रोड के नागरिक सहकारी बैंक के पास, और शहर के विभिन्न स्थानों पर विशेष काउंटर लगाए गए हैं।   ग्रीन पटाखों केकिफायती दरों पर उपलब्ध हैं।   पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखे भी उपलब्ध हैं, जिनमें मुख्य आकर्षण शिवकाशी, तमिलनाडु के ग्रीन पटाखे हैं, जो आकर्षक छूट पर मिल रहे है। संस्थान के तीनों सुपरमार्केट्स महावीर नगर, स्टेशन क्षेत्र, और सब्जी मंडी में, साथ ही विशेष काउंटर जैसे घोड़ा वाला चौराहा, दादाबाड़ी बड़ा चौराहा, केनाल रोड स्थित प्रधान कार्यालय, तलवंडी, कुन्हाड़ी, बोरखेडा के शुभम रिसोर्ट और अन्य जगहों पर ब्रांडेड पटाखे उपलब्ध हैं।  पटाखों पर एमआरपी 60 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में करीब 850 लोगों को अस्थाई पटाखा विक्रय के लिए लाइसेंस जारी किए है। सभी को ग्रीन पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस जारी किए है। साथ सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम रखने और फायर सेफ्टी नियमों का पालना करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को भी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए। <br /><strong>- अनिल सिघल, एडीएम सिटी </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 14:25:32 +0530</pubDate>
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                <title>दीपावली विवाद दोहरा रहा 62 साल पुराना इतिहास</title>
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                        <![CDATA[सन् 1962 में दीपावली को लेकर देशभर के ज्योतिषों में मतभेद हो गए थे। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/diwali-controversy-repeating-62-years-old-history/article-93327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/diwali5.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दीपावली मनाने को लेकर जो संशय की स्थिति बनी है, वह 62 साल पहले भी बनी थी। उस समय भी ज्योतिषि एक मत नहीं थे। काफी जद्दोजहद के बाद उस समय की दीपावली पहले दिन ही मनाई गई थी। ज्योतिषियों के अनुसार जब-जब भी कार्तिक अमावस्या दो दिन की आएगी, उसके अगले साल भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। मतलब ऐसी परिस्थितियां दो साल लगातार आएंगी। 1962 में दो दिन अमावस्या थी तो 1963 में भी दो दिन रही। 2024 में है तो 2025 में भी दो दिन अमावस्या रहेगी। </p>
<p>सन् 1962 में दीपावली को लेकर देशभर के ज्योतिषों में मतभेद हो गए थे। उस साल ज्योतिषों के एक गुट ने दीपावली 27 अक्टूबर को मनाने का ऐलान किया था, लेकिन दूसरे गुट के विद्वानों ने उसे नकारते हुए दूसरे दिन 28 अक्टूबर को मनाने की घोषणा की थी। उस समय भी केन्द्र सरकार ने अपने कैलेण्डर में 27 अक्टूबर को ही छुट्टी घोषित की थी।  उस समय अमावस्या तिथि 27 अक्टूबर को शाम 4:18 बजे से शुरू होकर 28 अक्टूबर को शाम को 6:35 बजे समाप्त हुई थी। काफी मंथन के बाद ज्योतिषियों में सहमति बनी कि दीपावली 27 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी। अगले साल 1963 में भी यहीं हालात रहे। उस समय 16 अक्टूबर को अमावस्या शाम सवा चार बजे शुरू हुई और 17 अक्टूबर को शाम 6:13 बजे तक रही। परंतु 1963 में भी दीपावली पहले दिन 16 अक्टूबर को ही मनाई गई।  इस साल दीपावली को लेकर संशय बना हुआ है। <br />इस साल कार्तिक माह की अमावस्या 31 अक्टूबर को दोपहर 3:52 बजे शुरू होगी, जो अगले दिन एक नवम्बर को शाम 5:13 बजे तक रहेगी। ऐसी ही स्थिति वर्ष 2025 में होने जा रही है। जब कार्तिक अमावस्या दो दिन रहेगी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 10:23:50 +0530</pubDate>
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