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                <title>rangoli and mandana - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रंगोली और मांडणा में दिखी छात्राओं की रचनात्मकता</title>
                                    <description><![CDATA[दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में दैनिक नवज्योति कार्यालय में रंगोली और मांडणा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/creativity-of-students-was-seen-in-rangoli-and-mandana/article-94116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(15).png" alt=""></a><br /><p>कोटा । रंगोली और मांडणा बनाने की प्रथा सालों से चली आ रही है। रंगोली या मांडना हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति की समृद्धि के प्रतीक हैं,  इससे घर परिवार में मंगल रहता है। उत्सव-पर्व के साथ-साथ मांगलिक अवसरों पर रंगोली और मांडणा से घर-आंगन को खूबसूरती के साथ सजाया जाता है। वैसे तो दीवाली को रोशनी के त्योहार के रूप में जाना जाता है और इस  पर्व पर  देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है  इसलिए जब लक्ष्मी पूजा की जाती है तो ऐसी मान्यता है कि घर के द्वार के सामने जब देवी लक्ष्मी आए तो खूबसूरती और सजावट दिखना चाहिए ऐसे में  विशेषकर दीपावली पर रंगोली और मांडणा बनाए जाते है । दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में दैनिक नवज्योति कार्यालय में रंगोली और मांडणा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शहर के विभिन्न महाविद्यालयों से आई  छात्राओं ने रंगोली और मांडणा प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने रचनात्मक कौशल का परिचय दिया। इसमें राजकीय कला महाविद्यालय, राजकीय कन्या कला महाविद्यालय व राजकीय विधि महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साह से भाग लेकर तरह-तरह की आकर्षक रंगोली व मांडणें बनाए। रंगोली व मांडणा में छात्राओं ने  विभिन्न आकार, रंगों  से कल्पना और भावनाओं के रंग भर कर उन्हें दीपक से सजाया और प्रतियोगिता में अपनी कला का प्रदर्शन किया। रंगोली प्रतियोगिता में राजकीय विधि महाविद्यालय की द्वितीय वर्ष की छात्रा हिमांगी अग्रवाल प्रथम स्थान पर रहीं वहीं मांडणा में राजकीय कला  महाविद्यालय की एमए संस्कृत चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा पूजा लोधा प्रथम स्थान पर रहीं। रंगोली  व मांडणा बनाने के लिए प्रतिभागियों को एक घंटे का समय दिया गया था । विभिन्न रंगों के सामंजस्य और अपनी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल से आकर्षक रंगोली बनाने में रंगोली के विभिन्न रंगों, चूड़ी, चम्मच, कोनलाइनर, चॉक, छलनी का प्रयोग किया वहीं मांडणा बनाने के लिए मुख्य रूप से खड़िया के घोल और लाल रंग के गेरू का प्रयोग किया। इसको बनाने के लिए कॉटन, ब्रश और उंगलियों का प्रयोग करते हुए खूबसूरत व आकर्षक डिजाइन बनाए । प्रतियोगिता में कुल छह छात्राएं विजेता रही। इस प्रतियोगिता को संपन्न करवाने में राजकीय कला महाविद्यालय कोटा के प्राचार्य प्रो. रोशन भारती, ड्राइंग एवं पेंटिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी भारती तथा राजकीय कन्या कला महाविद्यालय की प्राचार्या सीमा चौहान का सराहनीय योगदान रहा। </p>
<p><strong>प्रतियोगिता का परिणाम</strong><br /><strong>रंगोली की विजेता छात्राएं</strong></p>
<p><strong>प्रथम पुरस्कार</strong><br />हिमांगी अग्रवाल, द्वितीय वर्ष, राजकीय विधि महाविद्यालय   </p>
<p><strong>द्वितीय पुरस्कार </strong><br />भूमिका वैष्णव,बी ए तृतीय सेमेस्टर, राजकीय कन्या कला महाविद्यालय </p>
<p><strong>तृतीय पुरस्कार</strong><br />अंकिता वर्मा, एमए अंतिम वर्ष ड्राईंग एंड पेंटिंग, राजकीय कला महाविद्यालय</p>
<p><strong>मांडणा की विजेता छात्राएं</strong><br /><strong>प्रथम पुरस्कार</strong><br />पूजा लोधा, एमए संस्कृत चतुर्थ सेमेस्टर, राजकीय कला महाविद्यालय</p>
<p><strong>द्वितीय पुरस्कार </strong><br />द्रोपदी लोधा, एमए लोक प्रशासन चतुर्थ सेमेस्टर,  राजकीय कन्या कला महाविद्यालय </p>
<p><strong>तृतीय पुरस्कार</strong><br />दर्शिता शर्र्मा, एमए चतुर्थ सेमेस्टर ड्राईंग एंड पेंटिंग, राजकीय कला महाविद्यालय</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 12:53:24 +0530</pubDate>
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