<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/assembly/tag-5188" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>assembly - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5188/rss</link>
                <description>assembly RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज: प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम, एसएमएस स्टेडियम सहित शहर के प्रमुख स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास</title>
                                    <description><![CDATA[12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राजस्थानभर में विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। राज्य स्तरीय समारोह आबूरोड (सिरोही) में होगा। जयपुर के एसएमएस स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल और आमेर फोर्ट सहित प्रमुख स्थलों पर 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के तहत हजारों नागरिक सामूहिक योग करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-yoga-day-today-programs-will-be-held-across-the/article-157608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/yoga-day.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को प्रदेशभर में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य स्तरीय समारोह आबूराज सिरोही में होगा, जिसके मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। जयपुर में विभिन्न स्थानों पर योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। मुख्य सामूहिक योग्याभ्यास कार्यक्रम सुबह 6 से 8 बजे तक एसएमएस स्टेडियम में होगा। साथ ही अल्बर्ट हॉल, जवाहर सर्किल, जलमहल तथा आमेर फोर्ट जैसे शहर के प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस दौरान सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम प्रभारी एवं आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने बताया कि इस 12वें अंतरराष्ट्री योग दिवस-2026 की थीम योगा फॉर हेल्दी एजिंग रखी गई है। </p>
<p>इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के नागरिकों को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसएमएस स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल, जवाहर सर्किल, जलमहल एवं आमेर फोर्ट पर होने वाले कार्यक्रमों में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राएं, विभिन्न संस्थाओं के योग साधक, एनसीसी, सीआरपीएफ, पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्मिक के साथ बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-yoga-day-today-programs-will-be-held-across-the/article-157608</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-yoga-day-today-programs-will-be-held-across-the/article-157608</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:42:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/yoga-day.png"                         length="752863"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी का मंथन आज: मेरठ-सहारनपुर के नेताओं संग करेंगे बैठक, बूथ कमेटियों के गठन पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने संगठन को मजबूत करना शुरू कर दिया है। पार्टी प्रमुख जयंत चौधरी आज दिल्ली में मेरठ और सहारनपुर मंडल के पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति और बूथ कमेटियों के गठन पर चर्चा करेंगे। सीटों के संभावित बंटवारे को लेकर भी पार्टी के भीतर मंथन जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jayant-chaudharys-brainstorming-before-the-assembly-elections-today-he-will/article-157311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)31.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अब राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने भी संगठन को दुरुस्त करने की क़वायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में रालोद के प्रमुख और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी आज दिल्ली में पार्टी पदाधिकारियों की अहम बैठक लेंगे। सूत्रों की मानें तो बैठक में बूथ कमेटियों के गठन को लेकर चर्चा की जाएगी। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए मंथन शुरू कर दिया है।</p>
<p>रालोद के सूत्रों ने बताया कि आज की बैठक में मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। इसके साथ ही पार्टी के सांसद, विधायक और सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि जयंत चौधरी इन दोनों मंडलों की सियासी जमीन को परखेंगे और चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही आरएलडी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जयंत चौधरी लगातार जमीनी नेताओं से फीडबैक ले रहे हैं। पश्चिमी यूपी को रालोद का गढ़ माना जाता है। ऐसे में पार्टी यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जयंत चौधरी को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी सीटों में बड़ी कटौती का सामना करना पड़ सकता है जिसको लेकर पार्टी के भीतर अभी से मंथन शुरू हो गया है।</p>
<p>दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद ने 33 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और आठ सीटें जीती थीं। जिन सीटों पर जीत मिली थी उनमें छपरौली, थाना भवन, बुढ़ाना, सिवालखास, मीरापुर, पुरकाजी (एससी), शामली और सदाबाद शामिल हैं। इस चुनाव में 19 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही लेकिन इन 33 में से 25 सीटों पर अब भाजपा के विधायक हैं, इसलिए रालोद अब उन सीटों पर दावा नहीं कर सकती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/jayant-chaudharys-brainstorming-before-the-assembly-elections-today-he-will/article-157311</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/jayant-chaudharys-brainstorming-before-the-assembly-elections-today-he-will/article-157311</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 12:58:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%281%2931.png"                         length="1199015"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड राज्यसभा चुनाव: दो सीटों के लिए मतदान जारी, दूसरी सीट पर रोमांचक मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हो गया है। सभी 81 विधायक शाम 4 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मैदान में तीन उम्मीदवार हैं, जिनमें झामुमो के बैजनाथ राम की जीत तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jharkhand-rajya-sabha-elections-voting-continues-for-two-seats-exciting/article-157310"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/election-commission.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 9:00 बजे से मतदान शुरू हो गया। मतदान सुबह 9 बजे से विधानसभा के कमरा संख्या 042 स्थित न्यायाधिकरण हॉल में शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्य के सभी 81 विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी शामिल हैं।</p>
<p>मतदान को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राजनीतिक दलों की नजरें प्रत्येक विधायक के मतदान पर टिकी हुई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं दूसरी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। अब मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना और अंतिम परिणाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जिससे यह साफ हो जाएगा कि झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों पर कौन उम्मीदवार विजयी होकर संसद के उच्च सदन में पहुंचेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/jharkhand-rajya-sabha-elections-voting-continues-for-two-seats-exciting/article-157310</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/jharkhand-rajya-sabha-elections-voting-continues-for-two-seats-exciting/article-157310</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 12:05:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/election-commission.png"                         length="773613"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोविंद देवजी मंदिर में 17 से 23 जून तक होगी वृंदावन के संत की भागवत कथा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में 17 से 23 जून तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। वृंदावन के विख्यात संत गौरदास महाराज श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति और सदाचार का संदेश देंगे। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां और भजन-कीर्तन की व्यवस्था की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhagwat-katha-of-the-saint-of-vrindavan-will-be-held/article-157285"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/govind-dev.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गोविंद देवजी मंदिर में 17 जून से 23 जून तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का वाचन वृंदावन के प्रसिद्ध संत गौरदास महाराज द्वारा किया जाएगा। कथा प्रतिदिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। आयोजकों के अनुसार कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति, धर्म, सदाचार एवं मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का वर्णन किया जाएगा। गौरदास महाराज अपने सरल एवं भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश देंगे।</p>
<p>कथा आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए बैठक, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा के दौरान भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन का भी आयोजन होगा, जिससे भक्तिमय वातावरण बना रहेगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने की अपील की है। सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है। गोविंद देवजी मंदिर में होने वाली यह कथा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का विशेष अवसर बनेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhagwat-katha-of-the-saint-of-vrindavan-will-be-held/article-157285</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhagwat-katha-of-the-saint-of-vrindavan-will-be-held/article-157285</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:32:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/govind-dev.png"                         length="542457"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीएमसी में विभाजन की अटकलें तेज: ऋतव्रत बनर्जी के समर्थन में आये 59 विधायक, नेतृत्व और असंतुष्ट गुट के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर गहरा संकट पैदा हो गया है। निष्कासित विधायक ऋतव्रत बनर्जी के नेतृत्व में विधानसभा में करीब 60 विधायकों की अहम बैठक हुई। असंतुष्ट गुट ने दो-तिहाई विधायकों के समर्थन का दावा किया है, जिससे विपक्ष के नेता चयन और हस्ताक्षर जालसाजी विवाद के बीच पार्टी में विभाजन की अटकलें तेज हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/speculation-of-split-in-tmc-intensifies-59-mlas-come-in/article-155851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/tmcc.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित विधायक ऋतव्रत बनर्जी के नेतृत्व में बुधवार को राज्य विधानसभा स्थित नौशाद अली भवन में करीब 60 विधायकों की बैठक हुई, जिसके बाद पार्टी में संभावित विभाजन की अटकलें और तेज हो गयीं। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी हालांकि नहीं हुई है, लेकिन अभिषेक बनर्जी सुबह विधानसभा पहुंचे और उनके पास 59 विधायकों के समर्थन वाला एक पत्र होने की चर्चा रही। इस बीच एक अन्य निष्कासित तृणमूल विधायक ने कहा, “बैठक के बाद सब कुछ सामने आ जाएगा। हमारे साथ दो-तिहाई विधायकों का समर्थन है।”</p>
<p>उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीटें जीती थीं, लेकिन फिलहाल उसके पास 78 विधायक हैं, क्योंकि ऋतव्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया गया है। बैठक में अरूप राय, शिउली साहा, अखुज्जमान और सबीना यास्मीन सहित कई विधायक शामिल हुए। सबीना यास्मीन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष के नेता के चयन के लिए विधायकों की यह बैठक बुलाई गयी है। उनसे जब पूछा गया कि बैठक किसने बुलाई, तो उन्होंने कहा, “हम सभी ने।”</p>
<p>यह घटनाक्रम विपक्ष के नेता के चयन को लेकर कथित जाली हस्ताक्षरों के विवाद के बीच सामने आया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस के भीतर तनाव बढ़ गया है। विवाद उस समय और गहरा गया, जब विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस ने विपक्ष के नेता पद के लिए किसी भी उम्मीदवार को मान्यता देने से परहेज किया। विधानसभा पहुंचने के बाद ऋतव्रत बनर्जी ने पूरे घटनाक्रम को ‘अटकल’ बताते हुए महत्व कम करने की कोशिश की, लेकिन पार्टी की एकजुटता को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। इस बीच, भाजपा विधायक तपस राय ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर दावा किया था कि ऋतव्रत बनर्जी को बड़ी संख्या में तृणमूल विधायकों का समर्थन प्राप्त है।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी ने हालांकि बाद में इस पोस्ट से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा में अपने काम के लिये आये हैं और इस मामले से जुड़ी तमाम खबरें महज अटकलें हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या लगभग 50 विधायक उनके साथ हैं, तो उन्होंने कहा, “मैं केवल अपने और संदीपन के बारे में ही जिम्मेदारी ले सकता हूं।” विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई थी, जब तृणमूल कांग्रेस ने ऋतव्रत बनर्जी और एंटाली के विधायक संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दोनों विधायकों का आरोप है कि छह मई को हुई पार्टी बैठक में विपक्ष के नेता के चुनाव संबंधी कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था। उनका दावा है कि उपस्थिति रजिस्टर पर लिये गये हस्ताक्षरों को बाद में प्रस्ताव के दस्तावेज में बदल दिया गया।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को नावन्ना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि ऋतव्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत देकर विधानसभा अभिलेखों में हस्ताक्षर जालसाजी का आरोप लगाया है। करीब 60 विधायकों के ऋतव्रत बनर्जी के साथ खुलकर खड़े होने के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़े विभाजन की संभावनाओं को लेकर अटकलें तेज हो गयी हैं। पार्टी नेतृत्व और असंतुष्ट गुट के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/speculation-of-split-in-tmc-intensifies-59-mlas-come-in/article-155851</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/speculation-of-split-in-tmc-intensifies-59-mlas-come-in/article-155851</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:39:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/tmcc.png"                         length="578324"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा हस्ताक्षर विवाद: गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी, शुक्रवार को सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हस्ताक्षर विसंगति मामले में सीआईडी की दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी से सुरक्षा के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े इस पत्र में 14 विधायकों के फर्जी हस्ताक्षरों का आरोप है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-signature-dispute-abhishek-banerjee-reaches-calcutta-high-court-to/article-155858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/high-court.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से संबंधित पत्र में कथित हस्ताक्षर विसंगतियों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। अभिषेक बनर्जी ने आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए एजेंसी की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से कानूनी संरक्षण देने की मांग की है, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है।</p>
<p>मामले की सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति अपूर्ब सिन्हा राय की पीठ के समक्ष होने की संभावना है। न्यायालय ने उन्हें याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है। विवाद उस पत्र को लेकर है, जिसे तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की ओर से विधानसभा में प्रमुख पदों के लिए पार्टी नेताओं के नाम प्रस्तावित करते हुए प्रस्तुत किया गया था। पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, असीमा पात्रा और नयना बंद्योपाध्याय को उपनेता तथा फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नियुक्त करने की अनुशंसा की गयी थी।</p>
<p>आरोप है कि इस दस्तावेज में कई हस्ताक्षर या तो गायब थे, अथवा उनमें अनियमितताएं थीं। सूत्रों के अनुसार, पत्र में 70 विधायकों के नाम दर्ज थे, लेकिन इनमें से कम से कम 14 नाम केवल बड़े अक्षरों में लिखे गये थे और उनके साथ हस्ताक्षर नहीं थे। कुछ अन्य हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाये गये हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी। अभिषेक बनर्जी चूंकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, इसलिए पत्र पर उनके हस्ताक्षर भी मौजूद थे।</p>
<p>सीआईडी अधिकारियों ने शनिवार को उनके आवास पर जाकर जांच में सहयोग करने के लिए नोटिस दिया था और उन्हें सोमवार को भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया था। बनर्जी हालांकि निर्धारित तिथि पर जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और उन्होंने कथित तौर पर अतिरिक्त समय की मांग की थी। बुधवार को उन्होंने सीआईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए तथा गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इससे पहले भी उन्होंने संकेत दिया था कि एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ वह कानूनी उपाय अपनाएंगे।</p>
<p>विवाद उस समय और गहरा गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कथित हस्ताक्षर विसंगतियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस से शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद विधानसभा ने मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी थी। आरोप सार्वजनिक होने के कुछ ही समय बाद तृणमूल कांग्रेस ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र बोस बुधवार को विपक्ष के नेता की नियुक्ति को लेकर उत्पन्न गतिरोध पर चर्चा करने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-signature-dispute-abhishek-banerjee-reaches-calcutta-high-court-to/article-155858</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/assembly-signature-dispute-abhishek-banerjee-reaches-calcutta-high-court-to/article-155858</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:25:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/high-court.png"                         length="1432744"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में नए युग की शुरुआत: डीके शिवकुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, जी. परमेश्वर बने डिप्टी सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस भव्य समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जबकि डॉ. जी. परमेश्वर ने डिप्टी सीएम पद की कमान संभाली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-era-begins-in-karnataka-dk-shivakumar-takes-oath-as/article-155869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dk.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरू। कर्नाटक में श्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली और औपचारिक रूप से राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली नयी सरकार की कमान संभाली। शिवकुमार कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने यहां स्थित लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसी के साथ ही श्री शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले आठवें मुख्यमंत्री भी बन गये हैं।उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं, धार्मिक गुरुओं और जानी-मानी हस्तियों की विशाल मौजूदगी के बीच पदभार ग्रहण किया। उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिससे कैबिनेट गठन का पहला चरण पूरा हो गया। इस कार्यक्रम के साथ ही नयी मंत्रिपरिषद को कार्यकारी जिम्मेदारियों का औपचारिक हस्तांतरण हो गया।</p>
<p>इस समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के पार्टी प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया मौजूद थे। इसके साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस समारोह में हिस्सा लिया, जिससे इस अवसर का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया। समारोह में धार्मिक गुरु, फिल्म जगत की हस्तियां, खिलाड़ी और उद्योगपति भी मौजूद थे। चालीस से अधिक धर्मगुरु समारोह में उपस्थित थे। इसके अलावा अभिनेता रविचंद्रन, अभिनेत्री जयमाला, अभिनेता किच्चा सुदीप, अभिनेत्री रम्या, पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद और उद्योगपति अनिल कुंबले जैसी जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद थीं।</p>
<p>शिवकुमार के परिवार के सदस्य भी इस समारोह में उपस्थित थे, जिनमें उनकी मां गौरम्मा, पत्नी उषा और उनके बच्चे शामिल थे। परंपरा से हटकर शपथ ग्रहण समारोह पश्चिम दिशा के बजाय पूर्व दिशा की ओर मुख करके आयोजित किया गया। यह निर्णय आध्यात्मिक और ज्योतिषीय सलाहकारों की सलाह पर लिया गया था। लोक भवन परिसर में स्थित 'ग्लास हाउस' में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जहां निर्धारित स्थानों पर लगभग 3,500 मेहमानों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। धर्मगुरुओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी, जबकि समारोह की कार्रवाई को सभी तक पहुंचाने के लिए छह एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं। इस कार्यक्रम के लिए 2,000 से अधिक वीआईपी पास जारी किए गए थे। नये शपथ लेने वाले मंत्रियों में श्री जी. परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायर गौड़ा, प्रियांक खरगे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्दारमैया, बैरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/new-era-begins-in-karnataka-dk-shivakumar-takes-oath-as/article-155869</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/new-era-begins-in-karnataka-dk-shivakumar-takes-oath-as/article-155869</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:36:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/dk.png"                         length="1864773"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर से लौटे 35 श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत, बोले- जीवन का सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल कैलाश मानसरोवर की पवित्र आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकुशल लौट आया है। राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में दल ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पूजा-अर्चना संपन्न की। एयरपोर्ट पहुंचने पर परिजनों और खंडेलवाल समाज के गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर यात्रियों का भव्य अभिनंदन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व की सबसे पवित्र आध्यात्मिक यात्राओं में शामिल कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण कर जयपुर के 35 श्रद्धालुओं का दल सकुशल लौट आया। यात्रा का नेतृत्व राहुल अग्रवाल ने किया। श्रद्धालुओं ने कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि कैलाश पर्वत के दर्शन और मानसरोवर के पवित्र तट पर बिताए गए क्षण उनके जीवन के सबसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बन गए। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पूरी यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुखद रही।</p>
<p>जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर समाज श्री सीताराम एवं खंडेलवाल समाज के गणमान्य व्यक्तियों, परिजनों और श्रद्धालुओं ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान राकेश कूलवाल, सुनील गुप्ता, जितेश कूलवाल, प्रवीण शाह और अरविंद बैद सहित अन्य लोगों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। यात्रा संयोजक राहुल अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन मूल्यों को समझने का अनूठा अवसर भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/grand-welcome-for-35-pilgrims-returning-from-kailash-mansarovar/article-155795</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:41:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1200-x-60-px%29-%28youtube-thumbnail%29-%281%29.png"                         length="866427"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में नई सरकार की कवायद: सोनिया-राहुल से मिले सिद्दारमैया और शिवकुमार, कैबिनेट फेरबदल पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इस्तीफे के बाद दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की। डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन और चार उप-मुख्यमंत्रियों की नियुक्ति पर गहन चर्चा हुई। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, और नए बदलावों के तहत कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/siddaramaiah-meets-gandhi-family-amid-change-of-power-in-karnataka/article-155343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)86.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में अगली सरकार के गठन को लेकर गहन चर्चा हुई। सिद्दारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के साथ, राजधानी में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले। सूत्रों के अनुसार, बैठक में नई सरकार के गठन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल, राज्यसभा नामांकन और विधान परिषद में नियुक्तियां शामिल थीं।</p>
<p>दोनों नेताओं के शुक्रवार अपराह्न बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात करने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, निवर्तमान सिद्दारमैया मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को शिवकुमार के नेतृत्व वाली प्रस्तावित सरकार में जगह नहीं मिल सकती है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए चार उप मुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की संभावना पर भी चर्चा हुई। इस बीच कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।</p>
<p>लोकभवन से जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्धारमैया कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। पद छोड़ने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिद्दारमैया ने कांग्रेस नेतृत्व और कर्नाटक की जनता को दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है और उन्होंने विश्वास जताया कि अगले मुख्यमंत्री की नियुक्ति में संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/siddaramaiah-meets-gandhi-family-amid-change-of-power-in-karnataka/article-155343</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/siddaramaiah-meets-gandhi-family-amid-change-of-power-in-karnataka/article-155343</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:12:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%282%2986.png"                         length="1632780"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या कांग्रेस के हाथों से फिसल रहा कर्नाटक? दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक रूप से उचित;  सिर्फ नेतृत्व नहीं, नियंत्रण भी</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरूनी कलह तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली आलाकमान ने तलब किया है। 136 विधायकों के स्पष्ट बहुमत के बावजूद दोनों गुटों में नेतृत्व परिवर्तन और रोटेशन फॉर्मूले को लेकर रस्साकशी जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/karnataka.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति को एक बार फिर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच शक्ति संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है और यह मुद्दा केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता का नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य में सत्ता संतुलन, महत्वाकांक्षाओं और संगठनात्मक अनुशासन को संभालने की संरचनात्मक चुनौती का है। सिद्दारमैया और शिवकुमार को दिल्ली तलब किये जाने तथा पार्टी आलाकमान के साथ उनकी बैठकों के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। यह सवाल कांग्रेस सरकार के 2023 में गठन के समय से ही मौजूद हैं। </p>
<p>फर्क सिर्फ इतना है कि अब दोनों खेमों की ओर से संकेत अधिक स्पष्ट हो गये हैं और पार्टी के कुछ वर्गों में अधीरता बढ़ी है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में एक राजनीतिक विरोधाभास है। कर्नाटक में कांग्रेस संख्यात्मक रूप से मजबूत है, लेकिन आंतरिक रूप से पूरी तरह एकजुट नहीं है। 224 सदस्यीय विधानसभा में 136 विधायकों के साथ पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। इसके बावजूद यह मजबूती स्थिर नेतृत्व सहमति में तब्दील नहीं हो सकी है। स्थिति को अब तक अनौपचारिक समझौतों, परस्पर अपेक्षाओं और समय-समय पर आलाकमान के हस्तक्षेप के जरिए संभाला जाता रहा है। सिद्दारमैया अनुभव, जनाधार आधारित राजनीति और 'अहिंदा' सामाजिक समीकरण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने लंबे समय से कर्नाटक में कांग्रेस के आधार को मजबूत किया है। उनके समर्थक उन्हें ऐसा स्थिर नेता मानते हैं जिसने चुनावी सफलता दिलायी और जो अब भी विधायकों के बीच प्रभाव बनाए हुए हैं।</p>
<p>दूसरी ओर, शिवकुमार संगठनात्मक क्षमता, चुनावी रणनीति और 2023 की जीत में अपनी भूमिका के आधार पर दावेदारी पेश करते हैं। उनका खेमा संख्या बल के साथ-साथ योगदान, समय और पार्टी संगठन पर पकड़ को भी अपनी ताकत मानता है। कांग्रेस आलाकमान के सामने चुनौती यह है कि दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक रूप से उचित हैं, लेकिन लंबे समय तक दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं है। एक पक्ष को संतुष्ट करने से दूसरे पक्ष में असंतोष बढ़ने का जोखिम बना रहता है। इसी कारण समाधान की जगह संतुलन साधने की राजनीति जारी है।</p>
<p>यही वजह है कि कर्नाटक की राजनीति बार-बार "रोटेशन", "मंत्रिमंडल फेरबदल" और "आलाकमान चर्चा" जैसे शब्दों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। ये स्थायी समाधान नहीं, बल्कि दबाव को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के उपाय हैं, जो सरकार के भीतर दो शक्ति केंद्रों की मूल समस्या को टालते रहे हैं। हाल के दिनों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा भी इसी पृष्ठभूमि में देखी जा रही है। विभागों में बदलाव या मंत्रिमंडल विस्तार से अस्थायी संतुलन जरूर बनाया जा सकता है, लेकिन इससे नेतृत्व अधिकार का मूल प्रश्न हल नहीं होता। इससे केवल मौजूदा व्यवस्था को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाया जाता है।</p>
<p>असल सवाल यह नहीं है कि सिद्दारमैया अपना कार्यकाल पूरा करेंगे या शिवकुमार भविष्य में मुख्यमंत्री बनेंगे। मुख्य प्रश्न यह है कि क्या कांग्रेस के पास ऐसी कोई स्थायी व्यवस्था है, जिसके तहत उस राज्य में दोहरे नेतृत्व को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके, जहां चुनावी सफलता ने कई दावेदार पैदा कर दिये हैं, लेकिन आलाकमान के अलावा कोई स्पष्ट निर्णायक व्यवस्था नहीं है। दल-बदल, विधानसभा अंकगणित या विपक्षी समीकरणों को लेकर लगायी जा रही अटकलों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल किसी भी गुट के पास सरकार की स्थिरता को प्रभावित करने का स्पष्ट रास्ता नहीं दिखता और संख्या बल अब भी कांग्रेस के पक्ष में है। ऐसे में आलाकमान केवल दर्शक नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखने वाली प्रमुख शक्ति है। </p>
<p>हालांकि, उसकी क्षमता भी सीमित है। निर्णयों में देरी से अटकलें बढ़ती हैं, अस्पष्ट संकेतों से गुटीय व्याख्याओं को बल मिलता है और समझौता आधारित समाधान अक्सर उत्तराधिकार के सवाल को हल करने के बजाय टाल देते हैं। कर्नाटक की स्थिति भारतीय राजनीति के व्यापक स्वरूप को भी दर्शाती है, जहां मजबूत क्षेत्रीय नेताओं, व्यक्तिगत नेटवर्क और केंद्रीकृत पार्टी नियंत्रण के कारण चुनावी सफलता के बाद टकराव की स्थिति पैदा होती है, खासकर तब जब नेतृत्व पहले से स्पष्ट नहीं किया गया हो।</p>
<p>मंत्रिमंडल संतुलन, विभिन्न गुटों को आश्वस्त करने और नियंत्रित राजनीतिक संदेशों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। फिलहाल राजनीतिक हित निरंतरता के पक्ष में हैं, इसलिए किसी बड़े टकराव की संभावना कम मानी जा रही है।हालांकि सरकार संख्या बल के लिहाज से स्थिर है, लेकिन आंतरिक रूप से अस्थिर बनी हुई है। इसके पीछे वह मूल प्रश्न अब भी अनसुलझा है, जिससे पार्टी 2023 से बचती रही है; जब जीत सामूहिक हो, लेकिन नेतृत्व विवादित हो, तब अधिकार का निर्धारण कौन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/is-karnataka-slipping-from-the-hands-of-congress-the-claims/article-155038</guid>
                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:13:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/karnataka.jpg"                         length="1548623"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समान नागरिक संहिता से आदिवासी समुदाय को कोई नुकसान नहीं, हर व्यक्ति को आत्म-सम्मान के साथ जीने का अधिकार : अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रामलीला मैदान में आदिवासियों को आश्वस्त किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। मोदी सरकार ने गुजरात और उत्तराखंड में आदिवासियों को इससे बाहर रखा है। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित इस समागम में धर्मांतरण और आरक्षण जैसे मुद्दे भी उठे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uniform-civil-code-causes-no-harm-to-tribal-community-every/article-154921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समुदाय के लोगों से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नहीं डरने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई नुकसान नहीं होगा। शाह ने यहां के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'तू-मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी' नाम से आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम को संबोधित करते हुए कहा, "यह समागम आने वाले वर्षों तक जनजातियों के 'महाकुंभ' के रूप में जाना जाएगा। आप देश के दूर-दराज के इलाकों से, पारंपरिक वेशभूषा में, अपने वाद्य यंत्रों के साथ और अपनी संस्कृति के गीत गाते हुए यहाँ आए हैं, तो मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूँ कि मैंने अपने जीवन में कभी भगवान बिरसा मुंडा को नहीं देखा, लेकिन आज भगवान बिरसा मुंडा साक्षात मेरे सामने प्रकट हुए हैं। मैं आप सभी को नमन करता हूँ। "</p>
<p>उन्होंने कहा, "हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में आत्म-सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। लोगों को लालच देकर किसी का धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। अब हमें दिल्ली की इस धरती से अपने धर्म की रक्षा करने की शपथ लेनी चाहिए और यह हमें हमारी संस्कृति और हमारे देश से जोड़े रखेगी।" केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "मैं मध्य प्रदेश और गुजरात से आए अपने सभी भाइयों और बहनों का, मध्य प्रदेश और गुजरात के भील और मुंडा समुदायों का, छत्तीसगढ़ के गोंड और कोलाम समुदायों का, झारखंड और ओडिशा के संथाल और उरांव समुदायों का, पूर्वोत्तर के बोडो, कार्बी, दिमासा, खासी, गारो और चकमा समुदायों का, और आंध्र प्रदेश के चेंचु समुदायों का तहे दिल से स्वागत करता हूँ। मैं दोनों संगठनों का गहरा आभार व्यक्त करना चाहता हूँ कि उन्होंने मुझे अपने जीवनकाल में इस अद्भुत आयोजन का साक्षी बनने का यह अवसर दिया।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। यह जल, यह वन और ये पहाड़ हमारे आदिवासी भाइयों की आजीविका का स्रोत हैं और एक अभेद्य दुर्ग हैं जो उनकी पहचान और संस्कृति की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा, "आज यदि दुनिया में कोई ऐसा मॉडल है जो सबसे अधिक टिकाऊ है, तो वह हमारे जनजातीय समुदायों द्वारा बनाया गया मॉडल है और हम इसकी रक्षा के लिए आगे आए हैं। सभी जनजातियों ने बिना किसी लिखित नियम के 'अनेकता में एकता' और 'एकता में अनेकता' के मंत्र को साकार करने का काम किया है।"</p>
<p>शाह ने कहा, "हज़ारों साल पहले त्रेता युग में भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर हमें बहुत साफ़ तौर पर यह समझाया था कि हम सब एक हैं। जो लोग हमें बाँटना चाहते हैं, वे यह नहीं जानते कि जब निषाद राज ने मदद का हाथ बढ़ाया, तो भगवान राम ने उन्हें अपना परम मित्र बनाकर वनवासियों का सम्मान किया था। आज का यह सम्मेलन और यहाँ मौजूद लाखों आदिवासी लोग उन लोगों के लिए एक बड़ा संदेश हैं, जो फूट डालने का काम कर रहे हैं।"</p>
<p>उन्होंने " समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर एक साजिश शुरू हुई है कि इसके जरिये आदिवासी लोगों को उनकी संस्कृति, उनकी परंपराओं, उनके रीति-रिवाजों और उनके जीने के अधिकार से वंचित कर देगा। आज, नरेन्द्र मोदी सरकार के गृह मंत्री के तौर पर मैं इस मंच से यह साफ़ कर देना चाहता हूँ कि यूसीसी की कोई भी पाबंदी आदिवासी समुदाय या आदिवासी व्यक्तियों पर नहीं लगाई जाएगी। यूसीसी किसी भी आदिवासी अधिकार का उल्लंघन नहीं करेगा। हमने दो राज्यों में यूसीसी लागू किया है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है विशेषकर गुजरात और उत्तराखंड विशेष प्रावधान करके नरेन्द्र मोदी सरकार ने सभी आदिवासी समुदायों को यूसीसी से बाहर रखा है। इस संदेश के साथ अपने गाँवों, पहाड़ों, जंगलों में जाएँ और सभी आदिवासी समुदायों को जागरूक करें कि यूसीसी से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है।"</p>
<p>आयोजकों ने इस आयोजन को आदिवासी पहचान और 'राष्ट्रीय एकता' की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में पेश किया है, जिसका नारा है 'तू मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी.' जेएसएम के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रतिभागियों से देश के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक परिधानों में आने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली में स्वयंसेवकों ने 20 अलग-अलग समितियों के माध्यम से आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है. भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में देश के कोने-कोने से जनजाति समाज के लोग राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और लोक संस्कृति के साथ शोभा यात्रा निकाली। इस समागम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े 'वनवासी कल्याण आश्रम' ने किया था, जिसमें कई संवेदनशील मुद्दे उठाये गये। इस समागम का सबसे बड़ा मुद्दा धर्मांतरण का रहा। </p>
<p>समागम में आये जनजातीय समाज के लोगों का कहना था कि धर्म परिवर्तन के बाद भी कुछ लोग आदिवासी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जिससे मूल जनजातीय समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इसके अलावा फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र, आदिवासियों की जमीनों पर कब्ज़ा और तथाकथित 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' जैसे मुद्दे उठाये। समागम के आयोजकों का कहना था कि कुछ विदेशी ताकतें और मिशनरी संगठन आदिवासियों को उनकी सांस्कृतिक पहचान से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/uniform-civil-code-causes-no-harm-to-tribal-community-every/article-154921</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/uniform-civil-code-causes-no-harm-to-tribal-community-every/article-154921</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 13:19:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/amit-shah.png"                         length="965065"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी चुनाव 2027 की तैयारी : भाजपा का विधायकों पर 'परफॉर्मेंस टेस्ट' शुरू, सर्वे में खराब निकले तो कटेगा टिकट</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मौजूदा विधायकों का 'रिपोर्ट कार्ड' बनाना शुरू कर दिया है। दो बाहरी एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे इस सर्वे में जनता की नाराजगी झेल रहे विधायकों की जगह नए और जिताऊ चेहरों की तलाश की जा रही है। मुरादाबाद मंडल पर पार्टी का विशेष ध्यान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mission-2027-bjps-performance-test-on-mlas-begins-if-they/article-154532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bjp-kerala.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में जीते अपने विधायकों का 'रिपोर्ट कार्ड' तैयार करना शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी यह परख रही है कि क्षेत्र में विधायक की जमीनी पकड़ कैसी है और जनता के बीच उनकी सक्रियता कितनी है। जिन विधायकों से जनता नाराज है, उनकी जगह नए और जिताऊ चेहरों की तलाश तेज कर दी गई है।</p>
<p>पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि, “हाईकमान ने पूरे सर्वे की जिम्मेदारी दो बाहरी एजेंसियों को दी है जिनकी टीमें पिछले कई दिनों से शहरी और ग्रामीण इलाकों में घूमकर लोगों से सीधा संवाद कर रही हैं। विधायकों के काम, व्यवहार और क्षेत्र में मौजूदगी पर जनता की राय ली जा रही है। इसके अलावा संभावित नए दावेदारों की लोकप्रियता और जातीय-सामाजिक प्रभाव का भी आकलन किया जा रहा है। भाजपा यह तय करना चाहती है कि 2027 में किस चेहरे पर दांव लगाने से जीत की गारंटी मिलेगी।”</p>
<p>सर्वे पूरे प्रदेश में मंडलवार कराया जा रहा है। ज्यादातर मंडलों में भाजपा की स्थिति मजबूत है, लेकिन मुरादाबाद मंडल पार्टी के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। 2017 के चुनाव में भाजपा को यहां 27 में से 14 सीटें मिली थीं, जो 2022 में घटकर सिर्फ 10 रह गईं। इसी नुकसान की भरपाई के लिए पार्टी इस मंडल में खास सतर्कता बरत रही है और हर सीट पर मजबूत उम्मीदवार खोज रही है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक संगठन अपने स्तर पर जिला और क्षेत्रवार संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट बना रहा है। इसमें स्थानीय सांसदों और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राय को भी महत्व दिया जाएगा। बाहरी एजेंसियों की रिपोर्ट और संगठन की सूची का मिलान किया जाएगा।</p>
<p>भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि जो नाम दोनों जगह कॉमन होंगे और जिन पर सहमति बनेगी, उनका टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार एजेंसियों की रिपोर्ट जल्द ही दिल्ली हाईकमान को सौंप दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि इस सर्वे में सिर्फ विधायकों का ही नहीं, बल्कि योगी सरकार की योजनाओं और नौ साल के कामकाज को लेकर भी जनता का मूड भांपा जा रहा है। पार्टी यह जानना चाहती है कि किस इलाके में सरकार की ब्रांडिंग मजबूत है और कहां एंटी-इनकंबेंसी है। नेतृत्व का मानना है कि अभी से मिली जमीनी फीडबैक से 2027 की रणनीति को धार दी जा सकेगी। साफ संकेत हैं कि जो विधायक काम में फिसड्डी साबित हुए, उनका पत्ता अगले चुनाव में कटना तय है।</p>
<p>गौरतलब है कि इसी तरह कांग्रेस ने पश्चिमी यूपी की सीटों पर प्राइवेट एजेंसियों से संभावित चेहरों की लिस्ट बनवानी शुरू कर दी है। सपा भी अंदरखाने सर्वे के जरिए उम्मीदवार छांट रही है। मायावती की बसपा कई सीटों पर प्रभारी और संभावित प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। आजाद की आजाद समाज पार्टी दूसरे दलों के मजबूत नेताओं को तोड़कर अपने पाले में लाने में जुटी है। कुल मिलाकर 2027 का चुनावी दंगल शुरू होने से पहले ही सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी चालें चलनी शुरू कर दी हैं। टिकट का गणित, जातीय समीकरण और सर्वे रिपोर्ट ही तय करेंगे कि अगली बार लखनऊ की सत्ता किसके हाथ आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mission-2027-bjps-performance-test-on-mlas-begins-if-they/article-154532</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mission-2027-bjps-performance-test-on-mlas-begins-if-they/article-154532</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:03:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/bjp-kerala.png"                         length="1015485"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        