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                <title>incentives - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना में संशोधन, नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने RIPS-2024 के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। अब सोलर मॉड्यूल, सेमीकंडक्टर और बैटरी निर्माण इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। केवल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को पात्र माना जाएगा, असेंबलिंग को नहीं। इस निर्णय से राजस्थान में हरित ऊर्जा निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amendment-in-rajasthan-investment-promotion-scheme-will-give-boost-to/article-151603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/राजस्थान-सचिवालय.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। वित्त विभाग (कर प्रभाग) द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए योजना की उपधारा 7.3.1 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। संशोधन के तहत योजना की उपधारा 9.1 में “रिन्यूएबल्स मैन्युफैक्चरिंग” की परिभाषा को नया रूप दिया गया है। अब इसके अंतर्गत सोलर मॉड्यूल, सोलर पीवी सेल, इंटीग्रेटेड सोलर सेल एवं मॉड्यूल, सेमीकंडक्टर, सौर ऊर्जा भंडारण में प्रयुक्त बैटरियां तथा सोलर इलेक्ट्रिक चार्जिंग उपकरणों के निर्माण से जुड़ी इकाइयों को शामिल किया गया है।</p>
<p>स्पष्ट किया गया है कि केवल निर्माण इकाइयां ही पात्र होंगी, असेंबलिंग इकाइयां नहीं। इसके साथ ही योजना में “सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग” को नई औद्योगिक गतिविधि के रूप में जोड़ा गया है। इसमें फोटोवोल्टिक सेल की परतें तैयार करने, उन्हें जोड़ने, टफेंड ग्लास, लेमिनेशन, फ्रेम तथा जंक्शन बॉक्स के माध्यम से उपयोग योग्य मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया को शामिल किया गया है। सरकार के इस निर्णय से राज्य में हरित ऊर्जा निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:59:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title> मेहनत दो स्तर के लिए, प्रोत्साहन एक पर भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[खिलाड़ियों का आरोप 7 साल बाद भी सिर्फ एक ही स्तर की दे रहे राशि। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hard-work-for-two-levels--no-incentive-even-at-one-level/article-94408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy33.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक खिलाड़ी अपने देश प्रदेश के लिए पदक जीतने में पूरी जान लगा देता है। हर उस स्तर तक पहुंच जाता है जहां वो देश प्रदेश का नाम रोशन कर सके। लेकिन जब प्रदेश की सरकारें ही उसके साथ छल करें तो उसका मनोबल टूटकर बिखर जाता है। यही स्थिति कोटा के सैंकडों खिलाड़ियों की है जहां उन्हें 2017 से किसी तरह की प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है। हर बार केवल फार्म भरने की औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। जिसके बाद किसी प्रकार का भुगतान नहीं होता। वहीं खिलाड़ियों का आरोप है कि परिषद उन्हें केवल एक ही स्तर की प्रतियोगिता की प्रोत्साहन राशि दे रहा है।</p>
<p><strong>साल 2017 से राज्य और 2019 से राष्ट्रीय की राशि बाकी: </strong>सरकार की ओर से हर साल खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जो उनकी आर्थिक तौर पर सहायता करती है जिससे वो खेल के सामान, जिम और फिटनेस पर खर्च कर सकें। लेकिन कोटा के करीब 250 खिलाड़ियों समेत प्रदेश के हजारों खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि साल 2017 से अटकी हुई है। जिसके लिए केवल फार्म भरा लिए जाते हैं और हर बार प्रक्रिया में होने का बहाना बना देते हैं। जबकि नियमों के मुताबिक खिलाड़ियों को यह राशि प्रतियोगिता के तीन महीने बाद मिल जानी चाहिए। </p>
<p><strong>इन खिलाड़ियों की इतनी बाकी है राशि</strong><br />प्रियांशी गौतम के 4 लाख, दिव्यांशी के 7 लाख, खुशी गुर्जर के 3 लाख, यशिता कुमावत के 3.5 लाख, सौरभ गुर्जर के 4 लाख, हेमन्त गुर्जर के 4.5, नव्या शर्मा के 2.5, अरुंधती चौधरी के 17 लाख, तितिक्षा कि 2.5 लाख, सचिन गुर्जर के 1.5 लाख, निशा पालीवाल के 3 लाख, निशा गुर्जर 4 लाख, ईशा गुर्जर के 3.5, यश चौधरी के 2.5 लाख, नीलम कुमावत 4 लाख, कोमल कुमावत के 5.25 लाख, तौसीफ हसन के 5 लाख, अंजलि शर्मा के 3 लाख, अदितीय भारती के 1 लाख, ऋषि खंडाल के 2 लाख, अमित खंडाल के 3 लाख,  त्रिलोक के 1 लाख, पुरोहित के 1 लाख, शौरभ सिंह के 1.5 लाख, खुशी सिंह के 1 लाख तथा रुपल कुमावत के 50 हजार रूपए बाकि हैं। </p>
<p><strong>खिलाड़ियों का आरोप एक ही स्तर की दे रहे प्रोत्साहन राशि</strong><br />क्रीड़ा परिषद की ओर से पहले ही खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि देने में 7 साल की देरी की जा चुकी है। वहीं इसके बाद अब क्रीड़ा परिषद की ओर से जारी सूची में केवल एक ही स्तर की प्रतियोगिता की प्रोत्साहन राशि जारी की जा रही है। खिलाड़ियों ने बताया कि क्रीड़ा परिषद की ओर से मिली जानकारी के अनुसार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगितओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को को केवल एक स्तर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यानि ऐसे खिलाड़ियों को केवल राष्ट्रीय स्तर की ही प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />खिलाड़ियों के लिए एक बैच की प्रोत्साहन राशि जारी कर दी गई है। करीब 1200 खिलाड़ियों को और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक ही स्तर ही प्रोत्साहन राशि देने की बात गलत है खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के अनुसार वेरीफाई करने के बाद ही प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अगर ऐसा है तो उसे ठीक कराएंगे।<br /><strong>- डॉ. नीरज के पवन, चैयरमेन, राजस्थान क्रीड़ा परिषद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 14:14:38 +0530</pubDate>
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