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                <title>international conference - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>international conference RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आईएमएसओएस 2026 - बीएमकॉन में बोन कैंसर की नवीनतम उपचार पद्धती पर होगी चर्चा: देश -विदेश  से 450 से अधिक विशेषज्ञ बोन कैंसर जांच एवं उपचार की पद्धतियों, चुनौतियों पर करेंगे विचार-विमर्श</title>
                                    <description><![CDATA[भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के तत्वावधान में 6 मार्च से तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू होगा। इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के 450 विशेषज्ञ हड्डी एवं सॉफ्ट टिश्यू कैंसर के नवीनतम उपचार और सर्जिकल तकनीकों पर मंथन करेंगे। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह 7 मार्च को इस साझा मंच का उद्घाटन करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/latest-treatment-methods-for-bone-cancer-will-be-discussed-at/article-145393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bone-cancer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर एवं इंडियन मस्क्यूलोस्केलेटल ऑन्कोलॉजी सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आईएमएसओएस 2026 - बीएमकॉन का आयोजन किया जाएगा। आरआईसी में आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस की शुरुआत 6 मार्च को वर्कशॉप के साथ होगी। मुख्य कॉन्फ्रेंस 7 मार्च से शुरू होगी। कॉन्फ्रेंस में देश -विदेश के 450 से अधिक बोन कैंसर विशेषज्ञ भाग ले रहे है।</p>
<p>कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन समारोह, 7 मार्च को आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, साउथ वेस्टर्न कमांड होंगे।</p>
<p>कॉन्फ्रेंस में ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों, सर्जन्स, ऑन्कोलॉजिस्ट्स एवं शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां हड्डी एवं सॉफ्ट टिश्यू कैंसर के नवीनतम उपचार, अनुसंधान, सर्जिकल तकनीकों एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चैयरमैन डॉ प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बोन कैंसर के उपचार से संबंधित देश -विदेश में कई तरह के अनुसंधान चल रहे हैं। इसके साथ ही कई तरह की नवीनतम उपचार पद्धतियों का उपयोग भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल तथा देश विदेश के चुनिन्दा सेंटर्स पर किया जा रहा है। इन अनुसंधान, पद्धतियों और चुनौतियों पर चर्चा के लिए आईएमएसओएस 2026 बीएमकॉन का आयोजन किया जा रहा हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 17:41:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस इंडिया वॉल्व्स-2025 में एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी : 40% मरीजों में होता परमानेंट हार्ट इंजरी होने का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कॉन्फ्रेंस के कोर्स डायरेक्टर डॉ. रविन्द्र सिंह राव ने बताया कि स्ट्रक्चरल हार्ट से जुड़ी बीमारियों के इलाज में दुनियाभर में इस्तेमाल की जा रही नवीनतम तकनीकों और रिसर्च को साझा करने के लिए 1200 से अधिक विशेषज्ञ इस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/experts-gave-information-in-40-patients-in-three-day-international-conference/article-126603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/3210.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल के वॉल्व की बीमारी हर मरीज में तुरंत खतरा नहीं बनाती, लेकिन अगर समय पर पहचान और इलाज न हो तो यह दिल पर स्थाई चोट छोड़ सकती है। एऑर्टिक स्टेनोसिस यानी वॉल्व के ठीक से न खुलने की स्थिति में इलाज में देरी होने पर करीब 30 से 40 प्रतिशत मरीजों में हार्ट मसल्स स्थाई रूप से कमजोर हो जाती हैं। इसी तरह मिट्रल रिगर्जिटेशन, जिसमें वॉल्व से खून वापस लीक होता है, लंबे समय तक अनदेखी करने पर लगभग 25 से 30 प्रतिशत मरीजों में दिल का आकार बड़ा होकर हार्ट फेल्योर का कारण बनता है। शहर में गुरुवार से शुरू हुई तीन दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस इंडिया वॉल्व-2025 में एक्सपर्ट्स ने कुछ ऐसी ही जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस के कोर्स डायरेक्टर डॉ. रविन्द्र सिंह राव ने बताया कि स्ट्रक्चरल हार्ट से जुड़ी बीमारियों के इलाज में दुनियाभर में इस्तेमाल की जा रही नवीनतम तकनीकों और रिसर्च को साझा करने के लिए 1200 से अधिक विशेषज्ञ इस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए हैं। </p>
<p><strong>सही समय पर इलाज बेहद जरूरी</strong><br />डॉ. रविन्द्र राव ने बताया कि एओर्टिक स्टेनोसिस से जूझ रहे मरीजों में दवाएं कम काम करती हैं। अगर बीमारी का इलाज दवाओं से ही जारी रहता है तो बीमारी होने के पहले वर्ष में जीवित रहने की संभावना 50 प्रतिशत और दूसरे वर्ष में सिर्फ 20 प्रतिशत ही रह जाती है। मरीज इन संकेतों को सामान्य कमजोरी या थकान समझकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि यही स्थिति धीरे-धीरे स्थाई नुकसान में बदल जाती है। देर से डायग्नोसिस या इलाज में देरी होने पर मरीज को हार्ट फेल्योर, पल्मोनरी हाइपरटेंशन और अचानक हार्ट अरेस्ट का खतरा भी बढ़ सकता है। </p>
<p><strong>नई दवा से कम होगा कोलेस्ट्रॉल, एक डोज 6 महीने तक चलेगी</strong><br />दिल्ली के पद्मश्री हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण चंद्रा ने बताया कि दिल की बीमारियों में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल लेवल प्रमुख कारणों में से एक होता है। अब इसे नई दवा के जरिए जल्दी कम किया जा सकता है। इसके लिए अब इंक्लीसिरान नाम की नई दवा आई है जिसे इंजेक्शन के रूप में लिया जा सकता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने की गंभीर समस्या से निजात पाया जा सकता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 12:08:47 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस, फ्रांस के प्रोफेसर ने भौतिक विज्ञान पर दी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-conference-organized-by-the-department-of-physics-rajasthan-university/article-95658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/2557rtrer1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भौतिक विज्ञान के गुना एवं तापीय ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर विस्तार से मंथन किया गया। इस कांफ्रेंस में फ्रांस के प्रोफेसर बेनाड़े और प्रोफेसर लिंडे ने भौतिक विज्ञान के आयाम के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में सौर ऊर्जा ही विश्व का सुनहरा भविष्य होगा। भौतिक विज्ञान विभाग के हेड प्रोफेसर मंगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में 300 से अधिक देश और विदेश के विशेषज्ञ और शोधार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Nov 2024 13:23:29 +0530</pubDate>
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