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                <title>lakhimpur - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लखीमपुर हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अन्य अभियुक्तों के मोबाइल फोन जब्त नहीं किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई</title>
                                    <description><![CDATA[लखीमपुर हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिर लगाई उप्र सरकार को फटकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-2189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sc.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को एक बार फिर फटकार लगाते हुए कहा कि वह उसकी अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं है तथा आरोप पत्र दाखिल होने तक उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायधीश की देखरेख में जांच करवाना चाहता है। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार की एसआईटी जांच को 'ढीला ढाला बताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मुख्य को अभियुक्त बचाने की कोशिश की जा रही है।<br /> <br /> शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कई सवाल खड़े किए और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की जांच अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इस मामले में मामले सरकार की ओर से प्रस्तुत की गई प्रगति स्टेटस रिपोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज करने की जानकारी के अलावा कुछ भी नया नहीं है। खंडपीठ ने पूछा कि मुख्य अभियुक्त आशीष के अलावा अन्य अभियुक्तों के मोबाइल फोन क्यों जब्त नहीं किए गए। उन्होंने अन्य अभियुक्तों के मोबाइल फोन जब्त नहीं किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई।<br /> <br /> उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायालय को बताया कि इस मामले सबूतों से संबंधित लैब की रिपोर्ट 15 नवंबर तक आएगी। इस पर अदालत ने कहा कि 10 दिन का समय दिया गया था। इस दौरान कुछ नहीं किया गया। सरकार ने कहा कि लैब के कामकाज पर उसका नियंत्रण नहीं है। सरकार के जांच से असंतुष्ट खंडपीठ ने कहा कि वह इस मामले की जांच पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजीत ङ्क्षसह से कराना चाहती है। इस पर श्री साल्वे ने कहा कि वह इस बारे में शुक्रवार को अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष रखेंगे।<br /> <br /> उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को किसानों के प्रदर्शन के दौरान तीन आंदोलनकारियों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारी चार किसानों को कार से कुचलकर मारने के आरोप हैं यह आरोप केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा समेत अन्य लोगों पर है। आशीष को मुख्य आरोपी बताया गया है<br /> <br /> गत 26 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान पीठ ने मामले की जांच में ढीले रवैया पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ  सरकार को फटकार लगाई थी। न्यायालय ने गवाहों की सुरक्षा का आदेश देते हुए सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने में तेजी लाने का आदेश दिया था।पीठ ने सुनवाई के दौरान इस घटना को 'जघन्य हत्या' करार दिया था तथा सरकार को गंभीरता से मामले की जांच के आदेश दिये थे।<br /> <br /> पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने पीठ को बताया कि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है। सरकार की ओर से कहा गया था कि 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज की जा चुकी है।  शीर्ष न्यायालय ने गवाहों की कम संख्या कम बताते हुए कड़ी टिप्पणियां की थीं और कहा था कि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुई घटना में सिर्फ 68 गवाह हैं। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था, जिसे दो वकीलों के पत्रों के आधार पर जनहित याचिका में तब्दील कर दिया गया था। वकीलों की ओर से इस मामले की न्यायिक जांच और सीबीआई जांच की मांग की गई है।<br /> <br /> गौरतलब है कि कई किसान संगठन केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 40 से अधिक किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले राजधानी दिल्ली की सीमाओं के अलावा देश के अन्य हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं ।<br /> <br /> किसान संगठनए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों- कृषक उपज व्यापार (वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण) कानून-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार कानून-2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून-2020 का विरोध कर रहे हैं। किसानों के विरोध के मद्देनजर शीर्ष अदालत ने जनवरी में इन कानूनों के लागू किए जाने पर रोक लगा दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 16:23:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी हत्याकांड : UP सरकार के ढीले रवैये पर SC नाराज : गवाहों को सुरक्षा, जांच में तेजी लाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की अगली  सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1---up-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A2%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-sc-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C---%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE--%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-1894"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sc3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के ढीले रवैये पर मंगलवार को एक बार फिर कई सवाल खड़े किये और गवाहों को समुचित सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ  जांच में तेजी लाने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कराने में तेजी लाने का आदेश सरकार को दिया। <br /> <br /> शीर्ष अदालत ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए यदि न्यायिक अधिकारी संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है तो जिला न्यायाधीश नजदीकी इलाके के अन्य मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने  की व्यवस्था कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश देते हैं कि वह गवाहों के लिए समुचित सुरक्षा की व्यवस्था करें, हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सुरक्षा दी जा रही है।<br /> <br /> उच्चतम न्यायालय में इसी सुनवाई के दौरान घटना में मारे गए श्याम सुंदर की विधवा  रूबी देवी की ओर से पेश वकील अरुण भारद्वाज ने इंसाफ देने की गुहार लगाई । उन्होंने कहा कि उन्हें धमकियां दी जा रही है हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं।</p>
<p><br /> उल्लेखनिय है कि श्याम पर किसानों को कुचलने के आरोप हैं। घटना के बाद हुई हिंसा में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मारे गए पत्रकार के परिजनों की ओर से भी न्याय की मांग की गई। इस पर न्यायाधीश ने इस मामले में अलग से स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश सरकार को दिया दिया।</p>
<p><br /> मामले की अगली  सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में आज प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश किया।  सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पीठ को बताया कि कुल 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं। इनमें 23 चश्मदीद गवाह हैं। मुख्य न्यायाधीश ने सिर्फ 23 चश्मदीद की जानकारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि हजारों की भीड़ में सिर्फ 23 चश्मीदीद गवाह है।<br /> <br /> उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 03 अक्टूबर  को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के एक कार्यक्रम के दौरान चार किसानों की कार से कुचलकर मृत्यु हो गई थी। और इसके बाद भड़की ङ्क्षहसा में चार अन्य लोग मारे गए थे। उनमें कार ड्राइवर भी शामिल है। घटना में भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की भी मृत्यु हो गई थी। मरने वालों में श्याम सुंदर और एक पत्रकार  भी शामिल हैं। किसानों को कार से कुचलने के मामले में आरोपियों में शामिल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के  पुत्र  समेत कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 14:20:18 +0530</pubDate>
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                <title>अंततः उत्तरप्रदेश सरकार को देशभर से उठ रही आवाज़ को सुनना पड़ा: CM गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र सरकार को मामले में हस्तक्षेप कर सुनिश्चित करना चाहिये कि दोषी गिरफ्तार हों और पीड़ितों को न्याय मिले-गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%A4%E0%A4%83-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%A0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BC-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE--cm-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4/article-1475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल, प्रियंका और कांग्रेस पार्टी द्वारा लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के खिलाफ़ संघर्ष और बीजेपी सरकार की तानाशाही पूरा देश देख रहा है। अंततः उत्तरप्रदेश सरकार को देशभर से उठ रही आवाज़ को सुनना पड़ा और प्रियंका  को 52 घंटे की गैरकानूनी हिरासत से रिहा किया गया है। गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि राहुल, प्रियंका और कांग्रेस नेता लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में मारे गए किसानों के शोक संतप्त परिजनों से मिलने, उन्हें ढांढस बंधाने के लिए वहां जा रहे हैं। अभी तक किसी भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं करना आश्चर्यजनक है, केन्द्र सरकार को मामले में हस्तक्षेप कर सुनिश्चित करना चाहिये कि दोषी गिरफ्तार हों और पीड़ितों को न्याय मिले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 16:28:37 +0530</pubDate>
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                <title>लखीमपुर कांड</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी त्रासदी में दोनों पक्षों के चार-चार लोगों की जानें गई हैं, लेकिन यह घटना स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र की छवि को भारी क्षति पहुंचाने वाली कही जा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/615d564861ef7/article-1463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/lakhimpur.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तर प्रदेश </strong>के लखीमपुर खीरी त्रासदी में दोनों पक्षों के चार-चार लोगों की जानें गई हैं, लेकिन यह घटना स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र की छवि को भारी क्षति पहुंचाने वाली कही जा सकती है। कैसे कोई किसानों को वाहनों से कुचलने का दुस्साहस कर सकता है। इस हादसे में चार किसानों की मौत हो गई तो गुस्साए किसानों के हमले में चार भाजपा के लोगों की भी जान चली गई और दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। किसान तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले दस माह से आंदोलन कर रहे हैं और उन्होंने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं के रास्तों को अवरुद्ध कर रखा है। जिन वाहनों से किसानों को कुचला गया वे केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के वाहन काफिले का हिस्सा थे। तीन वाहनों के काफिले में से एक में अजय मिश्रा भी सवार थे और वाहन को उनके पुत्र आशीष मिश्रा चला रहे थे। गृह राज्यमंत्री मिश्रा पहले भी कई बार आंदोलनरत किसानों के खिलाफ बयान दे चुके हैं। मिश्रा ही नहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने भी हाल ही में किसानों के खिलाफ विवादित व आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। ऐसे बयानों से भाजपा कार्यकर्ताओं का दुस्साहस भी बढ़ता है। गृह राज्यमंत्री मिश्रा पुश्तैनी गांव के एक समारोह में भाग लेकर लौट रहे थे तो मुख्य मार्ग पर किसान रास्ता रोक कर काले झण्डे दिखाना चाहते थे, लेकिन आवेश में आकर वाहन चालकों ने किसानों पर वाहन चढ़ाकर निकलना चाहते थे, लेकिन इस दौरान किसानों ने पकड़ में आए वाहनों पर हमला बोल दिया। सवाल है कि यदि यह मामला देश के गृह राज्यमंत्री से संबंधित है तो उनके सामने ही यह दर्दनाक घटना कैसे हो गई? उन्हें कानून-कायदों का ध्यान रखना चाहिए था और कानून की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए था। फिर योगी सरकार ने लखीमपुर खीरी जाने से विपक्षी नेताओं को रोका और हिरासत में लिया, जो कानून सम्मत नहीं माना जा सकता। विपक्षी नेताओं को घटना की सत्यता व पीड़ितों से मिलने का पूर्ण अधिकार है। बहरहाल, किसान नेता राकेश टिकैत व प्रशासन के बीच समझौता हो गया है। घटना की न्यायिक जांच होगी। आशीष मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। लेकिन लखीमपुर की घटना से योगी सरकार सवालों के घेरे में आ गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 16:04:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>लखीमपुर मामले में मुआवजे की रकम के प्रचार को लेकर कांग्रेस को एतराज</title>
                                    <description><![CDATA[लखीमपुर में जख्मों पर नमक छिड़क रही है भाजपा सरकार : कांग्रेस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%8F%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C/article-1446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/congress-pc.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  कांग्रेस के विरष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि लखीमपुर की घटना किसी दलगत राजनीति के दायरे में नहीं है बल्कि यह देश के मूल्यों से जुड़ा सवाल है। इस मामले में मुआवजे की रकम को लेकर प्रचार को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी की जान का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र तथा उत्तर प्रदेश की सरकार लखीमपुर की घटना को लेकर घाव पर मरहम लगाने की बजाय जख्मों पर नमक छिडक रही है और उसे बताना चाहिए कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई किस वजह से नहीं की जा रही है।</p>
<p><br /> उन्होंने पीडित परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उत्तर प्रदेश तथा केंद्र सरकार लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर असंवेदनशीलता के साथ पेश आ रही है। राजनीतिक दलों के लोगों को पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मिलने नहीं दिया जा रहा है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार से भर गयी है और वह अंग्रेजों की तरह व्यवहार कर रही है।</p>
<p><br /> कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने जिस तरह का बयान दिया है उसके कारण तनाव का माहौल पैदा हुआ है। उनका बयान सत्ता के घमंड का प्रतीक है जिसने देश के संविधान में प्रदद अधिकारों की धज्जियां उडाई है। उन्होंने सवाल किया कि कैसे देश के नागरिकों को गाडी से कुचला जा सकता है और क्या मारे गये किसी व्यक्ति की जान का मुआवजा दिया जा सकता है।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 18:47:54 +0530</pubDate>
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                <title>लखीमपुर पर कांग्रेस का हल्ला-बोल : मोदी- योगी सरकार की हरकतों को देखकर देशवासियों का अब भ्रम टूट गया-गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रियंका रिहा नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा- डोटासरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/615c0c9aae753/article-1433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ashok-gehlot2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। यूपी के लखीमपुर खीरी में उपद्रव घटना और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोदी और योगी सरकार को आड़े हाथ लिया। गहलोत ने कहा कि देश में मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की हरकतों से देश की जनता का वह भ्रम टूट गया है जो कुछ साल पहले बना था। यूपी सीएम योगी भी मोदी के दूसरे रूप की तरह काम कर रहे है।</p>
<p><br /> लखीमपुर खीरी घटना के विरोध में कांग्रेस के कलेक्ट्रेट से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक पैदल मार्च के बाद पीसीसी पर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लखीमपुर खीरी घटना पर जमकर विरोध जाहिर करते हुए कांग्रेस के किसानों के साथ खड़े होने का दावा किया। सभा मे मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, रघु शर्मा सहित कई मंत्रीज़ कांग्रेस विधायक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर गहलोत ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोदी की तर्ज पर ही डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। जनता कब अपना करवट बदलेगी, यह मोदी को पता भी नहीं चलेगा। 2024 के चुनाव में जनता और किसान अपने मन की बात बैठकर मोदी को सबक सिखा देंगे।</p>
<p><br /> <strong>सर्वे कराए तो 2024 की हकीकत पता लग जाए:</strong><br />  गहलोत ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना ने तो हद ही कर दी है। इतने किसान मारे गए हैं। वहां प्रियंका गांधी ने जो वीडियो जारी किया है वह पक्का सबूत है कि किस तरह से इन किसानों को गाड़ी से कुचला गया इससे बड़ा सबूत और क्या चाहिए यह भयावह स्थिति है। देश का लोकतंत्र समाजवाद खतरे में है। अब कांग्रेसियों को मजबूती से खड़ा होना पड़ेगा। आम जनता को भी अब इसके खिलाफ आगे आना होगा। पीएम नरेंद्र मोदी लच्छेदार भाषणों से लोगों को गुमराह करते हैं। उन्हें गांवों और शहरों में सर्वे करवाना चाहिए, ताकि उन्हें 2024 चुनाव से पहले हकीकत का पता चल सके कि उनकी कथनी और करनी में कितना अंतर है। आज देश में कोई सुरक्षित महसूस नहीं महसूस कर रहे हैं।</p>
<p><br /> <strong>लोग समझ चुके की आने वाला वक्त कैसा होगा:</strong><br />  गहलोत ने कहा कि किसान 10 महीने से आंदोलन कर रहे है। यूपी, हरियाणा में लाठीचार्ज करते है, सरकार को परवाह नही है। तीनो कृषि क़ानूनो कर खिलाफ हमारी विधानसभा में पारित प्रस्ताव को राज्यपाल मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास नहीं भेज रहे हैं। बीजेपी वाले संविधान की शपथ लेकर उसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं । सोचना होगा कि देश के किस दिशा में जा रहा है। आरएसएस और बीजेपी में सरकारी एजेंसियों को दबाव में रखा हुआ है। सीबीआई का जमकर दुरुपयोग हो रहा है, जहां पर चुनाव हो रहे हैं वहां पर विपक्षी नेताओं के ठिकानों पर छापे डाले जाते हैं। लोग समझ चुके हैं कि आने वाला वक्त अब कैसा होगा।<br /> <br /> <strong>प्रियंका रिहा नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा- डोटासरा</strong><br /> प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब तक प्रियंका गांधी को बाइज्जत रिहा नहीं किया जाता और किसानों से योगी और मोदी सरकार माफी नहीं मांग लेती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम ये लड़ाई लड़ेंगे,मगर टूटेंगे नही। प्रियंका गांधी के साथ धक्का मुक्की की गई, उन्हें अवैध हिरासत में रखा गया है । दीपेंद्र हुड्डा को वही धक्का मारा गया । ऐसा शासन हिटलर के दौर में भी नही था। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान के साथ अत्याचार, अन्याय हुवा है। जो वादे एनडीए बनने से पहले मोदीजी ने किए, वह झुठला दिए गए। किसानों के तीन काले कानून लाये, जिन्हें खुद किसान ने कभी नही चाहा। 10 महीने से वे वापस लेने के लिए केंद्र से आग्रह कर रहे है, पर सरकार उनकी बात नही सुन रही है। केंद्रीय मंत्री के शहजादे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ाई है। यह जघन्य अपराध है, लेकिन मोदी और योगी दोनों चुप है। आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकवादी तो कहते हैं लेकिन जो किसान को चले गए हैं उनके लिए दो शब्द तक इनके मुंह से नहीं निकलते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 14:31:24 +0530</pubDate>
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