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                <title>sanatan culture - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डॉ. डेविड फ्रॉले ने की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात, आयुर्वेद व सनातन संस्कृति पर हुई चर्चा, बोलें-राजनीति का शुद्धिकरण कर रहे सीएम </title>
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                        <![CDATA[अमेरिकी वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रॉले ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने सीएम योगी के नेतृत्व को विश्व के लिए वरदान बताते हुए कहा कि वे 'राजनीति का शुद्धिकरण' कर रहे हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dr-david-frawley-met-cm-yogi-adityanath-discussed-ayurveda-and/article-143917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। अमेरिका के प्रख्यात वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रॉले ने राजधानी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और योग, आयुर्वेद व सनातन संस्कृति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के बहुआयामी व्यक्तित्व के प्रशंसक डॉ. फ्रॉले ने कहा कि योगी आदित्यनाथ राजनीति का शुद्धिकरण कर रहे हैं। उन्होंने नाथ परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे वैश्विक कल्याण की नई राह प्रशस्त हो रही है। अमेरिकी विद्वान ने योगी सरकार द्वारा अयोध्या का पुरातन गौरव लौटाने की सराहना की और कहा कि अयोध्या का कायाकल्प वेदों की ओर लौटने का मार्ग है।</p>
<p>डॉ. फ्रॉले ने कहा, योगी आदित्यनाथ के साथ समय बिताना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और सौभाग्य की बात रही। गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी उस नाथ परंपरा से जुड़े हुए हैं, जो प्राचीन योग संस्कृति से जुड़ी है और इसे भारत में जीवंत बनाए हुए है। वे इन परंपराओं को न केवल संरक्षित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर विस्तार भी दे रहे हैं। साथ ही वे शरीर, मन, समाज के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ राजनीति का शुद्धिकरण भी कर रहे हैं। भारत की वे सभी परंपराएं, जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रासंगिक हैं, योगी आदित्यनाथ के माध्यम से नई ऊर्जा प्राप्त कर रही हैं।</p>
<p>सीएम योगी से मिलकर प्रफुल्लित डॉ. डेविड फ्रॉले ने नई अयोध्या की प्रशंसा करते हुए कहा कि अयोध्या का कायाकल्प अत्यंत प्रसन्नता की बात है। प्रभु श्रीराम का दर्शन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत सुखद अनुभव देता है। भगवान राम भारत की आत्मा के प्रतीक हैं। वे हमें सूर्यवंश से जोड़ते हैं और समस्त धार्मिक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोते हैं। आज विश्व धीरे-धीरे अपनी आध्यात्मिक चेतना खोता जा रहा है। ऐसे में वेद, योग, आयुर्वेद और अन्य भारतीय परंपराओं तक, सबका नवोन्मेष और पुनर्जीवन मौजूदा परिवेश में अत्यंत आवश्यक है। ऐसे समय में योगी जी जैसा नेतृत्व मिलना भारत ही नहीं, पूरे विश्व के लिए वरदान है।</p>
<p>डॉ. फ्रॉले ने कहा, सीएम योगी जी में तेज है, क्योंकि वे आदित्य हैं, सूर्य तत्व से जुड़े हैं। आत्मविद्या के लिए हम आदित्य की ओर देखते हैं और सूर्य ही योग का आधार है। योगी जी के साथ कुछ क्षण बिताना भी जीवनभर के लिए यादगार पल है। विसकॉन्सिन में एक कैथोलिक परिवार में जन्मे डॉ. डेविड फ्रॉले की गिनती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुत्व के प्रमुख विचारकों में होती है। उन्होंने करीब एक दशक तक आयुर्वेद का भी अध्ययन किया है। उन्होंने वेद, हिंदू धर्म, योग, आयुर्वेद व ज्योतिष शास्त्र पर कई पुस्तकें लिखी हैं। वर्ष 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया। उसी वर्ष मुंबई में साउथ इंडियन एजुकेशन सोसायटी ने भी आयुर्वेद, योग व वैदिक ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में डॉ. फ्रॉले के उल्लेखनीय योगदान को देखते उन्हें नेशनल एमिनेंस अवार्ड से सम्मानित किया था।</p>]]>
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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:26:02 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>बाराबंकी में भड़के सीएम योगी, बोलें-कयामत तक नहीं बनेगी बाबरी मस्जिद, हम जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं...</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में कड़े शब्दों में कहा, रामलला का मंदिर वहीं बना है तथा वहीं स्थायी रहेगा और बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कयामत तक नहीं होगा। इसके आगे सीएम योगी ने कहा कि देश में रहना]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-yogi-enraged-in-barabanki-says-babri-masjid-will-not/article-142654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/cmyogi_634a88a881c95.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में कड़े शब्दों में कहा, रामलला का मंदिर वहीं बना है तथा वहीं स्थायी रहेगा और बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कयामत तक नहीं होगा। इसके आगे सीएम योगी ने कहा कि देश में रहना है तो कानून का पालन करना होगा नहीं तो कुछ भी हो सकता है, क्योंकि कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। योगी ने स्पष्ट किया कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी ने साल 2017 से पहले और अब की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में बार-बार कर्फ्यू लगता था और पर्व-त्योहार शांति से नहीं मनाए जा सकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हमारी सरकार में सबकुछ बदल चुका है। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि करोड़ों लोगों को पेंशन, मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड का लाभ मिल रहा है।</p>
<p>सीएम योगी आदित्यनाथ टिकैतनगर में आयोजित दशम श्री हनुमत विराट महायज्ञ में शामिल हुए, जहां उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को सजग रहने का संदेश दिया।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:44:40 +0530</pubDate>
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                <title>काशी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर कांग्रेस ने बोला सरकार पर हमला, लगाएं गंभीर आरोप</title>
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                        <![CDATA[वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास के दौरान प्राचीन मूर्तियों को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-said-to-attack-the-government-and-make-serious-allegations/article-139843"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kashi.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।   </p>
<p>कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि पुनर्विकास के दौरान आस्था से जुड़ी मूर्तियों और धार्मिक स्थलों को लगातार क्षति पहुंचाई जा रही है। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा, यह विकास नहीं, बल्कि वाराणसी में सुनियोजित रूप से आस्था, इतिहास और संस्कृति का विनाश किया जा रहा है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन आस्थावानों की जीवित संस्कृति है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज उसी काशी में विकास के नाम पर सुनियोजित तरीके से विनाश किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर जो कुछ हुआ, सबने देखा है। अब मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो काशी की आत्मा पर सीधा प्रहार है। यह कैसा विकास है, जिसमें मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और जनता की आस्था को रौंदा जा रहा है? क्या वाराणसी की पहचान केवल कॉरिडोर और पत्थरों तक सीमित कर दी जाएगी, या उसकी आत्मा, संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी बचाया जाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 18:30:59 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>वासुदेव देवनानी की पुस्तक ‘सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि’ का उपराष्ट्रपति ने किया विमोचन</title>
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                        <![CDATA[उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वासुदेव देवनानी द्वारा लिखित पुस्तक 'सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि' का विमोचन किया। यह पुस्तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रवादी विचारों और सनातन मूल्यों पर आधारित है। गडकरी ने वाजपेयी के समावेशी दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/vice-president-releases-vasudev-devnanis-book-sanatan-sanskriti-ki-atal/article-136993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/vasudev-nani.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्य की विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पुस्तक सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि का विमोचन मंगलवार को यहां नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की अध्यक्षता एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुख्य अतिथ्य में संपन्न हुआ। इस असवर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में आधारभूत संरचना एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षेत्र में जो नींव रखी गई। वही आज विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। </p>
<p>पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह निर्णय अटल जी के दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्रहित के प्रति उनकी अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उन्होंने पुस्तक को अटल जी के विचारों और राष्ट्रवादी दृष्टि का प्रेरणादायी दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि जैसी पुस्तक का लोकार्पण करना उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और विचारों पर आधारित यह पुस्तक ऐसे समय में आई है। जब देश उनकी जन्म शताब्दी मनाने जा रहा है।</p>
<p><strong>भारतीय संस्कृति कभी संकीर्ण नहीं रही</strong></p>
<p>वहीं नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल भाव सर्वधर्म समभाव और मानव कल्याण है। गडकरी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने जीवन और आचरण से यह सिद्ध किया कि भारतीय संस्कृति कभी संकीर्ण नहीं रही। बल्कि न्याय, समता और सभी के प्रति सम्मान की पक्षधर रही है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह पुस्तक अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और कृतित्व को सनातन संस्कृति के मूल्यों के आलोक में समझने का एक विनम्र प्रयास है। </p>
<p>साथ ही पुस्तक लिखने का यह उनका पहला प्रयास है। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, वरिष्ठ भाजपा नेता वीण् सतीशए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष मिलिंद मराठे, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा एवं राकेश सिन्हा, उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे, वरिष्ठ पत्रकार तरूण विजय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।  </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 11:44:48 +0530</pubDate>
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                <title>ज्योतिषि बने भारतीय सनातन संस्कृति के वाहक-देवनानी</title>
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                        <![CDATA[राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ज्योतिषियों का आह्वान किया है कि वे भारतीय सनातन संस्कृति के वाहक बनना चाहिए]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ज्योतिषियों का आह्वान किया है कि वे भारतीय सनातन संस्कृति के वाहक बनना चाहिए। देवनानी गुरुवार को यहां सर्वशक्तिमान अन्तरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। देवनानी ने स्वस्ति वाचन के गुंजायमान के साथ दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया। सम्मेलन में अन्तरराष्ट्रीय स्तर के ज्योतिष विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिष विद्या भारत में ही उत्पन्न हुई और यहीं से सम्पूर्ण विश्व में इस विद्या का प्रचार- प्रसार हुआ है। यह विद्या अपने आप में शुद्ध गणित है। इसके अध्ययन के लिए अन्य देशी के लोग भारतीय विद्ववानों से सम्पर्क करते है। यह भारत के लिए गौरव है। </p>
<p>देवनानी ने गृह नक्षत्रों की चाल से सटिक भविष्यवाणी करने वाले ज्योतिषों को वंदन करते हुए कहा कि भारत में विकसित हुई गृह नक्षत्रों की गणना पद्धति से ब्राह्माण्ड की रीति-नीति के साथ पंचांग की रचना विशेषज्ञों द्वारा की जाती है। भारत के शून्य के अविष्कारक आर्यभट्ट जैसे विद्वान के द्वारा आर्यभट्टीयम के माध्यम से गणना सिखाई तो प्रख्यात खगोलविद वराहमिहिर ने अपनी कृति'सिद्धान्तपंचिका के माध्यम से कालगणना की विधि लोगों को सिखाई थी। उन्होंने कहा कि इनके अलावा ब्रह्मगुप्त की कृति'ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त, अल्स का शिष्यधीवृद्धदि, श्रीपति का सिद्धान्तशेखर, भास्कराचार्य का सिद्धान्तशिरोमणि, गणेश का ग्रहलाघव तथा कमलाकर भट्ट का सिद्धान्त-तत्व-विवेक भारतीय ज्योतिष एवं गणित की असाधरण कृतियां है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं से वास्तु के वैज्ञानिक स्वरूप और योग के साथ जीवनशैली का भारतीय सनातन परम्परा के अनुसार लोगों को बताये। उन्होंने कहा कि गीता के कर्म के सिद्धान्त को लोगों को सदैव याद रखना होगा। उन्होंने कहा कि ज्योतिषि कुण्डली, हस्तरेखा और कर्म की त्रिवेणी का संगम बने और अनुयाइयों को जीवन में कर्म की प्रधानता से सफलता का मार्ग समझायें। देवनानी ने कहा कि छोटी काशी में हो रहे सम्मेलन के सार्थक परिणामों का लाभ सम्पूर्ण मानव जाति को मिले इसके लिए सभी मिल-जुलकर प्रयास करें। समारोह में ज्योतिष के जाने माने विशेषज्ञ सतीश शर्मा, अजय भाम्बी, के.ए.दुबे, पुरुषोत्तम  गौड और सुरेश मिश्रा मौजूद थे। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Nov 2024 16:06:02 +0530</pubDate>
                
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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