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                <title>यह तो सरासर लापरवाही है, 5 दिनों से टूटी पड़ी नहर की दीवार             </title>
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                        <![CDATA[प्रशासनिक स्तर की लापरवाही के मुद्दे पर स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-is-sheer-negligence%E2%80%94the-canal-wall-has-been-broken-for-five-days/article-146497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । सरकारी तंत्र के हाकमों को आम जनता की जान की कितनी फिक्र होती है, इसका ताजा उदाहरण नान्ता रोड़ पर नहर की टूटी दीवारों को देखने से मिल जायेगा। दरअसल सोमवार रात को चम्बल की बायीं मुख्य नहर की दीवार गिरने से सड़क का रास्ता पुरी तरह जानलेवा हो गया था। मामले में प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही व संवेदनहीनता सामने आई है। यहां पर आम वाहन चालकों की सुरक्षा के लिये कोई ठोस वयवस्था अभी तक नही की गयी है। घटना की रात ही सूचना मौके से ही पुलिस कन्ट्रोल रूम व स्थानीय थाने व सीएडी प्रशासन को दी गयी थी । देर रात मौके पर हमारे प्रतिनिधी द्वारा एक घंटे रुकने के बाद क्षेत्र के जवानों ने दो अस्थायी बैरिकेट़स लगाये और अगले दिन दीवार के पास सुरक्षित क्षेत्र बनाने का आश्वासन दिया।</p>
<p><strong>युवक ने कहा अब किसी और को नहीं गिरने दूंगा</strong><br />उस रात हादसे में बाल बाल बचे युवक ने कहा मै यहां चापाई लगा कर बैठूंगा पर किसी को इस नहर मे नही गिरने दूंगा सोमवार की रात जानलेवा हादसे का शिकार होने बचे व्यक्ति ने बताय कि अब जब भी यहा से गुजरता हु तो डर लगता है। मेरी अपील है कि प्रशासन ठीक करवाये या फिर मुझे कहदे मै कम से कम रात के समय तो यहाँ चारपाई लगा कर बैठ ही सकता हूँ। आखिर हमें तो फिक्र करनी ही होगी।</p>
<p><strong>खतरा ज्यों का त्यों</strong><br />तीन दिन बीत जाने के बाद भी दीवार केआसपास स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। सीएडी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेरते दिखे। अगले दिन मामले की सूचना एसएचओ कौशल्या गालव को भी दी गई, जिन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही, लेकिन शुक्रवार रात तक मौके पर सीएडी के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम उठाया। हालांकि गुरूवार को दिवार के खुले हिस्से पर झाड़ियां जरूर लगा दी ।</p>
<p><strong>बोले थे मिट्टी के कट्टे लगवा रहे</strong><br /> 5 दिन से खुला पड़ा मौत का मुहाना स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से संपर्क किया, जिनका कहना था कि जल्दी मिट्टी और कट्टे डालकर व्यवस्था कर दी जाएगी। हालांकि दो दिन गुजर जाने के बाद भी सुरक्षा के पुरे इंतजाम नहीं किया गया। इस प्रशासनिक अनदेखी से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। राहगीर और पड़ोसी भी प्रशासन की गंभीर लापरवाही पर ताना मारते हुए गुजरते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकारी सिस्टम में त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही की कमी ने लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है।</p>
<p> गुरुवार को ही हमने कांटे लगवाएं हैं। स्थाई रूप से इंतजाम नहीं कर सकते। लोगों को कोई नुकसान ना हो इसके लिए कार्रवाई करेंगे। अभी वापस से पानी की डिमाण्ड आयी है 3 दिन ओर लगेंगे दीवार नीचें से ही उठेगी अभी नहर बन्द नहीं कर सकते ।<br /><strong>- अरविन्द कुमार अधिशाषी अभियन्ता दायीं मुख्य नहर सीएडी कोटा</strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 15:01:57 +0530</pubDate>
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                <title>नहरें बन रही काल का गाल, हर महीने 3 से 4 लोगों की डूबने से हो रही मौत</title>
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                        <![CDATA[नहरों की चार दीवारी इतनी छोटी है कि कोई भी नहाने के लिए आसानी से पहुंच रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/canals-are-becoming-death-traps--3-to-4-people-die-every-month-due-to-drowning/article-145616"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस एक : </strong>उद्योग नगर थाना क्षेत्र में डीसीएम स्थित नहर में नहाने गए दो युवक पानी के तेज बहाव में बह गए थे। जिनमें से एक को तो सुरक्षित निकाल लिया। जबकि दूसरे की डूबने से मौत हो गई। युवक की मौत से उसके परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा।</p>
<p><strong>केस दो:</strong> कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में गत दिनों नहर में नहाते समय एक युवक का पैर फिसल गया था। जिससे वह पानी के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर पुलिस व निगम के गोताखोर पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी है। युवक का शव तीन दिन बाद घटना स्थल से काफी दूर मिला।</p>
<p><strong>केस तीन: </strong>किशोरपुरा थाना क्षेत्र में गोविंद धाम के पास चम्बल नदी में हाथ-पैर धोने के लिए नदी किनारे गए युवक को झटका लगने से वह उसमें गिर गया। सूचना पर गोताखोर पहुंचे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बाद में तलाश करने पर उसका शव मिला।</p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं उन हालातों को बताने के लिए जिनका सामान शहर वासियों को रोजाना करना पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी की श्रेणी में आए कोटा जैसे शहर में जो अब पर्यटन नगरी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाला है। उस शहर के बीच रिहायशी इलाकों से नहर निकल रही है। वह भी दांयी और बांयी मुख्य नहर। इन नहरों की चार दीवारी या तो इतनी छोटी है कि वहां से कोई भी नहाने के लिए आसानी से पहुंच रहा है या फिर नहरों की सुरक्षा दीवार ही कई जगह से टूटी हुई है। जिससे लोगों को नहाने की जगह आसानी से मिल रही है। ऐसे में हादसे अधिक हो रहे हैं।</p>
<p><strong>धुलंडी पर एक दिन की पाबंदी</strong><br />पिछले कुछ सालों में धुलंडी के दिन कई लोगों के नदी, तालाब व नहर में नहाने जाने के दौरान पैर फिसलने और पानी का बहाव तेज होने से लोगों के उनमें डूबने की घटनाएं हो चुकी है। कुछ समय पहले तो एक ही दिन में करीब आधा दर्जन लोगों की डूबने से मौत होगई थी। उसके बाद पुलिस व प्रशासन की ओर से धुलंडी के दिन नहर और नदी तालाब में नहाने जाने पर ही पाबंदी लगा दी है। लेकिन हालत यह है कि यह पाबंदी सिर्फ एक ही दिन के लिए हो रही है। उसके बाद फिर से वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति बन गई है।</p>
<p><strong>अभी भी नहा रहे नहर पर</strong><br />धुलंडी के दिन तो नहरों में पानी का बहाव भी कम कर दिया गया था। पुलिस व प्रशासन का पहरा व सख्ती भी दिखी। लेकिन उसके बाद इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं है। यही कारण है कि अभी भी शहर में कई जगह पर नहरों में लोग विशेष रूप से युवा और बच्चे नहा रहे हैं। जिससे फिर से कभी भी कोई बड़ा हादसा या लोगों के डूबने से मौत की घटना होने का खतरा बना हुआ है। हालांकि नवज्योति ने होली से पहले ही इस संबंध में चेताया था। उसके बाद भी हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ है।</p>
<p><strong>हर साल 35 से 40 की डूबने से हो रही मौत</strong><br />एक तरफ तो कोटा व हाड़ौती के लिए चम्बल नदी बरदान है। वहीं दूसरी तरफ यह जानलेवा भी साबित हो रही है। चम्बल नदी, नहर व तालाब में हर साल डूबने से करीब 35 से 40 लोगों की मौत हो रही है।नगर निगम के फायर अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार हर महीने करीब 3 या उससे अधिक लोगों की यानि दसवें दिन एक व्यक्ति की डृबने से मौत हो रही है। हालांकि निगम के गोताखोरों की टीम ने कई डूबे हुए लोगों को सुरक्षित भी बाहर निकाला है।</p>
<p><strong>यह है स्थिति</strong><br />जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में कोटा शहर में 33 लोगों की डूबने से मौत हुई जबकि 4 को जीवित व सुरक्षित बाहर निकाला गया। वर्ष 2021-22 में 38 लोगों की डूबने से मौत हुई और 136 को सुरक्षित निकाला गया। वर्ष 2022-23 में 44 लोगों की डूबने से मौत हुई और 222 को सुरक्षित निकाला गया। वर्ष 2023-24 में 30 की डूबने से मौत हुई व 1 को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं वर्ष 2024-25 में 34 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है और 9 को सुरक्षित निकाला गया है। उसके बाद भी आए दिन लोगों के डूबने व मौत की घटनाएं हो रही हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर के बीच व रिहायशी इलाकों से नहर व चम्बल नदी गुजर रही है। नहरों की सुरक्षा दीवार इतनी छोटी है कि वहां से कोई भी नहाने के लिए जा सकता है। नहर में पानी का बहाव अधिक होने पर तैरने वाला जानकार भी कई बार बह जाता है। जिससे उसकी डूबने पर मौत हो जाती है। हालांकि किशोरपुरा से गुमानपुरा वाली नहर की सुरक्षा दीवार 8 फद्दीट करने से अब वहां घटनाएं कम हो रही है। सिचाई विभाग को चाहिए कि नहरों की सुरक्षा दीवार को इतना ऊंचा किया जाए या उन पर फेंसिंग की जाए कि लोग वहां से चढ़कर पानी तक नहीं जा सके। आत्म हत्या करने के अलावा हादसों के कारण भी लोगों की डूबने से मौत हो रही है। शहर में अधिकतर नहरों की सुरक्षा दीवार छोटी है। नगर निगम के पास पर्याप्त गोताखोर व स्कूबा डाइविंग सेट समेत नाव व अन्य संसाधन पर्याप्त हैं। लेकिन अधिकतर लोगों की मौत का कारण सूचना देरी से मिलना होता है। देर से सूचना मिलने पर बहे लोग काफी आगे निकल जाते हैं। नहर में झाड़ झंकार में फंस जाते हैं। जिससे उनकी तलाश में देरी होने पर मौत अधिक होती है। वैसे तुरंत सूचना मिलने पर कई लोगों को जीवित व सुरक्षित भी निकाला गया।<br /><strong>- विष्णु श्रृंगी, गोताखोर नगर निगम कोटा</strong></p>
<p>समय-समय पर नहरों में पानी का जल प्रवाह कम करते रहते हैं। हालांकि कई जगह पर नहरों की दीवार को ऊंचा भी कराया गया है। लेकिन जहां भी सुरक्षा दीवार टूटी हुई है या फेंसिंग की जरूरत होगी उसे भी सही करवाने का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- संजय कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई वृत्त सीएडी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 15:46:09 +0530</pubDate>
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                <title> असर खबर का : बपारवरकलां में टूटे नाले का निर्माण कार्य शुरू </title>
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                        <![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासन हुआ सक्रिय। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--construction-work-begins-on-a-broken-drain-in-baparwarkalan/article-134368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। बपावरकलां में ग्राम पंचायत प्रशासन ने कोलियों के मोहल्ले की ओर जाने वाले रास्ते में बाधा बन रहे टूटे नाले के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने 23 नवंबर को समाचार प्रकाशित कर इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिसमें बताया था कि कोलियों के मोहल्ले की ओर जाने वाला रास्ता पिछले कई दिनों से टूटे नााले के कारण बाधित हो रहा था। जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या को प्राथमिकता देते हुए जैसे ही वह मुद्दा दैनिक नवज्योति उखबार में उठा, ग्राम पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया और तुरंत प्रभाव से नाले के निर्माण कार्य की शुरूआत करवा दी गई। ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सरपंच के निदेर्शानुसार कार्य शुरू कर मौके पर समस्या का समाधान किया गया। नाले का निर्माण शुरू होने पर मोहल्लेवासियों ने राहत की सांस लेते हुए ग्राम विकास अधिकारी एवं पंचायत सरपंच का आभार व्यक्त किया। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 15:14:29 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरी नदी की पुलिया बनी खतरे की डगर, नीचे 40 फीट गहरी नदी</title>
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                        <![CDATA[सड़क किनारे खुले गड्ढों से नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/andheri-river-bridge-becomes-a-dangerous-path--40-foot-deep-river-below/article-131813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया इन दिनों लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लगभग 200 फीट लंबी यह सीसी पुलिया अब पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। पुलिया की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और लोहे की सरिए भी बाहर निकल आए है।  जानकारी अनुसार पुलिया का निर्माण कई वर्ष पहले सीसी स्ट्रक्चर के रूप में किया गया था, लेकिन उस पर बार-बार डामर से पैचवर्क किया जाता रहा। इन अस्थायी मरम्मतों से कुछ समय के लिए राहत तो मिली, लेकिन हर बार कुछ महीनों में सतह फिर से खराब हो गई। अब पुलिया की सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और असमान हो चुकी है।</p>
<p><strong>डिवाइडर और रेलिंग कई जगह गायब : </strong>पुलिया के दोनों ओर लगी पाइपनुमा लोहे की रेलिंग और सीमेंटेड डिवाइडर अब खतरे का कारण बन गए हैं। कई हिस्सों में रेलिंग टूटकर नदी में गिर चुकी है, जबकि कुछ पाइप गिरने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पर अब सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं बची है। सड़क किनारे खुले गड्ढे हैं, जिनसे नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>बरसात में बढ़ जाता है खतरा </strong><br />नीचे बहने वाली अंधेरी नदी लगभग 30 से 40 फीट गहरी है। बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से यह खतरा और बढ़ जाता है। पुलिया के किनारों पर रेलिंग नहीं होना किसी भी समय बड़ा हादसा करा सकता है।</p>
<p><strong> जनता की मांग : स्थायी मरम्मत और सुरक्षा रेलिंग जरूरी </strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल डामर पैचवर्क से काम नहीं चलेगा। पुलिया की सतह को दोबारा मजबूत करना और दोनों ओर नई पाइप रेलिंग व डिवाइडर लगाना आवश्यक है। साथ ही पुलिया पर सड़क लाइट और चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>बाल-बाल बची बाइक सवार की जान </strong><br />कुछ दिन पहले तेज बारिश में कस्बे का एक युवक बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में गिर गया था। सौभाग्य से वह तैरना जानता था, जिसने किसी तरह किनारे लगकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया। यदि वह तैरना नहीं जानता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।</p>
<p><strong>लोगों में रोष, रोजमर्रा की परेशानी </strong><br />रोजाना इस पुलिया से स्कूली बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, कार, आॅटो और सैकड़ों ग्रामीण वाहन गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और टूटी सतह के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यह खतरा और बढ़ जाता है। कवाई निवासी मुरारी सुमन, सत्यनारायण सेन, महेंद्र सुमन और उमर थाना क्षेत्र के भूरालाल मेघवाल ने बताया कि इस पुलिया से प्रतिदिन भारी वाहन, बसें और बच्चों की बाल वाहिनियां गुजरती हैं। नीचे गहरी नदी और ऊपर टूटी हुई सतह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार डामर से मरम्मत हुई, लेकिन हर बार कुछ दिन में फिर उखड़ गई। यदि शीघ्र स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पुलिया की हालत इतनी खराब हो गई है कि रोजाना सफर करने में डर लगता है। ट्रक या बस लेकर निकलते वक्त लगता है। कहीं पहिया किनारे से फिसल न जाए। नीचे गहरी नदी है और रेलिंग भी टूटी पड़ी है। सरकार को जल्द स्थायी मरम्मत करवानी चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण सेन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>बरसात के दौरान पुलिया पर पानी भर जाता है और फिसलन बढ़ जाती है। कुछ समय पहले एक युवक बाइक सहित गिर गया था, उसकी जान बाल-बाल बची। अगर जल्दी कार्य नहीं हुआ तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।<br /><strong>- महेंद्र सुमन, कवाई निवासी।</strong></p>
<p>हम लोग रोज इसी पुलिया से गुजरते हैं। छोटे बच्चे और स्कूली बसें भी यहीं से निकलती हैं। पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है और रात में रोशनी की व्यवस्था भी नहीं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। <br /><strong>- भूरालाल मेघवाल, उमर थाना निवासी।</strong></p>
<p>अंधेरी नदी की पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऊपर की परत उखड़ी है, डिवाइडर टूटे हैं और रेलिंग गायब है। नीचे गहरी नदी है, जिससे हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। कई बार मरम्मत हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर खराब हो गई। रात में रोशनी नहीं रहती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। प्रशासन को स्थायी मरम्मत और नई रेलिंग लगवाने की तुरंत जरूरत है। <br /><strong>-  मुरारी सुमन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>अंधेरी नदी पुलिया का बजट स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, स्टेट हाईवे छबड़ा। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 16:56:39 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 51: सफाई व्यवस्था और पार्कों की नहीं हो रही देखरेख, नालियों में गंदगी; टूटे झूले और जाम चैंबर से परेशान वार्डवासी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[स्थानीय लोगों को उम्मीद जल्द ही  असुविधाओं से निजात मिलेगी।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-51---residents-are-troubled-by-the-lack-of-sanitation-and-park-maintenance--filth-in-drains--broken-swings--and-clogged-chambers/article-128040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(1)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड में अब तक कई विकास कार्य हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय रहवासी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। वार्ड की सड़कों पर लगी रोड़ लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे रात में अंधेरा और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से लोग हर रोज परेशान हैं। वहीं, बने हुए पार्कों की उचित देखरेख न होने से उनकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं वर्षों से जाम हो रहे चेम्बर समय पर साफ नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।  वार्डवासी का कहना है की कई बार नगर निगम अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो पा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। वार्डवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी आवाज जल्द ही सुनी जाएगी और क्षेत्र को गंदगी और असुविधाओं से निजात मिलेगी।</p>
<p><strong>चैंबर हो रहे जाम</strong><br />अंबेडकर कॉलोनी में बने चैंबरों की स्थिति सही नही है। वार्डवासियों का कहना है कि इन चैंबरों की बनावट ही सही तरीके से नहीं की गई। परिणामस्वरूप बरसात के समय ये चैंबर जाम हो जाते हैं और उनका गंदा पानी सड़क पर फैलकर पूरे क्षेत्र को दुर्गंधयुक्त बना देता है। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />सम्पूर्ण थर्मल कॉलोनी, कुन्हाडी थाना, संत तुकाराम सामुदायिक भवन, अम्बेडकर कॉलोनी, हनुमानगढी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>नालियों की समय पर सफाई नहीं होती, जिसके कारण उनमें गंदगी जमा रहती है। गंदा पानी भरने से मच्छर व अन्य कीड़ पनपते हैं और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है जब गंदा पानी घरों के पास तक भर जाता है।<br /><strong>- राजेश वैष्णव, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड के अंदर मौजूद पार्कों की स्थिति भी नाराजगी का कारण बनी हुई है। पार्कों में लगाए गए झूले लंबे समय से टूटे पड़े हैं और उनकी मरम्मत नहीं की गई है। यही नहीं, पार्कों में बड़ी-बड़ी जंगली घास फैली हुई है जिससे बच्चों के खेलने की जगह पूरी तरह असुरक्षित हो गई है। <br /><strong>- कमलेश, वार्डवासी</strong></p>
<p>आवारा कुत्तों की समस्या भी लगातार बढ़ रही है।रात के समय कुत्तों का भय इतना ज्यादा होता है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई बार कुत्तों के झुंड हमला भी कर देते हैं। <br /><strong>- महावीर शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेरे द्वारा वार्ड में कई विकास कार्य करवाए गए है। सफाई व्यवस्था भी काफी सही है। लेकिन वार्ड में जो समस्याएं है इन सभी समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर निगम केवल कागजों में सफाई और विकास कार्यों का दावा करता है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग है। सरकार बदलतें ही अधिकारियों का रवैया भी बदल गया र्है। जिसका खामियाजा वार्डवासीयों को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- अनिल सुवालका, पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 14:30:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बलून शो के दौरान अचानक टूटी रस्सी : 60 फुट की ऊंचाई से नीचे गिरा व्यक्ति, हादसे में मौत</title>
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                        <![CDATA[राजस्थान के बारां जिले के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह के तीसरे दिन हॉट एयर बलून कार्यक्रम के दौरान बलून की रस्सी टूटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/broken-rope-balloon-show-a-person/article-110350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(2)17.png" alt=""></a><br /><p>बारां। राजस्थान के बारां जिले के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह के तीसरे दिन हॉट एयर बलून कार्यक्रम के दौरान बलून की रस्सी टूटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थापना दिवस समारोह के तीसरे दिन शहर के खेल संकुल मैदान में जिला प्रशासन द्वारा हॉट एयर बलून शो आयोजित होने वाला था। सुबह साढ़े सात बजे बलून शो की तैयारी एवं टेस्टिंग करते समय बलून की रस्सी अचानक टूट गई तथा कार्यरत कर्मचारी वासुदेव खत्री, निवासी कोटा 60 फुट से अधिक ऊंचाई से नीचे गिर गया। </p>
<p>उसे तुरंत निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दौरान विधायक राधेश्याम बैरवा, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर सहित प्रशानिक पुलिस अमला एवं काफ़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हादसे के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 18:56:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>करतारपुरा नाले की रेलिंग टूटी, अभी भी हो सकता है हादसा</title>
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                        <![CDATA[नगर निगम जयपुर (ग्रेटर) क्षेत्र में स्थित करतारपुर नल की पानी के तेज बहाव के कारण रेलिंग टूट गई। इसके चलते वहां कभी भी हादसा हो सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/railing-of-kartarpura-drain-is-broken-accident-can-still-happen/article-83898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम जयपुर (ग्रेटर) क्षेत्र में स्थित करतारपुर नल की पानी के तेज बहाव के कारण रेलिंग टूट गई। इसके चलते वहां कभी भी हादसा हो सकता है। नगर निगम प्रशासन ने रेलिंग को ठीक करने की बजाय यहां बैरिकेडिंग लगा दी।</p>
<p>जानकारी के अनुसार शुक्रवार को हुई तेज बारिश के कारण यहां पानी का तेज बहाव हो गया था। इसके चलते यहां पर लगी रेलिंग टूट गई। सूचना पर पहुंचे नगर निगम अधिकारियों ने रेलिंग को ठीक करने की बजाय यहां पर बेरिकेट्स लगाकर रास्ता रोक दिया। यहां से लोग अब जान हथेली पर लेकर निकल रहे है। गौरतलब है कि पिछले साल भी यहां एक बाइक सवार पानी में बह गया था जिसे उसकी मौत हो गई थी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 18:07:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> रांवठा रोड में पटरी में आया फ्रेक्चर, बाल-बाल बची जयपुर सुपर फास्ट ट्रेन</title>
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                        <![CDATA[जयपुर सुपर फास्ट ट्रेन को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकला गया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/fracture-in-track-in-raonatha-road--jaipur-super-fast-train-narrowly-missed/article-68967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/photo-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा-रामगंजमंडी रेल खंड स्थित दरा के पास रांवठा रोड स्टेशन के पास शुक्रवार को रेल पटरी पर बड़ा क्रेक आ गया। इसके चलते मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन  पटरी से उतर ने से बाल-बाल बची। सूचना पर रेल पटरी की मरम्मत कर ट्रेन को धीमी रफ्तार से निकाला। अधिकारी पटरी टूटने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।<br />वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि सुबह करीब 7.30 जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन रांवडा रोड दरा के पास से गुजर रही तभी की मैन रामेश्वर मीणा और महेंद्र मीणा अपनी ड्यूटी पर थे। इसी दौरान रामेश्वर को डाउन लाइन में जॉइंट के पास रेल पटरी फ्रैक्चर नजर आया। इसी समय जयपुर सुपर ट्रेन के आने का समय हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए लाल झंडी दिखाते हुए महेंद्र ने ट्रेन की दिशा में दौड़ना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में महेंद्र को ट्रेन आती नजर आई। लाल झंडी नजर आने पर खतरा भांपते हुए चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन को मौके पर ही खड़ा कर लिया। </p>
<p><strong>10 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से निकाला</strong><br /> रामेश्वर की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने पटरी की अस्थाई मरम्मत कराई। इसके बाद जयपुर सुपर फास्ट ट्रेन को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकला गया। जबकि अन्य ट्रेनों को 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से निकलने के आदेश जारी किए। दोपहर तक रेल पटरी को स्थाई मरम्मत का काम किया जा रहा था।</p>
<p><strong>बड़ा हादसा टला</strong><br />सूत्रों ने बताया कि समय रहते टूटी पटरी का पता चलने पर बड़ा हादसा टल गया। रामेश्वर को टूटी पटरी दिखाई नहीं देती तो करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही जयपुर सुपर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकती थी। हालांकि पर टूटी पटरी वाली जगह पर प्लेट बंधी हुई थी। पर तेजी से दौड़ती ट्रेन से प्लेट के नट-बोल्ट टूट भी सकते थे। इस घटना के चलते जयपुर सुपर ट्रेन मौके पर करीब आधे घंटे खड़ी रही।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Feb 2024 13:30:03 +0530</pubDate>
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                <title>व्यर्थ बह रहा ‘अमृत’, सड़क बनी तालाब</title>
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                        <![CDATA[विभिन्न स्थानों पर पाइपलाइन फूटी होने के कारण स्थानीय निवासियों के घरों में उचित मात्रा में पानी भी नहीं पहुंच पाता है, जिसके चलते पानी की किल्लत बनी रहती है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/amrit--flowing-in-vain--road-becomes-pond/article-63926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/vyarth-beh-rha-amrut,-sadak-bni-talab...bhawanimandi,-jhalawar-news-11-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>भवानीमंडी। भवानीमंडी में विभिन्न स्थानों पर जलदाय विभाग की पाइपलाइन फूटी हुई है, जिसका खामियाजा स्थानीय निवासियों व राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। वहीं जलदाय विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, जहां नगर के संस्कृत स्कूल तिराहा, जवाहर कॉलोनी, विवेकानंद सर्किल, बिड़ला मंदिर के पास सहित कई स्थानों पर सड़कों के किनारों पर पानी की पाइपलाइन फूटी हुई है, जिसके चलते जब भी पानी की सप्लाई की जाती है, सड़कें पानी से लबालब भर जाती है। जहां जलदाय विभाग ने सड़कों को ही तालाब बना दिया है। जहां सड़कों पर लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण मच्छरों के पैदा होने का खतरा बना रहता है, जिससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही है वहीं सड़कों पर पानी फैला रहने से कीचड़ फैल जाता है जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर चोटिल होने की संभावना बनी रहती है। वहीं कई स्थानों पर पाइपलाइन फूटी होने के कारण स्थानीय निवासियों के घरों में उचित मात्रा में पानी भी नहीं पहुंच पाता है, जिसके चलते पानी की किल्लत बनी रहती है। स्थानीय निवासियों द्वारा कई बार इसकी शिकायत जलदाय विभाग को की, लेकिन विभाग द्वारा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जहां यह समस्या विगत चार महीनों से कॉलोनी वासियों के लिए सर का दर्द बनी हुई है लेकिन विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।          </p>
<p>घरों के बाहर फूटी पाइप लाइन का पानी भरा रहने के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं, जिससे बीमारियों का डर बना हुआ है।<br /><strong>- उत्कर्ष कुमावत, स्थानीय निवासी, जवाहर कॉलोनी</strong></p>
<p>नलों में पानी की सप्लाई के दौरान सड़कों पर पानी फैला रहने से वाहन चालकों के फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है, पिछले कई महीनो से समस्या बनी हुई है लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।<br /><strong>- संजय, स्थानीय निवासी </strong></p>
<p>विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों का पता लगाकर लगातार उन्हें दुरुस्त करवाया जा रहा है, विगत दिनों ही पचपहाड़ में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को सही करवाया गया है।<br /><strong>- रायसिंह, जेईएन, पीएचइडी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 17:48:30 +0530</pubDate>
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                <title>दुर्दशा की भेंट चढ़ा बच्चों का मनोरंजन</title>
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                        <![CDATA[गार्डन में लगे झूलों में से अधिकतर तो टूटे हुए हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/children-s-entertainment-fell-victim-to-plight/article-54246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/durdasha.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल गार्डन में लोग परिवार समेत घूमने तो जा रहे हैं लेकिन बच्चे झूलों का आनंद नहीं ले पा रहे हैं। गार्डन में लगे कई झूले तो टूटे हुए हैं जबकि कई झूले बंद पड़े हुह हैं। नगर निगम की ओर से संचालित चम्बल गार्डन  शहर का सबसे प्रसिद्ध गार्डन है। यहां बरसों से लोग घूमने आते हैं। नदी किनारे होने से यह शहर वासियों की ही नहीं बाहर से आने वालों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र है। लेकिन पिछले काफी समय से निगम अधिकारियों की अनदेखी के चलते गार्डन की दुर्दशा हो रही है। गार्डन घूमने गए लोगों का कहना है कि परिवार समेत घूमने जाने पर बच्चे वहां झूला झूलने की जिद करते हैं। गार्डन में लगे झूलों में से अधिकतर तो टूटे हुए हैं। जिन पर बच्चों को झूलने से चोट लगने का खतरा बना हुआ है। वहीं जो झूले सही हैं वे बंद पड़े हुए हैं।  लोगों का कहना है कि गार्डन में पहले नगर निगम की ओर से निजी फर्म को झृलों का टेंडर दिया था। जिसमें निर्धारित टिकट लेकर बच्चे झूलों का आनंद ले रहे थे। लेकिन पिछले काफी समय से ये झूले बंद हैं। जिससे गार्डन में आने वाले बच्चे उन झूलों का आनंद नहीं ले पा रहे हैं। विज्ञान नगर निवासी अमजद खान ने बताया कि वे अपने बच्चों को घुमाने चम्बल गार्डन लेकर गए थे। लेकिन वहां कई झूले तो टूटे हुए मिले। जबकि कई झूले बंद थे। जिससे बच्चों को बिना झूलों का आनंद लिए ही लौटना पड़ा। </p>
<p><strong>ट्रेन के घूम रहे चक्के</strong><br />लोगों ने बताया कि चम्बल गार्डन में बच्चों के मनोरंजन के लिए एक मात्र टॉय ट्रेन है। यह अभी चल रही है। लेकिन यहां भी 40 रुपए बड़ों का और 20 रुपए बच्चों का टिकट दने के बाद भी जरा सा ही चक्कर घुमाया। जिसमें बच्चों को ही मजा नहीं आया। लोगों का कहना है कि नयापुरा स्थित सीबी गार्डन में भी कई झूले टूटे हुए हैं। लेकिन नाना देवी से सीबी गार्डन तक चलने वाली जॉय ट्रेन में घूमने का आनंद आता है। यह ट्रेन दो गार्डन का चक्कर काटती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />चम्बल गार्डन में झूलों का टेंडर दस साल के लिए जुलाई 2014 में किया गया था। प्रकाश ए’यूमेंट फर्म इसका सचालन कर रही है। वैसे तो यह जुलाई 2024 तक है। लेकिन इसके संचालन तिथि को लेकर कुछ असमंजस बना हुआ है। उसकी जांच की जा रही है। जांच होने तक झूलो को फिलहाल बंद किया हुआ है। मामले का शीघ्र ही निस्तारण कर झूलों को या तो शुरू कर दिया जाएगा। या फिर दोबारा से टेंडर कर झूले चालू किए जाएंगे। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, अधिशाषी अभियंता नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 16:27:03 +0530</pubDate>
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                <title>चार किलोमीटर लम्बी सड़क दो माह में ही उखड़ी, ग्रामीणों में रोष </title>
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                        <![CDATA[ दो महीने में ही सड़क पूरी तरह से उखड़ गई और जगह-जगह गड्ढे हो गए। सड़क जगह-जगह से टूट गई है। डामर उखड़ने से सड़क में गड्ढे बन गए हैं। सड़क के किनारों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब हो रही है। किनारों से गिट्टी निकल रहीं है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/four-kilometer-long-road-uprooted-in-two-months--fury-among-villagers/article-30051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/4-km,-lambi-sadak-do-maah-mei-hi-ukhdi,-gramino-mei-rosha-...-samraniya-news-baran-18.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>समरानियां। समरानियां से नारायणखेड़ा के लिए बनी चार किलोमीटर लंबी सड़क दो माह भी नहीं टिक पाई पिछले कई सालों से सड़क की हालत बेहद जर्जर थी। यह सड़क मध्यप्रदेश की सीमा से जुड़कर मध्यप्रदेश के कई गांवों को जोड़ती है। इस सड़क के माध्यम से स्थानीय लोगों के साथ साथ मध्य प्रदेश के लोगों का समरानियां कस्बे में अधिकतर आना जाना रहता है। जिससे सड़क पर वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है। दर्जनों गांवों के लोग इसी सड़क का रोजाना इस्तेमाल करते हैं। काफी शिकायतों के बाद करीब पांच माह पूर्व सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। सड़क निर्माण के बाद लोगों ने कुछ राहत महसूस की,परंतु लोगों को यह राहत ज्यादा दिन नसीब नहीं हुई। दो महीने में ही सड़क पूरी तरह से उखड़ गई और जगह-जगह गड्ढे हो गए। सड़क जगह-जगह से टूट गई है। डामर उखड़ने से सड़क में गड्ढे बन गए हैं। सड़क के किनारों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब हो रही है। किनारों से गिट्टी निकल रहीं है। गिट्टी के कारण दुपहिया वाहन सवार राहगीर जख्मी हो सकते हैं। अब इस सड़क पर पैचवर्क किया जा रहा है। निर्माण के पांच महीने बाद पैचवर्क होने से ग्रामीणों में रोष फैल रहा है। उनका आरोप है कि सड़क बनाने में गुणवत्ताहीन निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इस कारण निर्माण के दो महीने बाद ही सड़क उखड़ गई। अब उसे छिपाने के लिए अधिकारी पैचवर्क करा रहे हैं। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।</p>
<p>ग्रामीण आशु मेहता ने बताया कि यह सड़क निर्माण के कुछ दिन बाद ही जगह जगह उखड़ गई। आरोप लगाया कि सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंडों पर नहीं हुआ है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कस्बेवासी बंटी मेहता ने बताया कि बरसात से पहले जल्दबाजी में सड़क का निर्माण किया। जिसमें तालाब की मिट्टी डाल दी गई जिसकी वजह से पूरी सड़क धंस गई और जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई ग्रामीणों ने विरोध किया तो ठेकेदार द्वारा रात में मिट्टी डालकर सड़क बना दी और अब नई सड़क पर पेचवर्क संदेह पैदा करता है। निवासी करतार मेहता ने बताया कि पांच महीने पहले बनी सड़क पर पैचवर्क का कार्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवालिया निशान है। सड़क में इस्तेमाल निर्माण सामग्री की जांच होनी चाहिए। जिससे दूध का दूध और पानी का पानी स्पष्ट हो जाएगा। </p>
<p>सड़क दो माह में जगह-जगह से उखड़ गई एवं दरारें पड़ गई है। हमारी मांग है सड़क का पुन: निर्माण कार्य किया जाए, अन्यथा सड़क के दोबारा उखड़ने की संभावना बनी रहेगी और इस तरह की लापरवाह ठेकेदारों के प्रति कार्यवाही अमल में लाई जाए ताकि अन्य जगह इस तरह से गुणवत्ताहीन निर्माण नहीं हो।<br /><strong>-सर्वेश मेहता, कस्बेवासी।  </strong></p>
<p>जहां-जहां सड़क खराब हुई है। वहां वहां पेचवर्क किया गया है, अगर अब सड़क खराब होती है, तो सड़क को दोबारा बनवाया जाएगा।<br /><strong>-अभिषेक गुप्ता, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, केलवाड़ा। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Nov 2022 14:30:24 +0530</pubDate>
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                <title>परिवार की मूर्तियां तोड़कर कुएं में फेंका</title>
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                        <![CDATA[कलक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पाखर चोड़ाकी के बैरवा मोहल्ले स्थित शिवालय में शिव परिवार की समस्त मूर्तियों को कृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि में अशोक  पुत्र बोदया बैरवा सहित अन्य तीन.चार लोगों ने मिलकर मंदिर से हटाकर खंडित  किया और बाद में कुंए  में डाल दिया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/pakhar-choudhary-incident-the-idols-of-shiva-family-were-broken/article-20078"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/411.jpg" alt=""></a><br /><p>मंडावर। समीपवर्ती गांव पाखर चौड़ाकी में शिव परिवार की मूर्तियां तोड़कर कुंए में फेंकने का मामला तूल पकड़ गया है। ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार जयसिंह चौधरी को कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं मंडावर पुलिस में एक नामजद समेत तीन.चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं घटना के विरोध में ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय से बाजार में होकर थाने तक प्रदर्शन कर भीम आर्मी के खिलाफ नारेबाजी करते थाने के सामने प्रदर्शन किया। कलक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पाखर चोड़ाकी के बैरवा मोहल्ले स्थित शिवालय में शिव परिवार की समस्त मूर्तियों को कृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि में अशोक पुत्र बोदया बैरवा सहित अन्य तीन.चार लोगों ने मिलकर मंदिर से हटाकर खंडित किया और बाद में कुंए में डाल दिया। उन्होंने बताया कि इस कृत्य से उनकी धार्मिक भावना आहत हुई हैं और पूरे गांव में लोगों में भारी आक्रोश है।</p>
<p>ज्ञापन में उन्होंने बताया कि घटना को लेकर गांव में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता है। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही व शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा दुबारा करने की मांग की। लोगो ने बताया कि मूर्तियां तोड़ने वाला व्यक्ति अशोक भीम आर्मी संगठन से जुड़ा है। इस अवसर पर नवल मीना, एडवोकेट खेमसिंह, मुकेश चंद सैनी, पुष्पेंद्र, रवि मीना, सन्दीप चोबदार, रामवीर गुर्जर, अजय सैनी, हजारी लाल प्रजापत, सत्यवीर सिंह, महेश सैनी, दिनेश प्रजापत, हेतराम योगी, भगवान सहाय, राहुल, वीरेंद्र सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।</p>]]>
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                                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Aug 2022 12:23:14 +0530</pubDate>
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