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                <title>irrigation project - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>irrigation project RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वृहद सिंचाई परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, 60 दिन में दर्ज कराएं आपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[जल संसाधन विभाग के अनुसार यह अधिग्रहण कार्य भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 एवं 12 के अंतर्गत किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/land-acquisition-process-for-large-irrigation-project-should-start-objection/article-122206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने सार्वजनिक प्रयोजनार्थ परवन वृहद सिंचाई परियोजना की दांयी मुख्य नहर की आरडी 0 से 32 किमी तक के निर्माण कार्य के लिए बारा जिले की छीपाबडोद एवं अटरू तहसीलों के ग्रामों में शेष रही भूमि और छूटे हुए खसरों को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।</p>
<p>जल संसाधन विभाग के अनुसार यह अधिग्रहण कार्य भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 एवं 12 के अंतर्गत किया जा रहा है। संबंधित अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन हितधारकों की भूमि प्रस्तावित अधिग्रहण क्षेत्र में आती है, वे अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन के 60 दिन के भीतर अपनी आपत्ति भूमि अवाप्ति अधिकारी, जल संसाधन वृत, बारा को लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को अपने कर्मचारियों और श्रमिकों सहित चिन्हित क्षेत्र में प्रवेश कर सर्वेक्षण एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही करने की अनुमति भी प्रदान की है। यह कदम परवन वृहद सिंचाई परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन और क्षेत्रीय विकास को दृष्टिगत रखते हुए उठाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 15:45:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेन का नाका लघु सिंचाई परियोजना के लिए होगी भूमि अधिग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने सार्वजनिक रेन का नाका लघु सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rains-naka-naka-will-be-acquired-for-minor-irrigation-project/article-115852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/jal-sansadhan-department.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने सार्वजनिक रेन का नाका लघु सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, यह अधिग्रहण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11-12 के अंतर्गत किया जाएगा। </p>
<p>राज्य सरकार ने अधिकारियों, सेवकों और श्रमिकों को संबंधित क्षेत्रों में प्रवेश, सर्वेक्षण और अन्य कार्यों के लिए अधिकृत किया है, जिससे परियोजना की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। यह कदम राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 May 2025 16:09:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना : 15 गांवों में भूमि अवाप्ति, डूब क्षेत्र में 1181.61 हेक्टेयर भूमि </title>
                                    <description><![CDATA[बारां जिले की छबड़ा तहसील में अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत 15 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/andheri-medium-irrigation-project-118161-hectares-in-land-acquisition-area/article-112404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy109.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बारां जिले की छबड़ा तहसील में अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत 15 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इस परियोजना के डूब क्षेत्र में छबड़ा तहसील के खेरखेड़ा नाथूराम, अमीनपुरा, पटना, खेरखेड़ा गुसाई और मूंडक्या गांव शामिल हैं। साथ ही, छीपाबड़ौद तहसील के मूंडकी, मोहम्मदपुरा, शाखा जागीर, मंडोला, मंडा घटा, डबरी, कोटरी, कोटडा और खांडेराव गांवों की भूमि भी अधिग्रहित होगी।</p>
<p>जल संसाधन विभाग के अनुसार कुल मिलाकर 1181.61 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आने की संभावना है, जिसमें राजस्थान में 1137.31 हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 42.85 हेक्टेयर भूमि शामिल है। परियोजना के लिए दोनों राज्यों में भूमि अवाप्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। हालांकि, डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के निवासियों को पुनर्वास और मुआवजा नीति के तहत उचित लाभ दिए जाने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Apr 2025 13:22:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>परवन वृहद सिंचाई परियोजना के लिए होगी भूमि अवाप्त : 129.6337 हेक्टेयर निजी भूमि और 66.5864 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल, सिंचाई के बेहतर साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया कदम </title>
                                    <description><![CDATA[परवन वृहद सिंचाई परियोजना की दांयी मुख्य नहर के निर्माण के लिए शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/land-will-be-achieved-for-the-huge-irrigation-project-1296337/article-105745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer108.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। परवन वृहद सिंचाई परियोजना की दांयी मुख्य नहर के निर्माण के लिए शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस योजना के तहत कुल 196.2201 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है, जिसमें 129.6337 हेक्टेयर निजी भूमि और 66.5864 हेक्टेयर सरकारी भूमि शामिल है। भूमि अधिग्रहण का कारण परियोजना के तहत नहर निर्माण के लिए ग्रामों की अवाप्त भूमि में कुछ खसरे छूट गए थे, जिनका अधिग्रहण आवश्यक है। यह कदम किसानों को सिंचाई के बेहतर साधन उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।</p>
<p><strong>सामाजिक प्रभाव अध्ययन होगा :</strong></p>
<p>अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 और राजस्थान भूमि अर्जन नियम, 2016 के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन (Social Impact Assessment) कराया जाएगा। इसके लिए प्रभावित ग्राम पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम से संपर्क किया जाएगा।</p>
<p><strong>अधिकृत अधिकारी नियुक्त :</strong></p>
<p>अधिशाषी अभियंता, जल संसाधन परवन परियोजना खंड, तृतीय झालावाड़ को नियमों के तहत सामाजिक समाधान अध्ययन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भूमि अधिग्रहण अधिकारी, जल संसाधन वृत, बारां को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है।</p>
<p>यह अधिग्रहण किसानों को मुआवजे और पुनर्वास के प्रावधानों के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा। योजना के तहत प्रभावित लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 13:28:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>देश की सबसे बड़ी वाटर टनल देगी खुशियों की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[ नए साल में 8.70 किमी लम्बी टनल बनकर हुई तैयार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-country-s-largest-water-tunnel-will-give-the-gift-of-happiness/article-99503"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(15).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती की महत्वाकांक्षी परवन वृहद सिंचाई परियोजना का काम तेज गति से चल रहा है। परियोजना के तहत नए साल में देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का निर्माण पूरा हो गया है। कोटा संभाग के अकावदकलां गांव के पास 8.70 किलोमीटर लम्बी टनल करीब चार साल बाद बनकर तैयार हो गई है। इसी टनल के माध्यम से दायीं और बायीं नहर का निर्माण होगा। जिस रफ्तार से बांध का कार्य चल रहा है, इससे उम्मीद जताई जा रही है कि इसी साल बांध का निर्माण पूरा हो जाएगा। इससे हाड़ौती के तीन जिलों कोटा, झालावाड़ व बारां के लिए सिंचाई और पेयजल की सौगात मिल सकेगी।</p>
<p><strong>परवन बांध के पांच गेट बनकर तैयार</strong><br />परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस समय अकावद कलां में परवन नदी पर बांध का काम द्रुतगति से चल रहा है। वहीं दायीं और बायीं नहर के लिए बनाई गई देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का काम पूरा हो चुका है। इस वाटर टनल की लंबाई 8.70 किलोमीटर है। इसी टनल से दायीं मुख्य नहर निकलेगी, जिससे बारां जिले में करीब 90 किमी एरिया में सिंचाई हो सकेगी। फिलहाल बांध के 5 गेट तैयार हो चुके हैं जबकि अन्य का निर्माण कार्य प्रगति पर है। परवन बांध 38 मीटर ऊंचा 490 मिलियन घन क्षमता का है।</p>
<p><strong>637 गांवों की 2 लाख हैक्टेयर भूमि होगी सिंचित</strong><br />इस परियोजना से कोटा, बारां व झालावाड़ जिलों के 637 गांवों में 2.02 लाख हैक्टेयर में स्काडा नियंत्रित प्रेशराइज्ड पाइप द्वारा फव्वारा पद्धति के माध्यम से सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही 1821 गांवों में पेयजल, विद्युत उत्पादन तथा वन्यजीवों के लिए जल उपलब्ध करवाया जाएगा। दायीं मुख्य नहर 8.75 किलोमीटर टनल से होती हुई बारां जिले में 89.40 किलोमीटर क्षेत्र में सिंचाई का पानी पहुंचाएगी। इसमें कुल 61 डिग्गियां बनेगी। इसमें 19 बायीं व 33 डिग्गियां दायीं क्षेत्र में रहेगी। 9 डिग्गियां से शेरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल उपलब्ध करवाया जा सकेगा।</p>
<p><strong>इस तरह खेतों तक पहुंचेगा पानी</strong><br />जानकारी के अनुसार परवन बांध की बायीं मुख्य नहर 51.95 किलोमीटर की रहेगी। इसमें प्रथम चरण के अंतर्गत खुदाई का कार्य 90 फीसदी पूर्ण हो गया है। नहरों से पाइप के जरिए पानी डिग्गी पम्प हाउस पहुंचेगा जहां से क्षेत्रवार 3000 हैक्टेयर भूमि में पाइप लाइनों के जरिए सिंचाई होगी। खानपुर तहसील के 81 व सांगोद के 48 गांवों को प्रथम फेज में 43 हजार 159 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी मिल सकेगा। भराव क्षमता के मामले में यह राजस्थान का चौथा सबसे बड़ा बांध है जिसकी कुल भराव क्षमता 492 मिलियन क्यूबिक मीटर है। भराव क्षमता 490 मिलियन क्यूबिक मीटर रहेगी।</p>
<p><strong>परवन बांध - फैक्ट फाइल</strong><br />7 355.23 करोड़ की लागत<br />490 मिलियन घन मीटर क्षमता<br />05 गेट बनकर तैयार  <br />29 मई 2017 को शुरू हुआ था कार्य <br />2025 तक निर्माण पूर्ण होना प्रस्तावित</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />परवन बांध सिंचाई परियोजना के पूरा होने के बाद हाड़ौती के किसानों को काफी फायदा होगा। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के पानी की व्यवस्था नहीं है वहां पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। वहीं किसानों की आय में भी इजाफा होगा।<br /><strong>- लक्ष्मीचंद नागर, किसान नेता  </strong></p>
<p>परवन बांध क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसकी लंबाई 8.70 किमी है। अब दायीं व बायीं नहर का निर्माण कार्य शुरू होगा। इनके लिए खेत खाली होने का इंतजार किया जा रहा है। इसी वर्ष मानसून से पहले बांध बनकर तैयार होने की उम्मीद है। <br /><strong>- बीएस मीना, अधिशासी अभियंता, परवन वृहद सिंचाई परियोजना</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 15:13:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>समस्या: पिपली वाले माल के किसानों को 25 साल से सावनभादो डेम के पानी का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों ने की काली सिंध नदी से लिफ्ट कर पानी पहुंचाने की मांग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/problem--pipli-wale-maal-farmers-are-waiting-for-water-from-sawanbhado-dam-for-25-years/article-97237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer18.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। सावनभादो सिंचाई परियोजना का पानी पिपली वाले माल में नहीं पहुंचने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। किसानों ने बताया कि सिंचाई परियोजना की नहर बने 24  वर्ष 11 माह बीत गए। लेकिन पिपली वाले माल के किसानों को अभी तक बगैर डीजल के, बगैर पाइप लाइन, श्रमिक के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाया है। इसके कारण किसान डीजल इंजन और महंगी पाइप लाइन, महंगे श्रमिकों के माध्यम से अपने खेतों तक पानी ले जाने को मजबूर हैं। इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने जयपुर शासन सचिवालय से लेकर स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है। सिंचाई परियोजना का पानी बगैर डीजल के नहीं मिलने से उनकी फसलें खराब हो रही हैं और आर्थिक नुकसान हो रहा है। </p>
<p><strong>समाधान के लिए किसानों ने ये रखीं मांगें</strong><br />किसानों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए परवन सिंचाई परियोजना से खेतों को जोड़ना, काली सिंध नदी से लिफ्ट द्वारा पानी पहुंचाना, डीजल इंजन वाले स्थान पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन देना, या फिर डीजल पर सब्सिडी देना आदि मांगें रखी  हैं।  </p>
<p>डेम की नहर से पिपली वाले माल में सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें अपने खेतों की सिंचाई के लिए महंगा डीजल जलाना पड़ रहा है। बहुत लंबी पाइप लाइन  डालकर मजदूर श्रमिकों की सहायता से महंगी खेती करनी पड़ रही है। जिससे किसानों की आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।<br /><strong>- मोतीलाल धाकड़, किसान</strong></p>
<p>24 साल 11 माह बाद भी पिपली वाले माल में सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके कारण किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए महंगा डीजल जलाना पड़ रहा है, जो महंगाई के दौर में घाटे का सौदा हो रहा है।<br /><strong>- लालचंद मेरोठा, किसान</strong></p>
<p>डेम की नहर से पानी की व्यवस्था की जाए। ताकि वे अपने खेतों की सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर सकें। बगैर डीजल श्रमिक के खेती हो सके। <br /><strong>- मुकुट बिहारी मेरोठा, किसान </strong></p>
<p>लिफ्ट माइनर से किसानों का हजारों लीटर डीजल बचेगा और इंजन और पाइप का खर्चा भी बचेगा। समय पर पिलाई हो सकेगी और मन चाही फसल पैदा हो सकती है। अभी भी मेन केनाल से ही डीजल इंजन लिफ्ट से ही हो रही है। सिंचाई इसलिए मुख्य नहर पर कोई अधिक पानी का भार भी नहीं है। इस लिफ्ट से किसानों को लाखों रुपए का फायदा होगा।<br /><strong>- चौथमल नागर, किसान नेता</strong></p>
<p>पिपली वाले माल का सर्वे कर लिया गया है। जल्दी ही प्रपोजल बनाकर भेजेंगे। किसानों को राहत प्रदान करेंगे। <br /><strong>- कमल कांत, सावनभादो सिंचाई परियोजना अधिकारी </strong></p>
<p>किसानों के हित के लिए ही हम कार्यरत हैं। जैसे ही आदेश मिलेंगे किसानों के हित में कार्य करेंगे। ऐसी कार्य योजना बनाई जा रही है कि बाढ़ के पानी का सदुपयोग हो और असिंचित क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके। <br /><strong>- जितेंद्र अग्रवाल, अभियंता, सावनभादो डेम </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 16:29:41 +0530</pubDate>
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