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                <title>team - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : एमबीएस अस्पताल में सुविधाओं के विकास को लेकर संभागीय आयुक्त ने दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने भवन के बेसमेंट हॉल में जमा मलबे की सफाई हेतु निरीक्षण दल गठित कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--divisional-commissioner-issues-directives-regarding-facility-upgrades-at-mbs-hospital/article-147958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)69.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">कोटा । संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने निर्देश दिए कि एम.बी.एस. चिकित्सालय से संबंधित समस्याओं का समाधान शीघ्र किया जाए ताकि मरीजों को कोई असुविधा ना हो। उन्होंने ये निर्देश उनकी अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में दिए। बैठक में चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।संभागीय आयुक्त ने एम.बी.एस व जे.के. लोन चिकित्सालय परिसर की चार दीवारी के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए कि इस काम के लिए दोनों चिकित्सालय 50-50 प्रतिशत की राशि आगामी तीन कार्य दिवस में सार्वजनिक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करना सुनिश्चित करें। एम.बी.एस. चिकित्सालय में करीब 49.95 लाख रुपए लागत से इन्टरनल वायरिंग मरम्मत के निर्देश दिए गए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">अनुपयोगी व जर्जर भवनों को गिराएंगे</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">एम.बी.एस. चिकित्सालय परिसर स्थित अनुपयोगी, असुरक्षित व जर्जर और नकारा घोषित भवन, राजकीय आवास व लेक्चर थियेटर को गिराए जाने के संबंध में अधिशाषी अभियंता, सा. नि.वि. प्रोजेक्ट खण्ड ने बताया कि एक दो दिवस में कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en"> </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">ड्रेनेज सिस्टम सुधारें</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">एम.बी.एस. व जे. के. लोन चिकित्सालय परिसर में ड्रेनेज सिस्टम कार्य के संबंध में एम.बी.एस. अधीक्षक को फोलोअप के लिए निर्देशित किया गया। जे. के. लोन व एम.बी.एस. चिकित्सालय परिसर में एस.टी.पी. निर्माण के संबंध में केडीए मुख्य अभियंता ने कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की बात कही।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">मां योजना के काउंटर बनाएं</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">संभागीय आयुक्त ने एम.बी.एस. चिकित्सालय में पुराने ओ.पी.डी. में कक्षों का रिनोवेशन कर मां योजना काउंटर में परिवर्तित करने, पुराने भवन के भूतल पर स्थित सम्पूर्ण कॉरिडोर में टाइल्स की मरम्मत व पेंटिंग, पुरानी खिडकियों को एल्यूमिनियम की खिड़की में बदलने, विभिन्न वार्ड में टॉयलेटस की मरम्मत, फीमेल सर्जिकल ए, बी, सी व कॉरिडोर की मरम्मत व चिकित्सालय के अन्य कार्य के संबंध में निर्देश दिए। एम.बी.एस. चिकित्सालय के बर्न वार्ड का मरम्मत कार्य सी.एस.आर. फण्ड से करवाने के लिए निर्देशित किया गया। पुराने भवन के बेसमेन्ट में बने हॉल में भरे मलबे की सफाई के लिए निरीक्षण दल गठित कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">जेके लोन में मेडिसिन आउटडोर शुरू करें</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="en">जे.के. लोन न्यू आई.पी.डी. के बाहर खाली पड़े हुए हॉल में तुरन्त प्रभाव से शिशु औषध विभाग का आउटडोर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे इन सभी कार्यों का निरीक्षण करें। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी, डॉ. निलेश कुमार जैन, प्रधानाचार्य, डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक एमबीएस चिकित्सालय, रविन्द्र माथुर निदेशक अभियांत्रिकी केडीए, अशोक सनाढ्य अधिशाषी अभियन्ता प्रोजेक्ट खण्ड, डॉ विधि शर्मा वित्तीय सलाहकार, चिकित्सा महाविद्यालय, महावीर सांवरिया नर्सिंग अधीक्षक एम.बी.एस. व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:01:42 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : शुभम लॉजिस्टिक्स को किया सीज तो जमा कराया बकाया 25 लाख टैक्स</title>
                                    <description><![CDATA[टैक्स जमा नहीं करवाने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--shubham-logistics-seized--then-paid-the-outstanding-25-lakh-tax/article-142109"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(6)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगरीय विकास कर(यूडी टैक्स) के बकायादारों के खिलाफ टैक्स वसूली को लेकर नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। निगम की टीम ने गुरूवार सुबह यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर कैथून रोड स्थित एक वेयरहाउस को सीज कर दिया। शाम होते-होते वेयरहाउस संचालक ने निगम में 2009 से बकाया चल रही 25 लाख से अधिक की राशि जमा करवा दी। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कैथून रोड पर कोटा क्लब के सामने स्थित शुभम लॉजिस्टिक्स पर वर्ष 2009 से नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था। निगम द्वारा वेयरहाउस संचालक को यूडी टेक्स जमा करवाने के लिए कई बार नोटिस देने के साथ व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया था, परन्तु उसने यूडी टेक्स जमा नहीं करवाया।</p>
<p><strong>व्यवसायिक गतिविधियां हो रही थी संचालित</strong><br />इस वेयरहाउस में व्यवसायिक गतिविधियां भी की जा रही थीं। इस पर गुरूवार सुबह उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी के नेतृत्व में गठित निगम अधिकारियों की टीम ने वेयरहाउस को सीज कर दिया गया। इसके बाद वेयरहाउस संचालक निगम कार्यालय पहुंच गया और 2009 से बकाया चल रही 25 लाख 29 हजार 574 रूपए की कर की राशि जमा करवा दी। टेक्स जमा होने के बाद सीजिंग को खोल दिया गया।</p>
<p><strong>कई अन्य सम्पत्तियां चिन्हित</strong><br />आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम ने यूडी टेक्स के बकाएदारों की सूची तैयार कर ली है। इन सभी को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। ऐसी कई सम्पत्तियों को चिन्हित भी किया गया है जिन पर लम्बे समय से मोटा यूडी टेक्स बकाया चल रहा है। निगम आने वाले दिनों में इनको भी सीज करने की कार्रवाई करेगी।</p>
<p><strong>छूट का लाभ लेकर जमा करवाएं यूडी टेक्स</strong><br />आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि 2700 वर्गफीट से अधिक के आवासीय भवन व प्लॉट और 900 वर्गफीट से अधिक वाणिज्यिक भवन व प्लॉट नगरीय विकास कर के दायरे में आते हैं। नगरीय विकास कर भूखण्ड स्वामी के स्वनिर्धारण पर आधारित है। इस कारण कोई भी व्यक्ति नोटिस नहीं मिलने की बात कहकर कर जमा करवाने से बच नहीं सकता।</p>
<p><strong>31 मार्च तक छूट का प्रावधान</strong><br />वर्तमान में राज्य सरकार के आदेशानुसार पेनल्टी पर 100 प्रतिशत की छूट व वर्ष 2007-08 से 2010-11 तक मूल कर राशि पर 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। आयुक्त ने अपील की कि जिन भी व्यक्तियों और संस्थाओं की सम्पत्ति यूडी टैक्स के दायरे में आती है, वह अविलम्ब अपना यूडी टैक्स जमा करवाएं। राज्य सरकार की ओर से बकाया पर ब्जाय पेनल्टी में छूट का प्रावधान 31 मार्च तक किया हुआ है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था समाचार प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि नगरीय विकास कर के दायरे में आने वाली सम्पत्तियों व उनके द्वारा टैक्स जमा नहीं करवाने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार पत्र में ज्ञ फरवरी के अंक में पेज 7 पर'यूडी टैक्स:ढाई हजार प्रोपर्टी कर के दायरे में बकाया कर जमा नहीं करवाने वालों पर अब होगी सीजिंग की कार्रवाई शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें निगम द्वारा शीघ्र ही एक् शन करने की जानकारी दी थी। नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही निगम टीम ने गुरुवार को पहले ही दिन कार्रवाई करते हुए एक वेयर हाउस को सीज किया। जिससे निगम में 25 लाख रुपए टैक्स जमा हो गया।</p>
<p><strong>ये अधिकारी रहे निगम टीम में शामिल</strong><br />सीजिंग की कार्रवाई के दौरान उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी, राजस्व अधिकारी, महावीर सिंह सिसोदिया, राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री, सहायक अभियन्ता व अतिक्रमण प्रभारी तौसिफ खान, विद्युत अभियन्ता लक्ष्मीनारायण बडारिया, सहायक राजस्व निरीक्षक, रियाजुद्दीन, संवेदक फर्म एसएसपीएल के प्रतिनिधि भुवनेश गोस्वामी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 12:34:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : निगम टीम ने तीन दुकानों से जब्त किया 15 रोल चायनीज मांझा</title>
                                    <description><![CDATA[चायनीज मांझे की बिक्री के बारे में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--municipal-team-seized-15-rolls-of-chinese-kite-string-from-three-shops/article-137175"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(2)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम के फायर अनुभाग की टीम ने बुधवार को शहर में चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले ही दिन तीन दुकानों से 15 रोल मांझा जब्त कर मौके पर ही जलाकर नष्ट किया गया।नगर निगम कोटा के आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा के निर्देश पर मुख्य अग्निशमन अधिकरी राकेश व्यास के नेतृत्व में फायर अनुभाग की टीम ने चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई की। अग्निशमन अधिकारी अमजद खान समेत फायरमेन व अतिक्रमण की टीम ने नयापुरा व रामपुरा क्षेत्र में पतंगों की कई दुकानों पर दबिश देकर जांच की। जांच के दौरान तीन दुकानों से 15 रोल चायनीज मांझा जब्त किया गया।</p>
<p>सीएफओ व्यास ने बताया कि कई दुकानों पर जांच करने पर तीन दुकानों में से एक दो तो कहीं पांच रोल मांझा जब्त किया गया। जिसे मौके पर ही दुकानदारों के सामने जलाकर नष्ट किया गया। व्यास ने बताया कि प्रतिबंध के बाद भी चायनीज मांझा बाजार में बिक रहा है। लेकिन दुकानदार खुले आम नहीं बेचकर चोरी छिपे ही बीच रहे है। ऐसे में जानकारी जुटाकर कार्रवाई करने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। शहर में चायनीज मांझे के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम आयुक्त ने टीम का गठन कर आदेश भी जारी किया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि चायनीज मांझे की बिक्री के बारे में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 24 दिसम्बर के अंक में पेज 3 पर  फिर भी क्यों खतरनाक हो रहा मांझा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें जानकारी दी गई थी कि प्रतिबंध के बाद भी शहर में चायनीज मांझा बड़ी मात्रा में बिक रहा है। हालांकि पतंग के दुकानदार दुकानों की अपेक्षा गोदाम या घर से ही मांझे की बिक्री कर रहे हैं।हालत यह है कि अगले महीने मकर संक्रांति का पर्व आने वाला है। उस दौरान शहर में बड़ी संख्या में पतंगे उड़ती है। जिसमें अधिकतर चायनीज मांझे का उपयोग होता है। इस मांझे के उपयोग से लोगों के हाथ, गर्दन व आंख तक में कट लगने के मामले हो रहे हैं। साथ ही पक्षियों के भी घायल व मौत होने की घटनाएं होती है। इस बार मकर संक्रांति पर ऐसा नहीं हो उसे रोकने के लिए निगम ने अभी से कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 15:45:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिया तले ही अंधेरा....जे.के. लोन अस्पताल में फिर मिली अग्निशमन संबंधित अनियमितताएं , न फायर अलार्म सिस्टम काम कर रहा और न ही प्रशिक्षित कर्मचारी हैं</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा के जे.के. लोन अस्पताल में फायर टीम निरीक्षण के दौरान आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए। फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी उजागर हुई। जिला प्रशासन ने 7 दिन में सुधार के निर्देश दिए हैं। जयपुर की ट्रोमा सेंटर आग की घटना के बाद जांच की गई थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/darkness-under-the-lamp----fire-related-irregularities-were-again-found-at-j-k--lon-hospital--the-fire-alarm-system-is-not-working--nor-are-there-trained-personnel/article-129849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/63987.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिया तले ही अंधेरा...यह कहावत तो सभी ने सुनी है लेकिन इसका साक्षात उदाहरण है शहर का प्रमुख जे.के. लोन अस्पताल। सरकारी अस्पताल होने के बावजूद वहां ही आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। इसका खुलासा निगम की फायर टीम द्वारा पिछले दिनों किए गए निरीक्षण में हुआ। जयपुर के एसएमएस अस्पताल स्थित ट्रोमा सेंटर में गत दिनों हुई आग लगने की घटना के बाद कोटा में भी जिला प्रशासन व निगम का फायर अनुभाग सक्रिय हुआ है। घटना के अगले ही दिन की गई अस्पतालों की जांच में मिली कमियां अभी तक नहीं सुधरी है। </p>
<p>निगम की फायर टीम ने अस्पताल की पुरानी व नई ओपीडी बिल्डिंग में आग से सुरक्षा के इंतजामों को देखा तो वहां अनियमितताएं पाई गई। नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास के नेतृत्व में अग्निशमन अधिकारी अमजद  खान, अजहर मोहम्मद व सहायक अग्निशमन अधिकारी सीता चौपदार व अन्य कर्मचारियों ने जे.के. लोन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की जांच की। सीएफओ व्यास ने बताया कि अस्पताल में फायर अलार्म सिस्टम कार्यशील अवस्था में नहीं पाया गया।  हॉज बॉक्स के सामने कर्मचारी के बैठने की सीट लगा रखी है लेकिन वहां प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। निकास द्वार पर अनावश्यक सामान एकत्र किया हुआ है। वहीं स्मॉक डिटेक्टर भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।</p>
<p><strong>7 दिन में सुधार के लिए सुझाव</strong><br />सीएफओ व्यास ने बताया कि तीनों अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान अग् िनशमन से संबंधित अनियमितताएं पाई गई। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को 7 दिन में फायर उपकरण कार्यशील अवस्था में रखने के सुझाव दिए गए। गौरतलब है कि जयपुर की घटना के बाद गत दिनों जिला कलक्टर ने शहर के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों की बैठक ली थी। जिसमें उन्हें अपने यहां अग्निशमन सुरक्षा संबंधी पुख्ता इंतजार रखने और फायर टीम को निरीक्षण के निर्देश दिए थे। निर्देशों की पालना नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई को भी कहा था। उसी के तहत यह कार्रवाई की गई।     </p>
<p><strong>नई बिल्डिंग में भी कमियां</strong><br />सीएफओ व्यास ने बताया कि वहीं जे.के. लोन न्यू आईपीडी हॉस्टिपल में अग्ेिनशमन उपकरण तो स्थापित हैं लेकिन यहां भी प्रशिक्षित अग्ेिनशमन कर्मचारी नहीं लगाए गए हैं। साथ ही स्मॉकडिटेक्टर भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।  हाईडेंट सिस्टम में पानी का प्रेशर कमजोर है। इसी तरह डीलक्स, न्यू कॉटेज वार्ड  व फीमेल मेडिकल वार्ड कुछ उपकरण कार्यशील अवस्था में नहीं पाए गए। लिफ्ट के अंदर रोशनी अपर्याप्त है।  एक जगह पर फायर हाईडेंट सिस्टम को रस्सी से बांधा हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 16:12:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> असर खबर का - दीपावली से पहले शहर होगा चकाचक, जिला प्रशासन ने बनाई विशेष पर्यवेक्षण टीम</title>
                                    <description><![CDATA[दीपावली से पहले कोटा को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन ने 40 अधिकारियों की पर्यवेक्षण टीम गठित की है। ये अधिकारी 14-16 अक्टूबर तक वार्डों का निरीक्षण कर सफाई, जल निकासी, सड़क मरम्मत और रोशनी जैसी व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट देंगे। दैनिक नवज्योति की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---the-city-will-be-sparkling-clean-before-diwali--the-district-administration-has-formed-a-special-supervision-team/article-129822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलक्टर ने सफाई, मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर  निगरानी के लिए पर्यवेक्षण टीम गठित की गई है। कलक्टर ने आदेश में लिखा कि इस टीम का मुख्य उद्देश्य शहर में दीपावली के दौरान स्वच्छता, जल-निकासी, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण व सुधार सुनिश्चित करना है। कलक्टर ने करीब 40 अधिकारियों की टीम गठित की है। जिनमें 20 जिला पर्यवेक्षण अधिकारी व इतने ही सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षकों को भी  लिया गया है। सभी अधिकारियों को 5-5 वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अधिकारी 14 से 16 अक्टूबर तक वार्डों में निरीक्षण कर आमजन से सफाई संबंधी फीडबैक लेने के बाद रिपोर्ट तैयार कर संबंधित उपायुक्तों को रिपोर्ट देंगे। </p>
<p><strong>इन अधिकारियों की बनाई टीम</strong><br />टीम में भू-प्रबंध अधिकारी दीप्ति रामचन्द्र मीणा,जिला रसद अधिकारी कार्तिकेय मीणा, कोटा विकास प्राधिकरण के उपसचिव हर्षित वर्मा, जल संसाधन विभाग के  रोहिताश्व जैमिनी, लोक सेवाएं विभाग के सहायक निदेशक गजेन्द्र सिंह और कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक यतिश कुमार शर्मा शामिल हैं। इसकेअलावा केडीए की विशेषाधिकारी मालविका त्यागी, सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर, सहायक कलक्टर हुकम कंवर, जिला परिषद सीईओ  कमल कुमार मीणा, उपमहानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक पुष्पा हरवानी, प्रशिक्षु आईएएस व केडीए की उप सचिव आराधना चौहान, अतिरिक्त क्षेत्रीय विकास आयुक्त कुशल कोठारी,  कोटा विवि के कुल सचिव राजपाल सिंह, अतिरिक्त आयुक्त आबकारी  नरेश मालव, बलविंद्र सिंह गिल , तकनीकी विश्वद्यिवालय कोटा की कुल सचिव भावना शर्मा, डीडी आईसीडीएस सीता शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मजहर इमाम, कोषाधिकारी  बी.एल. मीणा, पेंशन विभाग के अतिरिक्त निदेशक दिनेश शर्मा, सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार राजेश कुमार मीणा और लाडपुरा तहसीलदार राजवीर यादव, जेववीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता शिवचरण जांगिड, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता  जे.पी. गुप्ता  व जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता  दीपक कुमार झा को टीम में शामिल किया गया है।  सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास, मुख्य लेखाधिकारी धीरज सोनी, सहायक लेखाधिकारी शिवचरण मीणा, सहायक अभियंता रूपम तिवारी, अधिशासी अभियंता प्रखर गोयल समेत अन्य अधिकारियों को सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी लगाया है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />गौरतलब है कि दीपावली के त्योहार पर शहर में रोजाना निकल रहे टनों कचरे के कारण शहर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इस मामले को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशिरत किया था। समाचार पत्र में 15 अक्टूबर को पेज 5 पर ‘रोजाना निकल रहा एक हजार टन कचरा, घर को साफ कर बाहर से ला रहे गंदगी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर ने शहर की सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर उन्हें वार्डवार जिम्मेदारी दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 14:42:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुनाफे के लालच में खुलेआम बिक रहे एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट्स, मॉल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर ग्राहकों की सेहत से हो रहा खिलवाड़</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राहक विश्वास और भरोसे के साथ बिना जांचे इन्हें खरीद  रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/expired-food-products-are-being-sold-openly-in-the-pursuit-of-profit--compromising-the-health-of-customers-in-malls--bus-stands--and-railway-stations/article-129640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(22).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तेजी से बदलती जीवनशैली में जहां हर कोई समय बचाने के लिए रेडी-टू-ईट्स पैकेज फूड की ओर रुख कर रहा है, वहीं यही सुविधा अब सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। शहर के कई स्थानों  खासकर बड़े मॉल, रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आस-पास  एक्सपायरी डेट निकल चुके फूड पैकेट धड़ल्ले से बिक रहे हैं। उनमें मैगी, ओट्स, बिस्किट और कुरकुरे जैसे पैक्ड फूड, जो हर घर में बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद हैं, अब मिलावट और एक्सपायरी की मार झेल रहे हैं। बाजार में इनका ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी हो रहा है। वहीं दूसरी और सीएमएचओ टीम त्योहारी सीजन को देखते हुए लगातार कार्यवाही कर रही है। टीम ने पिछले चार दिनों में यूज्ड आॅयल, 20 किलो मसाला, 150 किलो पनीर तथा 30 किलो आॅयल नष्ट करवाया है। वहीं सोमवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने सुल्तानपुर, ईटावा व खातौली में निरीक्षण किया है। जब नवज्योति रिपोर्टर ने शहर के प्रमुख स्थानों  दशहरा मेला, तलवंडी, गुमानपुरा, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड  पर जाकर देखा तो बिस्किट, नूडल्स के पैकेटों पर एक्सपायरी डेट महीनों पहले की निकल चुकी थी। कुछ पर मार्किंग तक मिटी हुई थी ताकि ग्राहक पहचान न सकें। छोटे दुकानों से लेकर बड़े मॉल तक त्योहारी सीजन पर इस तरह का माल निकालते है। </p>
<p><strong>बढ़ रहा फास्ट फूड का चलन</strong><br />कोरोना के बाद से हाड़ौती शहरवासियों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। व्यस्तता के बीच तैयार खाना पकाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में लोग आसान विकल्प के रूप में पैक्ड फूड की ओर झुक गए हैं। दुकानों से लेकर सुपरमार्केट तक, हर जगह आकर्षक पैकिंग में यह फूड आइटम ग्राहकों को लुभाते हैं। इन आकर्षक पैकिंग के पीछे कई बार खतरे छिपे होते हैं। एक्सपायरी डेट निकलने के बावजूद ये सामान बेचे जा रहे हैं और ग्राहक विश्वास और भरोसे के साथ बिना जांचे इन्हें खरीद भी रहे हैं। </p>
<p><strong>सीएमएचओ की कार्यवाही, फिर भी नहीं थम रही लापरवाही</strong><br />मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की ओर से समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते हैं। कई बार इन जगहों पर नमूने लेकर कार्रवाई भी की गई है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के कुछ बड़े मॉल और स्टेशनों व दशहरा मेला में अभियान चलाया था, जहां कई जब्त की तथा कुछ को नष्ट भी करवाया, लेकिन, अफसरों की कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही फिर से पुराने हालात लौट आते हैं। विक्रेता नए नाम से, नए ब्रांड के साथ वही गलती दोहराते हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />- एक स्थानीय रामूलाल ने बताया कि हम रोजाना बच्चों के लिए बिस्किट और नूडल्स लेते हैं, पर कभी एक्सपायरी डेट देखने का ध्यान नहीं देते। पिछले दिनों घर लाए ओट्स पैकेट में अजीब गंध आ रही थी, तब जाकर देखा तो उसकी एक्सपाइरी तारीख तो सालभर पहले ही निकल चुकी थी। <br />- वहीं दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों से जो स्टॉक आता है, उसमें कई बार पुराना माल भी शामिल होता है। व्यवस्ता के कारण हमें भी कई बार जानकारी नहीं मिल पाती है। <br />- कुछ विक्रेता तो साफ तौर पर कहते हैं कि हम तो जो सप्लायर देता है, वही बेचते हैं। ग्राहक को भी चाहिए वो इन चीजों का ध्यानपूर्व चेक करने के बाद ही लें। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है।</p>
<p><strong>एक्सपायरी फूड से हो सकते हैं गंभीर खतरे</strong><br />एक्सपायरी फूड सिर्फ स्वाद बिगाड़ता नहीं, बल्कि शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। एक्सपायरी के बाद पैक्ड फूड में मौजूद तेल और संरक्षक रासायनिक रूप से बदलने लगते हैं। यह शरीर में विषाक्त प्रभाव डालते हैं, जिससे उल्टी, दस्त, एलर्जी, फूड पॉइजनिंग और लिवर तक प्रभावित हो सकता है।<br /><strong>-डॉ. धर्मराज मीणा, अस्पताल अधीक्षक, एमबीएस कोटा</strong></p>
<p><strong>लगातार कार्रवाई से विक्रेताओं में सुधार</strong><br />पिछली दीपावली पर हुई कार्रवाई के बाद अब विक्रेताओं में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। विभाग की टीमें रोजाना अभियान चलाकर निरीक्षण कर रही हैं, जिससे लोगों में डर भी बना हुआ है। फूड पैकेट्स में एक्सपायरी डेट मिलते ही उन्हें तुरंत मौके पर ही नष्ट करवाया जा रहा है। अभी भी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। रेलवे स्टेशनों के बाहर स्थित दुकानों पर भी नियमित जांच की जा रही है। हाल ही में टीम खातौली, सुल्तानपुर और इटावा क्षेत्र में मावा की सूचना पर पहुंची थी और वहां आवश्यक कार्रवाई की गई।<br /><strong>-डॉ. नरेन्द्र नागर, सीएमएचओ, कोटा</strong></p>
<p><strong>यह करें उपभोक्ता</strong><br />- हर बार खरीदारी से पहले पैक पर तारीख अवश्य देखें।<br />- खुला हुआ या टूटा पैकेट कभी न लें।<br />- ठंडी और सूखी जगह पर रखे प्रोडक्ट को ही चुनें।<br />- एक्सपायरी प्रोडक्ट मिलने पर तुरंत 1915 पर शिकायत दर्ज कराएं।<br />- बच्चों के स्नैक्स में विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि वे अधिक संवेदनशील होते हैं।</p>
<p><strong>इनको करवाया नष्ट</strong><br />7 अक्टूबर : 120 किलो यूज्ड आॅयल<br />8 अक्टूबर : 20 किलो मसाला<br />11 अक्टूबर : 150 किलो पनीर<br />12 अक्टूबर : 30 किलो आॅयल</p>
<p><strong>इनको किया सीज</strong><br />6 अक्टूबर : 500 किलो बुरा, 3170 मिश्री, 1450 सोडियम हाइड्रोसल्फाइड<br />8 अक्टूबर : 75 किलो आॅयल<br />9 अक्टूबर : 1275 किलो घी, 320 किलो मावा<br />11 अक्टूबर : 400 किलो मावा, 120 किलो आॅयल, 30 किलो वनस्पति</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 17:02:51 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - पॉलिथीन पर सख्ती शुरू, निगम ने पहले ही दिन दो दुकानों पर ताला जड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रतिबंधित के बाद भी शहर में पॉलिथीन का धडल्ले से उपयोग जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---strict-action-begins-against-those-using-and-selling-polythene--municipal-corporation-team-seizes-two-shops-on-the-first-day/article-129372"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(4)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित करने के बाद भी शहर में धडल्ले से सिंगल यूज प्लास्टिक (पॉलिथीन)  का उपयोग व बिक्री करने वालों पर नगर निगम ने सख्ती करना शुरु कर दिया है। निगम टीम ने शुक्रवार को पहले ही दिन दो दुकानों को सीज किया है। नगर निगम कोटा दक्षिण के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा के आदेश की पालना में शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने शहर में दुकानों का सर्वे किया।  </p>
<p>इस दौरान  सूचना मिली कि धानमंडी स्थित दो दुकानों में प्लास्टिक का अवैध माल भरा हुआ है। इसकी पुष्टि करने के बाद दुकान के किराएदार को मौके पर बुलाया गया लेकिन वह नहीं आए। जबकि उन दुकानों के मालिक मौके पर पहुंच गए थे। वहां अवैध रूप से पॉलिथीन का माल भरा हुआ था। जिसे देखते हुए दोनों दुकानों को सीज किया गया है। सीएफओ व्यास ने बताया कि शहर में जहां भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा। वहां उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  इस मौके पर सहायक अभियंता तौसिफ खान स्वास्थ्य निरीक्षक नासिर व अतिक्रमण की टीम मौजूद रही।</p>
<p><strong> एक दिन पहले गठित की टीम </strong><br /> जिला कलक्टर द्वारा शहर में किए गए औचक  निरीक्षण के दौरान कोटा दक्षिण निगम आयुक्त को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन निर्देशों की पालना में आयुक्त ने गुरुवार को ही टीम गठित कर दी। जिसमें सीएफओ राकेश व्यास, सहायक अभियंता तौसिफ खान, स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम, संबंधित कनिष्ठ अभियंता क्षेत्र के अनुसार, फायरमैन मुकेश तंवर, संबंधित स्वास्थ्य निरीक्षक और अतिक्रमण दस्ता को शामिल किया गया है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />सरकार द्वारा प्रतिबंधित करने के बाद भी शहर में पॉलिथीन का धडल्ले से उपयोग होने के बारे में दैनिक नव’योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 9 सितम्बर को पेज 4 पर‘ बाजार में धडल्ले से हो रहा पॉलिथीन का उपयोग’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस समाचार में शहर की हकीकत दिखाई गई थी। उस समय निगम अधिकारियों ने शीघ्र ही कार्यवाही का दावा किया था।  अब जिला कलक्टर ने जब सख्ती से कार्यवाही करने का आदेश दिया तो निगम अधिकारी हरकत में आए और कार्यवाही के लिए न केवल टीम गठित की वरन् कार्रवाई भी तुरंत शुरू कर दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 15:24:52 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : किसी भी पक्षी का नेचुरल फूड नहीं है ज्वार-बाजरा, 90% कीटभक्षी व 10% बीजभक्षी होते हैं पक्षी</title>
                                    <description><![CDATA[अपना प्राकृतिक भोजन भूले कबूतर, अब आर्टिफिशल फूड पर हो गए निर्भर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--sorghum-and-millet-are-not-the-natural-food-of-any-bird--90--of-birds-are-insectivores-and-10--are-seed-eaters/article-127185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अनाज, ज्वार-बाजरा किसी भी पक्षी का प्राकृतिक भोजन नहीं है। लेकिन, लोग ज्वार-बाजरा खिलाकर प्रकृति के फूड चैन तोड़ रहे हैं। जिसके दुष्परिणाम घातक बीमारियों के रूप में सामने आ रहे हैं। आज सार्वजनिक स्थानों से घरों की छतों तक कबूतरों का कब्जा हो गया। कबूतरों को दाना डालकर लोग न केवल ईको सिस्टम को बर्बाद कर रहे बल्कि मानव जीवन को घातक संक्रमण व बीमारियों की ओर भी धकेल रहे हैं। कबूतरों के फड़फड़ाहट के दौरान पंखों से निकलने वाले बारीक रेशें व बीट से हवा में फैलते बैक्टेरिया सांस के साथ शरीर में जाते हैं और गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। यह बात वन्यजीव विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में आयोजित जागरूकता शिविर में उप वन संरक्षक अनुराग भटनागर ने बच्चों को जागरूक करते हुए कही। वाइल्ड लाइफ कोटा द्वारा बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन व श्रीपुरा स्थित पीएमश्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें बच्चों को पक्षियों के जीवन चक्र से रुबरू कराया।</p>
<p><strong>आस्था के नाम पर पक्षियों को गुलाम बनाना नेचर के खिलाफ</strong><br />उन्होंने बताया कि कबूतर के सम्पर्क में आने से  फंग्ल इंफेक्शन हिस्टोप्लासमोसिस और क्रिप्टोकोकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे में घर के आंगन, बालकनी या छत पर दाना डालने से बचें। प्रकृति ने उन्हें खुद भोजन जुटाने और जीवन जीने के लायक बनाया है। उन्हें दाना डालकर प्रकृति के ईको सिस्टम से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। आस्था के नाम पर पक्षियों को गुलाम बनाना नेचर के खिलाफ है।   यदि, दान पुण्य करना है तो मवेशियों को हरा चारा, गुड़ खिला सकते हैं।  </p>
<p><strong>वन्यजीवों की जान ले रहे गुब्बारे</strong><br />उप वन संरक्षक भटनागर बताते हैं, जन्मदिवस या अन्य खुशी के मौके पर गुब्बारों का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि, यह वन्यजीव व जलीय जीवों की मौत के कारण बनते हैं। गुब्बारें दो तरह के होते हैं, पहला-बायोडिग्रेडेबल जो लेटेक्स होते हैं। वहीं,  नॉन बायोडिग्रेडेबल होते हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं। गैस निकलने पर इनके दो ही जगह जंगल और नदियां-समुद्र में गिरने से कछुआ, उद बिलाव,  व्हेल,  डॉल्फिन, पक्षी गुब्बारों में उलझने या इनक टुकड़े निगलने से उनकी मौत हो जाती है। </p>
<p><strong>इंसानी दखल से टूटी पक्षियों की खाद्य श्रृंखला </strong><br />डीएफओ भटनागर ने बच्चों को बताया कि दुनिया में 90% पक्षी कीटभक्षी और 10% बीजभक्षी होते हैं, जिसमें कबूतर भी शामिल है।  अनाज, ज्वार व बाजरा किसी भी पक्षी का नेचुरल फूड नहीं है। जाने-अनजाने में इंसानी दखल से पक्षियों की खाद्यय शृखंला टूट रही है। वर्तमान में स्थिति यह हो गई कि कबूतर अब अपना मुख्य भोजन बीज खाना भूल गया, अब वह आर्टिफिशल फूड पर निर्भर हो गया। इतना ही नहीं कबूतरों को ज्वार-बाजरा खिलाना इंसान की दिनचर्या में शामिल हो गया। नियमित भोजन मिलने से उनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। जबकि, इनके पंखों व बीट से हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस, फंग्ल इंफेक्शन हिस्टोप्लासमोसिस और क्रिप्टोकोकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों  का खतरा बढ़ गया है। कबूतरों की सूखी बीट के वायरस हवा के साथ शरीर में पहुंचकर फेफड़े डेमेज कर रहे हैं।</p>
<p><strong>बंदरों को भोजन व चीटिंयों को न खिलाएं आटा</strong><br />सहायक वनपाल प्रेम कंवर ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा, बंदरों व लंगूर को भोजन, चीटिंयों को आटा नहीं खिलाना चाहिए। बंदर बड़े बीज वाले फल जैसे तेंदु, बेल पत्र, आम के फलों को खाकर बीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर फैलाते हैं, जिससे पड़ों की संख्या बढ़ती है। लेकिन, रेडिमेड फूड खिलाने से वे जंगल से आबादी के बीच बस गए। इनके काटे जाने से रेबीज तक का खतरा रहता है। इसी तरह चीटिंयों को आटा नहीं खिलाना चाहिए। इस दौरान  कोटा ग्रीन कम्यूनिटी के प्रणव सिंह खींची, ज्योत्सा खींची मौजूद रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 14:34:57 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी ने जर्जर स्कूल भवन का लिया जायजा </title>
                                    <description><![CDATA[टीम को नजर आए कक्षों में भरे कबाड़ को बेचने के लिए मौके पर दिशा निर्देश दिएं। वही परिसर में उग रहे झाड़-झंखाड़ को मनरेगा श्रमिकों को बुलवाकर सफाई अभियान शुरू करवाया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-the-news---chief-block-education-officer-inspected-the-dilapidated-school-building/article-84957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/asar-khabar-ka...mukhy-block-shikshadhikare-ne-jarjar-school-bhawan-ka-liya-zayaja...bundi-news-17.07.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा।  क्षेत्र के बांसी कस्बे में स्थित महात्मा गांधी गवर्मेंट स्कूल का मंगलवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी टीम के साथ जायजा लेने पहुंचे। टीम तो विद्यालय परिसर में गंदगी, कक्षों में कबाड़ सहित बरामदे की स्थिति, बिजली नही होना पानी की समस्या शौचालय सहित अन्य समस्याएं नजर आई। विद्यालय के अधीन पीईईओ को अन्य व्यवस्थाओं में इस समय गंभीर समस्या बिजली के लिए अभी अपने विद्यालय से बिजली सप्लाई पहुंचाने में सहयोग करने को कहा गया है। इस विद्यालय के लिए बिजली कनेक्शन की फाइल लगवाने के लिए बोला गया। तब तक नजदीकी विद्यालय से व्यवस्था करने को कहा गया है। टीम को नजर आए कक्षों में भरे कबाड़ को बेचने के लिए मौके पर दिशा निर्देश दिएं। वही परिसर में उग रहे झाड़-झंखाड़ को मनरेगा श्रमिकों को बुलवाकर सफाई अभियान शुरू करवाया गया। विद्यालय के अधीन पीईईओ को अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार बांसी के महात्मा गांधी गवर्मेंट स्कूल की परिसर जर्जर भवन पेयजल के पानी का संकट, भीषण गर्मी में बिना बिजली के शाला परिवार व कक्षों में भरे कबाड़ सहित अन्य समस्याओं से दैनिक नवज्योति ने मंगलवार के अंक में मौत के साये में विद्यार्थी और शाला परिवार ... इस  शीर्षक द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित करके संबंधित विभाग को अवगत कराया गया था। जिस पर मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी नैनवां अनिल गोयल, बांसी पीईईओ, व्याख्याता महावीर प्रसाद पंचोली टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विद्यालय के परिसर व शौचालयों कक्षों में पहुंचकर हाल जाने तो मौके पर घोर समस्याएं नजर आई है। जिन्हें दूर करने का मौके पर पीईईओ व प्रधानाचार्य को दिशा-निर्देश दिएं व मुख्य समस्याओं का समाधान के लिए कदम भी उठाएं है। </p>
<p> मौके पर निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक पीईईओ से भीषण गर्मी से शाला परिवार को परेशानी से बचाव के लिए अभी तो राउमावि से वैकल्पिक व्यवस्था बिजली सप्लाई की केबल पहुंचाने के लिए बोला गया है। विद्यालय के लिए बिजली कनेक्शन की फाइल विद्युत विभाग में लगाने के निर्देश दिए है। पेयजलापूर्ति परिसर में पानी की टंकी सहित नल लगाएं जाएगें। परिसर में उग रहे झाड़-झंखाड़ को हटाने के लिए पंचायत के मनरेगा श्रमिक को मौके पर बुलाया, जो परिसर में फैल रही गन्दगी को हटाते नजर आए है। टीम ने सभी कक्षों का निरीक्षण किया। मौके पर नजर आए कांच की बोतल के टूकडे व गंदगी नजर आई, तो श्रमिकों से हटाने के लिए निर्देश दिए। दो कक्षों में भरे कबाड़ को बेचने के लिए निर्देशित किया गया है। मौके पर प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद मीणा ने अधिकारी को बताया कि यहां पर नशेड़ियों का आनाजाना रहता है, जो इस तरह के बोतल व कांच के टूकड़े व कक्षों के ताले तोड़ने की समस्या बताई। इस तरह अनैतिक कार्य करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ताकि उन पर अंकुश लगाया जा सके। विद्यालय में रात्रि के समय के लिए चौकीदार उपलब्ध नहीं है। मौके पर टीम ने विद्यालय की समस्याओं का जायजा लेकर प्रस्ताव बनाया गया है। जिसको उच्चाधिकारियों के समक्ष भेजा जाएगा। </p>
<p> निरीक्षण अधिकारी के आदेशानुसार स्कूल में नकारा सामग्री के निस्तारण के लिए एक समिति गठित की जाएगी। जिसकी मौजूदगी में नकारा सामग्री का निस्तारण किया जाएगा। <br /><strong>-  प्रेमचंद माली, पीईईओ राउमावि बांसी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 16:10:56 +0530</pubDate>
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                <title>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों की अपनी पुरानी टीम को रखा बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[ उस समय से ही वह लोकसभा अध्यक्ष के अतिरिक्त निजी सचिव रहे हैं। इसी प्रकार राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी अंकित जैन को भी कैडर क्लीयरेंस मिल गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/om-birla-retained-his-old-team-of-officers/article-84544"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/2222.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बने ओम बिरला ने राजस्थान के अधिकारियों  की अपनी पुरानी टीम को ही बरकरार रखा है। इनमें से कुछ अफसरों के पुनर्नियुक्ति के आदेश जारी हो गए। एक आरपीएस अधिकारी का कैडर क्लीयरेंस हो गया, उनकी भी पुनर्नियुक्ति के आदेश संभवत: सोमवार को जारी हो जाएंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने अतिरिक्त निजी सचिव राजेश डागा पर फिर विश्वास जताया है। डागा वर्ष 2001 बैच के तहसीलदार सेवा के अधिकारी थे। वर्ष 2015 में पदोन्नत होकर आरएएस बने है। आरएएस बनने के बाद अधिकांश समय अपनी सेवाएं कोटा और आसपास के क्षेत्र में दी है। गत दिसम्बर माह में डागा को लोकसभा में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। उस समय से ही वह लोकसभा अध्यक्ष के अतिरिक्त निजी सचिव रहे हैं। इसी प्रकार राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी अंकित जैन को भी कैडर क्लीयरेंस मिल गया है। इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिए। </p>
<p>वर्ष 2017 बैच आरपीएस जैन गत जनवरी माह से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सहायक निजी सचिव पद पर कार्यरत है। अब फिर से उनको नियुक्त किया जा रहा है। संभवत: सोमवार को उनके आदेश जारी हो जाएंगे। जैन आरपीएस के रूप में सिरोही, टोंक, कोटा और बूंदी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीशाषी अभियंता रविन्द्र गुप्ता को लोकसभा में पुननियुक्ति दी गई है। अधीशाषी अभियंता दिनेश परेटा को पुननियुक्त कर दिया गया है। राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी राजीव दत्ता की ओएसडी पद पर पुननियुक्ति के आदेश छह जुलाई को ही जारी हो चुके हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 11:09:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>ICC T-20 World Cup : कनाडा ने की टीम की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और वेस्टइंडीज की सह मेजबानी में होने वाले टी-20 विश्वकप के लिए पाकिस्तानी मूल के साद बिन जफर की अगुवाई वाली 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/icc-t-20-world-cup-canada-announced-team/article-76588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/canda-cricket-team.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। अमेरिका और वेस्टइंडीज की सह मेजबानी में होने वाले टी-20 विश्वकप के लिए पाकिस्तानी मूल के साद बिन जफर की अगुवाई वाली 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। कनाडा पहली बार टी-20 विश्वकप में हिस्सा ले रहा। चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभव के साथ युवा कौशल को तरजिह देते हुए छह नए चेहरों को जगह दी है। बल्लेबाज कंवरपाल ताथगुर, आरोन जॉनसन और तेज गेंदबाज कलीम सना जैसे खिलाड़ी टीम में शामिल हैं। परगट सिंह और रविंदर पाल सिंह, समेत टीम में छह खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं। हालांकि निखिल दत्त और श्रीमंथा विजयरत्ने जैसे कुछ बड़े खिलाड़ी टीम में जगह नहीं बना पाए। टूर्नामेंट के लिए तजिंदर सिंह को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चुना गया है। कनाडा का मुश्किल ग्रुप है और उसमें भारत और पाकिस्तान के साथ ही अमेरिका की टीम है। टूर्नामेंट में कनाडा का पहला मुकाबला एक जून को अमेरिका से होगा। </p>
<p><strong>टी20 विश्वकप के लिए कनाडा की टीम इस प्रकार है:-</strong></p>
<p>साद बिन जफर (कप्तान), एरोन जॉनसन, दिलन हेलिगर, दिलप्रीत बाजवा, हर्ष ठाकेर, जेरेमी गॉर्डन, जुनैद सिद्दीकी, कलीम सना, कंवरपाल ताथगुर (विकेटकीपर) नवनीत धालीवाल, निकोलस किरटन, परगट सिंह, रविंदर पाल सिंह, रेयान खान पठान और श्रेयस मोव्वा (विकेटकीपर)</p>
<p><strong>रिजर्व:</strong> तजिंदर सिंह (यात्रा) आदित्य वरदराजन, अम्मार खालिद, जतिंदर मथारू, और परवीन कुमार</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 May 2024 16:02:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई इंडियंस की बस जाम में फंसी, फैन ने मदद कर निकलवाया</title>
                                    <description><![CDATA[रास्ते में टीम की बस एक चौराहे पर जाम में अटक गई। जिसके बाद कई फैंस बस के सामने से टीम के खिलाड़ियों की फोटो खींचते नजर आए। बस के आगे कुछ गाड़ियां और बाईक थीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fan-helps-mumbai-indians-bus-stuck-in-traffic-jam/article-75674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/trer-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आईपीएल का मैच खेलने आई मुंबई इंडियंस की टीम की बस जाम में फंस गई। एक फैन ने मदद कर बस को जाम से निकलवाया। इसके बाद पूरी टीम ने उसके लिए ताली बजाई। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। मुंबई इंडियंस के आॅफिशियल अकाउंट से एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया गया है।  जानकारी के अनुसार, मुम्बई इंडियंस की टीम जयपुर में प्रैक्टिस के बाद होटल वापस जा रही थी।</p>
<p>रास्ते में टीम की बस एक चौराहे पर जाम में अटक गई। जिसके बाद कई फैंस बस के सामने से टीम के खिलाड़ियों की फोटो खींचते नजर आए। बस के आगे कुछ गाड़ियां और बाईक थीं। इसी दौरान भीड़ से एक युवक आगे आया और टीम की बस के लिए रास्ता साफ किया। इस युवक की टी शर्ट पर सनी लिखा था। इस मदद के बाद रोहित शर्मा समेत टीम के खिलाड़ियों ने इस फैन के लिए ताली बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया। मुंबई इंडियंस ने यह वीडियो खुद शेयर किया है। पोस्ट में लिखा है, दिल जीत लिया सनी भाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 11:00:22 +0530</pubDate>
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