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                <title>सफाई कर्मचारियों के लिए आयोग की बड़ी मांग! कुशल-अर्द्धकुशल-अकुशल वर्गीकरण और जोखिम भत्ते की सुविधा देने की अपील, पीड़ित परिवारों को 30 लाख की आर्थिक सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सीवर हादसों के 1223 पीड़ित परिवारों को 30-30 लाख रुपये की मुआवजा राशि उपलब्ध कराई है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने बताया कि सफाई कर्मियों को नियमित करने, जोखिम भत्ता दिलाने, स्वास्थ्य जांच और उनके बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय खोलने हेतु प्रयास लगातार जारी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/commissions-big-demand-for-sanitation-workers-appeal-to-provide-facility/article-163535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/hardeep-singh-pal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़ी दुर्घटनाओं के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 1223 पीड़ितों के परिजनों सहायता राशि उपलब्ध करवा चुका है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़ी दुर्घटनाओं के मामलों को त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध करवाने में पूरी संवेदनशीलता से कार्य किये जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़े हादसों में 1993 से 20 अगस्त तक 1394 मौत के मामले संज्ञान में आये हैं, जिनमें से 1223 मामलों में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करवायी जा चुकी है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुरूप इन मामलों में मृतकों के परिजनों को 30 लाख रुपये उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। श्री गिल ने बताया कि आयोग सफाई कर्मचारियों के बेहतर जीवनयापन के लिए लगातार प्रयासरत है और इन्हें तीन वर्गों में विभाजित करने की मांग कर रहा है। आयोग ने केन्द्रीय श्रम मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि सफाई कर्मचारियों का कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल कर्मी के रूप में वर्गीकरण किया जाये, जिससे उन्हें बेहतर वेतन और अन्य सुविधाएं मिलने में आसानी हो सके। आयोग सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिलाने के प्रावधान करने का भी मंत्रालय से अनुरोध कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस बाबत मार्च-अप्रैल से दो पत्र मंत्रालय भेजे जा चुके हैं और मंत्रालय ने इनका संज्ञान लेते हुए इस मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आयोग सभी राज्य सरकारों से बार-बार अनुरोध कर रहा है कि सफाई कर्मचारियों की प्रत्येक छह माह में चिकित्सा जांच जरूर की जाये। इससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय पर दूर करने में मदद मिलेगी। आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई निरंतर चलने वाला कार्य हैं अत: वह सफाई कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति के वह पक्षधर नहीं हैं और इस मामले में संबंधित पक्षों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने के के लिए भी आयोग गंभीरता से कोशिशें जारी रखे हुए हैं।</p>
<p>गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर प्रत्येक जिले में आवासीय स्कूल खाेलने के लिए भी आयोग सरकार से पत्राचार कर रहा है। इन कर्मियों को आवास मुहैया कराने के लिए गुजरात सरकार की अंबेडकर आवासीय योजना के अनुरूप पूरे देश में योजनायें बनाने के लिए आयोग राज्य सरकारों से आग्रह कर रहे हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य सरकारों से अपेक्षित सहयोग न मिलने से नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) विशेष डिजिटल व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। राज्य सरकारें इस पोर्टल पर संबंधित आंकड़े समय पर अपलोड नहीं करवा रही हैं। गिल ने कहा कि 23 अगस्त को आयोग के स्थापना दिवस के मौके पर होने वाले आयोजन में प्रत्येक राज्य से प्रतिनिधि आ रहे हैं, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। आयोग का गठन अगस्त 1994 में किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 19:02:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान संघर्ष के बीच अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर सवाल, हथियारों की कमी से यूरोप और एशिया के सहयोगी चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के प्रमुख सहयोगियों ने उसकी बहु-मोर्चीय सैन्य क्षमता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मध्य पूर्व में ईरान संघर्ष और अन्य मोर्चों पर पैट्रियट तथा थाड जैसी मिसाइलों के भारी इस्तेमाल से अमेरिका का हथियार भंडार काफी कम हो गया है, जिससे कई मोर्चों पर एक साथ निपटने की उसकी क्षमता पर चिंता जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/americas-security-guarantee-questioned-amid-iran-conflict-europe-and-asias/article-163493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के सहयोगी देश इस बात पर लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमेरिका पश्चिम एशिया, यूरोप और एशिया में एक साथ बड़े सैन्य संघर्षों को जारी रखने में सक्षम है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध में महत्वपूर्ण हथियारों के भंडार में कमी आने से अमेरिका की सुरक्षा गारंटी की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान संघर्ष में पैट्रियट और थाड इंटरसेप्टर की बड़ी संख्या इस्तेमाल हो चुकी है, जिसके कारण पेंटागन को यूरोपीय और एशियाई सहयोगियों के लिए पहले से निर्धारित कुछ हथियारों को दूसरी ओर भेजना पड़ा है। सहयोगियों को अब खुले तौर पर संदेह है कि क्या अमेरिका का रक्षा औद्योगिक आधार एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध के लिए हथियारों के भंडार को पर्याप्त तेजी से फिर से भर सकता है।</p>
<p>अमेरिका की सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के अनुमान के अनुसार अमेरिका पहले ही अपने युद्ध-पूर्व भंडार के करीब आधे मिसाइल इंटरसेप्टर (पैट्रियट और थाड) तथा लंबी दूरी की टॉमहॉक और जेएएसएसएम मिसाइलों के करीब एक-तिहाई भंडार का इस्तेमाल कर चुका है। काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के विशेषज्ञों के इस महीने जारी एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया कि अमेरिका का हथियार भंडार कम हो चुका है और अब उसमें ताइवान पर चीन के हमले को रोकने की क्षमता नहीं रह गई है। अध्ययन में वाशिंगटन से तत्काल सटीक मारक मिसाइलों के उत्पादन को युद्धकालीन स्तर पर लाने का आग्रह किया गया और चेतावनी दी गई कि संघर्ष शुरू होने तक इंतजार करना बहुत देर हो जाएगी।</p>
<p>किसी भी संकट की स्थिति में अमेरिका अपने सैन्य उत्पादन को तेजी से बढ़ा सकता है, यह पुरानी धारणा दशकों में पहली बार वास्तविक परीक्षा का सामना कर रही है। सहयोगी और प्रतिद्वंद्वी दोनों ही इस पर करीबी नजर रख रहे हैं कि क्या औद्योगिक गिरावट, रणनीतिक असंगति और राजनीतिक अव्यवस्था ने अमेरिका को इस स्थिति में पहुंचा दिया है कि वह कई मोर्चों पर निर्णायक सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं रह जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 17:53:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के सरकार के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 15 सितंबर तय की है। इस अंतरिम आदेश से हजारों परीक्षार्थियों और चयनित उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jharkhand-high-courts-big-decision-interim-stay-on-governments-order/article-163514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/jharkhand3.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड सरकार की ओर से जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा को रद्द करने के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले में भी सेम ऑर्डर फॉलो किया जाएगा। मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 15 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। हाई कोर्ट के न्यायधीश जस्टिस दीपक रौशन के कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई</p>
<p>सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं, प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। मामले में हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने अपनी दलीलें पेश कीं। वहीं, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।</p>
<p>हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ सीजीएल अभ्यर्थियों की ओर से शुक्रवार को ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल सरकार के रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी। ज्ञातव्य है कि झारखंड सरकार ने राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसी क्रम में जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा को भी रद्द किया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों और परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।</p>
<p>इससे एक दिन पहले, गुरुवार को भी झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द किए जाने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। अब जेएसएससी सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा के मामले में भी कोर्ट के अंतरिम आदेश से अभ्यर्थियों को राहत मिली है। मामले की अगली विस्तृत सुनवाई 15 सितंबर को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 16:21:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेनी किसानों को यूरोपीय संघ से बड़ा झटका, बंदरगाहों की नाकेबंदी के बीच 22 करोड़ यूरो की सहायता देने से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[यूरोपीय संघ ने बंदरगाहों की नाकेबंदी के कारण नुकसान झेल रहे यूक्रेनी किसानों को 22 करोड़ यूरो की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने से इनकार कर दिया है। पोलैंड सीमा पर बढ़ते परिवहन संकट और लॉजिस्टिक समस्याओं के बीच यह फैसला लिया गया है, जिससे यूक्रेन के कृषि निर्यात में भारी गिरावट आने की आशंका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-blow-to-ukrainian-farmers-from-eu-refusal-to-provide/article-163489"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/eu.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूरोपीय संघ ने बंदरगाहों की नाकेबंदी के कारण यूक्रेनी किसानों को अतिरिक्त 22 करोड़ यूरो (25.7 करोड़ डॉलर) देने से इनकार कर दिया है। गत 23 जुलाई को यूक्रेन के कृषि नीति मंत्री तारास वायसोस्की ने कहा था कि जहाज मालिकों के फैसले के कारण जहाजों ने यूक्रेनी बंदरगाहों में प्रवेश करना बंद कर दिया है। अगस्त की शुरुआत में माल ढुलाई एजेंटों के संघ ने बंदरगाहों की नाकेबंदी के कारण पोलिश सीमा पर परिवहन व्यवस्था चरमराने की जानकारी दी थी। पोलैंड में प्रवेश के लिए करीब 6,500 ट्रक कतार में खड़े थे और प्रतीक्षा अवधि सात दिन तक पहुंच गई थी।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय आयोग पहले से ही मध्यस्थ संस्थाओं के माध्यम से यूक्रेनी बैंकों के लिए ऋण कार्यक्रमों का समर्थन करता है। ये बैंक उद्यमियों और विशेष रूप से किसानों को ऋण उपलब्ध कराते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगस्त की शुरुआत में यूक्रेन के कृषि मंत्रालय ने यूरोपीय आयोग से छोटे और मध्यम आकार के यूक्रेनी कृषि उत्पादकों के ऋण पर ब्याज की भरपाई के लिए 22 करोड़ यूरो की गैर-वापसी योग्य सहायता देने की संभावना पर विचार करने का अनुरोध किया था। यूक्रेन के कृषि मंत्रालय ने अगस्त की शुरुआत में कहा था कि देश के बंदरगाहों में लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण 2026-27 में यूक्रेन का कृषि निर्यात आधा रह सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 12:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पंजाब बंद के मद्देनजर मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा, वाईपीएस चौक पर भारी पुलिस बल तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बंद के चलते मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-punjab-bandh-tight-security-on-mohali-chandigarh-border/article-163463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/chandigarh.png" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। पंजाब के मोहाली मे बंदी सिंहों की रिहाई समेत अन्य मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बंद के मद्देनजर मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पंजाब बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बुलाया गया है। मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई है। खास तौर पर जेल बॉर्डर पर पुलिस बल की तैनाती के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं वाईपीएस चौक पर भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात नजर आ रहे हैं।</p>
<p>बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर 15 अगस्त को मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद आज के बंद को देखते हुए प्रशासन की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। मोहाली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों से प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और आवाजाही के दौरान प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 11:28:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दी हिचिलेमा को दोबारा ज़ाम्बिया के राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई, द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूती</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज़ाम्बिया के राष्ट्रपति के रूप में पुनः चुने जाने पर हाकाइंडे हिचिलेमा को बधाई दी। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और गहरा करने तथा मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-hichilema-on-his-re-election-as-president-of/article-163461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ज़ाम्बिया के राष्ट्रपति के तौर पर दोबारा चुने जाने पर हाकाइंडे हिचिलेमा को बधाई दी और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और गहरा करने के लिए उनके साथ काम करने की इच्छा जतायी। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में श्री हिचिलेमा को बधाई दी और ज़ाम्बिया के साथ भारत के रिश्तों के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा, "भारत ज़ाम्बिया के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है और मैं उनके नेतृत्व में हमारे संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हूं।"</p>
<p>भारत और ज़ाम्बिया के बीच लंबे समय से राजनयिक संबंध रहे हैं और दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, विकास सहायता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और क्षमता निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग विकसित किया है। इन रिश्तों ने एक आर्थिक आयाम भी हासिल किया है, जिसमें भारतीय व्यवसायों की मौजूदगी फार्मास्यूटिकल्स, खनन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में है। इसके अलावा, भारत ने अफ्रीकी देशों के साथ अपने व्यापक जुड़ाव के हिस्से के तौर पर ज़ाम्बिया में विकास और क्षमता निर्माण की पहल की है।</p>
<p>हिचिलेमा के दोबारा चुने जाने से द्विपक्षीय जुड़ाव में निरंतरता आने की उम्मीद है, और भारत मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और साझेदारी के नए क्षेत्रों का पता लगाने की इच्छुक है। मोदी का संदेश द्विपक्षीय संबंधों में गति बनाए रखने और हिचिलेमा के नए कार्यकाल के दौरान कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के लिए उनकी सरकार के साथ काम करने में भारत की रुचि को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 09:46:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नर्सिंग छात्रों का सीएम हाउस की ओर कूच: पुलिस ने रास्ते में रोका; परीक्षा, डिग्री, रजिस्ट्रेशन और कॉलेज मान्यता से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। छात्र लंबे समय से परीक्षा, डिग्री, रजिस्ट्रेशन और छात्रवृत्ति की समस्याओं का समाधान मांग रहे हैं। वे केवल ठोस लिखित आश्वासन मिलने पर ही आंदोलन समाप्त करने पर अड़े हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nursing-students-marched-towards-cm-house-police-stopped-them-on/article-163458"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/bhopal.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। छात्र शहर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, छात्रों का एक छोटा समूह पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रवेश द्वार के पास पहुंच गया। पुलिस को इसकी भनक लगते ही जवानों ने हस्तक्षेप किया और छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। दरअसल, नर्सिंग छात्र लंबे समय से परीक्षाओं, डिग्री, रजिस्ट्रेशन, छात्रवृत्ति और कॉलेजों की मान्यता से जुड़े मामलों के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नर्सिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष पीठ में तत्काल सुनवाई कराना शामिल है। इसके अलावा छात्रों ने बीएससी नर्सिंग और जीएनएम की परीक्षाएं एक साथ आयोजित कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>छात्रों की प्रमुख मांगें</strong></p>
<p>प्रदर्शन कर रहे छात्र विशेष रूप से 2020-21 बैच को लेकर चिंतित हैं। उनकी मांग है कि इस बैच के छात्रों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो। इसके अलावा नर्सिंग मामले की जल्द से जल्द स्पेशल बेंच के माध्यम से सुनवाई कराकर नर्सिंग छात्रों के हित में निर्णय लिया जाए और छात्रों की छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए। </p>
<p><strong>लिखित आश्वासन पर अड़े छात्र</strong></p>
<p>छात्रों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे केवल मौखिक आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे। छात्रों का कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद वे परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में उलझे हुए हैं।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 09:31:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निकाय चुनाव से ठीक पहले अजमेर भाजपा में सियासी भूचाल! पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने छोड़ी पार्टी, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पर लगाए गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान निकाय चुनाव से ठीक पहले अजमेर भाजपा में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और नागौर जिला चुनाव प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सीधे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ मोर्चा खोला है, जिससे अजमेर से जयपुर तक हड़कंप मच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/just-before-the-civic-elections-political-turmoil-in-ajmer-bjp/article-163456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। आगामी निकाय चुनाव को लेकर बिछ रही राजनीतिक बिसात के बीच राजस्थान में अजमेर भाजपा की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक रूप से भड़क उठी है। पार्टी के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ हाल ही में मिले नागौर जिला चुनाव प्रभारी के पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है।</p>
<p>धर्मेंद्र गहलोत ने अपने इस्तीफे और तीखे बयानों के जरिए सीधे तौर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे अजमेर से लेकर जयपुर तक प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। यह राजनीतिक धमाका निकाय चुनाव के ठीक मुहाने पर हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 09:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंद-प्रशांत में चीन की चुनौती के बीच भारत-जापान का बड़ा कदम, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति बनी</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर समझौते पर हस्ताक्षर किए तथा मेक इन इंडिया के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-chinas-challenge-in-the-indo-pacific-india-and-japan-agreed/article-163436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक की जिसमें दोनों पक्षों ने मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। रक्षा मंत्रालय ने बैठक के बाद जारी साझा प्रेस वक्तव्य में कहा कि दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात पर आकलन साझा करने तथा नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा में बाधा डालने वाली एकतरफा कार्रवाइयों तथा बल या दबाव के जरिए यथास्थिति बदलने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ," हिन्द प्रशांत की स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम। नयी दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ सार्थक बैठक हुई। बैठक में हमने समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत करने , मेक इन इंडिया पहल के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने और सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।" साझा प्रेस वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने हिन्द-प्रशांत में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए समुद्री सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक और प्रभावी तरीके से बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किये जिसमें समुद्री क्षेत्र से संबंधित जागरूकता, खोज एवं बचाव, मानवीय सहायता और आपदा राहत तथा भारतीय नौसेना और जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स के बीच सहयोग मजबूत करना शामिल है।</p>
<p>दोनों मंत्रियों ने समुद्री संचार लाइनों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक जहाजों की पारस्परिक यात्राओं, संयुक्त अभ्यास, सैन्यकर्मियों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान तथा बंदरगाहों, रखरखाव और मरम्मत सुविधाओं के इस्तेमाल सहित लॉजिस्टिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने बारूदी सुरंग रोधी क्षमताओं में तालमेल बढ़ाने तथा जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए नौसैनिक पोत निर्माण और डिजाइन में संयुक्त विकास की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई।</p>
<p>भारत और जापान ने द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों को और जटिल तथा व्यापक बनाने, मानवरहित प्रणालियों को शामिल करने और अवसर मिलने पर कम समय के नोटिस पर संयुक्त अभ्यास करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने इस साल होने वाले 'वीर गार्जियन 26' वायु अभ्यास का स्वागत किया, जिसमें पहली बार जापान के लड़ाकू विमान भारत आएंगे। उन्होंने हिन्द-प्रशांत के व्यापक दृष्टिकोण के साथ उच्चस्तरीय आदान-प्रदान, सैन्य अभ्यास और अन्य पहलों के जरिए सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत, जापान और इंडोनेशिया के बीच इस साल फरवरी में हुए पहले त्रिपक्षीय नौसैनिक 'पासेक्स' अभ्यास का भी स्वागत किया गया।</p>
<p>दोनों पक्षों ने प्राकृतिक आपदाओं के समय साझेदार देशों को कर्मियों और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही, इस वर्ष सितंबर में जापान के रक्षा मंत्रालय में होने वाले नेटवर्क के दूसरे टेबलटॉप अभ्यास का स्वागत किया। भारत और जापान ने रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने, यूनिकॉर्न एकीकृत संचार एंटीना प्रणाली परियोजना को जल्द साकार करने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और जापान के एटीएलए के बीच उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं विकास सहयोग बढ़ाने तथा रक्षा उद्योग मंच आयोजित करने पर भी सहमति जताई। दोनों मंत्रियों ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय और क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए महानिदेशक/संयुक्त सचिव स्तर के कार्य समूह की स्थापना पर भी सहमति जताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:33:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा ऐलान! इस साल उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से फिर मुलाकात करेंगे, परमाणु हथियारों पर भी किया बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष के अंत में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उत्तर कोरिया के पास 57 बेहद शक्तिशाली परमाणु हथियार मौजूद हैं ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-he-will-meet-north-korean-leader-kim/article-163440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/donald-trump-123.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस वर्ष उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन से मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या वह इस वर्ष के अंत में किम से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "हां, मैं (उनसे मुलाकात) करूंगा।" उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया के पास 57 'बेहद शक्तिशाली' परमाणु हथियार हैं।</p>
<p>यह पहली बार है जब ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे की कोई निश्चित संख्या बतायी है। एक दिन पहले 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप अपने सहयोगियों पर किम के साथ बैठक की तैयारी के लिए दबाव डाल रहे हैं। ऐसी बैठक नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन में ट्रंप की संभावित यात्रा के दौरान हो सकती है। ट्रंप ने हालांकि किम के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की अपनी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह किम के साथ लिखित पत्रों के माध्यम से संपर्क में हैं, उन्होंने कहा, "मैं आपको यह नहीं बता सकता।"</p>
<p>ट्रंप ने बाद में एक अन्य संवाददाता सम्मेलन में इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि किम के साथ बातचीत बहाल करने का उनका लक्ष्य अब भी उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण है या नहीं। इससे आशंका बढ़ी है कि उनका प्रशासन पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के बजाय तनाव कम करने और परमाणु जोखिम के प्रबंधन जैसे सीमित लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। ट्रंप प्रशासन इससे पहले उत्तर कोरिया के 'पूर्ण' परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति प्रतिबद्धता दोहरा चुका है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, "मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं, किम जोंग-उन के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं। उन्हें (जो) बाइडेन पसंद नहीं थे। उन्हें (बराक) ओबामा पसंद नहीं थे। उन्हें कोई पसंद नहीं था, लेकिन वह मुझे पसंद करता है।" ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब उनके किम के साथ व्यक्तिगत कूटनीति दोबारा शुरू करने की संभावना को लेकर अटकलें तेज हैं। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने किम के साथ तीन बैठकें की थीं। दोनों नेताओं की पहली मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में, दूसरी फरवरी 2019 में हनोई में और तीसरी जून 2019 में पनमुनजोम स्थित अंतर-कोरियाई सीमा गांव में हुई थी।</p>
<p>इन अटकलों को ट्रंप के दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कटौती के हालिया निर्देश से भी बल मिला है। इसे उत्तर कोरिया के प्रति एक सुलहकारी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी करार देता रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि किम ट्रंप की पहल पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे। रूस के साथ उत्तर कोरिया के राजनयिक, आर्थिक और सैन्य संबंधों में बढ़ोतरी तथा चीन के साथ बेहतर संबंधों ने उत्तर कोरिया की अमेरिका पर निर्भरता को पहले की तुलना में कम किया है।</p>
<p>ट्रंप की पहली प्रेस वार्ता से कुछ समय पहले ही किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया-अमेरिका के जारी सैन्य अभ्यास में कटौती को लेकर कहा कि उत्तर कोरिया को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कदम 'टिप्पणी के लायक भी नहीं' है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के लिए किम 'अच्छी यादें और भावनाएं' रखते हैं और दोनों नेताओं के संबंध अब भी उत्कृष्ट हैं। उनके इस बयान को अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना के लिए एक खुला संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने पहले उत्तर कोरिया को 'परमाणु शक्ति' कहा है, लेकिन यह पहली बार है जब उन्होंने उसके परमाणु जखीरे की कोई विशिष्ट संख्या बतायी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया के पास करीब 60 परमाणु हथियार हो सकते हैं और उसके पास इतनी विखंडनीय सामग्री भी हो सकती है जिससे दर्जनों और हथियार बनाए जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "अगर मैं राष्ट्रपति होता तो इसकी अनुमति नहीं देता। लेकिन उसके पास ये हथियार हैं। मैं उसके साथ बहुत अच्छी तरह मिलता हूं। जब तक हमारे पास एक समझदार राष्ट्रपति है, वह ठीक रहेंगे। अगर हमारे पास कोई मूर्ख राष्ट्रपति है, तो शायद वह इतना ठीक नहीं रहेंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:16:48 +0530</pubDate>
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                <title>रक्षाबंधन पर जयपुर की महिलाओं को बड़ी राहत, JCTSL की सभी लो-फ्लोर बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षाबंधन के अवसर पर जयपुर में महिलाओं को जेसीटीएसएल की लो-फ्लोर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, यह छूट सभी एसी और नॉन-एसी बसों में केवल रक्षाबंधन के दिन लागू रहेगी । इससे शहर भर में सफर करने वाली हजारों महिलाओं को आसानी होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-relief-to-the-women-of-jaipur-on-rakshabandhan-free/article-163452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bus.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की ओर से शहर में संचालित सभी एसी और नॉन-एसी लो-फ्लोर बसों में रक्षाबंधन के दिन महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। जेसीटीएसएल एमडी नारायण सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। फैसले के बाद रक्षाबंधन पर शहर में आने-जाने वाली हजारों महिलाओं को बस किराए से राहत मिलेगी। यह सुविधा जेसीटीएसएल की सभी एसी और नॉन-एसी लो-फ्लोर बसों में लागू रहेगी। इससे बहनें अपने भाइयों के घर आसानी से पहुंच सकेंगी और पर्व के दौरान सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग कर सकेंगी। </p>
<p>वहीं, राजस्थान रोडवेज की बसों में महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर दो दिन निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके मुकाबले जयपुर की लो-फ्लोर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा केवल रक्षाबंधन के दिन ही लागू होगी। जेसीटीएसएल के इस निर्णय से महिलाओं को पर्व पर आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 17:43:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजस्थान में पीएम गति शक्ति पोर्टल पर राजस्व भूमि की किस्म और विवरण होंगे मैप, बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन चयन होगा आसान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में पीएम गति शक्ति राज्य मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने जीआईएस (GIS) आधारित डेटा, राजस्व भूमि के विस्तृत ब्योरे और ₹100 करोड़ से अधिक की इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की पोर्टल पर मैपिंग प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/types-and-details-of-revenue-land-will-be-mapped-on/article-163450"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में पीएम गति शक्ति राज्य मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में पोर्टल पर जीआईएस आधारित डेटा, विभिन्न डेटा लेयर्स की मैपिंग और परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी आवश्यक लेयर्स की मैपिंग प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि राजस्व भूमि की मैपिंग में केवल स्थान ही नहीं, बल्कि भूमि की किस्म और अन्य महत्वपूर्ण विवरण भी पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएं। इससे परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि का चयन आसान होगा। </p>
<p>उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को पोर्टल पर प्राथमिकता से मैप करने तथा संभावित इन्फ्रास्ट्रक्चर गैप्स की पहचान और विश्लेषण के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पोर्टल पर केंद्र की 29 अनिवार्य और राज्य की 23 अतिरिक्त लेयर्स के साथ 11 अन्य लेयर्स की भी मैपिंग हो चुकी है। बारां का जिला मास्टर प्लान तैयार है, जबकि धौलपुर, सिरोही, करौली और जैसलमेर में कार्य जारी है। इनमें स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, विद्युत और सड़क सुविधाओं का डेटा शामिल किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 17:41:23 +0530</pubDate>
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