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                <title> modi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>करूर भगदड़ : पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की राहत राशि का ऐलान, कहा- मेरी संवेदनाएँ मृतकों के परिवारों के साथ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ में मारे गये लोगों के परिजनों के लिए रविवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 -2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karur-stampede-tragedy-pm-modi-announced-a-relief-amount-of/article-128169"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/modi-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए रविवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 -2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की।</p>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। इस घटना में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। मोदी ने इस घटना को "बेहद दुखद" बताते हुए कल शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की थी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि "मेरी संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूँ। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 18:52:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मन की बात कार्यक्रम : पीएम मोदी की 'वोकल फॉर लोकल' अपील, भगत सिंह-लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि; कहा- स्वदेशी से नवरात्रि को बनाएं खास</title>
                                    <description><![CDATA[ मोदी ने अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम'मन की बात में कहा कि ''एक संकल्प लेकर आप अपने त्योहारों को और खास बना सकते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-program-pm-modis-vocal-for-local-appeal/article-128139"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(10)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने की अपील करते हुए रविवार को कहा कि'वोकल फोर लोकल को खरीदारी का मंत्र बना कर आने वाले त्योहारों को और भी खास बनाया जा सकता है।  मोदी ने अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम'मन की बात में कहा कि ''एक संकल्प लेकर आप अपने त्योहारों को और खास बना सकते हैं। अगर हम ठान लें कि इस बार त्योहार सिर्फ स्वदेशी चीजों से ही मनाएंगे, तो देखिएगा, हमारे उत्सव की रौनक कई गुना बढ़ जाएगी। 'वोकल फोर लोकल' को खरीदारी का मंत्र बना दीजिए। ठान लीजिए, हमेशा के लिए, जो देश में तैयार हुआ है, वही खरीदेंगे। जिसे देश के लोगों ने बनाया है, वही घर ले जाएंगे। जिसमें देश के किसी नागरिक की मेहनत है, उसी सामान का उपयोग करेंगे। जब हम ऐसा करते हैं, तो हम सिर्फ कोई सामान नहीं खरीदते, हम किसी परिवार की उम्मीद घर लाते हैं, किसी कारीगर की मेहनत को सम्मान देते हैं, किसी युवा उद्यमी के सपनों को पंख देते हैं।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''त्योहारों पर हम सब अपने घर की सफाई में जुट जाते हैं लेकिन स्वच्छता सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित न रहे। गली, मोहल्ला, बाजार, गांव हर जगह पर सफाई हमारी जिम्मेदारी बने।''</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि ''हमारे यहां यह पूरा समय'उत्सवों का समय रहता है और दीवाली एक प्रकार से महा-उत्सव बन जाता है मैं आप सबको आने वाली दीपावली की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ लेकिन साथ-साथ फिर से दोहराऊँगा हमें आत्मनिर्भर बनना है, देश को आत्मनिर्भर बनाकर के ही रहना है और उसका रास्ता स्वदेशी से ही आगे बढ़ता है।''</p>
<p><strong>भगत सिंह युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज : मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद- ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए रविवार को कहा कि वह हर भारतवासी, विशेषकर देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''आज के दिन के साथ कुछ विशेषताएं भी जुड़ी हैं। आज भारत की दो महान विभूतियों की जयंती है। मैं बात कर रहा हूँ, शहीद भगत सिंह और लता दीदी की। अमर शहीद भगत सिंह, हर भारतवासी, विशेषकर देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज है। निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट-कूट कर भरी थी। देश के लिए फांसी के फंदे पर झूलने से पहले भगत सिंह ने अंग्रेजों को एक पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं कि आप मुझे और मेरे साथियों से युद्धबंदी जैसा व्यवहार करें। इसलिए हमारी जान फांसी से नहीं, सीधा गोली मार कर ली जाए। यह उनके अदम्य साहस का प्रमाण है। भगत सिंह लोगों की पीड़ा के प्रति भी बहुत संवेदनशील थे और उनकी मदद में हमेशा आगे रहते थे। मैं शहीद भगत सिंह जी को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि ''आज लता मंगेशकर की भी जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रुचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता। उनके गीतों में वो सब कुछ है जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन गीतों ने लोगों को बहुत प्रेरित किया। भारत की संस्कृति से भी उनका गहरा जुड़ाव था। मैं लता दीदी के लिए हृदय से अपनी श्रद्धांजलि प्रकट करता हूँ। साथियों, लता दीदी जिन महान विभूतियों से प्रेरित थीं उनमें वीर सावरकर भी एक हैं, जिन्हें वो तात्या कहती थीं। उन्होंने वीर सावरकर के कई गीतों को भी अपने सुरों में पिरोया।''</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि ''लता दीदी से मेरा स्नेह का जो बंधन था, वो हमेशा कायम रहा। वो मुझे बिना भूले हर साल राखी भेजा करती थीं। मुझे याद है मराठी सुगम संगीत की महान हस्ती सुधीर फड़के जी ने सबसे पहले लता दीदी से मेरा परिचय कराया था और मैंने लता दीदी को कहा कि मुझे आपके द्वारा गाया और सुधीर जी द्वारा संगीतबद्ध गीत'ज्योति कलश छलके बहुत पसंद है।''</p>
<p><strong>आरएसएस सौ वर्षों से बिना थके, बिना रुके कर रहे राष्ट्र सेवा - मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने त्याग, सेवा की भावना और अनुशासन की सीख को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सच्ची ताकत करार देते हुए रविवार को कहा कि संघ सौ वर्षों से बिना थके, बिना रुके, राष्ट्र सेवा के कार्य में लगा हुआ है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगले कुछ ही दिनों में हम विजयादशमी मनाने वाले हैं। इस बार विजयादशमी एक और वजह से बहुत विशेष है। इसी दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष हो रहे हैं। एक शताब्दी की ये यात्रा जितनी अछ्वुत है, अभूतपूर्व है, उतनी ही प्रेरक है। उन्होंने कहा कि आज से 100 साल पहले जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी, तब देश सदियों से गुलामी की जंजीरों में बंधा था। सदियों की इस गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी। विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता के सामने पहचान का संकट खड़ा किया जा रहा था। देशवासी हीन-भावना का शिकार होने लगे थे। इसलिए देश की आजादी के साथ-साथ ये भी महत्वपूर्ण था कि देश वैचारिक गुलामी से भी आजाद हो। ऐसे में, परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी ने इस विषय में मंथन करना शुरू किया और फिर इसी भगीरथ कार्य के लिए उन्होंने 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा डॉक्टर साहब के जाने के बाद परम पूज्य गुरु गोलवलकर जी ने राष्ट्र सेवा के इस महायज्ञ को आगे बढ़ाया। परम पूज्य गुरुजी कहा करते थे - ये मेरा नहीं है, ये राष्ट्र का है। इसमें स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए समर्पण का भाव रखने की प्रेरणा है। गुरुजी गोलवरकर के इस वाक्य ने लाखों स्वयंसेवकों को त्याग और सेवा की राह दिखाई है। त्याग और सेवा की भावना और अनुशासन की सीख यही संघ की सच्ची ताकत है। आज आरएसएस सौ वर्ष से बिना थके, बिना रुके, राष्ट्र सेवा के कार्य में लगा हुआ है। इसीलिए हम देखते हैं, देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा आए, आरएसएस के स्वयंसेवक सबसे पहले वहां पहुंच जाते हैं। लाखों लाख स्वयंसेवकों के जीवन के हर कर्म, हर प्रयास में राष्ट्र प्रथम की यह भावना हमेशा सर्वोपरि रहती है। मैं राष्ट्रसेवा के महायज्ञ में स्वयं को समर्पित कर रहे प्रत्येक स्वयंसेवक को अपनी शुभकामनाएं अर्पित करता हूं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 14:57:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ये नया भारत, किसी की परमाणु धमकियों से नहीं डरता : घर में घुस कर मारता है, पीएम मोदी ने कहा- वीर जवानों ने पाकिस्तान को झुकाया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर पाकिस्तान के लिए चेतावनी भरे शब्दों में दोहराया कि ये नया भारत है, जो किसी की परमाणु धमकियों से नहीं डरता और घर में घुस कर मारता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/this-is-the-new-india-not-afraid-of-anyones-nuclear/article-127122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news21.png" alt=""></a><br /><p>धार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर पाकिस्तान के लिए चेतावनी भरे शब्दों में दोहराया कि ये नया भारत है, जो किसी की परमाणु धमकियों से नहीं डरता और घर में घुस कर मारता है।</p>
<p>मोदी मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जैश-ए-मुहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी की हालिया स्वीकारोक्ति के संदर्भ में कहा कि हमारा देश मां भारती की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमारी माताओं और बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, हमने ऑपरेशन ङ्क्षसदूर करके आतंकियों के ठिकाने उजाड़ दिए। हमारे वीर जवानों ने पलक झपकते ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। </p>
<p>मोदी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि ''कल ही देश और दुनिया ने देखा है कि फिर एक पाकिस्तानी आतंकी ने रो रो कर अपना हाल बताया है। ये नया भारत है। ये किसी की परमाणु धमकियों से नहीं डरता है। नया भारत है, घर में घुस कर मारता है।'' मीडिया में आईं खबरों के अनुसार मसूद कश्मीरी ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में उर्दू भाषा में अपने संबोधन में कथित तौर पर कहा कि आतंकवाद को गले लगाकर हमने इस देश (पाकिस्तान) की सीमाओं की रक्षा के लिए कई जगहों पर हमले किए। सब कुछ कुर्बान करने के बाद सात मई को मसूद अजहर के परिवार के सदस्यों के बहावलपुर में चीथड़े उड़ा दिए गए। माना जा रहा है कि उसने ये बयान भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई के संदर्भ में दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 14:32:01 +0530</pubDate>
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                <title>नए भारत का सूत्रपात : पीएम मोदी की निर्णायक पहल, नवाचार और सशक्तिकरण के साथ भारत को ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के शासन करने, विश्व के साथ सहयोग करने और अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/digital-india-mission-launched-digital-india-mission-in-2015-decisive/article-127091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/modi-g7.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के शासन करने, विश्व के साथ सहयोग करने और अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित किया है। यद्यपि यह आवश्यक नहीं है कि शासन के क्षेत्र में हर पहल तकनीकी रूप से पहली ही हो, लेकिन सबसे विशिष्ट बात यह है कि मोदी सरकार ने उन्हें ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा दिया है, उन्हें दैनिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल कर दिया है और साहसिक, नवोन्मेषी तरीकों से उन्हें संस्थागत बना दिया है। ये ऐतिहासिक उपलब्धियां उन क्षणों की प्रतीक हैं, जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने उन्हें पृथक तरीके और उल्लेखनीय रूप से अभूतपूर्व परिमाण पर अपनाए।</p>
<p><strong>प्रौद्योगिकी-संचालित शासन</strong><br />डिजिटल इंडिया : प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में डिजिटल इंडिया मिशन की शुरूआत की, जिसमें एक ऐसे राष्ट्र की परिकल्पना की गई जहां हर नागरिक को डिजिटल पहुंच की सुविधा प्राप्त हो, सरकारी सेवाएं एक बटन के क्लिक पर उपलब्ध हों और सुदूरवर्ती गांव भी हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़े हों।</p>
<p>इंडिया स्टैक और आधार एकीकरण: मोदी सरकार ने इंडिया स्टैक - भुगतान, ई-हस्ताक्षर और पहचान के लिए एपीआई खोलने -को बढ़ावा दियाजिससे भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में वैश्विक रूप से अग्रणी देश बनगया।</p>
<p><strong>यूपीआई क्रांति: </strong>उनके नेतृत्व में, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने भारत को उन प्रमुख देशों में से एक में बदल दिया, जहां वास्तविक समय, निर्बाध डिजिटल भुगतान जगमगाते शहरों से लेकर ग्रामीण बाजारों तक सभी के लिए एक वास्तविकता बन गया।</p>
<p><strong>टेक-फर्स्ट ब्यूरोक्रेसी:</strong> मोदी ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, उन्हें नवोन्मेषण, विशेष रूप से स्टार्ट अप्स और एमएसएमई के लिए उत्प्रेरक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। आर्थिक नीति और समाज कल्याण मेक इन इंडिया: मोदी ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने और भारत को एक विनिर्माण महाशक्ति में बदलने के लिए इस प्रमुख पहल की शुरूआत की, जो देश को आगे बढ़ाने की दिशा में एकअभूतपूर्व कदम है।</p>
<p><strong>पीएम जन धन योजना: </strong>अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन अभियान, जो बैंकिंग सुविधा से वंचित करोड़ों नागरिकों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल करता है।</p>
<p><strong>प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण:</strong> सब्सिडी और कल्याण के लिए आधार-सक्षम प्रत्यक्ष हस्तांतरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे भारत लाभार्थी को लक्षित करने में अग्रणी देश बनगया।</p>
<p><strong>नवोन्मेषण, विज्ञान और अवसंरचना</strong><br /><strong>अंतरिक्ष और डिजिटल नेटवर्क :</strong> भारत ने दूरसंचार, 5जी और 6जी रेडीनेस की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, समुद्र के नीचे केबलों और फाइबर नेटवर्क का एक जाल सा बुन दिया है, जिससे सबसे दूर के और समुद्री अंतर्क्षेत्र भी ऑइन हो गए हैं।</p>
<p><strong>आईएनएस विक्रांत:</strong> उन्नत रक्षा नवोन्मेषण के लिए भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित विमानवाहक पोत कमीशन किया गया। </p>
<p><strong>एआई और क्वांटम पुश:</strong> लक्षित सरकारी कार्यक्रमों के साथ, भारत एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर फोरेंसिक मेंवैश्विक रूप से अग्रणी देश के रूप में उभरने के लिए तैयार है।</p>
<p><strong>विधायी और संरचनात्मक सुधार</strong><br />भारतीय न्याय संहिता और नए आपराधिक कानून (2023): औपनिवेशिक युग के आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम की जगह, मोदी सरकार ने 150 वर्षों में भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में सबसे व्यापक बदलाव किया, जिसमें गति, पारदर्शिता और पीड़ित-आधारित न्याय पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>
<p><strong>अप्रचलित कानूनों को निरस्त करना: </strong>मोदी सरकार ने केवल तीन वर्षों में 1,200 से अधिक अप्रचलित कानूनों को समाप्त कर दिया, जो छह दशक पहले के संयुक्त कुल कानूनों से अधिक था।</p>
<p><strong>अनुपालन को अपराध की श्रेणी से बाहर करना:</strong> मोदी सरकार ने 40,000 से अधिक पुराने अनुपालनों को समाप्त कर दिया और उद्यमियों के लिए दंड को कम कर दिया, जिससे एक व्यवसाय-समर्थक इको-सिस्टम कानिर्माण हुआ। एक राष्ट्र, एक चुनाव: शासन में दक्षता के उद्देश्य से एक साथ राष्ट्रीय और राज्य चुनावों की अवधारणा को शुरू किया।</p>
<p><strong>विदेश नीति नवोन्मेषण</strong><br />मोदी ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का नेतृत्व किया, जिससे योग एक शक्तिशाली वैश्विक सॉफ्ट पावर टूल के रूप में रूपांतरित हो गया।</p>
<p><strong>शपथ ग्रहण समारोह में दक्षेस नेता:</strong> मोदी अपने शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) देशों के नेताओं को आमंत्रित करने वाले पहले व्यक्ति थे, जो क्षेत्रीय सहयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संकेत देता है।</p>
<p><strong>फास्ट-ट्रैक और पैरा डिप्लोमेसी:</strong> मोदी ने राज्यों और शहरों से वैश्विक साझेदारी विकसित करने का आग्रह करके भारत की कूटनीति को पुन: अनुकूलित किया,जिससे भारत के बाह्य सहयोग मेंविविधता आई। नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट, थिंक वेस्ट,सागर: इन नीतियों ने क्षेत्रीय मामलों में भारत की सक्रिय भूमिका को प्रणालीगत बनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 12:04:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मोदी को मिले उपहारों की होगी नीलामी, प्राप्त राशि का उपयोग नमामि गंगे अभियान में हाेगा</title>
                                    <description><![CDATA[नीलामी में कलात्मक वस्तुएं, सांस्कृतिक धरोहर और हस्तशिल्प जैसे बहुत तरह के उपहार शामिल हैं जो प्रधानमंत्री की यात्राओं के दौरान उन्हें भेंट किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/auction-of-gifts-received-by-modi-will-be-used-in/article-127067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हर साल की तरह इस बार भी राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में बुधवार को 1300 उपहारों की नीलामी आयोजित की जाएगी। इस नीलामी में प्रधानमंत्री मोदी को उनके अंतरराष्ट्रीय दौरों और राज्यों के दौरों के दौरान मिले उपहारों को शामिल किया जाता है। इन उपहारों की नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग नमामि गंगे अभियान में किया जाएगा।</p>
<p><strong>कलात्मक वस्तुएं और सांस्कृतिक धरोहर </strong><br />नीलामी में कलात्मक वस्तुएं, सांस्कृतिक धरोहर और हस्तशिल्प जैसे बहुत तरह के उपहार शामिल हैं जो प्रधानमंत्री की यात्राओं के दौरान उन्हें भेंट किए गए हैं। ई-ऑक्शन के जरिये लोग नीलामी में भाग ले सकते हैं। दिल्ली के राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में इस बार 1300 उपहारों की प्रदर्शनी लगाई गई है। </p>
<p><strong>सातवीं बार हो रही नीलामी</strong><br />इस तरह की नीलामी सातवीं बार हो रही है। अभी तक हुई नीलामी से 50 करोड़ 33 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। पिछले साल की नीलामी में दो करोड़ 24 लाख रुपए मिले थे। इस बार खरीददारों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा। नीलामी की प्रक्रिया 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 09:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी–शी जिनपिंग मुलाकात : हाथी और ड्रैगन साथ लाने का शी का संदेश, कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीधी उड़ानें शुरू करने पर सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और चीन ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर सहमति व्यक्त की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-ji-jinping-meet-elephant-and-dragon-bringing-together-xis/article-125345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/o5er-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>तियांजिन/नई दिल्ली। भारत और चीन ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर सहमति व्यक्त करते हुए ग्लोबल साउथ के दो बड़े और महत्वपूर्ण देश होने के नाते अपने लोगों के तथा विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>पिछले 7 वर्ष से भी अधिक समय में पहली चीन यात्रा पर गए मोदी ने रविवार सुबह यहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्रप्रमुखों की 25 वीं बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर वहां गए हैं। पिछले एक वर्ष में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। इसे दोनों देशों के बीच पांच वर्ष पहले गलवान घाटी में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अपने वक्तव्य में कहा कि भारत परस्पर विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ संबंधों को आगे बढाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनकी शी जिनपिंग के साथ पिछले वर्ष कजान में वार्ता के बाद से दोनों देशों के संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली है और सीमा पर शांति तथा स्थिरता का माहोल बना है। उन्होंने कहा कि “ हम परस्पर विश्वास , सम्मान और विश्वसनीयता के आधार पर संबंध आगे बढाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ”</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों से देश के 2.8 अरब लोगों के हित तथा मानवता का कल्याण जुड़ा है।  मोदी ने कहा कि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन के बारे में सहमति बनी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है और दोनों देशों के बीच सीधी उडान सेवा फिर से शुरू की जा रही है।</p>
<p>शी ने कहा कि भारत और चीन को ग्लोबल साउथ के बडे और महत्वपूर्ण देश होने के नाते सौहार्दपूर्ण संबंधों की नींव पर दोनों देशों तथा विकासशील देशों के हितों की रक्षा की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को एक दूसरे की सफलता का साझीदार बनकर ड्रैगन और हाथी को साथ लाने के कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि “ चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और हम ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य भी हैं। हम दोनों अपने दोनों देशों के लोगों की भलाई में सुधार लाने, विकासशील देशों की एकजुटता और कायाकल्प को बढ़ावा देने और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी निभाते हैं। दोनों देशों के लिए यह सही विकल्प है कि वे ऐसे मित्र बनें जिनके बीच अच्छे पड़ोसी और सौहार्दपूर्ण संबंध हो। हम ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता को संभव बनाएँ, और ड्रैगन और हाथी को एक साथ लाएं।”</p>
<p>चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने कीआवश्यकता है। उन्होने कहा कि “ इस वर्ष चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से संभालने की आवश्यकता है। हमें बहुपक्षवाद, एक बहुध्रुवीय विश्व और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में अधिक लोकतंत्र को बनाए रखने और एशिया तथा दुनिया भर में शांति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की अपनी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारियों को भी पूरा करना होगा।”</p>
<p>मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एससीओ की सफलता के लिए भी शुभकामनाएं और बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल , विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। मोदी की एससीओ की बैठक से इतर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा अन्य वैश्विक नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 14:26:25 +0530</pubDate>
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                <title>फिजी में भारत का बड़ा ऐलान : बनेगा 100 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, सस्ती दवाओं के लिए खुलेगा जन औषधि केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और फिजी के बीच संबंधों को परस्पर विश्वास और सम्मान पर आधारित बताते हुए बड़ा ऐलान किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-big-announcement-will-be-made-in-fiji-100-bed/article-124739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(5)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और फिजी के बीच संबंधों को परस्पर विश्वास और सम्मान पर आधारित बताते हुए कहा है कि भारत ने फिजी के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने के लिए उसकी राजधानी सुवा में 100 बैड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने, डायलिसिस यूनिट बनाने, एम्बुलेंस भेजने तथा जन औषधि केन्द्र खोलने की घोषणा की है, जिससे कि वहां के लोगों को सस्ती दवा मिल सकें। दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने पर भी सहमति व्यक्त की है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। खेलों के क्षेत्र में भी सहयोग को बढाते हुए अब भारतीय कोच फिजी क्रिकेट टीम को प्रशिक्षित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां फिजी के प्रधानमंत्री सिटीवेनी राबुका के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में कहा कि स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध राष्ट्र हो सकता है इसलिए हमने फिजी को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि “ हमने तय किया कि ‘सुवा’ में 100- bed सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। डायलिसिस यूनिट और सी एम्बुलेंस भेजीं जाएँगी। और, जन औषधि केंद्रखोले जाएंगे, जिससे सस्ती और उत्तम गुणवत्ता की दवा हर घर तक पहुंचेगी। हम चाहते हैं कि सपनों की दौड़ में किसी के कदम रुके नहीं,इसलिए, फिजी में ‘जयपुर फुट’ कैंप भी लगाया जाएगा।”</p>
<p>मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है। फिजी की समुद्री सुरक्षा को सशक्त करने के लिए भारत से प्रशिक्षण और उपकरण में सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश साइबर साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण के क्षेत्रों में अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 18:54:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गरीबी के बारे में मैंने पढ़ा नहीं, बल्कि उसे खुद देखा है : नक्सलवाद अगले साल समाप्त करने का लक्ष्य, मोदी ने कहा- मिशन सुदर्शन चक्र करेगा देश के चप्पे-चप्पे की सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्होंने गरीबी के बारे में किताबों में नहीं पढ़ा बल्कि गरीबी क्या होती है, इसे उन्होंने खुद  देखा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/i-have-not-read-about-poverty-but-have-seen-it/article-123660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws51.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्होंने गरीबी के बारे में किताबों में नहीं पढ़ा बल्कि गरीबी क्या होती है, इसे उन्होंने खुद  देखा है। वह इसकी पीड़ा समझते हैं इसलिए उनकी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गरीबों के कल्याण की योजनाओं का लाभ उनके द्वार तक पहुंचे।</p>
<p>मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते कहा कि गरीबों को उनके लिए बनी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए वह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि गरीब कल्याण की योजनाएं सरकारी दफ्तरों की फाइलों में उलझी न रहे। इन योजनाओं का लाभ देश के नागरिकों तक पहुंचे और उन्हें इसका लाभ मिले।</p>
<p>उन्होंने कहा किताबों में मुझे यह कभी पढऩे की जरूरत नहीं पड़ी कि गरीबी क्या होती है क्योंकि मुझे मालूम है कि गरीबी क्या होती है। मैंने हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि सरकार सिफऱ् फाइलों तक सीमित न रहे बल्कि यह नागरिकों के जीवन तक पहुँचे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीब, कमजोर, दिव्यांग, आदिवासी तथा अन्य वंचित वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाने की योजना को विशेष महत्व दिया है। उनका कहना था ''एक समय था जब गरीबों, हाशिए पर रह रहे लोगों, आदिवासियों और दिव्यांगजनों को अपने अधिकारों के लिए भटकना पड़ता था, एक सरकारी कार्यालय से दूसरे सरकारी कार्यालय भागते हुए अपना जीवन बिता देते थे। आज सरकार आपके दरवाजे पर आती है, लाभार्थियों तक सीधे योजनाएँ पहुँचाती है।Þ</p>
<p><strong>नक्सलवाद अगले साल मार्च तक समाप्त करने का लक्ष्य : मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कहा कि नक्सलवाद की जड़ों पर लगातार प्रहार किया जा रहा है और अगले साल 31 मार्च तक इसे देश से समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p>उन्होंने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ''सवा सौ से अधिक जिलों में नक्सलवाद की जड़े जमीं हुई थीं। आज कम करते करते हम इसे बीस पर ले आये हैं।</p>
<p>मोदी ने कहा कि 'बस्तर को याद करते ही नक्सलवाद और बम की आवाजें सुनाई देती थीं। अब वहां नौजवान देश की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। वहां के नौजवान आज ओलंपिक में जाते हैं। यह बदलाव देश देख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ''जो क्षेत्र रेड टेरर थे, वे विकास के ग्रीन कारिडोर बन गये हैं। लाल रंग से रंगे क्षेत्रों में हमने संविधान और कानून का तिरंगा फहराया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि '' समृद्धि सुरक्षा के रास्ते से गुजरती है। हमने राष्ट्र की सुरक्षा और समर्पण भाव से काम किया है। जनजातीय समाज की सबसे बड़ी सेवा की है। हम बदलाव लाने में सफल हुए हैं।</p>
<p><strong>मिशन सुदर्शन चक्र करेगा देश के चप्पे-चप्पे की सुरक्षा: मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सीमाओं के साथ साथ महत्वपूर्ण सैन्य और असैन्य प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिक आधारित प्रणालियां विकसित करने के उद्देश्य से मिशन सुदर्शन चक्र शुरू करने की घोषणा की। </p>
<p>मोदी ने लाल किले की प्राचीर से मिशन सुदर्शन चक्र की घोषणा की जिसके तहत आधुनिक युद्ध के तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए अगले 10 साल में देश की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हथियार प्रणाली और सुरक्षा कवच का विकास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मिशन सुदर्शन चक्र के तहत आने वाले 10 वर्षो में 2035 तक देश के सभी महत्वपूर्ण स्थलों - जिसमें सामरिक के साथ-साथ नागरिक क्षेत्र भी शामिल हैं जैसे अस्पताल, रेलवे, आस्था के केंद्र - को प्रौद्योगिकी के नये प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा।</p>
<p>मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर कहा कि ऑपरेशन ङ्क्षसदूर में दुनिया ने टेक्नोलॉजी में हमारी महारत को देखा। उन्होंने कहा कि '' पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों पर, हमारे एयरबेस पर और हमारे संवेदनशील स्थलों पर, हमारे आस्था के केंद्रों पर, हमारे नागरिकों पर मिसाइल और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए। लेकिन देश को सुरक्षित रखने के जो प्रयास पिछले 10 साल में हुये हैं, उसी का परिणाम था कि उनके हर हमले को हमारे जांबाजों ने और हमारी टेक्नोलॉजी ने तिनके की तरह बिखेर दिया, रत्ती भर नुकसान नहीं कर पाए। </p>
<p>उन्होंने कहा कि '' जब युद्ध के मैदान में टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, टेक्नोलॉजी हावी हो रही है, तब राष्ट्र की रक्षा के लिए, देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमने आज जो महारत पाई है, उसका और विस्तार करने की जरूरत है, उसे लगातार अपग्रेड करते रहने की आवश्यकता है। इसलिए हमने संकल्प व्यक्त किया कि समृद्धि कितनी भी क्यों न हो अगर सुरक्षा के प्रति उदासीनता बरतते हैं तो समृद्धि भी किसी काम की नहीं रहती।</p>
<p>कृष्णाष्टमी के पर्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि'' महाभारत की लड़ाई में कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और तब अर्जुन जयद्रथ के वध की अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर पाये थे। भगवान कृष्ण से प्रेरणा पाकर हमने कृषण के सुदर्शन चक्र की राह को चुना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मिशन सुदर्शन चक्र शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह शक्तिशाली हथियार प्रणाली दुश्मन के हमले को निष्क्रिय करने के साथ ही दुश्मन को कई गुना ज्यादा चोट पहुंचाएगी। </p>
<p>मिशन के लिए मूलभूत बातों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि'' यह पूरा आधुनिक सिस्टम, उसके लिए अनुसंधान, विकास और विनिर्माण देश में ही होगा, देश के नौजवानों के टैलेंट से होगा। यह एक ऐसी व्यवस्था होगी जो युद्धनीति के हिसाब से भविष्य में क्या संभावनाएँ हैं, उसका हिसाब-किताब लगाकर एक कदम आगे रहने की रणनीति तय करेगी। इसके तहत टारगेटेड एक्शन मिसाइल विकसित की जाएगी जो अपने लक्ष्य का पीछा कर उसे ध्वस्त करेगी। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं और भारत युद्ध के हर तौर-तरीके से निपटने में सक्षम है। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Aug 2025 11:34:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कांडला में देश का पहला स्वदेशी हरित हाइड्रोजन संयंत्र शुरू, मोदी बोले– नेट-ज़ीरो विज़न को देगा नई ऊर्जा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण, कांडला में देश के पहले स्वदेशी हरित हाइड्रोजन संयंत्र को सराहनीय प्रयास बताते हुए कहा है कि यह देश के नेट-जीरो विजन को सशक्त बनाता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/swadeshi-green-hydrogen-plant-empowers-the-countrys-net-zero-vision/article-122526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/modi-g7.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण, कांडला में देश के पहले स्वदेशी हरित हाइड्रोजन संयंत्र को सराहनीय प्रयास बताते हुए कहा है कि यह देश के नेट-जीरो विजन को सशक्त बनाता है। मोदी ने रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “यह एक सराहनीय प्रयास है, जो स्थिरता को बढ़ावा देता है और हमारे नेट-जीरो विजन को सशक्त बनाता है।”</p>
<p>उन्होंने दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण, कांडला के एक पोस्ट के जवाब में यह प्रतिक्रिया की। प्राधिकरण ने अपनी पोस्ट में कहा है,“ हरित नवाचार के साथ प्रगति को गति! दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण, कांडला ने बंदरगाह क्षेत्र में भारत के पहले मेक-इन-इंडिया हरित हाइड्रोजन संयंत्र कांडला में गर्व से शुभारंभ किया। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेट ज़ीरो विज़न की दिशा में एक शक्तिशाली कदम।”</p>
<p>उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण में स्वदेशी रूप से निर्मित एक मेगावाट क्षमता वाले हरित हाइड्रोजन ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया था। भारत ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Aug 2025 18:54:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पीएम ने राजस्थान को और अधिक सहयोग देने का दिया आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर राजस्थान के विकास पर चर्चा की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-who-met-prime-minister-assured/article-121975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/212142roer13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर राजस्थान के विकास पर चर्चा की। उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर सहयोग के लिए राजस्थान की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने नई ऊंचाइयों को छूते हुए विश्वपटल पर अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। उनके कुशल मार्गदर्शन में पिछले डेढ़ वर्ष से राजस्थान निरंतर विकास की सभी बाधाओं को पार करता जा रहा है और नई ऊंचाइयां छू रहा है। </p>
<p>हमारी डबल इंजन की सरकार लगातार राजस्थान को एक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जहां प्रत्येक किसान, युवा, महिला, गरीब और वंचित वर्ग को न्याय मिल रहा है और वे अपनी पूर्ण क्षमता के साथ सम्मान युक्त जीवन जी रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आने वाले समय में राजस्थान को और अधिक सहयोग देने का आश्वासन दिया है, जिसके लिए उनका समस्त राजस्थानवासियों की ओर से कोटिशः आभार</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 13:15:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मन की बात कार्यक्रम : खुदीराम की फांसी से गूंजी आज़ादी की पुकार, अगस्त बना क्रांति का महीना; मोदी ने कहा- किले हमारी संस्कृति के प्रतीक </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन की ताकत और इसकी जरूरत आज भी वैसी ही है और 11 वर्षों में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एक जन-आंदोलन बन गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-program-khudirams-hanging-from-the-hanging-of/article-121786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/photo-(2).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन की ताकत और इसकी जरूरत आज भी वैसी ही है और 11 वर्षों में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एक जन-आंदोलन बन गया है। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आज कहा कि कुछ लोगों को कभी-कभी कोई काम नामुमकिन सा लगता है कि क्या ये भी हो पाएगा? लेकिन, जब देश एक सोच पर एक साथ आ जाए, तो असंभव भी संभव हो जाता है। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जल्द ही इस मिशन के 11 साल पूरे होंगे। लेकिन, इसकी ताकत और इसकी जरूरत आज भी वैसी ही है। इन 11 वर्षों में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एक जन-आंदोलन बना है। लोग इसे अपना फर्ज मानते हैं और यही तो असली जन-भागीदारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हर साल होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण ने इस भावना को और बढ़ाया है। इस साल देश के 4500 से ज्यादा शहर और कस्बे इससे जुड़े और 15 करोड़ से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया। ये कोई सामान्य संख्या नहीं है। ये स्वच्छ भारत की आवाज है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को लेकर हमारे शहर और कस्बे अपनी जरूरतों और माहौल के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से काम कर रहे हैं। और इनका असर सिर्फ इन शहरों तक नहीं है, पूरा देश इन तरीकों को अपना रहा है। उत्तराखंड में कीर्तिनगर के लोग, पहाड़ों में कचरा प्रबंधन की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। ऐसे ही मेंगलुरु में तकनीक से ऑर्गेनिक कचरा प्रबंधन का काम हो रहा है। अरुणाचल में एक छोटा सा शहर रोइंग है। एक समय था जब यहाँ लोगों के स्वास्थ्य के सामने अपशिष्ट प्रबंधन बहुत बड़ी चुनौती थी। यहाँ के लोगों ने इसकी जिम्मेदारी ली। ‘ग्रीन रोइंग इनिशिएटिव शुरू हुआ और फिर अपशिष्ट पुनर्चक्रण से पूरा एक पार्क बना दिया गया। अहमदाबाद में रिवर फ्रंट पर सफाई ने भी सबका ध्यान खींचा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भोपाल की एक टीम का नाम है ‘सकारात्मक सोच’। इसमें 200 महिलाएं हैं। ये सिर्फ सफाई नहीं करती, सोच भी बदलती हैं। एक साथ मिलकर शहर के 17 पार्कों की सफाई करना, कपड़े के थैले बांटना, इनका हर कदम एक संदेश है। ऐसे प्रयासों की वजह से ही भोपाल भी अब स्वच्छ सर्वेक्षण में काफी आगे आ गया है। लखनऊ की गोमती नदी टीम का जिक्र भी जरूरी है। 10 साल से हर रविवार, बिना थके, बिना रुके इस टीम के लोग स्वच्छता के काम में जुटे हैं। गोवा के पणजी शहर का उदाहरण भी प्रेरक है। वहां कचरे को 16 श्रेणी में बांटा जाता है और इसका नेतृत्व भी महिलाएं कर रही हैं। पणजी को तो राष्ट्रपति पुरुस्कार भी मिला है। स्वच्छता सिर्फ एक वक्त का, एक दिन का काम नहीं है। जब हम साल में हर दिन, हर पल स्वच्छता को प्राथमिकता देंगें तभी देश स्वच्छ रह पाएगा।</p>
<p><strong>किले हमारी संस्कृति के प्रतीक : मोदी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि किले हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं, जहां संस्कार और स्वाभिमान आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं। उन्होने कहा कि हम सभी को गर्व से भर देने वाली यूनेस्को से एक और खबर आई है । यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को वैश्विक धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है। ग्यारह किले महाराष्ट्र में, एक किला तमिलनाडु में। हर किले से इतिहास का एक-एक पन्ना जुड़ा है। हर पत्थर, एक ऐतिहासिक घटना का गवाह है। सल्हेर का किला, जहाँ मुगलों की हार हुई। शिवनेरी, जहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ। यह किला ऐसा जिसे दुश्मन भेद न सके। खानदेरी का किला, समुद्र के बीच बना अद्भुत किला। दुश्मन उन्हें रोकना चाहते थे, लेकिन शिवाजी महाराज ने असंभव को संभव करके दिखा दिया। प्रतापगढ़ का किला, जहाँ अफजल खान पर जीत हुई, उस गाथा की गूंज आज भी किले की दीवारों में समाई है। विजयदुर्ग, जिसमें गुप्त सुरंगें थी, छत्रपति शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता का प्रमाण इस किले में मिलता है। मैंने कुछ साल पहले रायगढ़ का दौरा किया था। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने नमन किया था। ये अनुभव जीवन भर मेरे साथ रहेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा देश के और हिस्सों में भी ऐसे ही अद्भुत किले हैं, जिन्होंने आक्रमण झेले, खराब मौसम की मार झेली, लेकिन आत्मसम्मान को कभी भी झुकने नहीं दिया। राजस्थान का चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ किला, रणथंभौर किला, आमेर किला, जैसलमेर का किला तो विश्व प्रसिद्ध है। कर्नाटक में गुलबर्गा का किला भी बहुत बड़ा है। चित्रदुर्ग के किले की विशालता भी आपको कौतूहल से भर देगी कि उस जमाने में ये किला बना कैसे होगा!</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा उत्तर प्रदेश के बांदा में कालिंजर किला है। महमूद गजनवी ने कईं बार इस किले पर हमला किया और हर बार असफल रहा। बुन्देलखंड में ऐसे कई किले हैं - ग्वालियर, झांसी, दतिया, अजयगढ़, गढ़कुंडार, चँदेरी। ये किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं है, ये हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। संस्कार और स्वाभिमान, आज भी इन किलों की ऊंची-ऊंची दीवारों से झाँकते हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूँ, इन किलों की यात्रा करें, अपने इतिहास को जानें, गौरव महसूस करें।</p>
<p><strong>स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों को उर्जा दी : मोदी</strong><br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों, खासकर हैंडलूम को एक नई ऊर्जा दी थी और इसी स्मृति में देश हर साल सात अगस्त को ‘राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस’ मनाता है। उन्होने कहा कि “आप कल्पना कीजिए, बिल्कुल भोर का वक्त, बिहार का मुजफ्फरपुर शहर, तारीख है, 11 अगस्त 1908 हर गली, हर चौराहा, हर हलचल उस समय जैसे थमी हुई थी। लोगों की आँखों में आँसू थे, लेकिन दिलों में ज्वाला थी। लोगों ने जेल को घेर रखा था, जहां एक 18 साल का युवक, अंग्रेजों के खिलाफ अपना देश-प्रेम व्यक्त करने की कीमत चुका रहा था। जेल के अंदर, अंग्रेज अफसर,एक युवा को फांसी देने की तैयारी कर रहे थे। उस युवा के चेहरे पर भय नहीं था, बल्कि गर्व से भरा हुआ था। वो गर्व, जो देश के लिए मर-मिटने वालों को होता है। वो वीर, वो साहसी युवा थे, खुदीराम बोस। सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने वो साहस दिखाया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। तब अखबारों ने भी लिखा था –“खुदीराम बोस जब फांसी के फंदे की ओर बढ़े, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी”। ऐसे ही अनगिनत बलिदानों के बाद, सदियों की तपस्या के बाद, हमें आज़ादी मिली थी। देश के दीवानों ने अपने रक्त से आजादी के आंदोलन को सींचा था।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगस्त का महीना इसलिए तो क्रांति का महीना है। एक अगस्त को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि होती है। इसी महीने 8 अगस्त को महात्मा गाँधी के नेतृत्व में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी। फिर आता है 15 अगस्त, हमारा स्वतंत्रता दिवस, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, उनसे प्रेरणा पाते हैं, लेकिन साथियों, हमारी आजादी के साथ देश के बंटवारे की टीस भी जुड़ी हुई है, इसलिए हम 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सात अगस्त 1905 को एक और क्रांति की शुरुआत हुई थी। स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों और खासकर हैंडलूम को एक नई ऊर्जा दी थी। इसी स्मृति में देश हर साल 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस’ मनाता है। इस साल 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस’ के 10 साल पूरे हो रहे हैं। आजादी की लड़ाई के समय जैसे हमारी खादी ने आजादी के आंदोलन को नई ताकत दी थी, वैसे ही आज जब देश, विकसित भारत बनने के लिए कदम बढ़ा रहा है, तो टेक्सटाइल सेक्टर देश की ताकत बन रहा है। इन 10 वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों ने सफलता की कईं गाथाएं लिखी हैं।</p>
<p>महाराष्ट्र के पैठण गाँव की कविता धवले पहले एक छोटे से कमरे में काम करती थीं - न जगह थी और न ही सुविधा। सरकार से मदद मिली, अब उनका हुनर उड़ान भर रहा है। वो तीन गुणा ज्यादा कमा रही हैं। खुद अपनी बनाई पैठणी साड़ियां बेच रही हैं। उड़ीसा के मयूरभंज में भी सफलता की ऐसी ही कहानी है। यहाँ 650 से ज्यादा आदिवासी महिलाओं ने संथाली साड़ी को फिर से जीवित किया है। अब ये महिलाएं हर महीने हजारों रुपए कमा रही हैं। ये सिर्फ कपड़ा नहीं बना रही, अपनी पहचान गढ़ रही हैं। बिहार के नालंदा से नवीन कुमार की उपलब्धि भी प्रेरणादायक है। उनका परिवार पीढ़ियों से इस काम से जुड़ा है। लेकिन सबसे अच्छी बात ये कि उनके परिवार ने अब इस क्षेत्र में आधुनिकता का भी समावेश किया है। अब उनके बच्चे हैंडलूम तकनीक की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े ब्रांडों में काम कर रहे हैं। ये बदलाव सिर्फ एक परिवार का नहीं है, ये आसपास के अनेक परिवारों को आगे बढ़ा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 15:32:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पीएम ने की राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय वार्ता, कहा- मालदीव को 5 हजार करोड़ का ऋण देगा भारत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव के विकास और समृद्धि के प्रति भारत की वचनबद्धता प्रकट करते हुए उसे लगभग पांच हजार करोड़ रुपए की ऋण सहायता देने का निर्णय लिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-said-bilateral-talks-with-president-mujju-india-will-give/article-121689"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(6).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव के विकास और समृद्धि के प्रति भारत की वचनबद्धता प्रकट करते हुए उसे लगभग पांच हजार करोड़ रुपए की ऋण सहायता देने का निर्णय लिया है।  मालदीव की यात्रा पर गए मोदी ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद मालदीव के लोगों को स्वतंत्रता के 60 वर्षों की ऐतिहासिक वर्षगांठ पर भारत की ओर से  शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव के विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी विकास साझेदारी को नई उड़ान देने के लिए हमने मालदीव के लिए लगभग पांच हज़ार करोड़ रुपए की ‘लाइन आॅफ क्रेडिट’ यानी ऋण सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सहायता मालदीव के लोगों की प्राथमिकताओं के अनुरूप यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल में लाई जाएगी। </p>
<p><strong>मुक्त व्यापार समझौते पर भी बातचीत शुरू</strong><br />मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तय किया गया है कि दोनों देश द्विपक्षीय निवेश संधि को भी अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते पर भी बातचीत शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय मुद्रा प्रणाली और रुपए में सीधा व्यापार शुरू करने की दिशा में भी काम हो रहा है। जिस रफ्तार से मालदीव में यूपीआई को बढावा मिल रहा है इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  </p>
<p><br />मालदीव को बताया सबसे करीबी पड़ोसी<br />मालदीव को भारत का सबसे करीबी पड़ोसी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत को मालदीव का सबसे भरोसेमंद मित्र होने पर भी गर्व है। मालदीव, भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और महासागर विज़न दोनों में अहम स्थान रखता है। आपदा हो या महामारी, भारत हमेशा ‘फर्स्ट रेस्पोन्डर’ बन कर साथ खड़ा रहा है।<br /> <br />रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग हमारी मजबूत साझेदारी का प्रतीक  :  रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को आपसी विश्वास का परिचायक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग, जिसका आज उद्घाटन किया जा रहा है, यह विश्वास की कंक्रीट इमारत है। हमारी मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। </p>
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<p><br /> हमारी मित्रता हमेशा बरकरार रहेगी<br /> मालदीव के साथ मित्रता को अटूट बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी मित्रता हमेशा बरकरार रहेगी। हमारी साझेदारी अब मौसम विज्ञान में भी होगी, मौसम चाहे जैसा हो हमारी मित्रता हमेशा ‘ब्राइट’ और ‘क्लियर’ रहेगी।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 13:01:45 +0530</pubDate>
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