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                <title>purchase - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नए सिरे से होगा बिजली की जरूरत का आंकलन, राजस्थान में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद योजना पर आरईआरसी की रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की योजना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने कहा कि ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज के दौर में भविष्य की जरूरतों का नए सिरे से मूल्यांकन जरूरी है। इस फैसले से डिस्कॉम पर दीर्घकालिक बिजली खरीद का दबाव कम होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-mw-coal-based-power-purchase-scheme/article-154105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/electricity-6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (आरईआरसी) ने राज्य में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद की बड़ी योजना को फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में राज्य को वास्तव में कितनी अतिरिक्त बिजली की जरूरत होगी, इसका नए सिरे से विस्तृत आंकलन किया जाना जरूरी है। यह मामला राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड की उस योजना से जुड़ा है, जिसमें डिस्कॉम कंपनियों के लिए 25 वर्षों तक 4 गुणा 800 मेगावाट यानी कुल 3200 मेगावाट कोयला आधारित राउंड द क्लॉक बिजली खरीदने की अनुमति मांगी गई थी। कंपनी का तर्क था कि आने वाले वर्षों में बिजली की भारी मांग बढ़ सकती है, इसलिए अभी से दीर्घकालिक व्यवस्था आवश्यक है। </p>
<p>हालांकि आरईआरसी ने कहा कि प्रस्तावित थर्मल और न्यूक्लियर परियोजनाओं, तेजी से बढ़ रही ग्रीन एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ध्यान में रखे बिना इतनी बड़ी बिजली खरीद का फैसला उचित नहीं होगा। आयोग ने यह भी माना कि ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस, वर्चुअल नेट मीटरिंग और गु्रप नेट मीटरिंग जैसी नई व्यवस्थाओं से उपभोक्ता खुद बिजली उत्पादन और स्टोरेज कर सकेंगे। इससे भविष्य में डिस्कॉम पर बिजली खरीद का दबाव कम हो सकता है। ऐसे में नई कोयला आधारित परियोजनाओं की जरूरत का पुनर्मूल्यांकन जरूरी बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:15:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असर खबर का - किसानों को राहत, सोयाबीन खरीद के बदले नियम</title>
                                    <description><![CDATA[अब 15 प्रतिशत नमी वाली सोयाबीन की होगी खरीद।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---relief-to-farmers--rules-changed-for-soybean-purchase/article-95363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा सहित प्रदेशभर में सरकारी केन्द्रों पर सोयाबीन खरीद की धीमी रफ्तार हो रही है। प्रदेश में लाखों क्विंटल सोयाबीन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन खरीद के नियमों के चलते किसानों ने खरीद केन्द्रों से दूरी बना रखी है। ऐसे में अब केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीद के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब सरकारी केन्द्रों पर15 प्रतिशत नमी वाली सोयाबीन की खरीद की जाएगी। पूर्व में सोयाबीन में नमी की सीमा 12 प्रतिशत थी, जिसे अब तीन प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा अब  प्रत्येक किसान के लिए सोयाबीन खरीद की मात्रा भी बढ़ा दी गई। सरकारी केन्द्रों पर प्रत्येक किसान 40 क्विंटल तक सोयाबीन बेच सकेगा। पहले यह मात्रा 25 क्विंटल तक ही थी। जिसे अब 15 क्विंटल बढ़ा दिया है। सरकार द्वारा नियमों में बदलाव करने से किसानों को काफी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>पर्याप्त खरीद नहीं हुई तो जारी किए निर्देश</strong><br />केन्द्र सरकार के निर्देश पर 15 अक्टूबर से सोयाबीन और उड़द खरीद के लिए पंजीयन शुरू किया गया था। इसी के साथ विभिन्न स्थानों पर केन्द्र खोलकर  खरीद शुरू कर दी गई थी। कोटा संभाग की बात करें तो एक माह की अवधि में यहां पर केवल 15 हजार क्विंटल सोयाबीन की खरीद हो पाई है। इससे खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा था। यहीं राजस्थान प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों की थी। अधिकांश खरीद केन्द्रों पर सन्नाटा पसर रहा था। इसका प्रमुख कारण यह था कि 12 प्रतिशत से अधिक नमी वाली सोयाबीन को नापास किया जा रहा था। इससे किसानों निराश होकर लौटना पड़ रहा था। एक माह बाद भी सरकारी केन्द्रों पर सोयाबीन खरीद का ग्राफ नहीं बढ़ा तो सरकार ने नियमोंं में बदलाव करते हुए नए निर्देश जारी किए, ताकि सोयाबीन खरीद ज्यादा हो सके।</p>
<p><strong>इधर लिमिट बढ़ने से किसानों को होगा फायदा</strong><br />वर्तमान में समर्थन मूल्य केन्द्रों पर 4892 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन की खरीद की जा रही है। जबकि बाजार में औसतन भाव 4200 रुपए प्रति क्विंटल तक ही चल रहे हैं। यानि किसानों को कृषि मंडियों में फसल बेचने से काफी नुकसान हो रहा था। इधर सरकारी केन्द्रों पर 25 क्विंटल सोयाबीन बेचने पर 17500 तक का मुनाफा हो रहा था। अब लिमिट बढ़ने से किसान 25 के बजाय 40 क्विंटल तक सोयाबीन समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इससे किसानों को अब 40 क्विंटल पर 28000 तक फायदा होगा। जिले में 9 केन्द्रों पर अब तक 1002 किसानों  ने पंजीयन करवाया है। इसमें अब तक 184 किसान सोयाबीन बेच चुके हैं। अब खरीद की लिमिट बढ़ाने से शेष किसानों को काफी फायदा होगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला  </strong><br />कोटा संभाग में सोयाबीन खरीद काफी कम रहने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 16 नवंबर के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि कोटा संभाग में समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद शुरू हो गई, लेकिन नियमों की पेचीदगियों के चलते सरकारी खरीद अभी तक नगण्य है। एक माह की अवधि में अब तक केवल 15 हजार क्विंटल ही सोयाबीन की खरीद हो पाई है। राजफैड के लिए इस सीजन में 10 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी तुलना में अभी तक मात्र 10 प्रतिशत ही खरीद हो पाई है। ऐसे में खरीद का लक्ष्य पूर्ण होना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। नियमों के कारण ज्यादा किसान सरकारी केन्द्रों पर फसल बेचने नहीं पहुंच रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />इस साल बारिश के कारण सोयाबीन फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो गई। सरकारी केन्द्रों पर ज्यादा नमी वाली सोयाबीन की खरीद नहीं की जा रही थी। इससे किसानों को नुकसान हो रहा था। अब नमी की मात्रा 15 प्रतिशत और खरीद की लिमिट 40 क्विंटल करने से काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>- भरोसीलाल जाटव, किसान</strong></p>
<p>केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीद के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब सरकारी केन्द्रों पर15 प्रतिशत नमी वाली सोयाबीन की खरीद की जाएगी। इसके अलावा अब प्रत्येक किसान 40 क्विंटल तक सोयाबीन बेच सकेगा। पहले यह मात्रा 25 क्विंटल तक ही थी। <br /><strong>- विष्णुदत्त शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफैड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 12:54:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विदेश से कोयला खरीदना अब स्वैच्छिक</title>
                                    <description><![CDATA[अब राज्यों को इसमें छूट देकर इसे स्वैच्छिक कर दिया है। राजस्थान में केन्द्र की इस राहत के बाद भी विदेश से महंगे कोयले की खरीद जारी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/purchase-of-expensive-coal/article-17993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/electricity-4-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश में कोयला संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने प्रदेशों को 10 फीसदी कोयला अनिवार्य रूप से आयात करने के निर्देशों पर यू-टर्न लिया है। अब राज्यों को इसमें छूट देकर इसे स्वैच्छिक कर दिया है। राजस्थान में केन्द्र की इस राहत के बाद भी विदेश से महंगे कोयले की खरीद जारी है। राजस्थान में अडानी एंटरप्राइजेज के जरिए विदेशी महंगे कोयले की खरीद जारी है और सितम्बर तक एक हजार करोड़ से अधिक लागत का 5.79 लाख मीट्रिक टन कोयला आयात किया जाएगा। केन्द्रीय कोयला मंत्रालय के पुराने निर्देशों के बाद ही राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम ने यह काम अडानी एंटरप्राइजेज को दिया था। कोयला खरीद और परिवहन की कुल लागत 18 हजार रुपए प्रति टन है, लेकिन दरें बाजार भाव के उतार-चढ़ाव पर निर्भर रहती हैं।</p>
<p><strong>खरीद पर सरकार लेगी निर्णय</strong><br />विद्युत उत्पादन निगम के अफसरों का कहना है कि केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों पर यह फैसला छोड़ दिया है। अडानी एंटरप्राइजेज को दिए जा चुके काम को हम बीच में नहीं रोक रहे है। आगामी महीनों के लिए विदेशी कोयला खरीद पर फैसला राज्य सरकार या बोर्ड स्तर पर होगा। बहरहाल महंगी कोयला खरीद से यह जरूर तय हो गया है कि इस वजह से बिजली कम्पनियों पर बढ़ने वाले आर्थिक भार को फ्यूल सरचार्ज के नाम पर आम उपभोक्ताओं से ही वसूला जाएगा।</p>
<p><strong>इन प्लांटों में पहुंच रहा विदेशी महंगा कोयला</strong><br />राजस्थान में अक्टूबर तक आने वाले विदेश कोयला की लागत दो से 2.5 गुना महंगी है। इंडोनेशिया से यह कोयला जून में राजस्थान आना शुरू हुआ था, तो अक्टूबर तक जारी रहेगा। अगस्त में 1.25 लाख टन, सितम्बर में 1.29 लाख टन और अक्टूबर में 1.25 लाख टन कोयला आएगा। यह कोयला छबडा थर्मल, सूरतगढ थर्मल और कोटा थर्मल प्लांट में पहुंच रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Aug 2022 10:09:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रक यूनियन की बकाया राशि ने अटकाई समर्थन मूल्य पर जिंसों की खरीद </title>
                                    <description><![CDATA[लालसोट में समर्थन मूल्य पर फसल खरीद शुरू कि गई थी,  सैकड़ों किसानों ने अपनी फसल बेचान के लिए ऑनलाइन पंजीयन भी कराया था, करीब आठ हजार कट्टों की तुलाई भी हुई लेकिन गत कई दिनों से खरीद केन्द्रों पर फसल तुलाई का कार्य पड़ा ठप, राजफैड पर ट्रक यूनियन के  बीस लाख रुपए गत वर्ष से बकाया । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/truck-union-s-dues-stalled-purchase-commodities-on-suppor-oft-price/article-11189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/dgsdhfghmuik,.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़ पचवारा</strong>। विधानसभा क्षेत्र में रामगढ़ पचवार, राहूवास सहित लालसोट में समर्थन मूल्य पर फसल खरीद केन्द्र शुरू किए गए थे और इसे लेकर सैकड़ों किसानों ने अपनी फसल बेचान के लिए ऑन लाइन पंजीयन भी कराया था, करीब आठ हजार कट्टों की तुलाई भी हुई लेकिन गत कई दिनों से खरीद केन्द्रों पर फसल तुलाई का कार्य ठप पड़ा है। नवज्योति की पड़ताल में सामने आया कि राजफैड पर ट्रक यूनियन के  बीस लाख रुपए गत वर्ष के किराया के बकाया हैं।</p>
<p>जिसके चलते ट्रक यूनियन ने माल उठाव के लिए वाहन उपलब्ध कराने से साफ इंकार कर दिया। इस वर्ष अपनी जिंस समर्थन मूल्य पर  बेचने के लिए करीब 900 किसानों ने ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें से 225 किसानों के 8 हजार 309 कट्टे चने की तुलाई हो पाई है।  लालसोट क्रय विक्रय सहकारी समिति ने इस वर्ष हुई खरीद के 8 हजार 309 कट्टों की तुलाई के माल को अपने गोदामों में रखवा दिया, अब जिंसों को रखने के लिए क्रय-विक्रय के पास भी गोदाम नहीं है, जिसके चलते क्रय-विक्रय समिति ने सभी खरीद केन्द्रों पर जिंसो की तुलाई रोक दी। दूसरी ओर अपनी फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके किसान आए दिन खरीद केन्द्रों सहित क्रय विक्रय समिति पर चक्कर काटने को मजबूर हैं।</p>
<p><span style="color:#000000;"><span style="color:#ff0000;"><strong>क्रय-विक्रय सहकारी समिति प्रबंधक मुनिराज मीना का ये है कहना</strong></span><br /></span></p>
<p><span style="color:#000000;">मामले को लेकर क्रय-विक्रय सहकारी समिति प्रबंधक मुनिराज मीना का कहना है कि  </span>राजफैड पर गत वर्ष खरीद केन्द्रों से मूंगफली व गेहूं  उठाव का बीस लाख रुपए किराया ट्रक यूनियन का बकाया है, जिसके चलते ट्रक यूनियन ने माल उठाव के लिए वाहन उपलब्ध कराने से इंकार दिया है। राजफैड ट्रक यूनियन का बकाया भुगतान करे तो खरीद केन्द्रों पर किसानों के जिंसों की तुलाई शुरू होगी। प्रधान व्यवस्थापक ने बताया कि हाल ही में राजफैड द्वारा बकाया किराए में से  7 लाख की राशि का चेक ट्रक यूनियन को दे दिया गया है लेकिन ट्रक यूनियन सम्पूर्ण भुगत पर अड़ी है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong> जल्द निस्तारण होने की उम्मीद</strong> </span></p>
<p>मामले से चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीना, उपखंड अधिकरी, पंचायत समिति प्रधान को भी अवगत करा दिया है, जल्द निस्तारण होने की उम्मीद है। वहीं मामले को लेकर ट्रक यूनियन ब्रांच अध्यक्ष  जयराम मीना का कहना है कि गत वर्ष के माल उठाव के बीस लाख रुपए बकाया हैं, जिसमें से मंगलवार को सात लाख की राशि का चेक राजफैड द्वारा दिया गया है। दो चार दिन में शेष भुगतान और दे दिया जाता है तो वाहन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।</p>
<p><strong><span style="color:#ff0000;"> राहूवास जीएसएस नी खरीद से इंकार</span></strong></p>
<p>समर्थन मूल्य पर खरीद केन्द्र जीएसएस राहूवास को भी किराया की राशि,मजदूरी सहित समिति कमीशन नहीं दिए जाने से तंग आकर समिति ने खरीद केन्द्र पर कार्य करने से इंकार कर दिया, समिति व्यवस्थापक का कहना है कि वाहन किराया सहित मजदूरी व समिति कमीशन के करीब 5-6 लाख रूपये क्रय-विक्रय सहकारी समिति की तरफ बकाय है।ऐसे में समिति की ओर से भुगतान प्राप्त होने तक कार्य नही करने का निर्णय लिया है। </p>
<p>वहीं इस मामले को लेकर क्रय विक्रय सहकारी समिति के प्रधान व्यवस्थापक मुनिराज मीना का कहना है कि राजफैड से वाहनो का किराया प्राप्त होते ही समिति को भुगतान कर दिया जायेगा, राहूवास जीएसएस द्वारा खरीद कार्य नही करने की स्थिति में  क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा  फसल खरीद का कार्य किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 14:57:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>  सरसों 5050 रुपये एवं चना 5230 रुपये के समर्थन मूल्य पर खरीद कल से होगी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[सहकारिता मंत्री ने कहा कि सभी किसान अपना मोबाईल नम्बर आधार में लिंक करवा लेवें, ताकि किसानों को समय रहते तुलाई दिनांक की सूचना प्राप्त हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--mustard-and-gram-purchase-on-support-price-will-start-from-tomorrow/article-7108"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sarso-chana.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  प्रदेश में एक अप्रेल से चना के 635 एवं सरसों के 635 सहित कुल 1270 क्रय केन्द्रों पर सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारंभ की जाएगी। यह जानकारी सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने गुरूवार को दी। खरीद के लिए 25 मार्च से ऑनलाइन पंजीयन शुरू कर दिया गया है। किसान को पंजीयन की सुविधा ई-मित्र या संबंधित खरीद केन्द्र (ग्राम सेवा सहकारी समिति /क्रय विक्रय सहकारी समिति) पर दी गई है।<br /><br /> आंजना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चना खरीद का 5.97 लाख मीट्रिक टन एवं सरसों खरीद का  13.03 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य दिया गया है। निर्धारित केन्द्रों पर सरसों 5050 रुपये तथा चना 5230 रुपये के समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान तुलाई के समय किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए उपज को तय एफएक्यू मापदण्डों के अनुसार तैयार कर लाएं। सहकारिता मंत्री ने कहा कि सभी किसान अपना मोबाईल नम्बर आधार में लिंक करवा लेवें, ताकि किसानों को समय रहते तुलाई दिनांक की सूचना प्राप्त हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--mustard-and-gram-purchase-on-support-price-will-start-from-tomorrow/article-7108</link>
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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 19:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने खरीदी महंगी बिजली, विपक्ष ने सदन में घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर। राज्य विधानसभा में गुरुवार को महंगी बिजली की खरीद को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। मामले में सरकार का बचाव करते हुए स्पीकर सीपी जोशी ने विपक्ष से इस सवाल को  अलग से लाने की बात कहीं।<br /><br />उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रश्नकाल में प्रदेश में बिजली खरीद का मामला उठाया। जवाब में ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि 16 से ₹20 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने की बात पूरी तरह सही नहीं है।बिजली समस्या होने पर कुछ समय के लिए ही यह बिजली खरीद की गई थी। राठौड़ ने पूछा कि बिजली होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-opposition-surrounded-the-government-in-the-state-assembly-over-the-purchase-of-expensive-electricity--defending-the-government-in-the-matter--speaker-cp-joshi-asked-the-opposition-to-bring-this-question-separately/article-5397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/va-03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य विधानसभा में गुरुवार को महंगी बिजली की खरीद को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। मामले में सरकार का बचाव करते हुए स्पीकर सीपी जोशी ने विपक्ष से इस सवाल को  अलग से लाने की बात कहीं।<br /><br />उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रश्नकाल में प्रदेश में बिजली खरीद का मामला उठाया। जवाब में ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि 16 से ₹20 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने की बात पूरी तरह सही नहीं है।बिजली समस्या होने पर कुछ समय के लिए ही यह बिजली खरीद की गई थी। राठौड़ ने पूछा कि बिजली होने के बावजूद आपने अगस्त में महंगी बिजली क्यों खरीदी। इस पर भाटी ने कहा कि अगस्त माह में कोयला खदानों में पानी भर जाने से समस्या हुई, जो पूरे देश में कोयले की कमी हो गई। उस वक्त ओपन एक्सचेंज से यह बिजली खरीदी गई।</p>
<p><br />राठौड़ ने कहा कि 13097 करोड़ की बिजली खरीदी है। यह बड़ा स्कैंडल है, इस पर आधे घंटे की चर्चा करवाई जाए। मंत्री भाटी ने कहा कि किसानों को और आम लोगों को पूरी बिजली दे सके।  इस सोच के साथ हमने काम किया है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि एक ही महीने में तीन अलग-अलग कंपनियों से तीन अलग-अलग रेट पर बिजली क्यों खरीदी गई? मंत्री भाटी ने कहा कि उस समय की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने यह निर्णय लिया था।<br /><br /><strong>कब--कब खरीदी बिजली</strong><br />भाटी ने बताया कि जुलाई अगस्त व सितंबर 2021 में बिजली एक्सचेंज से 16 से ₹20 प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई। इसी तरह जुलाई-अगस्त सितंबर 2021 में बिजली की मात्रा और औसत कुछ इस प्रकार रही। जुलाई में 25.44 करोड़ यूनिट बिजली 2.91 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई, जिसकी लागत 75.04 करोड़ रुपए थी। इसी तरह अगस्त 2021 में 77.70 करोड़ यूनिट बिजली 6.23 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी गई जिसकी लागत 484.13 करोड़ थी। साथ ही सितंबर 2021 में 41.37 करोड़  यूनिट बिजली 3. 55 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी गई इसकी लागत 146.88 करोड रूपए थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 13:30:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चित्तौड़, बारां, बूंदी, भीलवाड़ा सहित कई जिलों में... हर साल 11.50 लाख मैट्रिक टन की पैदावार, फिर भी एमएसपी पर सोयाबीन की खरीद शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[खरीद-2021-22 में सोयाबीन की उपज बेचान के लिए आठ किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन वे भी खरीद केन्द्र तक नहीं पहुंच सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-many-districts-including-chittor--baran--bundi--bhilwara-----yields-11-50-lakh-metric-tons-every-year--yet-the-purchase-of-soybean-at-msp-is-zero/article-4638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/dale.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। किसानों से एमएसपी पर उपज खरीद की गारंटी को लेकर भले ही देश में एक नई मुहिम चल रही हो, लेकिन जिन फसलों की खरीद के लिए एमएसपी तय है, उससे भी धीरे-धीरे किसान दूर होते जा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजस्थान में गत दो साल से एमएसपी पर सोयाबीन की खरीद का आंकड़ा शून्य है। अर्थात चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूंदी, बारां सहित कई जिलों में सोयाबीन का भारी उत्पादन होने के बाद भी सरकारी खरीद नहीं हो सकी है। खरीद-2021-22 में सोयाबीन की उपज बेचान के लिए आठ किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन वे भी खरीद केन्द्र तक नहीं पहुंच सके।<br /><br /><strong>यूं हुई थी खरीद शुरू</strong><br />खरीफ सीजन 2021-22 में समर्थन मूल्य पर किसानों से मूंग, उड़द, सोयाबीन की खरीद एक नवंबर-21 से तथा मूंगफली की आवक देरी से होने, अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में भी राज्य में वर्षा जारी रहने, प्रारंभ में नमी की मात्रा अधिक होने एवं दीपावली पर श्रमिकों की अनुपलब्धता से मूंगफली की खरीद 18 नवंबर, 2021 से आरंभ  की गई थी।<br /><br /><strong>उड़द भी लक्ष्य से नीचे</strong><br />राज्य में एमएसपी पर उदड़ की खरीद भी ज्यादा नहीं हो सकी है। केवल 40 मै. टन ही उड़द खरीदी जा सकी है, जो 25 लाख किसानों से खरीद है। इसका समर्थन मूल्य 6300 रुपए प्रति क्विंटल तय था। इसके साथ ही मूंग की 57,260 मै. टन खरीद हुई है, यह 29,615 किसानों से 416.57 करोड़ की 29 जनवरी, 2022 तक खरीद की गई है। इसी तरह मूंगफली की 55,059 मै. टन खरीद हुई है। यह खरीद 24,330 किसानों से 305.58 करोड़ की हुई है। इसकी खरीद का समय 15 फरवरी, 2022 को पूरा हो चुका है।<br /><br /><strong>एमएसपी की दर 3950 और बाजार में 6000 प्रति क्विंटल तक बिकी</strong><br />केन्द्र सरकार ने सोयाबीन की खरीद के लिए एमएसपी 3950 रुपए प्रति क्विटल तय की। इसकी खरीद की आखिरी तारीख 29 जनवरी, 2022 को समाप्त हो चुकी है। हालांकि शुरुआत में सोयाबीन बेचान के लिए आठ किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया, जिसमें बारां के दो, भीलवाड़ा के तीन, बूंदी के दो और चित्तौड़ का एक किसान शामिल है। बाजार में 5500 से 6000 रुपए प्रति क्विंटल का भाव होने के कारण किसानों ने खरीद केन्द्रों की बजाय निजी बाजार में अपनी उपज का बेचान किया। <br /><br />सरकार की एमएसपी पर एक तरह से यह सवालियां निशान है कि एमएसपी पर दो साल से राज्य में सोयाबीन की खरीद नहीं हो सकी। इससे यह साबित हो गया है कि एमएसपी केवल दिखावे के लिए हैं। -<strong>रामपाल जाट, अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान महापंचायत </strong><br /><br />एमएसपी से बाजार भाव ज्यादा होता है, जिसके कारण किसान सोयाबीन को बाजार में बेच देते हैं। इस बार शुरुआत में तो कुछ किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन वे भी उपज बेचने नहीं आए। इस कारण एमएसपी पर सोयाबीन की कोई खरीद नहीं हो सकी है। -<strong>सुषमा अरोड़ा, एमडी, राजफैड </strong><br /><br /><strong>इन जिलों में सोयाबीन की पैदावार</strong><br />राज्य के करीब एक दर्जन जिलों में सोयाबीन की खेती होती है अर्थात सालाना सोयाबीन का 11.50 लाख मै. टन तक उत्पादन होता है। यह कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, सवाई माधोपुर, चित्तौड़ जिलों में खास तौर पर उत्पादित होती है।<br /><br /><strong>वर्ष 2021-22 में यह था खरीद लक्ष्य</strong><br />मूंग    3,61,282 मै. टन<br />उड़द    61,807 मै. टन<br />मूंगफली    4,27,000 मै. टन<br />सोयाबीन    2,93,000 मै. टन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 12:18:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाजरे की खरीद को लेकर सिविल लाइन फाटक पर धरने पर बैठे किरोड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश का अन्नदाता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है: किरोड़ी लाल मीणा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/617b9fe62e79a/article-1986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/72.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को दोपहर अचानक सिविल लाइन फाटक पहुंचकर धरने पर बैठ गए । उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाजरे की बंपर पैदावार हुई है लेकिन राज्य सरकार द्वारा एमएसपी मूल्य पर बाजरे की खरीद नहीं की जा रही, प्रदेश का अन्नदाता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। इन सभी मांगों को लेकर मैं अन्य दाताओं के साथ सिविल लाइंस फाटक पर धरने पर बैठा हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 14:09:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऋण से नई बसों की खरीद और यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं उपलब्ध कराएगा रोडवेज</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रबन्धन की ओर से 500 करोड़ रुपए के ऋण का एक बडा हिस्सा नई बसों की खरीद एवं यात्रियों की आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/616951caa948f/article-1711"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajasthan-path-pariwahan-nigam._roadways-jpg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रबन्धन की ओर से 500 करोड़ रुपए के ऋण का एक बडा हिस्सा नई बसों की खरीद एवं यात्रियों की आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा।  रोडवेज के सीएमडी संदीप वर्मा ने बताया कि रोडवेज की ओर से लिए जा रहे 500 करोड़ रुपए के टर्म लोन की राशि का उपयोग कर्मचारियो व पैंशनर्स के नियमित वेतन व पैंशन भुगतान के लिए उपयोग करने के साथ ही एक बडा हिस्सा रोडवेज बेडे में बढोतरी (नई बसों के क्रय के माध्यम से) एवं बस यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजना बनाकर उपयोग किया जावेगा। राज्य सरकार के प्रतिबद्ध जन सेवा के लिए तीन वर्ष 19 दिसम्बर, 2021 को पूर्ण हो रहे है। रोडवेज प्रशासन इस योजना का औपचारिक रूप से शुभारम्भ इस अवसर पर कराने की योजना बना रहा है।</p>
<p><br /> उन्होंने बताया कि राजस्थान रोडवेज के बस स्टेण्डों को तीन समूह बनाकर 1.50 करोड़ से 3 करोड रुपए तक प्रत्येक बस स्टेण्ड को मूलभुत सुविधाओं जैसे-बाउन्ड्रीवाल, बसों की दुर्घटना फ्री ऐन्ट्री एवं एक्जिट, प्राईवेट वाहन व ऑटों के लिए अस्थायी पार्किंग, चालक-परिचालक के लिए रेस्ट रूम सुविधा एवं यात्रियों के लिए शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था, वृद्धजन, अक्षम व्यक्तियों के लिए सुविधाएं, सिविरेज की व्यवस्था इत्यादि बनाने की कार्ययोजना बनाई जावेगी। इसके साथ ही बस स्टेण्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्येक बस स्टेण्ड मिनी सरस पार्लर, कॉ-ऑपरेटीव स्टोर की व्यवस्था के लिए आरसीडीएफ से सम्पर्क किया जा रहा है। रोडवेज के बडें बस अड्डों का विकास सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 16:13:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>किसानों से जुड़ी बड़ी खबर : समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन की 1 नवम्बर से एवं मूंगफली की 18 नवम्बर से खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[ऑनलाइन पंजीयन 20 अक्टूबर से होगा प्रारम्भ, 868 केन्द्रों पर होगी खरीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0---%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%97--%E0%A4%89%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-1-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%AB%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-18-%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6/article-1473"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sahakarita-udailala-anjna1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद के लिये ऑनलाइन पंजीकरण बुधवार, 20 अक्टूबर से शुरू किया जा रहा है। 868 से अधिक खरीद केन्द्रों पर मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की 1 नवम्बर से तथा 18 नवम्बर से मूंगफली खरीद की जाएगी। मूंग के लिए 357 उड़द के लिए 168 मूंगफली के 257 एवं सोयबीन के लिए 86 खरीद केन्द्र चिह्नित किए गए हैं। पिछले वर्ष 871 खरीद केन्द्र खोले गये है।</p>
<p>सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों पर प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक की गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार को मूंग की 3.61 लाख मीट्रिक टन, उडद 61807 मीट्रिक टन, सोयाबीन 2.93 लाख तथा मूंगफली 4.27 लाख मीट्रिक टन की खरीद  के लक्ष्य की स्वीकृति भारत सरकार ने दी है। पंजीकरण के अभाव में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीद संभव नहीं होगी।</p>
<p> </p>
<p>आंजना ने बताया कि वर्ष 2021-22 के लिए मूंग के लिए 7275 रुपये एवं उड़द के लिए 6300 रुपये, मूंगफली के लिए 5500 रुपये एवं सोयाबीन के लिए 3950 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार तौल-कांटें लगाये जायेंगे एवं पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>प्रमुख शासन सचिव सहकारिता दिनेश कुमार ने बताया कि किसान को  जनआधार कार्ड नम्बर, खसरा गिरदावरी की प्रति एवं बैंक पासबुक की प्रति पंजीयन फार्म के साथ अपलोड करनी होगी। जिस किसान द्वारा बिना गिरदावरी के अपना पंजीयन करवाया जायेगा, उसका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिये मान्य नहीं होगा। यदि ई-मित्र द्वारा गलत पंजीयन किये जाते या तहसील के बाहर पंजीकरण किये जाते है तो ऐसे ई-मित्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 16:15:12 +0530</pubDate>
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                <title>राठौड़ का 'ट्वीट'वार : MSP पर खरीद की मांग पर किसानो पर लाठियां बरसाकर आवाज को कुचल रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[MSP पर खरीद की मांग पर किसानो पर लाठियां बरसाकर आवाज को कुचल रही सरकार: राठौड़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A5%8C%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%95%E0%A4%BE--%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0---msp-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajendra-rathor.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा कि जनघोषणा पत्र में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की पुख्ता व्यवस्था करने का वादा करने वाली कांग्रेस सरकार आज हनुमानगढ़ में धान की MSP पर खरीद की न्यायसंगत मांग करने वाले अन्नदाताओं पर निर्ममता पूर्वक लाठियां बरसाकर उनकी आवाज को कुचल रही है।</p>
<p><br /> राठौड़ ने कहा कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए धान का समर्थन मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल घोषित हुआ है लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी सरकारी खरीदी शुरु करने को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। अन्नदाताओं पर लाठियां बरसाने के बाद अब केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर इतिश्री कर रहे हैं। <br /> <br /> राठौड़ ने कहा कि धान की #MSP पर खरीद नहीं होने से अन्नदाता मंडियों में धान को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। राज्य सरकार मध्यप्रदेश, पंजाब व हरियाणा की तर्ज पर अपने खुद के बजट में धान की खरीददारी करने की व्यवस्था क्यों नहीं करती? सरकार किसानों को गुमराह करना बंद करे।<br /> <br /> राठौड़ ने कहा कि आए दिन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार को कोसने वाली कांग्रेस सरकार की शह पर पुलिस द्वारा किसानों को लाठी भांजना क्रूरता व अत्याचार की पराकाष्ठा है। गहलोत सरकार ने पहले कृषि कानूनों को लेकर किसानों को बरगलाने का काम किया और अब किसान जब न्यायसंगत मांगें उठा रहे हैं तो उनके साथ दमनकारी नीति अपना रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 17:51:42 +0530</pubDate>
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