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                <title>encroachers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>करोड़ों की सरकारी जमीन अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे में, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[केडीए लगातार कार्रवाई कर करवा रहा जमीनों को अतिक्रमण मुक्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/government-land-worth-crores-still-under-the-control-of-encroachers/article-150917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(5)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस एक:</strong> कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने 13 अप्रैल को नदी पार क्षेत्र के तीरथ गांव में कार्रवाई करते हुए करीब 22 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।</p>
<p><strong>केस दो: </strong>केडीए की अतिक्रमण निरोधक टीम ने 11 अप्रैल को नदी पार क्षेत्र के नांता, बालिता, गिरधरपुरा, गामछ में अतिक्रमण के खिलाफ कर करीब 10 करोड़ की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।</p>
<p><strong>केस तीन:</strong> कोटा विकास प्राधिकरण की अतिक्रमण निरोधक टीम ने इसी साल 16 जनवरी को तालेड़ा क्षेत्र के तुलसी गांव में केडीए की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। जिससे करीब 2.50 करोड़ की जमीन को अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कराया।</p>
<p>ये तो वे उदाहरण हैं जो हाल ही में कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्तों ने कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इनके अलावा भी शहर में सभी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में ऐसी सरकारी जमीनें हैं जिन पर अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे हैं। करोड़ों-अरबों रुपए की बेशकीमती जमीनों पर बरसों से अतिक्रमण हो रहा है। जिन पर न तो अधिकारियों का ध्यान रहा और न ही पुलिस का। शहर में सबसे अधिक सरकारी जमीनों पर नदी पार क्षेत्र में अतिक्रमण व कब्जे हो रहे हैं।</p>
<p><strong>देवली अरब समेत कई जगह पर हुई कार्रवाई</strong><br />केडीए की ओर से पिछले कुछ समय से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई स्थायी रूप से और सरकारी व केडीए की जमीनों पर किए गए बरसों से अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही है। केडीए की ओर से 9 अप्रैल को देवली अरब क्षेत्र में कार्रवाई कर 0.16 हैक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए से अधिक है। इसी तरह से खेड़ा जगपुरा में 5.38 हैक्टेयर यानि करीब 33 बीघा जमीन को मुक्त कराया। इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं कंसुआ के शिव सागर थेगड़ा में भी सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन को मुक्त कराया। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए है।</p>
<p><strong>राम नगर में 35 भूखंड करवाए मुक्त</strong><br />केडीए अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उसी के तहत गत दिनों राम नगर पत्थर मंडी में प्राधिकरण की योजना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 35 भूखंडों व पार्क को अतिक्रमण से मुुक्त करवाया। जिनकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक है।वहीं धाकडख़ेड़ी व कंवरपुरा में भी बरसों से हो रहे अतिक्रमण को हटाकर 25 करोड़ की भूमि को मुक्त कराया गया।</p>
<p><strong>नए गांव व एरिया शामिल होने से मिली जमीन पर है अतिक्रमण</strong><br />केडीए के तहसीलदार सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि नगर विकास न्यास से कोटा विकास प्राधिकरण बनने के बाद शहर व आसपास के कई गांव व नए एरिया शामिल हुए हैं। जिनकी जमीन भी केडीए के खाते में आई है। ऐसे में वहां भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण हो रहे हैं। शम्भूपुरा व बूंदी तक का क्षेत्र केडीए में शामिल हुआ है। यह पृूरा क्षेत्र नदी पार में आता है। ऐसे में इस क्षेत्र में ही करीब 12 हजार बीघा नई जमीन शामिल होने से यहां सबसे अधिक अतिक्रमण हो रहा है। इनके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी स्थायी अतिक्रमण हो रहे हैं। जिनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />केडीए सीमा में शामिल हुए नए एरिया में अधिक अतिक्रमण के मामले आ रहे हैं। केडीए टीम द्वारा अतिक्रणम के संबंध में नियमित सर्वे किया जा रहा है। उस सर्वे व अन्य लोगों के माध्यम से अतिक्रमण की जानकारी मिल रही है। उन जानकारियों के आधार पर हर महीने का शेड्यूल बनाकर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में की गई कार्रवाई से करोड़ों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। उन जमीनों पर केडीए की ओर से प्लानिंग की जाएगी। जिससे केडीए की आय हो सके।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:20:42 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का- अतिक्रमियों के खिलाफ प्रशासन का चला पीला पंजा, 50 बीघा वन भूमि हुई मुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने उठाया प्रभावी कदम ।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-news---administration-cracks-down-on-encroachers--50-bighas-of-forest-land-freed/article-129933"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/8900.png" alt=""></a><br /><p>भंवरगढ़। क्षेत्र में हो रहे लगातार अतिक्रमण को लेकर दैनिक नवज्योति में 13 अक्टूबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। जिसका  बड़ा असर देखने को मिला। उपवन संरक्षक, बारां, सुनील कुमार गौड के निर्देशन में क्षेत्रीय वन अधिकारी नाहरगढ़, हरिराम चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गुरुवार को जलवाड़ा नाका, ढिकोनिया रोड, ऊंट तलाई के समीप बिलासगढ़ और हांका गांव के पास कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। इस दौरान विभाग ने दो खउइ मशीनों की मदद से ट्रेंच खोदकर लगभग 50 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने तुरंत संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाया है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम के साथ वनकर्मी, गार्ड और स्थानीय स्टाफ भी मौजूद रहे। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:53:33 +0530</pubDate>
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