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                <title> prayagraj mahakumbh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> prayagraj mahakumbh RSS Feed</description>
                
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                <title>राजेंद्र राठौड़ ने महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी : परिवार के सदस्यों के साथ किया स्नान, खुशहाली की मंगलकामना की</title>
                                    <description><![CDATA[दिव्य-भव्य महाकुंभ में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और अध्यात्म की अनुपम झलक देखकर मन प्रसन्न हो उठा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajendra-rathore-took-a-bath-with-family-members-of-faith/article-104038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)36.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सुबह अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ प्रयागराज में महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर स्नान किया। </p>
<p>राजेंद्र राठौड़ ने महाकुंभ में स्नान करने के बाद कहा कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम प्रयागराज महाकुंभ में सपरिवार स्नान कर देश, प्रदेश व चूरू की सुख-समृद्धि व खुशहाली की मंगलकामना की। दिव्य-भव्य महाकुंभ में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और अध्यात्म की अनुपम झलक देखकर मन प्रसन्न हो उठा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 15:24:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाकुंभ से आ रही बस हादसे का शिकार : श्रद्धालुओं की मौत पर कांग्रेस नेताओं ने जताया दुख, ईश्वर से की घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना </title>
                                    <description><![CDATA[नेताओं ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ से हनुमानगढ़ आ रही एक बस के जयपुर- आगरा हाइवे पर दुर्घटना का शिकार होने से दो श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-death-of-devotees-victims-of-bus-accident-coming/article-103225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer17.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रयागराज महाकुंभ से लौट रही हनुमानगढ़ की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर श्रद्धालुओं की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने दुख जताया है।</p>
<p>नेताओं ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ से हनुमानगढ़ आ रही एक बस के जयपुर- आगरा हाइवे पर दुर्घटना का शिकार होने से दो श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Feb 2025 14:13:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>1808 में पहली बार हुई थी मेला अफसर की तैनाती, कुंभ को ग्रेट फेयर कहते थे अंग्रेज</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रयागराज के संगम तट पर महाकुंभ-2025 का आगाज हो चुका है, इस वक्त उत्तर प्रदेश का यह शहर भारत की आध्यात्मिक चेतना का शहर बना हुआ है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/for-the-first-time-in-1808-a-fair-officer-was/article-100928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/555448.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रयागराज के संगम तट पर महाकुंभ-2025 का आगाज हो चुका है। इस वक्त उत्तर प्रदेश का यह शहर भारत की आध्यात्मिक चेतना का शहर बना हुआ है, जहां आस्था का महा जमघट है और इसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। कुंभ मेला भारत का वो धार्मिक आयोजन है, जिसकी लिखित ऐतिहासिक प्राचीनता भी कम से कम 3200 साल पुरानी है, जो पूरे विश्व में प्रचलित किसी भी धार्मिक आयोजन की नहीं है।</p>
<p><strong>अंग्रेजों के लिए चौंकाने वाला कुंभ का आयोजन</strong><br />अंग्रेज जब भारत आए थे, तब उन्होंने इस विशाल आयोजन को बहुत चौंकाने वाला माना था और इसकी गतिविधियों को वह दीदे फाड़कर देखते थे। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक धनंजय चोपड़ा ने अपनी किताब भारत में कुंभ में अंग्रेजों के समय यानी ब्रिटिश कालीन कुंभ मेले के हाल और ब्योरा रखा है। उन्होंने लिखा है कि अंग्रेजों के लिए कुंभ आयोजन किसी कौतूहल से कम नहीं था। ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी इसे ग्रेट फेयर कहते थे।</p>
<p><strong>ईसाई मिशनरी के लोग भी पहुंचे थे कुंभ </strong><br />किताब की मानें तो ईस्ट इंडिया कंपनी ने मेले को आमदनी बढ़ाने का जरिया माना था और इसलिए भी उन्होंने इस मेले पर ध्यान देना शुरू किया। शुरूआत में कई अधिकारी सहित ईसाई मिशनरी <br />के लोग भी इस महामेले को समझने जाया करते थे। शायद अंग्रेजों की सोच इस बहुत बड़े आयोजन को भी कैप्चर करने की रही होगी। अंग्रेज अफसरों ने कुंभ को लेकर अपनी अपनी रिपोर्ट भी तैयार की।</p>
<p><strong>कुंभ में क्या-क्या होता था? अंग्रेजों की रिपोर्ट</strong><br />मेजर जनरल थॉमस हार्डविक ने सन 1796 के हरिद्वार कुंभ मेले का वर्णन करते हुए एशियाटिक रिसर्चेज में प्रकाशित अपने आलेख में लिखा था कि  इस मेले में 20-50 लाख लोग एकत्र हुए थे, जिसमें शैव गोसाईं की संख्या सबसे अधिक थी।  इसके बाद वैष्णव बैरागियों की संख्या थी। गोसाईं ही मेले का प्रबंध संभाले हुए थे और उनके हाथों में तलवारें और ढाल हुआ करती थीं1808 में पहली बार हुई थी मेला अफसर की तैनाती, कुंभ को ग्रेट फेयर कहते थे अंग्रेज</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 11:57:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाकुंभ : आज से प्रयागराज की गागर में सनातनियों का सागर </title>
                                    <description><![CDATA[ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ सोमवार को प्रयागराज में शुरू होने जा रहा है। प्रयाग रूपी गागर में दुनियाभर के सनातनियों का सागर समाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/maha-kumbh-starts-from-today-a-sea-of-%E2%80%8B%E2%80%8Bsanatanis-in/article-100573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(19)2.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ सोमवार को प्रयागराज में शुरू होने जा रहा है। प्रयाग रूपी गागर में दुनियाभर के सनातनियों का सागर समाएगा। कुंभ के दौरान श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि महाकुंभ के दौरान अगर प्रयागराज में व्यक्ति तीन दिन भी नियमपूर्वक स्नान कर लेता है तो उसे एक सहस्र अश्वमेघ यज्ञों को करने के बराबर पुण्य प्राप्त हो जाता है। महापर्व के दौरान कभी भी स्नान-दान कर पुण्य फल पा सकते हैं लेकिन शाही स्नान के दिन संगम में डुबकी लगाने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। </p>
<p><strong>महाकुंभ 2025 शाही स्नान की तिथियां</strong></p>
<p>पहला शाही स्नान- 14 जनवरी 2025, मकर संक्रांति<br />दूसरा शाही स्नान- 29 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या<br />तीसरा शाही स्नान- 3 फरवरी 2025, सरस्वती पूजा, बसंत पंचमी</p>
<p><strong>24 घंटे प्रयागराज की निगरानी</strong><br />डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि इसके साथ ही 113 होमगार्ड व बीआरडी जवान, 11 कंपनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस और 15 कंपनी पीएसी को तैनात किया गया है। साथ ही जल मार्ग की निगरानी के लिए एक कंपनी दो प्लाटून पीएसी भी लगाई गई है। इसके अलावा 10 वज्रवाहन, 15 ड्रोन, 5 बम निरोधक दस्ता के जरिये 24 घंटे प्रयागराज में प्रवेश करने पर निगरानी रखी जा रही है। डीजीपी ने कहा कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यूपी पुलिस कृत संकल्पित है।</p>
<p><strong>वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं</strong><br />महाकुंभ मेला क्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण और महाकुंभ मेला क्षेत्र के एसएसपी राजेश द्विवेदी ने सुबह तड़के महाकुंभ क्षेत्र का निरीक्षण किया था।  मुख्य स्नान से एक दिन पहले और एक दिन बाद नो व्हीकल जोन बनाया है, वहां कोई वाहन नहीं जाने दिया जाएगा। कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं है। मेला क्षेत्र में किसी भी 2 पहिया या 4 पहिया वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। मल्टी लेयर बैरियर लगाए हैं।</p>
<p><strong>यूपी सरकार की तैयारी पूरी</strong><br />उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 को लेकर योगी सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। प्रदेश सरकार कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर यूपी पुलिस की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही न केवल प्रयागराज बल्कि उससे जुड़ने वाले 7 रास्तों और 8 जिलों की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद कर दी गई है।</p>
<p><strong>शाही स्नान का महत्व  </strong><br />शाही स्नान यानि वह स्नान जिसको करने से मन की अशुद्धियां भी दूर हो जाती है। 14 जनवरी 2025 को महाकुंभ का पहला शाही स्नान किया जाएगा। शाही स्नान के दौरान सबसे पहले नागा साधु स्नान करते हैं। इसके बाद ही आम जनता स्नान कर सकती है। शाही स्नान के दिन संगम में स्नान करने से कई गुना अधिक पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं शाही स्नान के दिन स्नान करने से जातक को इस जन्म के साथ ही पिछले जन्म के पापों से भी मुक्ति मिलती है। महाकुंभ में शाही स्नान के दिन स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।</p>
<p><strong>महाकुंभ मेला 12 साल में एक बार </strong><br />बता दें कि महाकुंभ पूरे 12 वर्षों बाद लगता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत से भरा कुंभ यानी कलश बाहर आया था तब देवताओं और राक्षस के बीच बारह दिन तक भयंकर युद्ध हुआ था। युद्ध के दौरान देवताओं के संकेत पर इंद्र देव के पुत्र जयंत अमृत से भरा कलश लेकर बड़े ही तीव्र गति से भागने लगे तब दैत्यगण जयंत का पीछा करने लगे। इस युद्ध के दौरान जिन-जिन स्थानों पर कलश से अमृत की बूंदें गिरी थी, वे स्थान प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक है।  जहां-जहां अमृत की बूंदे गिरी वहां-वहां कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है।</p>
<p><strong>8 जिलों में 102 मोर्चे</strong><br />यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि महाकुंभ को लेकर सीएम योगी ने प्रयागराज को जोड़ने वाले 7 मार्गों व उन मार्गो पर पड़ने वाले जिलों के साथ ही सीमावर्ती जिलों सहित प्रयागराज के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा का एक चक्रव्यूह बनाये जाने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश पर प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी 7 सड़क मार्गों और उन मार्गों पर पड़ने वाले 8 जिलों में आने-जाने वाले वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग के लिए 102 मोर्चे बनाए गए हैं। सड़क मार्गों पर अचूक सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 1026 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें 71 निरीक्षक, 234 उपनिरीक्षक, 645 आरक्षी व मुख्य आरक्षी और 76 महिला आरक्षी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 11:48:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन भी कुंभ में करेंगी कल्पवास स्वामी कैलाशानंद ने दिया अपना गोत्र, नाम रखा कमला</title>
                                    <description><![CDATA[महाकुंभ को ऐसी ही आस्था और संस्कृतियों का संगम नहीं कहा जाता है। यह युगों से होता आ रहा वह आयोजन है जो आदमी को आदमी से जोड़ता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/steve-jobss-wife-lauren-will-also-do-kalpavas-in-kumbh/article-100390"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/555430.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। महाकुंभ को ऐसी ही आस्था और संस्कृतियों का संगम नहीं कहा जाता है। यह युगों से होता आ रहा वह आयोजन है जो आदमी को आदमी से जोड़ता है। प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा महाकुंभ-2025 इसी का सटीक उदाहरण बनने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की विधवा पत्नी और दुनिया की सबसे धनी महिलाओं में शुमार लॉरेन पॉवल जॉब्स प्रयागराज में महाकुंभ में आ रही हैं। अरबपति कारोबारी लॉरेन यहां कल्पवास भी करेंगी और साधुओं की संगत में सादगीपूर्ण जीवन गुजारेंगी। बता दें कि दिवंगत पति स्टीव की तरह ही लॉरेन भी हिंदू और बौद्ध धर्म से खास जुड़ाव रखती हैं और अक्सर ऐसे धार्मिक समागमों में उनकी मौजूदगी देखी जाती रही है। </p>
<p><strong>स्वामी कैलाशानंद जी महाराज ने दी जानकारी</strong><br />लॉरेन यहां कल्पवास करेंगी इससे भी बड़ी बात ये हैं कि उनका एक हिंदू नाम भी है। इस बारे में मीडिया बातचीत में आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद जी महाराज ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि, ऐप्पल के सह-संस्थापक स्वर्गीय स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरिन पॉवेल जॉब्स के प्रयागराज महाकुंभ 2025 में शामिल होने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह यहां अपने गुरु से मिलने आ रही हैं। हमने उनको अपना गोत्र भी दिया है और उनका नाम कमला रखा है और वह हमारी बेटी के समान हैं। यह दूसरी बार है जब वह भारत आ रही हैं। महाकुंभ में सभी का स्वागत है।</p>
<p>यहां ठहरेंगी लॉरेन पॉवेल जॉब्स: रिपोर्ट्स के मुताबिक, 61 साल की लॉरेन यहां 13 जनवरी को आ जाएंगी। जुलाई 2020 तक लॉरेन पॉवेल और उनके परिवार को फोर्ब्स की दुनिया के अरबपतियों की सालाना सूची में 59वें स्थान पर रखा गया था। टाइम्स मैगजीन ने कई बार उन्हें दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में शामिल किया है। महाकुंभ में लॉरेन पॉवेल जॉब्स के लिए ठहरने की व्यवस्था विशेष महाराजा डीलक्स कॉटेज में की गई है। वह निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में 29 जनवरी तक रहेंगी और सनातन धर्म को करीब से समझने का प्रयास करेंगी। इसके अलावा, वह 19 जनवरी से शुरू हो रही कथा की पहली यजमान भी होंगी।</p>
<p><strong>स्टीव जॉब्स भी रखते थे सनातन परंपरा में भरोसा</strong><br />बता दें कि एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स भी सनातन परंपरा में विश्वास रखते थे और उनके जीवन से जुड़े कई किस्से हैं, जिनमें वह भारतीय संतों से प्रभावित रहे हैं। इन संतों में बाब नीम करोली महाराज का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जाता है। 1974 में स्टीव जॉब्स बाबा नीम करोली के दरबार में आए थे। उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा सच जो रहस्य बन चुका था, उसे जानने के लिए वह बाबा नीम करोली के आश्रम पहुंचे थे। स्टीव जॉब्स इस यात्रा के दौरान नीम करोली के बाबा के आश्रम कैंची धाम में रुके थे। इसके अलावा, परमहंस योगानंद द्वारा लिखित ह्यऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी किताब भी उनके लिए बहुत खास रही थी। स्टीव जॉब्स ने कई मौकों पर इस किताब को जिंदगी में बदलाव लाने का जरिया माना था।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 11:27:50 +0530</pubDate>
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